Category: Crime

  • सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    सांसें चलती देख बढ़ी हैवानियत, भांजे ने कार से पेट्रोल निकाल मामा को जिंदा फूंक दिया..

    झांसी : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और बर्बर वारदात सामने आई है। यहां के मऊरानीपुर इलाके में एक सगे भांजे ने अपने साले के साथ मिलकर 69 वर्षीय बुजुर्ग मामा की ऐसी नृशंस हत्या की, जिसे सुनकर पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए। जमीन के लालच और मामा की टोका-टाकी से नाराज भांजे ने पहले बुजुर्ग का अपहरण किया, फिर गला घोंटने और पत्थर से सिर कुचलने के बाद जब उनकी सांसें चलती रहीं, तो उन्हें कार से पेट्रोल निकालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सर्विलांस की मदद से हुआ है।

    अविवाहित मामा ने भांजे के नाम की थी 30 बीघा जमीन, सब बेचकर उड़ाए पैसे

    मऊरानीपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) रत्नेश कुमार ने बताया कि मूल रूप से महोबा जिले के दिदवारा गांव के रहने वाले 69 वर्षीय नेपाल सिंह पिछले 30 सालों से झांसी के लहचूरा थाना क्षेत्र के धमना पायक गांव में रह रहे थे। नेपाल सिंह आजीवन कुंवारे रहे और उन्होंने शादी नहीं की थी। उन्होंने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई और संपत्ति अपने भांजे प्रीतम, अपनी बहन सुधा देवी और बहनोई के नाम कर दी थी।

    भांजा प्रीतम बेहद शातिर और खर्चीला था। उसे मामा की तरफ से जो करीब 30 बीघा जमीन मिली थी, उसे वह पहले ही बेचकर पैसे उड़ा चुका था। अब उसकी काली नजर अपनी मां के हिस्से की जमीन पर थी, जिसे वह औने-पौने दामों में बेचना चाहता था। बुजुर्ग मामा नेपाल सिंह भांजे की इस बर्बादी का लगातार विरोध कर रहे थे और उसे गलत काम करने से टोकते थे।

    दो दिन में जान से मार दूंगा बड़े मामा को फोन पर दी थी खुली चुनौती

    पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि प्रीतम अपने मामा नेपाल सिंह की रोज-रोज की टोका-टाकी से इस कदर नाराज हो गया था कि उसने उन्हें रास्ते से हटाने का पूरा प्लान बना लिया। आरोप है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने से ठीक दो दिन पहले, यानी 27 जून को प्रीतम ने अपने बड़े मामा वीर सिंह को फोन किया था। फोन पर उसने खुली धमकी देते हुए कहा था कि “अगर नेपाल सिंह दो दिन के भीतर मेरे घर से नहीं गए, तो मैं उन्हें जान से मार दूंगा।” परिवार ने इस धमकी को सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन प्रीतम के दिमाग में खौफनाक साजिश पक रही थी।

    सुबह तड़के किया किडनैप; सीसीटीवी कैमरे ने खोल दी कलयुगी भांजे की पोल

    29 जून की सुबह तड़के अचानक बुजुर्ग नेपाल सिंह रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कहीं पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने लहचूरा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला एक बुजुर्ग से जुड़ा होने के कारण थाना प्रभारी सरिता मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत तफ्तीश शुरू की।

    पुलिस ने जब गांव और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। फुटेज में साफ दिखा कि सुबह के वक्त प्रीतम अपनी कार में जबरन नेपाल सिंह को बैठाकर ले जा रहा था। इस पुख्ता सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए प्रीतम को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सामने रखी तो वह टूट गया और उसने मामा की रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर स्टोरी बयां कर दी।

    एमपी के करारा गंज जंगल में तड़पा-तड़पा कर दी मौत, एक आरोपी अब भी फरार

    कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रीतम ने बताया कि वह 29 जून को अपने मामा का अपहरण कर सीधे मध्य प्रदेश के अलीपुरा थाना क्षेत्र के करारा गंज गांव पहुंचा। वहां उसका साला गोलू और एक साथी अनुज पहले से कार का इंतजार कर रहे थे। तीनों ने मिलकर पहले नेपाल सिंह का गला घोंटने का प्रयास किया। जब वे नहीं मरे, तो भारी पत्थर उठाकर उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनका एक दांत टूट गया और वे लहूलुहान हो गए।

    इतनी बर्बरता के बाद भी जब बुजुर्ग की सांसें चलती रहीं, तो आरोपियों ने अपनी ही कार की टंकी से पाइप डालकर पेट्रोल निकाला। तड़प रहे बुजुर्ग मामा पर पेट्रोल छिड़ककर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया। जब वे पूरी तरह जल गए, तो शव को एमपी के घने जंगलों में फेंककर तीनों फरार हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी भांजे प्रीतम और उसके साले गोलू को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी अनुज की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

  • शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    शादी का झूठा सपना दिखाकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे..

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना चिनहट में एक युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक आरोपित को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया।

    मामले की विवेचना कर रहे थाना में तैनात उपनिरीक्षक विवेक मिश्रा ने बताया कि एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, कुछ समय पहले उसकी मुलाकात बाराबंकी के जैदपुर थाना बीबीपुर निवासी ऋषि वर्मा से हुई थीं। आरोपित ऋषि ने उससे कहा कि वो उसको बहुत पसंद है और उससे शादी करना चाहता है। इसी बीच उसने कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाए। अब वह शादी से इनकार कर रहा है। इतना ही नहीं उसे जानमाल की धमकी भी दी है। युवती ने शनिवार को आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

    मामले का संज्ञान लेकर थाना प्रभारी ने पूरे प्रकरण की जांच उन्हें (उपनिरीक्षक विवेक मिश्रा) को सौंपी थी। उपनिरीक्षक ने बताया कि प्रभावी कार्यवाही करते हुए नामजद आरोपित ऋषि वर्मा को आज गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपित के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी की जा रही है।

  • WhatsApp पर बिछाया 500 करोड़ की ठगी का जाल, जयपुर से मास्टरमाइंड गिरफ्तार..

    WhatsApp पर बिछाया 500 करोड़ की ठगी का जाल, जयपुर से मास्टरमाइंड गिरफ्तार..

    WhatsApp पर बिछाया 500 करोड़ की ठगी का जाल, जयपुर से मास्टरमाइंड गिरफ्तार..

    : राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था। पुलिस के अनुसार एक ही व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।

    अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को ‘105 आईएनडी स्टॉक्स एडीवी’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर रकम निवेश कराई गई थी। तकनीकी जांच में पता चला कि इसी ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये की ठगी की गई।

    जांच के दौरान उप महानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा का विश्लेषण किया। इसके आधार पर गिरोह के मास्टरमाइंड युवराज सतीश मुदलियार 35 निवासी लोहगांव पुणे को गिरफ्तार कर ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के बहाने लोगों के पैन कार्ड, आधार, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज लेकर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाता था। खाताधारकों को 10 हजार रुपये कमीशन दिया जाता था। इन खातों में ठगी की रकम जमा होने के बाद नकदी निकालकर हवाला नेटवर्क के माध्यम से बिनांस वॉलेट में यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) खरीदकर विदेशों में भेजी जाती थी, जिससे आरोपी को पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस के अनुसार गिरोह पहले निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए छोटी राशि मुनाफे के रूप में लौटाता था। बाद में बड़ी रकम निवेश कराने के बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से हटाकर ग्रुप डिलीट कर दिया जाता था।

    थानाधिकारी एवं उपाधीक्षक गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस आरोपी के बैंक खातों और बिनांस वॉलेट को फ्रीज कराने के साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

  • बंगाल में 11 साल की मासूम का बोरी में मिला शव, यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप,,?

    बंगाल में 11 साल की मासूम का बोरी में मिला शव, यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप,,?

    बंगाल में 11 साल की मासूम का बोरी में मिला शव, यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का आरोप,,?

    एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को परेशान कर दिया है. दरअसल, राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में रविवार (5 जुलाई, 2026) की सुबह एक बंद बोरी बरामद की गई है, जिसमें से एक 11 साल की बच्ची का शव निकला है.

    ‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि यह बच्ची एक दिन पहले यानी शनिवार (4 जुलाई, 2026) को लापता हो गई थी, जिसका अब शव बरामद किया गया है. इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया गया है और उसके बाद उसकी हत्या करके बोरी में बांधकर फेंक दिया गया है.

    एक 11 साल की बच्ची के ऐसे हालत में शव बरामद किए जाने के बाद से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों ने इस मामले में आक्रोश जताते हुए बरुईपुर-जॉयनगर रोड को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन से इस घृणित अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

    वहीं, मामले में जनता के विरोध को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सड़क जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों से घटनास्थल पर पहुंचकर बातचीत की, उन्हें मामले में तुरंत जांच और सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और सड़क जाम को हटाया.

    पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    पुलिस अधिकारियों के बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि उसकी मौत के पीछे के असली कारण का खुलासा किया जा सके और इस बात की भी पुष्टि की जा सके कि क्या बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न भी हुआ था. अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार भी किया गया है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है.

    बंगाल पुलिस के अधिकारियों ने आगे बताया कि मृतका बच्ची एक दिन पहले शनिवार (4 जुलाई, 2026) को अपने दोस्त के जन्मदिन के लिए गिफ्ट खरीदने के लिए घर से बाहर निकली थी. इसके बाद से ही वह लापता हो गई. वहीं, बच्ची के परिजनों का आरोप है कि बच्ची जब घर से बाहर निकली तो उसे चार लोग जबरदस्ती उठाकर अपने साथ ले गए.

  • शक ने उजाड़ा परिवार! पति ने चाकू से गोदकर पत्नी को मार डाला, फिर बहन को दी जानकारी

    शक ने उजाड़ा परिवार! पति ने चाकू से गोदकर पत्नी को मार डाला, फिर बहन को दी जानकारी

    शक ने उजाड़ा परिवार! पति ने चाकू से गोदकर पत्नी को मार डाला, फिर बहन को दी जानकारी

    हैदराबाद में घरेलू विवाद में पति ने शुक्रवार शाम चाकू मारकर अपनी 37 वर्षीय पत्नी की हत्या कर दी. उसे पिछले कई वर्षों से पत्नी के चाल-चलन पर शक था. इस बात पर अक्सर पति-पत्नी में कलह होती थी. शुक्रवार शाम दोनों में फिर इस बात पर विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्साए पति ने घर में रखे चाकू से बीवी पर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया. ज्यादा खून बह जाने की वजह से पत्नी की मौके पर मौत हो गई. इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन को फोन करके वारदात के बारे में बताया.

    पति-पत्नी में होने लगे झगड़े

    पुलिस के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना हैदराबाद के चिल्कानगर में शुक्रवार शाम हुई. उप्पल थाने के सब-इंस्पेक्टर विनय के मुताबिक, मृतका की पहचान पापिथोट्टी जेसिका (37) के रूप में हुई है. वह एक अस्पताल में नर्स का काम करती थी. मृतका के छोटे भाई ने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी है, जिस पर पुलिस मामले में जांच कर रही है.

    शिकायत के अनुसार, वर्ष 2015 में जेसिका का विवाह सुरेश (41) के साथ हुआ था. इसके बाद उन्हें एक बेटी पैदा हुई. शादी के कुछ समय तक तो सब ठीक चला लेकिन बाद में दोनों में छोटी-छोटी बात पर झगड़े होने लगे. हालांकि, झगड़ों के बावजूद दोनों साथ रह रहे थे.

    चाकू से वार कर पत्नी का कर दिया कत्ल

    मृतका के भाई ने अपनी कंप्लेंट में बताया कि जेसिका 28 जून से गांधी अस्पताल में अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए रुकी हुई थीं. जब पति को यह पता चला कि जेसिका अस्पताल में रातें बिता रही हैं तो वह शक करने लगा. उसने उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया. दोनों में इस मुद्दे पर कई बार झगड़े हुए.

    पुलिस के मुताबिक, 3 जुलाई को शाम करीब 4 बजे चिल्कानगर के आदर्श नगर वाले घर में कपल के बीच फिर झगड़ा हुआ. इसी बीच आरोपी पति ने चाकू लेकर पत्नी जेसिका की छाती, बाएं कंधे और बाईं कांख में चाकू से वार कर दिए. इससे खून की धार बह निकली. ज्यादा खून बह जाने की वजह से वह मौके पर ही मर गई.

    अपनी बहन को फोन करके बताया और हो गया फरार

    वारदात करने के बाद आरोपी ने शनिवार सुबह अपनी बहन को फोन करके करतूत के बारे में बताया और फिर मौके से फरार हो गया. उसकी बहन ने इस घटना की सूचना मृतका के भाई को दी. इसका पता चलते ही वह अपनी बहन के घर पहुंचा, जहां पर उसने उसे मृत पाया.

    उसने इस बात की सूचना पुलिस को दी. जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. साथ ही, आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया. उसे शनिवार दोपहर बाद अरेस्ट कर लिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की कोशिश कर रही है.

  • ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

    ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

    ससुराल में खूनी कांड! पत्नी को मनाने गए शख्स को जिंदा फूंका, बचाने आई महिला भी नहीं बची..

      पंजाब के तरनतारन जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. जानकारी के अनुसार, यहां अपनी रूठी हुई पत्नी को मनाने और उसे वापस घर ले जाने के लिए ससुराल गए एक युवक को उसके सगे साले ने सरेआम पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया. इस भयावह घटना में युवक और उसे बचाने दौड़ी एक महिला की तड़प-तड़पकर मौत हो गई है. इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मर्डर का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

      पत्नी को वापस लाने गया था लवप्रीत, मिली दर्दनाक मौत

      मृतक युवक की पहचान लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लवप्रीत सिंह और उसकी पत्नी संदीप कौर के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी, जिसके बाद संदीप अपने मायके जाकर रहने लगी थी. बीती 13 जून को लवप्रीत अपनी पत्नी को समझा-बुझाकर वापस घर लाने के मकसद से अपने ससुराल गया था. उसे अंदाजा भी नहीं था कि वहां उसकी जिंदगी का सबसे खौफनाक अंत इंतजार कर रहा है. वहां बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि लवप्रीत के साले साजन सिंह ने गुस्से में आकर अपने जीजा पर कोई ज्वलनशील पदार्थ फेंका और माचिस जला दी. देखते ही देखते लवप्रीत आग का गोला बन गया.

      बचाने आई महिला भी लपटों में घिरी, दोनों की मौत

      जब लवप्रीत को जिंदा जलाया जा रहा था, तब साजन सिंह की भाभी गुरजीत कौर बीच-बचाव करने और लवप्रीत की जान बचाने के लिए आगे दौड़ीं. लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि गुरजीत कौर भी उसकी चपेट में आ गईं और बुरी तरह झुलस गईं. अस्पताल में इलाज के दौरान लवप्रीत और गुरजीत दोनों ने दम तोड़ दिया. इस घटना में आरोपी साजन सिंह भी खुद थोड़ा झुलस गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

      रूह कंपा देने वाला वीडियो आया सामने, पुलिस ने दर्ज किया केस

      इंटरनेट पर आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे एक शख्स अचानक दूसरे पर आग लगा देता है और पीड़ित खुद को बचाने के लिए बेतहाशा इधर-उधर भागता है. गुरजीत कौर को भी आग की लपटों में घिरा देख पीछे खड़ा एक तीसरा शख्स मदद के लिए दौड़ता है. वीडियो में आग तेजी से फैलती हुई और दोनों पीड़ितों को अपनी चपेट में लेती दिख रही है. तरनतारन पुलिस ने इस जघन्य अपराध को लेकर मुख्य आरोपी साजन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.

    • हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

      बाराबंकी जिले में एसटीएफ ने एक ऐसे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सबसे जरूरी चीज, चाय को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। थाना बड्डूपुर क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में चल रही नकली और मिलावटी चायपत्ती बनाने की फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।

      छापेमारी में क्या-क्या मिला?

      एसटीएफ की टीम ने मौके से लगभग 763.75 किलोग्राम मिलावटी चायपत्ती बरामद की है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री और रसायन भी मिले हैं। बरामद सामान में फर्जी ब्रांड की मिलावटी चायपत्ती के सैकड़ों पैकेट, लगभग 3.9 किलोग्राम रंगीन रसायन, पैकिंग मशीन और भारी मात्रा में खाली रैपर और बोरे शामिल हैं। इन सभी चीजों का इस्तेमाल नकली चाय को असली ब्रांड की तरह पैक कर बाजार में बेचने के लिए किया जा रहा था।

      कैसे चलता था मिलावट का यह धंधा?

      जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह द्वारा चलाया जा रहा था। गिरोह के सदस्य असम से सस्ती और घटिया क्वालिटी की चायपत्ती मंगाते थे। इसके बाद उसमें रंग और रसायन मिलाकर उसे मजबूत स्वाद और आकर्षक रंग दिया जाता था। फिर इस मिलावटी चाय को अलग-अलग नामी ब्रांड के पैकेट में पैक कर लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहांपुर और बहराइच जैसे जिलों में सप्लाई किया जाता था।

      गिरफ्तार आरोपी ने खोले कई राज

      गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शकील ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। उसके मुताबिक, इस धंधे में कई लोग शामिल हैं जो अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। उसने यह भी बताया कि कम लागत में तैयार होने वाली यह नकली चाय बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेची जाती थी, जिससे गिरोह को मोटा मुनाफा होता था।

      एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

      एसटीएफ की यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने शाहपुर गांव में छापा मारा और मौके से एक आरोपी को दबोच लिया। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

      किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

      इस मामले में थाना बड्डूपुर में बीएनएस की धारा 318(2), 318(4), 274 और 275 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क और फंडिंग चैन की जांच कर रही है। फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे सप्लाई चेन पर है और जांच आगे बढ़ रही है।

    • गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

      गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

      गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

      Gorakhpur: गोरखपुर के सहजनवा थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय मासूम के अपहरण और हत्या के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मासूम का अपहरण फिरौती वसूलने की नीयत से कर ले गए थे, लेकिन पुलिस की तेजी से शुरू हुई जांच और तलाश अभियान के कारण पकड़े जाने के डर से उन्होंने बच्चे की हत्या कर दी।

      बच्चे की तलाश जारी

      पुलिस के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को मासूम के दादा ने सहजनवा थाने में अपने पांच वर्षीय पौत्र के घर से लापता होने की सूचना दी थी। शिकायत के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें बालक को स्थानीय निवासी कल्पेश राय के साथ जाते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध की तलाश तेज कर दी।

      आरोपी गिरफ्तार

      लगातार की गई खोजबीन के दौरान 3 जुलाई को लापता बालक का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रविवार को आरोपी कल्पेश राय और उसकी पत्नी नीलम प्रभा राय को गिरफ्तार कर लिया।

      परिवार की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय

      पुलिस पूछताछ में आरोपी कल्पेश राय ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर फिरौती के उद्देश्य से बच्चे का अपहरण किया था। हालांकि, जब परिवार की सूचना पर पुलिस सक्रिय हो गई और गिरफ्तारी की आशंका बढ़ी तो दोनों ने मिलकर मासूम की हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस जांच में पूरा मामला उजागर हो गया।

      पहलुओं की गहन जांच जारी

      सहजनवा पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में दर्ज मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

      इस कार्रवाई को थाना प्रभारी बलराम पाण्डेय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें उपनिरीक्षक जितेन्द्र यादव, उपनिरीक्षक मृत्युंजय कुमार तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    • पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

      पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

      पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

      उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक कलयुगी बेटे ने मामूली बात पर अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक प्रमोद पासी उर्फ रेवती (55 वर्ष) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता थे। आरोपी बेटे ने इस खौफनाक वारदात को उस समय अंजाम दिया जब उसके पिता गांव के एक मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

      मंदिर में पूजा कर रहे थे बीजेपी नेता, पीछे से किया ताबड़तोड़ वार

      यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को 55 वर्षीय भाजपा नेता प्रमोद पासी हमेशा की तरह गांव के मंदिर में शनि देव और बरम बाबा की पूजा-अर्चना करने गए थे। वह पूजा में लीन थे, तभी उनका सगा बेटा सोने लाल हाथ में कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंच गया। इससे पहले कि प्रमोद पासी कुछ समझ पाते, सोने लाल ने पीछे से उनके सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। हमला इतना जोरदार था कि प्रमोद पासी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

      शराब की लत और बहू का पक्ष लेना बनी हत्या की वजह

      परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी सोने लाल बेहद हिंसक और शराब पीने का लती है। वह अक्सर शराब के नशे में घर में कलह करता था और अपनी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट किया करता था। भाजपा नेता प्रमोद पासी हमेशा अपनी बहू का पक्ष लेते थे और बेटे की इन हरकतों का विरोध करते थे। पिता का बहू का साथ देना सोने लाल को बिल्कुल पसंद नहीं था, जिसे लेकर वह अपने पिता से रंजिश रखने लगा था।

      जायदाद के हिस्से को लेकर भी पिता-पुत्र में था विवाद

      घरेलू विवाद के अलावा इस हत्या के पीछे जमीन-जायदाद का एंगल भी सामने आया है। परिजनों ने बताया कि सोने लाल पिछले काफी समय से अपने पिता प्रमोद पासी पर जायदाद का हिस्सा उसके नाम करने का दबाव बना रहा था। वह अपनी मनमर्जी से जमीन बेचना चाहता था, लेकिन प्रमोद पासी उसकी शराब की लत और गलत आदतों को देखते हुए हिस्सा देने से साफ मना कर देते थे। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने ही पिता की जान लेने की खौफनाक साजिश रच डाली।

      औरास पुलिस ने आरोपी बेटे को किया गिरफ्तार, जांच जारी

      मंदिर परिसर में बीजेपी नेता की हत्या की खबर मिलते ही औरास थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे बेटे सोने लाल को आलाकत्ल (कुल्हाड़ी) के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

    • 2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

      2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

      2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

      बरेली में एक डॉक्टर, जिसने दो महीने पहले लव मैरिज की थी, की शनिवार सुबह 4 बजे हॉस्पिटल में मौत हो गई. उसके भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे जहर देकर मार डाला और फिर सिविल लाइंस में मेयर के कैंप ऑफिस के सामने फेंक दिया.

      यूपी के बरेली में एक डॉक्टर, जिसने दो महीने पहले लव मैरिज की थी, की शनिवार सुबह 4 बजे हॉस्पिटल में मौत हो गई. उसके भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे जहर देकर मार डाला और फिर सिविल लाइंस में मेयर के कैंप ऑफिस के सामने फेंक दिया.

      शुक्रवार रात करीब 8 बजे राहगीरों ने भाई को हॉस्पिटल पहुंचाया. परिवार वालों के मुताबिक, डॉक्टर ने मौत से पहले बताया था कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे बुरी तरह पीटा था. उसकी पत्नी डेढ़ महीने से अपने बहनोई और बहन के घर पर रह रही थी. 

      डॉक्टर ने 15 अप्रैल को लव मैरिज की 

      सुभाष नगर थाना इलाके में बालाजी धाम मंदिर के पास रहने वाले डॉ. कुलदीप गोस्वामी (40) अपना क्लिनिक चलाते थे. तीन साल पहले उनका अपनी पत्नी से तलाक हो गया था. पहली पत्नी दया से उनका एक बेटा उत्कर्ष (13) है. वह मदर्स पब्लिक स्कूल में सातवीं क्लास में पढ़ता है. कुलदीप ने 15 अप्रैल को गुंजन (38) से लव मैरिज की थी.

      कुलदीप के भाई विनायक ने बताया कि शादी के बाद से ही गुंजन उस पर लगातार अपने माता-पिता से अलग रहने का दबाव बना रही थी. वह अपने सास, ससुर, देवरानी और देवर से झगड़ा और मारपीट करती थी. उसके भाई की पत्नी गुंजन शादी के 15 दिन बाद ही ससुराल चली गई. वह अपने साथ लाखों रुपये के गहने ले गई. वह कैंट थाना इलाके के सदर बाजार में अपनी बहन और जीजा के साथ रह रही थी.

      कुलदीप अपनी पत्नी को मनाने गया 

      परिवार वालों ने बताया कि शुक्रवार (3 जुलाई) को डॉ. कुलदीप अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए उसके घर गया था. वहां उसकी पत्नी ने अपनी बहन और जीजा के साथ मिलकर कुलदीप को जहर दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. उसकी मौत के बाद आरोपियों ने उसकी लाश सड़क किनारे फेंक दी.

      शनिवार को मृतक के भाई ने कैंटोनमेंट थाने में अपनी पत्नी, बहन और जीजा पर हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है. बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.

      मरने से पहले कुलदीप ने बनाई थी एक वीडियो

      कुलदीप का एक वीडियो सामने आया है. इसमें उसने कहा मैं बहुत परेशान था, इसलिए मैंने यह वीडियो बनाया. मैंने दो महीने पहले गुंजन से शादी की थी. शादी के बाद मुझे लगा कि मैं एक सोची-समझी साजिश में फंस गया हूं. शादी के बाद मेरे घर से कैश, सोना, चांदी और दूसरा सामान गायब होने लगा. 

      एक बार मैंने गुंजन को अपनी बहन रीना को 70,000 रुपये देते हुए पकड़ लिया. पूछने पर उसने कहा कि वह उधार दे रही है और बाद में लौटा देगी. धीरे-धीरे मुझे यकीन हो गया कि घर में चोरी के लिए गुंजन ही जिम्मेदार है. जब मैंने उसके परिवार से शिकायत की, तो वे मारपीट पर उतर आए.

      गुंजन के भाई की कुलदीप की भाभी पर थी बुरी नजर

      गुंजन के भाई अमित की हमारी छोटी भाभी पर बुरी नजर थी. 30 तारीख को उसने उसके साथ छेड़छाड़ की. सुभाष नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मुझे कानून पर बहुत भरोसा था, लेकिन अब मैं पूरी तरह टूट चुका हूं.

      मैं गुंजन, रीना, सतीश और अमित के खिलाफ जांच चाहता हूं. उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. मैं सीएम योगी, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और SSP से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करता हूं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो. जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और के साथ न हो. उत्कर्ष, मेरे बेटे, मैं तुमसे प्यार करता हूं. अपने दादा-दादी का ख्याल रखना और अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ना. मैं अपने दोस्तों से भी रिक्वेस्ट करता हूं कि वे मेरे बेटे का साथ दें.