Category: Crime

  • 100 लड़कियां, 3 राज्य और कैफे का सीक्रेट केबिन… पुलिस ने खोला चौंकाने वाला राज..

    100 लड़कियां, 3 राज्य और कैफे का सीक्रेट केबिन… पुलिस ने खोला चौंकाने वाला राज..

    100 लड़कियां, 3 राज्य और कैफे का सीक्रेट केबिन… पुलिस ने खोला चौंकाने वाला राज..

    शहर की एक साधारण-सी सड़क पर बने कुछ कैफे बाहर से बिल्कुल आम नजर आते थे। लोग वहां चाय-कॉफी पीते, दोस्त मिलते और कपल्स आते-जाते दिखाई देते। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इन बंद दरवाजों और पर्दों के पीछे एक ऐसा खेल चल रहा है, जिसकी परतें खुलते ही पुलिस भी हैरान रह गई।

    महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के दौरान पुलिस की नजर कुछ संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। शुरुआत में मामला मामूली लगा, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी कहीं ज्यादा खौफनाक निकलती गई।

    पुलिस ने जब एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसका मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाला, तो स्क्रीन पर एक-एक करके सैकड़ों तस्वीरें, चैट और संपर्क सामने आने लगे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, रिकॉर्ड में 100 से ज्यादा युवतियों के संपर्क मिले, जबकि नेटवर्क की कड़ियां तीन अलग-अलग राज्यों तक फैली हुई थीं।

    पूछताछ में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। अलग-अलग शहरों से युवतियों को बुलाया जाता और फिर उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती। पूरा संचालन मोबाइल चैट, कॉल और डिजिटल माध्यमों से किया जाता था।

    लेकिन सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने शहर के कुछ कैफे की जांच की। बाहर से सामान्य दिखने वाले इन कैफे के अंदर सीक्रेट केबिन बनाए गए थे। इन कमरों को पर्दों से पूरी तरह ढका गया था और कथित तौर पर घंटों के हिसाब से किराए पर दिया जाता था। खाने-पीने की व्यवस्था नाम मात्र की थी, जबकि असली गतिविधियां पर्दों के पीछे चल रही थीं।

    जांच के दौरान कई कैफे संचालकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई। प्रशासन ने नगर निगम की टीम के साथ कार्रवाई करते हुए कई संदिग्ध कैफे को सील कर दिया और अन्य स्थानों की जांच शुरू कर दी।

    इस बीच जांच में कुछ ऐसे तथ्य भी सामने आए, जिनसे विभाग के भीतर भी हलचल मच गई। प्रारंभिक जांच के आधार पर एक पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई, जबकि संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की आर्थिक लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • नाबालिग प्रेमी के लिए पति बना रुकावट! पत्नी ने रची ऐसी साजिश, नशीला जूस पिलाकर कर दी हत्या..

    नाबालिग प्रेमी के लिए पति बना रुकावट! पत्नी ने रची ऐसी साजिश, नशीला जूस पिलाकर कर दी हत्या..

    नाबालिग प्रेमी के लिए पति बना रुकावट! पत्नी ने रची ऐसी साजिश, नशीला जूस पिलाकर कर दी हत्या..

    राजस्थान के बीकानेर जिले में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला ब्लाइंड मर्डर प्रतीत हो रहा था, लेकिन मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच के बाद मामले का खुलासा हुआ।

    सुनसान इलाके में मिला था युवक का शव

    पुलिस के मुताबिक, 19 अप्रैल 2026 को नोखा क्षेत्र के बछड़ा ताल इलाके में एक युवक का शव मिला था। बाद में उसकी पहचान मनीष जांगू के रूप में हुई। घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्षदर्शी या स्पष्ट सुराग नहीं मिलने से जांच चुनौतीपूर्ण थी।

    मोबाइल डेटा से मिला अहम सुराग

    जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के मोबाइल की लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल की। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान जांच की दिशा मृतक की पत्नी निकिता की ओर मुड़ी।

    हत्या की साजिश का आरोप

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ और एकत्र किए गए साक्ष्यों से पता चला कि निकिता के एक नाबालिग लड़के से कथित प्रेम संबंध थे। आरोप है कि पति इस रिश्ते में बाधा बन रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी वजह से कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई।

    नशीला पदार्थ देने और गला घोंटने का आरोप

    पुलिस का आरोप है कि घटना वाले दिन मनीष को कथित तौर पर नशीला पेय पिलाया गया। बेहोश होने के बाद उसका गला तार से घोंट दिया गया। इसके बाद शव को घर से दूर सुनसान इलाके में ले जाकर फेंक दिया गया। जांच को भटकाने के लिए मृतक का मोबाइल भी अलग स्थान पर फेंकने का आरोप है।

    पुलिस जांच जारी

    पुलिस ने मामले में निकिता और एक नाबालिग को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ‘ऐसी सजा दूंगा कि मौत भी डर जाएगी’… चरित्र पर शक में पति बना हैवान, पत्नी की पीट-पीटकर हत्या..

    ‘ऐसी सजा दूंगा कि मौत भी डर जाएगी’… चरित्र पर शक में पति बना हैवान, पत्नी की पीट-पीटकर हत्या..

    ‘ऐसी सजा दूंगा कि मौत भी डर जाएगी’… चरित्र पर शक में पति बना हैवान, पत्नी की पीट-पीटकर हत्या..

    राजस्थान के धौलपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार, सैपऊ थाना क्षेत्र के भूरापुरा गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

    15 साल पहले हुई थी शादी

    मृतका की पहचान 35 वर्षीय मथुरा के रूप में हुई है। उसकी शादी वर्ष 2011 में दिनेश कुशवाहा से हुई थी। दंपति के तीन बच्चे हैं। परिजनों का आरोप है कि पिछले करीब तीन वर्षों से दिनेश अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद और मारपीट होती रहती थी।

    कई बार हुआ समझौते का प्रयास

    परिवार के लोगों के मुताबिक, दोनों पक्षों ने कई बार आपसी समझौते की कोशिश की, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि दिनेश का व्यवहार लगातार हिंसक होता गया।

    नशे में घर पहुंचा, फिर हुआ खूनी हमला

    पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात दिनेश कथित तौर पर शराब के नशे में घर पहुंचा। उसने पत्नी को जगाकर विवाद शुरू किया और गुस्से में लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसके बाद लोहे के सरिए से भी कई वार किए, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

    अस्पताल में हुई मौत

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    आरोपी की तलाश में पुलिस

    वारदात के बाद आरोपी पति फरार हो गया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

    तीन मासूम बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़

    इस घटना के बाद दंपति के तीनों बच्चे गंभीर संकट में आ गए हैं। मृतका की बहन का आरोप है कि आरोपी पहले भी पत्नी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

  • पत्नी ने अपनी मां को उपहार देने से इनकार करने पर गला काटकर उसकी हत्या कर दी..

    पत्नी ने अपनी मां को उपहार देने से इनकार करने पर गला काटकर उसकी हत्या कर दी..

    पत्नी ने अपनी मां को उपहार देने से इनकार करने पर गला काटकर उसकी हत्या कर दी..

    अन्नामय्या जिला : सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को आर्थिक सहायता मिलने के बावजूद, कभी-कभी अप्रत्याशित घटनाएं घटित हो जाती हैं। ऐसी ही एक घटना अन्नामय्या जिले के पीतियाम मंडल के रापुरीवरिपल्ली पंचायत के पास हुई। राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों की माताओं के खातों में जमा की गई धनराशि को लेकर उठे विवाद ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। कोथापल्ली निवासी सुरेश और पद्मावती के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा प्रणीत पांचवीं कक्षा में और छोटा बेटा विष्णु तीसरी कक्षा में पढ़ रहा है। हालांकि, गरीब परिवारों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा दी गई आर्थिक सहायता ने उन्हें गहरे दुख में डाल दिया है। हाल ही में, सरकार ने विद्यार्थियों की आगे की शिक्षा के लिए माताओं के खातों में धनराशि जमा की। इस आदेश के तहत, सुरेश उस धनराशि का उपयोग अपने परिवार की जरूरतों के लिए करना चाहता था। लेकिन पद्मावती ने वह धनराशि देने से इनकार कर दिया। इसी के साथ, दोनों के बीच शुरू हुआ छोटा सा विवाद बड़ा हो गया। पति के बार-बार दबाव डालने के बावजूद, पत्नी ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इस वित्तीय मुद्दे ने उनके घर में दरार पैदा कर दी। पति के आहत होकर लिए गए फैसले ने पद्मावती की जान ले ली। कासिथिरा ने उसे अपनी पत्नी न मानते हुए उसकी हत्या कर दी। इस भयावह घटना से गांव में दहशत फैल गई। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। मृतक की मां कलावती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।

    पैसों के लिए पत्नी की हत्या कर दी गई

    घरों में छोटी-मोटी कहा-सुनी होना आम बात है, लेकिन इस परिवार में पैसों को लेकर हुआ विवाद गंभीर रूप ले चुका था। सुरेश अपनी पत्नी को सरकारी सहायता पाने के लिए बुरी तरह प्रताड़ित कर रहा था। गुरुवार की रात इसी मुद्दे पर पति-पत्नी के बीच तीखी बहस छिड़ गई। जब पद्मावती ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो सुरेश आपा खो बैठा। उसने पद्मावती को प्रताड़ित किया और धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वह जीवित नहीं रहेगी। मृतक की मां ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि सुरेश ने पहले भी कई बार अपनी पत्नी को प्रताड़ित किया था। हालांकि मां अपने पति द्वारा किए गए अत्याचारों को सहन नहीं कर पाई, फिर भी उसने अपने बच्चों के भविष्य के लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन इस बार उस दरिंदे ने सारी हदें पार कर दीं। उसने अपनी पत्नी का गला काट दिया, जिसे पालने-पोसने में उसने इतनी मेहनत की थी, और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इस क्रूर घटना के दौरान दोनों बच्चे फूट-फूट कर रोए। पति द्वारा हत्या की गई पद्मावती का शव देखकर स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए। घबराहट में लिए गए एक गलत फैसले ने परिवार की सारी खुशियां तहस-नहस कर दीं। पुलिस ने पैसों के लिए पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय लोग समाज में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    अन्नामय्या जिला: सड़क दुर्घटना में मारे गए दो बच्चों की जान

    एक तरफ मां की बेरहमी से हत्या कर दी गई, वहीं दूसरी तरफ पिता को जेल भेज दिया गया, जिससे दोनों बच्चे अकेले रह गए। पांचवीं कक्षा में पढ़ रहा प्रणीत और तीसरी कक्षा में पढ़ रहा विष्णु अब पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। जिस उम्र में उन्हें अपने पालक माता-पिता का प्यार मिलना चाहिए था, उस उम्र में बच्चे आंसुओं में डूबे हुए हैं। यह बेहद दुखद है कि सरकार द्वारा दी गई सहायता का सही उपयोग किया जाना चाहिए था। इन अनाथ बच्चों का भविष्य अब अनिश्चित हो गया है। मां को खोने के बाद बच्ची जिस दर्द से गुजर रही है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। रिश्तेदार भले ही बच्चों को सांत्वना दे रहे हों, लेकिन असहनीय पीड़ा उन्हें सता रही है। इस घटना की जानकारी पाने वाले आसपास के लोग गहरे सदमे में हैं। सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाएं परिवारों के विकास के लिए उपयोगी होनी चाहिए, न कि ऐसी क्रूरता का कारण। अधिकारी और पुलिस इस घटना की गहन जांच कर रहे हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरोपी को कानून के अनुसार सजा मिले। स्थानीय लोग चाहते हैं कि सरकार या गैर सरकारी संगठन इन दोनों अनाथ बच्चों की मदद के लिए आगे आएं। इस दुखद घटना ने सभी को झकझोर दिया है और समाज के लिए एक चेतावनी का काम किया है। सभी को यह समझना चाहिए कि तुच्छ आर्थिक विवादों के लिए अपना पूरा जीवन कुर्बान करना उचित नहीं है

  • पत्नी, होटल का कमरा और एक ऐसी गलतफहमी… जिसने एक बेगुनाह की जिंदगी बदल दी..

    पत्नी, होटल का कमरा और एक ऐसी गलतफहमी… जिसने एक बेगुनाह की जिंदगी बदल दी..

    पत्नी, होटल का कमरा और एक ऐसी गलतफहमी… जिसने एक बेगुनाह की जिंदगी बदल दी..

    दोपहर का वक्त था। सब कुछ सामान्य चल रहा था कि तभी एक व्यक्ति के मोबाइल पर एक कॉल आई।

    दूसरी तरफ से सिर्फ इतना कहा गया—

    “अगर सच देखना है, तो अभी होटल पहुंच जाओ… तुम्हारी पत्नी किसी और के साथ कमरे में है।”

    यह सुनते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। गुस्से और शक ने उस पर ऐसा कब्जा किया कि उसने एक पल भी नहीं सोचा। वह कुछ लोगों को साथ लेकर सीधे होटल की ओर निकल पड़ा।

    होटल पहुंचते ही उसकी नजर एक युवक पर पड़ी, जो बाहर निकल रहा था। उस समय उसके दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी—यही उसकी पत्नी का प्रेमी है।

    बिना कुछ पूछे, बिना सच्चाई जाने, उसने युवक को पकड़ लिया।

    होटल के बाहर देखते ही देखते हंगामा मच गया। युवक सफाई देता रहा कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी।

    कुछ ही देर में उसे जबरन वहां से ले जाया गया।

    इसके बाद जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर दिया।

    एक सुनसान जगह पर युवक पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। वह दर्द से चीखता रहा, खुद को निर्दोष बताता रहा, लेकिन गुस्से में किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। मारपीट इतनी बेरहमी से हुई कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    इसी बीच किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।

    वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने जांच शुरू की और होटल में मौजूद लोगों से पूछताछ की।

    फिर धीरे-धीरे परतें खुलनी शुरू हुईं…

    जांच में सामने आया कि जिस युवक को प्रेमी समझकर पीटा गया था, उसका कथित प्रेम संबंध से कोई लेना-देना ही नहीं था। वह किसी दूसरे काम से होटल पहुंचा था और वहां मौजूद एक महिला ने उससे बाहर निकलने में मदद मांगी थी। उसी समय गुस्से में वहां पहुंचे पति ने उसे गलतफहमी में पकड़ लिया।

    लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

    पूछताछ के दौरान पत्नी ने जो बयान दिया, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।

    उसने बताया कि जिस युवक की पिटाई हुई, वह उसका प्रेमी नहीं था। वह किसी और व्यक्ति से मिलने होटल गई थी और असली शख्स मौके से पहले ही निकल चुका था। गलतफहमी का शिकार एक निर्दोष युवक बन गया।

    अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वायरल वीडियो, होटल के सीसीटीवी फुटेज और सभी संबंधित लोगों के बयान जुटाए जा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि उस दिन होटल के कमरे में आखिर क्या हुआ था और असली सच्चाई क्या है।

    एक फोन कॉल… एक पल का गुस्सा… और बिना सच्चाई जाने लिया गया फैसला।

    इस गलतफहमी ने न सिर्फ एक बेगुनाह को अस्पताल पहुंचा दिया, बल्कि कई जिंदगियों को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया।

  • पति काम पर जाता, घर में मिलती थी पत्नी से सरकारी टीचर… फिर रची गई ऐसी साजिश कि सोते हुए पति की चली गई जान..

    पति काम पर जाता, घर में मिलती थी पत्नी से सरकारी टीचर… फिर रची गई ऐसी साजिश कि सोते हुए पति की चली गई जान..

    पति काम पर जाता, घर में मिलती थी पत्नी से सरकारी टीचर… फिर रची गई ऐसी साजिश कि सोते हुए पति की चली गई जान..

    राजस्थान के बालोतरा जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक विवाहित महिला पर अपने कथित प्रेमी, जो सरकारी शिक्षक है, के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

    खूबसूरती के कारण बढ़ी दूरियां

    पुलिस के मुताबिक, 23 वर्षीय अनु की शादी करीब चार साल पहले महेंद्र मेघवाल से हुई थी। शुरुआती दिनों में सब सामान्य था, लेकिन बाद में पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। परिवार का दावा है कि दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

    सरकारी शिक्षक से बढ़ीं नजदीकियां

    जांच में सामने आया कि अनु की पहचान अमराराम नामक एक सरकारी शिक्षक से हुई। आरोप है कि महेंद्र के काम पर जाने के बाद दोनों लंबे समय तक बातचीत करते थे और धीरे-धीरे उनके बीच कथित प्रेम संबंध बन गए।

    पति को हुआ शक, फिर रची गई हत्या की साजिश

    पुलिस के अनुसार, महेंद्र को पत्नी और उसके कथित प्रेम संबंधों की जानकारी होने लगी थी। इसी बात को लेकर घर में कई बार झगड़ा हुआ। आरोप है कि एक रात विवाद के बाद अनु ने अपने प्रेमी को घर बुलाया और दोनों ने मिलकर सो रहे महेंद्र की हत्या कर दी।

    सुबह ऐसे खुला पूरा मामला

    अगली सुबह जब महेंद्र काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजनों को शक हुआ। कमरे में जाकर देखा तो वह मृत अवस्था में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    पूछताछ में सामने आया सच

    पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में महिला के बयान संदिग्ध लगे। बाद में सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार किया और सरकारी शिक्षक प्रेमी की भूमिका का भी खुलासा किया। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हत्या के पीछे की परिस्थितियों तथा अन्य संभावित साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।

  • रोज बैंक के बाहर दिखती थीं दो महिलाएं, पति की खुशी के पीछे छिपा था बड़ा राज..

    रोज बैंक के बाहर दिखती थीं दो महिलाएं, पति की खुशी के पीछे छिपा था बड़ा राज..

    रोज बैंक के बाहर दिखती थीं दो महिलाएं, पति की खुशी के पीछे छिपा था बड़ा राज..

    बरेली में पुलिस ने एक ऐसे लुटेरे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों का भरोसा जीतने के लिए अपनी ही पत्नियों को हथियार बना लिया। यह गिरोह खासतौर पर बैंक से पेंशन या वेतन निकालकर बाहर आने वाले बुजुर्गों और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाता था। महिलाओं की मौजूदगी देखकर लोग उन्हें सामान्य सवारी समझ लेते थे, लेकिन कुछ ही देर बाद वे लूट का शिकार बन जाते थे।

    बैंक के बाहर शुरू होता था पूरा खेल

    पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य उस्मान अली पहले बैंक के अंदर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करता था, जिन्होंने अभी-अभी बड़ी रकम निकाली हो। जैसे ही कोई व्यक्ति बैंक से बाहर निकलता, उसका इशारा मिलते ही गैंग के बाकी सदस्य सक्रिय हो जाते।

    बैंक के बाहर दो अलग-अलग ऑटो पहले से खड़े रहते थे। इनमें आदिल और असगर अपने-अपने ऑटो लेकर मौजूद रहते, जबकि उनकी पत्नियां शबा और नूरी अच्छे कपड़े पहनकर और मेकअप करके सामान्य सवारी बनकर बैठी रहती थीं। महिलाओं को देखकर लोगों का शक लगभग खत्म हो जाता और वे आसानी से ऑटो में बैठ जाते।

    कुछ दूरी पर पहुंचते ही बदल जाता था पूरा मंजर

    पीड़ित को बैठाने के बाद ऑटो शहर से कुछ दूर ले जाया जाता। रास्ते में ऑटो खराब होने का बहाना बनाया जाता और फिर गैंग के सदस्य मिलकर यात्री से नकदी और कीमती सामान लूट लेते। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।

    महिलाएं निभाती थीं सबसे अहम भूमिका

    पुलिस के अनुसार, इस गैंग में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। वे सिर्फ ऑटो में बैठकर भरोसा नहीं दिलाती थीं, बल्कि बैंक के बाहर रेकी करने और संभावित शिकार पर नजर रखने का भी काम करती थीं। गिरोह के सदस्यों के बीच बातचीत के लिए अलग-अलग कोड वर्ड भी तय थे, ताकि किसी को शक न हो।

    पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

    लगातार बढ़ रही लूट की घटनाओं के बाद बरेली पुलिस और एसओजी ने संयुक्त जांच शुरू की। जांच के दौरान पांच आरोपियों—आदिल, शबा, असगर, नूरी और उस्मान अली—को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 93 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

    पूछताछ में आरोपियों ने अब तक आठ लूट की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ जारी है और अन्य मामलों में भी अहम खुलासे होने की संभावना है।

    पुलिस की लोगों से अपील

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक से बड़ी रकम निकालने के बाद किसी अनजान वाहन में बैठने से बचें। यदि संभव हो तो विश्वसनीय व्यक्ति के साथ जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें

  • ‘एक कॉफी पर घंटों बैठना पड़ेगा महंगा!’ बेंगलुरु के कैफे ने लगाया 99 रुपये प्रति घंटे का वर्कस्पेस चार्ज..

    ‘एक कॉफी पर घंटों बैठना पड़ेगा महंगा!’ बेंगलुरु के कैफे ने लगाया 99 रुपये प्रति घंटे का वर्कस्पेस चार्ज..

    ‘एक कॉफी पर घंटों बैठना पड़ेगा महंगा!’ बेंगलुरु के कैफे ने लगाया 99 रुपये प्रति घंटे का वर्कस्पेस चार्ज..

    बेंगलुरु: अगर आप भी कैफे में सिर्फ एक कप कॉफी लेकर घंटों लैपटॉप पर काम करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। बेंगलुरु के इंदिरानगर स्थित एक कैफे ने लंबे समय तक टेबल घेरकर बैठने वाले ग्राहकों के लिए नया नियम लागू किया है। अब ऐसे ग्राहकों से 99 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से वर्कस्पेस रेंटल चार्ज लिया जाएगा।

    यह मामला तब चर्चा में आया, जब टेक उद्यमी कार्तिक सुरोजू ने कैफे के बाहर लगे बोर्ड की तस्वीर LinkedIn पर साझा की। बोर्ड पर साफ लिखा था, “Workspace Rental: ₹99 per hour.” पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस छिड़ गई।

    कार्तिक ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि जब वह कैफे पहुंचे, तब वहां ज्यादा भीड़ नहीं थी। उनका मानना है कि इस तरह का बोर्ड संभावित ग्राहकों को आकर्षित करने के बजाय उन्हें दूर कर सकता है।

    हालांकि, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ यूजर्स का कहना है कि एक कप कॉफी खरीदकर कई घंटों तक टेबल पर कब्जा जमाए रखना कैफे के कारोबार को नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि इससे अन्य ग्राहकों को बैठने की जगह नहीं मिलती।

    वहीं, कई लोगों का तर्क है कि अधिकांश ग्राहक काम के दौरान समय-समय पर खाने-पीने का ऑर्डर भी देते हैं। ऐसे में कुछ लोगों की वजह से सभी ग्राहकों पर अतिरिक्त शुल्क लगाना उचित नहीं है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अब ‘टाइम कैफे’ का कॉन्सेप्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस मॉडल में ग्राहक खाने-पीने की चीजों के बजाय कैफे में बिताए गए समय के आधार पर भुगतान करते हैं। पुणे और कोच्चि जैसे शहरों में पहले से ऐसे कैफे संचालित हो रहे हैं, जहां समय के हिसाब से शुल्क लिया जाता है और चाय, कॉफी या वाई-फाई जैसी सुविधाएं पैकेज का हिस्सा होती हैं।

    फिलहाल बेंगलुरु के इस कैफे का नया नियम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे व्यवसाय के लिहाज से सही कदम बता रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि ग्राहकों के लिए ‘लैपटॉप-फ्री जोन’ या सीमित समय जैसी वैकल्पिक व्यवस्था बेहतर विकल्प हो सकती है।

  • इस देश में कब्र से पूर्वजों के अवशेष निकालकर मनाया जाता है उत्सव, जानिए ‘फामादिहाना’ परंपरा का इतिहास…

    इस देश में कब्र से पूर्वजों के अवशेष निकालकर मनाया जाता है उत्सव, जानिए ‘फामादिहाना’ परंपरा का इतिहास…

    इस देश में कब्र से पूर्वजों के अवशेष निकालकर मनाया जाता है उत्सव, जानिए ‘फामादिहाना’ परंपरा का इतिहास…

    नई दिल्ली: दुनिया भर में अलग-अलग संस्कृतियों और समुदायों की अपनी अनूठी परंपराएं हैं। इन्हीं में से एक है ‘फामादिहाना’ (Famadihana), जिसे दुनिया की सबसे अनोखी अंतिम संस्कार संबंधी परंपराओं में गिना जाता है। यह परंपरा अफ्रीकी द्वीपीय देश मैडागास्कर (Madagascar) के कुछ समुदायों में आज भी निभाई जाती है।

    क्या है फामादिहाना परंपरा?

    फामादिहाना का अर्थ है “हड्डियों को पलटना” (Turning of the Bones)। इस रस्म के दौरान परिवार के लोग कुछ वर्षों के अंतराल पर अपने पूर्वजों के अवशेषों को पारिवारिक समाधि (कब्र) से सम्मानपूर्वक बाहर निकालते हैं, उन्हें नए रेशमी कफन में लपेटते हैं और फिर धार्मिक व पारिवारिक अनुष्ठान करते हैं।

    शोक नहीं, यादों का उत्सव

    इस परंपरा के दौरान परिवार और रिश्तेदार एकत्रित होकर संगीत, नृत्य और सामूहिक भोज का आयोजन करते हैं। कई लोग पूर्वजों के अवशेषों को कंधे पर उठाकर पारंपरिक संगीत के बीच सम्मानपूर्वक जुलूस भी निकालते हैं। इसका उद्देश्य शोक मनाना नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों को सम्मान देना और उनकी स्मृतियों का उत्सव मनाना होता है।

    क्यों निभाई जाती है यह रस्म?

    मैडागास्कर के कुछ समुदायों की मान्यता है कि मृत्यु के बाद भी पूर्वज परिवार का हिस्सा बने रहते हैं। उनका विश्वास है कि पूर्वजों का सम्मान करने और समय-समय पर उन्हें याद करने से परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। इसी कारण फामादिहाना को प्रेम, सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है।

    हर जगह नहीं निभाई जाती यह परंपरा

    ध्यान देने वाली बात यह है कि फामादिहाना पूरे मैडागास्कर में नहीं, बल्कि मुख्य रूप से मेरिना (Merina) और बेटसिलियो (Betsileo) जैसे कुछ समुदायों द्वारा ही निभाई जाती है। आधुनिक समय में आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इस परंपरा का प्रचलन कुछ क्षेत्रों में कम भी हुआ है, लेकिन यह अब भी मैडागास्कर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

    फामादिहाना दुनिया की उन परंपराओं में शामिल है, जो यह दिखाती हैं कि अलग-अलग संस्कृतियों में पूर्वजों को याद करने और सम्मान देने के तरीके कितने विविध और अनोखे हो सकते हैं।

  • 6 दिनों से भीतर-ही-भीतर सुलग रहा महुआ .न धुआं, न लपटें… फिर भी जल रहा महुआ का पेड़, बलिया की घटना बनी रहस्य..

    6 दिनों से भीतर-ही-भीतर सुलग रहा महुआ .न धुआं, न लपटें… फिर भी जल रहा महुआ का पेड़, बलिया की घटना बनी रहस्य..

    6 दिनों से भीतर-ही-भीतर सुलग रहा महुआ .न धुआं, न लपटें… फिर भी जल रहा महुआ का पेड़, बलिया की घटना बनी रहस्य..

    बलिया (उत्तर प्रदेश): बलिया जिले के चिलकहर ब्लॉक के नरावं गांव में एक महुआ का पेड़ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का दावा है कि यह हरा-भरा पेड़ पिछले छह दिनों से अंदर ही अंदर सुलग रहा है। हैरानी की बात यह है कि बारिश होने के बावजूद पेड़ की गर्माहट कम नहीं हुई और बाहर से धुआं भी दिखाई नहीं दे रहा। इस अनोखी घटना को देखने के लिए दूर-दूर से लोग गांव पहुंच रहे हैं।

    स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। कुछ इसे प्रकृति का अनोखा रहस्य मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे चमत्कार और दैवीय संकेत बताकर पेड़ की पूजा-अर्चना करने लगे हैं। पेड़ के नीचे लाल कपड़ा, ईंटें और चढ़ावा रखा गया है तथा कुछ लोगों ने यहां मंदिर बनाने की भी बात कही है।

    पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष महात्मा सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर पेड़ में आग लगने की खबर देखने के बाद वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार पेड़ में बीच-बीच में आग जैसी लपट दिखाई देती है, लेकिन धुआं नहीं निकलता। उनके मुताबिक, इस तरह की घटना की वास्तविक वजह वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    ग्रामीण अवधेश पांडेय ने पेड़ के पास त्रिशूल स्थापित कर दिया है। उनका कहना है कि लोग इस पेड़ को अब ‘महुआ बाबा’ के रूप में मानने लगे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि घटना के पीछे कोई प्राकृतिक या वैज्ञानिक कारण भी हो सकता है और जांच से जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हें स्वीकार किया जाना चाहिए।

    वहीं, कई अन्य ग्रामीण इसे अपनी आस्था से जोड़ रहे हैं। गांव में कीर्तन और सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी शुरू हो गया है तथा श्रद्धालु पेड़ के पास पहुंचकर पूजा और चढ़ावा चढ़ा रहे हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना की वैज्ञानिक जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि पेड़ के भीतर लगातार गर्मी या सुलगने जैसी स्थिति किस कारण बनी हुई है। फिलहाल यह रहस्यमयी घटना पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है।