Category: Crime

  • सांवले रंग के चलते शादी न होने का था मलाल? 22 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या..

    सांवले रंग के चलते शादी न होने का था मलाल? 22 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या..

    सांवले रंग के चलते शादी न होने का था मलाल? 22 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या..

    बिहार के मुजफ्फरपुर में हीन भावना के चलते एक लड़की ने आत्महत्या कर ली. चेहरे का स्किन टोन डार्क होने की वजह से लड़की काफी परेशान थी, उसकी शादी नहीं हो पा रही थी. पिछले कुछ सालों से उसे काफी रिजेक्शन झेलने पड़ रहे थे. इस वजह से वह डिप्रेशन में थी.अपने काले रंग से वह इतनी ज्यादा परेशान हो गई कि उसने जान दे दी.

    काले रंग की वजह से लगाई फांसी

    लड़की की उम्र 22 साल थी. अंशु कुमारी ने मंगलवार रात अपने घर में फांसी लगा ली. सुबह परिजनों से जैसे ही उसे फंदे से लटकते देखा तो उनके बीच चीख पुकार मच गई. उन्होंने घटना की सूचना तुरंत गायघाट थाना पुलिस को दी. पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर तमाम साक्ष्य इकट्ठे किए गए. उसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

    शादी न होने से परेशान थी अंशु

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अंशु का रंग काला था. पिछले कई सालों से लगातार कोशिश के बावजूद उसकी शादी नहीं हो पा रही थी. इस वजह से वह डिप्रेशन में थी. इसी वजह से उसने जान दे दी.

  • अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 119 लोग रंगे हाथ गिरफ्तार..

    अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 119 लोग रंगे हाथ गिरफ्तार..

    अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 119 लोग रंगे हाथ गिरफ्तार..

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में क्राइम ब्रांच ने आईपीएस किरन यादव के नेतृत्व में इंटरनेशनल साइबर-फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है.

    IPS Kiran Yadav: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान कर देने मामला सामने आया है. जहां क्राइम ब्रांच ने एक इंटरनेशनल साइबर-फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है. गोमती नगर के समिट बिल्डिंग से चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 119 कर्मचारियों को हिरासत में लिया, जिनमें 92 पुरुष और 27 महिलाएं शामिल थीं.

    जांच से पता चला है कि इस गैंग के तार कई देशों से जुड़े हैं. यह ऑपरेशन बुधवार देर रात क्राइम ब्रांच और कई स्थानीय पुलिस स्टेशनों की संयुक्त टीम ने एडीसीपी क्राइम किरन यादव की अगुवाई में चलाया.

    कौन हैं किरन यादव?

    इस ऑपरेशन के बाद आईपीएस अधिकारी किरन यादव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैं और लोग उसके बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं तो चलिए हम आपकी जिज्ञासा को शांत करते हैं. आईपीएस किरन यादव 2021 बैच की अधिकारी हैं. उनका जन्म 3 मई 1987 को हुआ था. उन्होंने B.Com, ई-कॉमर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) में पढ़ाई की है. मूल रूप से यूपी के सुल्तानपुर की रहने वाली किरन शत्रुघ्न सिंह यादव की बेटी हैं. उन्होंने 2020 की UPSC परीक्षा में देशभर में 392वीं रैंक हासिल की थी. उनके पिता चंडीगढ़ में इंजीनियर हैं और उनके भाई सूरज यादव एक कैनेडियन कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम करते हैं. इस भूमिका से पहले आईपीएस किरन यादव लखनऊ में एसीपी के पद पर तैनात थीं.

    अमेरिकी नागरिकों को बनाता था निशाना

    समिट बिल्डिंग से चल रहा यह कॉल सेंटर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था. इस फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से यह ग्रुप विदेशी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट, बैंकिंग और दूसरी सेवाएं देने के नाम पर धोखा देकर उनसे करोड़ों रुपये ठगता था. पुलिस ने मौके से लगभग 119 कर्मचारियों को हिरासत में लिया और कंप्यूटर, लैपटॉप व मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं. पुलिस अब गैंग के सरगनाओं, विदेशी संपर्कों, बैंक अकाउंट्स, डिजिटल वॉलेट और हवाला चैनलों के माध्यम से किए गए ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच कर रही है.

  • बर्थडे सेलिब्रेशन के बहाने बुलाया, फिर चाकू से गोदकर दोस्त की कर दी हत्या; गाजियाबाद में हड़कंप..

    बर्थडे सेलिब्रेशन के बहाने बुलाया, फिर चाकू से गोदकर दोस्त की कर दी हत्या; गाजियाबाद में हड़कंप..

    बर्थडे सेलिब्रेशन के बहाने बुलाया, फिर चाकू से गोदकर दोस्त की कर दी हत्या; गाजियाबाद में हड़कंप..

    यूपी के गाज‍ियाबाद में युवक की हत्‍या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है क‍ि बर्थडे पार्टी में व‍िवाद के बाद दोस्‍तों ने युवक की चाकू से गोदकर हत्‍या कर दी. युवक की हत्या के बाद परिजन और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया. गुस्साए परिजन और स्थानीय लोगों ने रोड पर जाम लगा दिया है. पर‍िजनों के आरोपों के आधार पर पुल‍िस ने तीन युवकों को ह‍िरासत में ल‍िया है. इस मामले में एसीपी प्र‍ियाश्री पाल ने बताया क‍ि परिजनों से तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कि‍या जा रहा है. आरोप‍ियों को हिरासत में ले लिया गया है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

    घटना क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के न्यू शांतिनगर की है. मोहित नाम के युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई है. परिजनों ने बताया कि मोह‍ित का पड़ोस के रहने वाले गौरव और उसके दोस्‍तों से विवाद चल रहा था. कुछ दिनों पहले भी क‍िसी बात पर विवाद हुआ था, लेक‍िन हाल में ही सभी ने आपस में इस व‍िवाद को सुलझा ल‍िया था.  बुधवार की मोह‍ित को बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाया गया. पार्टी के दौरा नशे की हालत में मोह‍ित के साथ गाली-गलौज की गई, ज‍िससे फ‍िर से लड़ाई हो गई और तभी मोह‍ित की चाकू से हत्‍या कर दी गई.

    आरोप‍ियों को फांसी देने की मांग

    परिवार का आरोप है कि गौरव और उसके दोस्तों ने ही इसकी हत्या की है. सभी आस-पड़ोस के ही रहने वाले हैं. हत्या के बाद मोह‍ित के परिजन और स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल है. गुस्साए परिजन और स्थानीय लोगों ने रोड पर जाम लगा दिया. परिजनों ने  आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए फांसी द‍िए जाने की मांग की है.

    गाजियाबाद टावर चोरी कांड: 10वीं पास मास्टरमाइंड ने जेल में बनाया था सिंडिकेट, सफाई कर्मचारी से लेकर स्क्रैप कारोबारी तक ऐसे जुड़े तार

    बर्थडे पार्टी में खेला गया खूनी खेल

    इस मामले में सहायक पुलिस आयुक्त, वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया क‍ि दो जुलाई की सुबह 3:30 बजे थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक के न्यू शांतिनगर एरिया में एक 112 पर सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोहित शर्मा को कुछ व्यक्तियों के द्वारा चाकू मार दिया गया है. इस सूचना पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम के द्वारा वहां पहुंचकर घायल व्यक्ति को इलाज के ल‍िए एमएमजी अस्पताल पहुंचाया गया. यहां डॉक्टरों के द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया.इसमें प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि मोहित शर्मा के बाकी दोस्तों के साथ उसके साथ पहले भी लड़ाई हुई थी और कल रात को पार्टी करते हुए नशे की हालत में गाली-गलौज करते हुए यहां एक बार फ‍िर लड़ाई हुई और उसी में गाली-गलौज के बाद इसे चाकू मार दिया गया, जिसके दौरान इसकी मृत्यु हो गई.परिजनों से तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है. अभियुक्तगणों को हिरासत में ले लिया गया है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

  • महिला के साथ कथित अमानवीय व्यवहार ने झकझोरा, उज्जैन की घटना पर उठे सवाल..

    महिला के साथ कथित अमानवीय व्यवहार ने झकझोरा, उज्जैन की घटना पर उठे सवाल..

    महिला के साथ कथित अमानवीय व्यवहार ने झकझोरा, उज्जैन की घटना पर उठे सवाल..

    मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में संपत्ति विवाद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि अपने हिस्से की मांग करने पहुंची एक महिला के साथ मारपीट की गई, उसके बाल काटे गए और उसे अपमानित किया गया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

    Madhya Pradesh Crime News: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के झारड़ा थाना क्षेत्र स्थित अरनिया वेणा गांव में संपत्ति विवाद को लेकर एक महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. आरोप है कि महिला जब अपने पति के परिवार से पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने पहुंची तो विवाद हिंसक हो गया.

    पीड़िता के अनुसार, वह 30 जून को घर में मौजूद थी. इसी दौरान कुछ लोग कथित तौर पर घर में घुस आए और उसके साथ मारपीट की. महिला का आरोप है कि उसे घर से बाहर घसीटा गया और विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया.

     बाल काटने और अपमानित करने का आरोप

    शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके बाल काट दिए गए, कपड़े फाड़ दिए गए और उसे जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया. घटना के दौरान किसी ने वीडियो भी बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी.महिला का कहना है कि बीच-बचाव करने पहुंचे उसके पति के साथ भी मारपीट की गई. दोनों को चोटें आईं, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंची टीम ने स्थिति को संभाला.

     11 लोगों पर मामला दर्ज

    झारड़ा थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. आरोपों में मारपीट, धमकी, अपमानजनक व्यवहार और अन्य संबंधित धाराएं शामिल हैं.ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है.पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है. मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • बंद कमरे से लैब टेक्नीशियन और युवती के शव बरामद, इलाके में हड़कंप, प्रेम प्रसंग की आशंका

    बंद कमरे से लैब टेक्नीशियन और युवती के शव बरामद, इलाके में हड़कंप, प्रेम प्रसंग की आशंका

    बंद कमरे से लैब टेक्नीशियन और युवती के शव बरामद, इलाके में हड़कंप, प्रेम प्रसंग की आशंका

    सहारनपुर के कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र स्थित एसबीआई कॉलोनी में बंद कमरे से एक लैब टेक्नीशियन और एक युवती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।

    पुलिस के अनुसार, देर रात सूचना मिली थी कि एसबीआई कॉलोनी स्थित एक मकान का कमरा अंदर से बंद है और काफी देर तक आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। मौके पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने खिड़की से अंदर देखा तो संदिग्ध स्थिति दिखाई दी। इसके बाद स्थानीय लोगों की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर एक युवक और एक युवती मृत अवस्था में मिले। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह और पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    पुलिस ने मृतकों की पहचान 40 वर्षीय सैम कमनिश, निवासी केरल, और 23 वर्षीय आस्था, निवासी रसूलपुर पापड़ेकी, के रूप में की है। सैम कमनिश दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था।

    घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि युवक ने पहले अपनी कलाई की नस काटी और बाद में कमरे की खिड़की से आंशिक रूप से लटककर जान दे दी। वहीं युवती की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि युवती के शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि इन सभी पहलुओं की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

    क्षेत्राधिकारी द्वितीय मनोज कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

  • बर्थडे सेलिब्रेशन के बीच खौफनाक वारदात, गाजियाबाद की घटना से सनसनी..

    बर्थडे सेलिब्रेशन के बीच खौफनाक वारदात, गाजियाबाद की घटना से सनसनी..

    बर्थडे सेलिब्रेशन के बीच खौफनाक वारदात, गाजियाबाद की घटना से सनसनी..

     गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में 23 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है. परिजनों का आरोप है कि उसे जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाकर धारदार हथियार से हमला किया गया. पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

    Ghaziabad Birthday Party Murder: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र स्थित न्यू शांति नगर में बुधवार देर रात एक युवक की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक की पहचान 23 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है. आरोप है कि उसे जन्मदिन की पार्टी में बुलाया गया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया.

    घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने घर के अंदर से लेकर बाहर तक खून के निशान देखे. परिजनों का आरोप है कि हत्या करने के बाद आरोपियों ने शव को घर के बाहर छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए.

    परिजनों ने सुनियोजित हत्या का लगाया आरोप

    मृतक के परिवार का कहना है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई साजिश थी. उनका आरोप है कि कुछ महीने पहले मोहित का कुछ युवकों से विवाद हुआ था. हालांकि बाद में समझौता हो गया था, लेकिन आरोपी लगातार उसके संपर्क में बने रहे.परिजनों का यह भी दावा है कि आरोपी मोहित को हरिद्वार और खाटू श्याम की यात्रा पर भी अपने साथ ले गए थे. उनके मुताबिक, उसी दौरान हत्या की योजना बनाई गई थी, लेकिन मौका नहीं मिल सका.

    जन्मदिन के बहाने बुलाने का आरोप

    परिवार के अनुसार, बुधवार रात आरोपियों ने जन्मदिन मनाने के बहाने मोहित को बुलाया और देर रात उस पर जानलेवा हमला कर दिया. परिजनों का कहना है कि इस वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं.घटना की सूचना मिलने पर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है.

    सीसीटीवी फुटेज तलाश रही पुलिस

    अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल हत्या के कारण और घटनाक्रम की सभी संभावित कड़ियों की पड़ताल जारी है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    मूल रूप से आगरा का रहने वाला इरशाद ऑनलाइन जूते का कारोबार करने का दावा करता है. उसने हरदोई की युवती अनुक्रति पांडे को विशाल नाम बताकर अपने जाल में फंसाया और शादी कर ली. 

    सच्चाई पता चलने पर उसने पीड़िता को पहले लखनऊ और फिर कानपुर के पनकी स्थित फ्लैट में बंधक बना लिया. पीड़िता का आरोप है कि इरशाद उसके बच्चे का मुस्लिम नाम रखकर उसे पूजा-पाठ से रोकता था और जबरन मीट खिलाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था. विरोध करने पर वह जान से मारने की धमकी देता था.

    एक ही फ्लैट में दो पत्नियां

    प्रताड़ना के बीच इरशाद एक और हिंदू लड़की से शादी करके फ्लैट पर ले आया. वह पड़ोसियों को उसे अपनी बहन बताता था, लेकिन रात में पहली पत्नी को बंद कर दूसरी के साथ रहता था. परेशान होकर पहली पीड़िता ने पड़ोसियों की मदद से बजरंग दल का नंबर लिया और आपबीती सुनाई. बजरंग दल के महानगर प्रभारी नरेंद्र तोमर ने पनकी पुलिस से संपर्क किया. जब पुलिस ने फ्लैट पर छापा मारा, तो दोनों हिंदू लड़कियां अलग-अलग कमरों में कैद मिलीं.

    आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    पनकी के एसीपी अमित चौरसिया ने बताया कि महिला की शिकायत पर पुलिस ने फ्लैट में छापा मारकर आरोपी को हिरासत में ले लिया है. पहली पीड़ित महिला ने पुलिस से गुहार लगाई है कि वह अब अपने घर जाना चाहती है क्योंकि आरोपी ने उसे धोखे में रखकर बहुत प्रताड़ित किया है. पुलिस आरोपी इरशाद से पूछताछ कर रही है और दूसरी महिला से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है.

  • सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    पुलिस की पूछताछ से पता चला कि सौतन आए दिन पति को मारपीट के लिए उकसाती थी. दोनों महिलाओं में तनाव रहता था जिसके खिलाफ पहली पत्नी ने 6 महीने पहले ही हत्या की साजिश रच डाली थी. सौतन की हत्या करके महिला खून से लथपथ साड़ी बदलने खेतों की तरफ भी गई थी और हत्या के सबूत घर पर ही छिपा दिए थे.

    खाट के पाए से दी ‘तालिबानी’ सजा, फिर गन्ना काटने वाली आरी से रेत डाली सौतन की गर्दन; हत्या के बाद सबूत मिटाने खेत में… पुलिस के सामने खुली पोल!

    छत्तीसगढ़ के बालोद में एक महिला की अपनी सौतन से बदला लेने की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है. मामला नेवारीकला गांव का बताया जा रहा है जहां पहली पत्नी ने दूसरे कमरे में सोई अपनी सौतन को पहले खाट के पाए से दर्दनाक प्रताड़नाए दीं, फिर गन्ना काटने वाली आरी से उसका गला रेत दिया. महिला पिछले 6 महीने से अपने सौतन से बदला लेने का प्लान बना रही थी. जब साजिश कामयाब रही तो हत्या के सबूत मिटाने के लिए भागकर खेत में गई और खून से लथपथ कपड़े बदलकर वापस घर आ गई. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर सारे सबूतों को जब्त कर लिया है.

    पांच साल पहले पति ने की थी दूसरी शादी

    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नेवारीकला निवासी 40 वर्षीय चिम्मनलाल साहू ने प्रेम संबंधों के चलते 47 साल की दयाबाई सोनकर से 2019 में शादी कर ली.  पांच साल पहले पति अपनी प्रेमिका को घर ले आया जिससे दूसरी पत्नी नाराज रहने लगी. मन ही मन उसके दिल में बदले की भावना पनपने लगी. पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि सौतन दया बाई आए दिन पति को पहली पत्नी के खिलाफ उकसाती थी. आए दिन की प्रताड़ना से तंग आकर पहली पत्नी अमृत बाई ने दिसंबर 2025 में दयाबाई को खत्म करने का प्लान बना लिया था.

    शराब के नशे में सोया पति, सौतन को उतारा मौत के घाट

    पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि 29 जून को पति चिम्मनलाल शराब के नशे में धुत घर आया था. देर रात, जब सौतन को दूसरे कमरे में अकेले पाया तो अमृत बाई चापराई का टूटा हुआ पाया लेकर चुपचाप कमरे में घुंसी और बेरहमी से कई बार जानलेवा बार करके अधमरा कर दिया. सौतन को बदहवास हालत मे छोड़कर अमृत बाई दोबारा कमरे के बाहर गई और गन्ना काटने वाली आरी लाकर सौतन के गले को 4 बार रेता डाला, जिससे सौतन दया बाई की मौत हो गई. 

    खेत में छिपाए हत्या के सबूत

    सौतन की हत्या के बाद अमृत बाई ने सबसे पहले बिस्तर के नीचे सबूत छिपाए और खून से लथपथ साड़ी को बदलने के लिए खेत की ओर भागी. रात को जब पति की नींद खुली को पत्नी अमृत बाई को पास न पाकर दूसरे कमरे में पहुंचा जहां पहले ही दया बाई अपनी चारपाई पर लहूलुहान पड़ी थी. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में शोर-शराबा हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी. इधर अमृत बाई खेत में मोबाइल बंद करके वापस लौट आई.

    पूछताछ में कबूला जुर्म

    इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. मामले की जांच-पड़ताल की. परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ की. साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम ने भी चारपाई के नीचे से अमृत बाई द्वारा छिपाए गए सबूत बरामद किए. दूसरी तरफ अमृतबाई बालोद थाने पहुंती और अपना जुर्म कबूल कर आत्मसमर्पण कर दिया. पूछताछ से सामने आया कि दया बाई के पहले से दो विवाहित बेटे हैं और उनके भी बच्चे हैं. इसके बावजूद 5 साल पहले पति से दूसरी शादी कर ली और घर ले आए. दोनों महिलाओं के बीच आए दिन झगड़ा और तनाव बना रहता था. पति चिम्मनलाल ने पुलिस में पहली पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज करके अमृत बाई को रिमांड पर भेज दिया है.

  • बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    अगरतला । अधिकारियों ने बताया कि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने गुरुवार को अगरतला रेलवे स्टेशन पर बिहार से आई एक मालगाड़ी से 6.54 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का प्रतिबंधित कफ सिरप का बड़ा जखीरा जब्त किया। त्रिपुरा में पिछले साल अक्टूबर में हुई बड़ी बरामदगी के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है। डीआरआई ने मालगाड़ी से एस्कुफ और फेयरडिल कफ सिरप की 100-100 मिलीलीटर की 55,626 बोतलें जब्त की हैं। इन दोनों कफ सिरप का अक्सर नशे के लिए गलत इस्तेमाल किया जाता है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की मदद से खेप को रोका और सुब्रत देब (34) नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
    त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक प्राइवेट बिजनेस फर्म के मैनेजर बताए जा रहे देब कथित तौर पर राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित अगरतला रेलवे स्टेशन पर गैर-कानूनी खेप लेने आए थे।
    अधिकारियों के अनुसार, यह खेप बिहार के कटिहार से बुक की गई थी और इसे मालगाड़ी से जुड़ी हाई-कैपेसिटी पार्सल वैन में भेजा गया था।
    एस्कुफ और फेयरडिल कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडिन हाइड्रोक्लोराइड होते हैं। इन दवाओं का भारत, पड़ोसी देश बांग्लादेश और कुछ अन्य देशों में अक्सर नशे के रूप में गलत इस्तेमाल किया जाता है।
    डीआरआई ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया है, और तस्करी के इस रैकेट में शामिल सोर्स, इसे पाने वालों और इससे जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
    पिछले साल 17 अक्टूबर को त्रिपुरा पुलिस क्राइम ब्रांच (टीपीसीबी) ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद से एक मालगाड़ी से लगभग 5.4 करोड़ रुपए की कीमत का प्रतिबंधित ‘एस्कफ’ कफ सिरप का बड़ा खेप जब्त किया। यह मालगाड़ी मुर्गियों का दाना, चावल और अन्य सामान लेकर 16 अक्टूबर को दिल्ली से पश्चिम त्रिपुरा के जिरानिया रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें राजीव दासगुप्ता (42) भी शामिल थे, जिन्हें इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं में से एक माना जाता है।
    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि दासगुप्ता कई पूर्वोत्तर राज्यों में चल रहे ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क में अहम भूमिका निभाते थे।
    आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार त्रिपुरा और देश के अन्य हिस्सों के बीच चलने वाली ट्रेनों से गांजा (मारिजुआना) समेत नशीले और प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए हैं। इससे पता चलता है कि तस्कर अवैध सामान की तस्करी के लिए रेलवे नेटवर्क का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
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  • 16 बच्चों को कमरे में कैद रखने का मामला, दादा-दादी समेत परिवार पर आरोप; जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य..

    16 बच्चों को कमरे में कैद रखने का मामला, दादा-दादी समेत परिवार पर आरोप; जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य..

    16 बच्चों को कमरे में कैद रखने का मामला, दादा-दादी समेत परिवार पर आरोप; जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य..

    वॉशिंगटन/हैमडेन: अमेरिका के ओहायो राज्य में पुलिस ने एक जर्जर घर से एक ही परिवार के 16 बच्चों को बचाया है। अधिकारियों के मुताबिक, ये बच्चे बेहद ज्यादा गंदगी में रह रहे थे और बुरी तरह कुपोषित थे। कई बच्चे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे, जबकि 18 साल की एक मानसिक रूप से दिव्यांग लड़की अपना नाम तक नहीं लिख सकती थी। इस मामले में बच्चों के माता-पिता और दादा-दादी समेत 4 वयस्कों पर बच्चों को गंभीर खतरे में डालने का मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह मामला केवल एक ही परिवार से जुड़ा है।

    कैसे हुआ इस पूरे मामले का खुलासा?

    ओहायो के अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने बताया कि पुलिस किसी दूसरे मामले की जांच के सिलसिले में तलाशी वारंट लेकर इस घर पहुंची थी। अधिकारियों को पहले से यह जानकारी नहीं थी कि घर के अंदर 16 बच्चे मौजूद हैं। जांच के दौरान जब पुलिस घर में दाखिल हुई तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बताया गया कि बच्चों का स्कूल में कभी दाखिला नहीं कराया गया था और परिवार के बाहर शायद ही किसी को उनके बारे में जानकारी थी।

    किस हालत में कैद किए गए थे बच्चे?

    जांच अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की उम्र डेढ़ साल से लेकर 18 साल तक थी। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पिछले करीब 4 साल से बच्चों को घर के एक छोटे से कमरे में ही रखा जा रहा था। यह कमरा लगभग 12 फीट × 12 फीट का था। कमरे और घर के आसपास मानव मल फैला हुआ था और हर तरफ गंदगी का अंबार लगा था। विंटन काउंटी के शेरिफ रयान केन ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। उनके शब्दों में,

    हालांकि अधिकारियों को घर में कोई पिंजरा नहीं मिला, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि बच्चों को कमरे के अंदर किस तरह रखा जाता था।

    बच्चों को कमरे में बेहद गंदे तरीके से रखा गया था।

    अधिकारियों ने बच्चों के बारे में क्या कहा?

    अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने बताया कि कई बच्चे सामान्य रूप से बातचीत नहीं कर पा रहे थे। 18 साल की मानसिक रूप से दिव्यांग एक लड़की अपना नाम तक नहीं लिख सकती थी। उन्होंने कहा कि बच्चों की हालत ऐसी थी कि वे ‘लगभग जंगली जानवरों जैसे दिखाई दे रहे थे।’ बच्चों को बचाने के तुरंत बाद 7 बच्चों को इलाज के लिए कोलंबस के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 2 बच्चों को हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को एक बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी, जबकि अन्य बच्चों को भी इलाज और विशेष देखभाल की जरूरत पड़ी।

    पुलिस जब बच्चों के कमरे में पहुंची तो हैरान रह गई थी।

    क्या हैं इस केस के आरोपियों के नाम?

    विंटन काउंटी के अभियोजक विलियम आर्चर ने बताया कि बच्चों को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में चारों वयस्कों पर सेकेंड-डिग्री फेलोनी चाइल्ड एंडेंजर्मेंट का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी बच्चों को ओहायो डिपार्टमेंट ऑफ जॉब्स एंड फैमिली सर्विसेज की अस्थायी देखरेख में रखा गया है।

    आरोपियों के नाम हैं:

    1. गैरी साइडर्स जूनियर
    2. गैरी साइडर्स सीनियर
    3. क्रिस्टीना साइडर्स
    4. एलिजाबेथ साइडर्स

    बुधवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उनकी ओर से दोषी न होने की दलील दर्ज की और प्रत्येक की जमानत 3 लाख अमेरिकी डॉलर तय की। अभी तक किसी आरोपी के लिए वकील नियुक्त नहीं किया गया है।

    पुलिस ने इस मामले में बच्चों के 4 परिजनों को आरोपी बनाया है।

    बच्चों को दुनिया से कैसे छिपा पाए आरोपी?

    जांच में सामने आया है कि यह परिवार पिछले करीब 20 साल से दक्षिणी ओहायो के अलग-अलग इलाकों में रहता रहा। अधिकारियों का कहना है कि परिवार ने जानबूझकर बच्चों के मेडिकल रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेज तैयार नहीं होने दिए, ताकि किसी को उनके बारे में पता न चल सके। अभी यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस परिवार की शिकायत पहले कभी किसी बाल संरक्षण एजेंसी के पास पहुंची थी। बता दें कि हैमडेन गांव की आबादी एक हजार से भी कम है। यह ओहायो की राजधानी कोलंबस से लगभग 97 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।

    घर के बाहर टूटे टायर, बच्चों की टूटी साइकिलें, प्लास्टिक की मेज जैसी चीजें नजर आती थीं।

    पड़ोसियों को भी नहीं थी बच्चों की जानकारी

    जिस घर से बच्चों को बरामद किया गया, वह हैमडेन गांव में रेलवे लाइन के पास स्थित है। आसपास पेड़ और घनी झाड़ियां होने के कारण घर काफी अलग-थलग था, हालांकि सड़क से वह साफ दिखाई देता था। घर के बाहर टूटे टायर, बच्चों की टूटी साइकिलें, प्लास्टिक की मेज, हाई चेयर, शिशुओं को ले जाने वाले कैरियर और अन्य कबाड़ बिखरा हुआ मिला। पड़ोसी जोसेफ स्टीवर्ट ने बताया कि परिवार के यहां रहने आने के बाद उन्होंने कभी किसी बच्चे को बाहर खेलते नहीं देखा। उन्होंने कहा, ‘मैं रोज इस घर के सामने से गुजरता था, लेकिन यहां कभी कोई बच्चा दिखाई नहीं दिया।’

    अमेरिका में पहले भी सामने आया है ऐसा केस

    अमेरिका में इससे पहले भी परिवार के भीतर बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का बड़ा मामला सामने आ चुका है। साल 2019 में कैलिफोर्निया के डेविड और लुईस टर्पिन ने अपने 13 बच्चों को सालों तक प्रताड़ित करने, उन्हें जंजीरों से बांधकर रखने, भूखा रखने और बेहद सीमित शिक्षा देने के आरोप स्वीकार किए थे। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्हें 2018 में तब गिरफ्तार किया गया था, जब उनकी 17 साल की बेटी घर से भागकर बाहर निकली और 911 पर फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी थी।