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  • जज की कुर्सी पर ‘काला जादू’ का आरोप,

    जज की कुर्सी पर ‘काला जादू’ का आरोप,

    जज की कुर्सी पर ‘काला जादू’ का आरोप,

    कर्नाटक की घटना, 65 साल की महिला गिरफ्तार

    Chikkaballapur Court : जज की कुर्सी पर काला जादू, सुनने में बड़ा अटपटा लगता है, यकीन भी नहीं होता लेकिन कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में 65 साल की महिला मंजुला पर ऐसा ही आरोप है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि महिला एक लंबित पारिवारिक सिविल केस का फैसला अपने पक्ष में कराना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक घटना 9 जुलाई की है। मामला 14 जुलाई को सामने आया।

    जज की कुर्सी पर सरसों के दाने बिखेरे

    पुलिस के मुताबिक, नौ जुलाई सुबह करीब 9:40 बजे फर्स्ट एडिशनल सीनियर सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में हुई। आरोप है कि महिला कोर्ट रूम में दाखिल हुई और जज की मेज पर ‘पूजा’ किए हुए सफेद सरसों के दाने बिखेर दिए।

    CCTV फुटेज से मामला सामने आया

    कोर्ट प्रशासन की शिकायत के अनुसार, मंजुला खुले कोर्ट रूम में दाखिल हुई। कथित काला जादू के तहत जज की कुर्सी और मंच (डायस) पर सफेद सरसों के दाने बिखेर दिए। बाद में कोर्ट स्टाफ की नजर सरसों के दानों पर पड़ी। इसके बाद CCTV फुटेज खंगाले गए, जिनमें महिला यह हरकत करती दिखाई दी। इसके आधार पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने चिक्कबल्लापुर टाउन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    दिल्ली कोर्ट में चावल फेंकने पर डॉक्टर पर जुर्माना

    पिछले साल दिल्ली की तीस हजारी अदालत में हत्या के एक मामले का सामना कर रहे डॉक्टर चंदर विभास ने सुनवाई शुरू होने से पहले कथित तौर पर कोर्ट रूम में चावल के दाने बिखेर दिए। इस वजह से कार्यवाही 15-20 मिनट तक रोकनी पड़ी। कुछ वकीलों ने इसे भी कथित तौर पर काला जादू या टोटका बताया था। जज शेफाली बरनाला टंडन ने उन्हें एक दिन हिरासत में रखा। 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया, जिसे डॉक्टर ने उसी दिन जमा कर दिया।

  • 20 साल की युवती के प्यार में पड़ा तीन बच्चों का पिता, दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी ने पुलिस से लगाई गुहार..

    20 साल की युवती के प्यार में पड़ा तीन बच्चों का पिता, दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी ने पुलिस से लगाई गुहार..

    20 साल की युवती के प्यार में पड़ा तीन बच्चों का पिता, दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी ने पुलिस से लगाई गुहार..

    बिहार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन बच्चों के पिता पर 20 साल की युवती के प्यार में पड़कर दूसरी शादी करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद पहली पत्नी ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और न्याय की मांग की है।

    18 साल पहले हुई थी शादी

    पीड़िता के मुताबिक, उसकी शादी करीब 18 साल पहले विलास पासवान से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं और अब तक वह परिवार की जिम्मेदारियां निभाती आ रही थी। महिला का कहना है कि उसका पति एक हर्बल दवा कंपनी में सेल्समैन के तौर पर काम करता है।

    नौकरी के दौरान बढ़ी नजदीकियां

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि काम के दौरान विलास की मुलाकात 20 वर्षीय युवती से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और फिर यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। महिला का कहना है कि पिछले एक साल से उसके पति ने घर का खर्च देना भी लगभग बंद कर दिया था और अपनी कमाई युवती पर खर्च करने लगा।

    दूसरी शादी से टूटा परिवार

    पहली पत्नी का आरोप है कि तीन बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियों के बावजूद उसके पति ने दूसरी शादी कर ली। इस घटना के बाद वह पूरी तरह टूट गई है। अब वह अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए किराना दुकान चलाकर किसी तरह घर का खर्च उठा रही है।

    थाने पहुंची पत्नी

    बताया जा रहा है कि हाल ही में आरोपी गांव आया था, लेकिन बच्चों के सवाल पूछने पर वहां से चला गया। इसके बाद महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • नए प्रेमी के लिए मां बनी अपने ही मासूम की दुश्मन, हत्या के बाद प्रेमी संग रचा अपहरण का झूठा खेल..

    नए प्रेमी के लिए मां बनी अपने ही मासूम की दुश्मन, हत्या के बाद प्रेमी संग रचा अपहरण का झूठा खेल..

    नए प्रेमी के लिए मां बनी अपने ही मासूम की दुश्मन, हत्या के बाद प्रेमी संग रचा अपहरण का झूठा खेल..

    मुंबई से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 15 महीने के मासूम बच्चे की हत्या के आरोप में उसकी मां और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, बच्चे की हत्या के बाद दोनों ने उसे लापता दिखाने के लिए अपहरण की झूठी शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई।

    प्रेम प्रसंग के बीच हुई वारदात

    पुलिस के मुताबिक, यह मामला मुंबई के जोगेश्वरी इलाके का है। 28 वर्षीय राजेश राणा और 23 वर्षीय रिंकी दास के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं और कुछ महीने पहले मुंबई आकर रहने लगे थे। रिंकी अपने 15 महीने के बेटे को भी साथ लेकर आई थी।

    बच्चे की हत्या कर शव गटर में फेंकने का आरोप

    जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश को रिंकी का छोटा बच्चा पसंद नहीं था। आरोप है कि उसने बच्चे के चेहरे और सीने पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को गटर में फेंक दिया।

    पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

    वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस थाने पहुंचकर बच्चे के कथित अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को उनके बयान संदिग्ध लगे। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने कथित रूप से हत्या की बात स्वीकार कर ली।

    जांच में सामने आया पुराना पारिवारिक विवाद

    पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रिंकी पहले से विवाहित थी और उसके पहले विवाह से भी एक बेटा था। बाद में वह अपने पति से अलग हो गई। जांच में उसके पुराने पारिवारिक संबंधों और निजी जीवन से जुड़े कुछ अन्य तथ्य भी सामने आए, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।

    दोनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने मां और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस सभी परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

  • रांची में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला..

    रांची में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला..

    रांची में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला..

    रांची में एक नाबालिग छात्रा (17 वर्ष) से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। लड़की रांची में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही है। आरोप है कि आपत्तिजनक वीडियो बनाकर पीड़िता को महीनों ब्लैकमेल किया। धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया और किडनैपिंग की भी कोशिश की। परिजनों की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।

    नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने का आरोप परिजनों के अनुसार, उनकी नाबालिग बेटी रांची में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान रामगढ़ के चितरपुर निवासी 20 वर्षीय सुधांशु पांडे से हुई। आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 को आरोपी ने जन्मदिन की पार्टी का बहाना बनाकर छात्रा को धुर्वा स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया। वहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया और दुष्कर्म किया। होश आने पर छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी ने मोबाइल में मौजूद आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी।

    पुलिस जांच में जुटी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नाबालिग दूसरे समुदाय से है और आरोपी उस पर अपना धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। 13 जुलाई को सदर अस्पताल में आरोपी और पीड़िता, दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

  • विवाहित होने की बात छिपाकर संबंध बनाना रेप, धोखे से हासिल सहमति अपराध- हाईकोर्ट..

    विवाहित होने की बात छिपाकर संबंध बनाना रेप, धोखे से हासिल सहमति अपराध- हाईकोर्ट..

    विवाहित होने की बात छिपाकर संबंध बनाना रेप, धोखे से हासिल सहमति अपराध- हाईकोर्ट..

    यदि कोई व्यक्ति अपने विवाहित होने की बात छिपाकर किसी विधवा महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो इसे रेप अथवा दुष्कर्म माना जायेगा। झारखंड हाईकोर्ट ने कहाा कि इस मामले में महिला की सहमति, तथ्य की गलतफहमी के तहत अमान्य मानी जाएगी। हाईकोर्ट के जस्टिस कुमार द्विवेदी की अदालत ने रमेश साहू की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है। दरअसल, रमेश साहू ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और निचली अदालत द्वारा इसपर संज्ञान लिए जाने को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

    रमेश साहू ने खुद को अविवाहित बताया मामला दरअसल, एक विधवा महिला से जुड़ा है। दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक रमेश साहू ने खुद को अविवाहित बताते हुए पीड़िता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, उसे प्रेमजाल में फंसाया और विवाह का वादा करके लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। रिलेशनशिप को कुछ समय बीतने पर जब पीड़िता ने रमेश साहू से शादी की बात की तो वह टालमटोल करने लगा।

    पीड़िता को बाद में पता चल गई सच्चाई बताया जाता है कि कुछ समय बाद जब पीड़िता को पता चल गया कि आरोपी रमेश साहू शादीशुदा है और बच्चों का पिता है। जब पीड़िता को धोखे का अहसास हुआ तो उन्होंने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इस मामले में निचली अदालत ने संज्ञान लिया। आरोपी, इसी संज्ञान आदेश को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट गया था, जहां उसकी याचिका खारिज कर दी गई।

    आरोपी की मंशा शुरू से ही कपटपूर्ण थी आरोपी रमेश साहू की याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट में जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि यदि किसी महिलिा की सहमति तथ्य की गलतफहमी या धोखे के आधार पर ली गई है तो कानून की नजर में उसे सहमति नहीं माना जा सकता है। आरोपी ने अपनी शादी और बच्चों की बात छिपाई। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता को यदि सच का पता होता तो वह शारीरिक संबंध बनाने की सहमति नहीं देती। कोर्ट ने कहा कि मामला केवल शादी का वादा तोड़ने का नहीं है, बल्कि आरोपी की मंशा शुरुआत से ही कपटपूर्ण थी।

  • नकली आधार से बचाएगा UIDAI का यह खास एप, QR कोड स्कैन

    नकली आधार से बचाएगा UIDAI का यह खास एप, QR कोड स्कैन

    नकली आधार से बचाएगा UIDAI का यह खास एप, QR कोड स्कैन

    डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडिटिंग टूल्स की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। ऐसे में आधार कार्ड जैसी महत्वपूर्ण पहचान से जुड़े दस्तावेजों की सत्यता जांचना भी जरूरी हो गया है। इसी जरूरत को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने Aadhaar QR Scanner एप उपलब्ध कराया है, जिसकी मदद से आधार कार्ड की वैधता की जांच की जा सकती है। दरअसल, UIDAI के नए आधार एप में QR आधारित पहचान सत्यापन की सुविधा दी गई है। वहीं QR कोड को स्कैन कर जानकारी सत्यापित करने का काम Aadhaar QR Scanner एप करता है।

    यह फर्जी आधार कार्ड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचाव में मददगार साबित हो सकता है। Aadhaar QR Scanner, UIDAI द्वारा विकसित एक आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन है। इसे आधार एप का पूरक माना जा सकता है। जहां आधार एप में उपयोगकर्ता अपने आधार से जुड़े विभिन्न कार्य कर सकते हैं, वहीं QR Scanner एप किसी अन्य व्यक्ति के आधार QR कोड की जांच और सत्यापन के लिए उपयोग किया जाता है।

    ऐसे काम करता है यह एप

    एप इंस्टॉल करने के बाद सबसे पहले कैमरे की अनुमति मांगी जाती है। अनुमति मिलने के बाद उपयोगकर्ता सीधे किसी भी आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन कर सकता है। इसके अलावा, यदि QR कोड की तस्वीर पहले से मोबाइल गैलरी में सेव है तो उसे भी ऐप के माध्यम से अपलोड कर स्कैन किया जा सकता है।

    जानिए क्यों उपयोगी है यह एप

    आधार कार्ड की प्रामाणिकता की जांच करने में मदद करता है।

    फर्जी दस्तावेजों की पहचान आसान बनाता है।

    इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी काम कर सकता है।

    आधार से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने में मदद करता है।

    QR कोड स्कैन करने पर संबंधित व्यक्ति की फोटो दिखाई देती है, जिससे पहचान का मिलान किया जा सकता है।

    QR कोड स्कैन करने पर ये जानकारी मिलेगी

    जब किसी आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन किया जाता है, तो ऐप संबंधित व्यक्ति की उपलब्ध जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है। साथ ही यह भी बताता है कि स्कैन किया गया आधार वैध है या नहीं। यदि आधार धारक ने सीमित जानकारी साझा करने का विकल्प चुना है, तो स्कैनर केवल वही जानकारी दिखाएगा जिसे साझा करने की अनुमति दी गई है। इस तरह उपयोगकर्ता की गोपनीयता भी सुरक्षित रहती है और पहचान का सत्यापन भी संभव हो जाता है।

    बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के दौर में उपयोगी साधन

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के मामलों में वृद्धि के बीच Aadhaar QR Scanner जैसे टूल पहचान सत्यापन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बना सकते हैं। खासकर होटल चेक-इन, किरायेदारी, नौकरी सत्यापन और अन्य पहचान आधारित प्रक्रियाओं में इसका उपयोग फायदेमंद हो सकता है।

  • पति के घर से निकलते ही ससुर करता था गंदी हरकत, बहू ने पुलिस से लगाई इंसाफ की गुहार

    पति के घर से निकलते ही ससुर करता था गंदी हरकत, बहू ने पुलिस से लगाई इंसाफ की गुहार

    पति के घर से निकलते ही ससुर करता था गंदी हरकत, बहू ने पुलिस से लगाई इंसाफ की गुहार

    उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता ने अपने ससुर पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पिछले एक महीने से उसका ससुर उसे लगातार धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। जब उसने इस बारे में अपने पति को बताया तो उसने भी कोई कार्रवाई करने के बजाय चुप रहने की सलाह दी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस चौकी पहुंचकर सुनाई आपबीती

    जानकारी के अनुसार, अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहिता सोमवार को पुलिस चौकी पहुंची और पुलिसकर्मियों को पूरी घटना बताई। महिला ने आरोप लगाया कि उसका ससुर पिछले एक महीने से उसे डराकर और धमकाकर उसका शोषण कर रहा था।

    पति के घर से बाहर जाते ही करता था वारदात

    पीड़िता के अनुसार, उसका पति जब भी किसी काम से घर से बाहर जाता था, तभी उसका ससुर मौके का फायदा उठाकर उसके साथ जबरदस्ती करता था। विरोध करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी, जिसके कारण वह लंबे समय तक डर के साए में रही।

    पति ने भी नहीं दिया साथ

    महिला का कहना है कि उसने हिम्मत जुटाकर पूरी बात अपने पति को बताई, लेकिन पति ने उसका साथ देने के बजाय उसे चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस की शरण ली और न्याय की मांग की।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • क्या सहमति से बने संबंध को रेप कहा जा सकता है? हाईकोर्ट ने दिया बड़ा जवाब..

    क्या सहमति से बने संबंध को रेप कहा जा सकता है? हाईकोर्ट ने दिया बड़ा जवाब..

    क्या सहमति से बने संबंध को रेप कहा जा सकता है? हाईकोर्ट ने दिया बड़ा जवाब..

    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह विवाद मुख्य रूप से दीवानी और आर्थिक प्रकृति का प्रतीत होता है और रेप के आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध नहीं होते।

    प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि दो बालिगों के बीच आपसी सहमति से लंबे समय तक बने शारीरिक संबंधों को केवल शादी का वादा पूरा न होने के आधार पर दुष्कर्म (रेप) नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब विवाद का मूल स्वरूप दीवानी (सिविल) और आर्थिक प्रकृति का हो।

    यह फैसला न्यायमूर्ति संतोष राय की एकल पीठ ने सुनाया। अदालत ने आरोपी सौरभ पाल सिंह को आईपीसी की धारा 376, 420, 406, 504, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया। साथ ही ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर आरोप तय किए गए थे।

    क्या था मामला?

    एफआईआर के अनुसार, प्रयागराज की एक दलित छात्रा ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का वादा कर लंबे समय तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का यह भी आरोप था कि आरोपी ने रेस्टोरेंट का कारोबार शुरू करने के नाम पर उसका एटीएम कार्ड, छात्रवृत्ति की रकम, गहने और करीब 15 लाख रुपये ले लिए। बाद में उसने शादी से इनकार कर दिया और कथित रूप से धमकियां भी दीं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी और उसके परिवार ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसका अपमान किया।

    हाईकोर्ट ने क्या कहा?

    हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों से यह स्पष्ट नहीं होता कि शादी का वादा शुरू से ही झूठा था या आरोपी की मंशा धोखा देने की थी। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रेप का मामला तभी बनता है, जब यह साबित हो कि शादी का वादा शुरुआत से ही धोखे की नीयत से किया गया था।

    अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान में शिकायतकर्ता ने स्वीकार किया था कि दोनों के बीच कोई प्रेम संबंध नहीं था, बल्कि दोस्ती के आधार पर शारीरिक संबंध बने थे। वहीं धारा 161 के बयान के अनुसार, दोनों के बीच 2014 से संबंध थे।

    आर्थिक विवाद को बताया सिविल मामला

    कोर्ट ने कहा कि महिला ने खुद स्वीकार किया था कि 15 लाख रुपये कारोबार के लिए दिए गए थे। बाद में वादा पूरा न होने से यह मामला स्वतः धोखाधड़ी का आपराधिक मामला नहीं बन जाता। अदालत ने यह भी नोट किया कि चेक बाउंस होने के बावजूद शिकायतकर्ता ने न तो एनआई एक्ट के तहत कोई कार्रवाई की और न ही पैसे की वसूली के लिए दीवानी मुकदमा दायर किया।

    एससी/एसटी एक्ट पर भी टिप्पणी

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने मात्र से एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध स्वतः सिद्ध नहीं हो जाता। अभियोजन को यह साबित करना होता है कि कथित अपराध जातिगत पहचान के आधार पर किया गया था। अदालत के अनुसार, रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रथमदृष्टया साक्ष्य नहीं मिला। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह विवाद मुख्य रूप से दीवानी और आर्थिक प्रकृति का प्रतीत होता है और रेप के आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध नहीं होते।

  • पाले हुए बेटे से संबंध बनाने का आरोप, रिश्ता खत्म करने पर हत्या का मामला, महिला गिरफ्तार..

    पाले हुए बेटे से संबंध बनाने का आरोप, रिश्ता खत्म करने पर हत्या का मामला, महिला गिरफ्तार..

    पाले हुए बेटे से संबंध बनाने का आरोप, रिश्ता खत्म करने पर हत्या का मामला, महिला गिरफ्तार..

    ब्राजील से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने जिस युवक को वर्षों तक अपने बेटे की तरह पाला, उसके साथ कथित तौर पर संबंध बनाए। बाद में जब युवक ने रिश्ता खत्म करने और घर छोड़ने की बात कही, तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

    बेटे की तरह घर लाकर पाला

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना ब्राजील के माराबा क्षेत्र की है। आरोपी महिला की पहचान 29 वर्षीय जेसिका बारबोसा संपाइओ के रूप में हुई है। बताया जाता है कि 21 वर्षीय सैमुअल अल्वेस किशोरावस्था में अपने घर से अलग हो गया था, जिसके बाद जेसिका उसे अपने घर ले आई और बेटे की तरह उसका पालन-पोषण करने लगी।

    जांच में सामने आए गंभीर आरोप

    जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर महिला और युवक के बीच कथित निजी संबंध होने की बात सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, यह संबंध कई वर्षों तक जारी रहा।

    रिश्ता खत्म करने की बात पर विवाद

    बताया जा रहा है कि सैमुअल ने महिला से दूरी बनाने और उसका घर छोड़ने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और महिला ने कथित तौर पर युवक के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस ने किया गिरफ्तार

    पुलिस ने युवक का शव महिला के घर से बरामद किया। शुरुआती पूछताछ में महिला ने इसे दुर्घटना बताया, लेकिन जांच के बाद उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

  • सरकारी स्कूल के क्लासरूम में गंदी हरकत करते पकड़े गए महिला-पुरुष टीचर, वीडियो के बाद मचा बवाल…

    सरकारी स्कूल के क्लासरूम में गंदी हरकत करते पकड़े गए महिला-पुरुष टीचर, वीडियो के बाद मचा बवाल…

    सरकारी स्कूल के क्लासरूम में गंदी हरकत करते पकड़े गए महिला-पुरुष टीचर, वीडियो के बाद मचा बवाल…

    धिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

    KANNAUJ NEWS : उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुरुष शिक्षक और महिला शिक्षिका स्कूल के क्लासरूम में आपत्तिजनक स्थिति में नजर आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

    मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई। विद्यालय प्रशासन ने संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही पूरे प्रकरण की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है।

    सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो कन्नौज के सौरिख क्षेत्र के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का है। कुछ पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि वीडियो शिक्षक की पत्नी ने सार्वजनिक किया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले करीब चार वर्षों से पारिवारिक विवाद चल रहा है और मामला फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि, इन दावों की प्रशासन ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो हाल का नहीं बल्कि पुराना बताया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, किसने बनाया और किसने सोशल मीडिया पर साझा किया। इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    विद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबंधित शिक्षक से जवाब मांगा गया है। शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।