
हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में तैनात पिंकी यादव का जूनियर इंजीनियर (JE) पद पर प्रमोशन रद्द कर दिया गया है। पिंकी यादव भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दयाराम यादव की बेटी हैं। विभागीय जांच में हिमाचल प्रदेश की अरनी यूनिवर्सिटी से प्राप्त उनके सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा को फर्जी बताए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। अब उन्हें वापस उनके मूल क्लर्क पद पर भेजने के आदेश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, पिंकी यादव को 10 सितंबर 2025 को डिप्लोमा के आधार पर JE पद पर प्रमोशन मिला था। बाद में विभाग ने उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की सत्यता जांचने के लिए अरनी यूनिवर्सिटी, इंदौरा को पत्र लिखा। विश्वविद्यालय ने 28 जुलाई को जवाब देकर प्रमाणपत्र को फर्जी बताया।
विश्वविद्यालय से मिली रिपोर्ट के बाद मुख्य अभियंता देवेंद्र दहिया ने 19 अगस्त को पिंकी यादव को पत्र जारी कर इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनसे जवाब मांगा गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद विभाग ने प्रमोशन रद्द करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
क्लर्क पद पर लौटेंगी, अतिरिक्त वेतन की होगी गणना
मुख्य अभियंता के आदेश के अनुसार, पिंकी यादव को तत्काल प्रभाव से उनके मूल क्लर्क पद पर वापस भेजा जा रहा है। विभाग अब यह हिसाब तैयार कर रहा है कि JE पद पर रहते हुए उन्हें क्लर्क के वेतन की तुलना में कितना अतिरिक्त वेतन और भत्ता मिला।
विभागीय कार्रवाई के तहत अतिरिक्त भुगतान की गणना के बाद नियमानुसार राशि की वसूली उनके वेतन से किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में वसूली की अंतिम राशि का उल्लेख नहीं है।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने फैसले पर उठाए सवाल
वहीं, पिंकी यादव के पिता और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दयाराम यादव ने अपनी बेटी के प्रमाणपत्रों को सही बताया है। उनका कहना है कि विभाग ने जल्दबाजी में निर्णय लिया है और इस मामले की दोबारा जांच करवाई जाएगी।
फिलहाल, इस मामले में विभागीय आदेश और विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाणपत्र को फर्जी बताए जाने की रिपोर्ट अहम आधार हैं, जबकि दयाराम यादव ने इस निष्कर्ष पर आपत्ति जताई है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। मामले में सामने आए दावों और विभागीय कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं की गई है।

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