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  • ‘मैं डूबा नहीं हूं, उलझा हुआ हूं…’, राजपाल यादव ने खोला 25-30 करोड़ के कर्ज का राज, बोले- मदद मिली है तो वापस भी जाएगी..

    ‘मैं डूबा नहीं हूं, उलझा हुआ हूं…’, राजपाल यादव ने खोला 25-30 करोड़ के कर्ज का राज, बोले- मदद मिली है तो वापस भी जाएगी..

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    अभिनेता राजपाल यादव पिछले कई वर्षों से पैसों के लेन-देन से जुड़े कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनके नाम से कई चेक वायरल होने और अलग-अलग लोगों द्वारा पैसे वापस न करने के आरोप लगाए जाने के बाद अब अभिनेता ने इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है।

    एक खास बातचीत में राजपाल यादव ने बताया कि पिछले करीब 25 वर्षों में उनके ऊपर कुल मिलाकर लगभग 25-30 करोड़ रुपये की देनदारी रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय यह रकम करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने कई मामलों का निपटारा किया।

    ’25-30 करोड़ रुपये अभी बाकी हैं’

    जब राजपाल यादव से पूछा गया कि पिछले 25 वर्षों में उनका कितना पैसा बकाया रह गया है, तो उन्होंने कहा कि कई लोगों के साथ उनका लेन-देन रहा है। कुछ लोगों का भुगतान उन्होंने कर दिया, जबकि कुछ मामले अभी बाकी हैं।

    उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब 25-30 करोड़ रुपये की देनदारी बाकी है। राजपाल के मुताबिक, इसमें कोर्ट में चल रहे मामले भी शामिल हैं।

    उन्होंने कहा कि पिछले 15-20 वर्षों में एक समय उनकी देनदारी करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, लेकिन धीरे-धीरे कई मामलों का निपटारा होता गया।

    ‘मैं डूबा नहीं हूं, उलझा हुआ हूं’

    राजपाल यादव ने अपनी स्थिति को लेकर एक खास बात कही। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से यही कहते आए हैं कि ‘मैं उलझा हुआ हूं, डूबा हुआ नहीं हूं।’

    उनका कहना है कि उनके पास संपत्ति और काम दोनों हैं, लेकिन कई कानूनी और आर्थिक मामलों के चलते वह लंबे समय से परेशानियों में उलझे हुए हैं।

    उन्होंने हाल में उनकी शाहजहांपुर की संपत्ति की नीलामी की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि कम से कम इससे लोगों को यह तो पता चला कि उनके पास संपत्ति है और वह पूरी तरह से डूबे हुए नहीं हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे चेक पर क्या बोले?

    राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके नाम के चेक को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को चेक दिया गया है या कोई एग्रीमेंट हुआ है तो यह इस बात का संकेत है कि लेन-देन दस्तावेजों के साथ हुआ है।

    उन्होंने कहा कि जिंदगी में बड़ा काम करने के दौरान आर्थिक उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने कई लोगों से पैसे लिए भी हैं और कई लोगों को पैसे दिए भी हैं। कई लेन-देन पूरे हुए, जबकि कुछ अभी बाकी हैं।

    ‘जिसने मदद की, उसका धन्यवाद’

    राजपाल यादव से जब पूछा गया कि मुश्किल वक्त में कई कलाकारों ने उनकी आर्थिक मदद की और सोशल मीडिया पर 70-80 करोड़ रुपये मिलने की बातें सामने आई थीं, तो उन्होंने इसका सीधा आंकड़ा बताने के बजाय कहा कि जिन लोगों ने मदद की, वह उनके आभारी हैं।

    उन्होंने कहा कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों और युवाओं तक कई लोगों ने उनका साथ दिया। इसी मदद ने उन्हें मुश्किल दौर में हौसला दिया।

    राजपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि मदद का सही इस्तेमाल किया गया है और यह मदद वापस भी की जाएगी।

    ‘पैसों का लेन-देन जिंदगी का हिस्सा है’

    राजपाल यादव ने कहा कि आज के दौर में बिजनेस और जिंदगी में पैसों का लेन-देन आम बात है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि छोटे कारोबार से लेकर बड़ी कंपनियों, बैंकों और रियल एस्टेट तक हर जगह आर्थिक लेन-देन होता है।

    उनके मुताबिक, परेशानी तब होती है जब किसी कारोबार या प्रोजेक्ट में पैसा फंस जाता है। ऐसे मामलों में भुगतान करने में समय लग सकता है।

    30-35 मुकदमों का सामना करने का दावा

    राजपाल यादव ने बताया कि पिछले करीब 15 वर्षों में उन्हें अलग-अलग जगहों पर करीब 30-35 मुकदमों का सामना करना पड़ा। इनमें कुछ मामले उनकी पत्नी से जुड़े होने की बात भी उन्होंने कही।

    उन्होंने कहा कि मुश्किलें धीरे-धीरे कम होती गईं और कई मामलों का समाधान भी हुआ।

    राजपाल यादव की बातों से साफ है कि…

    • उनके मुताबिक वर्तमान में करीब 25-30 करोड़ रुपये की देनदारी बाकी है।
    • एक समय यह रकम करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
    • पिछले वर्षों में उन्होंने कई मामलों का निपटारा किया।
    • सोशल मीडिया पर वायरल चेक और नए मामलों को लेकर उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
    • उनका कहना है कि वह आर्थिक रूप से डूबे नहीं हैं, बल्कि कानूनी और वित्तीय मामलों में उलझे हुए हैं।
    • मुश्किल वक्त में मिली आर्थिक मदद के लिए उन्होंने लोगों का आभार जताया और कहा कि मदद वापस की जाएगी।
  • ‘मेरी जवानी और बेडरूम के ख्याली पुलाव मत पकाओ’, कंगना रनौत ने बाबा रामदेव को दिया करारा जवाब, बोलीं- मुझे चरित्र का पाठ न पढ़ाएं

    ‘मेरी जवानी और बेडरूम के ख्याली पुलाव मत पकाओ’, कंगना रनौत ने बाबा रामदेव को दिया करारा जवाब, बोलीं- मुझे चरित्र का पाठ न पढ़ाएं

    कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच जुबानी जंग तेज होती नजर आ रही है। मामला कंगना के Gen Z को ‘जेनरेशन गटर’ कहने वाले बयान से शुरू हुआ था। अब बाबा रामदेव की टिप्पणी पर कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें तीखा जवाब दिया है।

    Gen Z वाले बयान पर शुरू हुआ विवाद

    दरअसल, कंगना रनौत ने हाल ही में कुछ Gen Z युवाओं और महिलाओं को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘जेनरेशन गटर’ कहा था। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक काफी चर्चा हुई।

    कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने कथित तौर पर उनके बयान और सोच पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी पीढ़ी को ‘जेनरेशन गटर’ कहना सही सोच नहीं है। उन्होंने कंगना के बचपन, जवानी और पिछली उपलब्धियों का भी जिक्र किया।

    कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिया जवाब

    बाबा रामदेव की टिप्पणी कंगना को पसंद नहीं आई। उन्होंने 19 अगस्त को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर निशाना साधा।

    कंगना ने तंज कसते हुए कहा कि बाबा जी उनकी जवानी और बेडरूम को लेकर दिन में सपने न देखें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में अफवाहों और गपशप के आधार पर अंदाजा लगाना सही नहीं है।

    कंगना ने आगे बाबा रामदेव को उनके पुराने विवाद की याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें चरित्र का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके चरित्र को लेकर किसी तरह की धोखाधड़ी सामने नहीं आई है।

    कंगना ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने मामले का भी किया जिक्र

    कंगना ने अपने जवाब में 2024 में सामने आए पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट मामले का भी जिक्र किया।

    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने भ्रामक विज्ञापनों से जुड़े मामले में बाबा रामदेव और पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण को अदालत के आदेशों का पालन न करने को लेकर तलब किया था। बाद में बाबा रामदेव ने अदालत से बिना शर्त माफी मांगी थी।

    कंगना ने इसी पुराने मामले को अपने जवाब का हिस्सा बनाते हुए बाबा रामदेव पर तंज कसा।

    बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर क्या कहा था?

    रिपोर्ट के मुताबिक, बाबा रामदेव से जब कंगना के Gen Z से जुड़े बयान पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे ‘बिगड़ी हुई सोच’ बताया था। उन्होंने कहा कि युवाओं की पूरी पीढ़ी को ‘जेनरेशन गटर’ कहना उचित नहीं है।

    अब कंगना के पलटवार के बाद दोनों के बीच यह बयानबाजी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।

    मामला क्या है?

    • कंगना ने Gen Z को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
    • उनके बयान पर बाबा रामदेव ने प्रतिक्रिया दी।
    • बाबा रामदेव की टिप्पणी पर कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए जवाब दिया।
    • कंगना ने अपने जवाब में बाबा रामदेव के पुराने सुप्रीम कोर्ट मामले का भी जिक्र किया।
    • दोनों की बयानबाजी के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
  • ‘तमाशा बन गए’, सुनीता आहूजा ने वापस ली तलाक की अर्जी तो गोविंदा ?

    ‘तमाशा बन गए’, सुनीता आहूजा ने वापस ली तलाक की अर्जी तो गोविंदा ?

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    गोविंदा और सुनीता आहूजा का रिश्ता लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में सुनीता को उनके बेटे यशवर्धन के साथ फैमिली कोर्ट के बाहर देखा गया। जिसके बाद गोविंदा के मैनेजर ने जानकारी दी सुनीता ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि हर परिवार में मतभेद होते हैं। अगर तलाक की अर्जी वापस लेनी थी तो ये तमाशा क्यों किया गया।

    मीडिया से बात करते हुए गोविंदा के मैनेजर ने सुनीता द्वारा तलाक की अर्जी वापस लिए जाने पर खुशी जताई। मगर साथ ही ये भी सवाल उठाये कि इस मुद्दे को इतना बढ़ाया क्यों गया?

    गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा कि कपल के बीच ये विवाद लगभग डेढ़ से दो साल से चल रहा है। इसके कारण दोनों की छवि को भी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि किसी भी रिश्ते में विवाद होना आम बात है लेकिन अगर मामला अदालत तक पहुंच जाए तो ये पब्लिक हो जाता है।

    इसके अलावा शशि सिन्हा ने कहा कि इस मामले को लेकर अदालत तक नहीं जाना चाहिए था। इस मामले को घर में बात करके खत्म किया जा सकता था। बैठकर बात करके बहुत सी चीजें ठीक हो सकती हैं। जब केस वापस लेना था तो किया क्यों था। उन्होंने कहा, “इस बात का मुझे दुख हो गया। काहे को फिर हम लोग तमाशा बन गए?”

    शशि ने गोविंदा के बारे में बात करते हुए कहा कि उनका इस पर कोई रिएक्शन नहीं है। शशि ने कहा, “भगवान सबको सद्बुद्धि दें, सब लोग बुद्धि से चलें। बस यही अच्छा है, परिवार के अंदर कन्फ्यूजन और गलतफहमियां आपस में बैठकर सुलझाई जा सकती हैं। समस्याएं बड़ी हो सकती हैं, लेकिन उन्हें सुलझाना नामुमकिन नहीं होता।”

    बता दें कि कुछ दिन पहले गोविंदा को उनकी को-एक्ट्रेस के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था। जिसके बाद सुनीता ने पैपराजी से बात करते हुए कहा था, “एक कहावत सुनी है कभी… विनाश काले, विपरीत बुद्धि। उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। इसलिए ये सब करता है वो, क्या बोलूं।” इसके बाद गोविंदा ने भी पैपराजी से बात करते हुए कहा, “काम जो बाहर मुझे मिलता है वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। जब आप अपना काम कर रही थीं, चाहें वो खाने का शो हो या वो लॉकडाउन हो, आपने टीना से कहकर दोनों शो में आप ऐसे-वैसे करके मुझे बुलवाया।”

    इसके बाद गोविंदा ने कहा, ““मैं ये दोबारा कहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत ज्यादा गालियां देने लगी हैं और ईश्वर से आप मनाइए कि लोग आपसे प्रेरित हो, यंगस्टर्स आपको देखकर आपको फॉलो करेंगे। कहीं आपके साथ ही लोग गालियां देने लग जाएंगे तो हम सब लज्जित हो जाएंगे।” पूरी खबर के लिए यहां क्लिक करें…

  • ‘सबसे करीबी इंसान को खो दिया’, कृषि थापंडा के फ्लैट में शादीशुदा दोस्त ने दी जान…

    ‘सबसे करीबी इंसान को खो दिया’, कृषि थापंडा के फ्लैट में शादीशुदा दोस्त ने दी जान…

    ‘सबसे करीबी इंसान को खो दिया’, कृषि थापंडा के फ्लैट में शादीशुदा दोस्त ने दी जान…

    मशहूर कन्नड़ एक्ट्रेस कृषि थापंडा हाल ही में अपने बिजनेसमैन दोस्त वैशाक की मौत के बाद चर्चा में आ गईं। अभिनेत्री के दोस्त ने उनके बेंगलुरु के एआर नगर स्थित उनके अपार्टमेंट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिसके चलते तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर शांति नहीं है। वैशाक की मौत को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लोग जानना चाहते हैं कि आखिर उन्होंने ये कदम क्यों उठाया। इन तमाम चर्चाओं के बीच पहली बार कृषि थापंडा ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है। एक्ट्रेस ने एक पोस्ट साझा करते हुए अपने दोस्त वैशाक की मौत और इसे लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है।

    वैशाक की मौत से सदमे में कृषि

    कृषि थापंडा ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपने दोस्त की मौत पर अपना दुख जाहिर किया है। अपने पोस्ट में कृषि ने लिखा- ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इस तरह ऐसा कुछ लिखना पड़ेगा वो भी ऐसे समय में। जो काम मैं सबसे आखिरी में करना चाहती थी, वह था सार्वजनिक बयान। लेकिन, मुझे ऐसा करना पड़ रहा है क्योंकि मुझ पर मेरे दोस्तों और परिवार का बहुत दबाव है। लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं और सवाल पूछे जा रहे हैं। जब हम एक ऐसे नुकसान से गुजर रहे हैं, जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी, हमसे उम्मीद जताई जा रही है कि हम सफाई दें। पिछले कुछ दिनों में मेरी जिंदगी कुछ ऐसे बदल गई, जिसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी।’

    मैंने अपने सबसे करीबी व्यक्ति को खो दिया- कृषि थापंडा

    एक्ट्रेस ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- ‘मेरे पास इसे लिखने या इसे दुनिया के सामने लाने की न तो हिम्मत है और न ही मानसिक शक्ति। पिछले दिनों जो कुछ भी हुआ है, उसमें मैंने एक ऐसे इंसान को भी खो दिया है जो मेरे दिल के बहुत करीब था। एक ऐसा इंसान जिसने हमेशा मेरा साथ दिया, मेरी रक्षा की और मेरी पूरे दिल से परवाह की। उसे खोने से मेरी जिंदगी में जो खालीपन आया है, उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मुझे नहीं पता कि मैं इस नुकसान को कभी स्वीकार कर भी पाऊंगी या नहीं।’

    लगातार लगाई जा रही हैं अटकलें- कृषि

    कृषि ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- ‘मैं लंबे समय से दर्द से गुजर रही हूं और अब मैं एक और ऐसे नुकसान का दुख झेल रहा हूं जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की  थी। जिस चीज ने इसे और भी मुश्किल बना दिया है वो ये है कि मुझे इस पर रोने तक का समय नहीं मिला। जब उनका परिवार, दोस्त और चाहने वाले एक ऐसे नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, तब लगातार इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं और किसी की मौत को एक कहानी में बदलने की कोशिश की जा रही है। जो भी लोग मेरे लिए प्रार्थना कर रहे हैं, मेरा हाल जानने की कोशिश कर रहे हैं, आप सबकी दयालुता के लिए धन्यवाद। मैं दोस्तों और परिवार से घिरी हूं और जो भी थोड़ी-बहुत ताकत बची है, उसके जरिए जो कुछ हुआ उससे उबरने की कोशिश कर रही हूं।’

    प्राइवेसी की रिक्वेस्ट

    कृषि थापंडा ने अपने पोस्ट में लिखा- ‘एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया है। दोस्त हैं जिन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति को खो दिया है जिसे वे शब्दों से कहीं अधिक प्यार करते थे। ऐसे कई लोग हैं, जो इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए कृपया हमें शांति से शोक मनाने के लिए प्राइवेसी दें। मानसिक स्वास्थ्य नाजुक होता है। दुख भी नाज़ुक होता है। अगर आप किसी को खुशी नहीं दे सकते तो उसके दुख का भी कारण न बनें और कम से कम किसी के उम्मीद खोने की वजह न बनें। कृपया इसे बंद कर दें।’