Category: Madhya Pradesh

  • छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर, मध्य प्रदेश: बड़ामलहरा कस्बे में एक बुजुर्ग के कथित तौर पर मृत घोषित किए जाने के बाद फिर से जीवित होने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। करीब 65 वर्षीय शेख सलीम को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों की ओर से उनकी हालत बेहद गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें घर लाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।

    हालांकि, रात करीब 1:30 बजे परिजनों ने उनके शरीर में हलचल महसूस होने और हिचकी आने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने आंखें खोलीं और उठकर बैठ गए। परिवार का कहना है कि बाद में सलीम खड़े भी हुए।

    दोपहर में अस्पताल ले गए थे परिजन

    सलीम के पौत्र के मुताबिक, बुधवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोशी की हालत में चले गए। परिजन उन्हें दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे।

    परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने इलाज के बाद उनकी हालत गंभीर बताते हुए ग्वालियर रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद परिवार शाम करीब 6:30 बजे उन्हें लेकर बड़ामलहरा के लिए रवाना हुआ।

    घर पहुंचते ही शुरू हो गई अंतिम संस्कार की तैयारी

    परिजन सलीम को घर लेकर पहुंचे और उन्हें एक कमरे में लिटा दिया। परिवार के मुताबिक, घर में दुआ-पाठ शुरू कर दिया गया और रिश्तेदारों को भी सूचना दे दी गई। कुछ रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे और परिवार में शोक का माहौल था।

    रात में अचानक शरीर में हलचल का दावा

    परिजनों के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे अचानक सलीम को हिचकी आई। इसके बाद उनके शरीर में हलचल महसूस हुई। परिवार का दावा है कि कुछ देर बाद उन्होंने आंखें खोलीं और उठकर बैठ गए। बाद में वह खड़े भी हुए।

    इस घटना के बाद घर में मौजूद परिजन हैरान रह गए। खबर फैलने पर आसपास के लोग भी सलीम को देखने के लिए पहुंचने लगे।

    धार्मिक आस्था से जोड़ रहा परिवार

    परिजनों का कहना है कि सलीम अब ठीक हैं और इबादत कर रहे हैं। परिवार ने इस घटना को अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए इसे ईश्वर की कृपा बताया है।

    तीन बार मृत बताए जाने का परिजनों का दावा

    परिवार का दावा है कि सलीम को अलग-अलग मौकों पर डॉक्टरों ने तीन बार मृत बताया था। हालांकि, इस दावे की चिकित्सकीय पुष्टि अस्पताल के रिकॉर्ड और संबंधित डॉक्टरों की जानकारी के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल में उस समय सलीम की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति क्या थी और उन्हें किस आधार पर मृत माना गया था। पूरे मामले में मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

    नोट: इस घटना से जुड़े “मृत घोषित” किए जाने और बाद में होश में आने के दावे फिलहाल परिजनों के बयान पर आधारित हैं। इसकी चिकित्सकीय पुष्टि संबंधित अस्पताल के रिकॉर्ड और डॉक्टरों की जांच से ही हो सकेगी।

  • राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़, मध्य प्रदेश: जिले में नाबालिग किशोरी की गुमशुदगी के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब पुलिस को मलावर क्षेत्र के जंगल से उसका शव बरामद हुआ। पुलिस जांच के अनुसार, मामले में संदिग्ध 21 वर्षीय युवक की भी उसी दिन सड़क हादसे में मौत हो गई थी। कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच के बाद पुलिस जंगल तक पहुंची, जहां किशोरी का शव मिला।

    30 सितंबर को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत

    मामला 30 सितंबर 2026 का है। किशोरी के परिजनों ने राजगढ़ कोतवाली थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने गांव के ही एक 21 वर्षीय युवक पर किशोरी को अपने साथ ले जाने का संदेह जताया था।

    पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि इसी दौरान मलावर थाना क्षेत्र के पगारी बंग्ला के पास एक सड़क हादसे में उक्त युवक की मौत हो गई। बताया गया कि उसकी बाइक ट्रक से टकरा गई थी।

    मोबाइल लोकेशन से जंगल तक पहुंची पुलिस

    शुरुआत में युवक की मौत को सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन किशोरी की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की। जांच में उसकी आखिरी लोकेशन मलावर के जंगल की ओर मिली।

    इसके बाद पुलिस टीम ने जंगल में तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान झाड़ियों के बीच किशोरी का करीब सात दिन पुराना शव बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से कुछ अन्य सामान भी जब्त किया है, जिनमें आरी और रस्सी शामिल होने की बात सामने आई है। इन बरामद वस्तुओं की जांच की जा रही है।

    रिश्तेदार से पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी

    जांच के दौरान पुलिस ने युवक के एक करीबी रिश्तेदार से भी पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, रिश्तेदार ने बताया कि घटना वाले दिन युवक किशोरी को करेड़ी की ओर से मलावर के जंगल ले गया था।

    पूछताछ में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि कुछ समय बाद युवक अकेला लौटा और काफी घबराया हुआ था। पुलिस के मुताबिक, उसने रिश्तेदार से किशोरी की हत्या करने की बात कही थी। इसके बाद युवक सड़क की ओर चला गया, जहां ट्रक की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

    फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

    पुलिस ने किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से मिले सामान और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

    पुलिस अब गुमशुदगी, जंगल से शव बरामद होने और युवक की सड़क हादसे में हुई मौत के बीच संबंधों की जांच कर रही है। हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल में जुटी है।

  • सागर: शराब की होम डिलीवरी करते 31 वर्षीय युवक को आबकारी टीम ने पकड़ा, स्कूटी समेत 80 हजार का माल जब्त.

    सागर: शराब की होम डिलीवरी करते 31 वर्षीय युवक को आबकारी टीम ने पकड़ा, स्कूटी समेत 80 हजार का माल जब्त.

    सागर: शराब की होम डिलीवरी करते 31 वर्षीय युवक को आबकारी टीम ने पकड़ा, स्कूटी समेत 80 हजार का माल जब्त.

    सागर, मध्य प्रदेश: जिले में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी है। इसी अभियान के तहत आबकारी टीम ने शराब की कथित होम डिलीवरी करते एक 31 वर्षीय युवक को पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से शराब की बोतल और एक स्कूटी जब्त की गई। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है।

    बस स्टैंड के पास हुई कार्रवाई

    आबकारी विभाग को 6 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि सागर शहर में एक व्यक्ति अवैध तरीके से शराब की डिलीवरी कर रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने बस स्टैंड सागर के पास घेराबंदी की।

    कार्रवाई के दौरान कृष्णगंज वार्ड निवासी 31 वर्षीय सोहिल खान को पकड़ा गया। आबकारी विभाग के अनुसार, वह एक बोतल सिग्नेचर व्हिस्की का कथित तौर पर अवैध रूप से विक्रय करते पाया गया।

    शराब के साथ स्कूटी भी जब्त

    कार्रवाई के दौरान टीम ने शराब के साथ स्कूटी क्रमांक MP 15 ZL 4154 भी जब्त की। विभाग ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

    80 हजार रुपये का सामान जब्त

    आबकारी विभाग के मुताबिक, जब्त की गई स्कूटी और शराब की अनुमानित कुल कीमत करीब 80 हजार रुपये है। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब की बिक्री, परिवहन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

    यह कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक एवं वृत्त दक्षिण प्रभारी राजेंद्र बिलावर, आबकारी उपनिरीक्षक एसपी साकेत और आबकारी आरक्षक दिलीप सिंह ठाकुर की टीम ने की। कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई।

  • सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया, अगले दिन खाते से निकलने लगे पैसे, कस्टमर केयर नंबर पर फोन करना महिला को पड़ा भारी, हुई साइबर ठगी..

    सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया, अगले दिन खाते से निकलने लगे पैसे, कस्टमर केयर नंबर पर फोन करना महिला को पड़ा भारी, हुई साइबर ठगी..

    सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया, अगले दिन खाते से निकलने लगे पैसे, कस्टमर केयर नंबर पर फोन करना महिला को पड़ा भारी, हुई साइबर ठगी..

    अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने पर महिला घबरा गई. उसने बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया. महिला ने जिस नंबर पर फोन किया, वहां मौजूद व्यक्ति ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और खाते में हुई गड़बड़ी ठीक करने की बात कही.

    भोपाल में महिला के खाते से 2.10 लाख रुपये पार

    भोपाल में महिला के खाते से 2.10 लाख रुपये पार

    सिम पोर्ट कराना पड़ा महंगा, भोपाल के खाते से 2.10 लाख पार

    सिम पोर्ट कराना पड़ा महंगा, भोपाल के खाते से 2.10 लाख पार

    एमपी के भोपाल में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कोलार इलाके में एक महिला ने सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया और नई सिम एक्टिवेट होने के अगले ही दिन उसके बैंक खाते से रकम निकलने लगी. खाते से पैसे कटने का मैसेज देखकर महिला ने इंटरनेट पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर खोजकर फोन किया. दूसरी तरफ मौजूद ठग ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और महिला से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, जन्मतिथि समेत निजी जानकारी हासिल कर ली. इसके बाद अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उसके खाते से करीब 2.10 लाख रुपए पार कर दिए गए. शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

    24 अगस्त को कराया सिम पोर्ट, 26 को हुआ एक्टिवेट जानकारी के मुताबिक महिला ने 24 अगस्त को कोलार रोड स्थित डी-मार्ट चौराहे के पास एक मोबाइल दुकान से अपना मोबाइल नंबर दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराने की प्रक्रिया पूरी की थी. 26 अगस्त को नई सिम एक्टिवेट हो गई. इसके अगले ही दिन 27 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे महिला के मोबाइल पर बैंक खाते से 70,050 रुपए निकलने का मैसेज आया.

    अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने पर महिला घबरा गई. उसने बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया. महिला ने जिस नंबर पर फोन किया, वहां मौजूद व्यक्ति ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और खाते में हुई गड़बड़ी ठीक करने की बात कही.

    कस्टमर केयर बनकर जानकारी ली कथित बैंक कर्मचारी ने बातचीत के दौरान महिला से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, जन्मतिथि समेत कई निजी जानकारियां पूछीं. महिला ने बैंक कर्मचारी समझकर जानकारी साझा कर दी. इसके बाद उसके बैंक खाते से लगातार ट्रांजेक्शन होने लगे. बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक 27 अगस्त को खाते से 9,890 रुपए, 9,972 रुपए, 9,980 रुपए और 70,050 रुपए निकाले गए. इसके बाद 1 सितंबर को 1,09,694.25 रुपए की एक और बड़ी रकम खाते से निकाल ली गई. इस तरह अलग-अलग ट्रांजेक्शन में महिला के खाते से करीब 2.10 लाख रुपए गायब हो गए.

    सिम पोर्ट और ठगी के बीच कनेक्शन की जांच लगातार रकम निकलने के बाद महिला बैंक पहुंची. बैंक से खाते में हुए सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मामले में अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सिम पोर्ट कराने के बाद महिला तक ठगों की पहुंच कैसे हुई.पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला की निजी जानकारी ठगों तक कैसे पहुंची और क्या सिम पोर्ट कराने की प्रक्रिया के दौरान किसी स्तर पर उसका डेटा लीक हुआ. साथ ही इंटरनेट पर मौजूद फर्जी बैंक कस्टमर केयर नंबर और उसके पीछे सक्रिय साइबर ठगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है.

    एडिशनल डीसीपी बोले- जल्द पकड़ेंगे साइबर ठग एडिशनल डीसीपी अनिल शर्मा ने बताया कि कोलार में एक महिला के साथ साइबर ठगी की शिकायत मिली है. महिला ने सिम पोर्ट कराया था. इसके बाद कस्टमर केयर के नाम से संपर्क हुआ और उसके बैंक खाते से रुपए कट गए. पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और साइबर ठगों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.

  • अनूपपुर में युवक ने: परिवार पर किया हमला, मां समेत चार की मौत; कई घायल, आरोपी हिरासत में

    अनूपपुर में युवक ने: परिवार पर किया हमला, मां समेत चार की मौत; कई घायल, आरोपी हिरासत में

    अनूपपुर में युवक ने: परिवार पर किया हमला, मां समेत चार की मौत; कई घायल, आरोपी हिरासत में

    मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शनिवार को एक परिवार में हुई हिंसक घटना से हड़कंप मच गया। अमोदा बिजौरा गांव में एक युवक पर अपने ही परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप है। घटना में उसकी मां, नाना, नानी और परिवार की एक बच्ची की मौत होने की जानकारी सामने आई है। हमले में कई अन्य लोग घायल हुए हैं।

    घटना के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

    कुछ दिन पहले नाना-नानी के घर आया था युवक

    जानकारी के अनुसार आरोपी प्रेम सिंह करीब एक सप्ताह पहले अपनी मां के साथ अपने नाना-नानी के घर आया था। वह उमरिया जिले के मरदरी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।

    शुक्रवार को किसी बात को लेकर उसका एक स्थानीय व्यक्ति से विवाद हो गया था। आरोप है कि उसने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद ग्रामीणों ने युवक को पकड़कर उसके नाना-नानी के घर पहुंचाया और रस्सी से बांध दिया।

    बताया जा रहा है कि बेटे को परेशानी में देखकर उसकी मां ने उसे रस्सी से खोल दिया। इसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई।

    रस्सी खुलते ही परिवार पर किया हमला

    आरोप है कि रस्सी से मुक्त होने के बाद युवक ने सबसे पहले अपनी मां पर लाठी-डंडे से हमला किया। इसके बाद उसने नाना संपत और नानी भन्नी पर भी हमला कर दिया। घटना में तीनों की मौत होने की सूचना है।

    इसके बाद आरोपी ने परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला किया। इस हमले में पांच वर्षीय मोनका सिंह की भी मौत बताई जा रही है, जबकि भारती और चंचल समेत कई लोग घायल हुए हैं।

    स्थानीय व्यक्ति गंगा सिंह भी हमले में घायल बताए जा रहे हैं और उनकी हालत गंभीर बताई गई है।

    घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया

    घटना में घायल लोगों को इलाज के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अनूपपुर और उमरिया दोनों जिलों की पुलिस घटनास्थल पर मौजूद रही। क्षेत्र में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

    आरोपी पुलिस हिरासत में

    पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह को हिरासत में ले लिया है। जांच टीम घटना से पहले हुए विवाद, परिवार के सदस्यों के साथ आरोपी के संबंध और हमले की पूरी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।

    स्थानीय स्तर पर आरोपी के पहले भी अपनी मां के साथ मारपीट करने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और उसे जेल जाना पड़ा था। हालांकि इन पुराने घटनाक्रमों की विस्तृत पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मानसिक बीमारी की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

    स्थानीय लोगों की ओर से आरोपी के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि पुलिस की ओर से फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसी तरह उसके स्थानीय जनप्रतिनिधि होने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी पुलिस स्तर पर पुष्टि होना बाकी है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मृतकों और घायलों की अंतिम आधिकारिक जानकारी तथा घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • सगी मां से दुष्कर्म के प्रयास: के बाद की थी जघन्य हत्या, बंडा कोर्ट ने ‘जघन्यतम अपराध’ मानकर बेटे को सुनाया मृत्युदंड.

    सगी मां से दुष्कर्म के प्रयास: के बाद की थी जघन्य हत्या, बंडा कोर्ट ने ‘जघन्यतम अपराध’ मानकर बेटे को सुनाया मृत्युदंड.

    सगी मां से दुष्कर्म के प्रयास: के बाद की थी जघन्य हत्या, बंडा कोर्ट ने ‘जघन्यतम अपराध’ मानकर बेटे को सुनाया मृत्युदंड.
    -प्रतीकात्मक चित्र।

    प्रदेश के सागर जिले के बंडा कस्बे में मां की हत्या के मामले में अदालत ने बेटे को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। विनायका थाना क्षेत्र के रोड़ा गांव में जुलाई 2025 में 50 वर्षीय महिला की हत्या हुई थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएल शाक्य ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपित बेटे संतोष लोधी (26) को दोषी ठहराया और अपराध को जघन्यतम श्रेणी का मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।

    आंगन में मिला था खून से लथपथ शव

    अभियोजन के अनुसार घटना 20 जुलाई 2025 की है। इससे एक दिन पहले 19 जुलाई को सीताराम लोधी अपनी बेटी को लेने छतरपुर गए थे। घर में उनकी पत्नी और बेटा संतोष मौजूद थे।

    20 जुलाई को सीताराम घर लौटे तो आंगन में पत्नी का लहूलुहान शव पड़ा मिला, जबकि संतोष घर से गायब था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

    विरोध करने पर पत्थर से हमला करने का आरोप

    जांच के दौरान पुलिस के सामने आया कि संतोष ने घर में अकेली मां के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। विरोध करने पर उसने पत्थर से हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया था।

    पुलिस ने 25 जुलाई को बांदरी-मालथौन रोड से संतोष को गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस ने करीब 150 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में पेश किया।

    फिंगरप्रिंट और डीएनए रिपोर्ट बनी अहम कड़ी

    अभियोजन ने अदालत में घटनास्थल से मिले अंगुलियों के निशान और मृतका के शरीर से मिले जैविक नमूनों को अहम साक्ष्य के रूप में पेश किया। जांच में जैविक नमूनों से मिले डीएनए का मिलान आरोपित संतोष से होने की बात सामने आई।

    साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों के आधार पर अदालत ने संतोष लोधी को दोषी माना और उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई।

  • जयपुर की महिला की ‘तस्वीरें’ Instagram पर वायरल करने का आरोप, शिवपुरी पहुंचकर पुलिस से की शिकायत

    जयपुर की महिला की ‘तस्वीरें’ Instagram पर वायरल करने का आरोप, शिवपुरी पहुंचकर पुलिस से की शिकायत

    जयपुर की महिला की ‘तस्वीरें’ Instagram पर वायरल करने का आरोप, शिवपुरी पहुंचकर पुलिस से की शिकायत

    सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट कर कथित रूप से परेशान और बदनाम किए जाने का मामला सामने आया है। जयपुर की रहने वाली एक महिला ने बुधवार को शिवपुरी पहुंचकर पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने लुधावली निवासी सेट्टी खान पर आरोप लगाया है कि वह पिछले करीब 15 दिनों से उसकी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर रहा है। महिला का दावा है कि सोशल मीडिया पोस्ट में उसकी 9 साल की बेटी और मां की तस्वीरें भी शामिल हैं।

    महिला के मुताबिक, तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद उसे लगातार मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसने बताया कि पोस्ट को लेकर जब उसने आरोपी से आपत्ति जताई और तस्वीरें हटाने के लिए कहा, तो कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी भी दी गई।

    परिवार के बीच बात रखने के बाद भी जारी रहीं पोस्ट

    शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि उसके परिवार की ओर से भी आरोपी से तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करने को लेकर बातचीत की गई थी। इसके बावजूद इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर तस्वीरें डालने का सिलसिला बंद नहीं हुआ।

  • 3500 रूपए रिश्वत लेते सरपंच’ समेत 2 को पकड़ा, प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में मांगी थी घूस; EOW ने की बड़ी कार्रवाई

    3500 रूपए रिश्वत लेते सरपंच’ समेत 2 को पकड़ा, प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में मांगी थी घूस; EOW ने की बड़ी कार्रवाई

    3500 रूपए रिश्वत लेते सरपंच’ समेत 2 को पकड़ा, प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में मांगी थी घूस; EOW ने की बड़ी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश के उज्जैन की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने सोमवार को मंदसौर जिले की दलौदा ग्राम पंचायत में कार्रवाई करते हुए सरपंच और उसके पति को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    उज्जैनः मध्यप्रदेश के उज्जैन की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने सोमवार को मंदसौर जिले की दलौदा ग्राम पंचायत में कार्रवाई करते हुए सरपंच और उसके पति को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    पुलिस के अनुसार मंदसौर जिले के सीतामऊ निवासी विक्रम सिंह ने अपने पिता के नाम से भूमि खरीदी थी, जिसका नामांतरण हो चुका था। बैंक से ऋण लेने के लिए नक्शे के अनुरूप निर्माण अनुमति के लिए ग्राम पंचायत से प्रमाण-पत्र की आवश्यकता थी। प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में सरपंच और उसके पति ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह राशि चार हजार रुपये तय हुई।

    आवेदक विक्रम सिंह पहले ही 500 रुपये सरपंच के पति को दे चुका था। शेष 3,500 रुपये 28 सितंबर को देना तय हुआ। आवेदक ने इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक समर वर्मा से की। शिकायत के सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने कार्रवाई की और सरपंच दुर्गा कैथवास तथा उनके पति अनिल कैथवास को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 

  • अश्लील वीडियो को लेकर’ फंसे महंत ने दी सफाई, मिर्ची बाबा पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- उनकी चेली…

    अश्लील वीडियो को लेकर’ फंसे महंत ने दी सफाई, मिर्ची बाबा पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- उनकी चेली…

    अश्लील वीडियो को लेकर’ फंसे महंत ने दी सफाई, मिर्ची बाबा पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- उनकी चेली…

    मध्य प्रदेश के गोलेश्वर धाम, करहिया के महंत सोमनाथ गिरी महाराज का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। महंत सोमनाथ गिरी ने पूरे मामले को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए वैराग्यानंद उर्फ ‘मिर्ची बाबा’ और उनके सहयोगियों पर उन्हें फंसाने और बदनाम करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    ​सोमनाथ गिरी महाराज ने लगाए ​यज्ञ के नाम पर वसूली और साजिश का आरोप

    महंत सोमनाथ गिरी ने आरोप लगाया कि मिर्ची बाबा और उनके सहयोगी गोपाल भारद्वाज धाम और क्षेत्र में यज्ञ कराने के नाम पर आए थे। उनका कहना है कि पिछले साल भी क्षेत्र के लोगों से लाखों रुपये लिए गए थे और इस बार भी ऐसा ही प्रयास किया जा रहा था। जब उन्होंने कलेक्टर और एसडीएम की लिखित अनुमति तथा क्षेत्रवासियों की सहमति के बिना यज्ञ कराने से मना किया, तो उनके खिलाफ साजिश रची गई

    वायरल वीडियो पर दी सफाई

    वीडियो के संदर्भ में सोमनाथ गिरी ने स्पष्ट किया कि करीब एक माह पूर्व वह दिल्ली में उनके ठिकाने पर गए थे। वहां मौजूद युवकों ने किसी महिला से वीडियो कॉल पर बात करते हुए फोन उनके हाथ में थमा दिया और कहा कि यह ‘चेलिन’ (शिष्या) है। महंत के अनुसार, उन्होंने स्क्रीन पर आपत्तिजनक स्थिति देखकर फोन करने का इशारा किया और वीडियो कॉलिंग न करने की बात कही। इसी दौरान पीछे से किसी ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और बाद में उन्हें बदनाम करने की नीयत से इसे गलत तरीके से प्रचारित किया गया।

    स्थान से हटाने और आर्थिक दबाव बनाने की बात

    महंत का कहना है कि धाम की दान-राशि और व्यवस्था में किसी भी प्रकार का अनुचित हस्तक्षेप न होने देने के कारण कुछ लोग उन्हें इस स्थान से हटाना चाहते हैं।

    प्रशासन को पहले से सूचना देने का दावा

    सोमनाथ गिरी ने दावा किया कि उन्हें पहले से ही इस प्रकार के षड्यंत्र की आशंका थी। इसके चलते उन्होंने तीन-चार महीने पहले ही कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और संबंधित थाने में आवेदन देकर अपने खिलाफ साजिश रचे जाने की आशंका जताई थी। महंत सोमनाथ गिरी ने कहा कि वह सच्चाई सामने रख रहे हैं और भोलेनाथ सब जानते हैं; अब क्षेत्र की जनता को तय करना है कि वे सच को किस रूप में देखते हैं।

  • ग्वालियर में दुष्कर्म में’ फंसाने की धमकी, दंपति ने ठगे 14 लाख, ब्लैकमेलिंग से परेशान पीड़ित ने की आत्महत्या.

    ग्वालियर में दुष्कर्म में’ फंसाने की धमकी, दंपति ने ठगे 14 लाख, ब्लैकमेलिंग से परेशान पीड़ित ने की आत्महत्या.

    ग्वालियर में दुष्कर्म में’ फंसाने की धमकी, दंपति ने ठगे 14 लाख, ब्लैकमेलिंग से परेशान पीड़ित ने की आत्महत्या.

    ग्वालियर. ग्वालियर में दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर दंपति एक व्यक्ति को ब्लैकमेल कर रहे थे. चौदह लाख रुपए लेने के बाद भी उनकी 8 लाख रुपए की नई मांग से तंग आकर व्यक्ति ने जान दे दी. पुलिस ने जांच के बाद ब्लैकमेलर दंपति के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया है.

    दरअसल, घटना चीनौर थाना क्षेत्र की है. पवैया वाली गली निवासी 40 वर्षीय गिर्राज गिरि गोस्वामी ने 26 सितंबर को सल्फास खा लिया था. हालत बिगड़ने पर उसके साले मिथुन गिरि ने उसे ग्वालियर के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. युवक की मौत का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया. पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उसे पास ही रहने वाले चंदू उर्फ चन्द्रभान सोनी और उसकी पत्नी वंदना सोनी ब्लैकमेल कर रहे थे.

    पति-पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस
    जांच के बाद चीनौर थाना पुलिस ने चंदू उर्फ चन्द्रभान सोनी और उसकी पत्नी वंदना सोनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 108 और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर लिया. मर्ग जांच के दौरान मृतक के पिता माता गिरि और पत्नी कमलेश गिरी गोस्वामी के बयान दर्ज किए गए. दोनों ने पुलिस को बताया कि गांव के चंदू उर्फ चन्द्रभान सोनी और उसकी पत्नी वंदना सोनी मिलकर गिर्राज को बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते थे. दंपति पिछले करीब चार-पांच साल से इसी तरह धमकाकर उससे पैसे ले रहे थे.

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी दंपति ने उससे अभी तक चौदह लाख रुपए ऐंठे थे, अब उससे 8 लाख रुपए की मांग कर रहे थे और रुपए नहीं देने पर उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की धमकी देते थे. चौदह लाख रुपए में से काफी रुपए उसने उधार लेकर दिए थे. अब वह इस स्थिति में नहीं था कि उन्हें और रुपए दे सके. इसलिए उसने जहर खाकर जान दे दी. मामला दर्ज होने के बाद अब पुलिस ने आरोपी दंपति की तलाश शुरू कर दी है. आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा.