
गर्मी के मौसम में तेज गर्मी से बचने के लिए लोग अक्सर कूलर या एसी की ठंडी हवा में बैठते हैं। तापमान में अचानक बदलाव या ठंडी हवा के संपर्क में आने से कुछ लोगों को गले में खराश, नाक बंद होने या सर्दी-जुकाम जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। मौसम बदलने के साथ भी सर्दी-जुकाम और गले में खराश की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में रसोई में मौजूद अदरक, लहसुन और काली मिर्च एक बेहतरीन घरेलू विकल्प साबित हो सकता है। लहसुन, अदरक और काली मिर्च का गर्म सूप गले को कुछ समय के लिए आराम देने और शरीर को गर्माहट देने में मदद कर सकता है।
एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ. बिमल झांझर के मुताबिक, अदरक में जिंजरोल जैसे सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। अदरक का इस्तेमाल ताजा और सूखे, दोनों रूपों में किया जाता है। इसे संतुलित मात्रा में गर्म पेय या सूप के रूप में लेने से गले की परेशानी में राहत मिल सकती है। अदरक के साथ लहसुन और काली मिर्च का इस्तेमाल कर उसका सूप बनाकर पीने से बदलते मौसम में सर्दी-खांसी से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं सर्दी-जुकाम और गले की खराश में अदरक का सूप किस तरह मदद कर सकता है और इसे बनाने का सही तरीका क्या है।
अदरक में पाए जाते हैं एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण
अदरक में जिंजरोल जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। अदरक का सेवन गले में होने वाली हल्की परेशानी और सर्दी के दौरान होने वाली असहजता में राहत देने में मदद कर सकता है। हालांकि, अदरक को सर्दी-जुकाम का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
लहसुन में मौजूद एलिसिन हो सकता है फायदेमंद
लहसुन को पीसने या काटने पर एलिसिन नामक यौगिक बनता है। इसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इसलिए संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में लहसुन को शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
काली मिर्च दे सकती है गर्माहट का एहसास
काली मिर्च में पाइपराइन नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है। इसका स्वाद तीखा होता है और गर्म सूप में इसे डालने से शरीर को गर्माहट का एहसास हो सकता है। काली मिर्च और गर्म तरल पदार्थ गले को कुछ समय के लिए आरामदायक महसूस करा सकते हैं।
ये गर्म सूप कैसे गले को दे सकता है राहत
गर्म सूप जैसे तरल पदार्थ शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं और गर्माहट के कारण गले में होने वाली खराश या असहजता कुछ समय के लिए कम महसूस हो सकती है। सूप को टेस्टी बनाने के लिए उसमें कुछ सब्जियां शामिल की जा सकती है जिससे आपका सूप विटामिन, मिनरल और दूसरे पोषक तत्वों से भर जाएगा।
नींबू से मिलता है विटामिन सी
इस सूप में नींबू का रस स्वाद बढ़ाने के साथ विटामिन सी की कमी भी पूरा करता है। विटामिन सी इम्यून सिस्टम के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी पोषक तत्व है। हालांकि, सिर्फ नींबू या विटामिन सी लेने से सर्दी-जुकाम तुरंत ठीक नहीं होता।
सर्दी-जुकाम में सूप कब मददगार हो सकता है?
कोल्ड और कफ के दौरान भूख कम लगने पर हल्का और गर्म सूप लेना बेहद असरदार साबित होगा। इस सूप में सब्जियां, अदरक, लहसुन और पर्याप्त मात्रा में तरल होने के कारण यह शरीर को हाइड्रेशन और कुछ पोषक तत्व देने का अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
सूप बनाने की विधि
सबसे पहले लहसुन, अदरक और काली मिर्च लें और इन्हें सिलबट्टे की मदद से मोटा-मोटा (कोर्सली) क्रश कर लें।
इसके बाद कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गर्म करें। इसमें क्रश किया हुआ अदरक-लहसुन और काली मिर्च का मिश्रण डालकर करीब 1 मिनट तक भूनें। ध्यान रखें कि अदरक और लहसुन जलने न पाएं।
अब इसमें गाजर और शिमला मिर्च डालें और तेज आंच पर थोड़ी देर स्टर-फ्राई करें। सब्जियों को बहुत ज्यादा न पकाएं, ताकि उनमें हल्का क्रंच बना रहे।
इसके बाद कढ़ाई में पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। सूप को करीब 5 मिनट तक उबलने दें, ताकि अदरक, लहसुन और काली मिर्च का स्वाद पानी में अच्छी तरह आ जाए।
अब एक अलग कटोरी में कॉर्नफ्लोर और पानी मिलाकर स्लरी तैयार करें। इसमें गांठें नहीं रहनी चाहिए। इस स्लरी को धीरे-धीरे सूप में डालते हुए लगातार चलाते रहें।
सूप को तब तक पकाएं, जब तक वह हल्का गाढ़ा और ग्लॉसी न हो जाए। आखिर में इसमें नींबू का रस और ताजा हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला दें। गरमा-गरम जिंजर-गार्लिक सूप तैयार है।
डिस्क्लेमर: यह सूप सर्दी-जुकाम के लक्षणों में आराम देने वाला एक घरेलू खाद्य विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज या दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

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