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  • रायगढ़: रिटायर्ड शिक्षक से 47 लाख की ठगी, भरोसेमंद परिचित ने 6 साल में खाली किया बैंक खाता

    रायगढ़: रिटायर्ड शिक्षक से 47 लाख की ठगी, भरोसेमंद परिचित ने 6 साल में खाली किया बैंक खाता

    रायगढ़: रिटायर्ड शिक्षक से 47 लाख की ठगी, भरोसेमंद परिचित ने 6 साल में खाली किया बैंक खाता

    रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते से करीब 47.05 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में शिक्षक के परिचित और कथित तौर पर बैंक संबंधी कामों में मदद करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने रकम को ऑनलाइन गेमिंग में खर्च करने की बात कबूल की है।

    बैंक के काम में मदद करता था आरोपी

    पुलिस के मुताबिक, पीड़ित शिक्षक वर्ष 2024 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। आरोपी वर्ष 2020 से उनके संपर्क में था और बैंक से जुड़े कामों में उनकी मदद करता था।

    बताया गया कि आरोपी चेक के जरिए पैसे निकलवाने के लिए उनके साथ बैंक जाता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच भरोसा बढ़ गया। आरोपी का पीड़ित के घर भी आना-जाना था और वह उनके मोबाइल का इस्तेमाल भी करता था। इसी वजह से कथित तौर पर लंबे समय तक किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।

    रिटायरमेंट के बाद खाते में जमा हुई थी बड़ी रकम

    सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षक के एसबीआई खाते में जीपीएफ, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभ की रकम जमा हुई थी।

    मकान बनाने के लिए जमीन खरीदने के उद्देश्य से जब शिक्षक बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो उन्हें खाते से बड़ी रकम गायब होने की जानकारी मिली।

    छह साल में 47.05 लाख रुपये ट्रांसफर

    खाते की जांच में सामने आया कि जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच करीब 47,05,000 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे। इन लेनदेन में ग्रामीण बैंक, IDBI बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंक खातों का इस्तेमाल होने की जानकारी सामने आई।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने कोतरारोड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

    पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई।

    पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने पीड़ित के खाते से रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की।

    ऑनलाइन गेमिंग में खर्च करने का दावा

    पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि पीड़ित के खाते से ट्रांसफर की गई रकम को उसने अपने HDFC बैंक, SBI, बैंक ऑफ इंडिया और अपेक्स बैंक के खातों में भेजा था।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इन पैसों को ऑनलाइन गेमिंग में खर्च करने की बात बताई है। पुलिस ने आरोपी से जुड़े बैंक खातों की जानकारी, ATM और मोबाइल फोन जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

    पुलिस ने आरोपी छत्रपाल सिदार, उम्र 34 वर्ष, निवासी कांटाहरदी, थाना कोतरारोड़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उसे रिमांड पर भेज दिया है।

    पुलिस अब बैंक लेनदेन, अलग-अलग खातों में भेजी गई रकम और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पूरी रकम किस तरह और कहां इस्तेमाल हुई।

  • महासमुंद: वन अमले पर हमला, रेंजर और डिप्टी रेंजर को 5 घंटे बनाया बंधक; पुलिस ने छुड़ाया.

    महासमुंद: वन अमले पर हमला, रेंजर और डिप्टी रेंजर को 5 घंटे बनाया बंधक; पुलिस ने छुड़ाया.

    महासमुंद: वन अमले पर हमला, रेंजर और डिप्टी रेंजर को 5 घंटे बनाया बंधक; पुलिस ने छुड़ाया.

    महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा वन क्षेत्र में रात के समय गश्त पर निकले वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट और दो अधिकारियों को कई घंटे तक बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन भूमि पर कथित कब्जे को लेकर विवाद के दौरान कुछ लोगों ने रेंजर और डिप्टी रेंजर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद बागबाहरा और खल्लारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और करीब रात 12:30 बजे दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल अधिकारियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    जंगली सूअर के अवैध शिकार की सूचना पर निकली थी टीम

    बताया गया कि रेंजर अपने स्टाफ के साथ ढोंड परिसर के कक्ष क्रमांक 95 और 96 में जंगली सूअर के कथित अवैध शिकार और वन्यजीवों के मांस की बिक्री से जुड़ी सूचना की जांच के लिए रात में गश्त कर रहे थे।

    इसी दौरान टीम तमोरा क्षेत्र में पहुंची, जहां कुछ लोगों के साथ विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि देखते ही देखते वहां मौजूद लोगों ने वन विभाग की टीम को घेर लिया और उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी।

    कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान

    बताया जा रहा है कि लाठी-डंडों से लैस लोगों की संख्या करीब एक दर्जन थी। स्थिति बिगड़ने पर वन विभाग के कुछ कर्मचारी किसी तरह वहां से निकल गए, लेकिन रेंजर और डिप्टी रेंजर मौके पर ही फंस गए।

    आरोप है कि दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं। इस दौरान रेंजर का पर्स और डिप्टी रेंजर का मोबाइल फोन भी ले लिया गया।

    खेत के पास बने मकान में करीब 5 घंटे रखा बंधक

    आरोप है कि मारपीट के बाद दोनों अधिकारियों को तमोरा वनखंड से लगे एक खेत में बने छोटे से मकान में ले जाया गया। वहां उन्हें कथित तौर पर शाम करीब 7:30 बजे से रात 12:30 बजे तक बंद रखा गया।

    इस दौरान रेंजर ने किसी तरह वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को आपात संदेश भेजा। सूचना मिलते ही बागबाहरा और खल्लारी थाने की पुलिस टीम वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंची।

    पुलिस पहुंची तो आरोपियों ने किया विरोध

    पुलिस ने दोनों अधिकारियों को छोड़ने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद लोग पुलिस से भी उलझने लगे। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों अधिकारियों को बाहर निकाला।

    दोनों घायल अधिकारियों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।

    9 लोगों के खिलाफ नामजद मामला

    पुलिस ने मामले में 9 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों में प्रदीप ध्रुव, सुखराम, गणेश यादव, हेमिन बाई, चंदन, कलाबाई, लक्ष्मीबाई और संतकुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं।

    घटना के बाद सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

    40 से 50 एकड़ वन भूमि पर खेती का दावा

    वन विभाग के अनुसार, जुलाई में तमोरा जंगल में पौधरोपण के दौरान करीब 89 एकड़ वन भूमि पर कब्जे की जानकारी सामने आई थी। विभाग का दावा है कि कुछ लोगों ने वहां धान की खेती शुरू कर दी थी।

    विभाग की कार्रवाई और समझाइश के बाद कुछ हिस्से से कब्जा हटाए जाने की बात कही गई है, लेकिन करीब 40 से 50 एकड़ क्षेत्र में अब भी धान की खेती किए जाने का दावा है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वन अमले को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद रात करीब 12:30 बजे दोनों अधिकारियों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। मामले में आरोपियों की तलाश जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

  • सरपंच की हत्याः अवैध संबंध के शक में 7 आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला, फिर रात भर जंगल में रखे लाश |

    सरपंच की हत्याः अवैध संबंध के शक में 7 आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला, फिर रात भर जंगल में रखे लाश |

    सरपंच की हत्याः अवैध संबंध के शक में 7 आरोपियों ने बेरहमी से मार डाला, फिर रात भर जंगल में रखे लाश |

    कोंडागांव। जिले के मोहपाल सरपंच मंगल सिंह मरकाम की हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने मिलकर सरपंच को बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को जंगल में रात भर रखे रहे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डंडा और लोहे का राॅड बरामद कर लिया है।

    दरअसल, 30 सितंबर की सुबह 8:30 बजे सीएचसी फरसगांव से थाना बड़ेडोंगर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम मोहपाल के वर्तमान सरपंच मंगल सिंह मरकाम की अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मारपीट कर हत्या कर दी गई है। इस जानकारी पर पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर एफएसएल, साइबर, थाना बड़ेडोंगर और रक्षित केंद्र कोण्डागांव के पुलिस बल को घटना स्थल रवाना किया गया।

    इसलिए बनाई गई थी हत्या की योजना

    जाँच के दौरान संदेही मिट्ठू राम नेताम से गवाहों के समक्ष पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि सरपंच मंगल सिंह मरकाम का आरोपी परिवार की एक महिला से प्रेम प्रसंग का संदेह था। इसी रंजिश के चलते मिट्ठू राम नेताम, श्रवण कुमार नेताम, अमित कुमार नेताम, लखन नेताम, नवलू वट्टी, राकेश मण्डावी व प्रभु लाल नेताम द्वारा पूर्व नियोजित तरीके से घटना को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। 29 सितंबर को सरपंच के आने की सूचना मिलने पर सभी आरोपी पगडंडी मार्ग व नदी किनारे जंगल में घात लगाकर बैठे थे। सरपंच को देखते ही पकड़कर हाथ, थप्पड़, चप्पल, लोहे के राड व डण्डे से मारपीट की।

    अस्पताल लाने से पहले मौत

    आरोपियों द्वारा सरपंच मंगल सिंह मरकाम के हाथ बांधकर मारपीट की गई और घटनास्थल से करीब 60 मीटर दूर ले जाकर कंबल से ढंक दिया गया। इसके बाद आरोपी सड़क किनारे आग जलाकर रातभर वहीँ थे। सुबह करीब 5 से 5:30 बजे के बीच मौके से फरार हो गए।

    परिजनों द्वारा घायल अवस्था में सरपंच को उपचार हेतु सीएचसी फरसगांव ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में थाना बड़ेडोंगर में धारा 103(1) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया तथा विवेचना के दौरान धारा 61(2)(क), 191(2) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी मिट्ठू राम नेताम के मेमोरण्डम कथन के आधार पर डण्डा एवं लोहे का राड जब्त किया गया।

    सातों आरोपी गिरफ्तार

    प्रकरण में आरोपी मिट्ठू राम नेताम (45), श्रवण कुमार नेताम (20), अमित कुमार नेताम (20), लखन नेताम (25), नवलू वट्टी (28), राकेश मण्डावी (21) व प्रभु लाल नेताम (20) सभी निवासी ग्राम मोहपाल, थाना बड़ेडोंगर, जिला कोण्डागांव को आज 1 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया।

    इनकी रही अहम भूमिका

    आरोपियों की गिरफ्तारी एवं प्रकरण की विवेचना में थाना प्रभारी निरी. राजकुमार सोरी, सउनि जगजीत कवाची, प्र0आर0 845 श्रवण मण्डावी, प्र0आर0 106 राजेन्द्र कुठूर, आर0 920 अनिल मरकाम, आर0 957 राजेन्द्र नेताम, आर0 903 बुधमन नेताम, आर0 115 कुंजबिहारी पुजारी एवं सायबर टीम कोण्डागांव के प्र0आर0 62 अजय बघेल, आर0 808 बीजूराम यादव, आर0 800 चंदन यादव तथा रक्षित केन्द्र कोण्डागांव के बल प्र0आर0 22 बंशीराम मरकाम, प्र0आर0 37 सनत नेताम, आर0 181 दलित कुर्रे का विशेष योगदान रहा।

  • जादू टोना के शक में पिता-पुत्र और चाचा ने बोलेरो से कुचलकर मार डाला, फिर घटना को दिया एक्सीडेंट का रूप…

    जादू टोना के शक में पिता-पुत्र और चाचा ने बोलेरो से कुचलकर मार डाला, फिर घटना को दिया एक्सीडेंट का रूप…

    जादू टोना के शक में पिता-पुत्र और चाचा ने बोलेरो से कुचलकर मार डाला, फिर घटना को दिया एक्सीडेंट का रूप…

    CG: जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जादू-टोना के शक में पिता-पुत्र और चाचा ने एक ग्रामीण की बेरहमी से हत्या कर दी। तीनों ने मिलकर गाड़ी से कुचलकर ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    जानिए पूरा मामला

    दरअसल, थाना बगीचा क्षेत्र के ग्राम जामपानी सरबकोम्बो निवासी जोयो राम 68 वर्ष की 29 सितंबर को मृत्यु होने की सूचना पर थाना बगीचा में धारा 194 BNSS कायम कर जांच प्रारंभ की गई। मृतक के शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया गया।

    मृतक के शव के पंचनामा के दौरान सिर, माथे और बायें पैर पर चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट में सर पर चोट लगने से मौत की वजह सामने आई।

    मर्ग जांच के दौरान मृतक के परिजनों व गवाहों के बयान लिए गए। पूछताछ में पता चला कि मृतक जोयो राम को बोलेरो वाहन क्रमांक CG 14 MC 5946 से जानबूझकर ठोकर मारकर हत्या की गई थी।

    जाँच में यह भी सामने आया कि गांव के दीपक यादव उसके पिता व चाचा ने मृतक जोया राम की पत्नी पर टोनही होने व जादू-टोना करने का आरोप लगाया था। इसी बात को लेकर पिछले 2-3 वर्षों से रंजिश चली आ रही थी। गांव के एक बैगा ने भी यह आरोप लगाया था।

    हत्या की योजना बनाकर घटना को दिया अंजाम

    जाँच के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी दीपक यादव पिता कुरशो यादव 21 वर्ष निवासी जामपानी सरबकोम्बो को दबिश देकर 1 अक्टूबर को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी दीपक यादव ने बताया कि, मृतक जोयो राम की पत्नी पर जादू-टोना करने का आरोप लगाते हुए आरोपी पक्ष द्वारा कई बार विवाद किया गया था। 29 सितंबर को आरोपियों ने मिलकर जोयो राम की हत्या करने की योजना बनाई थी।

    29 सितंबर की शाम करीब 4 बजे आरोपी दीपक यादव अपने चाचा के बोलेरो वाहन CG 14 MC 5946 को लेकर डाहीडांड़ की ओर गया। वहां जोयो राम मेन रोड से करीब 5-10 मीटर की दूरी पर अपने मक्का खेत के सामने खड़ा था। आरोपी द्वारा वाहन को आगे ले जाकर वापस मोड़कर जानबूझकर जोयो राम को ठोकर मार उसकी हत्या कर दिए।

    वाहन की ठोकर से जोयो राम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वाहन लेकर बगीचा की ओर फरार हो गया, ताकि घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना समझा जाए।

    गिरफ्तार आरोपी

    दीपक यादव 21 वर्ष निवासी जामपानी सरबकोम्बो थाना बगीचा, जिला जशपुर (छ.ग.) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पुलिस मामले में फरार आरोपियों की लगातार पतासाजी कर रही है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

    मामले की कार्रवाई व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक विक्रांत कुमार सोन, सहायक उप निरीक्षक अनिल कामरे, नरेश मिंज व प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है

  • फल-फूल नहीं, इस मंदिर में​​​​​ देवी को चढ़ाए जाते हैं 5 पत्थर, जानें पूरी कहानी और इतिहास..

    फल-फूल नहीं, इस मंदिर में​​​​​ देवी को चढ़ाए जाते हैं 5 पत्थर, जानें पूरी कहानी और इतिहास..

    फल-फूल नहीं, इस मंदिर में​​​​​ देवी को चढ़ाए जाते हैं 5 पत्थर, जानें पूरी कहानी और इतिहास..

    छत्तीसगढ़ के मां बगदाई वनदेवी मंदिर में फल-फूल नहीं, बल्कि 5 पत्थर अर्पित कर मन्नत मांगी जाती है. सदियों पुरानी यह अनोखी परंपरा आज भी लोगों की अटूट आस्था का मुख्य केंद्र है. आइए जानते हैं, यह परंपरा कैसे शुरू हुई, कथा और इतिहास क्या है?

    लोग मंदिर में क्या-क्या नहीं चढ़ाते हैं, सोने-चांदी के आभूषण, छत्र, छप्पन भोग, लेकिन क्या आपने ये देखा और सुना है केवल 5 पत्थर अर्पित करने से लोगों की मुराद पूरी हो जाती है. जी हां, छत्तीसगढ़ में के ऐसा मंदिर है, जहां ऐसी ही अनोखी परंपरा निभाई जाती है, भक्ति विधान के लिए अलबेला है. आइए जानते हैं, छत्तीसगढ़ में में यह मंदिर कहां है, किस देवी को समर्पित है और सदियों पुरानी इस परंपरा के पीछे कहानी और इतिहास क्या है, जो आज भी आस्था का एक सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है?

    मां बगदाई वनदेवी मंदिर

    छत्तीसगढ़ का यह मंदिर खमतराई के घने जंगलों में है, जो बिलासपुर जिले में स्थित है. जहां देश के बाकी मंदिरों और पूजा स्थलों पर फूल, पान, मिठाई, फल, नारियल और आभूषण आदि चढ़ाएं जाते हैं, वहीं मां बगदाई वनदेवी को समर्पित इस मंदिर में 5 पत्थर चढ़ाने की अनूठी परंपरा है, जिसे लोग वहां ‘गोटा’ और ‘कंकड़’ कहते हैं.

    साधारण नहीं हैं ‘गोटा पत्थर’

    मां बगदाई वनदेवी के मंदिर में चढ़ाए जाने वाले ये पत्थर साधारण नहीं हैं. ये पत्थर खेतों में मिलते हैं, जिसे भक्तों को विशेष ध्यान से खोजना पड़ता है. ये चिकने और गोल होते हैं, जिसे ‘गोटा’ या ‘गोल कंकड़’ कहा जाता है. मान्यता है कि वनदेवी मां बगदाई को चुने हुए ये बेहद प्रिय हैं.

    मन्नत पूरी होने पर भी चढ़ाते हैं 5 पत्थर

    मां बगदाई वनदेवी के इस मंदिर में श्रद्धालुओं के मन्नत पूरी करने की प्रक्रिया 2 चरणों में होती है. पहला यह कि पहली बार मन्नत मांगते समय भक्त मन में अपनी मनोकामना दोहराते हु 5 पत्थर और एक फूल चढ़ाते हैं. दूसरी बार, मन्नत पूरी होने पर भी श्रद्धालु आभार व्यक्त करते हुए मंदिर में माता को 5 गोटा पत्थर चढ़ाते हैं.

    कैसे शुरू हुई यह परंपरा?

    कहते हैं, प्राचीन काल में लोग जब खमतराई के घने जंगलों से गुजरते थे तो वे हिंसक वन्य पशुओं और डाकुओं से रक्षा के लिए वे वनदेवी मां की प्रार्थना करते थे. कुछ पास न होने पर वे माता को 5 पत्थर ही चढ़ा देते थे. एक दूसरी कथा एक चरवाहे की है. कहते हैं, एक चरवाहे को जंगल वनदेवी की मूर्ति मिली थी. उसके पास भोग लगाने को कुछ नहीं था. तब देवी मां ने उसे दर्शन देकर कहा कि वह कीमती वस्तुओं की नहीं सच्ची श्रद्धा और प्रेम भूखी है, वह बस 5 पत्थर ही अर्पित कर दें. कहते हैं, तभी से ये परंपरा बदस्तूर चली आ राय रही है.

    डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है

  • पत्नी की आंखों में बस गया दूसरा शख्स, पति की जिंदगी में मचा तूफान; 4 बच्चों का परिवार और पुराना रिश्ता कैसे पहुंचा खतरनाक मोड़ पर?​​​​​​

    पत्नी की आंखों में बस गया दूसरा शख्स, पति की जिंदगी में मचा तूफान; 4 बच्चों का परिवार और पुराना रिश्ता कैसे पहुंचा खतरनाक मोड़ पर?​​​​​​

    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र का छेरकापुर गांव। गांव की जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। इसी गांव में भकला आडिल अपने परिवार के साथ रहता था। उसका बेटा सुमेर आडिल कभी गलत संगत में पड़कर बिगड़ गया था। गांव की बहू-बेटियों पर उसकी बुरी नजर रहने लगी थी। पिता को चिंता थी कि अगर उसे समय रहते जिम्मेदारी का एहसास नहीं कराया गया तो वह पूरी तरह बर्बादी की राह पर चला जाएगा।

    इसी सोच के साथ भकला ने सुमेर की शादी पड़ोस के गांव की रहने वाली तोपबाई से कर दी।

    भकला को उम्मीद थी कि शादी के बाद पत्नी और परिवार की जिम्मेदारी सुमेर को बदल देगी। उसकी यह उम्मीद काफी हद तक पूरी भी हुई।

    नई दुल्हन आई और बदल गया सुमेर

    शादी के बाद सुमेर का ज्यादातर समय घर में बीतने लगा। नई-नई शादी थी और पत्नी तोपबाई के साथ उसका लगाव बढ़ता गया। दोस्तों के साथ घूमने-फिरने और आवारागर्दी का सिलसिला कम हो गया।

    करीब डेढ़ साल बाद घर में बेटी की किलकारी गूंजी। सुमेर पिता बन गया।

    अब उसके ऊपर पत्नी के साथ बच्चे की जिम्मेदारी भी आ गई थी। धीरे-धीरे परिवार बढ़ता गया और देखते ही देखते सुमेर चार बच्चों का पिता बन गया।

    जिस युवक को उसका पिता कभी गलत संगत से निकालने के लिए शादी के बंधन में बांधना चाहता था, वह अब एक बड़े परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था।

    पिता की मौत के बाद बढ़ गई जिम्मेदारियां

    समय किसी के लिए नहीं रुकता। सुमेर के पिता भकला की भी मौत हो गई।

    पिता के जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां और बढ़ गईं। सुमेर अब घर-गृहस्थी और बच्चों के बीच पूरी तरह उलझ गया था।

    उसकी पुरानी कई आदतें जरूर छूट गई थीं, लेकिन शराब पीने की आदत नहीं गई।

    उधर उसके बच्चे भी बड़े होने लगे थे। उसकी बड़ी बेटी हेमलता 18 साल की हो चुकी थी।

    सुमेर की जिंदगी अब घर, परिवार और अपनी आदतों के बीच गुजर रही थी।

    उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि उसके घर के आसपास की दुनिया में एक ऐसा रिश्ता धीरे-धीरे आकार ले रहा है, जो आगे चलकर परिवार के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

    पड़ोस में रहता था दूध कारोबारी का परिवार

    सुमेर के घर से कुछ दूरी पर संतरू यादव का घर था। संतरू दूध का कारोबार करता था।

    उसका बेटा नरसिंह यादव उर्फ शेरा भी पिता के साथ इसी काम में हाथ बंटाता था।

    नरसिंह का मन पढ़ाई में नहीं लगा तो संतरू ने उसकी पढ़ाई छुड़वा दी और उसे अपने दूध के कारोबार में लगा लिया।

    संतरू का एक और बेटा था, जो रायपुर चला गया था और वहां किसी कंपनी में नौकरी करता था। उसके दूर चले जाने के बाद घर और कारोबार में शेरा ही पिता का मुख्य सहारा रह गया था।

    सुमेर का परिवार और संतरू का परिवार पड़ोस में रहते थे। गांव में रहने वाले परिवारों के बीच मेलजोल होना कोई असामान्य बात नहीं थी।

    लेकिन इसी पड़ोसी रिश्ते के बीच आगे चलकर ऐसी परिस्थितियां पैदा हुईं, जिन्होंने सुमेर और तोपबाई के दांपत्य जीवन को सवालों के घेरे में ला दिया।

    घर की चारदीवारी के भीतर बदलने लगी कहानी

    समय के साथ तोपबाई और नरसिंह के बीच नजदीकियों की चर्चा होने लगी।

    पति-पत्नी के रिश्ते में जब किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी का शक पैदा होता है तो घर का माहौल बदलने लगता है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगते हैं और पति-पत्नी के बीच भरोसा कमजोर पड़ने लगता है।

    सुमेर के परिवार में भी परिस्थितियां इसी दिशा में बढ़ती दिखाई दीं।

    जिस घर में कभी चार बच्चों की आवाजें और रोजमर्रा की जिंदगी की हलचल हुआ करती थी, वहां अब रिश्तों को लेकर तनाव का साया मंडराने लगा।

    एक तरफ परिवार, दूसरी तरफ कथित प्रेम

    तोपबाई के सामने एक तरफ उसका पति और चार बच्चों का परिवार था, तो दूसरी तरफ नरसिंह के साथ कथित नजदीकी की कहानी सामने आने लगी।

    सुमेर के लिए यह स्थिति बेहद मुश्किल थी।

    उसने जिंदगी का बड़ा हिस्सा परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए गुजार दिया था। चार बच्चों की परवरिश और घर की जरूरतों के बीच उसकी अपनी जिंदगी भी बदल चुकी थी।

    लेकिन पत्नी के कथित दूसरे रिश्ते की बात सामने आने के बाद उसके सामने सिर्फ पति-पत्नी का विवाद नहीं था, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य का सवाल खड़ा हो गया।

    गांव में रिश्तों की चर्चा होने लगी

    गांव में ऐसी बातें ज्यादा देर तक छिपी नहीं रहतीं। लोगों के बीच कानाफूसी शुरू हो जाती है और एक घर की बात धीरे-धीरे पूरे गांव तक पहुंच जाती है।

    सुमेर और तोपबाई के परिवार में भी कथित रिश्ते को लेकर चर्चाएं होने लगीं।

    हालांकि, किसी भी रिश्ते या आरोप की सच्चाई को केवल चर्चाओं के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। लेकिन इतना जरूर था कि पति-पत्नी के बीच विश्वास की स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई थी।

    कहानी यहां से हुई और भी गंभीर

    सुमेर की जिंदगी में कभी गलत संगत थी, फिर शादी के बाद उसने खुद को परिवार में समेट लिया था। पत्नी के साथ उसका घर बसा, चार बच्चे हुए और जिम्मेदारियां बढ़ती गईं।

    लेकिन अब वही परिवार एक नए संकट से घिर गया था।

    तोपबाई की जिंदगी में नरसिंह की कथित मौजूदगी ने पति-पत्नी के रिश्ते को प्रभावित किया और घर का माहौल तनावपूर्ण होता चला गया।

    एक तरफ सुमेर था, जिसने परिवार की जिम्मेदारियों में अपनी जिंदगी लगा दी थी। दूसरी तरफ पत्नी के कथित प्रेम संबंध की चर्चा थी।

    आगे इस रिश्ते ने क्या मोड़ लिया और आखिरकार यह मामला किस खतरनाक अंजाम तक पहुंचा, यही इस कहानी का सबसे बड़ा सवाल था।

    नोट: यह कहानी उपलब्ध मूल सामग्री के आधार पर पुनर्लिखी गई है। इसमें आगे की घटना से जुड़े ऐसे तथ्य नहीं जोड़े गए हैं जो आपके दिए गए स्रोत में मौजूद नहीं थे।

  • छत्तीसगढ़ में दूल्हा-दुल्हन की ‘अग्निपरीक्षा’, अंगारों पर 7 फेरे; जानें वजह..

    छत्तीसगढ़ में दूल्हा-दुल्हन की ‘अग्निपरीक्षा’, अंगारों पर 7 फेरे; जानें वजह..

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    रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर से एक ऐसी अनोखी परंपरा सामने आई है, जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे. जहां आज के आधुनिक दौर में शादी की रस्में बदल रही हैं, वहीं भूपदेवपुर के बिलासपुर गांव में सदियों पुरानी एक ऐसी परंपरा आज भी निभाई जा रही है, जिसमें नई नवेली दुल्हन को अपने ससुराल में प्रवेश करने से पहले जलते हुए अंगारों पर चलना पड़ता है. यहां राठिया परिवार में बहू का गृह प्रवेश किसी साधारण रस्म से नहीं बल्कि अग्नि परीक्षा से होता है. हाल ही में जयप्रकाश राठिया की शादी बाड़ादरहा गांव में संपन्न हुई और जब बारात दुल्हन को लेकर बिलासपुर गांव पहुंची, तो पूरे गांव की नजरें उस खास पल पर टिक गईं, जब दूल्हा-दुल्हन को घर के आंगन में बिछाए गए जलते अंगारों पर 7 फेरे लेने थे.

    परंपरा के अनुसार, बहू के आगमन से पहले परिवार उपवास रखता है, यहां तक कि पानी की एक बूंद तक ग्रहण नहीं की जाती. गांव पहुंचने पर नवविवाहित जोड़े का पारंपरिक स्वागत किया गया, नए वस्त्र और आभूषण भेंट किए गए और फिर शुरू हुई सबसे रोमांचक रस्म. दूल्हे के पिता मेहत्तर राठिया पर कथित रूप से देवता का आह्वान हुआ. उन्होंने मंडप के बीच दहकते अंगार बिछाए और खुद उनपर नृत्य किया. इसके बाद दूल्हा और दुल्हन ने हाथों में हाथ डालकर उन्हीं जलते अंगारों पर 7 फेरे लिए.

    परंपरा को पूरी श्रद्धा से निभा रहे गंधेल गोत्र के परिवार
    हैरानी की बात यह रही कि आग की तपिश और दहकते कोयलों के बावजूद दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहे. गांववालों के मुताबिक, यह परंपरा 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी है और गंधेल गोत्र के परिवार आज भी इसे पूरी श्रद्धा से निभा रहे हैं. मान्यता है कि जो नवविवाहित जोड़ा इस अग्नि परीक्षा को पार कर लेता है, वो जीवन की हर कठिनाई को साथ मिलकर पार करने की शक्ति प्राप्त करता है. आस्था, परंपरा और विश्वास का यह अद्भुत संगम रायगढ़ के बिलासपुर गांव को एक अलग पहचान देता है.

  • लिव-इन पार्टनर बना कातिल! बहन को बताई थी मारपीट की बात, अगले दिन मिली लाश..

    लिव-इन पार्टनर बना कातिल! बहन को बताई थी मारपीट की बात, अगले दिन मिली लाश..

    लिव-इन पार्टनर बना कातिल! बहन को बताई थी मारपीट की बात, अगले दिन मिली लाश..

    रायपुर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही एक बीएड छात्रा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा ने घटना से एक दिन पहले अपनी बहन को फोन कर मारपीट की शिकायत की थी. अगले ही दिन उसकी मौत की खबर परिवार तक पहुंची. पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक ने पहले छात्रा के साथ मारपीट की और फिर उसका गला दबा दिया. मामले में हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है.

    मृतका की पहचान कांकेर जिले के कोकपुर गांव की निवासी के रूप में हुई है. छात्रा रायपुर के विकास महाविद्यालय में बीएड की पढ़ाई कर रही थी. जानकारी के अनुसार, वह पिछले छह से सात महीने से सावंत बघेल के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. दोनों रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र स्थित बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक साथ रहते थे.

    लंबे समय से थी दोनों की पहचान

    पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा और सावंत एक-दूसरे को काफी समय से जानते थे. बाद में दोनों ने साथ रहने का फैसला किया. आरोपी सावंत बघेल मूल रूप से कोंडागांव का रहने वाला है और डीएलएड की पढ़ाई कर रहा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच संबंधों को लेकर अक्सर विवाद होता था.

    परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या रिश्ते में बढ़ते तनाव ने इस वारदात को जन्म दिया. बताया जा रहा है कि सावंत अक्सर छात्रा पर शक करता था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार कहासुनी और विवाद भी हुआ था.

    बहन को बताई थी मारपीट की बात

    मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि छात्रा ने घटना से एक दिन पहले अपनी बहन को फोन किया था. उसने बताया था कि सावंत ने उसके साथ मारपीट की है. परिवार का कहना है कि उन्हें अंदेशा नहीं था कि मामला इतनी गंभीर स्थिति तक पहुंच जाएगा. अब यही जानकारी पुलिस जांच का भी अहम हिस्सा बन गई है.

    मारपीट के बाद गला दबाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक पर मारपीट के बाद भारती का गला दबाकर हत्या करने का आरोप है. घटना के बाद वह युवती को गंभीर हालत में अंबेडकर अस्पताल लेकर पहुंचा. अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया. युवती की मौत की जानकारी मिलते ही आरोपी अस्पताल से भाग निकला. हालांकि बाद में परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया.

    पुलिस कर रही मामले की जांच

    मुजगहन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपी के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और वारदात से पहले दोनों के बीच क्या हुआ था.

  • दोस्तों संग चाय की दुकान पर बैठी थी छात्रा, युवक ने जबरन किया ‘किस’ करने का प्रयास; विरोध पर मारपीट, CCTV में कैद हुई वारदात..

    दोस्तों संग चाय की दुकान पर बैठी थी छात्रा, युवक ने जबरन किया ‘किस’ करने का प्रयास; विरोध पर मारपीट, CCTV में कैद हुई वारदात..

    दोस्तों संग चाय की दुकान पर बैठी थी छात्रा, युवक ने जबरन किया ‘किस’ करने का प्रयास; विरोध पर मारपीट, CCTV में कैद हुई वारदात..

    भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। स्मृति नगर थाना क्षेत्र में चाय की दुकान पर दोस्तों के साथ बैठी एक कॉलेज छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत की गई। आरोप है कि एक युवक ने छात्रा को जबरन चूमने (किस) की कोशिश की और विरोध करने पर उसके दोस्त के साथ मारपीट भी की। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता बालोद जिले की रहने वाली है और पढ़ाई के लिए भिलाई के स्मृति नगर इलाके में रहती है। 31 जुलाई को वह मॉडल टाउन स्थित शनि मंदिर के पास एक चाय की दुकान पर अपने दोस्तों के साथ बैठी थी। इसी दौरान हेमंत क्षत्री नाम का युवक वहां पहुंचा और छात्रा के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करते हुए जबरन ‘किस’ करने का प्रयास किया।

    जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके एक दोस्त के साथ भी मारपीट की। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद पीड़िता ने स्मृति नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

    गौरतलब है कि भिलाई में महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक युवती कथित तौर पर उसका पीछा करने वाले युवक का सामना करती और उसे फटकार लगाती नजर आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने इलाके में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    छत्तीसगढ़ के बालोद में एक पिता ने अपनी ही मासूम बेटी को अपनी हवस का शिकार बना लिया. पीड़िता ने अपनी मां को इस बारे में बताया, जिसके बाद मां ने शिकायत दर्ज कर ली और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

    Balod Rape Case: आज के समय में लड़कियां बहुत कम जगहों पर सुरक्षित महसूस करती हैं. सबसे ज्यादा वे घर में ही सुरक्षित महसूस करती हैं. वहां पर भी सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है, जब वे अपने माता पिता और भाई बहन के साथ होते हैं. हालांकि अगर किसी के अपने लोग ही आपके लिए खतरा बन जाएं, तो वो कहां जाए. एक हृदयविदारक मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से आया है. यहां  रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. 

    क्या है पूरा मामला?

    यहां एक 37 साल के व्यक्ति ने अपनी ही 12 साल की बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया. जब आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया, उस समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी. जब पत्नी घर पहुंची, तो बेटी ने अपनी मां को पूरी घटना बताई. इसके बाद उसकी मां ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत पाकर मामला दर्ज कर लिया. पुलिस आरोपी पिता के पास गई और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. 

    कहां का है मामला?

    जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गुंडरदेही इलाके का है. पीड़िता अपनी मां के साथ गुंडरदेही थाने पहुंची थी. उसने पुलिस के सामने आपबीती सुनाई. इसके बाद मां की शिकायत के बाद केस दर्ज कर लिया. शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. 

    एडिशनल एसपी ने दी जानकारी

    इस मामले की जानकारी देते हुए बालोद एडिशनल एसपी मोनिका ठाकुर ने कहा कि थाना गुंडरदेही में प्रार्थिया ने आपबीती सुनाते हुए केस दर्ज कर लिया है. शिकायत में बताया गया है कि आरोपी पिता ने अपनी 12 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जेल भेज दिया गया है