Category: Crime

  • जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    खेतों में घूम रहे ग्रामीणों ने आम के पेड़ पर लटके शव देखे और पुलिस को इत्तला किया. युवती की मांग में सिंदूर भरे होने की आशंका है जबकि आम के पेड़ के नीचे से कई साक्ष्य बरामद हुए हैं

    उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने दो परिवारों में कोहराम मचा दिया है. यहां के सबुआ गांव के पास गुढ़ा मोड पर स्थित एक मशहूर आम के पेड़ पर एक युवक और युवती के शव लटके मिले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की पहचान सबुआ गांव निवासी 24 वर्षीय उपेंद्र विश्वकर्मा और युवती की पहचान चरखारी की 22 वर्षीय आरती कुशवाहा के तौर पर की गई है. यह प्रेमी जोड़ा एक ही रस्सी से पेड़ पर लटके मिला है. युवती की मांग में सिंदूर होने की बात सामने आ रही है जबकि पेड़ के पास चिप्स, कोल्ड ड्रिंक के पैकेज और मोबाइल फोन पड़े मिले हैं. इस हादसे की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस ने दोनों के शवों को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. दूसरी तरफ गांव में दोनों को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगी.

    इसी आम के पेड़ के नीचे बिताते थे अपना वक्त

    बताया जा रहा है कि दोनों का आपस में पिछले 3 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों इसी आम के पेड़ के नीचे मुलाकात करते थे. घंटों बातचीत करते थे और इसी पेड़ के नीचे दोनों ने जीने-मरने की कसमें खा ली थी. जहां सबुआ निवासी उपेंद्र विश्वकर्मा आरा मशीन में काम करता था तो चरखारी की आरती कुशवाहा 8 किमी. दूर से मिलने आती थी. दोनों अपने रिश्ते को विवाह का नाम देना चाहते थे लेकिन समाज में बदनामी और जात-पात के डर से परिजन राजी नहीं हुए. 

    दोस्त और घर वालों को नहीं थी खबर

    पुलिस की जांच-पड़ताल से सामने आया कि दोस्तों को युवक की प्रेम कहानी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. जबकि युवती के परिजनों ने बताया कि वो शाम 7 बजे से ही घर से गायब थी. युवक भी रात 8 बजे घर पर बाइक पार्क करने के बाद अचानक कहीं चला गया. दोनों के परिजन खोजबीन करते रहे लेकिन कुछ अता-पता नहीं चला. युवती के परिजनों का कहना है कि वो अपनी बेटी के प्रेम संबंधों के बारे में कुछ नहीं जानते थे. यदि बेटी को शादी करनी ही थी तो कहीं दूर जाकर घर बसा सकती थी. दोस्तों का कहना है कि युवक ने उसे अपनी प्रेम कहानी की भनक तक नहीं लगने दी, वरना समस्या का कुछ हल निकालते और जान बचा लेते.

    ग्रामीणों ने दी पेड़ से लटके होने की सूचना

    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के पेड़ से लटके होने की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी. कुछ ही देर के अंदर खेत में गांव वालों की भीड़ इकट्ठी हो गई. मृतका के मांग में सिंदूर भरे होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस कर्मियों की टीम ने युवत औक युवती के शव को पेड़ से उतारा. फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए. बताया जा रहा है कि युवती के पिता का कुछ समय पहले ही निधन हुआ था.  हालांकि दोनों परिवारों ने प्रेम प्रसंग की सूचना ना होने की बात कही है लेकिन सूत्रों के हवाले से पता चला है कि जाति-बिरादरी का अंतर होने के कारण दोनों का परिवार रिश्ते के लिए राज़ी नहीं हुआ.

  • कैंडी का लालच, मासूमों पर अत्याचार और खौफनाक अंत… कौन था बेबी किलर दरबारा सिंह?

    कैंडी का लालच, मासूमों पर अत्याचार और खौफनाक अंत… कौन था बेबी किलर दरबारा सिंह?

    कैंडी का लालच, मासूमों पर अत्याचार और खौफनाक अंत… कौन था बेबी किलर दरबारा सिंह?

     पंजाब के अपराध इतिहास में कुछ ऐसे नाम दर्ज हैं, जिनका जिक्र आज भी लोगों को सिहरने पर मजबूर कर देता है. ऐसा ही एक नाम है बेबी किलर के नाम से कुख्यात दरबारा सिंह का. वह मासूम बच्चों को कैंडी और टॉफी का लालच देकर अपने साथ ले जाता थी.

    साथ ले जाने के बाद वह दरिंदा बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न करता और सबूत मिटाने के लिए उनकी बेरहमी से हत्या कर देता. पुलिस जांच में सामने आए खुलासों ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था. आखिर कौन था दरबारा सिंह और कैसे वह पंजाब के सबसे कुख्यात सीरियल किलर्स में शामिल हो गया. चलिए विस्तार से जानें पूरी कहानी.

    कौन था दरबारा सिंह उर्फ बेबी किलर?

    कहानी 1952 में शुरू होती है, जब इस बेरहम दरबारा सिंह का जन्म पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर के पास ब्यास नदी में हुआ था. पढ़ाई पूरी करने के बाद, दरबारा सिंह 1975 में इंडियन एयर फ़ोर्स में शामिल हो गए और पठानकोट के एयर फ़ोर्स स्टेशन में उनकी पोस्टिंग हुई. कुछ साल बाद, दरबारा पर एक मेजर के परिवार पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का आरोप लगा, हालांकि बाद में उन्हें इस केस में बरी कर दिया गया.

    1996 में किया पहला जुर्म

    दरबारा सिंह का नाम पहली बार 1996 में सामने आया था. यह केस कपूरथला में एक लड़की के रेप और मर्डर से जुड़ा था. 1997 में, कोर्ट ने दरबारा को तीन और रेप के लिए 30 साल जेल की सज़ा सुनाई. वह कई साल जेल में रहे, लेकिन 2003 में उनके अच्छे कामों को पहचान मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. हालांकि दरबारा सिंह जेल में अच्छे काम कर रहे थे, लेकिन उनके मन में बदला लेने की इच्छा थी. बदला ही उनके जेल जाने का कारण था. असल में, जैसे ही वह जेल में गए, उनके मन में यह ख्याल बार-बार आने लगा कि उन्हें उस माइग्रेंट लेबर की वजह से जेल हुई है.

    कैंडी का लालच दे बनाता था बच्चों को शिकार

    25 अक्टूबर 2004 को साइकिल चलाने वाला आदमी दरबारा सिंह कैंडी से भरा बैग लेकर सड़कों पर घूम रहा था. उसने सड़क पर एक 6 साल की बच्ची को खेलते हुए देखा. दरबारा उस मासूम बच्ची को ले गया. शाम को बच्ची के परिवार ने पुलिस में उसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. शुरुआत में यह एक सामान्य गुमशुदगी का मामला लगा, लेकिन आने वाले महीनों में इसी तरह कई बच्चे गायब होने लगे. पुलिस को संदेह हुआ कि इन घटनाओं के पीछे कोई एक ही व्यक्ति है.

    अप्रैल 2005 तक, लापता बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही थी. जांच के बाद, पुलिस को दरबारा के खिलाफ ठोस सबूत मिले और उसने उसे गिरफ्तार कर लिया. इस समय तक, बेबी किलर नाम लोगों के लिए डर का कारण बन गया था. वह अपने शिकार को पीट-पीटकर मार डालता था और फिर उनका गला काट देता था.

    17 बच्चों का उत्पीड़न कर मौत के घाट उतारा

    जैसे-जैसे इस केस की परतें खुलती गईं, पुलिस हैरान रह गई. उनके पैरों तले जमीन खिसक गई जब दरबारा सिंह ने 17 मासूम बच्चों के साथ गलत काम करने की बात कबूल की. दरबारा ने बताया कि लड़कियों को टॉर्चर करने के बाद, वह उनकी लाशों को खडूर साहिब में राया नाम की जगह पर दफना देता था.

    इन 17 मासूम बच्चों में से 15 लड़कियां और 2 लड़के थे. उसने यह भी बताया कि वह बच्चों को मारने से पहले उनका यौन उत्पीड़न करता था. बाद में, जब बच्चे बहुत अधमरे हो जाते, तो वह उन्हें मार देता था.

    पत्नी ने ‘बेबी किलर’ की बॉडी लेने से मना कर दिया

    कुख्यात दरबारा सिंह को 7 जनवरी, 2008 को मौत की सज़ा सुनाई गई थी. हालांकि, 2009 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सज़ा पलट दी, और वह पटियाला सेंट्रल जेल में उम्रकैद काटता रहा. इसके बाद, यह बेरहम आदमी जेल में बीमार पड़ गया और 2018 में उसे एक सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

    गौरतलब है कि दरबारा सिंह की एक पत्नी और एक बेटी भी थी, जिन्होंने उसकी मौत के बाद उसकी बॉडी लेने से मना कर दिया था. उसकी बॉडी लगभग चार दिनों तक राजिंदरा हॉस्पिटल में बिना छुए पड़ी रही, जिससे जेल अधिकारियों को उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा.

  • पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    बुलंदशहर के गुलावठी में CRPF जवान, यूपी पुलिस सिपाही और जवान की पत्नी के बीच विवाद सामने आया. जवान का आरोप है कि पत्नी जेवर और नकदी लेकर सिपाही के साथ चली गई.

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां के गुलावठी थाना क्षेत्र के एक CRPF जवान, यूपी पुलिस और जवान के रिश्ते को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है. जवान ने आरोप लगाया  है कि उसकी पत्नी घर से जेवर और नकदी लेकर, यूपी पुलिस के सिपाही के साथ फरार हो गई. 

    CRPF जवान की पत्नी हुई फरार 

    CRPF जवान देव का कहना है कि ‘उनकी पत्नी रमा उर्फ जान्हवी की मुलाकात गौतमबुद्धनगर के दादरी इलाके में हुई थी. दोनों के बीच पहले रिश्ते बने और फिर परिवार के सहमति के साथ कोर्ट मैरिज कर ली गई. शादी के कुछ दिनों तक सब ठीक रहा, लेकिन जब वह 10 जून अपनी ड्यूटी पर वापस लौटे, तब उन्हें पता लगा कि 16 जून को उनकी पत्नी अचानक घर से गायब हो गई.’

    जवान ने लगाए कई गंभीर आरोप 

    पीड़ित पति ने दावा किया कि पत्नी घर से जाते समय अपने जेवर और दो लाख की नकदी लेकर फरार हो गई है. जिसका CCTV फुटेज भी उनके पास मौजूद होने की बात भी सामने आई. CRPF जवान ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि वह काले रंग की स्विफ्ट कार लेकर आया था और पत्नी को अपने साथ लेकर चला गया और वह मिल नहीं रही है. जवान ने आशंका जताते हुए कहा कि उसने पत्नी गलत परिस्थिति में फंस गई है. इसलिए उन्होंने गुलावठी थाने में  शिकायत भी दर्ज कराई है. हालांकि, शुरुआत में पुलिस की तरफ से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है. 

    सिपाई सनी यादव ने खारिज किए आरोप 

    वहीं दूसरी तरफ यूपी पुलिस के सिपाई सनी यादव जवान के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि महिला या CRPF जवान से उनका कोई संबंध नहीं है. उन्हें केवल फंसाया जा रहा है. सिपाही ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ रहते हैं और वह इसका सबूत भी दे सकते हैं. 

    मामले में आया नया मोड़ 

    मामले में मोड़ तब आया जब CRPF जवान की पत्नी रमा उर्फ जाह्नवी खुद सामने आ गई. उन्होंने एक वीडियो संदेष जारी कर अपने पति पर झूठ बोलकर शादी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए. महिला ने ये भी कहा कि शादी के बाद उन्हें पति के व्यवहार और निजी कारणों के वजह से तनाव बढ़ा. फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान और गहराई से जांच कर रही है

  • ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    बिहार के वैशाली में 30 जून को एक जला हुआ शव मिला था. पुलिस का कहना है कि बेटी और सगे भांजे के अफेयर से नाराज मामा ने भांजे की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और पहचान मिटाने के लिए उसे जला दिया गया. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

    मामला वैशाली जिले के राघोपुर के जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र का है. 30 जून को पुलिस को एक युवक का जला हुआ शव मिला था. शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया था. जांच के आधार पर मृतक की पहचान की गई. 22 साल का युवक समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी का रहने वाला था.

    पुलिस का कहना है कि युवक की मां की मौत तब हो गई थी, जब वह करीब चार साल का था. इसके बाद वह अपने ननिहाल में ही पला-बढ़ा. इसी दौरान उसकी ममेरी बहन के साथ प्रेम संबंध बन गए. जांच में सामने आया कि दोनों एक-दूसरे के काफी करीब थे. इसी रिश्ते को लेकर परिवार में लंबे समय से नाराजगी थी.

    यह भी पढ़ें: सहेली को पता था ‘सीक्रेट’… राज खुलने के डर से मार डाला, छिपाना चाहती थी बहन के अफेयर की कहानी

    वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे करीब तीन साल पहले अपनी बेटी और भांजे के रिश्ते की जानकारी मिली थी. उसने कई बार भांजे को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों संपर्क में बने रहे. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने यह भी दावा किया कि घर से निकालने के बाद भी युवक चेन्नई से उसकी बेटी के संपर्क में था, कॉल करता था. अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देता था.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी मामा ने पहले भांजे को चेन्नई से समस्तीपुर बुलवाया. इसके बाद उसे पटना सिटी स्थित अपने घर बुलाया गया, जहां दो दिनों तक उसे समझाने की बात कही गई. पुलिस का कहना है कि 28 जून को आरोपी और उसके साथियों ने युवक को गंगा किनारे सुनसान इलाके में ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद कथित तौर पर शव के टुकड़े किए गए और जला दिया गया.

    SP बोले- एक आरोपी को अरेस्ट कर लिया है, अन्य की तलाश जारी

    वैशाली पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी मामा को पटना सिटी से गिरफ्तार कर लिया है. एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका कबूल कर ली है. पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में अन्य लोगों की भी भूमिका सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है.

    आरोपी ने पुलिस के सामने क्या कहा?

    मामा ने हत्या के बाद शव 3 टुकड़ों में काटा था. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे अपनी बेटी और भांजे के रिश्ते की जानकारी करीब तीन साल पहले हुई. शुरुआत में उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन बाद में उसे दोनों के बीच नजदीकियों का एहसास हुआ. उसने कई बार युवक को समझाया, लेकिन वह नहीं माना. आरोपी ने कहा कि वो मेरा भांजा था, बेटी से रिश्ता बनाने लगा था. वीडियो भेजा तो बर्दाश्त नहीं कर पाया, इसलिए उसकी हत्या की साजिश रच दी.

  • लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद दिल दहला देने वाली क्रूरता, आरोपी की करतूत ने सबको चौंकाया..

    लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद दिल दहला देने वाली क्रूरता, आरोपी की करतूत ने सबको चौंकाया..

    लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद दिल दहला देने वाली क्रूरता, आरोपी की करतूत ने सबको चौंकाया..

    Most Dangerous Murder Case: मुंबई में हुए एक दिल दहला देने वाले कांड ने हर किसी को दहला कर रख दिया था. इस हत्याकांड को मुंबई ( Mumbai Crime News) के सबसे खौफनाक हत्याकांड में से एक माना जाता है. यह श्रद्धा वालकर हत्याकांड से भी ज्यादा भयानक था. मुंबई के मिरा रोड के पास एक 36 साल की महिला अपने 56 साल के लिव इन पार्टनर  (Live In Partner Murder) मनोज साने के साथ रहती थी. एक रोज उसने महिला की हत्या कर दी थी.

    मुंबई का सबसे खौफनाक हत्याकांड 

    जब ये खबर देश के सामने आई तो हर किसी का दिल हैवानियत देख दहल उठा. युवती की हत्या करने के बाद उसने शरीर के टूकड़े कर दिए और फिर धीरे-धीरे उन्हें डिस्पोज करने लगा. हैरान करने वाली बात तो ये थी कि उसने लाश को ठिकाने के लिए दरींदगी की सारी सीमा पार कर दी थी. वह शव के टूकड़े कर पहले कुकर में उबालता था और फिर उसे ठिकाने लगाता था. सुत्रों के मुताबिक, उसने कुछ टूकड़ों को पीसकर टॉइलट में भी (Woman cut into pieces) फल्श कर दिए थे. शख्स यही नहीं रुकी उसने महिला की लाश के टुकड़े कुत्ते को भी खिलाए. जब पड़ोसियों के घर से बदबू आने लगी तब हत्या का खुलासा हुआ था. इस मामले ने हर किसी को सन्न कर दिया था. 

    महिला के टुकड़े कर कुत्ते को खिलाए 

    पुलिस ने आरोपी मनोज साने (56) को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस के इस खबर की जानकारी पड़ोसियों ने दी थी. उन्होंने फोन कर बताया था कि फ्लैट नंबर 704 से दुर्गंध आ रही है. जिसके बाद पुलिस मनोज के घर पहुंची और वहां का नजारा देख हैरान रह गई. पुलिस को शुरूआत में फ्लैट से एक महिला के पैर बरामद हुए थे. आरोपी ने बताया था कि उसने शव के टूकड़े कर ठिकाने लगा दिए हैं. 

    ये हत्याकांड मुंबई के सबसे भयानक हत्याकांड में से एक माना जाता है. इसने पूरे भारत को हिलाकर रख दिया था. दरअशल, सरस्वती वैद्य 36 साल की युवती 56 साल के मनोज सहनी के साथ लिव-इन में रहती थी. 

  • कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, लग्जरी होटल से दो अभिनेत्रियां रेस्क्यू…

    कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, लग्जरी होटल से दो अभिनेत्रियां रेस्क्यू…

    कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, लग्जरी होटल से दो अभिनेत्रियां रेस्क्यू…

    मुंबई पुलिस ने दक्षिणी मुंबई के एक लग्जरी होटल में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी दो अभिनेत्रियों को रेस्क्यू किया है, जबकि इस रैकेट को संचालित करने के आरोप में एक मेकअप आर्टिस्ट को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई. अब इस मामले में जांच जारी है.

    दक्षिण मुंबई के गिरगांव इलाके में मौजूद एक लग्जरी होटल में देह व्यापार के नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTC) को इस रैकेट के बारे में गुप्त सूचना मिली थी. सूचना की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने एक डिकॉय ग्राहक को होटल भेजा. जब आरोपों की पुष्टि हो गई, तब पुलिस टीम ने होटल पर छापा मारकर कार्रवाई की.

    पुलिस की छापेमारी के दौरान होटल परिसर से दो महिलाओं को रेस्क्यू किया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इनमें से एक महिला मराठी फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री है. वहीं दूसरी महिला हिंदी और बंगाली फिल्मों में कैमियो और सहायक भूमिकाओं में काम कर चुकी है. दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई.

    पीटीआई के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक मेकअप आर्टिस्ट को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि यही शख्स एजेंट के तौर पर काम कर रहा था और पूरे रैकेट का संचालन कर रहा था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर ग्राहकों और महिलाओं के बीच संपर्क स्थापित करने का काम करता था. पुलिस अब उसके नेटवर्क और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है.

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह रैकेट कब से संचालित हो रहा था और इसमें कितने लोग शामिल थे. इसके अलावा होटल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है.

    अधिकारियों का कहना है कि मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े मामलों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच भी की जाएगी. पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी अहम जानकारी मिल सकती है.

  • 800 भारतीय, नौकरी का लालच और ‘गोल्डन ट्रायंगल’ का खौफनाक सच; ऐसे बनते हैं साइबर गुलाम…

    800 भारतीय, नौकरी का लालच और ‘गोल्डन ट्रायंगल’ का खौफनाक सच; ऐसे बनते हैं साइबर गुलाम…

    800 भारतीय, नौकरी का लालच और ‘गोल्डन ट्रायंगल’ का खौफनाक सच; ऐसे बनते हैं साइबर गुलाम…

    Thailand Data Entry Job Fraud: थाईलैंड के गोल्डन ट्रायंगल में सोशल मीडिया जॉब ऑफर के झांसे में करीब 800 भारतीय आए ज‍िन्‍हें बंधक बनाकर रखा गया था. इन सभी पर साइबर ठगी कराने का आरोप है. अब बीड पुलिस और विदेश मंत्रालय इन भारतीयों को बचाने में जुटे हैं. आपको भी ऐसा कोई भी नौकरी का ऑफर आ रहा है तो पहले उसकी पूरी जानकारी हास‍िल कर लें.

    नई द‍िल्‍ली. विदेश जाकर अच्छी नौकरी करने का सपना देखने वाले सैकड़ों भारतीय युवाओं के लिए थाईलैंड का ऑफर एक डरावने सपने में बदल गया. सोशल मीडिया पर मिले आकर्षक जॉब ऑफर के झांसे में आए करीब 800 भारतीय नागरिक म्यांमार-थाईलैंड सीमा के कुख्यात ‘गोल्डन ट्रायंगल’ इलाके में फंस गए हैं. आरोप है कि इन युवाओं को साइबर ठगी करने वाले गिरोहों ने बंधक बना लिया और जबरन ऑनलाइन फ्रॉड का काम कराया जा रहा है. इनमें महाराष्ट्र के भी कई युवक शामिल बताए जा रहे हैं. मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस और विदेश मंत्रालय स्तर पर युवाओं को सुरक्षित निकालने की कोशिशें शुरू हो गई हैं.

    कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
    मामले की शुरुआत महाराष्ट्र के बीड जिले के एक 24 वर्षीय युवक से हुई. युवक को सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें थाईलैंड के बैंकॉक में नौकरी का ऑफर दिया गया था. विज्ञापन में दावा किया गया था कि उसे हर महीने करीब 70 हजार रुपये वेतन मिलेगा और नौकरी कंप्यूटर से जुड़ी होगी. अच्छी सैलरी देखकर युवक ने आवेदन कर दिया. इसके बाद वह 4 जून को पुणे से बैंकॉक पहुंचा लेकिन बैंकॉक पहुंचने के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई. आरोप है कि उसे वहां से म्यांमार सीमा के पास एक सुनसान इलाके में ले जाया गया. वहां पहुंचने के बाद उसका पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए गए. युवक को समझ आया कि वह नौकरी के लिए नहीं बल्कि एक साइबर अपराध नेटवर्क के जाल में फंस चुका है.

    क्या है ‘गोल्डन ट्रायंगल’?
    ‘गोल्डन ट्रायंगल’ दक्षिण-पूर्व एशिया का वह इलाका है, जहां म्यांमार, लाओस और थाईलैंड की सीमाएं मिलती हैं. यह क्षेत्र पहले से ही अवैध गतिविधियों और संगठित अपराध के लिए कुख्यात रहा है. पिछले कुछ वर्षों में यहां ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के सक्रिय होने की खबरें सामने आती रही हैं. इन गिरोहों का तरीका बेहद खतरनाक है. वे दूसरे देशों के युवाओं को नौकरी का लालच देकर अपने ठिकानों तक बुलाते हैं और फिर उन्हें साइबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर करते हैं.

    युवाओं से कैसे कराया जा रहा था काम?
    पीड़ितों के मुताबिक, उन्हें जंगलों के बीच बनाए गए कैंप जैसे ठिकानों में रखा गया. आरोप है कि युवाओं से 18-18 घंटे तक ऑनलाइन काम कराया जाता था. उनसे लोगों को फर्जी निवेश, ऑनलाइन दोस्ती और अन्य तरीकों से ठगने को कहा जाता था. काम पूरा नहीं करने पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी. पासपोर्ट और मोबाइल तक अपने कब्जे में रख लिए जाते थे. कुछ पीड़ितों ने दावा किया कि वहां से भागना लगभग असंभव था क्योंकि ये कैंप सीमावर्ती और दूरदराज इलाकों में बनाए गए थे.

    कैसे हुआ इस पूरे नेटवर्क का खुलासा?
    बीड के युवक ने किसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी पत्नी से संपर्क किया. उसने फोन पर अपनी स्थिति बताई और मदद मांगी. इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया. पूछताछ में सामने आया कि केवल एक युवक नहीं बल्कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक ऐसे ही फंसे हुए हैं. इसके बाद मामला अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है.

    महाराष्ट्र के कितने लोग फंसे?
    जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के करीब 25 युवाओं के भी इस जाल में फंसे होने की बात सामने आई है. बीड पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया गया है. पुलिस का कहना है कि फंसे हुए युवाओं की पहचान और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है.

    युवाओं को कैसे फंसाते हैं ऐसे गिरोह?
    जांच एजेंसियों के अनुसार, ऐसे गिरोह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं. उनका तरीका कुछ ऐसा होता है:

    1. आकर्षक नौकरी का ऑफर
    विदेश में अच्छी सैलरी और आसान काम का लालच दिया जाता है.

    2. यात्रा का इंतजाम
    वीजा, टिकट और रहने की व्यवस्था का भरोसा दिलाया जाता है.

    3. दूसरे देश पहुंचने के बाद नियंत्रण
    युवाओं को सुनसान इलाकों में ले जाकर उनके दस्तावेज छीन लिए जाते हैं.

    4. साइबर अपराध के लिए मजबूर करना
    उन्हें फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

  • मुस्लिम युवक पर धर्म छिपाकर शादी करने का आरोप, सच खुलते ही विवाद; महिला ने दी जान…

    मुस्लिम युवक पर धर्म छिपाकर शादी करने का आरोप, सच खुलते ही विवाद; महिला ने दी जान…

    मुस्लिम युवक पर धर्म छिपाकर शादी करने का आरोप, सच खुलते ही विवाद; महिला ने दी जान…

    यूपी के आगरा में शादी के 5 महीने के बाद ही एक महिला ने आत्महत्या कर ली. परिजनों का कहना है कि लड़के ने अपना धर्म छिपाकर हिंदू बन उससे प्रेम किया और शादी कर ली. जब परिवार में कलेश हुआ, तो बेटी ने आत्महत्या कर ली.

    मुस्लिम लड़के ने धर्म छिपाकर रचाई शादी

    आगरा: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में नई नवेली दुल्हन की आत्महत्या के बाद अब आगरा में भी ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. शादी के 5 महीने के बाद ही एक महिला ने आत्महत्या कर ली. आरोप है कि लड़की ने लव मैरिज की थी, और लड़का मुस्लिम समाज से था, जबकि लड़की हिंदू. परिजनों का आरोप है कि लड़के ने खुद को हिंदू बताया और फिर लड़की को प्यार के जाल के फंसाकर शादी कर ली. जब शादी के बाद पता चला तो घर के कलेश हुआ और फिर लड़की के आत्महत्या कर ली.

    पूरा मामला आगरा के थाना सदर क्षेत्र के शहीद नगर का है. 5 महीने पहले एक लड़की की शादी अबू नाम के लड़के से हुई थी. शादी के पांच महीने बाद ही लड़की ने फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली. अब लड़की के परिजनों की ओर से लड़के पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मृतक लड़की के पिता ने आरोप लगाया है कि अबू मुस्लिम समाज से था, उसका असली नाम अफरार था. उसने हिंदू बनकर पहले उनकी बेटी को प्यार के झूठे जाल में फंसाया और फिर शादी कर ली.

    लड़की से करता था मारपीट
    शादी के बाद जब उनकी बेटी को सच्चाई पता चली, तो घर में कलेश हुआ. उनकी बेटी ने लड़के का मोबाइल फोन चेक किया तो पता चला कि लड़के का संबंध हिंदू समाज की अन्य लड़कियों से भी है, जिसका विरोध उनकी बेटी ने किया था. परिजनों का आरोप है कि लड़का आए दिन उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था और ब्लैकमेल करता था. परेशान होकर उनकी बेटी के आत्महत्या कर की.

    जांच में जुटी पुलिस
    सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं अब इस पूरे मामले पर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी आरोपी होगा, उसको जांच के बाद जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाने का आरोप, आरोपी की चूक बनी गिरफ्तारी की वजह..

    पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाने का आरोप, आरोपी की चूक बनी गिरफ्तारी की वजह..

    पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाने का आरोप, आरोपी की चूक बनी गिरफ्तारी की वजह..

    आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने पति की हत्या करने के बाद शव को घर के बाथरूम में दफना दिया और ऊपर से प्लास्टर करवा दिया। इसके बाद वह करीब 45 दिनों तक पति के लापता होने का दावा करती रही। पुलिस ने शक के आधार पर बाथरूम की खुदाई कराई, जहां से शव बरामद हुआ। मामले में महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, 44 वर्षीय सुरेंद्र आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित प्राक्षी टावर चौकी इलाके में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। वह 18 मई से लापता था। इस दौरान परिवार की ओर से उसके गायब होने की बात कही जा रही थी।

    भाई के शक पर खुला मामला
    मृतक के भाई को पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ। उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने घर पहुंचकर जांच शुरू की। शक गहराने पर बाथरूम की खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान फर्श के नीचे से सुरेंद्र का शव बरामद हुआ।

    प्लास्टर कर छिपाया गया था शव
    प्राथमिक जांच में सामने आया कि शव को बाथरूम में दफनाने के बाद उस स्थान पर प्लास्टर करा दिया गया था, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    पत्नी हिरासत में
    पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

    इलाके में दहशत
    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस वारदात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इन्फ्लुएंसर की हत्या का मामला, पत्नी पर चाकू से हमला करने के बाद पति ने खुद को भी किया घायल..

    इन्फ्लुएंसर की हत्या का मामला, पत्नी पर चाकू से हमला करने के बाद पति ने खुद को भी किया घायल..

    इन्फ्लुएंसर की हत्या का मामला, पत्नी पर चाकू से हमला करने के बाद पति ने खुद को भी किया घायल..

    Nisha Chauhan Murder: उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आ रहा है. दरअसल, शुक्रवार सुबह सरूरपुर पुलिस स्टेशन इलाके के हर्रा कस्बे में घरेलू झगड़ा एक बड़ी वारदात बन गया. दरअसल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चौहान, जो अपनी रील्स और वीडियो की वजह से काफी वायरल थीं, उन्ही की उनके पति प्रदीप ने बेरहमी से चाकू से गोदकर हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी पति ने खुद को भी कई बार चाकू मारा, जिससे वो बुरी तरह घायल हो गया. यह पूरी खौफनाक घटना घर के CCTV कैमरे में कैद हो गई.

    ऐसे दिया हत्या को अंजाम 

    इस मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि निशा चौहान हर्रा कस्बे में रहती थीं, जो सरूरपुर पुलिस स्टेशन इलाके में आता है. इतना ही नहीं वो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं और अपने इलाके में एक ब्यूटी पार्लर भी चलाती थीं. हाल ही में सोशल मीडिया पर उनका ‘मिस्त्री मान जाओ’ नाम का एक वीडियो वायरल हुआ था. शुक्रवार सुबह निशा और उनके पति प्रदीप के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया. झगड़ा तेज़ी से बढ़ गया; प्रदीप ने आपा खो दिया और निशा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. जब निशा की चीखें सुनकर परिवार वाले और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, तब तक वो भी खत्म हो चुकी थी. 

    खुद को भी मारा चाकू 

    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति प्रदीप ने एक खतरनाक कदम उठाया. उसने उसी चाकू से अपने शरीर पर कई गहरे घाव कर लिए. शोर-शराबा सुनकर और उसे खून से लथपथ देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और घायल प्रदीप को पास के अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद गंभीर बताई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे की असली वजह तभी पता चल पाएगी जब प्रदीप को होश आएगा और उसका बयान दर्ज किया जाएगा