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  • इतिहास की अनोखी खोज! चार पंखों वाले डायनासोर से सुलझ सकती है उड़ान की पहेली..

    इतिहास की अनोखी खोज! चार पंखों वाले डायनासोर से सुलझ सकती है उड़ान की पहेली..

    इतिहास की अनोखी खोज! चार पंखों वाले डायनासोर से सुलझ सकती है उड़ान की पहेली..

    चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे प्राचीन डायनासोर का जीवाश्म खोजा है जिसने जीवों में उड़ने की क्षमता के विकास को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस अनोखी खोज ने वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि इस डायनासोर के केवल आगे के अंगों पर ही नहीं, बल्कि पीछे के पैरों पर भी पंख मौजूद थे। इस वजह से इसके शरीर में कुल चार पंखों जैसी संरचना दिखाई देती थी।

    विशेषज्ञों ने कही ये बात

    विशेषज्ञों के अनुसार यह जीवाश्म पंखों वाले छोटे डायनासोरों के समूह ड्रोमियोसॉर से संबंधित है, जिसका संबंध वेलोसिरैप्टर जैसे शिकारी डायनासोरों से भी माना जाता है। इसके शरीर की बनावट यह संकेत देती है कि पक्षियों की उड़ान क्षमता कैसे विकसित हुई होगी, इसे समझने में यह खोज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    शोध में ये बात आई सामने

    शोधकर्ताओं का मानना है कि यह जीव आधुनिक पक्षियों की तरह लंबी दूरी तक उड़ान भरने में सक्षम नहीं था। हालांकि इसके चारों पंख पेड़ों के बीच फिसलकर जाने, ऊंचाई से नीचे उतरते समय संतुलन बनाए रखने और हवा में दिशा नियंत्रित करने में सहायक रहे होंगे। घने जंगलों में चलते समय यह अपने अतिरिक्त पंखों का उपयोग किसी स्टीयरिंग सिस्टम की तरह करता होगा, जिससे गिरने का खतरा कम होता था और दिशा बदलना आसान हो जाता था।

    डायनासोरों के व्यवहार को समझने में चीन सबसे आगे

    डायनासोरों के विकास और उनके व्यवहार को समझने के लिए चीन आज दुनिया के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है। यहां से प्राप्त कई जीवाश्म असाधारण रूप से सुरक्षित अवस्था में मिले हैं, जिनमें पंखों की संरचना, त्वचा के निशान और कुछ मामलों में कोमल ऊतकों के अवशेष भी संरक्षित पाए गए हैं।

    नई खोज ने बदले डायनासोरों के पारंपरिक धारणा को

    हाल के वर्षों में हुई ऐसी खोजों ने वैज्ञानिकों की उस पारंपरिक धारणा को बदल दिया है, जिसमें डायनासोरों को केवल विशाल और रेंगने वाले जीव माना जाता था। अब पर्याप्त प्रमाण सामने आ चुके हैं कि कई डायनासोर रंगीन पंखों से ढके हुए थे और वर्तमान पक्षियों के विकासक्रम से उनका गहरा संबंध था।

  • उम्रकैद का आरोपी 13 साल से बदल चुका था पहचान, गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस के हाथ फिर भी नहीं आया..

    उम्रकैद का आरोपी 13 साल से बदल चुका था पहचान, गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस के हाथ फिर भी नहीं आया..

    उम्रकैद का आरोपी 13 साल से बदल चुका था पहचान, गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस के हाथ फिर भी नहीं आया..

    फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर का नाम देशभर में चर्चित रहा है, लेकिन अब इसी वासेपुर से जुड़े एक सनसनीखेज मामले ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर को भी सुर्खियों में ला दिया है। झारखंड में दो महिलाओं की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका एक फरार आरोपी पिछले करीब 13 वर्षों से अंबिकापुर में पहचान बदलकर रह रहा था। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक वह स्थानीय स्तर पर सामान्य जीवन जीता रहा और उसकी मौजूदगी की भनक पुलिस को भी नहीं लग सकी।

    वासेपुर डबल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा

    जानकारी के अनुसार, साबीर आलम पर झारखंड के धनबाद स्थित वासेपुर में 18 अक्टूबर 2001 को कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर वासेपुर के चर्चित शख्स फहीम खान की मां और मौसी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। मामले की सुनवाई के बाद झारखंड की अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश भी जारी किए थे।

    सजा के बाद आरोपी झारखंड से फरार हो गया। आरोप है कि वह वर्ष 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपारा क्षेत्र में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। इस दौरान वह बस संचालन और सिलाई की दुकान की आड़ में सामान्य जीवन व्यतीत करता रहा। बताया जा रहा है कि उसने स्थानीय लोगों के बीच अपनी नई पहचान बना ली थी।

    आश्रय देने के आरोप में बस संचालक पर भी कार्रवाई

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को अंबिकापुर में छिपकर रहने में राजहंस बस के संचालक वैदुल खान, निवासी मोमिनपारा, की अहम भूमिका रही। आरोप है कि वैदुल खान ने आरोपी को अपने यहां आश्रय दिलाया और उसकी पहचान छिपाने में मदद की। इस मामले में पुलिस ने वैदुल खान और अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    झारखंड पुलिस पहुंची, लेकिन आरोपी फिर चकमा देकर भाग निकला

    सूत्रों के मुताबिक, झारखंड पुलिस को सूचना मिली थी कि उम्रकैद का सजायाफ्ता आरोपी अंबिकापुर में रह रहा है। इसी सूचना के आधार पर झारखंड पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए अंबिकापुर पहुंची। हालांकि कार्रवाई के दौरान आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।

    बताया जा रहा है कि आरोपी के फरार होने के बाद ही झारखंड पुलिस ने सिटी कोतवाली अंबिकापुर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस भी मामले में सक्रिय हुई।

    कई सवाल खड़े कर रहा मामला

    यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आजीवन कारावास की सजा पा चुका और भगोड़ा घोषित आरोपी आखिर 13 वर्षों तक अंबिकापुर में कैसे रह रहा था? यदि आरोपी लंबे समय से शहर में मौजूद था तो उसकी जानकारी स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों को क्यों नहीं मिल सकी?

    साथ ही यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि झारखंड पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना क्यों की। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है।

    फिलहाल, झारखंड और सरगुजा पुलिस संयुक्त रूप से फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं। वहीं आरोपी को संरक्षण देने के आरोपों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

  • प्रेमिका की सोते समय हत्या, शव के किए कई टुकड़े; 14 घंटे के भीतर पुलिस एनकाउंटर के बाद आरोपी गिरफ्तार..

    प्रेमिका की सोते समय हत्या, शव के किए कई टुकड़े; 14 घंटे के भीतर पुलिस एनकाउंटर के बाद आरोपी गिरफ्तार..

    प्रेमिका की सोते समय हत्या, शव के किए कई टुकड़े; 14 घंटे के भीतर पुलिस एनकाउंटर के बाद आरोपी गिरफ्तार..

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र में महिला की हत्या कर शव को टुकड़े कर फेंकने वाले आरोपी को पुलिस ने वारदात के 14 घंटे के अंदर ही एक सशस्त्र मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने बताया कि….

    Jaunpur News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र में महिला की हत्या कर शव को टुकड़े कर फेंकने वाले आरोपी को पुलिस ने वारदात के 14 घंटे के अंदर ही एक सशस्त्र मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने बताया कि थाना मड़ियाहूं पुलिस टीम ने रविवार को महिला की हत्या कर शव को टुकड़ों में फेंकने वाले शातिर अभियुक्त को घटना के मात्र 14 घंटे के भीतर एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से अभियुक्त घायल हुआ है। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई को थाना मड़ियाहूं क्षेत्र के रानीपुर बाईपास (भदोही मुख्य मार्ग) के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था।

    प्रभारी निरीक्षक दीपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम शव की शिनाख्त और वांछित अभियुक्तों की सुरागकसी में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि घटना से जुड़ा संदिग्ध व्यक्ति रामनगर ब्लॉक गेट की तरफ आ रहा है।  उन्होंने बताया कि पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर जब उसे रोकने का प्रयास किया गया, तो आरोपी तेजी से रामनगर गांव की सड़क की तरफ भागा। पुलिस बल ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने नदी की तरफ भागते हुए पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश के दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने घेराबंदी कर रविवार की रात समय करीब 11.50 बजे हिरासत में ले लिया। अभियुक्त के कब्जे से अवैध पिस्टल व कारतुस बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त को उपचार हेतु चिकित्सालय भेजा गया।

    सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त हेमल खखरिया उर्फ दिलीप (42) मूलत: भावनगर, गुजरात का निवासी है जो यहां टीचर्स कॉलोनी, कस्बा व थाना मड़ियाहूं में निवास कर रहा है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह 4 जुलाई को मृतका रेशमा खां उर्फ सना को बाबतपुर (वाराणसी) से अपने किराए के कमरे (टीचर्स कॉलोनी, मड़ियाहूं) लेकर आया था। वहां मोबाइल चैट देखने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्साए अभियुक्त ने सना के सोते समय चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। घनी आबादी के बीच शव को ठिकाने लगाने के डर से अभियुक्त ने बाजार से काली पॉलिथीन खरीदी और गड़ासे से मृतका के दोनों हाथ व पैर काटकर शव को तीन हिस्सों में बांट दिया। धड़ को उसने रानीपुर बाईपास पर और पैर व अन्य अंगों को रामनगर ब्लॉक मोड़ के पास पुलिया के आगे फेंक दिया था। पुलिस द्वारा धड़ बरामद कर शिनाख्त करने की भनक लगते ही वह बचे हुए अंगों को छिपाने भाग रहा था, तभी पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया।

  • उमस में एसिडिटी और अपच से हैं परेशान? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सुझाया धनिया पानी का आसान उपाय

    उमस में एसिडिटी और अपच से हैं परेशान? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सुझाया धनिया पानी का आसान उपाय

    उमस में एसिडिटी और अपच से हैं परेशान? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सुझाया धनिया पानी का आसान उपाय

    मसालेदार खाना, चाय-कॉफी की अधिकता और बिगड़ती लाइफस्टाइल के कारण आज एसिडिटी, सीने में जलन और अपच (Indigestion) जैसी समस्याएं बेहद आम हो चुकी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर इन समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह क्रॉनिक अपच (Chronic Indigestion), पोषक तत्वों के खराब अवशोषण (Poor Nutrient Absorption) और बार-बार पेट में असहजता जैसी दिक्कतों का कारण बन सकती हैं।  इन तकलीफों से तुरंत राहत पाने के लिए अक्सर लोग दवाइयों का रुख करते हैं, लेकिन हमारे भारतीय किचन में ही कई ऐसे नेचुरल उपाय मौजूद हैं जो इस समस्या को शांत कर सकते हैं। पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद में धनिए के बीजों को पेट के लिए बेहद गुणकारी और ठंडा माना गया है। लेकिन क्या सच में धनिया का पानी पीने से पाचन से जुड़ी परेशानियां दूर हो सकती है, क्या ये पानी एसिडिटी को हमेशा के लिए शांत कर सकता है?

    आयुर्वेद विशेषज्ञ भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Hansa Yogendra) के मुताबिक पेट की समस्याओं में धनिया का पानी अमृत की तरह असर करता है। आयुर्वेद में धनिया के बीज (Coriander Seeds) का इस्तेमाल लंबे समय से शरीर की अतिरिक्त गर्मी कम करने, पाचन बेहतर बनाने और एसिडिटी को शांत करने के लिए किया जाता रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक, सही तरीके से तैयार किया गया धनिया का पानी गर्मी और उमस के मौसम में पेट को राहत पहुंचाने में मददगार हो सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि धनिया का पानी कैसे उमस भरी गर्मी में पेट को राहत देता है।

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    धनिया के बीज क्यों माने जाते हैं फायदेमंद?

    विशेषज्ञों के अनुसार, धनिया के बीजों में प्राकृतिक कूलिंग (Cooling) गुण पाए जाते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया गर्मी में धनिया के बीज का पानी बनाकर पीने से शरीर की अतिरिक्त गर्मी कंट्रोल रहती है। इसका सेवन करने से एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स से राहत मिलती है। पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में ये पानी असरदार साबित होता है। इसका सेवन कई तरह की मेडिकल कंडीशन में भी असरदार साबित होता है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में ये पानी बेहद मददगार साबित होता है। इसका सेवन करने से बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और इम्यूनिटी मजबूत होती है।

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    धनिया का पानी कैसे तैयार करें

    गर्मी में साबुत धनिया का पानी बनाने के लिए आप एक बड़ा चम्मच साबुत धनिया और एक गिलास नॉर्मल पानी लें। अब धनिया के बीजों को हल्का कूट लें और उन्हें पानी में रात भर भिगो दें। सुबह पानी छानकर खाली पेट पी लें। यह धनिया का पानी पीने का सबसे आसान और पारंपरिक तरीका माना जाता है।

    धनिया का पानी का काढ़ा बनाएं

    अगर गर्मी और उमस ज्यादा हो तो धनिया का पानी उबालकर भी तैयार किया जा सकता है। एक बड़ा चम्मच धनिया लें और दो कप पानी में उबालें। पानी आधा रह जाए तो गैस बंद कर दें। इसे सामान्य तापमान तक ठंडा होने दें और छानकर गुनगुना पिएं। एक्सपर्ट ने बताया इस पानी को आप गुनगुना ही पिएं, इसमें बर्फ या ठंडा करके नहीं पिएं। आप चाहें तो इस पानी में ताजे पुदीने के पत्ते, भीगी हुई सौंफ और नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर पी सकते हैं। यह मिश्रण गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक पहुंचाने और पाचन को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है।

    पाचन की इन समस्याओं से मिलेगी राहत

    गर्मी में 7 दिनों तक अगर इस ड्रिंक का सेवन किया जाए तो बार-बार एसिडिटी से राहत मिलेगी। इसका सेवन करने से पेट या छाती में जलन कंट्रोल रहती है। जिन लोगों को खाना खाने के बाद ब्लोटिंग होती है उनके लिए ये पानी बेहद उपयोगी है।  गर्मी और उमस में सिरदर्द या भारीपन से राहत दिलाने में ये पानी उपयोगी है। विशेषज्ञ के अनुसार, इसे लगातार लगभग 7 दिन तक सुबह खाली पेट पीने से कुछ लोगों में पाचन संबंधी परेशानियों में सुधार महसूस हो सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख आयुर्वेदिक विशेषज्ञ द्वारा साझा की गई जानकारी और पारंपरिक उपयोगों पर आधारित है। धनिया का पानी किसी बीमारी का इलाज नहीं है। यदि आपको लगातार एसिडिटी, सीने में तेज जलन, पेट दर्द या अन्य गंभीर लक्षण हैं, तो स्वयं उपचार करने के बजाय गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या योग्य चिकित्सक से सलाह लें।

  • पंजाब पुलिस की बड़ी सफलता, अमृतसर से 12 किलो हेरोइन बरामद, तस्करी नेटवर्क रडार पर

    पंजाब पुलिस की बड़ी सफलता, अमृतसर से 12 किलो हेरोइन बरामद, तस्करी नेटवर्क रडार पर

    पंजाब पुलिस की बड़ी सफलता, अमृतसर से 12 किलो हेरोइन बरामद, तस्करी नेटवर्क रडार पर

    पंजाब के अमृतसर देहात पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना घरिंडा क्षेत्र से करीब 11 किलो 960 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह खेप पाकिस्तान की ओर से सीमा पार भेजी गई थी।

    अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवल प्रीत सिंह चाहल ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान हेरोइन की बड़ी खेप बरामद हुई।

    पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद हेरोइन किसके लिए भेजी गई थी, इसे कौन रिसीव करने वाला था और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जानी थी। साथ ही पूरे तस्करी नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

    अधिकारियों का कहना है कि पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में नशा तस्करी या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

  • दो-दो पत्नियों का खेल! महिला सिपाही को पत्नी बताकर रह रहा था जवान, असली पत्नी ने किया जोरदार हंगामा..

    दो-दो पत्नियों का खेल! महिला सिपाही को पत्नी बताकर रह रहा था जवान, असली पत्नी ने किया जोरदार हंगामा..

    दो-दो पत्नियों का खेल! महिला सिपाही को पत्नी बताकर रह रहा था जवान, असली पत्नी ने किया जोरदार हंगामा..

    प्रतापगढ़ में शुरू हुई एक प्रेम कहानी हमीरपुर तक पहुंच गई. देर रात पत्नी के साथ-साथ पुलिस तक को मौके पर पहुंचना पड़ा. एक महिला पुलिसकर्मी अपने साथ रह रहे सिपाही को मकान मालिक और आसपास के लोगों के सामने अपना पति बताती थी. दोनों किराए के मकान में साथ रह रहे थे लेकिन एक रात अचानक वहां सिपाही की असली पत्नी पहुंच गई और फिर जमकर हंगामा हो गया.

    बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात प्रतापगढ़ में तैनाती के दौरान हुई थी. वहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध शुरू हो गया. सिपाही पहले से शादीशुदा है और उसकी तीन महीने की एक बेटी भी है. दूसरी ओर, महिला पुलिसकर्मी की भी दो शादियां हो चुकी हैं. उसके एक पति की मौत हो चुकी है जबकि दूसरे पति से तलाक का मामला चल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मी पर एक युवक द्वारा दर्ज कराया गया शारीरिक शोषण का मामला भी अदालत में विचाराधीन है.

    परिजनों ने लगाए आरोप

    परिजनों का आरोप है कि जब प्रतापगढ़ में दोनों के रिश्ते की जानकारी पुलिस अधिकारियों को हुई थी, तब सिपाही को निलंबित कर दिया गया था और महिला पुलिसकर्मी को चेतावनी दी गई थी. बाद में महिला पुलिसकर्मी का तबादला हमीरपुर कर दिया गया. हमीरपुर पहुंचने के बाद महिला पुलिसकर्मी ने शहर के एक मोहल्ले में किराए का मकान लिया. आरोप है कि उसने वहां सिपाही को अपना पति बताकर साथ रखना शुरू कर दिया. सिपाही की पत्नी को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने अपने परिजनों के साथ दोनों का पता लगाया.

    सिपाही पति का पत्नी घर पर इंतज़ार करती थी लेकिन वह तो महिला कांस्टेबल के साथ उसके कमरे पर मच्छरदानी लगा कर ड्यूटी करता था.

    महिला अपने सगे संबंधी और पुलिस लेकर महिला कांस्टेबल के कमरे पर पहुंच गयी, सिपाही पति को महिला कांस्टेबल के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया.

    गर्लफ्रेंड संग बंद कमरे में मिला सिपाही

    3 जुलाई की देर रात, पत्नी अपने परिवार और पुलिस के साथ किराए के मकान पर पहुंची, तो वहां सिपाही और महिला पुलिसकर्मी आपत्तिजनक हालत में मिले. यह देखते ही पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने मौके पर ही अपने पति की पिटाई शुरू कर दी. घर के बाहर काफी देर तक हंगामा होता रहा. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को कोतवाली ले जाया गया. इसके बाद काफी देर तक बातचीत चलती रही.

    पत्नी ने नहीं दर्ज कराई लिखित शिकायत

    हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है लेकिन अभी तक सिपाही की पत्नी की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है. इसके कारण इस मामले में फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. वहीं सिपाही की पत्नी ने महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

  • प्रेमिका के लिए बना हैवान! नई नवेली पत्नी की हत्या के बाद शव छिपाकर रची सनसनीखेज साजिश, खुलासे ने चौंकाया..

    प्रेमिका के लिए बना हैवान! नई नवेली पत्नी की हत्या के बाद शव छिपाकर रची सनसनीखेज साजिश, खुलासे ने चौंकाया..

    प्रेमिका के लिए बना हैवान! नई नवेली पत्नी की हत्या के बाद शव छिपाकर रची सनसनीखेज साजिश, खुलासे ने चौंकाया..

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    शादी के बाद प्रेमी-प्रेमिका के बीच दूरियां आ गईं थी जिसके लिए प्रेमिका ने पत्नी को जिम्मेदार ठहराया और प्रेमी को उसकी पत्नी के खिलाफ भड़काते हुए उसकी हत्या की साजिश रच डाली. पुलिस ने केस में कई बड़े खुलासे किए हैं और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

    13 साल बड़ी गर्लफ्रेंड के प्यार में अंधा हुआ पति! नई नवेली पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर लाश छिपाकर रच डाली बेहद घिनौनी साजिश!

    हरियाणा के गुरुग्राम में सालों से चल रहे अवैध संबंध, शादी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है जहां आरोपी युवक ने शादी के बाद अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन में रहने के लिए अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी. मंसूबे छिपाने के लिए मृतक पत्नी पर चोरी के आरोप मढ़े और फरार हो गए. मानेसर के इस चर्चित हत्याकांड ने पुलिस ने बड़े खुलासे किए हैं. दोनों को पति और प्रेमिका को गिरफ्त में ले लिया. मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है.

    शादी के पहले से चल रहा था लिव-इन

    दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 वर्षीय अंकित मानेसर में तंबाकू की दुकान चलाता था. इसी दौरान 3 साल पहले वो ब्यूटीपार्लर चलाने वाली रजनी से मिला था जो उससे 13 साल बड़ी थी. रजनी अक्सर अंकित की दुकान के आगे से गुजरती थी. दोनों की मुलाकात हुआ, नजदीकियां बढ़ीं, बातचीत होने लगी और मामला लिव-इन तक जा पहुंचा. दोनों परिवार के नजरों के दूर एक साथ मानेसर में जिंदगी बिता रहे थे. दोनों शादी भी करना चाहते थे लेकिन पहले ही अंकित के परिजनों ने उसकी शादी तय कर दी.

    शादी बाद बढ़ने लगीं थी दूरियां

    13 फरवरी 2026 को अंकित की शादी मधु के साथ करा दी गई थी जिसके बाद अंकित पत्नी मधु के साथ समय बिताने लगा, जिसके चलते अंकित और रजनी के बीच दूरियां बढ़ने लगी. पति-पत्नी एक साथ समय बिता रहे थे जो रजनी को पसंद नहीं आया और वो अंकित तो मधु के खिलाफ भड़काने लगी. पुलिस की जांच-पड़ताल से सामने आया कि रजनी ने प्रेमी अंकित को कई बार मधु को तलाक देने के लिए खुले तौर पर दबाव दिया था लेकिन अंकित बिना किसी ठोस कारण के शादी नहीं तोड़ना चाहता था जिसके बाद अंकित और प्रेमिका रजनी ने मिलकर पत्नी मधु की हत्या की साजिश रच डाली.

    गोली मारकर हत्या, घरवालों को गुमराह किया

    आरोपी अंकित से पूछताछ के दौरान सामने आया कि अपने खौफनाक इरादों को अंजान देने के लिए पत्नी मधु को प्रेमिका रजनी को किराए के कमरे पर लेकर गया था जहां पहले से ही रजनी मौजूद थी. अंकित ने मधु को गोली मारी और शव को बाथरूम में बंद कर दिया. दोनों घटनास्थल से फरार हो गए जबकि अंकित ने अपने परिजनों को गुमराह करने के लिए बताया कि मधु सारे गहने-जेवर लेकर भाग गई है, जिसके बाद 21 मई को मानेसर थाने में मधु की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

    पड़ोसियों की पैनी नजर से खुले राज़

    परिजनों से प्राप्त शिकायत के आधार पर जब पुलिस ने आसपास के इलाके में पूछताछ की तो पता चला कि अंकित पत्नी मधु को स्कूटी पर बिठाकर कहीं ले जा रहा था. जांच में पता चला कि मधु के साथ किराए के मकान में रहने के अलावा अंकित ने रजनी के साथ भी मानेसर बस स्टैंड पर एक कमरा लिया था. 22 मई को पुलिस ने छापेमारी की. कमरे का ताला तोड़ा जहां से तेज गंध आ रही थी. पुलिस ने आगे की जांच-पड़ताल की मधु का शव सड़ी-गली हालत में बाथरूम में पड़ा मिला. इसी मामले में 5 जुलाई को मानसेर पुलिस ने अंकित और रजनी को गिरफ्तार कर लिया है.

  • 40 की उम्र के बाद हड्डियां पड़ सकती हैं कमजोर, कैल्शियम रिच ये देसी ड्रिंक करेगा मदद, डॉक्टर से जानिए बनाने का सही तरीका..

    40 की उम्र के बाद हड्डियां पड़ सकती हैं कमजोर, कैल्शियम रिच ये देसी ड्रिंक करेगा मदद, डॉक्टर से जानिए बनाने का सही तरीका..

    40 की उम्र के बाद हड्डियां पड़ सकती हैं कमजोर, कैल्शियम रिच ये देसी ड्रिंक करेगा मदद, डॉक्टर से जानिए बनाने का सही तरीका..

    उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं, जिनमें से एक है हड्डियों का कमजोर होना। खासकर 40 की उम्र पार करने के बाद शरीर में कैल्शियम का अवशोषण (Absorption) कम हो जाता है, जिससे जोड़ों में दर्द, कट-कट की आवाज आना और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर लोग इसके लिए कैल्शियम की गोलियां खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन हमारी रसोई में ही कुछ ऐसी देसी चीजें मौजूद हैं जो नेचुरल तरीके से कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकती हैं। एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ बिमल छाजेड़ ने उम्र बढ़ने पर बॉडी में कैल्शियम की भरपाई करने के लिए एक खास देसी ड्रिंक का सेवन करने की सलाह दी है। ये ड्रिंक हड्डियों को पोषण देने में बेहद मददगार साबित हो सकता है।

    रागी को क्यों माना जाता है कैल्शियम का अच्छा स्रोत?

    कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बिमल छाजेड़ का कहना है कि कैल्शियम से भरपूर पारंपरिक अनाज रागी (Finger Millet) को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। रागी प्राकृतिक रूप से कैल्शियम से भरपूर अनाज है। उनका कहना है कि 100 ग्राम रागी में लगभग 340–350 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है, जबकि 100 ग्राम दूध में करीब 120 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। इसके अलावा रागी में फाइबर, आयरन, कई आवश्यक खनिज और जटिल कार्बोहाइड्रेट भी मौजूद होता हैं, जो इसे एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ बनाता हैं। जिन लोगों को दूध पचता नहीं या दूध से एलर्जी है वो लोग इस खास कैल्शियम रिच ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं। हालांकि दूध भी प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। संतुलित आहार में रागी और दूध दोनों का अपना-अपना महत्व है।

    अंकुरित रागी कैसे सेहत के लिए उपयोगी है?

    विशेषज्ञ के मुताबिक, रागी को अंकुरित (Sprouted) करके खाने से उसमें मौजूद कुछ एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो सकते हैं, जिससे शरीर कुछ पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है। अंकुरण के दौरान सक्रिय होने वाले एंजाइम इसकी पाचन क्षमता को भी बेहतर बना सकते हैं।

    रागी ड्रिंक बनाने का आसान तरीका

    रागी ड्रिंक तैयार करने के लिए सबसे पहले रागी को रातभर पानी में भिगो दें। अगले दिन पानी निकालकर साफ कपड़े में बांध दें और 24–36 घंटे तक अंकुरित होने दें। इसके बाद अंकुरित रागी को थोड़ा पानी डालकर पीस लें। चाहें तो इसमें थोड़ा नारियल पानी भी मिला सकते हैं। तैयार मिश्रण को छानकर धीमी आंच पर पकाएं। स्वाद के लिए इसमें इलायची, अदरक पाउडर और थोड़ी मात्रा में गुड़ मिलाया जा सकता है।

    रागी ड्रिंक पीने का सही समय क्या है?

    डॉ. ने बताया अगर आप कैल्शियम रिच रागी ड्रिंक का सेवन करना चाहते हैं तो आप सुबह खाली पेट लें या फिर दो भोजन के बीच लें। शुरुआत कम मात्रा से करें और अगर शरीर इसे अच्छी तरह स्वीकार करे तो धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

    क्या सिर्फ रागी खाने से कैल्शियम की कमी दूर हो जाएगी?

    एक्सपर्ट के मुताबिक मजबूत हड्डियों के लिए केवल कैल्शियम लेना ही पर्याप्त नहीं है। शरीर में कैल्शियम के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन D भी जरूरी है। इसके लिए नियमित धूप, वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज, योग और संतुलित आहार भी जरूरी हैं। रागी में जटिल कार्बोहाइड्रेट और फाइबर पाया जाता है, जो सामान्य अनाज की तुलना में धीरे-धीरे पचता है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी एक विशेषज्ञ के सार्वजनिक वीडियो और उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी पर आधारित है। रागी या किसी भी खाद्य पदार्थ को उपचार का विकल्प न मानें। यदि आपको कैल्शियम की कमी, ऑस्टियोपोरोसिस, किडनी की बीमारी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन से सलाह अवश्य लें।

  • UP में नाबालिग के कथित धर्मांतरण मामले का खुलासा, मोबाइल चैट और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की जांच..

    UP में नाबालिग के कथित धर्मांतरण मामले का खुलासा, मोबाइल चैट और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की जांच..

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    उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के कोतवाली इलाके में 13 साल की हिंदू किशोरी को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के मामले में 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पिता पुत्री समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इटावा के सीओ सिटी अविनाश कुमार सिंह…

    Etawah News: उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के कोतवाली इलाके में 13 साल की हिंदू किशोरी को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के मामले में 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पिता पुत्री समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इटावा के सीओ सिटी अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि धर्म परिवर्तन के मामले को लेकर किशोरी की मां की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जांच के बाद पिता पुत्री समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है । अन्य आरोपों को लेकर साइबर सेल अलग से जांच कर रही है। इटावा में 13 साल की हिंदू किशोरी को डांस क्लास के बहाने कथित रूप से धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने, ब्लैकमेल करने और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के मामले में पुलिस ने 3 दिन की जांच के बाद 7 लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की कुल 11 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

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    मामला 3 जुलाई को उस समय सामने आया, जब किशोरी की मां हिंदू संगठनों के साथ कोतवाली पहुंचीं और शिकायत दी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि डांस क्लास के दौरान किशोरी की पहचान एक मुस्लिम किशोरी से हुई। इसके बाद कथित रूप से बेटी से मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया, कुछ युवकों से बातचीत के लिए मजबूर किया गया और मोबाइल चैट और रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेल कर धमकियां दी गईं। परिवार का यह भी आरोप है कि किशोरी को प्रदेश से बाहर ले जाने और धर्म परिवर्तन से संबंधित संदेश भेजे गए। पुलिस ने शिकायत के बाद मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की। जांच के आधार पर मुस्लिम किशोरी उसके पिता, रिश्ते के भतीजे रिहान, जीशान और अयान के साथ मकान मालिक अंशु यादव और एक किरायेदार युवती दीपा समेत 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

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    प्रकरण में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बीएनएस तथा आईटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है। इस बीच हिन्दू सेवा समिति ने दावा किया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर संगठन ने शुरुआत से उनका साथ दिया। समिति के संस्थापक भगवा सेवक प्रदीप शर्मा पीड़ित परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने भी मामले को विभिन्न सामाजिक संगठनों के समक्ष उठाकर न्याय की मांग की। समिति के अनुसार मानसिक तनाव के कारण किशोरी की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सीओ सिटी अवनीश कुमार ने बताया कि किशोरी की मां की तहरीर और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

  • Shani-Guru Gochar 2026: सावन में दुर्लभ ग्रह संयोग, इन राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े उतार-चढ़ाव..

    Shani-Guru Gochar 2026: सावन में दुर्लभ ग्रह संयोग, इन राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े उतार-चढ़ाव..

    Shani-Guru Gochar 2026: सावन में दुर्लभ ग्रह संयोग, इन राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े उतार-चढ़ाव..

    जुलाई 2026 में शनि की वक्री चाल और गुरु का अस्त होना कई राशियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है. जिससे जातकों को धन और करियर के मामले में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.

    Shani-Guru Gochar 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 30 जुलाई 2026, गुरुवार से सावन की शुरुआत होने वाली है. ज्योतिषियों की मानें तो, इस वर्ष सावन बहुत ही विशेष माना जा रहा है. दरअसल, सावन में गुरु अस्त और शनि वक्री यानी उल्टी चाल चलेंगे. जो कई राशियों के लिए अद्भुत और कुछ के लिए खतरनाक मानी जा रही है. द्रिक पंचांग के अनुसार, शनि 26 जुलाई से वक्री हो जाएंगे. शनि की उल्टी चाल का असर कई राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है. इस समय लोगों को अपने कामों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी.

    वहीं, गुरु 15 जुलाई को अस्त हो जाएंगे. गुरु को ज्ञान, धन और संतान का कारक माना जाता है. इनके अस्त होने से शुभ कार्यों, खासकर विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. इस दौरान शादी-विवाह जैसे आयोजन नहीं किए जाते हैं. राहु और केतु की स्थिति इस महीने स्थिर रहेगी, इनमें कोई बदलाव नहीं होगा. तो आइए पंडित अरुणेश कुमार शर्मा जी से जानते हैं कि सावन में शनि और गुरु की बदली चाल कौन सी राशियों पर बुरा प्रभाव डालेगी. 

    वृषभ राशि

    वृषभ राशि वालों के लिए यह समय खर्चों से भरा रह सकता है. अचानक आने वाले खर्च आपको परेशान कर सकते हैं. हालांकि, कुछ सकारात्मक परिणाम भी मिलेंगे, जिससे धीरे-धीरे स्थिति संभलने लगेगी और आप राहत महसूस करेंगे.

    सिंह राशि

    सिंह राशि के जातकों को नौकरी और करियर में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. संभव है कि आप नौकरी बदलने का विचार करें. इस समय अपने काम में पारदर्शिता रखना बहुत जरूरी होगा. खर्चों को नियंत्रित करने की कोशिश करें और कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लें.

    कुंभ राशि

    कुंभ राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. आपकी योजनाएं उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं देंगी. ऐसे में धैर्य रखना बेहद जरूरी है. जल्दबाजी करने से बचें और अपने काम को धीरे-धीरे आगे बढ़ाएं. पैसों के मामले में सावधानी रखें और किसी को उधार देने से बचें.