Category: Crime

  • ट्रेन में अशोभनीय व्यवहार का वीडियो बना सबूत, रेलवे ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की…

    ट्रेन में अशोभनीय व्यवहार का वीडियो बना सबूत, रेलवे ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की…

    ट्रेन में अशोभनीय व्यवहार का वीडियो बना सबूत, रेलवे ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की…

      Image Credit: Image credit: X/@GhumakkadLaali

      किसी भी सफर के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं. एक और ऐसी ही घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी क्या है? एक लड़के की गलत हरकत को सहने की बजाय लड़की ने हिम्मत दिखाई, उसका वीडियो रिकॉर्ड किया और शिकायत दर्ज कराई. यह कदम उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है, जो ऐसी घटनाओं को देखकर भी चुप रह जाते हैं. कई बार महिलाएं ऐसी घटनाओं का सामना करती हैं, लेकिन डर या झिझक की वजह से आवाज नहीं उठा पातीं. यह घटना उन सभी महिलाओं के लिए किसी नजीर से कम नहीं है.

      पूरा मामला विवेक एक्सप्रेस ट्रेन का बताया जा रहा है. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, रूपाली दीक्षित नाम की लड़की ट्रेन में सफर कर रही थी. सफर के दौरान वह कोच के दरवाजे के पास खड़ी थीं. इसी दौरान पास के कोच में मौजूद एक लड़के ने उन्हें देखकर अजीब और भद्दे इशारे करने शुरू कर दिए. लड़की ने पहले उसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब युवक लगातार अपनी हरकत दोहराता रहा तो उन्होंने उसे ऐसा करने से मना किया. इसके बाद भी युवक नहीं रुका और अपनी हरकतें जारी रखीं. आखिरकार लड़की ने फैसला किया कि वह इस घटना को रिकॉर्ड करेंगी, जिससे आरोपी की पहचान हो सके और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके.

      रूपाली ने नहीं दिखाई कमजोरी

      वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़का बिना किसी डर के युवती की तरफ इशारे कर रहा है. वहीं लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए उसका वीडियो बना लिया. रूपाली ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए भारतीय रेलवे और संबंधित अधिकारियों को टैग किया. उन्होंने बताया कि ट्रेन में उनके साथ गलत व्यवहार किया गया और युवक ने आपत्तिजनक इशारे किए. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह विवेक एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं. जब वह कोच के दरवाजे के पास खड़ी थीं, तभी एक व्यक्ति ने उनके साथ बदतमीजी की और अश्लील इशारे किए.

      रेलवे ने तुरंत लिया संज्ञान

      वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया. रेलवे की ओर से रूपाली से यात्रा से जुड़ी जानकारी जैसे PNR नंबर, मोबाइल नंबर और अन्य डिटेल शेयर करने को कहा गया, जिससे मामले की जांच आगे बढ़ाई जा सके. इसके बाद RPF ने भी शिकायत दर्ज होने की जानकारी दी. बताया गया कि मामले को RailMadad पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया है और शिकायत नंबर भी जारी कर दिया गया है. RPF Eastern Railway ने भी सोशल मीडिया के जरिए बताया कि शिकायत को संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. RPF Howrah Division को कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं.

      सोशल मीडिया पर लोगों ने जताया गुस्सा

      वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा देखने को मिला. कई यूजर्स ने कहा कि ऐसी हरकतें करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. कुछ लोगों ने लिखा कि महिलाओं के साथ सार्वजनिक जगहों पर इस तरह का व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.

      वहीं कई महिलाओं ने अपनी आपबीती भी शेयर की और बताया कि उन्हें भी कई बार ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. एक यूजर ने लिखा कि ऐसी सोच रखने वाले लोगों की वजह से महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर असुरक्षित महसूस करना पड़ता है. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसे मामलों में चुप रहने की बजाय आवाज उठाना जरूरी है.

      महिलाओं के लिए जरूरी संदेश

      इस घटना से एक बात साफ है कि गलत व्यवहार को सहन करना समाधान नहीं है. अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक जगह पर किसी के साथ बदतमीजी करता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है. रूपाली की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि डरने की बजाय गलत करने वालों को जवाब देना चाहिए.

      हालांकि, साथ ही यह भी जरूरी है कि रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करें, ताकि महिलाओं का भरोसा बना रहे. ट्रेन, बस या किसी भी सार्वजनिक जगह पर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह दूसरों का सम्मान करे. छोटी दिखने वाली ऐसी हरकतें किसी के लिए बेहद परेशान करने वाला अनुभव बन सकती हैं. इसलिए जरूरत है कि समाज में सम्मान और जिम्मेदारी की सोच को बढ़ावा दिया जाए.

    • आधी रात फोन पर बात कर रही बहू को सास ने टोका, गोरखपुर में हुआ खूनी विवाद..

      आधी रात फोन पर बात कर रही बहू को सास ने टोका, गोरखपुर में हुआ खूनी विवाद..

      आधी रात फोन पर बात कर रही बहू को सास ने टोका, गोरखपुर में हुआ खूनी विवाद..

      बहू आधी रात को युवक से कर रही थी बात, सास ने जैसे ही रोका… गोरखपुर में हो गया लहूलुहान मंजर

      गोरखपुर के एम्स थानाक्षेत्र में 25 वर्षीय एक महिला ने एक युवक से फोन पर बातचीत को लेकर हुए झगड़े के बाद अपनी सास का गला कथित तौर पर चाकू से रेत दिया। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि महिला को गंभीर हालत में एम्स में…

      Gorakhpur News: गोरखपुर के एम्स थानाक्षेत्र में 25 वर्षीय एक महिला ने एक युवक से फोन पर बातचीत को लेकर हुए झगड़े के बाद अपनी सास का गला कथित तौर पर चाकू से रेत दिया। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि महिला को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह घटना मलमालिया जगदीशपुर गांव में घटी।

      बात करने से रोका तो भड़की बहू, सास के गले पर चाकू से किया वार
      पुलिस सूत्रों के अनुसार जयहिंद नाम के व्यक्ति की पत्नी वंदना सोमवार रात मोबाइल फोन पर एक युवक से बात कर रही थी तभी उसकी सास आशा देवी (55) ने इस पर आपत्ति जताई और उसे बातचीत बंद करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि इससे नाराज वंदना ने अपनी सास पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसके गले में गहरा घाव हो गया।

      अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग सास, आरोपी बहू को पुलिस ने किया गिरफ्तार
      सूत्रों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल आशा देवी को इलाज के लिए एम्स ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जाती है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।

    • दूसरे की पत्नी से संबंध बनाने का आरोप, फिर आपत्तिजनक वीडियो वायरल; CM के दौरे से पहले मचा हड़कंप..

      योगेश की पत्नी के डंपर चालक चंद्रपाल उर्फ चंचल के साथ अवैध संबंध थे, इससे पति नाराज चल रहा था.

       उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुलिस ने डंपर चालक चंद्रपाल उर्फ चंचल की हत्या में मुख्य आरोपी योगेश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. हत्या की वजह का खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई. पूछताछ में योगेश ने बताया कि डंपर चालक के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे. इसका पता उसने चला तो विरोध किया, लेकिन चंचल नहीं माना. वह लगातार पत्नी के साथ जुड़ा रहा. इस बीच उसने पत्नी के वीडियो भी प्रसारित कर दिए. इससे उसकी काफी बदनामी हो रही थी. इसके अलावा अलावा चंचल राह चलते भी चिड़ाता था, इसलिए उसने अपने भाई मुनेश और दोस्त विनोद के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी. 

       डंपर चालक चंद्रपाल उर्फ चंचल की हत्या में लंबे समय से पुलिस को योगेश की तलाश थी. इस बीच पुलिस को खुफिया सूचना मिली, जिसके बाद रामपुर में डंपर चालक की हत्या के मुख्य आरोपी योगेश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की गोली पैर में लगने से वह घायल हो गया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया है.

      यह मामला चर्चा में इसलिए भी आया कि हत्या की यह वारदात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रामपुर आने से एक रात पहले हुई थी. इसके चलते पुलिस में हड़कंप मच गया था. पूरा पुलिस प्रशासनिक अमला मंगलवार को मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में लगा था. इस बीच सोमवार रात लगभग 10 बजे हत्या की वारदात हो गई. मुख्यमंत्री का शाहबाद में कार्यक्रम था.

      सीएम के आगमन से पहले हुई थी यह वारदात

      सीएम के आगमन से पहले खबर आई कि शाहबाद रोड पर चंडका गांव के पास स्थित मोगा ढाबे के सामने झंडूपुरा गांव निवासी 25 वर्षीय चंद्रपाल उर्फ चंचल को कुछ लोगों ने गोली मार दी थी. इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा गया. इस हत्याकांड के बाद से ही आरोपी की तलाश थी. जांच के दौरान पता चला कि हत्या में योगेश शामिल है. खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया

    • फटे-पुराने कपड़ों में छिपाकर ले जा रहा था 37 किलो सोना, पुलिस ने ऐसे पकड़ा

      फटे-पुराने कपड़ों में छिपाकर ले जा रहा था 37 किलो सोना, पुलिस ने ऐसे पकड़ा

      फटे-पुराने कपड़ों में छिपाकर ले जा रहा था 37 किलो सोना, पुलिस ने ऐसे पकड़ा

      गुवाहाटी: असम की गुवाहाटी पुलिस ने महाराष्ट्र के एक शख्स को 55 करोड़ रुपये कीमत के 37 किलो सोने के साथ पकड़ा है। पुलिस के अनुसार इस व्यक्ति का मिडिल ईस्ट और म्यांमार से जुड़े एक संदिग्ध इंटरनेशनल गोल्ड-स्मगलिंग रैकेट से कनेक्शन है। पुलिस मिडिल ईस्ट और म्यांमार से कनेक्शन को लेकर जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार महाराष्ट्र का रहने वाला शख्स 55 करोड़ रुपये कीमत का 37 किलो सोना लेकर जा रहा है। सोना 24 कैरेट की शुद्धता वाला है।

      भिखारी जैसे पहने थे कपड़े

      इंटरनेशनल रैकेट से कनेक्शन

      डीसीपी सेंट्रल ने कहा कि जांच से मिडिल ईस्ट और म्यांमार से इंटरनेशनल गोल्ड-स्मगलिंग कनेक्शन और मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और बेंगलुरु से घरेलू कनेक्शन का पता चला है। डीसीपी ने आगे कहा कि पुलिस अब जब्त सोने के मालिक का पता लगाने और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इसे किस मकसद से ले जाया जा रहा था। पुलिस ऑपरेशन से जुड़े हो सकने वाले अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आरोपी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड और कम्युनिकेशन लॉग की जांच की जा रही है। आरोपी अक्षय बनसोडे के खिलाफ लतासिल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

    • कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

      कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

      कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

      शहर के चर्चित अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में पुलिस ने करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में डॉक्टर दंपती समेत 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। पुलिस ने मामले में संगठित अपराध की धारा भी बढ़ाई है। जांच में लखनऊ के रहने वाले 12वीं पास रोहित उर्फ राहुल तिवारी को पूरे रैकेट का सरगना बताया गया है।

      दस्तावेज, चैट और कॉल डिटेल बने अहम सबूत

      पुलिस की चार्जशीट में छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेज, आरोपियों की आपसी चैट, कॉल डिटेल रिपोर्ट, होटल में ठहरने की फुटेज और डोनर-रिसीवर समेत 36 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इन्हीं सबूतों के आधार पर रैकेट की कड़ियां जोड़ी गई हैं।

      आहूजा अस्पताल में छापे के बाद खुला था मामला

      मसवानपुर चौराहा स्थित आहूजा अस्पताल में 29 मार्च को पुलिस ने छापा मारकर इस रैकेट का खुलासा किया था। आरोप है कि बेगूसराय के आयुष की किडनी मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर को ट्रांसप्लांट की गई थी। 31 मार्च को दरोगा मुकेश कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

      डॉक्टर दंपती समेत कई नाम चार्जशीट में

      मामले में आहूजा अस्पताल के संचालक डॉ. सुरजीत आहूजा और उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस के मुताबिक, अस्पताल संचालकों और अन्य आरोपियों को रैकेट के सदस्य के तौर पर पेश किया गया है।

      डीसीपी वेस्ट के अनुसार, किडनी कांड में कुल 19 आरोपियों के नाम सामने आए हैं। फिलहाल जेल भेजे गए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इनमें डॉ. सुरजीत आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार तोमर, परवेज सैफी, मुदस्सर अली, साहिल, परवेज सेती, रोहित और नवीन पांडेय समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

      नया नंबर लेकर करता था डील

      पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहित उर्फ राहुल तिवारी बेहद सतर्क तरीके से रैकेट संचालित करता था। वह हर ट्रांसप्लांट से पहले नया मोबाइल नंबर लेता और ऑपरेशन पूरा होते ही उसे बंद कर देता था। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए कई डॉक्टर और सहयोगी इसी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे।

      आयुष बना केस की सबसे अहम कड़ी

      इस पूरे केस में आयुष को मुख्य गवाह बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, आयुष को आहूजा अस्पताल से बरामद किया गया था और उसकी किडनी ट्रांसप्लांट होने की मेडिकल रिपोर्ट भी मौजूद है। जांच एजेंसी का मानना है कि आयुष की गवाही अदालत में केस को मजबूत करेगी।

      50 हजार रुपये ने खोल दिया पूरा रैकेट

      किडनी ट्रांसप्लांट के बदले आयुष को 10 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। आरोप है कि उसे 9.50 लाख रुपये दिए गए, लेकिन बाकी 50 हजार रुपये नहीं मिले। भुगतान को लेकर विवाद बढ़ा तो आयुष ने पुलिस से शिकायत कर दी। इसी शिकायत ने पूरे अवैध किडनी रैकेट का पर्दाफाश कर दिया।

      विदेशी महिला के ऑपरेशन की भी जांच

      पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दिसंबर 2025 में साउथ अफ्रीका की अरेबिका नाम की महिला का भी आहूजा अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। बाद में उसे कार से दिल्ली भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है।

      अब अदालत में होगी अगली लड़ाई

      करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालत में आगे बढ़ेगा। पुलिस का दावा है कि दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस रैकेट से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।

    • नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई, जिन होटलों में हुआ अपराध उन पर चला बुलडोजर..

      नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई, जिन होटलों में हुआ अपराध उन पर चला बुलडोजर..

      नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई, जिन होटलों में हुआ अपराध उन पर चला बुलडोजर..

      राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में काफी हंगामा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कथित तौर नाबालिग से जिन-जिन होटलों में मासूम से दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया गया था उन सभी पर बुडोजर चला दिया गया है। जबकि…

      नेशनल डेस्क: राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में काफी हंगामा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कथित तौर नाबालिग से जिन-जिन होटलों में मासूम से दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया गया था उन सभी पर बुडोजर चला दिया गया है। जबकि गैंगरेप के आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया अब तक इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस ने बताया कि 32 लोगों को इस घटना आरोपी बनाया गया है।

      जानिए पूरा मामला
      दरसअल, यह मामला 18 जून का है आरोप है कि घर से गायब हुई 13 साल की बच्ची को होटल में बेच दिया था। इसके बाद बच्ची के साथ हैवानियत शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक 32 लोगों ने बच्ची के साथ रेप किया। इस पूरे मामले में अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस सूत्रों को कहना है कि होटल मालिकों ने बच्ची को दिन में 6-6 लोगों के हवाले कर दिया। बच्ची से लगातार हर दिन 6 लोग रेप करते रहे।

      रिक्शा चालक पर नाबालिग को बेचने का आरोप
      बताया जा रहा है कि 13 साल की बच्ची अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने उसकी खोज शुरू की, जब लोगों को पता चला कि रिक्शा चालक ने होटल वाले को चंद रुपयों में बच्ची को बेच दिया है। नाराज लोगों ने बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंचे। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

      शिकायत पर पुलिस ने लिया एक्शन
      घटना के बाद पुलिस ताबड़तोड़ कई होटलों में छापे मारी की। पुलिस ने होटल मालिकों सहित कई होटल मैनेजरों को पकड़ा और पूछताछ शुरू हुई। श्री गंगानगर में 150 से ज्यादा अवैध होटल चल रहे हैं। रजिस्ट्रेशन सिर्फ 40 का है। उसके बाद जिन होटलों में बच्ची से रेप की घटना की गई उन सभी होटलो पर बुलडोजर चला दिया गया।

      घटना पर क्या बोली पुलिस ?
      एसपी हरिशंकर ने कहा 18 जून एक घटना सामने आई जिसमें आरोप है कि एक घर से गायब हुई 13 साल की बच्ची को होटल में बेच दिया था। होटलों में बच्ची से हैवानियत हुई। जिन होटलों में बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ था, उन पर देर रात बुलडोजर चला दिया गया। पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि मामले की जांच जारी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। दोषी कोई भी हो इस मामले में सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

      धरने पर बैठे विधायक
      जिला कांग्रेस अध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर समेत कई नेता व जनप्रतिधि धरने पर बैठे थे। धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक ने कहा था कि यह मामला बेहद शर्मनाक और अमानवीय है आरोपियों को फांसी की सजा देनी चाहिए। हवस के भूखे ऐसे भेड़ियों और अवैध होटल संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    • पति को खांसी की दवा के बहाने दिया जहर, पत्नी पर हत्या का आरोप; वारदात के बाद कमरे का दरवाजा बंद कर सो गई…

      पति को खांसी की दवा के बहाने दिया जहर, पत्नी पर हत्या का आरोप; वारदात के बाद कमरे का दरवाजा बंद कर सो गई…

      पति को खांसी की दवा के बहाने दिया जहर, पत्नी पर हत्या का आरोप; वारदात के बाद कमरे का दरवाजा बंद कर सो गई…

      हालांकि, सही समय पर अस्पताल पहुंचने से युवक की जान बच गई. जानकारी के मुताबिक 5 दिनों से युवक का इलाज अस्पताल में जारी है. आरोप है कि पत्नी उससे मिलने अस्पताल तक भी नहीं आई.

      UP Crime: एक ओर जहां पति-पत्नी के बीच मारपीट और एक दूसरे को जान से मार देने की खबर सामने आती रहती हैं. वहीं, लखनऊ के चिनहट इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है, जहां एक प्लंबर की पत्नी ने पति को खांसी की दवा बताकर जहरीला पदार्थ पानी में मिलाकर पिला दिया. आरोप है कि पत्नी ने दवा मं जहर मिलाकर युवक को दे दिया और बाहर से दरवाजा बंद करके चली गई. इसके बाद पीड़ित की हालत बिगड़ने लगी और आनन-फानन में परिजनों द्वारा उसे गोमती नगर स्थित राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल ले जाया गया.

      हालांकि, सही समय पर अस्पताल पहुंचने से युवक की जान बच गई. जानकारी के मुताबिक 5 दिनों से युवक का इलाज अस्पताल में जारी है. आरोप है कि पत्नी उससे मिलने अस्पताल तक भी नहीं आई.

      अस्पताल में देखने भी नहीं गई पत्नी 

      जानकारी के मुताबिक युवक का 5 दिन से लगातार अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन आरोप है कि उसकी पत्नी उसे देखने अस्पताल तक भी नहीं आई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्लंबर दिलेराम (29) मूलरूप से सीतापुर के रामपुर मथुरा का रहने वाला था. वह चिनहट के माधव ग्रीन में पत्नी के साथ किराए पर रहता था. बाराबंकी रामनगर की युवती से दिलेराम ने 8 साल पहले शादी की थी. वहीं, उसने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी एक घर में काम करती थी, जहां उसकी एक युवक से मुलाकात हुई और दोनों में बातचीत बढ़ गई. इसके बाद बात इतनी आगे बढ़ गई कि दोनों में अफेयर हो गया. हालांकि, कई बार रोकटोक करने पर भी पत्नी नहीं मानी और दिलेराम से मारपीट भी करती थी. 

      ऑनलाइन दर्ज कराई थी पत्नी के खिलाफ शिकायत 

      दिलेराम के मुताबिक जहर देने के बाद उसकी पत्नी दरवाजा बंद करके सो गई. इसके बाद रात में उसे उल्टी शुरू हो गई और हालत बिगड़ने लगी थी. दिलेराम का कहना है कि उसने इस पूरे मामले की शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई थी. शिकायत करने के बाद पुलिस उसके पास बयान लेने अस्पताल तक भी आई थी. हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है. पुलिस का कहना है की मामले की जांच की जा रही है. पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि युवक ने खुद जहर खाया या उसकी पत्नी ने उसे जहर पिलाया था

    • महिला से ₹1.77 करोड़ की धोखाधड़ी, जांच में सामने आया ठगों का हैरान करने वाला तरीका…

      महिला से ₹1.77 करोड़ की धोखाधड़ी, जांच में सामने आया ठगों का हैरान करने वाला तरीका…

      महिला से ₹1.77 करोड़ की धोखाधड़ी, जांच में सामने आया ठगों का हैरान करने वाला तरीका…

      सूरत: सोशल मीडिया पर दिखने वाला एक आकर्षक वजन घटाने का विज्ञापन सूरत की एक महिला के लिए करोड़ों रुपये की ठगी का कारण बन गया. महिला ने फेसबुक पर विज्ञापन देखकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज किया और यहीं से वह साइबर ठगों के जाल में फंस गई. करीब पांच महीने के भीतर महिला से 1 करोड़ 77 लाख 40 हजार 500 रुपये ठग लिए गए. इस मामले की जांच में एक ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने देशभर में महिलाओं को निशाना बनाकर करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी की.

      सूरत साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि गुरुग्राम स्थित क्योरेस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी सोशल मीडिया पर वजन घटाने के विज्ञापन चलाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसा रही थी. कंपनी का एक हाईटेक कॉल सेंटर था, जहां से पूरे देश में महिलाओं को कॉल किए जाते थे.

      पुलिस के अनुसार, सूरत की गृहिणी ने फेसबुक पर वजन घटाने का विज्ञापन देखा और उस पर क्लिक कर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया. इसके तुरंत बाद कॉल सेंटर की महिला काउंसलरों ने व्हाट्सएप पर उससे संपर्क किया. उन्होंने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कंपनी की वेबसाइट तथा सेवाओं की जानकारी देकर भरोसा जीतने की कोशिश की.

      जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य अरसलान अपनी आवाज बदलकर अलग-अलग डॉक्टर बन जाता था. वह कभी खुद को डॉ. एमके खन्ना तो कभी डॉ. आकाश मल्होत्रा बताता था. वहीं कॉल सेंटर में काम करने वाली हीना और निशा कुमारी भी फर्जी नामों से महिला से बात करती थीं. उन्होंने दावा किया कि विशेषज्ञ डॉक्टर महिला का इलाज कर रहे हैं. भरोसा बढ़ाने के लिए महिला की फर्जी मेडिकल फाइल और बॉडी प्रोफाइल भी तैयार की गई.

      इस गिरोह की सबसे अलग बात यह थी कि उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से बचने की रणनीति अपनाई. महिला से केवल 15 हजार रुपये ऑनलाइन लिए गए, जबकि बाकी 1.77 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद वसूले गए. गिरोह के सदस्य मोहम्मद हुसैन उर्फ राहुल राज और ओमप्रकाश रजक दिल्ली से विमान के जरिए सूरत पहुंचते थे. वो दवा के पैकेट देकर नकदी लेकर वापस लौट जाते थे.

      इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी गिरोह ने महिला से 81 लाख 50 हजार रुपये और मांगे. आरोपियों ने महिला को धमकाया कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो उसकी मेडिकल फाइल बंद कर दी जाएगी, दवाओं के साइड इफेक्ट होंगे और अब तक खर्च किए गए सारे पैसे बेकार हो जाएंगे. लगातार मानसिक दबाव और धमकियों के बाद महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने सूरत साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया.

      शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विशेष योजना बनाई। महिला के जरिए आरोपियों को बताया गया कि वह 81 लाख रुपये देने के लिए तैयार है. इसके बाद मोहम्मद हुसैन उर्फ राहुल राज दवाओं का पार्सल लेकर सूरत पहुंचा. जैसे ही वह महिला के घर नकदी लेने पहुंचा, वहां पहले से मौजूद सूरत साइबर पुलिस ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने गुरुग्राम स्थित पूरे कॉल सेंटर की जानकारी दे दी. इसके बाद सूरत साइबर सेल की टीम दिल्ली पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गुरुग्राम स्थित कंपनी के कॉल सेंटर पर देर रात छापा मारा.

      पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर में करीब 150 युवा कर्मचारी काम कर रहे थे. इनमें लगभग 150 महिला कॉलर और 20 पुरुष कॉलर शामिल थे. यह टीम फेसबुक पर विज्ञापन डालकर महिलाओं को फंसाती थी और फर्जी मेडिकल सलाह देकर मोटी रकम वसूलती थी. जांच में सामने आया कि कंपनी का पंजीकरण वर्ष 2021 में हुआ था और वर्ष 2022 से कथित रूप से ठगी का नेटवर्क चल रहा था.

      पुलिस को कंपनी के बैंक खाते में 8 करोड़ 30 लाख 95 हजार 532 रुपये मिले. हालांकि पूछताछ में पता चला कि करोड़ों रुपये का लेनदेन नकद में किया जाता था. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे हर महीने 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक नकद वसूली का लक्ष्य पूरा करते थे. फिलहाल सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

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    • तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

      तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

      तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

      उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई थाना क्षेत्र में डंपर चालक चंद्रपाल उर्फ चंचल की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि मृतक के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे और उसने उसकी पत्नी की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल कर दी थीं, जिससे समाज में बदनामी हो रही थी। इसी वजह से उसने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

      गश्त के दौरान पुलिस से हुई मुठभेड़

      पुलिस के मुताबिक, बुधवार को पटवाई थाना पुलिस जोलपुर रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान निर्माणाधीन सोना पुल के पास एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर आरोपी बाइक छोड़कर कच्चे रास्ते से भागने लगा। पीछा किए जाने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

      पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी योगेश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

      तमंचा और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद

      पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, नाल में फंसा एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस तथा हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा रही है।

      पूछताछ में किया बड़ा दावा

      पुलिस पूछताछ में आरोपी योगेश ने दावा किया कि उसकी पत्नी के मृतक चंद्रपाल उर्फ चंचल से अवैध संबंध थे। उसका आरोप है कि चंचल ने उसकी पत्नी के साथ कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें खींचकर वायरल कर दी थीं, जिससे रिश्तेदारों और समाज में उसकी बदनामी हो रही थी।

      साथियों के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश

      पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि बदनामी से परेशान होकर उसने अपने सहयोगियों विनोद, महेश और भाई मुनेश के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। सोमवार रात शाहबाद रोड स्थित मोगा ढाबे के सामने टायर पंचर बनवाने के दौरान चंद्रपाल उर्फ चंचल के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।

      पहले दर्ज हो चुका है हत्या का मुकदमा

      घटना के बाद मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने योगेश, विनोद और मुनेश समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

      पुलिस का बयान

      थाना प्रभारी धनंजय कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी योगेश को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है। आवश्यक चिकित्सीय उपचार के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    • मनीषा मित्तल हत्याकांड में नया मोड़: जांच में सगे भाई की कथित भूमिका सामने आई…

      मनीषा मित्तल हत्याकांड में नया मोड़: जांच में सगे भाई की कथित भूमिका सामने आई…

      मनीषा मित्तल हत्याकांड में नया मोड़: जांच में सगे भाई की कथित भूमिका सामने आई…

      शिमला में मनीषा मित्तल हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मनीषा के भाई ने ही उनकी हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने उसके भाई हिमांक मित्तल और दोस्त गोविंद को रोहतक से गिरफ्तार किया है.

      13 जून को रोहतक की मनीषा मित्तल का शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल के पास मर्डर हो गया था. केस की जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्यों का पता चला.

      जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि इस हत्याकांड के पीछे उसके भाई का ही हाथ है. पुलिस ने मनीषा के छोटे भाई हिमांक मित्तल और उसके दोस्त गोविंद को गिरफ्तार कर लिया है.

      हत्याकांड के बाद से ही पुलिस को हिमांक मित्तल पर था शक 

      मनीषा हत्याकांड के बाद ही हिमांक मित्तल पर पुलिस को शक हो गया था और वह जांच के घेरे में था. दरअसल, मनीषा मित्तल पिछले कई महीनों से इंटरनेट मीडिया पर फोटो और वीडियो पोस्ट कर रही थी. अपने पोस्ट में वह आरोप लगा रही थी कि रोहतक में बैठा उसका भाई उसे परेशान कर रहा है, उसकी लोकेशन ट्रेस करा रहा है. उसने ये भी कहा कि उसकी जान को खतरा है. पुलिस के अनुसार, मनीषा ने कई बार थाने में भी शिकायत दी थी और अपने भाई से जान का खतरा बताया था.

      कैसे हुआ खुलासा 

      जांच के दौरान पुलिस ने पहले दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत और सुनारिया खुर्द निवासी दीपक को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया कि हिमांक ने अपने दोस्त गोविंद के खाते में साढ़े 8 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे जिसके बाद गोविंद विदेश चला गया था. जब पुलिस ने मामले की छानबीन की तो इस जानकारी के मिलते ही पुलिस को मनीषा के भाई पर शक बढ़ता चला गया. पुलिस जांच में सामने आया है कि मनीषा के मर्डर की साजिश रोहतक से ही बैठकर रची जा रही थी. उसका भाई हिमांक मित्तल सीसीटीवी कैमरे के जरिए अपनी बहन की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था. शिमला पुलिस मनीषा के मर्डर के अगले दिन ही हिमांक के स्कूल में पहुंची थी और उससे शिमला स्थित स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी लिए थे. इसके अलावा शिमला पुलिस लगातार 16 दिनों से हिमांक मित्तल से पूछताछ कर रही थी और उसकी बैंक डिटेल और कॉल डिटेल भी खंगाल रही थी.

      पूछताछ के दौरान हिमांक मित्तल पुलिस से ये ही कहता रहा कि उसने अपनी बहन का मर्डर नहीं कराया है. लेकिन जब गोविंद को शिमला पुलिस ने पकड़ा तो उसने हिमांक मित्तल का भी नाम कबूल कर लिया. पुलिस का कहना है कि गोविंद और हिमांक मित्तल का मनीषा मित्तल से प्रोपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। जिसके चलते उन्होंने उसकी हत्या करा दी.

      गोविंद ने ही दी थी शूटर्स को कार

      पुलिस जांच के अनुसार गोविंद ने दोनों शूटर्स को हत्याकांड को अंजाम देने के लिए एक स्विफ्ट कार किराए पर लेकर दी थी. इसके अलावा गोविंद ने मनीषा की हत्या करने वाले शूटर दीपक के खाते में रुपये भी ट्रांसफर किए थे. हत्या की साजिश रचने के बाद वह पुलिस से बचने के लिए विदेश जाकर छिप गया था और जब विदेश से लौटा तो उसने अपना फोन बंद रखा ताकि, पुलिस उसे पकड़ न पाए. हालांकि, पुलिस ने जांच जारी रखी और अंत में उसे गिरफ्तार कर लिया.