विटामिन A, D, E और आयरन की ज्यादा खुराक बन सकती है खतरा! थकान, मतली और कमजोरी को न करें नजरअंदाज.

विटामिन A, D, E और आयरन की ज्यादा खुराक बन सकती है खतरा! थकान, मतली और कमजोरी को न करें नजरअंदाज.
विटामिन A, D, E और आयरन की ज्यादा खुराक बन सकती है खतरा! थकान, मतली और कमजोरी को न करें नजरअंदाज.

आजकल फिट रहने और शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए कई लोग विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट लेने लगते हैं। कुछ लोग बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के ही विटामिन A, विटामिन D, विटामिन E और आयरन की गोलियां लेना शुरू कर देते हैं। जबकि शरीर को इन पोषक तत्वों की जरूरत जरूर होती है, लेकिन इनकी जरूरत से ज्यादा मात्रा नुकसान भी पहुंचा सकती है।

थकान और कमजोरी को अक्सर पोषक तत्वों की कमी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इन लक्षणों के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। कुछ मामलों में सप्लीमेंट की अधिक मात्रा से भी तबीयत बिगड़ सकती है। खासकर विटामिन A और D जैसे वसा में घुलने वाले विटामिन शरीर में जमा हो सकते हैं। वहीं, आयरन और विटामिन E की अत्यधिक मात्रा भी गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकती है।

इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को नियमित रूप से लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि उसकी जरूरत है या नहीं और कितनी मात्रा सुरक्षित है।

1. विटामिन D की अधिक मात्रा से बढ़ सकता है कैल्शियम

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। लेकिन लंबे समय तक इसकी बहुत अधिक खुराक लेने से खून में कैल्शियम का स्तर बढ़ सकता है। इस स्थिति को हाइपरकैल्सीमिया कहा जाता है।

विटामिन D की अधिकता से ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • मतली और उल्टी।
  • भूख कम लगना और कब्ज।
  • असामान्य थकान या कमजोरी।
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना।
  • गंभीर मामलों में किडनी को नुकसान और हृदय की धड़कन में गड़बड़ी।

विटामिन D की विषाक्तता आमतौर पर सप्लीमेंट की अत्यधिक मात्रा लेने से होती है, न कि सामान्य भोजन या थोड़ी देर धूप में रहने से। लंबे समय तक बिना निगरानी के हाई-डोज सप्लीमेंट लेना जोखिम भरा हो सकता है।

2. कैल्शियम सप्लीमेंट भी जरूरत के अनुसार लें

कैल्शियम हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी मिनरल है। हालांकि, बिना जरूरत या अत्यधिक मात्रा में कैल्शियम सप्लीमेंट लेने से कुछ लोगों में खून में कैल्शियम बढ़ने, किडनी स्टोन या दूसरी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसका खतरा व्यक्ति की खुराक, स्वास्थ्य और अन्य दवाओं पर निर्भर करता है।

कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए दूध, दही, पनीर, कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ और कुछ हरी सब्जियां उपयोगी हो सकती हैं। सप्लीमेंट की जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह से लें। यह मानना सही नहीं है कि कैल्शियम के साथ विटामिन D न लेने पर कैल्शियम अनिवार्य रूप से धमनियों में जमा हो जाता है।

3. विटामिन E की ज्यादा खुराक से बढ़ सकता है रक्तस्राव का खतरा

विटामिन E एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है। सामान्य भोजन से मिलने वाला विटामिन E शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी हाई-डोज सप्लीमेंट लेने से नुकसान हो सकता है।

बहुत अधिक मात्रा में विटामिन E लेने से खून के थक्के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। यह जोखिम खासकर उन लोगों में महत्वपूर्ण है जो खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं।

इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के विटामिन E की हाई-डोज कैप्सूल या लंबे समय तक सप्लीमेंट लेने से बचें। यह भी ध्यान रखें कि हर व्यक्ति में एक ही खुराक से समान प्रभाव नहीं होता।

4. विटामिन A की अधिकता हड्डियों और लिवर को पहुंचा सकती है नुकसान

विटामिन A आंखों की सामान्य कार्यक्षमता, प्रतिरक्षा प्रणाली और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। लेकिन इसकी अधिक मात्रा, खासकर रेटिनॉल के रूप में मिलने वाले सप्लीमेंट का लंबे समय तक अधिक सेवन, शरीर में विषाक्तता पैदा कर सकता है।

इसके संभावित लक्षणों में शामिल हैं:

  • सिरदर्द और मतली।
  • त्वचा का रूखापन या छिलना।
  • बाल झड़ना।
  • हड्डियों और जोड़ों में दर्द।
  • लिवर को नुकसान।

लंबे समय तक विटामिन A की अधिकता हड्डियों को भी प्रभावित कर सकती है। गर्भावस्था के दौरान इसकी अधिक मात्रा गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए गर्भवती महिलाएं विटामिन A वाले सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।

5. आयरन की गोलियां बिना जांच के न लें

आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। आयरन की कमी होने पर डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन बिना जरूरत आयरन लेना सही नहीं है।

आयरन की अधिक मात्रा से पेट दर्द, मतली, उल्टी और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बहुत अधिक मात्रा में आयरन का सेवन गंभीर विषाक्तता पैदा कर सकता है। लंबे समय तक शरीर में आयरन जमा होने से लिवर, हृदय और दूसरे अंग प्रभावित हो सकते हैं, खासकर कुछ आनुवंशिक स्थितियों में।

थकान या कमजोरी होने का मतलब यह नहीं है कि आपको आयरन की गोलियां शुरू कर देनी चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार खून की जांच और अन्य परीक्षण कराकर इसकी कमी का पता लगा सकते हैं।

बच्चों के लिए विशेष सावधानी: आयरन की गोलियां बच्चों की पहुंच से दूर रखें। गलती से ज्यादा गोलियां निगल लेना बच्चों में जानलेवा विषाक्तता पैदा कर सकता है। ऐसा होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

सप्लीमेंट की अधिकता के शुरुआती संकेत क्या हो सकते हैं?

कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है:

  • लगातार मतली या उल्टी।
  • पेट दर्द या कब्ज।
  • असामान्य कमजोरी और थकान।
  • भूख कम लगना।
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना या बार-बार पेशाब आना।
  • सिरदर्द या हड्डियों में दर्द।

हालांकि, ये लक्षण केवल सप्लीमेंट की अधिकता के कारण नहीं होते। संक्रमण, खून की कमी, थायरॉइड की समस्या, नींद की कमी और दूसरी स्वास्थ्य स्थितियां भी इनके पीछे हो सकती हैं। यदि आप सप्लीमेंट ले रहे हैं और ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर को उसका नाम, खुराक और सेवन की अवधि बताएं।

किन लोगों को सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है?

हर व्यक्ति को अलग से विटामिन या मिनरल सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं होती। लेकिन कुछ परिस्थितियों में इनकी आवश्यकता हो सकती है, जैसे:

  • खून की जांच में आयरन या किसी विटामिन की कमी सामने आना।
  • कुछ बीमारियों के कारण पोषक तत्वों का ठीक से अवशोषित न होना।
  • गर्भावस्था या जीवन के कुछ खास चरणों में बढ़ी हुई पोषण संबंधी जरूरतें।
  • कुछ प्रकार के आहार में किसी पोषक तत्व की कमी का जोखिम।
  • डॉक्टर द्वारा किसी बीमारी या उपचार के कारण सप्लीमेंट की सलाह दिया जाना।

सप्लीमेंट की जरूरत और खुराक उम्र, स्वास्थ्य, खानपान, जांच के नतीजों और ली जा रही दवाओं पर निर्भर करती है।

प्राकृतिक भोजन से पोषण कैसे पाएं?

संतुलित आहार से कई जरूरी पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं।

  • विटामिन A: गाजर, शकरकंद, पालक और अन्य हरी या

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