Blog

  • बंद मकान, किचन में नया प्लास्टर और फिर सामने आई खौफनाक सच्चाई; पुरी में बदबू से खुला मां की हत्या का राज​​​​​​

    बंद मकान, किचन में नया प्लास्टर और फिर सामने आई खौफनाक सच्चाई; पुरी में बदबू से खुला मां की हत्या का राज​​​​​​

    बंद मकान, किचन में नया प्लास्टर और फिर सामने आई खौफनाक सच्चाई; पुरी में बदबू से खुला मां की हत्या का राज - puri son kills mother hides body under kitchen slab

    पुरी में एक बेटे ने अपनी मां की हत्या कर शव को रसोईघर के स्लैब के नीचे छिपाकर प्लास्टर कर दिया। दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ, जिसके बाद पुलिस ने शव बरामद किया; आरोपी बेटा फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    पुरी शहर के कुंभाड़पड़ा थाना क्षेत्र में ‘दृश्यम’ फिल्म की कहानी जैसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोप है कि एक बेटे ने अपनी मां की हत्या करने के बाद शव को रसोईघर के स्लैब के नीचे छिपा दिया और उसके ऊपर प्लास्टर कर दिया। प्लास्टर वाली जगह से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुदाई कर शव बरामद किया। वारदात के बाद आरोपी बेटा मदन दलई (43) फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

    किरायेदारों के आधार कार्ड नहीं

    पुलिस के अनुसार, मदन दलई और उसकी मां करीब दो महीने पहले कुंभाड़पड़ा थाना क्षेत्र में मस्जिद के पास एक गली में रविनारायण साहू के मकान में किराये पर रहने आए थे। इस मकान में आठ अन्य परिवार भी किराये पर रहते हैं।

    मकान मालिक ने किरायेदारों के आधार कार्ड नहीं लिए थे, जिसके कारण उनकी पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी पुलिस के सामने स्पष्ट नहीं हो सकी।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    बताया जा रहा है कि शनिवार से मां-बेटे दिखाई नहीं दे रहे थे। इसी बीच रसोईघर में प्लास्टर किए गए हिस्से से तेज दुर्गंध आने लगी। इससे आसपास के लोगों को संदेह हुआ। मकान मालिक से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    सिटी डीएसपी रश्मिरंजन महापात्र और कुंभाड़पड़ा थाना प्रभारी विजय केतन बेहरा ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की। पुलिस ने रसोईघर में प्लास्टर किए गए हिस्से को खोला तो अंदर से महिला का शव बरामद हुआ। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।

  • बहन के साथ आपत्तिजनक हालत में था युवक, देखते ही भाई का खौल उठा खून और कर दी हत्या; हिमाचल के बद्दी में वारदात..​​​​​​

    बहन के साथ आपत्तिजनक हालत में था युवक, देखते ही भाई का खौल उठा खून और कर दी हत्या; हिमाचल के बद्दी में वारदात..​​​​​​

    हिमाचल प्रदेश के बद्दी में प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक की हत्या कर दी गई। युवती के भाई ने आपत्तिजनक स्थिति में देखकर हमला किया, जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ के मानपुर थाना के तहत लोधी माजरा के समीप जट्टी माजरा गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर एक युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक की पहचान 29 वर्षीय दीपक कुमार पुत्र लालटू सिंह, निवासी गांव दरौरा, तहसील व जिला अमरोहा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दीपक शादीशुदा था और उसकी पत्नी, बेटा तथा माता-पिता उत्तर प्रदेश में ही रहते हैं। वह रोजगार के सिलसिले में बद्दी आया था और यहां एक कंपनी में काम कर रहा था। बद्दी में वह अकेला रहता था।

    भाई ने आपत्तिजनक हालत में देख लिया

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दीपक का एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। सोमवार को युवती के भाई ने कथित तौर पर दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और युवक पर हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दीपक के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद आरोपित हुआ फरार

    घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। वारदात की सूचना मिलते ही मानपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है।

    फोरेंसिक टीम ने की पड़ताल

    मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पूछताछ और प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और पूछताछ के बाद ही हत्या के कारणों तथा वारदात में शामिल आरोपित की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस फरार आरोपित की तलाश में जुटी हुई है।

  • दोस्त का कत्ल कर रची ‘आदमखोर तेंदुए’ की साजिश: गन्ने के खेत में फेंका शव, मुरादाबाद पुलिस ने ऐसे खोला राज..​​​​​​

    दोस्त का कत्ल कर रची ‘आदमखोर तेंदुए’ की साजिश: गन्ने के खेत में फेंका शव, मुरादाबाद पुलिस ने ऐसे खोला राज..​​​​​​

    दोस्त का कत्ल कर रची 'आदमखोर तेंदुए' की साजिश: गन्ने के खेत में फेंका शव, मुरादाबाद पुलिस ने ऐसे खोला राज - moradabad man kills friend over money dispute blames leopard attack

    शाहनवाज ने रुपयों के विवाद में दोस्त जानी की हत्या कर दी और शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया ताकि यह तेंदुए का हमला लगे। मुरादाबाद पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।

    रुपयों के लेनदेन का विवाद कुछ ऐसा बढ़ा कि शाहनवाज ने दोस्त जानी के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। चूंकि, ठाकुरद्वारा में तेंदुए के हमले में अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी और कई घायल हो गए है। 16 अगस्त आरोपित शहनवाज ने भी जानी की हत्या करने के बाद शव इसलिए ही गन्ने के खेत में फेंका कि लोग तेंदुए के डर से खेतों पर नहीं जा रहे हैं।

    ऐसे में तेंदुआ या तो जानी का शव खा जाएगा और अगर किसी शव मिले भी तो लोग समझें कि तेंदुए ने शिकार किया है। हालांकि, 18 अगस्त को शव मिला। चप्पल व कपड़ों से शिनाख्त हुई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की वारदात सामने आ गई। पुलिस ने जांच के आधार पर सुराग जुटा आरोपित को दबोच लिया। 24 अगस्त को हकीकत पता चलने पर शाहनवाज को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।

    ठाकुरद्वारा क्षेत्र के वार्ड नंबर-19, मोहल्ला बहेड़ा वाला निवासी शाहनवाज और डिलारी क्षेत्र के गांव बुढ़नपुर निवासी जानी एक साल से दोस्त थे। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। दोनों के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। शाहनवाज ने उधार के रुपये लौटाने के बहाने जानी को फोन कर बुलाया था।

    16 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे जानी फोन पर बात करते हुए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। स्वजन ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मोबाइल फोन भी बंद मिला। इसके बाद 17 अगस्त को जानी की मां संतोष ने थाना डिलारी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

  • झारखंड के 45 साल पुराने मर्डर केस पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, उम्रकैद के बुजुर्ग कैदी को दी जमानत​​​​​​

    झारखंड के 45 साल पुराने मर्डर केस पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, उम्रकैद के बुजुर्ग कैदी को दी जमानत​​​​​​

    सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

    जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने इस बात पर हैरानी जताई कि हाई कोर्ट को इस मामले की अपील पर फैसला सुनाने में ही दो दशक से ज्यादा का समय लग गया।

    पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि यह मामला दिखाता है कि कैसे एक संगीन अपराध बिना सजा के रह गया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को 22 साल तक लंबे ट्रायल की प्रताड़ना झेलनी पड़ी और उसके बाद सजा के खिलाफ की गई अपील को खारिज होने में भी 22 साल और लग गए।

    क्या है 1981 का यह मामला?

    यह पूरी घटना 18 अक्टूबर 1981 की है। घटना दुमका जिले के भुरुंडिया गांव में हुई। विभूति मंडल, बनारसी मंडल और उनके परिवार के सदस्य धान की कटाई के लिए गए थे। तभी तीर-कमान और कुल्हाड़ी से लैस लोगों की भीड़ ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें विभूति और बनारसी मंडल की हत्या कर दी गई।

  • गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश -​​​​​​

    गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश -​​​​​​

    गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश
 - gurugram man murdered friends suspected in stabbing case

    गुरुग्राम में 33 वर्षीय हरिजीत कुमार की नुकीली वस्तु से हत्या कर दी गई, जिसका शव ओल्ड दिल्ली रोड पर मिला। परिवार ने मृतक के दोस्तों पर नशे को लेकर हुए झगड़े के बाद हत्या का आरोप लगाया है, पुलिस जांच में जुटी है।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। उद्योग विहार थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय एक युवक की नुकीली वस्तु घोंपकर हत्या कर दी गई। उसका शव सोमवार शाम ओल्ड दिल्ली रोड पर पार्क अस्पताल के पास लहूलुहान स्थिति में पाया गया। पुलिस ने मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान डूंडाहेड़ा गांव निवासी हरिजीत कुमार के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ रहता था और उसकी शादी अभी तक नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, हरिजीत नशे का आदी था और कोई काम नहीं करता था।

    छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर लौटा

    परिवार के लोगों ने कई बार उसे नशे की लत छुड़वाने के लिए दिल्ली के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह करीब छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर घर लौटा था, लेकिन फिर से उसी संगत में पड़ गया था।

    सोमवार सुबह हरिजीत ने परिवार को बताया था कि वह अपने दोस्तों हरकेश, मोनू नेपाली व अन्य के साथ कहीं जा रहा है। इसके बाद वह घर से निकल गया। शाम होते ही परिवार को सूचना मिली कि उसका शव पार्क अस्पताल के पास पड़ा है। राहगीरों की सूचना पर उद्योग विहार थाना पुलिस, एफएसएल और सीन आफ क्राइम की टीमें मौके पर पहुंचीं।

    दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप

    जांच में पता चला कि किसी नुकीली चीज से कई वार कर उसकी हत्या की गई है। परिवार ने दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया। स्वजन का कहना है कि आरोपितों के साथ अक्सर उसका नशा करने को लेकर झगड़ा होता था।

  • रसोइए की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप,  विधायक के दामाद समेत 9 पर हत्या का आरोप -​​​​​​

    रसोइए की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, विधायक के दामाद समेत 9 पर हत्या का आरोप -​​​​​​

    घरवालों ने विधायक व उनके दामाद समेत परिवार के नौ सदस्यों पर हत्या कर शव को पंखे से लटकाने का आरोप लगाया है। चाचा सुनील राउत के बयान पर पुलिस ने सभी पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक देवघर जिले के सारवां थाना क्षेत्र के बमतलियाडीह का रहने वाला था।

    मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतक की पत्नी शिल्पी कुमारी ने बताया कि पति छह माह से विधायक के यहां रहकर खाना बनाने का काम करते थे। सोमवार की देर शाम पति को काम पर रखवाने वाले ने फोन कर बताया कि उसके पति ने फांसी लगाकर जान दे दी है।

    सूचना मिलते ही चाचा सुनील राउत और मां मुन्नी देवी विधायक के घर गई तो देखा कि पति का शव पंखे से लटक रहा है। उनके शरीर से खून भी बह रहा था।

    पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक व उनके परिवार के सदस्याें ने पति की हत्या करने के बाद आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटका दिया है। चाचा सुनील राउत का कहना है कि भतीजे की हत्या की गई है। वह छह दिन पहले ही छुटटी से वापस काम पर आया था।

  • करोड़ों में टेस्टिकल्स बिकने का झूठा दावा, खौफनाक साजिश और भोपाल मर्डर… मास्टरमाइंड छात्र की पूरी कहानी!​​​​​​

    करोड़ों में टेस्टिकल्स बिकने का झूठा दावा, खौफनाक साजिश और भोपाल मर्डर… मास्टरमाइंड छात्र की पूरी कहानी!​​​​​​

    Featured Image

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 16 साल के एक लड़के की हत्या के मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है. पुलिस के मुताबिक इस वारदात के पीछे इंसानी अंडकोष (Testicles) को करोड़ों रुपये में बेचने का झूठा दावा था. सोशल मीडिया पर वायरल एक रील में कथित तौर पर दावा किया गया था कि खाड़ी देशों में टेस्टिकल्स की कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है. इसी फर्जी जानकारी से प्रभावित होकर आरोपियों ने एक नाबालिग को अपना निशाना बनाया.

    पुलिस ने इस मामले में 20 साल के BBA छात्र जोहेब खान को कथित मास्टरमाइंड बताया है. जांच के अनुसार जोहेब ने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताकर अपने साथियों के बीच इस झूठे दावे को सच साबित करने की कोशिश की थी. उसने चार लोगों को कथित तौर पर समझाया कि टेस्टिकल्स को 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये तक में बेचा जा सकता है. हैरानी की बात यह है कि हत्या के वक्त जोहेब मौके पर मौजूद नहीं था, बल्कि वीडियो कॉल के जरिए आरोपियों को निर्देश देता रहा.

    पुलिस के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने दो बार किसी लड़के को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी. पहली कोशिश में एक लड़के को 100 रुपये देने का लालच देकर झगड़े में मदद करने के बहाने बुलाने की योजना बनाई गई, लेकिन वह वहां पहुंचा ही नहीं. इसके बाद दूसरी कोशिश में एक अन्य लड़के को इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश हुई.

    वह युवक आरोपियों से भिड़ गया और किसी तरह वहां से भाग निकला, जिसके बाद उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ. इन दोनों कोशिशों के बाद आरोपियों ने 16 साल के उस लड़के को निशाना बनाया, जो भोपाल के इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन और की-रिंग बेचकर अपना गुजारा करता था. पुलिस के अनुसार 6 अगस्त को दो नाबालिग आरोपी उसके पास पहुंचे.

    उन्होंने उसे खटलापुरा के पास झगड़े में मदद करने के बहाने अपने साथ चलने के लिए तैयार किया. इसके बाद उसे धोबी घाट की तरफ ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस की जांच के मुताबिक लड़के को धोबी घाट के पास ले जाने के बाद आरोपियों ने उस पर चाकू से हमला किया. गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई.

    इसके बाद आरोपियों ने ब्लेड की मदद से उसके टेस्टिकल्स निकाल लिए. पुलिस का कहना है कि पूरी वारदात के पीछे यही सोच थी कि इन अंगों को किसी खरीदार को बेचकर बड़ी रकम हासिल की जा सकती है. हत्या के बाद आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए. 10 अगस्त को धोबी घाट के पास लोअर लेक से किशोर का सड़ा-गला शव बरामद किया गया.

    पोस्टमार्टम में शरीर पर घातक चोटों की पुष्टि हुई और यह भी सामने आया कि उसके टेस्टिकल्स निकाल दिए गए थे. पुलिस के सामने मृतक की पहचान भी तुरंत नहीं हो सकी. करीब पांच दिन बाद उसकी मां की गुमशुदगी की शिकायत और शरीर पर बने टैटू की मदद से उसकी पहचान की गई. पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपियों ने निकाले गए अंगों को करीब दो दिन तक एक मकान की छत पर बर्फ में पैक करके रखा.

    उनका कथित मकसद किसी ऐसे व्यक्ति को तलाशना था, जो इन अंगों को खरीद सके. लेकिन जल्द ही पूरी योजना बुरी तरह फेल हो गई. आरोपियों को न तो कोई खरीदार मिला और न ही उन्हें यह जानकारी थी कि मानव ऊतक को किस तरह सुरक्षित रखा जाए या उसकी बिक्री कैसे की जाए.

    जांच में पुलिस को पता चला कि इसके बाद जोहेब खान ने अपने साथियों को इन अंगों को अलग-अलग जलाशयों में फेंकने के लिए कहा. आरोपियों ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि टेस्टिकल्स को भोपाल की अपर लेक और लोअर लेक में फेंका गया. अब पुलिस इन दोनों झीलों में संभावित जगहों की तलाश कर रही है, ताकि सबूत बरामद किए जा सकें.

    मामले की जांच कर रहे ACP संतोष पटेल के मुताबिक आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे उन जगहों की जानकारी जुटाई जा रही है, जहां कथित तौर पर अंग फेंके गए थे. पुलिस बुधवार को अपर लेक और लोअर लेक में गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाने की तैयारी में है. हालांकि दोनों झीलों का पानी गहरा और काफी गंदा होने की वजह से तलाशी आसान नहीं होगी.

    जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर निकाले गए अंग बरामद हो जाते हैं तो इससे वारदात की कड़ियों को जोड़ने में काफी मदद मिल सकती है. इससे पुलिस आरोपियों के बयानों की भी पुष्टि कर सकेगी. फिलहाल जांच टीम उन लोगों की भी पहचान कर चुकी है, जिनसे आरोपियों ने कथित तौर पर अंग बेचने के लिए संपर्क किया था. पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर रही है कि क्या वास्तव में किसी तरह की खरीद-फरोख्त की योजना बनाई गई थी.

    पुलिस के मुताबिक इस साजिश को विश्वसनीय दिखाने के लिए जोहेब खान ने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताया था. उसने ऑनलाइन एक एप्रन, स्टेथोस्कोप और थर्मामीटर खरीदे थे. इन चीजों का इस्तेमाल वह अपने साथियों के सामने डॉक्टर या मेडिकल स्टूडेंट जैसा दिखने के लिए करता था. जांचकर्ताओं को शक है कि उसने इन्हीं सामानों के जरिए साथियों को मानव शरीर और कथित अंग निकालने की प्रक्रिया के बारे में प्रभावित करने की कोशिश की.

    पुलिस ने एप्रन, स्टेथोस्कोप और थर्मामीटर समेत संबंधित सामान बरामद कर लिया है. जांच के मुताबिक जोहेब ने अपने साथियों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि टेस्टिकल्स की कीमत करोड़ों रुपये मिल सकती है. हत्या के समय वह घटनास्थल पर नहीं था, लेकिन वीडियो कॉल के जरिए आरोपियों के संपर्क में था और कथित तौर पर उन्हें निर्देश दे रहा था.

    पुलिस को अभी तक इस मामले में किसी संगठित ऑर्गन ट्रैफिकिंग रैकेट से सीधे जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है. जांच में सामने आया है कि वारदात की शुरुआती वजह सोशल मीडिया पर फैला एक फर्जी दावा था. पुलिस के अनुसार मानव टेस्टिकल्स को खाड़ी देशों में करोड़ों रुपये में बेचे जाने की बात एक सोशल मीडिया होक्स है और इसका कोई आधार नहीं है.

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने जिन लोगों से संपर्क किया था, क्या वे वास्तव में अंग खरीदने के लिए तैयार थे या फिर पूरी योजना केवल आरोपियों की गलत जानकारी और भ्रम पर आधारित थी. पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी उन कथित अंगों की बरामदगी है, जिन्हें आरोपियों ने अपर लेक और लोअर लेक में फेंकने की बात कही है. मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों के बयानों की तस्दीक कर रही है.

  • एक हिंदू, एक मुस्लिम… विदिशा में एक ही फंदे पर लटके मिले दो जिगरी दोस्त, परिवार ने जताया हत्या का शक, गांव में पसरा मातम..​​​​​​

    एक हिंदू, एक मुस्लिम… विदिशा में एक ही फंदे पर लटके मिले दो जिगरी दोस्त, परिवार ने जताया हत्या का शक, गांव में पसरा मातम..​​​​​​

    Featured Image

    मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आदमपुर गांव के पास खेत में दो जिगरी दोस्तों के शव एक ही पेड़ पर एक ही रस्सी के सहारे लटके मिले. मृतकों की पहचान 22 साल के आकाश मीणा और 21 साल के आरिफ उर्फ बाबू के रूप में हुई है. दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और बेहद करीबी दोस्त बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद आदमपुर गांव में मातम पसर गया और दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई.

    जानकारी के मुताबिक, आकाश और आरिफ शनिवार रात अपने-अपने घर से विदिशा घूमने जाने की बात कहकर निकले थे. देर रात तक दोनों वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोग परेशान हो गए और उनकी तलाश शुरू कर दी. परिजन रातभर दोनों को आसपास के इलाकों में तलाशते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. रविवार सुबह पास के केवट गांव के एक खेत में दो युवकों के शव मिलने की सूचना मिली. मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने शवों की पहचान आकाश और आरिफ के रूप में की.

    दोनों दोस्तों की उम्र कम थी और वे लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहते और काम करते थे. ग्रामीणों के मुताबिक, आकाश और आरिफ अक्सर खेतों में साथ काम करते थे. वे अपने खेतों में काम करने के अलावा दूसरे किसानों के खेतों में भी मजदूरी करते थे. गांव वालों का कहना है कि दोनों का किसी से कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था. ऐसे में दोनों की एक साथ मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

    मृतक आकाश मीणा, उदय सिंह मीणा का बेटा था और दो भाइयों में बड़ा था. उसकी शादी कुछ महीने पहले ही हुई थी. परिवार के पास अपनी जमीन नहीं है और वे मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं. वहीं आरिफ उर्फ बाबू, शहजाद अली का बेटा था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उसके परिवार में एक बहन भी है और परिवार के पास करीब चार बीघा जमीन बताई गई है, जबकि खेती के साथ कृषि मजदूरी से भी परिवार की आय होती है.

    घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया. मौके पर फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी पहुंचकर जांच की. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की असली वजह और हालात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

    इस घटना को लेकर दोनों परिवारों ने हत्या की आशंका जताई है. परिवार वालों का कहना है कि घर में किसी तरह का विवाद नहीं था और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि दोनों दोस्त एक साथ इतना बड़ा कदम क्यों उठाएंगे. आकाश के पिता ने बताया कि दोनों घर से घूमने जाने की बात कहकर निकले थे और रातभर वापस नहीं आए. सुबह बच्चों की मौत की खबर मिली, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

    कुछ ग्रामीणों ने दावा किया है कि दोनों शवों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे और जब शव मिले तो उनके पैर जमीन को छू रहे थे. हालांकि पुलिस ने इन दावों की अभी पुष्टि नहीं की है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि मौत से पहले दोनों किन लोगों के संपर्क में थे और रात में उनके साथ क्या हुआ था?

    पुलिस अब दोनों युवकों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है. परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है. फिलहाल, आत्महत्या की वजह भी पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

    एक ही गांव के दो जिगरी दोस्तों की एक साथ मौत से पूरे आदमपुर में गम का माहौल है, जिन दो दोस्तों को ग्रामीण अक्सर साथ देखते थे, उनकी अर्थियां भी एक साथ उठीं. परिवारों के लिए यह घटना जिंदगी भर का दर्द बन गई है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रात में घूमने निकले आकाश और आरिफ खेत तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस दर्दनाक घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी.

  • केरल में पति की हैवानियत! पोर्न साइट्स पर डाले पत्नी के अंतरंग वीडियो, 4 साल की बेटी के सामने भी की शर्मनाक हरकत..​​​​​​

    केरल में पति की हैवानियत! पोर्न साइट्स पर डाले पत्नी के अंतरंग वीडियो, 4 साल की बेटी के सामने भी की शर्मनाक हरकत..​​​​​​

    Featured Image

    केरल के कोट्टियम से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां 31 साल के एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उस शख्स पर अपनी पत्नी के निजी वीडियो अश्लील वेबसाइटों पर अपलोड करने का इल्जाम है. इतना ही नहीं, आरोपी पर अपनी चार साल की बेटी के सामने अश्लील हरकत करने का भी गंभीर आरोप लगा है.

    पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से मय्यानाड का रहने वाला है और पिछले करीब चार साल से अपनी पत्नी और बेटी के साथ ब्रिटेन में रह रहा था. दोनों की शादी करीब छह साल पहले हुई थी और शादी से पहले वे एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे. बताया गया कि परिवार के ब्रिटेन में रहने के दौरान ही इस मामले की शुरुआत हुई. पत्नी के दोस्तों ने उसे उसके निजी वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने की जानकारी दी.

    महिला को जब उसके दोस्तों ने बताया कि उसके इंटीमेट वीडियोज़ पोर्नोग्राफिक वेबसाइटों पर मौजूद हैं, तो उसने कथित तौर पर अपने पति से इस बारे में बात की. महिला ने उसे ऐसा दोबारा नहीं करने की चेतावनी दी. इसके बाद उसे अपने पति पर शक हुआ और उसने उसका मोबाइल फोन चेक किया. पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में एक ऐसा वीडियो मिला, जिसमें आरोपी अपनी चार साल की बेटी की मौजूदगी में अश्लील हरकत करता नजर आया.

    इस घटना के सामने आने के बाद परिवार ब्रिटेन से वापस केरल लौट आया. पुलिस के अनुसार, केरल पहुंचने के बाद आरोपी की तीन दिनों तक काउंसलिंग भी कराई गई. हालांकि, आरोप है कि काउंसलिंग के बावजूद उसकी हरकतें नहीं रुकीं. पुलिस का कहना है कि उसने कथित तौर पर बच्ची को शामिल करते हुए एक और वीडियो रिकॉर्ड किया.

    महिला ने जब पति की इस कथित हरकत का विरोध किया तो मामला और गंभीर हो गया. आरोप है कि पति ने उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. अस्पताल में इलाज के बाद पुलिस ने महिला का बयान दर्ज किया. इसी बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

    पीटीआई के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस ने कथित वीडियो को भी देखा. इसके बाद मामले में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले POCSO एक्ट के तहत अलग से केस दर्ज किया गया. पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन घटना के बाद वह कथित तौर पर फरार हो गया था.

    पुलिस ने आरोपी को ट्रेस करने के लिए जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब मामले से जुड़े वीडियो, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. इस मामले में बच्ची की मौजूदगी से जुड़ी शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है और इसी वजह से POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.

    शिकायतकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रशांत वी. कुरुप ने आरोपी पर एक और गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि आरोपी अपनी पत्नी पर वाइफ स्वेपिंग में शामिल होने का दबाव भी बनाता था. वकील के मुताबिक, महिला ने इसके लिए कभी सहमति नहीं दी.

    अधिवक्ता कुरुप ने बताया कि आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया था और वह अपनी पत्नी के साथ ब्रिटेन गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि काउंसलिंग के बाद भी आरोपी ने कथित अपराध जारी रखे. वकील के अनुसार, महिला ने लगातार इन हरकतों का विरोध किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई.

    वकील ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि शुरुआत में महिला का बयान दर्ज करने और जांच आगे बढ़ाने में पुलिस की ओर से कुछ लापरवाही हुई. बाद में जब शिकायतकर्ता की ओर से केरल हाई कोर्ट जाने की तैयारी की गई तो पुलिस ने जांच में तेजी दिखाई.

    अधिवक्ता प्रशांत वी. कुरुप का दावा है कि केरल हाई कोर्ट का रुख करने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. आरोपी पर पत्नी के निजी वीडियो प्रसारित करने, बच्ची की मौजूदगी में कथित अश्लील हरकत करने और महिला के साथ मारपीट समेत कई गंभीर आरोप हैं.

    पुलिस की जांच में अब यह भी देखा जा रहा है कि कथित वीडियो कहां-कहां अपलोड किए गए और उन्हें किस तरह प्रसारित किया गया. साथ ही बच्ची से जुड़े आरोपों की भी POCSO कानून के तहत जांच की जा रही है. मामले में सामने आए सभी आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की कार्रवाई के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी.

  • सरकारी दफ्तर में ‘राजा बाबू’, शाही बर्थडे मनाने हाथी पर चढ़कर पहुंचे ऑफिस..​​​​​​

    सरकारी दफ्तर में ‘राजा बाबू’, शाही बर्थडे मनाने हाथी पर चढ़कर पहुंचे ऑफिस..​​​​​​

    Featured Image

    उज्जैन में बिजली कंपनी के एक सरकारी कार्यालय में जन्मदिन का जश्न सुर्खियों में आ गया है. यहां नियम-कायदों को ताक पर रखकर सहायक यंत्री का जन्मदिन मनाया गया. ढोल-नगाड़ों के साथ हाथी पर सवार होकर अधिकारी की एंट्री हुई और कार्यालय के भीतर केक काटकर पार्टी मनाई गई. अब इस जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभागीय कार्रवाई की बात कही जा रही है.

    मामला उज्जैन के मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के वल्लभ नगर जोन का है. यहां पदस्थ सहायक यंत्री रविकांत मालवीय के जन्मदिन समारोह के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

    कार्यालय के अंदर काटा गया केक
     वायरल वीडियो में सहायक यंत्री ढोल-धमाकों के बीच हाथी पर सवार होकर कार्यालय परिसर में प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं. इसके बाद कर्मचारी ढोल की थाप पर नाचते नजर आए. इतना ही नहीं, कार्यालय के अंदर ही केक काटकर जन्मदिन का जश्न मनाया गया.

    बताया जा रहा है कि रविकांत मालवीय का जन्मदिन रविवार को था, लेकिन सोमवार को समारोह के फोटो और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया. सरकारी कार्यालय में इस तरह जश्न मनाए जाने को लेकर विभागीय नियमों और कार्यालय की गरिमा पर सवाल उठने लगे हैं.

    सहायक यंत्री को नोटिस जारी
    कार्यालय में इस तरह जन्मदिन मनाना उचित और कार्यालय की गरिमा के अनुरूप नहीं है. मामले में सहायक यंत्री को नोटिस जारी किया जाएगा. साथ ही भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी कर्मचारियों को भी स्पष्ट हिदायत दी जाएगी.

    वहीं, सहायक यंत्री रविकांत मालवीय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका जन्मदिन रविवार को कार्यालय की कॉलोनी परिसर में मनाया गया था. उनका कहना है कि कार्यालय 24 घंटे खुला रहता है और पार्टी के लिए अलग से कार्यालय नहीं खुलवाया गया. अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद बिजली कंपनी इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और सरकारी कार्यालय की गरिमा से जुड़े इस जश्न पर विभाग किस तरह का फैसला लेता है.