Category: Madhya Pradesh

  • ‘मेरे अंदर शैतान जाग गया था…’: 8 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, कठुआ कांड जैसी खौफनाक वारदात से दहला मध्य प्रदेश..

    ‘मेरे अंदर शैतान जाग गया था…’: 8 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, कठुआ कांड जैसी खौफनाक वारदात से दहला मध्य प्रदेश..

    ‘मेरे अंदर शैतान जाग गया था…’: 8 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, कठुआ कांड जैसी खौफनाक वारदात से दहला मध्य प्रदेश..

    Narsinghpur : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में हुई एक अत्यंत जघन्य और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। “मेरे अंदर शैतान जाग गया था…” यह खौफनाक कबूलनामा उस हैवान का है, जिसने अपनी हवस मिटाने के लिए आठ साल की एक मासूम बच्ची को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पहले बच्ची को उसके पिता के नाम पर झूठ बोलकर स्कूल से जंगल ले गया और फिर उसके साथ घिनौनी दरिंदगी की। जब मासूम दर्द से चीखने-चिल्लाने लगी, तो आरोपी ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया और खुद गांव वालों के साथ बच्ची को ढूंढने का नाटक करता रहा। इस घटना ने साल 2018 के जम्मू-कश्मीर के बहुचर्चित कठुआ कांड की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं।

    गुस्से में उबला गोटेगांव, सड़कों पर फूटा जनसैलाब

    इस बर्बर और अमानवीय घटना के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। न्याय की मांग को लेकर गोटेगांव पूरी तरह बंद है, विरोध प्रदर्शन के तहत कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं और हर तरफ आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग गूंज रही है। स्थिति की अत्यधिक संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए पूरे गोटेगांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

    पिता के नाम का झांसा देकर स्कूल से फुसलाकर ले गया था आरोपी

    घटनाक्रम के अनुसार, 5 अगस्त की दोपहर आठ साल की बच्ची रोज की तरह स्कूल गई थी। छुट्टी के समय पड़ोस में रहने वाला युवक अनिल यादव उर्फ अन्नू स्कूल पहुंचा और उसने बच्ची से झूठ बोला कि उसके पिता ने उसे घर बुलाया है। मासूम ने अपने शिक्षक को भी यही बात बताई, अपना बैग क्लास में रखा और आरोपी के साथ चली गई। किसी को इस बात का दूर-दूर तक अंदाजा नहीं था कि यह उस बच्ची की जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने झौतेश्वर पुलिस चौकी पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

    मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. ऋषिकेश मीना खुद मौके पर पहुंचे। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संदीप भूरिया और आसपास के थानों की पुलिस टीम भी तुरंत गोटेगांव पहुंच गई। गांव वालों और पुलिस बल ने मिलकर रात में ही एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान डॉग स्क्वॉड, एफएसएल (FSL) टीम और टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली गई। सैकड़ों ग्रामीण हाथ में टॉर्च लेकर जंगलों और खेतों की खाक छानते रहे, क्योंकि सभी को यह उम्मीद थी कि बच्ची सही-सलामत मिल जाएगी। हालांकि, करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में एक पानी से भरे गड्ढे के पास मासूम का शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया कि बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

    तलाश में शामिल होने का ढोंग और आरोपी का सनसनीखेज कबूलनामा

    जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई सीधे उसी युवक अनिल यादव पर जा टिके जिसे आखिरी बार बच्ची के साथ देखा गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर अनिल यादव को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मीडिया और पुलिस के सामने जो जुर्म कबूला, उसने सुनने वालों की रूह कंपा दी। आरोपी ने माना कि उसकी नीयत खराब हो गई थी और वह बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल ले गया था। उसने दावा किया कि उसकी मंशा हत्या करने की नहीं थी, लेकिन जब बच्ची दर्द और डर से चिल्लाने लगी, तो पकड़े जाने के डर से उसने उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद उसने शव को पानी से भरे गड्ढे में फेंका और गांव लौटकर लोगों के साथ बच्ची को ढूंढने का नाटक करने लगा ताकि किसी को उस पर शक न हो।

    डॉक्टरों का पैनल, पॉक्सो एक्ट और फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

    गुरुवार सुबह जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर के बाहर भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए और आरोपी को तुरंत फांसी दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस प्रशासन ने आरोपी अनिल यादव के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट, बलात्कार और हत्या जैसी गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस संवेदनशील मामले को ‘जघन्य और दुर्लभतम’ अपराध की श्रेणी में रखा गया है। मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द से जल्द जांच प्रक्रिया पूरी कर अदालत में चार्जशीट पेश की जाएगी और इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।

  • डिलीवरी के बाद पत्नी के इलाज की चिंता पड़ी भारी, खून की व्यवस्था के तनाव में पति ने की आत्महत्या

    डिलीवरी के बाद पत्नी के इलाज की चिंता पड़ी भारी, खून की व्यवस्था के तनाव में पति ने की आत्महत्या

    डिलीवरी के बाद पत्नी के इलाज की चिंता पड़ी भारी, खून की व्यवस्था के तनाव में पति ने की आत्महत्या

    एमपी के पन्ना जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है. जिस परिवार में दो दिन पहले नवजात के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. जिला अस्पताल में भर्ती अपनी प्रसूता पत्नी के लिए खून की व्यवस्था करने की चिंता में एक व्यक्ति ने कथित रूप से फांसी लगाकर जान दे दी. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

    पत्नी की तबीयत को लेकर परेशान था पति

    जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के रमजुपुर निवासी 45 वर्षीय महेंद्र सिंह उर्फ बाबू की पत्नी ने दो दिन पहले ही बच्चे को जन्म दिया. परिजनों के मुताबिक, डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में खून की कमी हो गई थी, जिसके चलते परिवार उसकी देखभाल और इलाज को लेकर चिंतित था. महेंद्र सिंह भी पत्नी की हालत को लेकर लगातार परेशान बताए जा रहे थे.

    खून की व्यवस्था को लेकर बढ़ा मानसिक दबाव

    मृतक की बहू रिंकी सिंह के अनुसार, डॉक्टरों ने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि सुबह तक आवश्यक व्यवस्था हो जाएगी. इसके बावजूद महेंद्र सिंह काफी तनाव और घबराहट में थे. परिवार के लोगों ने उन्हें कुछ देर आराम करने और खाना खाने के लिए भेजा था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटे.

    नगर सेना ग्राउंड परिसर में मिला शव

    बुधवार 5 अगस्त को नगर सेना ग्राउंड परिसर में एक पेड़ पर महेंद्र सिंह का शव लटका हुआ मिला. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की.

    दो दिन पहले घर में गूंजी थी किलकारी

    परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े दुख से कम नहीं है. जिस घर में नवजात के जन्म के बाद खुशियों का माहौल था, वहीं अब शोक छा गया है. परिजन सदमे में हैं और पूरे गांव में घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है. नवजात के जन्म के कुछ ही दिनों बाद परिवार पर यह दुखद संकट आ गया.

    घटना की सूचना मिलने पर पन्ना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने मर्ग कायम कर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

  • युवती से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर; आरोपियों की तलाश में 6 टीमें गठित..

    युवती से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर; आरोपियों की तलाश में 6 टीमें गठित..

    युवती से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर; आरोपियों की तलाश में 6 टीमें गठित..

    गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक युवती ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) समेत छह पुलिस टीमें गठित की गई हैं।

    हनुमान टेकरी से लौटते समय हुई कथित वारदात

    पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय युवती मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली है और अपने परिचित से मिलने गुना आई थी। शुक्रवार शाम वह अपने मित्र के साथ हनुमान टेकरी से बाइक पर लौट रही थी। आरोप है कि रात करीब 8 बजे नेशनल हाईवे-46 पर हिलगना के पास तीन युवकों ने उनकी बाइक रुकवा ली।

    पीड़िता का आरोप है कि बदमाशों ने बाइक का पहिया पंचर होने का बहाना बनाकर चाबी निकाल ली और दोनों को जबरन पास के जंगल की ओर ले गए।

    युवक को बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप

    शिकायत के अनुसार, जंगल में आरोपितों ने युवक को अलग ले जाकर बंधक बना लिया तथा उसके साथ मारपीट और लूटपाट की। वहीं, पीड़िता ने आरोप लगाया कि तीन आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उसने विरोध किया, लेकिन आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की।

    डायल-100 की टीम पहुंची, आरोपी फरार

    पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान पास से गुजर रही डायल-100 टीम को शोर सुनाई दिया। पुलिस के पहुंचने की आहट मिलते ही आरोपी जंगल के रास्ते फरार हो गए। इसके बाद दोनों पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सीय परीक्षण कराया गया।

    जांच जारी, कई टीमें आरोपियों की तलाश में

    गुना पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच के लिए एसआईटी सहित छह टीमें बनाई गई हैं। पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

    नोट: इस मामले में दुष्कर्म के आरोप पीड़िता की शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

  • होटल में प्रेमिका के साथ था पति, 70KM पीछा करने के बाद पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा, फिर हुआ जोरदार हंगामा..

    होटल में प्रेमिका के साथ था पति, 70KM पीछा करने के बाद पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा, फिर हुआ जोरदार हंगामा..

    होटल में प्रेमिका के साथ था पति, 70KM पीछा करने के बाद पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा, फिर हुआ जोरदार हंगामा..

    मध्य प्रदेश के रीवा में एक होटल के अंदर उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया, जब सीधी से पीछा करते हुए आई एक पत्नी ने अपने पति को दूसरी लड़की के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. इसके बाद महिला का गुस्सा इस कदर भड़का कि उसने पहले तो कमरे के अंदर ही पति की जमकर धुनाई की, फिर उसका कॉलर पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए थाने ले गई. इस दौरान कमरे में मौजूद दूसरी लड़की भी हैरान रह गई, जिससे युवक ने खुद को कुंवारा बताकर मंदिर में शादी की थी.

    दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत सीधी से हुई. युवक एक युवती को लेकर जिले से रवाना हुआ, इसकी भनक उसकी पत्‍नी को लग गई. उसने पति का पीछा करना शुरू किया और 70 किलोमीटर की दूरी तय कर रीवा आ गई. यहां उसका पत‍ि समान थाना इलाके में स्‍थित एक होटल में युवती के साथ पहुंचा. कुछ देर बाद उसकी पत्‍नी भी पहुंच गई. महिला ने कमरा खुलवाया और फिर गालियां देते हुए पत‍ि पर टूट पड़ी.  जमकर धुनाई करने के बाद भी पत्‍नी का गुस्सा शांत नहीं हुआ. गुस्‍से से तमतमाई पत्‍नी पति का कॉलर पकड़कर होटल के नीचे लाई और सड़क पर घसीटते हुए उसे थाने लेकर पहुंची.

    एक साल पहले हुई थी कोर्ट मैरिज, मोबाइल बदलकर भागा था पति

    पीड़ित महिला ने बताया कि उसने 3 जुलाई 2025 को युवक के साथ कोर्ट मैरिज की थी. महिला ने बताया क‍ि युवके साथ उसकी दूसरी शादी है, पहले पति से उसका एक बेटा भी है. शादी के कुछ दिन बाद ही पति बिना बताए अचानक लापता हो गया. उसने अपना मोबाइल नंबर भी बदल लिया. महिला को उस पर शक हुआ तो उसने अपने पत‍ि के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया. इस दौरान उसे पता चला कि उसका पति कई लड़कियों से बात करता है और उनके साथ उसके संबंध हैं.

    इंस्टाग्राम पर प्यार और मंदिर में शादी का झांसा

    पत्नी के हत्थे चढ़ने के बाद युवक बस यही कहता रहा कि वह गलती से फंस गया है. वहीं होटल के कमरे में युवक के साथ पकड़ी गई युवती का कहना था कि युवक से उसकी पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. युवक ने खुद को कुंवारा बताया था और शादी करने की बात कही थी. युवक ने मंदिर में ले जाकर उसकी मांग भरकर शादी की है. हंगामे के दौरान वह युवती भी युवक से बार-बार पूछ रही थी कि “आखिर यह महिला कौन है. हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद यह मामला पुलिस के पास पहुंचा. पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है.

  • पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति बना हैवान! 15 साल साथ निभाने के बाद पोस्टल असिस्टेंट पत्नी को उतारा मौत के घाट, इंदौर की दिल दहला देने वाली वारदात..

    मध्य प्रदेश में इंदौर जिले की मनोरमागंज स्थित डाक कुंज कॉलोनी में डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एक ओर पुलिस फरार आरोपी पति अखिलेश सैनी की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने परिवार के दो मासूम बच्चों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। परिजनों के अनुसार, मां की हत्या के बाद दोनों बच्चे गहरे सदमे में हैं। बड़ी बेटी अपनी आंखों के सामने मां का खून से लथपथ शव देखने की घटना को भूल नहीं पा रही है, जबकि छोटा बेटा कभी मां को वापस लाने की जिद करता है तो कभी गुस्से में अपने पिता को ‘रावण’ कहकर उसे सजा देने की बात कहता है। मासूम की यह बात सुनकर परिवार के लोग भी भावुक हो जाते हैं।

    वारदात से पहले बनाई थी पूरी योजना

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अखिलेश सैनी कथित तौर पर पूरी तैयारी के साथ घर पहुंचा था। जांच के अनुसार उसने पहले एक बड़ा चाकू खरीदा, फिर दोनों बच्चों के स्कूल जाने का इंतजार किया। घर में पत्नी के अकेले होने पर उसने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उर्मिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी सीधे बेटी के स्कूल पहुंचा। वहां उसने बेटी को कुछ जरूरी सामान और एटीएम कार्ड सौंपते हुए भोपाल जाने की बात कही तथा दोनों बच्चों को मौसी के घर चले जाने के लिए कहा। जब बेटी घर पहुंची तो टीवी तेज आवाज में चल रहा था। लिविंग रूम में मां खून से लथपथ पड़ी थी। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और परिजनों को सूचना दी।

    हत्या से पहले भाई को किया था फोन

    परिजनों के मुताबिक, घटना से कुछ मिनट पहले उर्मिला ने अपने भाई मनोज मालाकार को फोन किया था। उर्मिला ने कहा था कि किसी भी स्थिति में वकील से बात करा दी जाए और उन्हें ऑफिस भेज दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहतीं। उस समय परिवार ने इसे सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन कुछ ही देर बाद हत्या की सूचना मिलने से सभी स्तब्ध रह गए।

    15 वर्षों से विवादों में था दांपत्य जीवन

    परिवार का कहना है कि 2011 में विवाह के बाद से ही अखिलेश सैनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होते थे। उर्मिला ने अलग-अलग समय पर महिला थाना, जूनी इंदौर थाना और भोपाल में भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। हालांकि, हर बार आरोपी माफी मांग लेता था और बच्चों के भविष्य को देखते हुए उर्मिला समझौता कर लेती थीं। परिजनों का आरोप है कि आरोपी पत्नी के मोबाइल फोन और गतिविधियों पर लगातार नजर रखता था तथा बिना किसी ठोस आधार के उन पर संदेह करता था। यही वजह थी कि उनका वैवाहिक जीवन लंबे समय से तनावपूर्ण बना हुआ था।

    धमकियां भी देता था आरोपी

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उर्मिला को जान से मारने की धमकी देता था। वह अपने एक रिश्तेदार के पुराने हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहता था कि हत्या करने पर भी ज्यादा सजा नहीं होती और वह जेल से बाहर आ जाएगा। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

    आरोपी की तलाश में चार पुलिस टीमें

    एसीपी नीति दंडोतिया ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें बनाई गई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घटना के बाद वह पैदल ही मौके से निकला और ऐसे रास्तों का इस्तेमाल किया जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। हालांकि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में उसकी गतिविधियों के कुछ सुराग मिले हैं। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उर्मिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है, जबकि आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ जारी है।

  • बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    सिवनी के उगली में बंद घर से शिक्षक दंपति के पूरी तरह जले शव बरामद हुए। शवों की पहचान डीएनए टेस्ट से होगी। पुलिस, फोरेंसिक और एफएसएल टीम जांच में जुटी है। हादसा, आत्महत्या या हत्या सभी पहलुओं से जांच जारी है।

    बंद घर के अंदर का मंजर देख कांप उठे लोग, शिक्षक दंपति के जले कंकाल मिलने से हड़कंप..

    Image AI

    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के उगली थाना अंतर्गत ग्राम उगली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बंद घर के भीतर शिक्षक दंपति के पूरी तरह से जल चुके शव बरामद हुए हैं। शव इस कदर जल चुके हैं कि वे केवल राख और हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो गए हैं, जिससे उनकी शिनाख्त करना भी असंभव हो गया है। इस खौफनाक मंजर को देखकर पूरा इलाका स्तब्ध है और हर तरफ केवल इसी रहस्यमयी घटना की चर्चा हो रही है।

    दो दिनों से बंद था घर, नहीं हो रहा था संपर्क 
    मृतकों की पहचान शिक्षिका मालती धुर्वे (पदस्थ: ग्राम कुम्हड़ा, केवलारी) और शिक्षक समन सिंह धुर्वे (पदस्थ: दामीझोला, मोहबर्रा) के रूप में की जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से इस दंपति से उनके परिजनों और परिचितों का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। लगातार फोन लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो शुक्रवार शाम को लोग उनके घर पहुंचे। घर का दरवाजा बंद था। जब भीतर जाकर देखा गया तो अंदर का नजारा बेहद खौफनाक और विचलित करने वाला था।

    पलंग पर मिले कंकाल, सामान भी जलकर खाक
    घर के भीतर कमरे में दोनों के शव पलंग पर पड़े हुए थे। आग की लपटें इतनी भीषण रही होंगी कि शवों के साथ-साथ कमरे में रखा पलंग, कूलर और अन्य सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह दर्दनाक घटना दो दिन पहले रात के वक्त या उसके बाद किसी समय घटित हुई है। हालांकि, बंद कमरे के भीतर इतनी भीषण आग कैसे लगी और बाहर किसी को भनक क्यों नहीं लगी, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।

    डीएनए टेस्ट से होगी आधिकारिक पुष्टि 
    मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सिवनी के पुलिस अधीक्षक, केवलारी के पुलिस उपअधीक्षक और फिंगरप्रिंट व फोरेंसिक विशेषज्ञ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। चूंकि शव पूरी तरह जलकर खाक हो चुके हैं, इसलिए वैज्ञानिक रूप से पहचान स्थापित करने के लिए दंपति के बच्चों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। डीएनए मिलान के बाद ही आधिकारिक रूप से यह पुष्टि हो सकेगी कि ये शव शिक्षक दंपति के ही हैं।

    जांच में जुटी पुलिस 
    शिक्षक दंपति के बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं, जिसके कारण वे घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह एक दर्दनाक हादसा है, आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश और सुनियोजित हत्या है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और घटना की परिस्थितियों का वास्तविक खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, उगली थाना पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।

  • स्पा सेंटर पर पुलिस का बड़ा छापा, देह व्यापार के आरोप में संचालक समेत 7 हिरासत में..

    स्पा सेंटर पर पुलिस का बड़ा छापा, देह व्यापार के आरोप में संचालक समेत 7 हिरासत में..

    स्पा सेंटर पर पुलिस का बड़ा छापा, देह व्यापार के आरोप में संचालक समेत 7 हिरासत में..

     मध्य प्रदेश के दमोह में पुलिस ने गुरुवार देर शाम अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन गुल्ली क्षेत्र स्थित यूनिक द थाई स्पा सेंटर पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर के संचालक सहित सात लोगों को हिरासत में लिया। मामले में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार, स्पा सेंटर में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर के भीतर से तीन ग्राहक, तीन वयस्क युवतियां और संचालक को हिरासत में लिया गया। इसके बाद सभी को पूछताछ के लिए पुलिस अभिरक्षा में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की गई।

    नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) एच.आर. पांडे ने बताया कि स्पा सेंटर का संचालन रीवा निवासी मोहम्मद आफताब अली कर रहा था। मौके से भगवानदास, अंकुर और पप्पू नामक तीन ग्राहक भी मिले। इसके अलावा तीन वयस्क युवतियां भी स्पा सेंटर से मिली हैं, जिनमें एक जबलपुर और एक कोलकाता की निवासी बताई गई है। सभी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि स्पा सेंटर की आड़ में यह गतिविधि कब से संचालित हो रही थी और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।

    सीएसपी एच.आर. पांडे ने कहा कि दमोह शहर में संचालित अन्य स्पा सेंटरों और ऐसे प्रतिष्ठानों पर भी पुलिस की निगरानी बनी हुई है। यदि किसी स्थान पर अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।

  • मध्य प्रदेश में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना! कैंसर पीड़ित मां पर बेटे के अत्याचार का आरोप..

    मध्य प्रदेश में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना! कैंसर पीड़ित मां पर बेटे के अत्याचार का आरोप..

    मध्य प्रदेश में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना! कैंसर पीड़ित मां पर बेटे के अत्याचार का आरोप..

    इंदौर मे कलयुगी कपूत का एक काला कारनामा सामने आय़ा है,जहां मां जैसे रिश्ते के साथ धोखाधड़ी की गई.. मां अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत लेकर कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंची है..

    इंदौर मे कलयुगी कपूत का एक काला कारनामा सामने आय़ा है,जहां मां जैसे रिश्ते के साथ धोखाधड़ी की गई.. मां अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत लेकर कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंची है.. इंदौर कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को एक 70 वर्षीय कैंसर पीड़ित बुजुर्ग महिला न्याय की गुहार लेकर पहुंचीं..  महिला ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने धोखे से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाकर मकान और स्कूल की संपत्ति अपने नाम गिफ्ट डीड करा ली…  इतना ही नहीं, लाखों रुपये और गहने भी हड़प लिए… अब परिवार के अन्य लोगों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है और वह बुनियादी जरूरतों के लिए भी तरस गई है..

    सरस्वती गावड़े  व्हीलचेयर पर अपने पोते के साथ कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचीं

    70 वर्षीय कैंसर पीड़ित बुजुर्ग सरस्वती गावड़े  व्हीलचेयर पर अपने पोते के साथ कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचीं.. महिला ने बताया कि उनके बेटे ने विश्वास में लेकर वसीयत बताकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए.. बाद में पता चला कि उन्हीं दस्तावेजों के जरिए मकान और स्कूल की संपत्ति अपने नाम गिफ्ट डीड करा ली गई.. शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुजुर्ग महिला को न्याय का भरोसा दिलाया है..

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा के तत्काल कार्रवाई के निर्देश

    कलेक्टर ने आरोपी बेटे को फोन कर कार्यालय बुलाने के निर्देश दिए हैं.. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए… कलेक्टर ने कहा कि हाल के दिनों में बुजुर्गों से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आए हैं, इसलिए जनसुनवाई में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग व्यवस्था की गई है और उनकी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा। लिहाजा ये मामला बेटे जैसे रिश्ते को शर्मसार कर रहा है.

  • एक साथ 13 काले हिरणों की मौत! मध्य प्रदेश में कुएं से मिले शव, वजह तलाशने में जुटा विभाग..

    एक साथ 13 काले हिरणों की मौत! मध्य प्रदेश में कुएं से मिले शव, वजह तलाशने में जुटा विभाग..

    एक साथ 13 काले हिरणों की मौत! मध्य प्रदेश में कुएं से मिले शव, वजह तलाशने में जुटा विभाग..

    मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में एक कुएं में एक आवारा कुत्ता और 13 काले हिरण मृत मिले। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी…

    शाजापुर : मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में एक कुएं में एक आवारा कुत्ता और 13 काले हिरण मृत मिले। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी। वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) हेमलता शाह ने बताया कि कालापीपल तहसील के खरदौन कलां गांव में किसान राजेश पाटीदार के खेत में कुएं से रविवार को दुर्गंध आने पर परिजनों ने देखा कि उसमें कई जानवरों के सड़े-गले शव पड़े हैं। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा कुएं से मरे हुए 13 काले हिरण (चार नर और नौ मादा) तथा एक कुत्ते को बाहर निकाला गया।

    शाह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को सभी मृत जानवरों को दफना दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आवारा कुत्तों के झुंड से बचने के प्रयास में काले हिरण कुएं में गिर गए होंगे और कुएं की मुंडेर भी टूटी हुई मिली है।

    अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शाजापुर जिले की कालापीपल और शुजालपुर तहसीलों में बड़ी संख्या में काले हिरण पाये जाते हैं।

  • खौफनाक साजिश का पर्दाफाश! पत्नी की हत्या के बाद सांप के काटने की कहानी गढ़ी, पति को उम्रकैद

    खौफनाक साजिश का पर्दाफाश! पत्नी की हत्या के बाद सांप के काटने की कहानी गढ़ी, पति को उम्रकैद

    खौफनाक साजिश का पर्दाफाश! पत्नी की हत्या के बाद सांप के काटने की कहानी गढ़ी, पति को उम्रकैद

    इंदौर के बहुचर्चित शिवानी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पति अमितेश उर्फ शालू पटेरिया को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने हत्या को सर्पदंश का मामला दिखाने के लिए बेहद…

    इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर के बहुचर्चित शिवानी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पति अमितेश उर्फ शालू पटेरिया को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने हत्या को सर्पदंश का मामला दिखाने के लिए बेहद खौफनाक साजिश रची थी, हत्या के लिए वह सांप भी अलवर राजस्थान से खरीदकर लाया था, लेकिन वैज्ञानिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी।

    दरअसल, इंदौर की 28वीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने वर्ष 2019 के चर्चित शिवानी हत्याकांड में आरोपी पति अमितेश उर्फ शालू पटेरिया को हत्या के अपराध में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने कनाड़िया रोड स्थित संचार नगर एक्सटेंशन में पत्नी शिवानी की तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को प्राकृतिक मौत या सर्पदंश साबित करने के लिए शव को कोबरा सांप से कटवाया गया। इस घटना को सर्पदंश दिखाने वह राजस्थान क्या अलवर से खतरनाक पोखरा सांप भी खरीद कर लाया था। वारदात के बाद शानू ने सबूत मिटाने की नीयत से कोबरा सांप को भी मार दिया गया।

    जांच में सामने आया कि विवाह के बाद से ही दहेज और रुपयों की मांग को लेकर शिवानी को प्रताड़ित किया जाता था। अदालत ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कोबरा की हत्या का अपराध सिद्ध मानते हुए अलग-अलग सजा और अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने कानून से बचने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा, लेकिन वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसका अपराध सिद्ध हो गया।