गुरुग्राम में 33 वर्षीय हरिजीत कुमार की नुकीली वस्तु से हत्या कर दी गई, जिसका शव ओल्ड दिल्ली रोड पर मिला। परिवार ने मृतक के दोस्तों पर नशे को लेकर हुए झगड़े के बाद हत्या का आरोप लगाया है, पुलिस जांच में जुटी है।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। उद्योग विहार थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय एक युवक की नुकीली वस्तु घोंपकर हत्या कर दी गई। उसका शव सोमवार शाम ओल्ड दिल्ली रोड पर पार्क अस्पताल के पास लहूलुहान स्थिति में पाया गया। पुलिस ने मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान डूंडाहेड़ा गांव निवासी हरिजीत कुमार के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ रहता था और उसकी शादी अभी तक नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, हरिजीत नशे का आदी था और कोई काम नहीं करता था।
छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर लौटा
परिवार के लोगों ने कई बार उसे नशे की लत छुड़वाने के लिए दिल्ली के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह करीब छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर घर लौटा था, लेकिन फिर से उसी संगत में पड़ गया था।
सोमवार सुबह हरिजीत ने परिवार को बताया था कि वह अपने दोस्तों हरकेश, मोनू नेपाली व अन्य के साथ कहीं जा रहा है। इसके बाद वह घर से निकल गया। शाम होते ही परिवार को सूचना मिली कि उसका शव पार्क अस्पताल के पास पड़ा है। राहगीरों की सूचना पर उद्योग विहार थाना पुलिस, एफएसएल और सीन आफ क्राइम की टीमें मौके पर पहुंचीं।
दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप
जांच में पता चला कि किसी नुकीली चीज से कई वार कर उसकी हत्या की गई है। परिवार ने दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया। स्वजन का कहना है कि आरोपितों के साथ अक्सर उसका नशा करने को लेकर झगड़ा होता था।
करनाल के बस्तली गांव के रहने वाले राजीव की आर्मेनिया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों ने सरकार से शव भारत लाने में मदद की गुहार लगाई है।
राजीव 2022 में परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य के सपने के साथ आर्मेनिया गया था। परिवार ने कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था। बताया गया कि वह वहां काम करता था और रोजाना अपने परिवार से फोन पर बातचीत करता था।
कमरे में बेड पर मिला शव
राजीव के भाई अभिषेक के मुताबिक, घटना के दिन राजीव का रूममेट काम से वापस लौटा तो उसने राजीव को बेड पर लेटा देखा। कुछ देर बाद जब उसने राजीव को उठाने की कोशिश की तो उसकी सांसें नहीं चल रही थीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने राजीव को मृत घोषित कर दिया।
मौत की वजह अभी साफ नहीं
परिजनों के मुताबिक, राजीव बिल्कुल ठीक था और घटना से पहले परिवार से उसकी बातचीत भी हुई थी। उसकी अचानक मौत कैसे हुई, फिलहाल इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिवार को पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।
घर बनाने का सपना भी रह गया अधूरा
राजीव अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। कुछ समय पहले ही परिवार ने गांव में मकान बनाना शुरू किया था। भाई अभिषेक के अनुसार, वह रोजाना राजीव को नए बन रहे घर की तस्वीरें भेजता था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश से लौटकर राजीव अपने सपनों का घर पूरा करेगा, लेकिन उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
मां की सरकार से मार्मिक अपील
राजीव की मां कमलेश का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाने में मदद की अपील की है। उनका कहना है कि वह अपने बेटे को आखिरी बार देखना चाहती हैं। परिवार के मुताबिक, राजीव घर का छोटा बेटा था और उसके विदेश जाने से परिवार को आर्थिक हालात बेहतर होने की उम्मीद थी।
हरियाणा के रेवाड़ी में हंस नगर में हुए मकान ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 5 जुलाई को हुए इस हादसे में पिता और बेटी की मौत हो गई थी, जबकि दो साल की बच्ची समेत तीन लोग झुलस गए थे। पुलिस ने पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गैस की दुर्गंध के बाद हुआ था जोरदार धमाका
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, घटना के दिन परिवार घर में मौजूद था। इसी दौरान मकान में गैस की दुर्गंध महसूस होने की बात सामने आई। कुछ देर बाद बेटी ने कपड़े प्रेस करने के लिए बिजली का स्विच ऑन किया और अचानक जोरदार धमाका हो गया।
ब्लास्ट इतना तेज था कि मकान का गेट टूटकर दूर जा गिरा और कई जगहों की टाइलें भी उखड़ गईं। हादसे में परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
इलाज के दौरान पिता-बेटी की मौत
घायलों को पहले ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए तन्नू और उसके पिता सतबीर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था। इलाज के दौरान पहले तन्नू और अगले दिन उसके पिता सतबीर ने दम तोड़ दिया।
पाइपलाइन कंपनी के 3 लोग गिरफ्तार
मामले की जांच के बाद पुलिस ने आईजीएल का ठेका लेने वाली कंपनी से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल, सुपरवाइजर संदीप और सहयोगी कंपनी के आरसीएम रंजीत शामिल हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान PNG गैस लीक होकर मकान में जमा हुई, जिसके बाद बिजली का स्विच ऑन करने से विस्फोट हो सकता है।
अभी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने गैस लीक होने की संभावना से इनकार किया है। घटनास्थल की विशेषज्ञों ने भी जांच की थी, लेकिन ब्लास्ट की वजह को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस अब CFL रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसी रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर मकान में इतना बड़ा धमाका किस वजह से हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में रिटायर्ड कैप्टन की पत्नी की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया। आरोप है कि घर में काम करने वाली घरेलू सहायिका ने अपने पति और बेटे के साथ मिलकर महिला की हत्या की और शव को ठिकाने लगाने के लिए पड़ोसी की छत पर छिपा दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
CCTV फुटेज बना सबसे अहम सबूत
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में घरेलू सहायिका और उसका बेटा घर से महिला का शव बाहर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद दोनों कथित तौर पर शव को पड़ोसी की छत पर ले जाकर चादर से ढक देते हैं, ताकि किसी को उन पर शक न हो। जांच अधिकारियों का कहना है कि यही फुटेज पूरे हत्याकांड के खुलासे में सबसे महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ।
सबूत मिटाने की थी पूरी तैयारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने वारदात को छिपाने और सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। शव को घर से हटाकर दूसरी जगह छिपाना भी इसी साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरा मामला उजागर हो गया।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पुरानी नाराजगी और बदले की भावना थी। जांच में पता चला कि कुछ समय पहले घर में हुई चोरी की घटना के बाद घरेलू सहायिका पर शक जताया गया था। आरोप है कि उसे बार-बार चोरी का आरोपी कहकर अपमानित किया जाता था। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश के चलते उसने अपने पति और बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने घरेलू सहायिका, उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों से पूछताछ जारी है और पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के नूंह शहर में एक वकील के घर हुई बड़ी चोरी की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। बदमाश देर रात मकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और लाखों रुपये की नकदी के साथ भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण समेटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, वारदात देर रात करीब 1:30 बजे हुई। चोरों ने मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और वहां रखी करीब 100 ग्राम सोने के आभूषण, लगभग 1 किलो चांदी तथा करीब 20 लाख रुपये नकद पर हाथ साफ कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में कुछ संदिग्ध बाइक पर आते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि दो बदमाशों ने घर का ताला तोड़ा, जबकि अन्य साथी बाहर निगरानी करते रहे। घर के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी नुकसान पहुंचाया गया, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाए। आसपास के इलाकों में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस का कहना है कि चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है और संदिग्धों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
नोट: यह समाचार पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी और जांच के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार की जाएगी।
हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र फरीदाबाद की राजीव कॉलोनी में बीते 30 जून की रात हुए सनसनीखेज फायरिंग कांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। अवैध संबंधों और त्रिकोणीय प्रेम कहानी के चलते एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी पत्नी के प्रेमी के सिर में गोली मारकर उसकी खोपड़ी उड़ा दी। गंभीर रूप से घायल प्रेमी ने दो जुलाई की रात दिल्ली के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी पति को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से गिरफ्तार कर लिया है।
पहले पति को छोड़ विजय के साथ रह रही थी महिला, फिर पड़ोसी गांव के विपिन से हुआ प्यार
पुलिस जांच में सामने आया कि रिश्तों के ताने-बाने की यह उलझी हुई कहानी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से शुरू होती है। मृतका पहले अपने पहले पति को छोड़ चुकी थी और पिछले करीब सात-आठ वर्षों से आरोपी विजय के साथ पत्नी की तरह रह रही थी। इसी बीच, करीब दो-तीन साल पहले उसकी मुलाकात पड़ोसी गांव विनायकपुर के रहने वाले विपिन यादव से हुई। धीरे-धीरे दोनों की जान-पहचान गहरे प्रेम संबंधों में बदल गई। महिला इतनी दीवानी थी कि वह पहले भी दो बार विपिन यादव के साथ घर छोड़कर भाग चुकी थी, जिसकी शिकायतें थाने तक पहुंची थीं।
जून में फरीदाबाद आई थी महिला, प्रेमी संग रहने के लिए अड़ गई जिद पर
जून के पहले हफ्ते में महिला अपनी भाभी और बहन से मिलने के बहाने फरीदाबाद की राजीव कॉलोनी आई थी। यहां आने के बाद उसने अपने दूसरे पति विजय से साफ कह दिया कि वह अब वापस गांव नहीं लौटेगी और फरीदाबाद में ही रहेगी।
पत्नी की जिद के आगे मजबूर होकर विजय ने ही उसके लिए राजीव कॉलोनी में एक किराए का कमरा दिलवा दिया। लेकिन विजय के होश तब उड़ गए, जब कुछ ही दिनों बाद उसका आशिक विपिन यादव भी फरीदाबाद आ पहुंचा और दोनों उस किराए के कमरे में साथ रहने लगे। विजय लगातार पत्नी को समझाकर गांव ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन पत्नी ने दो टूक कह दिया, मैं तुम्हारे साथ नहीं जाऊंगी, विपिन के साथ ही रहूंगी।
एक ही छत पर खाया खाना, फिर सोते समय प्रेमी को उतार दिया मौत के घाट
पत्नी के इस अंतिम इनकार ने विजय के भीतर बदले की आग भड़का दी। उसने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया। 30 जून की रात विजय एक अवैध देसी पिस्तौल लेकर राजीव कॉलोनी स्थित पत्नी के कमरे पर पहुंचा। उसने बेहद सामान्य व्यवहार करते हुए पत्नी और विपिन के साथ बैठकर खाना खाया।
गर्मी होने के कारण देर रात सभी लोग मकान की छत पर सोने चले गए। जैसे ही विपिन गहरी नींद में सोया, विजय ने पिस्तौल निकाली और उसके सिर में गोली दाग दी। गोली की आवाज सुनकर पत्नी और आसपास के लोग जाग गए, जिसके चलते विजय अपनी पत्नी पर गोली नहीं चला सका और भीड़ के डर से मौके से भाग निकला।
₹6000 में खरीदी थी मौत की पिस्तौल, मैनपुरी से दबोचा गया कातिल
शुरुआत में पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था, लेकिन 2 जुलाई को दिल्ली ट्रॉमा सेंटर में विपिन की मौत के बाद इसे हत्या की धारा में बदल दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 को सौंपी गई।
क्या कहती है पुलिस? पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि उपनिरीक्षक नरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फरीदाबाद, मैनपुरी और कानपुर में ताबड़तोड़ दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी विजय (28 वर्ष, निवासी मैनपुरी) को जेसीबी चौक के पास से दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने वारदात के लिए मैनपुरी के ही एक परिचित से ₹6000 में देसी पिस्तौल खरीदी थी। पुलिस अब उस हथियार सप्लायर की तलाश में छापेमारी कर रही है।
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सामने आई एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री ने सभी को चौंका दिया है. पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय मोनू की मौत कोई हादसा या आत्महत्या नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. आरोप है कि उसकी पत्नी तन्नू ने अपने कथित प्रेमी सोनू और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की पूरी पटकथा लिखी, ताकि किसी को उस पर शक तक न हो.
पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत पहले मोनू का मुंह और नाक दबाकर उसे बेसुध किया गया. इसके बाद उसे जिंदा ही नहर में फेंक दिया गया, ताकि पोस्टमार्टम में मौत की वजह डूबना सामने आए. सुसाइड का माहौल बनाने के लिए उसकी स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी कर दी गई. शुरुआती जांच में यह योजना सफल होती दिखाई दी और पुलिस ने इसे इत्तेफाकिया मामला मानते हुए शव परिजनों को सौंप दिया.
परिवार ने बेटे का अंतिम संस्कार भी कर दिया. उधर, आरोपी पत्नी तन्नू पूरे समय पति की मौत का गम जताती रही. वह अंतिम संस्कार में शामिल हुई, आंसू बहाए और सातवें दिन तक सभी धार्मिक रस्मों में शामिल होकर खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करती रही.
डिलीट चैट और 49 कॉल्स ने पलट दी पूरी कहानी
इस पूरी कहानी में मोड़ तब आया, जब पुलिस ने 11 जून को मोनू का मोबाइल परिवार को सौंपा. परिवार ने देखा कि फोन का पूरा डाटा डिलीट किया जा चुका था. इसी बात ने उनके मन में पहला शक पैदा किया.
परिजनों ने साइबर विशेषज्ञों की मदद से मोबाइल का डिलीट डाटा रिकवर कराया. जब चैट और कॉल डिटेल सामने आईं तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मोबाइल में तन्नू और मोनू के बीच बातचीत के रिकॉर्ड मिले. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि 8 जून, यानी मोनू के लापता होने वाले दिन उसने तन्नू को 49 बार फोन किया था, जबकि दोनों के बीच केवल एक बार करीब तीन मिनट बात हुई थी.
परिवार ने तुरंत हंगामा नहीं किया. उन्होंने बेटे की रस्म क्रिया पूरी होने तक चुप्पी साधे रखी, ताकि आरोपी को शक न हो. रस्में पूरी होने के बाद उन्होंने पुलिस को रिकवर किया गया डाटा सौंपा और हत्या का केस दर्ज कर जांच की मांग की.
पेट दर्द का बहाना, सैलरी के पैसे और मौत का जाल
मृतक के परिवार के मुताबिक, 7 जून को मोनू को पत्नी तन्नू को मायके से लाने जाना था. आरोप है कि तन्नू ने उससे कहा था कि वह अपनी सैलरी के पैसे लेकर ही आए. 8 जून को वेतन मिलने के बाद मोनू ने सीएससी से पैसे निकाले और घरवालों से पेट दर्द का बहाना बनाकर दवा लेने की बात कहकर स्कूटी से निकल गया.
परिवार का दावा है कि चैट से पता चला कि तन्नू ने ही उसे मिलने के लिए बुलाया था. जब वह घर नहीं लौटा तो 9 जून को गुमशुदगी दर्ज कराई गई. अगले दिन आसलवास के पास नहर से उसका शव मिला. शरीर पर चोट के निशान नहीं थे और स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी मिली थी. इसी वजह से पुलिस ने शुरुआत में इसे हादसा या आत्महत्या माना.
परिवार ने बाद में आरोप लगाया कि तन्नू और उसके परिवार ने शुरू से ही मोनू के उनके यहां आने या बातचीत होने की बात से इनकार किया था. हालांकि, मोबाइल मिलने के बाद तन्नू के पिता ने माना कि 8 जून को दोनों के बीच तीन मिनट बातचीत हुई थी. उन्होंने बताया कि तन्नू ने कहा था कि मोनू दोस्तों के साथ घूमने जा रहा है और उसे मिलने बुला रहा था.
एसपी तक पहुंचा परिवार, फिर खुली साजिश की परतें
परिवार का आरोप है कि मोबाइल से मिले सबूत देने के बावजूद शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. वे पहले 21 जून और फिर 30 जून को डीएसपी से मिले, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. आखिरकार 2 जुलाई को एसपी से मिलने के बाद मामले ने रफ्तार पकड़ी और पुलिस ने जांच तेज कर दी.
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तन्नू ने स्वीकार किया कि 8 जून को उसने मोनू को फोन कर बुलाया था. वहां पहले से घात लगाए बैठे उसके कथित प्रेमी सोनू और उसके साथी हरिओम तथा अमन ने मोनू को पकड़ लिया. आरोप है कि तीनों ने उसका मुंह और नाक दबाकर उसे बेसुध किया और फिर नहर में फेंक दिया.
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि तन्नू और प्रेमी सोनू के साथी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य आरोपी सोनू और उसका दूसरा साथी अमन अभी फरार हैं. उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला ने प्रेमी के साथ हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है. हालांकि, मामले के सभी तथ्यों की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मृतक के माता-पिता ने आरोपी पत्नी और उसके कथित प्रेमी को फांसी की सजा देने की मांग की है.