बेंगलुरु से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां मशहूर IT कंपनी केपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस में बने डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है। इन वीडियो के आधार पर पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच कर रही है।
बेंगलुरु के डेकेयर में हैवानियत
यह शिकायत सेंटर के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, फुटेज में बच्चे रोते हुए और केयरगिवर्स द्वारा उनके साथ मारपीट और उन्हें डराते-धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने बताया कि वीडियो में नैनी दो से तीन साल के बच्चों को धमकाती हुई दिख रही हैं।
शिकायत के मुताबिक, केयरगिवर्स ने कथित तौर पर बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाला, बच्चों को टॉयलेट पर बैठाया, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी की बौछार की, उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया और चुप रहने के लिए धमकाया।
पांच महिलाओं को किया अरेस्ट
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के लिए नैनी को जल्द बुलाया जाएगा। पुलिस ने बताया कि ये घटनाएं एक चाइल्डकेयर सेंटर में हुईं, जहां IT कंपनी के कर्मचारी काम के दौरान अपने छोटे बच्चों को छोड़ते हैं।
मामला तब सामने आया जब दुर्व्यवहार का वीडियो WhatsApp पर वायरल हुआ और चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत पांच महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया है।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां नयापुरा कस्बे में एक कलयुगी छोटे भाई ने मामूली विवाद के बाद अपने सगे बड़े भाई की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सक्रिय हुई जहानागंज थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के महज पांच घंटे के भीतर आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।
घर खर्च को लेकर मां से हो रही थी कहासुनी
पुलिस पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। आरोपी ने बताया कि उसका बड़ा भाई दिलशेर अहमद पिछले दो साल से दुबई में रह रहा था और करीब 15 दिन पहले ही वह अपने घर लौटा था। घटना वाले दिन घर खर्च के लेन-देन को लेकर दिलशेर अहमद और उसकी मां के बीच कहासुनी हो रही थी। बात इतनी बढ़ गई कि भाई ने मां को धमकाना शुरू कर दिया। मां के साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार को देखकर छोटा भाई मोहम्मद अनस उर्फ राजू (24 वर्ष) गुस्से से आगबबूला हो गया और उसने खौफनाक कदम उठा लिया।
पेट और पीठ पर किए चाकू से ताबड़तोड़ वार
थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा के अनुसार, यह पूरी घटना 30 जून की शाम की है। मृतक दिलशेर अहमद की पत्नी सुमैया अख्तरी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पति दिलशेर और देवर अनस उर्फ राजू के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अनस ने गुस्से में आकर पास में रखा एक धारदार चाकू उठा लिया। इसके बाद उसने दिलशेर के पेट और पीठ पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए।
बीच-बचाव करने आई भाभी पर भी किया हमले का प्रयास
जब अनस अपने बड़े भाई पर जानलेवा हमला कर रहा था, तो दिलशेर की पत्नी सुमैया अख्तरी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। आरोप है कि सिर पर खून सवार होने के कारण अनस ने अपनी भाभी सुमैया पर भी चाकू से हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, सुमैया ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और शोर मचाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल हो चुके दिलशेर अहमद ने अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस ने 5 घंटे में की घेराबंदी, पुलिया के पास से दबोचा
घटना की सूचना मिलते ही जहानागंज थाना पुलिस में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाने लगी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। देर रात पुलिस को एक मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी भागने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए करहा मार्ग स्थित पुनर्जी पुलिया के पास घेराबंदी की और वारदात के महज 5 घंटे के भीतर आरोपी मोहम्मद अनस उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस ने आरोपी अनस की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त खून से सना चाकू भी बरामद कर लिया है। जहानागंज पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि मां को धमकाए जाने के कारण वह अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाया और उसने पास में रखा चाकू उठाकर भाई पर वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अब आरोपी को जेल भेजने की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।
सोशल मीडिया वैसे तो अपनी बात बताने का और दूसरों की पोस्ट पर अपनी राय प्रकट करने का मंच है. लेकिन कई बार इसमें बात बिगड़ जाती है और जुबानी जंग शुरू हो जाती है. लेकिन, कई बार यह जंग और भी गंभीर हो जाती है. ऐसा ही कुछ राजस्थान के अलवर शहर में हुआ. वहां दो दोस्तों के बीच इंस्टाग्राम की एक पोस्ट को लेकर ऐसा झगड़ा हुआ कि बात चाकूबाजी तक पहुंच गई. इंस्टाग्राम पर किए गए एक कमेंट को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गई.
क्या है पूरा मामला?
एक युवक पर धारदार हथियार से हमले का मामला अलवर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र के खुदनपुरी रोड का है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, और सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. घायल युवक का नाम धीरज जाटव (19 वर्ष) है और वह दिल्ली दरवाजा का निवासी है. पुलिस ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी.
वैशाली नगर थाना के प्रभारी गुरुदत्त सैनी ने बताया कि पुलिस को झगड़े की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए रोहन और हिमांशु नामक युवकों को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि सभी युवक आपस में दोस्त हैं और इंस्टाग्राम पर किए गए एक कमेंट को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हुआ था.
शादी से लौटते समय हुआ झगड़ा
घायल धीरज ने पुलिस को बताया कि वह एक शादी समारोह से लौट रहा था. इसी दौरान दोस्तों ने उसे फोन कर मिलने के लिए बुलाया. बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और एक युवक ने उस पर चाकू से हमला कर दिया. पुलिस ने दोनों आरोपित युवकों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया है. मामले की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Maharashtra Crime News:
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां पर एक मामूली विवाद में नाबालिग छात्र ने स्कूल के भीतर शिक्षक पर चाकू से हमला कर दिया. घटना शहर के कैंटोनमेंट इलाके में स्थित लिटिल फ्लावर स्कूल की है. यह विवाद ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) को लेकर शुरू हुआ.
इस घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि टीचर और स्कूल के प्रिंसिपल केबिन में बात कर रहे हैं. इसी के कुछ समय बाद छात्र अचानक आता है और आक्रामक हो जाता है. इस कारण वहां मौजूद लोग अपनी जग पर खड़े हो जाते हैं.
छात्र ने शिक्षक पर किया चाकू से हमला
इसके कुछ सेकेंड के बाद ही छात्र ने चाकू निकाला और शिक्षक के सीने पर घोंप दिया. इसके बाद वहां पर अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. छात्र के हमले में घायल शिक्षक पीछे हटते भी नजर आ रहा है. बाद में छात्र खुद चिल्लाने लगता है, जबकि स्टाफ और वहां पर मौजूद अन्य लोग छात्र को शांत कराने की कोशिश करते हैं.
शिक्षक अस्पताल में भर्ती
छात्र की से किए गए चाकू के हमले में शिक्षक घायल हो गया, जिसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर उसका उपचार चल रहा है. शिक्षक अभी खतरे से बाहर है.
मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि छात्र अपना ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने के लिए स्कूल आया था. इस दौरान शिक्षक के साथ उसकी बहस हो गई. मामला बढ़ने के साथ ही छात्र ने टीचर पर हमला कर दिया.
पहले भी हुआ था झगड़ा
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का उसी क्लास टीचर से पहले भी झगड़ा हुआ था, जिस दौरान पर स्कूल में पढ़ता था. शुरुआती जांच में पाया गया कि हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू छात्र ने ऑनलाइन खरीदा था. इस घटना के तुरंत बाद नाबालिग को हिरासत में ले लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है.
बिहार के औरंगाबाद जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ गोह थाना क्षेत्र के दरधा गांव में एक पुरानी रंजिश और सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हुआ। बातचीत और समझौते के लिए बैठी पंचायत के दौरान दोनों पक्षों में बात इतनी बिगड़ गई कि लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया गया। इस हिंसक झड़प में एक पक्ष से तीन महिलाओं और तीन पुरुषों समेत कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
2 साल पुराने प्रेम प्रसंग से जुड़ा है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद दरधा गांव के रहने वाले बसीर शाह और गांव के ही रिजवान की बेटी के बीच के दो साल पुराने प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। बताया जाता है कि दोनों के बीच लंबे समय तक अफेयर था। हालांकि, बाद में परिवार की सहमति से लड़की की शादी किसी दूसरे लड़के से कर दी गई और वह अपने ससुराल चली गई। लड़की की शादी होने के बाद भी प्रेमी बसीर शाह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। वह लगातार लड़की की पुरानी तस्वीरों को अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट पर स्टेटस के रूप में लगा रहा था।
समझौते की मेज पर गाली-गलौज और फिर खूनी संघर्ष
शादीशुदा बेटी की तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट होने से लड़की पक्ष के लोग बेहद नाराज थे। इस बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार बातचीत और समझौता कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन बसीर शाह मानने को तैयार नहीं था। बुधवार को एक बार फिर इसी विवाद को हमेशा के लिए सुलझाने के उद्देश्य से गांव के लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच पंचायत बुलाई गई थी। लेकिन समझौते के दौरान ही दोनों तरफ से बहस शुरू हो गई। तू-तू-मैं-मैं से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर लाठी-डंडों के खूनी खेल में बदल गया।
महिलाओं समेत 6 लोग घायल
इस मारपीट की घटना का एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर रहे हैं। इस हिंसक वारदात में हकीम शाह, बसीर साह, मोकिम साह, शयरुन खातून, रवीना खातून और हुस्ना खातून गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गोह में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
इस खूनी झड़प के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। गोह थाना के थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि पीड़ितों की तरफ से पुलिस को लिखित आवेदन प्राप्त हो चुका है। पुलिस ने वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही हमले में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
झारखंड राज्य के पाकुड़ जिले में स्थित अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बूढ़ीडूबा गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. प्रेम-प्रसंग से नाराज पति और उसके सहयोगियों ने विवाहिता और एक युवक को पकड़कर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया. आरोप है कि दोनों के कपड़े फाड़कर उन्हें अर्धनग्न अवस्था में पूरे गांव में घुमाया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने पीड़ितों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया और मेडिकल जांच के लिए भेज दिया.
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
पीड़ित महिला के बयान के आधार पर अमड़ापाड़ा थाना में शिकायत दर्ज की गई है. मामले में 7 नामजद समेत 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने गांव पहुंचकर बंधक बनाए गए प्रेमी जोड़े को अपनी सुरक्षा में लिया. पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना इंचार्ज अनूप रोशन भंगरा, सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी गांव पहुंचे. इस दौरान एसडीपीओ विजय कुमार भी अमड़ापाड़ा पहुंचे और मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला का ससुराल और मायके दोनों अमडापाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत अगल बगल ही है, जबकि प्रेमी साहेबगंज जिले के बोरियो प्रखंड का है. पीड़िता को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करने का काम उसके पति के इशारे पर किया गया. हालांकि इस मामले में पीड़िता के बयान पर 49/2026 के तहत आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
ग्राम प्रधान की भूमिका पर उठे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान के संज्ञान में आने के बाद भी इस तरह की अमानवीय घटना को अंजाम दिया गया. प्रधान ने किसी भी प्रकार की कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी. इसके बाद प्रधान की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे.
पंचायत के मुखिया ने क्या कहा?
पंचायत के मुखिया साहेबजन टुडू ने इस शर्मनाक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे देश का संविधान किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं देता. अगर किसी भी प्रकार की कोई समस्या है तो हमें प्रशासन के पास जाना चाहिए. इस सुनियोजित कांड की जितनी निंदा की जाय कम है. आदिवासी संस्कृति और नारी का सम्मान हर हाल में होना चाहिए. ऐसा कोई भी काम नहीं होना चाहिए जिससे पूरे समाज को शर्मसार होना पड़े.
घटना से जुड़े दर्जनों वीडियो क्लीप फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हैं. अब देखना होगा कि इस सुनियोजित कांड को अंजाम देने वाले अन्य लोगों की गिरफ्तारी कब तक होती है. इस निंदनीय घटना ने संपूर्ण आदिवासी समुदाय के साथ-साथ समाज के सभी वर्ग को शर्मसार कर दिया है.
करेड़ा कस्बे में चोर छत के रास्ते मोबाइल दुकान में घुसे और ताला तोड़कर 35 से 40 स्मार्टफोन चोरी कर ले गए. चोरी हुए मोबाइलों की कीमत करीब 4 से 5 लाख रुपये बताई गई है.
राजस्थान के भीलवाड़ा से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां एक मोबाइल फोन की दुकान में हुई चोरी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. इस दुकान में चोरी करने वाले युवक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा दिखने वाला मास्क पहना हुआ था. शानदार तरकीब लगाने के बावजूद वह संदिग्ध सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. यह घटना सोमवार को करेड़ा कस्बे में स्थित ‘मातेश्वरी मोबाइल शॉप’ में हुई. दुकान के मालिक लक्ष्मण सेन के मुताबिक, चोर सीढ़ियों वाले गेट का ताला तोड़कर छत के रास्ते से होते हुए घुसा था. उसने 35 से 40 करीब 4-5 लाख रुपये कीमत वाले स्मार्ट फोन चोरी किए और फरार हो गया.
मोदी का मास्क पहन की चोरी
दुकान के मालिक लक्ष्मण सेन को चोरा का पता मंगलवार सुबह चला. जब सुबह उन्होंने दुकान खोली तो देखा की भीतर तोड़फोड़ की गई थी. मंहगे मोबाइल फोन के डिब्बे खाली थे और पूरा सामान फर्श पर बिखरा हुआ था. शिकायत मिलने के बाद करेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और जगह की जांच की. दुकान के भीतर लगे CCTV फुटेज की जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने अपनी पहचान छिपाने के लिए पीएम मोदी जैसा दिखने वाला मास्क पहना हुआ था.
एक और जगह सेंधमारी की शक
पुलिस के मुताबिक, इसी गिरोह पर उसी रात बीज गोदाम चौक के पास स्थित ‘सांवरिया मोबाइल’ दुकान में चोरी की कोशिश करने का भी शक है. सीसीटीवी फुटेज में एक नकाबपोश युवक दुकान का शटर तोड़ने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है. नाकाम होने के बाद वह वहां से भाग जाता है.
पुलिस ने शुरू की जांच
इस चोरी की घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में डर और चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि जब शहर के सबसे व्यस्त इलाके की दुकानें भी सुरक्षित नहीं हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है. व्यापारियों ने पुलिस से रात में गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है. पुलिस ने दुकान मालिक की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है. सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूतों के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है.
ग्वालियर में शादी के महज ढाई महीने बाद पति-पत्नी का विवाद पुलिस तक पहुंच गया है. युवक ने अपनी पत्नी पर ब्लैकमेलिंग, पैसे मांगने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़ित का दावा है कि उसकी पत्नी उससे 5 लाख रुपये की मांग कर रही है और रकम नहीं देने पर उसे “नीले ड्रम में पैक” करने की धमकी दे रही है. युवक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है और कुछ वीडियो व अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और महिला का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. फिलहाल मामले की पड़ताल जारी है और पुलिस दोनों पक्षों के तथ्यों की जांच कर रही है.
14 अप्रैल को हुई थी शादी
मुगलपुरा निवासी राहुल जाटव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी जिले की युवती राखी के साथ हुई थी. शादी के बाद दोनों साथ रह रहे थे, लेकिन करीब एक महीने बाद 23 मई को पत्नी अपने मायके चली गई. राहुल का आरोप है कि इसके बाद वह वापस नहीं लौटी.
पति का आरोप- 5 लाख रुपये मांगे जा रहे
राहुल का कहना है कि पत्नी अब उससे 5 लाख रुपये की मांग कर रही है. उसके मुताबिक रकम नहीं देने पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उसे “नीले ड्रम में पैक करने” जैसी धमकी देकर डराया जा रहा है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और पुलिस जांच कर रही है.
पुलिस को सौंपे वीडियो और अन्य सबूत
पीड़ित पति ने पुलिस को कुछ वीडियो, चैट और अन्य कथित सबूत उपलब्ध कराए हैं. राहुल का कहना है कि उसके पास ऐसे डिजिटल साक्ष्य हैं जो पैसे मांगने और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की पुष्टि कर सकते हैं. उसने अपनी शिकायत में कुछ अन्य लोगों से पत्नी के संबंध होने का भी आरोप लगाया है. पुलिस ने सभी दस्तावेज और डिजिटल सामग्री जांच में शामिल कर ली है.
पत्नी की तलाश में जुटी पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने महिला से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह अपने बताए गए पते पर नहीं मिली. जांच अधिकारियों के अनुसार महिला की लोकेशन का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उसका पक्ष भी दर्ज किया जा सके.
सोशल मीडिया लोकेशन भी खंगाल रही पुलिस
ग्वालियर सीएसपी मनीष यादव के अनुसार मामले की जांच जारी है. पुलिस महिला की सोशल मीडिया गतिविधियों और इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ी लोकेशन संबंधी जानकारी की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि महिला के सामने आने और बयान दर्ज होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
दोनों पक्षों के तथ्यों की होगी जांच
पुलिस का कहना है कि फिलहाल शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है. मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा. फिलहाल ग्वालियर पुलिस महिला का पता लगाने और मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है.
कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में एक होमस्टे से फिजियोथेरेपिस्ट सुरभि का शव मिला, जबकि उसका प्रेमी मोहम्मद संजीत अली बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती है. कमरे से रस्सी, गोलियां मिले हैं. पुलिस हत्या, आत्महत्या और जहर देने तीनों एंगल से जांच कर रही है. दोनों पिछले तीन दिनों से होमस्टे में ठहरे थे. सुरभि और संजीत पहले से रिश्ते में थे और परिवार इस संबंध का विरोध करता था.
कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले के मुद्देनहल्ली स्थित एक होमस्टे में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि उसका प्रेमी मोहम्मद संजीत अली बेहोशी की हालत में मिला. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला हत्या का है, आत्महत्या का है या फिर जहर देने का. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा.
चिक्काबल्लापुर के पुलिस अधीक्षक कुशल चौक्सी ने बताया कि घटनास्थल से एक रस्सी, बड़ी संख्या में गोलियां (टैबलेट), उल्टी के निशान और एक तकिया बरामद किया गया है. हालांकि युवती के शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट या खून के निशान नहीं मिले हैं. ऐसे में पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
पुलिस के अनुसार, होमस्टे के रिकॉर्ड से पता चला है कि दोनों पिछले तीन दिनों से वहां ठहरे हुए थे. शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों प्रेम संबंध में थे और पहले घर से भाग चुके थे. उस समय युवती के परिवार ने उसके लापता होने की शिकायत भी दर्ज कराई थी.
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फिजियोथेरेपिस्ट थी सुरभि मृतका की पहचान बेंगलुरु निवासी सुरभि के रूप में हुई है, जो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट थी. बताया जा रहा है कि वह चार-पांच दिन पहले भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) परिसर में स्वयंसेवक के रूप में आई थी. पुलिस के मुताबिक, केरल निवासी मोहम्मद संजीत अली को उसके वहां होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उसने होमस्टे बुक किया और सुरभि उससे मिलने पहुंची. हालांकि पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है.
एसपी कुशल चौक्सी ने कहा कि जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या संजीत अली ने सुरभि की हत्या करने के बाद आत्महत्या की कोशिश की, या फिर दोनों ने आत्महत्या करने का फैसला किया था. चूंकि संजीत अली अभी बेहोश है, इसलिए उसके होश में आने के बाद ही कई सवालों के जवाब मिल सकेंगे.
जांच में यह भी सामने आया है कि सुरभि और संजीत अली की मुलाकात एक कैब बुकिंग के दौरान हुई थी. बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. दोनों के खिलाफ पहले कुमारस्वामी लेआउट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हो चुका था. पुलिस के अनुसार, एक पार्टी के दौरान उनके पास से कथित तौर पर नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे.
शादी करने की इच्छा जताई थी पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरभि ने अपनी मां को संजीत अली से शादी करने की इच्छा जताई थी, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था. बाद में वह घर छोड़कर संजीत के साथ रहने लगी थी. परिवार का आरोप है कि इस दौरान सुरभि के साथ कई बार मारपीट की गई और उसे नशीले पदार्थों की लत भी लग गई. इसके बाद परिवार उसे वापस घर ले आया और मैसूर के एक रीहैबिलिटेशन सेंटर में करीब छह महीने तक उसका इलाज कराया गया.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रीहैब से लौटने के बाद सुरभि दोबारा संजीत अली के संपर्क में कैसे आई और दोनों चिक्काबल्लापुर के इस होमस्टे तक कैसे पहुंचे. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सुरभि की मौत हत्या, आत्महत्या या जहर के कारण हुई.
Baghpat :
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के नौरोजपुर गुर्जर गांव में हुए सनसनीखेज सचिन हत्याकांड में एक ऐसा दिल दहला देने वाला मोड़ आया है, जिसने ममता और रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। इस जघन्य कत्ल के चश्मदीद गवाह कोई और नहीं, बल्कि मृतक सचिन के अपने ही मासूम बच्चे हैं। सचिन की आठ साल की बेटी और सात साल के बेटे ने पुलिस के सामने जो बयान दर्ज कराए हैं, उसे सुनकर कठोर से कठोर इंसान की रूह भी कांप जाए। बच्चों ने रोते हुए बताया कि कैसे उनकी सगी मां ने अपने आशिक के साथ मिलकर उनके पिता को तड़पा-तड़पा कर मार डाला।
पापा की चीख से खुली नींद, खिड़की से देखा खौफनाक मंजर
विवेचना अधिकारी इंस्पेक्टर बृजेश कुमार ने मामले की जांच के तहत सोमवार को दोनों बच्चों के बयान दर्ज किए। मासूमों ने बताया कि 12 जून की उस खौफनाक रात वे अपने कमरे में सो रहे थे। अचानक रात के सन्नाटे में उन्हें अपने पापा की दर्दभरी चीख सुनाई दी, जिससे दोनों की नींद टूट गई। कमरे की खिड़की सीधे बरामदे की तरफ खुलती थी। बच्चों ने जब डरते-डरते खिड़की से बाहर झांका, तो वहां का नजारा बेहद डरावना था। बरामदे में चारपाई पर उनके पापा तड़प रहे थे और उनकी मम्मी रचना व एक अंकल (प्रेमी सोनू) ने तकिए से उनके पापा का मुंह और नाक जोर से दबा रखी थी। यह खौफनाक मंजर देखकर दोनों बच्चे बुरी तरह सहम गए और डर के मारे चुपचाप कमरे के अंदर जाकर चादर ओढ़कर लेट गए।
खीर में दी नशीली गोलियां, पति के सोने पर प्रेमी संग बनाए संबंध
पुलिस जांच और आरोपियों के कबूलनामे से जो सच सामने आया है, वह किसी थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसा है। सचिन की पत्नी रचना का अफेयर रंछाड़ गांव के रहने वाले सोनू से चल रहा था, जो मर्चेंट नेवी में सेकंड क्लास इंजीनियर है। 12 जून की रात रचना ने पहले बेहद चालाकी से अपने 33 वर्षीय पति सचिन को नशे की गोलियां मिलाकर खीर खिला दी। जब सचिन गहरी नींद में सो गया, तो रचना ने अपने प्रेमी सोनू को घर बुला लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पति के बेहोश पड़े रहने के दौरान ही दोनों ने घर में शारीरिक संबंध बनाए। इसी बीच अचानक सचिन की नींद खुल गई और उसने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। खुद को फंसता देख रचना और सोनू ने तुरंत सचिन पर हमला कर दिया और गला घोंटकर उसकी जान ले ली।
खेत में कीटनाशक का बहाना, सीसीटीवी ने बिगाड़ा खेल
कत्ल की इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर रचना ने इसे सामान्य मौत या हादसा दिखाने का पूरा ताना-बाना बुना। अगली सुबह उसने सचिन के भाई नवीन को फोन कर झूठी कहानी गढ़ी कि खेत में कीटनाशक (जहर) का छिड़काव करते समय सचिन की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं; सुबह जब घरवालों ने सचिन के गले पर अजीब से निशान देखे, तो उन्हें शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने जब घर के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें सोनू रात 10 बजे घर में घुसता और सुबह 3:28 बजे बाहर निकलता साफ दिखाई दे गया।
जल्द दाखिल होगी चार्जशीट, बच्चों को सुरक्षा का भरोसा
इस पुख्ता सबूत के आगे रचना का कीटनाशक वाला झूठ टिक नहीं सका और पुलिस की सख्ती के आगे उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी रचना और उसके मर्चेंट नेवी वाले प्रेमी सोनू को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए दोनों मासूम बच्चे फूट-फूट कर रोने लगे, जिन्हें उनके दादा-दादी और चाची ने बमुश्किल शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार और बच्चों को पूरी सुरक्षा तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों के कोर्ट में दर्ज होने वाले बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज इस केस में सबसे अचूक सबूत हैं और जल्द ही अदालत में दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त चार्जशीट दाखिल कर उन्हें फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाएगा।