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  • शादीशुदा प्रेमिका को लेकर होटल पहुंचा प्रेमी, फिर कर दिया..

    शादीशुदा प्रेमिका को लेकर होटल पहुंचा प्रेमी, फिर कर दिया..

    शादीशुदा प्रेमिका को लेकर होटल पहुंचा प्रेमी, फिर कर दिया..

    बरनाला (पंजाब): पंजाब के तपामंडी में बरनाला-बठिंडा मुख्य मार्ग पर पुलिस थाने के सामने स्थित एक होटल में 31 वर्षीय महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। महिला की पहचान जसवीर कौर, निवासी बाजीगर बस्ती, तपामंडी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पति मंगा सिंह के बयान के आधार पर बदरा निवासी अमनदीप सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

    होटल के कमरे में मिला महिला का शव

    जानकारी के मुताबिक, जसवीर कौर और अमनदीप सिंह होटल में कमरा लेकर ठहरे थे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से कथित प्रेम संबंध थे। होटल में पहुंचने के कुछ समय बाद अमनदीप सिंह होटल संचालक से कुछ देर में वापस आने की बात कहकर वहां से चला गया।

    काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा, तो होटल संचालक को शक हुआ। उसने कमरे की जांच की तो अंदर जसवीर कौर का खून से लथपथ शव मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    शरीर पर धारदार हथियार से वार के निशान होने की जानकारी

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला के शरीर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान मिले हैं। हालांकि, घटना किस तरह हुई और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

    सूचना मिलते ही डीएसपी तपामंडी जसकरण सिंह बराड़, थाना प्रभारी अमरीक सिंह ग्रेवाल और चौकी इंचार्ज कुलवंत सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बरनाला भेज दिया।

    पति के बयान पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

    पुलिस ने मृतका के पति मंगा सिंह के बयान के आधार पर अमनदीप सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

    डीएसपी जसकरण सिंह बराड़ के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी में घटना को कथित प्रेम संबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन हत्या के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    जसवीर कौर अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गई है। मां की मौत से दोनों बच्चों के सिर से ममता का साया उठ गया है।

    होटलों की जांच कराने की उठी मांग

    घटना के बाद मौके पर पहुंचे कुछ लोगों ने मुख्य मार्ग के आसपास स्थित होटलों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि होटलों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने और नियमित जांच से ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

    फिलहाल पुलिस का मुख्य ध्यान आरोपी की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने पर है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वारदात किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण थे।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं। घटना के कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

  • फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का, पंजाब: पंजाब के फाजिल्का स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) कैंप में एक जवान और उसकी पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी 38 वर्षीय BSF कांस्टेबल दिनेश कुमार बघेल और उनकी 36 वर्षीय पत्नी पिंकी के शव सरकारी आवास में मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जवान पर पत्नी की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने का आरोप है। घटना का पता उस समय चला, जब उनकी 12 वर्षीय बेटी ने माता-पिता के शव देखे और आसपास के लोगों को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    BSF कैंप के सरकारी आवास में मिले दोनों के शव

    जानकारी के मुताबिक, दिनेश कुमार बघेल उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के मक्खनपुर थाना क्षेत्र के सांती गांव के रहने वाले थे। वह BSF की 38वीं बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। वह अपनी पत्नी पिंकी, 12 वर्षीय बेटी अनुष्का और 7 वर्षीय बेटे जयादित्य के साथ फाजिल्का स्थित BSF कैंप के सरकारी आवास में रहते थे।

    बताया जा रहा है कि बुधवार रात ड्यूटी से लौटने के बाद घर में यह घटना हुई। शुरुआती जानकारी में पत्नी की हत्या और जवान की आत्महत्या की आशंका जताई गई है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    बेटी ने देखा माता-पिता का शव

    घटना का पता उस समय चला, जब दंपती की 12 वर्षीय बेटी अनुष्का ने घर में अपने माता-पिता के शव देखे। यह देखकर वह घबरा गई और उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।

    सूचना मिलने के बाद BSF के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। घटना से परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल है।

    छह महीने पहले परिवार को लेकर आए थे फाजिल्का

    बताया गया है कि दिनेश करीब छह महीने पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को अपने साथ फाजिल्का लेकर आए थे। उनकी पत्नी पिंकी उत्तर प्रदेश के सांती गांव में एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम करती थीं।

    दिनेश पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। घटना की खबर फिरोजाबाद स्थित परिवार तक पहुंचने के बाद परिजन फाजिल्का के लिए रवाना हो गए। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    पुलिस जांच में जुटी, कारणों का पता लगना बाकी

    पुलिस और संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना के कारणों और परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शुरुआती जानकारी में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

  • मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    मोहाली में दोस्त की हत्या: कर धड़ से अलग किया सिर, बेटे की मौत का बदला लेने का आरोप; बाप-बेटा गिरफ्तार.

    जीरकपुर, मोहाली, पंजाब: पीर मुच्छल्ला के नेचर पार्क के पास जंगल में युवक का सिर कटा शव मिलने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरपाल कश्यप और उसके बेटे राहुल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को शक था कि हरपाल के बेटे बबलू की मौत के पीछे विशाल का हाथ था। इसी रंजिश में विशाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मामले में एक अन्य आरोपी मनोज की तलाश जारी है।

    बेटे की मौत के शक में रची हत्या की साजिश

    पुलिस की जांच के अनुसार, करीब एक महीने पहले हरपाल के बेटे बबलू का शव पंचकूला के जंगल क्षेत्र में मिला था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी और उसे लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाद में हरपाल को अपने बेटे की मौत की जानकारी मिली।

    पुलिस का कहना है कि हरपाल को संदेह था कि बबलू के दोस्त विशाल और उसके परिवार की इस घटना में भूमिका हो सकती है। इसी शक के चलते उसने अपने बेटे राहुल और मनोज के साथ मिलकर विशाल को निशाना बनाने की योजना बनाई। हालांकि, बबलू की मौत और विशाल की कथित भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

    दरात से हत्या कर जंगल में फेंका शव

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विशाल पर हमला किया और दरात से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। इसके बाद शव को पीर मुच्छल्ला स्थित नेचर पार्क के पास जंगल में फेंक दिया गया।

    आठ अक्टूबर को पार्क के पास सिर कटा शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव की पहचान विशाल के रूप में की। शुरुआती तौर पर यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, लेकिन जांच के दौरान संदिग्धों की भूमिका सामने आने पर हरपाल और राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल किए गए दरात की बरामदगी और तीसरे आरोपी मनोज की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

    उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले हैं आरोपी

    पुलिस के अनुसार, हरपाल कश्यप और उसका बेटा राहुल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संभल जिले के मैथरा गांव के रहने वाले हैं। दोनों मोहाली के पास जीरकपुर के पीर मुच्छल्ला स्थित शिव नगर में किराये पर रहते थे।

    वहीं, विशाल पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसने वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रहने वाली रोली से प्रेम विवाह किया था। दंपती का करीब 10 महीने का एक बेटा है।

    पत्नी और बच्चे की तलाश के दौरान भी उलझा था मामला

    जांच में विशाल की पत्नी रोली और उनके बच्चे के लापता होने का पहलू भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, छह अक्टूबर को रोली अपने बच्चे के साथ दूध लेने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद विशाल पत्नी और बच्चे की तलाश में निकला था।

    वह उस ढाबे पर भी गया, जहां रोली पहले काम करती थी। उसे आशंका थी कि उसकी पत्नी ढाबा संचालक के साथ चली गई है। वहां विशाल का विवाद होने की बात भी सामने आई है।

    पुलिस के अनुसार, मनोज भी विशाल के साथ ढाबे पर गया था। जांच में मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। फिलहाल रोली और उसके 10 महीने के बच्चे का पता नहीं चल पाया है। पुलिस उनकी तलाश भी कर रही है।

    तीसरे आरोपी की तलाश, आगे की जांच जारी

    इस मामले की जांच खरड़ सीआईए की टीम कर रही है। पुलिस गिरफ्तार पिता-पुत्र को अदालत में पेश कर रिमांड लेने और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की तैयारी में है। जांच के दौरान हत्या की साजिश, आरोपियों की भूमिका और बबलू की मौत से जुड़े संदेह की भी पड़ताल की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी और सामने आए आरोपों पर आधारित है। मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। आरोपियों के दोषी होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • कनाडा से रिश्तेदार बनकर आया फोन, बेटे को विदेश भेजने का दिखाया सपना; फर्जी मैसेज के जाल में फंसा बुजुर्ग, 2 लाख रुपये ठगे.

    कनाडा से रिश्तेदार बनकर आया फोन, बेटे को विदेश भेजने का दिखाया सपना; फर्जी मैसेज के जाल में फंसा बुजुर्ग, 2 लाख रुपये ठगे.

    कनाडा से रिश्तेदार बनकर आया फोन, बेटे को विदेश भेजने का दिखाया सपना; फर्जी मैसेज के जाल में फंसा बुजुर्ग, 2 लाख रुपये ठगे.

    मोहाली, पंजाब: बेटे को विदेश भेजने की उम्मीद एक परिवार को इतनी महंगी पड़ेगी, इसका अंदाजा शायद उन्हें नहीं था। साइबर ठगों ने कनाडा में रहने वाला रिश्तेदार बनकर फोन किया और पहले परिवार का भरोसा जीता। फिर बैंक खाते में 10 लाख रुपये आने का फर्जी मैसेज भेजकर उन्हें विश्वास दिलाया कि मदद के लिए रकम भेजी जा रही है। इसके बाद वीजा लगवाने के नाम पर दो लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब ठगों ने और रकम मांगी, तब परिवार को शक हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।

    विदेशी नंबर से आया फोन, रिश्तेदार बनकर की बात

    मामला मोहाली के बनूड़ क्षेत्र के गांव मनौली सूरत का है। शिकायत के मुताबिक, 68 वर्षीय बुजुर्ग के परिवार को 24 अगस्त को एक विदेशी नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अमन बताया और दावा किया कि वह कनाडा में रहता है। उसने परिवार के बेटे को विदेश भेजने में मदद करने की बात कही।

    कथित रिश्तेदार ने यह भी कहा कि वह 6 सितंबर को भारत आएगा और परिवार की महिला सदस्य के बैंक खाते में 10 लाख रुपये भेजेगा। उसकी बातों पर भरोसा करते हुए परिवार ने महिला के एसबीआई खाते की जानकारी साझा कर दी।

    कुछ समय बाद खाते में 10 लाख रुपये आने का संदेश मिला। इससे परिवार को लगा कि फोन करने वाला सचमुच मदद कर रहा है। लेकिन यही भरोसा ठगी के जाल का हिस्सा था।

    बैंक कर्मचारी बनकर भी किया संपर्क

    रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक कर्मचारी बताया। उसने कहा कि खाते में आई रकम अगले दिन निकाली जा सकेगी। इस बातचीत से परिवार का संदेह दूर करने की कोशिश की गई।

    इसके बाद कथित रिश्तेदार ने वीजा बनवाने के नाम पर दो लाख रुपये मांगे और एक बैंक खाते की जानकारी भेज दी। बेटे को लगा कि विदेश जाने की प्रक्रिया के लिए यह रकम जरूरी है। शिकायत के मुताबिक, उसने अपने पिता के यूनियन बैंक खाते से चेक के माध्यम से दो लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    एक लाख रुपये और मांगे तो खुलने लगा शक

    दो लाख रुपये मिलने के बाद भी ठगों का लालच खत्म नहीं हुआ। उसी शाम कथित रिश्तेदार ने एक लाख रुपये और मांगे। लगातार रकम मांगे जाने पर परिवार को संदेह हुआ और उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

    परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शुरुआती जांच के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

    फोन नंबर और बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस के अनुसार, 7 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत केस दर्ज किया गया। जांच में संबंधित फोन नंबरों, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

    यह घटना बताती है कि साइबर ठग अब केवल अनजान लोगों को ही नहीं, बल्कि रिश्तेदार बनकर परिवारों का भरोसा जीतने की कोशिश भी कर रहे हैं। किसी विदेशी नंबर से रिश्तेदार होने का दावा करने वाले व्यक्ति को बिना पुष्टि के पैसे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। बैंक खाते में रकम आने का संदेश मिलने पर भी वास्तविक बैलेंस और लेनदेन की पुष्टि बैंक के आधिकारिक माध्यम से करनी चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में बताए गए विवरण पर आधारित है। मामले में आरोपियों की पहचान और धोखाधड़ी से जुड़ी पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

  • मोहाली: जीरकपुर के नेचर पार्क में गर्दन कटा शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका; मृतक की पहचान नहीं

    मोहाली: जीरकपुर के नेचर पार्क में गर्दन कटा शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका; मृतक की पहचान नहीं

    मोहाली: जीरकपुर के नेचर पार्क में गर्दन कटा शव मिलने से हड़कंप, हत्या की आशंका; मृतक की पहचान नहीं

    मोहाली, पंजाब: जीरकपुर के पीरमुछल्ला स्थित नेचर पार्क में गुरुवार सुबह एक व्यक्ति का गर्दन कटा शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह सैर के लिए पहुंचे लोगों ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    मृतक की अभी पहचान नहीं हो पाई है। शव से गर्दन अलग होने के कारण शुरुआती तौर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है।

    सुबह करीब 9 बजे मिली सूचना

    पुलिस को घटना की जानकारी सुबह करीब 9 बजे मिली। इसके बाद टीम ने नेचर पार्क के आसपास के इलाके को घेरकर जांच की। फोरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मृतक कौन है और वह पार्क तक कैसे पहुंचा।

    पार्क में हुई वारदात या कहीं और हत्या?

    जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हत्या नेचर पार्क के अंदर ही की गई या किसी अन्य स्थान पर वारदात को अंजाम देने के बाद शव यहां लाकर छोड़ा गया।

    पार्क में हरियाणा की तरफ से आने का रास्ता है, जबकि पंचकूला की ओर से भी यहां पहुंचा जा सकता है। ऐसे में पुलिस इन रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा पार्क के आसपास रहने वाले लोगों और सुबह वहां मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

    जांच अधिकारियों का फोकस मृतक की पहचान करने के साथ-साथ यह पता लगाने पर है कि वह आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में था।

    पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

    शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद मौत की वास्तविक वजह और गर्दन अलग होने की परिस्थितियों को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

    फिलहाल पुलिस मामले को हत्या समेत अन्य संभावित कोणों से जांच रही है और मृतक की पहचान कराने के प्रयास जारी हैं।

  • लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना: ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर महिला से 19.67 लाख की ठगी, सिंगापुर भेजकर किया गुमराह.

    लुधियाना, पंजाब: विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ट्रैवल एजेंट ने महिला को ऑस्ट्रेलिया में नौकरी और बेहतर भविष्य का भरोसा देकर उससे 19 लाख 67 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया भेजने के बजाय उसे सिंगापुर की फ्लाइट में बैठा दिया गया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसका मूल पासपोर्ट भी वापस नहीं किया।

    ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाने का दिया था भरोसा

    शिकायतकर्ता मोनिका रानी के मुताबिक, उसकी मुलाकात कथित ट्रैवल एजेंट मनदीप सिंह से हुई थी। आरोपी ने उसे ऑस्ट्रेलिया का वैध वीजा दिलाने और वहां सुरक्षित तरीके से बसाने का भरोसा दिया।

    आरोप है कि इस भरोसे में आकर महिला ने अलग-अलग तारीखों पर किस्तों में कुल 19,67,000 रुपये आरोपी को दे दिए। यात्रा और दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए उसने अपना मूल पासपोर्ट भी उसे सौंप दिया।

    ऑस्ट्रेलिया की जगह सिंगापुर भेजने का आरोप

    महिला के अनुसार, पूरी रकम लेने के बाद आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाने के बजाय उसे कथित तौर पर सिंगापुर भेज दिया। वहां पहुंचने के बाद जब ऑस्ट्रेलिया का वैध वीजा और आगे की यात्रा से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले, तो महिला को कथित धोखाधड़ी का पता चला।

    वापस लौटने के बाद उसने आरोपी से अपनी रकम और पासपोर्ट वापस मांगा। आरोप है कि आरोपी ने न तो पैसे लौटाए और न ही उसका मूल पासपोर्ट वापस किया।

    पुलिस जांच के बाद केस दर्ज

    महिला की शिकायत के बाद लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की दस्तावेजी और तकनीकी जांच कराई। जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस अब आरोपी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विदेश भेजने के नाम पर कथित तौर पर ठगी के इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

    नोट: मामले में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।

  • लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना: महिला डॉक्टर से 75 लाख की कथित ठगी, सोने-चांदी के कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा.

    लुधियाना, पंजाब: सोने-चांदी के कारोबार में कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का भरोसा देकर एक महिला डॉक्टर से कथित तौर पर 75 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने डॉक्टर से 40 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के जरिए लिए, जबकि करीब 35 लाख रुपये मूल्य का सोना भी हासिल किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    कारोबार में निवेश के नाम पर बढ़ाया भरोसा

    शिकायत के मुताबिक, आरोपी वरुण वर्मा ने पहले महिला डॉक्टर से मेलजोल बढ़ाया और खुद को सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा हुआ बताया। इसके बाद उसने कथित तौर पर डॉक्टर को कारोबार में पैसा लगाने पर कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया।

    आरोप है कि आरोपी की बातों पर विश्वास करके डॉक्टर ने अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपये नकद और बैंक खातों के माध्यम से उसे दे दिए।

    35 लाख रुपये का सोना भी लेने का आरोप

    शिकायत के अनुसार, पैसों के अलावा आरोपी ने सोने के कारोबार के नाम पर डॉक्टर से करीब 35 लाख रुपये मूल्य का सोना भी ले लिया। इस तरह शिकायतकर्ता के मुताबिक कुल 75 लाख रुपये की रकम और संपत्ति आरोपी के पास पहुंच गई।

    काफी समय बीतने के बाद जब कथित तौर पर न तो मुनाफे की रकम मिली और न ही निवेश का हिसाब दिया गया, तो डॉक्टर ने अपने पैसे और सोना वापस मांगना शुरू किया।

    पैसे और सोना लौटाने से किया इनकार

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआत में आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में रकम तथा सोना वापस करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद महिला डॉक्टर ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत दी।

    पुलिस की जांच में बैंक लेन-देन और संबंधित लोगों के बयानों समेत अन्य तथ्यों की पड़ताल की गई। इसके बाद थाना डिविजन नंबर 8 में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज किया गया।

    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी खंगाल रही है। साथ ही उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर ठगी गई रकम और सोने की बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।

    मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ठगी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

    नोट: मामले में लगाए गए आरोप शिकायत और पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपी की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।

  • लुधियाना: CASO के बीच चोरी की बाइक काटते पकड़ा गया युवक, पार्ट्स बेचने की थी तैयारी, पुलिस ने वाहन कब्जे में लिया.

    लुधियाना: CASO के बीच चोरी की बाइक काटते पकड़ा गया युवक, पार्ट्स बेचने की थी तैयारी, पुलिस ने वाहन कब्जे में लिया.

    लुधियाना: CASO के बीच चोरी की बाइक काटते पकड़ा गया युवक, पार्ट्स बेचने की थी तैयारी, पुलिस ने वाहन कब्जे में लिया.

    लुधियाना में नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे कॉरडन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) के बीच चोरी के दोपहिया वाहनों से जुड़ा मामला सामने आया है। जसपाल बांगर इलाके की जय श्री राम कॉलोनी में एक युवक को घर के बाहर संदिग्ध मोटरसाइकिल के कलपुर्जे अलग करते हुए स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। लोगों ने युवक से पूछताछ की और पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी।

    घटना उस समय सामने आई, जब जसपाल बांगर इलाके में पुलिस की ओर से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। मुख्य रास्तों से लेकर संकरी गलियों तक पुलिस की टीमें चैकिंग कर रही थीं। इसी दौरान जय श्री राम कॉलोनी में एक युवक मोटरसाइकिल को खोलकर उसके अलग-अलग पार्ट्स निकाल रहा था।

    युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर आसपास के लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने उससे मोटरसाइकिल के बारे में जानकारी मांगी और वाहन के दस्तावेज दिखाने को कहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवक के पास बाइक से संबंधित वैध कागजात नहीं थे। लोगों ने मौके की पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया।

    हंगामे के दौरान युवक के पिता मनोज उपाध्याय से भी मोटरसाइकिल के बारे में सवाल किए गए। उन्होंने दावा किया कि मोटरसाइकिल खरीदी गई है। हालांकि, जब उनसे बाइक की आरसी या खरीद से संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा गया तो वह मौके पर कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सके।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि युवक चोरी की बाइकों को सस्ते में खरीदकर उन्हें काटता है और बाद में उनके स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग बेच देता है। पूछताछ के दौरान युवक ने कथित तौर पर बताया कि वह मोटरसाइकिल को सस्ते में लेकर आया था और उसके पार्ट्स अलग करके बेचने की तैयारी में था। हालांकि, इन दावों की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।

    मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने 112 पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन किया। सूचना मिलने के बाद पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। पीसीआर मुलाजिम मलकीत सिंह और उनकी टीम ने वहां मौजूद लोगों से प्राथमिक पूछताछ की और संदिग्ध मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया।

    पुलिस ने मोटरसाइकिल को आगे की जांच के लिए संबंधित पुलिस चौकी कंगनवाल को सौंप दिया है। अब पुलिस वाहन के इंजन और चेसिस नंबर की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मोटरसाइकिल चोरी की है या नहीं और इसका असली मालिक कौन है।

    स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि संबंधित युवक पहले भी चोरी के मामलों में संदिग्ध रहा है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल उसके किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस चौकी कंगनवाल की ओर से वाहन के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि जांच में मोटरसाइकिल चोरी की पाई जाती है तो वाहन चोरी और चोरी की संपत्ति को खरीदने या उससे जुड़े अन्य आरोपों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि अगर बाइक चोरी की है तो इसे कहां से हासिल किया गया था और इसके पीछे किसी बड़े वाहन चोरी या अवैध स्क्रैप नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।

    खास बात यह है कि जिस समय जसपाल बांगर इलाके में पुलिस का व्यापक सर्च ऑपरेशन चल रहा था, उसी दौरान रिहायशी कॉलोनी में बाइक के पार्ट्स अलग किए जाने का मामला सामने आया। अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि बरामद मोटरसाइकिल चोरी की थी या नहीं और इस मामले में युवक की वास्तविक भूमिका क्या है। फिलहाल संदिग्ध मोटरसाइकिल पुलिस के कब्जे में है और मामले की जांच जारी है।

  • अमृतसर: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड में बड़ा एक्शन, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी शूटर को दबोचा.

    अमृतसर: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड में बड़ा एक्शन, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी शूटर को दबोचा.

    अमृतसर: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड में बड़ा एक्शन, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी शूटर को दबोचा.

    अमृतसर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हत्याकांड की जांच के दौरान अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान परमिंदर काका उर्फ परमिंदर प्रसाद के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की भूमिका हत्या की वारदात में फायरिंग करने और इस्तेमाल की गई बाइक की व्यवस्था करने में बताई जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, मैड संधू की 3 अक्टूबर को अमृतसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह वारदात अमृतसर कैंटोनमेंट थाना क्षेत्र में हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और हत्याकांड से जुड़े आरोपियों तथा उनकी भूमिका की जानकारी जुटाई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वारदात में परमिंदर काका की अहम भूमिका थी। आरोप है कि उसने मैड संधू पर गोली चलाई थी। इसके अलावा वारदात को अंजाम देने के लिए बाइक उपलब्ध कराने में भी उसकी भूमिका बताई गई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में उसकी भूमिका कितनी थी और उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।

    अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस हत्याकांड की जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गोल्डी बरार से जुड़े गिरोह के एंगल से भी की जा रही है। पुलिस इसी कड़ी में आरोपियों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए परमिंदर काका से पूछताछ के जरिए पुलिस हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।

    हत्या के बाद आरोपी ने अमृतसर से निकलकर पहले उदयपुर का रुख किया। इसके बाद वह उदयपुर से अहमदाबाद पहुंचा। अहमदाबाद पहुंचने के बाद क्राइम ब्रांच को उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी को पंजाब पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया है। अब पंजाब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां आरोपी से हत्या के पीछे की वजह, वारदात की तैयारी, बाइक की व्यवस्था और फायरिंग से जुड़ी जानकारी हासिल करने में जुटी हैं।

    पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मैड संधू की हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई थी। इसके साथ ही आरोपी के अन्य साथियों, उसके संपर्कों और वारदात के बाद फरार होने के रास्ते की भी जांच की जा रही है।

    मैड संधू की हत्या के मामले में इस गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस को हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है। अब पूछताछ और आगे की जांच के आधार पर इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आने की उम्मीद है।

  • STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    STF दफ्तर के पास महिला: से झपटी सोने की बालियां, बाइक सवार दो लुटेरे फरार

    फिरोजपुर में बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े एक महिला को निशाना बनाते हुए उसके कानों से सोने की बालियां झपट लीं। घटना उस समय हुई जब महिला अपने पति के साथ स्कूटर पर सवार होकर जा रही थी। वारदात के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

    स्कूटर पर पति के साथ जा रही थी महिला

    पुलिस के अनुसार, शहर निवासी सुरेंद्र कुमार अरोड़ा अपनी पत्नी उषा अरोड़ा को स्कूटर पर बैठाकर आर्मी अस्पताल की ओर जा रहे थे। सुबह करीब 10:30 बजे जब वे माल रोड पर एसटीएफ कार्यालय से कुछ आगे पहुंचे, तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक उनके पास पहुंचे।

    बताया गया है कि बाइक सवार युवकों ने स्कूटर पर पीछे बैठी महिला के कानों से सोने की बालियां झपट लीं। अचानक हुई इस वारदात के बाद आरोपी मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ाकर वहां से फरार हो गए।

    दिनदहाड़े हुई वारदात से दहशत

    घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। साथ ही बाइक सवार दोनों युवकों के बारे में सुराग जुटाए जा रहे हैं।

    आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की जा सकती है या नहीं।

    दिनदहाड़े हुई इस झपटमारी ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई है।