थाली में छिपा जहर? जानिए कैसे पैकेज्ड फूड और ज्यादा तेल-मसाले वाले पकवान बढ़ रहा है कैंसर का खतरा

थाली में छिपा जहर? जानिए कैसे पैकेज्ड फूड और ज्यादा तेल-मसाले वाले पकवान बढ़ रहा है कैंसर का खतरा
थाली में छिपा जहर? जानिए कैसे पैकेज्ड फूड और ज्यादा तेल-मसाले वाले पकवान बढ़ रहा है कैंसर का खतरा

अच्छी सेहत के लिए खानपान का ध्यान रखना काफी जरूरी है, क्योंकि आज के वक्त में अच्छी और फिट शरीर मिलना रेगिस्तान में सुई ढूंढना जितना मुश्किल हो गया है. लोग थोड़ा से बोलकर बाहर का खाना, पैकेज्ड फूड और ज्यादा मसाले व तेल वाले खाने को खान लगते हैं, जो स्वाद में तो शानदार होता ही है, लेकिन वह खाना पेट में जा कर व्यक्ति को धीरे-धीरे कमजोर करने लगता है और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है. आपको शायद जानकारी न हो, लेकिन इस तरह के खाने को थाली में रखना, शरीर में कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है, जिसे हल्के में लेना बिल्कुल भी सही नहीं है. आइए जानते हैं कैसे शरीर में इस तरह के खानपान कैंसर का खतरा पैदा कर सकते हैं?

कितना खतरनाक है कैंसर बीमारी?

दुनियाभर में हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत कैंसर के कारण होती है. यह शरीर में बनने वाली इतनी खतरनाक बीमारी है कि लास्ट स्टेज में मरीज का इससे बच पाना लगभग न मुमकिन है, इसका कोई सटीक इलाज अभी तक सामने नहीं आया है. इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात ये है कि जब कैंसर शरीर में पनप रहा होता है, तो मरीज को शुरुआती लक्षण लगभग न के बराबर दिखते हैं. जानकारी के अनुसार, आज दुनिया में एक या दो नहीं बल्कि 100 से ज्यादा कैंसर के प्रकार मौजूद है, जिसका खतरा बना रहता है. इन प्रकारों में मुख्य लिवर का कैंसर, किडनी कैंसर, पेट का कैंसर आदि शामिल है.

पैकेज्ड फूड और ज्यादा तेल-मसाले वाले पकवान कैसे खतरनाक?

PMC द्वारा प्रकाशित जानकारी के अनुसार, पैकेज्ड फूड और ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में आते हैं, ऐसे खाने सेहत पर ज्यादा असर डाल सकते हैं, जिन्हें हल्के में लेना सही नहीं है. PMC द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, UPF (अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फ़ूड) की सबसे बड़ी कमियों में से एक इनका खराब न्यूट्रिशनल प्रोफाइल है. इन प्रोडक्ट्स में फ्री शुगर, सोडियम, सैचुरेटेड और ट्रांस फैट और एनर्जी डेंसिटी बहुत ज्यादा होती है, जबकि इनमें डाइटरी फाइबर, अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं.

खराब न्यूट्रिशनल प्रोफाइल के अलावा, UPF मुख्य रूप से ऐसी चीजों से बने होते हैं जिनका इस्तेमाल आम तौर पर घर पर खाना बनाने में नहीं किया जाता है. साबुत खाद्य पदार्थों के बजाय, इन्हें स्टार्च, प्रोटीन आइसोलेट्स, हाइड्रोजनेटेड ऑयल और हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप जैसी रिफ़ाइंड और प्रोसेस्ड चीजों से बनाया जाता है. इन चीजों के साथ कई तरह के कॉस्मेटिक एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, यानी ऐसी चीजें जो पोषण के लिए नहीं, बल्कि स्वाद, रंग, दिखावट, टेक्सचर या शेल्फ लाइफ को बेहतर बनाने के लिए मिलाई जाती हैं.

UPF बन सकते हैं कैंसर का कारण

PMC के अनुसार, UPF (अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फ़ूड) के न्यूट्रिशनल प्रोफाइल और बनावट आदि का संबंध सेलुलर बदलावों से है, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाते हैं. इससे इम्यून सेल के बढ़ने (प्रोलिफरेशन), एपोप्टोसिस (कोशिका की मौत) और सिग्नलिंग पाथवे पर असर पड़ता है. बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन सभी उम्र के लोगों में हल्के स्तर की, लंबे समय तक रहने वाली सूजन (क्रोनिक इन्फ्लेमेशन) को बढ़ावा दे सकती है. इस स्थिति को कैंसर और कार्डियोमेटाबोलिक स्थिति जैसी कई गैर-संचारी बीमारियों के लिए एक मुख्य जोखिम माना जाता है. बेहतर रहेगा कि आप सही खानपान का सहारा लें और अपनी डाइट को हेल्दी रखें, ताकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम रहे.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें.

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