खाने के बाद ब्लड शुगर: बढ़ने से रोकें, सिर्फ 10 मिनट करें ये 4 एक्सरसाइज; वॉक से लेकर स्क्वाट तक जानें फायदे

खाने के बाद ब्लड शुगर: बढ़ने से रोकें, सिर्फ 10 मिनट करें ये 4 एक्सरसाइज; वॉक से लेकर स्क्वाट तक जानें फायदे
खाने के बाद ब्लड शुगर: बढ़ने से रोकें, सिर्फ 10 मिनट करें ये 4 एक्सरसाइज; वॉक से लेकर स्क्वाट तक जानें फायदे

हम जो कुछ भी खाते हैं, शरीर उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट को पचाकर ग्लूकोज में बदलता है। यह ग्लूकोज शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। डायबिटीज में इंसुलिन की कमी या उसके प्रभावी ढंग से काम न करने के कारण ग्लूकोज कोशिकाओं में ठीक से नहीं पहुंच पाता। ऐसे में खाना खाने के बाद खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ सकता है और यह सामान्य से ज्यादा समय तक बढ़ा हुआ रह सकता है। कुछ भी खाने के बाद डायबिटीज मरीजों के शरीर में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘पोस्टप्रांडियल ब्लड शुगर स्पाइक’ (Postprandial Blood Sugar Spike) कहा जाता है। डायबिटीज रोगियों और इंसुलिन रेजिस्टेंस से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति काफी जोखिम भरी हो सकती है।

एक्सरसाइज स्पेशलिस्ट रिचर्ड के अनुसार, खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर लेटने या लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय सिर्फ 10 से 15 मिनट की हल्की बॉडी एक्टिविटी मांसपेशियों द्वारा ग्लूकोज के अवशोषण को बढ़ा देती है। वॉक या स्कैट्स जैसी एक्सरसाइज खाने के बाद ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल करने में मदद करती हैं। आइए, एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि कौन-कौन सी 4 आसान एक्सरसाइज खाने के बाद ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोक सकती हैं।

खाने के बाद ब्लड शुगर कैसे बढ़ता है?

खाना खाने के बाद शरीर भोजन को पचाकर उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलता है। इससे ब्लड शुगर बढ़ता है और Pancreas से इंसुलिन निकलता है। इंसुलिन ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है, जहां इसका इस्तेमाल ऊर्जा के लिए किया जाता है। भोजन के बाद ब्लड शुगर में यह बढ़ोतरी आमतौर पर करीब 2 से 3 घंटे तक रह सकती है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस में क्यों बढ़ सकती है ब्लड शुगर?

इंसुलिन रेजिस्टेंस में शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम प्रतिक्रिया देती हैं, जो टाइप-2 डायबिटीज का एक प्रमुख कारण है। खाने के बाद बार-बार ब्लड शुगर में तेज बढ़ोतरी लंबे समय में सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। हाई HbA1c दिल के लिए खतरा बढ़ा सकता है।

खाने के बाद कब एक्सरसाइज करें?

खाने के बाद ब्लड शुगर नॉर्मल रखना चाहते हैं तो आप खाने के बाद वॉक करें। खाने के बाद शुरुआती 45 से 90 मिनट में ब्लड शुगर में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसलिए खाना खाने के करीब 10 से 30 मिनट बाद हल्की शारीरिक गतिविधि शुरू करना उपयोगी हो सकता है। एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियां ग्लूकोज का इस्तेमाल करती हैं, जिससे ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी कम हो सकती है।

खाना खाने के बाद 10 मिनट टहलें

खाने के बाद हल्की से मध्यम गति से करीब 10 मिनट पैदल चलना एक बेहतरीन आसान एक्सरसाइज है। 10 मिनट की वॉक से भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने में करीब 10% तक कमी देखी गई। बहुत धीमी चाल के बजाय सामान्य से थोड़ी तेज गति से चलना बेहतर हो सकता है। आप वॉक ऑफिस के बाहर, घर के अंदर भी कर सकते हैं।

सीढ़ी पर स्टेप-अप करें

दूसरा विकल्प स्टेप-अप एक्सरसाइज है। इसके लिए सीढ़ी की सबसे निचली सीढ़ी या किसी सुरक्षित स्टेप का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें लगातार ऊपर-नीचे कदम रखना होता है। इससे पैरों और खासकर ग्लूट मसल्स की गतिविधि बढ़ती है, जिससे मांसपेशियां ब्लड में मौजूद ग्लूकोज का इस्तेमाल करती हैं जिससे ब्लड में शुगर का स्तर नॉर्मल होता है। खाने के बाद करीब 3 मिनट के स्टेप-अप से ब्लड शुगर बढ़ने में लगभग 18% की कमी आती है। ऊंचे स्टेप से एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ सकती है, लेकिन इसे अपनी क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए।

स्टेप-अप करते समय किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?

स्टेप-अप करने के लिए सुरक्षित सीढ़ी या स्टेप का ही इस्तेमाल करें। यह एक्सरसाइज सामान्य वॉक की तुलना में ज्यादा मेहनत वाली हो सकती है और सांस फूलने की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है या जो लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं, उन्हें इसे शुरू करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

स्क्वाट करें

तीसरा विकल्प स्क्वाट है। धीरे और नियंत्रित तरीके से बॉडी-वेट स्क्वाट करने से पैरों और ग्लूट्स की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। करीब 1 मिनट स्क्वाट करने से भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने में लगभग 21% की कमी आती है। अगर आपके घुटने में दर्द है तो आप स्क्वाट की जगह सिट टू स्टैंड जैसी एक्सरसाइज करें।

कुर्सी पर बैठकर हील लिफ्ट करें

चौथा विकल्प उन लोगों के लिए है जो खाना खाने के बाद उठकर चलना या स्क्वाट करना नहीं चाहते। इस एक्सरसाइज को बैठकर किया जा सकता है। इसमें कुर्सी पर बैठकर पैरों को जमीन पर रखते हुए एड़ियों को धीरे-धीरे ऊपर उठाकर नीचे लाना होता है। इसे सीटेट हील लिफ्ट या ‘सोलियस पुश-अप’ के नाम से जाना जाता है। इसमें पिंडली की मांसपेशी सोलियस (Soleus) सक्रिय होती है। यह मांसपेशी लंबे समय तक काम कर सकती है और ग्लूकोज के इस्तेमाल में योगदान दे सकती है।

डायबिटीज और इंसुलिन लेने वाले लोग रखें खास ध्यान

अगर कोई व्यक्ति डायबिटीज के लिए इंसुलिन लेता है, तो एक्सरसाइज से ब्लड शुगर पर असर पड़ सकता है। इसलिए नियमित रूप से एक्सरसाइज शुरू करने पर ब्लड शुगर की निगरानी करना जरूरी है। इंसुलिन की खुराक में खुद से बदलाव नहीं करना चाहिए; जरूरत होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

खाने के तुरंत बाद भारी एक्सरसाइज न करें

एक्सपर्ट ने बताया खाने के तुरंत बाद बहुत ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज या पूरी तरह से हार्ड वर्कआउट करने से बचें। भोजन के बाद हल्की गतिविधि जैसे वॉक, स्टेप-अप या अन्य आसान एक्सरसाइज की जा सकती है, लेकिन ज्यादा तीव्र वर्कआउट कुछ समय बाद करना बेहतर हो सकता है, ताकि पेट में ऐंठन या असहजता का जोखिम कम रहे।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और एक्सपर्ट की सलाह पर आधारित है। डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोग खाने के बाद एक्सरसाइज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

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