क्या 100g सत्तू से पूरी हो सकती है पोस्ट-वर्कआउट प्रोटीन की जरूरत? डॉक्टर सरीन से जानिए.

क्या 100g सत्तू से पूरी हो सकती है पोस्ट-वर्कआउट प्रोटीन की जरूरत? डॉक्टर सरीन से जानिए.
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जिम या वर्कआउट के बाद मसल रिकवरी के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी माना जाता है। ज्यादातर लोग प्रोटीन की बॉडी डिमांड को पूरा करने के लिए कई तरह के प्रोटीन पाउडर का सेवन करते हैं जो काफी महंगे होते हैं, साथ ही इसका ज्यादा सेवन सेहत पर कई तरह  के साइड इफेक्ट भी कर सकता है। प्रोटीन पाउडर का ज्यादा सेवन सेहत को नुकसान पहुंचाता है इसके बावजूद भी लोग धड़ल्ले से इसका सेवन कर रहे है, लेकिन इस सबके बीच सोशल मीडिया पर सत्तू के शेक को प्रोटीन पाउडर का विकल्प बताया जा रहा है। अब सवाल ये उठता है कि सच में सत्तू का शेक प्रोटीन पाउडर की जगह ले सकता है?

प्रो.डॉ. शिव कुमार सरीन, प्रोफेसर ऑफ एमिनेंस (हेपेटोलॉजी), चांसलर एवं डायरेक्टर, ILBS, नई दिल्ली ने सत्तू को एक बेहतरीन प्राकृतिक प्रोटीन स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि आजकल लोग महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट्स और विदेशी सुपरफूड्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जबकि सत्तू जैसे देसी खाद्य पदार्थ पोषण के मामले में बेहद समृद्ध हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि प्रोटीन के लिए सत्तू का सेवन कैसे प्रोटीन पाउडर से ज्यादा बेहतर है।

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प्रोटीन पाउडर कैसे सेहत पर करता है असर?

सत्तू भुने हुए चने से बनता है, इसलिए यह हाई क्वलिटी वाला प्लांट-बेस्ड प्रोटीन प्रदान करता है, जो खासकर शाकाहारी लोगों के लिए अच्छा विकल्प है। इसमें केवल प्रोटीन ही नहीं, बल्कि फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं, जिससे यह एक संतुलित खाद्य पदार्थ बन जाता है। सत्तू लंबे समय तक ऊर्जा देता है, पाचन को बेहतर बनाता है, पेट को देर तक भरा रखता है और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से बचाने में मदद कर सकता है।

सत्तू में भरपूर फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर और पाचन को हेल्दी रखने में मदद करता है। इसका सेवन करने से कब्ज से निजात मिलती है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और मैंगनीज जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं जो बॉडी को हेल्दी रखते हैं। इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह पेट की गर्मी और ब्लोटिंग को शांत करता है। ये शरीर में नेचुरल कूलिंग एजेंट का काम करता है। इसमें कोई आर्टिफिशियल फ्लेवर, प्रिजर्वेटिव या प्रोसेस्ड शुगर नहीं होती जो बॉडी के लिए उपयुक्त है और बजट फ्रेंडली भी है। सत्तू वर्कआउट के बाद की प्रोटीन की जरूरतों को अकेले पूरा कर सकता है।

100 ग्राम सत्तू में कितना प्रोटीन होता है?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) के अनुसार, 100 ग्राम चने के सत्तू में लगभग 20 से 22 ग्राम प्रोटीन होता है। वहीं बाजार में मिलने वाले अधिकांश व्हे प्रोटीन पाउडर में 100 ग्राम में करीब 70 से 90 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। इसलिए केवल प्रोटीन की मात्रा के हिसाब से सत्तू व्हे प्रोटीन की बराबरी नहीं करता, लेकिन यह एक प्राकृतिक और पोषक विकल्प जरूर है।

क्या सत्तू पोस्ट-वर्कआउट रिकवरी में मदद करता है?

Montenegrin Journal of Sports Science and Medicine में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, सत्तू में मौजूद अमीनो एसिड और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट वर्कआउट के बाद शरीर को रिकवर करने में मदद कर सकते हैं। सत्तू का सेवन करने से शरीर को दोबारा से रिकवर होने में मदद मिलती है। सत्तू का शेक मांसपेशियों में ग्लाइकोजन स्टोर को रीफिल करने में मददगार हो सकता है। गर्म मौसम में ये शेक शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इसमें फाइबर अधिक होने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है और अनहेल्दी स्नैक्स खाने की इच्छा कंट्रोल रहती है। इसमें मैग्नीशियम, पोटैशियम और दूसरे जरूरी मिनरल्स भी मौजूद होते हैं जो बॉडी को हेल्दी रखते हैं। वर्कआउट करने वाले लोगों में सत्तू का सेवन बेहतरीन विकल्प है। शाकाहारी लोग अगर वर्कआउट करते हैं, रनिंग करते हैं तो रोजाना सत्तू के शेक का सेवन कर सकते हैं बॉडी को पर्याप्त प्रोटीन और पोषण मिलेगा।

प्रोटीन पाउडर का सेवन सिर्फ इन कारणों से करें

फिटनेस एक्सपर्ट के मुताबिक सत्तू में व्हे प्रोटीन की तुलना में ल्यूसिन (Leucine) कम होता है, जो मसल प्रोटीन सिंथेसिस के लिए महत्वपूर्ण अमीनो एसिड है। जो लोग बॉडीबिल्डिंग या हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग करते हैं, उन्हें अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है। बहुत अधिक मात्रा में सत्तू खाने से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है ऐसे लोग प्रोटीन पाउडर का सेवन कर सकते हैं।

वर्कआउट के बाद सत्तू कैसे लें?

  • वर्कआउट के बाद सत्तू का सेवन पानी और नींबू के साथ सत्तू का शरबत बनाकर किया जा सकता है।
  • दूध के साथ सत्तू स्मूदी बनाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।
  • दही और फलों के साथ सत्तू का सेवन फायदेमंद होता है।
  • नट्स और बीज मिलाकर सत्तू प्रोटीन बाउल तैयार कर सकते हैं और उसका सेवन कर सकते हैं।

क्या कहती है रिसर्च?

Archives of Current Research International में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि लगभग 100 ग्राम सत्तू शरीर को प्रोटीन, फाइबर और ऊर्जा देने के लिहाज से पोस्ट-वर्कआउट डाइट का अच्छा हिस्सा बन सकता है। हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि यह हर स्थिति में व्हे प्रोटीन शेक का पूरी तरह विकल्प है। विशेष रूप से एथलीट्स और बॉडीबिल्डर्स के लिए व्हे प्रोटीन की जैव उपलब्धता (Bioavailability) और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यदि आप प्रोफेशनल एथलीट हैं, बॉडी बिल्डिंग करते हैं या किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो अपनी प्रोटीन की आवश्यकता और सप्लीमेंट्स के बारे में डॉक्टर या स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह अवश्य लें।

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