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  • बढ़ती उम्र में वॉक करने से पहले जान लें ये जरूरी बात, घुटनों और कूल्हों पर क्या पड़ता है असर?

    बढ़ती उम्र में वॉक करने से पहले जान लें ये जरूरी बात, घुटनों और कूल्हों पर क्या पड़ता है असर?

    बढ़ती उम्र में वॉक करने से पहले जान लें ये जरूरी बात, घुटनों और कूल्हों पर क्या पड़ता है असर?

    अक्सर 50 या 60 की उम्र पार करते ही हमारे समाज में एक सलाह आम हो जाती है कि अब ज्यादा मत चलो, घुटने घिस जाएंगे!’ लेकिन क्या वाकई बढ़ती उम्र में रोज 2-3 किलोमीटर की सैर करना आपके घुटनों और कूल्हों को खराब कर सकती है या फिर यह आपको लंबे समय तक चुस्त-दुरुस्त रखने का सबसे बेहतरीन जरिया है? इस उलझन को दूर करने के लिए ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट्स से इस मिथ की सच्चाई जानने की कोशिश की।

    ISIC Multispeciality हॉस्पिटल में कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ. अपूर्व दुआ के मुताबिक पैदल चलना एक लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज है, जो बुजुर्गों के लिए आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है। हेल्दी कपल्स को नियमित रूप से बॉडी को एक्टिव रखना जरूरी है। जब तक गंभीर गठिया, चोट या लगातार दर्द की समस्या न हो, रोजाना 3-4 मील चलना नुकसान की बजाय फायदा पहुंचा सकता है।

    क्या पैदल चलने से जोड़ों को नुकसान होता है या फायदा?

    एक्सपर्ट ने बताया कई लोगों को लगता है कि ज्यादा चलने से जोड़ों का घिसाव बढ़ जाता है, लेकिन सच्चाई इसके उलट है। नियमित वॉक जोड़ों को हेल्दी रखने में मदद करती है। डॉ. दुआ बताते हैं कि पैदल चलने से जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लचीलापन बढ़ता है, वजन कंट्रोल रहता है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसके अलावा हेल्दी वेट बनाए रखने से घुटनों और कूल्हों पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता। एक्सपर्ट के मुताबिक अधिकांश लोगों के लिए वॉक के फायदे इसके संभावित जोखिमों से कहीं ज्यादा होते हैं। निष्क्रिय लाइफस्टाइल की तुलना में बॉडी को एक्टिव रखना जोड़ों के लिए बेहतर माना जाता है।

    क्या रोज चलने से गठिया हो सकता है?

    कई लोग यह मानते हैं कि सालों तक पैदल चलने से गठिया की बीमारी हो सकती है, लेकिन एक्सपर्ट इस धारणा को गलत बताते हैं। डॉ. दुआ के अनुसार रोजाना पैदल चलना गठिया का कारण नहीं बनता, बल्कि यह जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने, मांसपेशियों को मजबूत रखने और हेल्दी वेट बनाए रखने में मदद करता है, जिससे जोड़ों से जुड़ी कई समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।

    कब समझें कि आप जरूरत से ज्यादा चल रहे हैं?

    जरूरत से ज्यादा बॉडी से काम लेंगें तो बॉडी पर दबाव पड़ना संभव है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप बॉडी में होने वाले दर्द को नजरअंदाज करेंगे तो बॉडी में कई तरह की परेशानियां बढ़ सकती है। एक्सपर्ट ने बताया शरीर पर अधिक दबाव पड़ने पर कुछ परेशानियां जैसे

    • जोड़ों में लगातार दर्द
    • सूजन
    • कई घंटों तक रहने वाली अकड़न
    • लंगड़ाकर चलना
    • चलने-फिरने में कमी आना
    • आराम करने के बाद भी दर्द बने रहने जैसी दिक्क्तें हो सकती है।

    यदि पैदल चलना आपकी रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करने लगे या शरीर को रिकवर होने में अधिक समय लगने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    बुजुर्ग अपने घुटनों और कूल्हों को कैसे सुरक्षित रखें?

    विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान सावधानियां अपनाकर बुजुर्ग लंबे समय तक आराम से पैदल चल सकते हैं।

    • आरामदायक और सपोर्टिव जूते पहनें
    • समतल रास्तों पर चलें
    • हेल्दी वजन बनाए रखें
    • पर्याप्त पानी पिएं
    • स्ट्रेचिंग और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें
    • दूरी धीरे-धीरे बढ़ाएं
    • जरूरत पड़ने पर आराम करें
    • दर्द होने पर उसे नजरअंदाज न करें

    डॉ. का कहना है कि सही तरीके से की गई नियमित वॉक घुटनों और कूल्हों को घिसने की बजाय लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में मदद कर सकती है।

    डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ द्वारा साझा किए गए विचार उनके व्यक्तिगत अनुभव और चिकित्सकीय अध्ययन पर आधारित हैं। प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और जोड़ों का स्वास्थ्य अलग होता है। इसलिए, बढ़ती उम्र में कोई भी नया व्यायाम या रनिंग/वॉकिंग रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से व्यक्तिगत परामर्श ज़रूर लें।

  • राजस्थान के हनुमानगढ़ में भाई-बहन का रिश्ता शर्मसार! दरिंदा बन सगी बहन का किया रेप..

    राजस्थान के हनुमानगढ़ में भाई-बहन का रिश्ता शर्मसार! दरिंदा बन सगी बहन का किया रेप..

    राजस्थान के हनुमानगढ़ में भाई-बहन का रिश्ता शर्मसार! दरिंदा बन सगी बहन का किया रेप..

    राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. एक 21 वर्षीय कलयुगी भाई पर अपनी ही 16 साल की सगी बहन के साथ जबरन दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है. पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर ही आरोपी भाई को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. पुलिस के अनुसार, शराब के नशे में आरोपी भाई ने लड़की के साथ दरिंदगी की और धमकी भी दी कि अगर किसी से बताया तो जान ले लेगा.

    शराब के नशे में दरिंदा बना भाई

    पुलिस ने बताया कि 16 वर्षीय पीड़िता पिछले एक महीने से अपने ननिहाल में रह रही थी. बीते 26 जून की शाम को उसका 21 वर्षीय भाई मोटरसाइकिल लेकर उसे लेने ननिहाल पहुंचा था. पीड़िता के अनुसार, उसका भाई नशे की हालत में लग रहा था और उसका व्यवहार अजीब था. अनहोनी की आशंका को देखते हुए पीड़िता ने भाई से नोहर होकर चलने और घर पर पिता को फोन करने की बात कही, लेकिन आरोपी भाई ने फोन करने से मना कर दिया.

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि नोहर पहुंचने पर उसने चप्पल-जूती खरीदने का बहाना भी बनाया, ताकि किसी तरह मदद मिल सके, लेकिन आरोपी उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर गांव की तरफ ले गया. रास्ते में सुनसान इलाके के पास आरोपी ने मोटरसाइकिल रोक दी और पीड़िता के साथ छेड़छाड़ व गलत हरकतें करने लगा. नाबालिग बहन द्वारा विरोध करने पर भी आरोपी नहीं माना. उसने पीड़िता को डराया-धमकाया और उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया.

    अगले दिन पीड़िता ने मां को बताया दर्द

    दरिंदगी के बाद आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने यह बात घर में किसी को भी बताई, तो वह उसे जान से मार देगा. खौफजदा नाबालिग डर के मारे उस दिन चुप रही और भाई के साथ घर लौट आई. अगले दिन जब पीड़िता का हौसला बढ़ा, तो उसने अपने साथ हुई इस खौफनाक आपबीती की जानकारी अपनी माता और मौसी को दी. घटना सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. इसके बाद, 28 जून 2026 को पीड़िता अपनी माता के साथ फेफाना थाने पहुंची और आरोपी भाई के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिस पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को महज 24 घंटे में दबोच लिया.

  • पपीता क्यों है पाचन के लिए फायदेमंद? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया सेवन का सही तरीका..

    पपीता क्यों है पाचन के लिए फायदेमंद? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया सेवन का सही तरीका..

    पपीता क्यों है पाचन के लिए फायदेमंद? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया सेवन का सही तरीका..

    क्या आप भी आए दिन पेट फूलने, कब्ज या अपच जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं? अगर हां, तो पपीता इसका एक बेहतरीन और सरल समाधान हो सकता है। पपीते में मौजूद खास एंजाइम भोजन को तेजी से तोड़ने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने का काम करते हैं। मगर सेहत के लिहाज से इसके फायदे यहीं खत्म नहीं होते। ये फल स्किन में निखार लाने से लेकर इम्यूनिटी बढ़ाने तक शरीर के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। पानी से भरपूर पपीता में फाइबर, विटामिन A, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं जो पाचन को दुरुस्त करते हैं और इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं।

    आयुर्वेदिक विशेषज्ञ आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, पपीता औषधीय गुणों से भरपूर फल है, जो पेट से लेकर आंतों तक की सफाई करता है। जिन लोगों को खाना आसानी से पचता नहीं है वो रोजाना खाने के बाद 100 ग्राम पपीता खा लें। जिन लोगों का पाचन खराब रहता है वो पपीता का सेवन सुबह खाली पेट करें फायदा होगा। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि पपीता का सेवन सेहत को कौन कौन से फायदे पहुंचाता है।

    पपीता कैसे पाचन के लिए होता है अमृत

    पपीते में पेपेन (Papain) नामक एंजाइम पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है। जिन लोगों को अपच, गैस या कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए पपीता फायदेमंद साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित रूप से पपीता खाने से पुरानी कब्ज की समस्या में भी राहत मिल सकती है।

    journal of Medicinal Food और U.S. National Institutes of Health (NIH) की रिसर्च में क्रोनिक कॉन्स्टिपेशन यानी पुरानी कब्ज और इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम (IBS) से पीड़ित मरीजों पर किए गए एक क्लिनिकल ट्रायल में पाया गया, जिन मरीजों को नियमित रूप से पपीते का अर्क दिया गया उनमें नतीजे चौंकाने वाले थे। Medical News Today के मुताबिक पपीते के सेवन से मरीजों का पेट साफ होने की फ्रीक्वेंसी में सुधार हुआ। मल का कड़ापन दूर हुआ और गंभीर कब्ज व पेट फूलने (Bloating) की समस्या में 70% तक की कमी दर्ज की गई।

    पपीते के सेहत के लिए फायदे

    पपीता का सेवन शरीर को हाइड्रेट करता है। गर्मी में बॉडी को पानी से तर रखने वाला ये फल शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। पपीते में लगभग 88 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए यह गर्मियों में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। इसका सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद कर सकता है।

    विटामिन C और विटामिन A से भरपूर पपीता शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करता है। इसका सेवन करने से बीमारियों से लड़ने की क्षमता मजबूत होती है। इसका नियमित सेवन संक्रमण और मौसमी बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है। जिन लोगों का वजन ज्यादा है और वो वेट को कंट्रोल करना चाहते हैं तो वो पपीता का सेवन करें। पपीता कम कैलोरी और अधिक फाइबर वाला फल है। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है।

    पपीते में मौजूद फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। इससे दिल की सेहत में सुधार होपता है और दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है। विटामिन A से भरपूर पपीता आंखों की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इसका सेवन आंखों की सामान्य कार्यक्षमता बनाए रखने और आंखों को हेल्दी रखने में मदद कर सकता है।
    पपीता खाने का सही समय क्या है?

    विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पपीता पाचन सुधारने के उद्देश्य से खा रहे हैं तो सुबह खाली पेट इसका सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। वहीं कुछ लोग इसे नाश्ते में या दोपहर के भोजन के बाद भी खा सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या के इलाज के लिए डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

  • ड्राई फ्रूट्स के शौकीन हैं? गर्मियों में इन्हें डाइट में शामिल करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें..

    ड्राई फ्रूट्स के शौकीन हैं? गर्मियों में इन्हें डाइट में शामिल करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें..

    ड्राई फ्रूट्स के शौकीन हैं? गर्मियों में इन्हें डाइट में शामिल करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें..

    हम सभी जानते हैं कि ड्राई फ्रूट्स का सेवन सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और एनर्जी देने में मदद करता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर ड्राई फ्रूट्स की तासीर गर्म होती है, तो क्या गर्मियों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए? अधूरी जानकारी और सोशल मीडिया पर किए जाने वाले कई दावों के कारण लोग या तो गर्मियों में ड्राई फ्रूट्स खाना पूरी तरह बंद कर देते हैं या फिर उनका गलत तरीके से सेवन करते हैं। इससे कुछ लोगों को पेट खराब होना, एसिडिटी, अपच या शरीर में अत्यधिक गर्मी महसूस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको गर्मियों में ड्राई फ्रूट्स से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर ड्राई फ्रूट्स गर्मियों में भी शरीर को जरूरी पोषक तत्व, ऊर्जा और कई तरह के फायदे पहुंचा सकते हैं।

    यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन एवं डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. रंगा संतोष कुमार के अनुसार, ड्राई फ्रूट्स केवल सर्दियों के लिए ही फायदेमंद नहीं होते, बल्कि गर्मियों में भी सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर ये शरीर को कई फायदे पहुंचा सकते हैं। उनका कहना है कि सूखे मेवे शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं साथ ही साथ कमजोरी और थकान को दूर करते हैं। बॉडी में एनर्जी के स्तर को बनाएं रखने के लिए और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर करने के लिए गर्मी में भी ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना जरूरी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि ड्राई फ्रूट्स के सेवन से सेहत को क्या-क्या फायदे मिलते हैं और गर्मियों में इन्हें खाने का सही तरीका क्या है।

    गर्मी में बादाम खाएं

    गर्मी में भीगे हुए बादाम खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। बादाम में विटामिन ई, मैग्नीशियम, फाइबर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। Journal of Food Science and Technology और European Journal of Nutrition के अनुसार, बादाम के छिलके में टैनिन (Tannin) होता है, जो प्रोटीन और आयरन का अवशोषण रोकता है। जब बादाम को 8 से 12 घंटे भिगोया जाता है, तो इसका फाइटिक एसिड का स्तर कम हो जाता है और लाइपेज (Lipase) नामक एंजाइम एक्टिव होता है, जो शरीर को फैट्स और विटामिन-ई को आसानी से पचाने में मदद करता है।

    पिस्ता और पिस्ता खाएं

    पिस्ता प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है। भीगा हुआ पिस्ता शरीर में सूजन को कम करने और पोषण की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। काजू में हेल्दी फैट, फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स मौजूद होते हैं। इसमें पाए जाने वाले कॉपर और जिंक जैसे पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मददगार हो सकते हैं। गर्मियों में काजू को भिगोकर खाने से इसे पचाना आसान हो जाता है।

    Food Chemistry और International Journal of Food Sciences and Nutrition काजू और पिस्ता में जिंक, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स का जटिल ढांचा होता है। गर्मियों में इन्हें बिना भिगोए खाने से पेट में गर्मी और भारीपन हो सकता है। रिसर्च साबित करती है कि भिगोने से इनके स्टार्च और डेंस फैट्स का ब्रेकडाउन हो जाता है, जिससे यह आंतों (Gut) के लिए हल्के हो जाते हैं और इम्यून सिस्टम को तुरंत जिंक की आपूर्ति करते हैं।

    अखरोट

    ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर अखरोट मस्तिष्क और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। भीगे हुए अखरोट का सेवन शरीर में सूजन को कम करने और ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। The American Journal of Clinical Nutrition और Nutrients Journal की रिसर्च के मुताबिक अखरोट अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) यानी प्लांट-बेस्ड ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे बड़ा स्रोत है। क्लिनिकल ट्रायल्स में पाया गया है कि भीगे हुए अखरोट का सेवन धमनियों की सूजन को कम करता है, जिससे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली (Cognitive Function) बेहतर होती है और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटता है।

    किशमिश और अंजीर खाएं

    भीगी हुई किशमिश फाइबर, आयरन और पोटैशियम का अच्छा स्रोत होती है। इसका सेवन पाचन को बेहतर बनाने, ऊर्जा बढ़ाने और शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करने में मदद कर सकता है। अंजीर को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है। फाइबर से भरपूर भीगी हुई अंजीर पाचन को दुरुस्त रखने, शरीर की कमजोरी दूर करने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकती है। Journal of Agricultural and Food Chemistry और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी रिपोर्ट्स के मुताबिक किशमिश और अंजीर में अघुलनशील और घुलनशील फाइबर का बेहतरीन  कॉम्बिनेशन होता है। जब इन्हें भिगोया जाता है, तो ये पानी सोखकर फूल जाते हैं और आंतों में जाकर एक नेचुरल लैक्सेटिव (Laxative) की तरह काम करते हैं। रिसर्च के अनुसार, भीगी हुई किशमिश से शरीर नॉन-हीम आयरन (Non-heme Iron) को बिना भीगी किशमिश की तुलना में 40% ज्यादा तेजी से अवशोषित करता है।

    खजूर

    खजूर में फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को ऊर्जा देने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। International Journal of Food Sciences and Nutrition की एक समीक्षा के मुताबिक खजूर पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसी प्राकृतिक शर्करा का पावर हाउस है। गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं। सीमित मात्रा में भीगे खजूर का सेवन शरीर में तुरंत ग्लाइकोजन के स्तर को रीस्टोर करता है, जिससे गर्मियों में होने वाली सुस्ती और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है।

    कैसे करें सेवन?

    विशेषज्ञों के अनुसार, ड्राई फ्रूट्स को रातभर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करना बेहतर माना जाता है। गर्मियों के मौसम में ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर (Soaking) खाना आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस और क्लिनिकल रिसर्च के मानकों पर सबसे सही और वैज्ञानिक तरीका माना गया है। सूखे मेवों में प्राकृतिक रूप से फाइटिक एसिड (Phytic Acid) और एंजाइम इन्हिबिटर्स (Enzyme Inhibitors) होते हैं, जो शरीर को इनके पोषक तत्व पूरी तरह सोखने से रोकते हैं। भिगोने से ये तत्व निकल जाते हैं, इनकी तासीर सामान्य होती है और ये आसानी से पच जाते हैं। हालांकि, इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है। गर्मियों में सही तरीके से और संतुलित मात्रा में खाए गए ड्राई फ्रूट्स शरीर को पोषण, ऊर्जा और कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी और एक्सपर्ट की सलाह पूरी तरह से सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। जर्नल रिसर्च और डॉक्टर के सुझावों के बावजूद, हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति, पाचन तंत्र और स्वास्थ्य स्थितियां अलग हो सकती हैं। गर्मियों में अपनी डाइट में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव करने या औषधीय रूप में मेवों का सेवन शुरू करने से पहले अपने व्यक्तिगत डॉक्टर या प्रमाणित डाइटिशियन (Nutritionist) से परामर्श जरूर लें।

  • शनि नक्षत्र परिवर्तन का असर: 2 जुलाई से इन 4 राशियों के लिए कठिन समय के संकेत..

    शनि नक्षत्र परिवर्तन का असर: 2 जुलाई से इन 4 राशियों के लिए कठिन समय के संकेत..

    शनि नक्षत्र परिवर्तन का असर: 2 जुलाई से इन 4 राशियों के लिए कठिन समय के संकेत..

    जुलाई के शुरुआत में ही शनि देव नक्षत्र परिवर्तन करेंगे।  2 जुलाई 2026 को सुबह 8 बजकर 22 मिनट पर शनि देव रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में गोचर करेंगे। ज्योतिषों के अनुसार, शनि गोचर अत्यंत ही प्रभावी और महत्वपूर्ण घटना होती है। शनि का नक्षत्र परिवर्तन इन राशियों के मुश्किलों भरा रहेगा। इन 4 राशि के जातकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। तो चलिए जानते हैं कि किन राशियों को 2 जुलाई से सावधान रहने की जरूरत है।

    1. मेष राशि

    शनि का नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि वालों के लिए कई चुनौतियां लेकर आएगा। आर्थिक स्थिति डगमगा सकती है। धन हानि की प्रबल संभावना है इसलिए इस समय निवेश करने से बचें। इसके अलावा बजट बनाकर खर्च करें वरना पानी की तरह पैसे बह सकते हैं। मानसिक तनाव भी हो सकता है।  तो मेष राशि के जातक इस समय अधिक सावधानी बरतें।

    2. सिंह राशि

    शनि का नक्षत्र गोचर सिंह राशि वालों के लिए अच्छा नहीं रहेगा। नौकरी पेशा लोगों को कार्यस्थल पर साथी कर्मचारियों के साथ बहस हो सकती है। इसके अलावा काम का दबाव भी रहेगा। करियर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इस समय आपको अपने गुस्से और वाणी पर कंट्रोल रखना होगा। कारोबार में घाटा देखने को मिलेगा, जिससे आर्थिक हानि हो सकती है।

    3. वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि वालों पर शनि नक्षत्र परिवर्तन का नकारात्मक असर देखने को मिलेगा। आपका मानसिक तनाव बढ़ सकता है। पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा न करें वरना भारी धन हानि हो सकती है। इस समय उधार देने और निवेश करने से भी बचें। धन हानि की संभावना है इसलिए सर्तक रहें।

    4. कुंभ राशि

    कुंभ राशि के स्वामी शनि देव है लेकिन इन पर भी शनि नक्षत्र गोचर का प्रभाव देखने को मिलेगा। इनके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। इस राशि के कारोबारी कोई भी डील फाइनल करने से पहले अच्छे से सोच-विचार कर लें। किसी से वाद-विवाद हो सकता है इसलिए बहस करने से बचें।

    शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय

    • शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर शनि देव को सरसों तेल और तिल अर्पित करें।
    • प्रतिदिन या हर शनिवार ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
    • शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए हनुमान जी की आराधना करें। मंगलवार और शनिवार को बजरंगबली की पूजा के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    • शनिवार के दिन पीपल पेड़ में जल अर्पित करें और शाम के समय सरसों तेल का दीया जलाएं।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • IND vs ENG T20 Series: टीवी और मोबाइल पर कैसे देखें लाइव मैच? जानिए पूरी डिटेल..

    IND vs ENG T20 Series: टीवी और मोबाइल पर कैसे देखें लाइव मैच? जानिए पूरी डिटेल..

    IND vs ENG T20 Series: टीवी और मोबाइल पर कैसे देखें लाइव मैच? जानिए पूरी डिटेल..

    भारत और इंग्लैंड के बीच अब टी20 सीरीज शुरू होने वाली है। श्रेयस अय्यर का कप्तान के तौर पर आगाज काफी खराब हुआ है। आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 इंटरनेशनल मैच हारने के बाद अब उन पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच टीम इंडिया अब इंग्लैंड पहुंच चुकी है। एक जुलाई से पांच टी20 मैचों की सीरीज शुरू होगी। इससे पहले ​कि मुकाबला शुरू हो, आपको पता होना चाहिए कि टीवी और मोबाइल पर आप मैचों को लाइव कैसे देख पाएंगे।

    भारत बनाम इंग्लैंड टी20 सीरीज के मैच सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियो हॉट स्टार पर देखें लाइव

    टीम इंडिया अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी में इंग्लैंड के दौरे पर है। टी20 सीरीज का आगाज एक जुलाई से होगा, जिसमें पांच मुकाबले खेले जाने हैं। इन मैचों का लाइव प्रसारण आप टीवी पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर देख पाएंगे। वहीं अगर आप मोबाइल पर मैच देखना चाहते हैं तो उसके लिए आपको जियो हॉट स्टार पर जाना होगा। ये बात साफ तौर पर समझ लीजिए कि टीवी पर आप स्टार स्पोर्ट्स और मोबाइल पर सोनी लिव एप पर मैच नहीं देख पाएंगे। हां, इतना जरूर है कि अगर आपके पास डीडी फ्री डिश का कनेक्शन है तो आप डीडी स्पोर्ट्स पर भी मैचों का लाइव आनंद ले सकते हैं।

    श्रेयस अय्यर के सामने होगी हैरी ब्रूकी की चुनौती

    भारतीय टीम के सामने इंग्लैंड की कड़ी चुनौती आने वाली है। टीम इंडिया की कप्तानी इस सीरीज के दौरान जहां एक ओर श्रेयस अय्यर संभाल रहे हैं, जो नए नए कप्तान बने हैं और शुरुआत में ही आयरलैंड के बैक टू बैक दो मैच हार चुके हैं, वहीं इंग्लैंड की कमान हैरी ब्रूक के हाथ में है, जो लंबे समय से टीम की कप्तानी कर रहे हैं और अच्छा खेल भी दिखा रहे हैं। इंग्लैंड की पिचों पर टीम इंडिया के धुरंधरों की कड़ी और बड़ी परीक्षा होगी, ये बात तो तय सी नजर आ रही है।

    भारतीय क्रिकेट टीम: श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, हर्षित राणा, ईशान किशन, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, सूर्यांश शेडगे, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर।

    इंग्लैंड क्रिकेट टीम: हैरी ब्रूक, जोफ्रा आर्चर, सन्नी बेकर, टॉम बेंटन, जैकब बैथल, जॉस बटलर, जेम्स कोल्स, जॉर्डन कॉक्स, सैम करन, लियाम डॉसन, विल जैक्स, सादिक महमूद, आदिल रशीद, रेहान अहमद, फिल साल्ट, जोश टंग, ल्यूक वुड।

  • भारत-इंग्लैंड के बीच आज होगी टी20 की जंग, जानिए किस टीम का रिकॉर्ड है भारी

    भारत-इंग्लैंड के बीच आज होगी टी20 की जंग, जानिए किस टीम का रिकॉर्ड है भारी

    भारत-इंग्लैंड के बीच आज होगी टी20 की जंग, जानिए किस टीम का रिकॉर्ड है भारी

    भारतीय क्रिकेट टीम की अब एक बड़ी परीक्षा होनी है। खास तौर पर नए कप्तान बनाए गए श्रेयस अय्यर के सामने बड़ी चुनौती है। भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला अब कुछ ही घंटे की दूरी पर है। पहला मैच 1 जुलाई की शाम को खेला जाएगा। जो टीम आयरलैंड जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम से लगातार दो मैच हार गई हो, उसके लिए इंग्लैंड को हराना किसी पहाड़ पर चढ़ने जैसा होने वाला है। इस बीच चलिए ये जानते हैं कि भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक कितने टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और इसमें से किस टीम ने कितनी बार बाजी मारी है।

    साल 2007 के आईसीसी टी20 विश्व कप में खेला गया था दोनों टीमों के बीच पहला मैच

    भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला साल 2007 में खेला गया था। तब टीम इंडिया की कप्तानी एमएस धोनी के पास थी, वहीं इंग्लैंड की कमान पॉल कॉलिंगवुड संभाल रहे थे। ये मैच टी20 विश्व कप के तहत खेला गया था। ये वही मुकाबला था, जिसमें युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाकर इतिहास रचा था। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 218 रन बना ​दिए थे, इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 200 रन ही बना सकी ​थी और भारत ने 18 रन से इस मैच को अपने नाम किया था।

    भारत बनाम इंग्लैंड हेड टू हेड में टीम इंडिया को बढ़त

    तब से लेकर अब तक भारत और इंग्लैंड के बीच 30 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले हो चुके हैं। इसमें से 18 मैच भारत ने जीते हैं और 12 में इंग्लैंड ने बाजी अपने नाम की है। यानी टीम इंडिया को हेड टू हेड में एडवांटे​ज दिखाई दे रहा है। लेकिन पुराने आंकड़े देखने के लिए होते हैं, टीम आज की तारीख में कैसा खेल दिखाएगी, ये अपने आप में अहम होता है।

    श्रेयस अय्यर के सामने प्लेइंग इलेवन चुनने की भी चुनौती

    भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने बड़ी चुनौती है, जिसका सामना उन्हें करना होगा। पहले मैच में वे किस टीम कॉबिनेशन के साथ उतरते हैं, इसे भी देखना दिलचस्प होगा। आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया, इसको लेकर भी सवालों की झड़ी सी लगी है। क्या अब वैभव का नंबर आएगा या फिर उसी प्लेइंग इलेवन के साथ टीम उतरेगी, ये देखना मजेदार होगा। हालांकि ये सभी को पता है कि भारत की सलामी जोड़ी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन आयरलैंड सीरीज के दौरान बुरी तरह से फ्लॉप रही। क्या इसे बदला जाएगा।

    हैरी ब्रूक कर रहे हैं इंग्लैंड के लिए बेहतरीन प्रदर्शन

    इस बीच इंग्लैंड की बात की जाए तो हैरी ब्रूक के पास अब कप्तानी का अच्छा खासा अनुभव हो चुका है। टीम ने उनकी कप्तानी में अच्छा प्रदर्शन भी किया है। टीम में जॉस बटलर और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ी भी हैं, जो भारतीय टीम की परीक्षा लेने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाले। कुल मिलाकर अभी तो यही लगता है कि दोनों टीमें जब आमने सामने होंगी, तो मुकाबला काफी रोचक होगा।

  • ‘सबसे करीबी इंसान को खो दिया’, कृषि थापंडा के फ्लैट में शादीशुदा दोस्त ने दी जान…

    ‘सबसे करीबी इंसान को खो दिया’, कृषि थापंडा के फ्लैट में शादीशुदा दोस्त ने दी जान…

    ‘सबसे करीबी इंसान को खो दिया’, कृषि थापंडा के फ्लैट में शादीशुदा दोस्त ने दी जान…

    मशहूर कन्नड़ एक्ट्रेस कृषि थापंडा हाल ही में अपने बिजनेसमैन दोस्त वैशाक की मौत के बाद चर्चा में आ गईं। अभिनेत्री के दोस्त ने उनके बेंगलुरु के एआर नगर स्थित उनके अपार्टमेंट में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिसके चलते तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर शांति नहीं है। वैशाक की मौत को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लोग जानना चाहते हैं कि आखिर उन्होंने ये कदम क्यों उठाया। इन तमाम चर्चाओं के बीच पहली बार कृषि थापंडा ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है। एक्ट्रेस ने एक पोस्ट साझा करते हुए अपने दोस्त वैशाक की मौत और इसे लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है।

    वैशाक की मौत से सदमे में कृषि

    कृषि थापंडा ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपने दोस्त की मौत पर अपना दुख जाहिर किया है। अपने पोस्ट में कृषि ने लिखा- ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इस तरह ऐसा कुछ लिखना पड़ेगा वो भी ऐसे समय में। जो काम मैं सबसे आखिरी में करना चाहती थी, वह था सार्वजनिक बयान। लेकिन, मुझे ऐसा करना पड़ रहा है क्योंकि मुझ पर मेरे दोस्तों और परिवार का बहुत दबाव है। लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं और सवाल पूछे जा रहे हैं। जब हम एक ऐसे नुकसान से गुजर रहे हैं, जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी, हमसे उम्मीद जताई जा रही है कि हम सफाई दें। पिछले कुछ दिनों में मेरी जिंदगी कुछ ऐसे बदल गई, जिसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी।’

    मैंने अपने सबसे करीबी व्यक्ति को खो दिया- कृषि थापंडा

    एक्ट्रेस ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- ‘मेरे पास इसे लिखने या इसे दुनिया के सामने लाने की न तो हिम्मत है और न ही मानसिक शक्ति। पिछले दिनों जो कुछ भी हुआ है, उसमें मैंने एक ऐसे इंसान को भी खो दिया है जो मेरे दिल के बहुत करीब था। एक ऐसा इंसान जिसने हमेशा मेरा साथ दिया, मेरी रक्षा की और मेरी पूरे दिल से परवाह की। उसे खोने से मेरी जिंदगी में जो खालीपन आया है, उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मुझे नहीं पता कि मैं इस नुकसान को कभी स्वीकार कर भी पाऊंगी या नहीं।’

    लगातार लगाई जा रही हैं अटकलें- कृषि

    कृषि ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- ‘मैं लंबे समय से दर्द से गुजर रही हूं और अब मैं एक और ऐसे नुकसान का दुख झेल रहा हूं जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की  थी। जिस चीज ने इसे और भी मुश्किल बना दिया है वो ये है कि मुझे इस पर रोने तक का समय नहीं मिला। जब उनका परिवार, दोस्त और चाहने वाले एक ऐसे नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, तब लगातार इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं और किसी की मौत को एक कहानी में बदलने की कोशिश की जा रही है। जो भी लोग मेरे लिए प्रार्थना कर रहे हैं, मेरा हाल जानने की कोशिश कर रहे हैं, आप सबकी दयालुता के लिए धन्यवाद। मैं दोस्तों और परिवार से घिरी हूं और जो भी थोड़ी-बहुत ताकत बची है, उसके जरिए जो कुछ हुआ उससे उबरने की कोशिश कर रही हूं।’

    प्राइवेसी की रिक्वेस्ट

    कृषि थापंडा ने अपने पोस्ट में लिखा- ‘एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया है। दोस्त हैं जिन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति को खो दिया है जिसे वे शब्दों से कहीं अधिक प्यार करते थे। ऐसे कई लोग हैं, जो इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए कृपया हमें शांति से शोक मनाने के लिए प्राइवेसी दें। मानसिक स्वास्थ्य नाजुक होता है। दुख भी नाज़ुक होता है। अगर आप किसी को खुशी नहीं दे सकते तो उसके दुख का भी कारण न बनें और कम से कम किसी के उम्मीद खोने की वजह न बनें। कृपया इसे बंद कर दें।’