Category: Madhya Pradesh

  • घरेलू विवाद में पति की कुल्हाड़ी से हत्या का आरोप, तीन साल के बेटे को लेकर पत्नी ने पड़ोसियों से कही ये बात.

    घरेलू विवाद में पति की कुल्हाड़ी से हत्या का आरोप, तीन साल के बेटे को लेकर पत्नी ने पड़ोसियों से कही ये बात.

    घरेलू विवाद में पति की कुल्हाड़ी से हत्या का आरोप, तीन साल के बेटे को लेकर पत्नी ने पड़ोसियों से कही ये बात.

    जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में घरेलू विवाद से जुड़ी एक घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी। गोरखपुर थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी गुप्तेश्वर में एक व्यक्ति की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया। हत्या का आरोप उसकी पत्नी पर लगा, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस घटना का सबसे संवेदनशील पहलू दंपती का तीन साल का मासूम बेटा है, जिसकी देखभाल को लेकर परिवार और आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई।

    घरेलू विवाद के बाद पति पर हमले का आरोप

    मृतक की पहचान नितिन जायसवाल के रूप में बताई गई है। वह पुताई का काम करता था। पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। आरोप है कि पति के शराब पीने और नशे की हालत में मारपीट करने को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे।

    घटना वाले दिन भी दंपती के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। बताया गया कि दोपहर में झगड़ा हुआ था, जो कुछ समय बाद शांत हो गया। हालांकि, शाम को दोनों के बीच दोबारा विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान पत्नी पर कुल्हाड़ी से पति के सिर और चेहरे पर कई वार करने का आरोप है। गंभीर चोटों के कारण नितिन की मौत हो गई।

    फिलहाल विवाद के दौरान क्या-क्या हुआ और हमला किन परिस्थितियों में किया गया, इसकी जांच पुलिस कर रही है।

    शोर सुनकर पहुंचे पड़ोसी, घर के अंदर मिला शव

    घर से चीख-पुकार और शोर सुनाई देने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। वहां नितिन खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद गोरखपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई बताई जा रही कुल्हाड़ी भी जब्त की गई है। पुलिस अब घटना से जुड़े साक्ष्यों और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

    सात साल पहले हुई थी शादी, तीन साल का है बेटा

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नितिन और उसकी पत्नी की शादी करीब सात साल पहले हुई थी। दोनों का एक तीन वर्षीय बेटा है। बताया जाता है कि पति-पत्नी के बीच पहले भी कई बार विवाद हुआ करता था और पड़ोसियों ने कुछ मौकों पर बीच-बचाव भी किया था।

    हालांकि, पूर्व में घरेलू हिंसा को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पति के शराब पीने और कथित मारपीट से संबंधित आरोपों की भी जांच की जानी है।

    बेटे की देखभाल को लेकर कही गई यह बात

    घटना के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला ने पड़ोसियों से अपने परिवार को सूचना देने की बात कही थी, ताकि वे उसके तीन साल के बेटे की देखभाल कर सकें।

    बताया गया कि उसने पति के साथ होने वाले विवादों और कथित मारपीट से परेशान होने की बात भी कही थी। हालांकि, महिला के कथित बयान का पूरा विवरण और उसकी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    इस घटना के बाद मासूम बच्चे की देखभाल का सवाल महत्वपूर्ण हो गया है। पिता की मौत और मां की गिरफ्तारी के बीच बच्चे की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

    पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

    पुलिस ने हत्या के आरोप में महिला को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जब्त किए गए हथियार, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

    फिलहाल पति की हत्या के पीछे घरेलू विवाद को संभावित पृष्ठभूमि बताया जा रहा है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। घटना से जुड़े आरोपों और कथित बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होंगे।

  • मध्य प्रदेश में है दो रूठी: बहनों का अनोखा मंदिर, जानिए मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा की रोचक कहानी.

    मध्य प्रदेश में है दो रूठी: बहनों का अनोखा मंदिर, जानिए मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा की रोचक कहानी.

    मध्य प्रदेश में है दो रूठी: बहनों का अनोखा मंदिर, जानिए मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा की रोचक कहानी.

    देवास: मध्य प्रदेश में कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं, जिनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं लोगों को आकर्षित करती हैं। इन्हीं में एक अनोखा मंदिर देवास की टेकरी पर स्थित है, जहां मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा की पूजा की जाती है। इन दोनों देवियों को लोकमान्यता में सगी बहनें माना जाता है। कहा जाता है कि किसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद वे एक-दूसरे से दूर जाने लगीं। इस घटना से जुड़ी कहानी आज भी श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित है।

    देवास की टेकरी पर विराजमान हैं दोनों माताएं

    मध्य प्रदेश के देवास शहर में स्थित माता टेकरी एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा के मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। दोनों देवियों के दर्शन के लिए सालभर भक्त पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां विशेष चहल-पहल देखने को मिलती है।

    स्थानीय धार्मिक परंपरा में बड़ी माता के रूप में मां तुलजा भवानी और छोटी माता के रूप में मां चामुंडा की पूजा की जाती है। टेकरी पर दोनों देवियों के अलग-अलग स्थानों पर विराजमान होने के पीछे एक रोचक लोककथा सुनाई जाती है।

    आखिर क्यों रूठ गई थीं दोनों बहनें?

    लोककथा के अनुसार, मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा सगी बहनें थीं। एक दिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते नाराजगी इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक-दूसरे से अलग रहने का फैसला कर लिया।

    कहानी के मुताबिक, बड़ी बहन मां तुलजा भवानी क्रोधित होकर धरती के भीतर जाने लगीं, जबकि छोटी बहन मां चामुंडा पहाड़ी से नीचे की ओर बढ़ने लगीं। दोनों को इस तरह अलग होते देखकर उनके भक्तों और देवी-देवताओं ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।

    हनुमान जी और भैरव बाबा ने की थी रोकने की प्रार्थना

    प्रचलित मान्यता के अनुसार, जब दोनों बहनें एक-दूसरे से दूर जाने लगीं, तब हनुमान जी और भैरव बाबा ने उनसे वहीं रुकने की विनती की। कहा जाता है कि उस समय तक बड़ी माता धरती के भीतर काफी नीचे समा चुकी थीं, जबकि छोटी माता पहाड़ी से नीचे की ओर जा चुकी थीं।

    इसी लोककथा के आधार पर मां तुलजा भवानी की प्रतिमा को धरती में धंसी हुई और मां चामुंडा को उनसे कुछ दूरी पर स्थित माना जाता है। श्रद्धालु इस अनोखी स्थिति को दोनों बहनों की नाराजगी से जुड़ी कथा के रूप में देखते हैं।

    यह ध्यान रखना जरूरी है कि दोनों बहनों के विवाद और उनके अलग होने की कहानी धार्मिक लोकमान्यता है। इसे प्रमाणित ऐतिहासिक घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

    नवरात्रि में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

    देवास की माता टेकरी पर नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। भक्त मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, दोनों माताओं के दर्शन से भक्तों को आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्रि के दिनों में पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों के कारण मंदिर परिसर में विशेष माहौल रहता है।

    कैसे पहुंचें देवास के माता मंदिर?

    देवास मध्य प्रदेश का प्रमुख शहर है और इंदौर के नजदीक स्थित है। यहां पहुंचने के लिए रेल और सड़क मार्ग दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    • रेल मार्ग: देवास रेलवे स्टेशन तक ट्रेन से पहुंचा जा सकता है। इंदौर और उज्जैन से भी देवास के लिए यात्रा की योजना बनाई जा सकती है।
    • सड़क मार्ग: इंदौर, उज्जैन और आसपास के शहरों से बस, टैक्सी या निजी वाहन के जरिए देवास पहुंचा जा सकता है।
    • स्थानीय परिवहन: देवास शहर पहुंचने के बाद माता टेकरी तक जाने के लिए स्थानीय टैक्सी और अन्य साधन मिल सकते हैं। सीढ़ियों या रोपवे की उपलब्धता और संचालन की स्थिति यात्रा से पहले जांच लेना उचित है।

    देवास का यह मंदिर धार्मिक आस्था और लोकपरंपरा का अनोखा संगम है। मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा से जुड़ी दो रूठी बहनों की कहानी इस स्थान को एक अलग पहचान देती है। यही वजह है कि यहां आने वाले श्रद्धालु दोनों माताओं के दर्शन के साथ इस रोचक लोककथा के बारे में जानने में भी दिलचस्पी रखते हैं।

    डिस्क्लेमर: इस लेख में मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित लोककथा का वर्णन किया गया है। कथा के विवरणों की स्वतंत्र ऐतिहासिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है।

  • साल में सिर्फ नाग पंचमी: पर खुलते हैं नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के कपाट, 10 मुख वाले नाग पर विराजमान हैं शिव-पार्वती.

    साल में सिर्फ नाग पंचमी: पर खुलते हैं नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के कपाट, 10 मुख वाले नाग पर विराजमान हैं शिव-पार्वती.

    साल में सिर्फ नाग पंचमी: पर खुलते हैं नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के कपाट, 10 मुख वाले नाग पर विराजमान हैं शिव-पार्वती.

    उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसी मंदिर परिसर में एक ऐसा अनोखा मंदिर भी है, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सालभर इंतजार करना पड़ता है। नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के कपाट परंपरा के अनुसार साल में केवल एक बार नाग पंचमी के अवसर पर खोले जाते हैं। इस दिन देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव और नाग देवता के दर्शन करने पहुंचते हैं।

    नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन नागचंद्रेश्वर महादेव के दर्शन और पूजा करने से भगवान शिव तथा नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मंदिर की अनोखी प्रतिमा और साल में एक बार खुलने की परंपरा इसे देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल करती है।

    साल में एक बार ही क्यों खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर?

    नागचंद्रेश्वर मंदिर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित है। इसकी सबसे खास बात यह है कि श्रद्धालुओं के लिए इसके कपाट पारंपरिक रूप से नाग पंचमी के दिन ही खोले जाते हैं। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और भक्तों को नाग देवता के दर्शन का अवसर मिलता है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी का दिन नाग देवता की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी वजह से इस मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

    मंदिर के साल में केवल एक दिन खुलने की परंपरा इसे दूसरे मंदिरों से अलग पहचान देती है। हालांकि, मंदिर के कपाट खुलने का वास्तविक समय और दर्शन की व्यवस्था हर वर्ष जारी होने वाली आधिकारिक सूचना के अनुसार देखनी चाहिए।

    10 मुख वाले नाग पर विराजमान हैं भगवान शिव और माता पार्वती

    नागचंद्रेश्वर मंदिर की प्रतिमा अपनी अनोखी बनावट के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव और माता पार्वती के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा भी दिखाई देती है। धार्मिक विवरणों में भगवान शिव और माता पार्वती को दस मुख वाले नाग की आकृति पर विराजमान बताया गया है।

    हिंदू धर्म में नागों को भगवान शिव से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान रहते हैं, जो शक्ति, निर्भयता और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। नाग पंचमी के अवसर पर इस मंदिर में दर्शन करने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

    नाग पंचमी पर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

    नाग पंचमी के दिन नागचंद्रेश्वर महादेव के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त उज्जैन पहुंचते हैं। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालु भगवान शिव और नाग देवता से सुख, शांति तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

    चूंकि मंदिर के कपाट साल में एक बार ही खुलते हैं, इसलिए दर्शन के लिए लंबी कतारें लगने की संभावना रहती है। ऐसे में उज्जैन जाने की योजना बनाने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों, प्रवेश व्यवस्था और दर्शन के समय की जानकारी पहले ही ले लेनी चाहिए।

    ट्रेन से कैसे पहुंचें नागचंद्रेश्वर मंदिर?

    उज्जैन पहुंचने के लिए रेल मार्ग एक सुविधाजनक विकल्प है। देश के कई प्रमुख शहरों से उज्जैन रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेनें उपलब्ध रहती हैं। स्टेशन से महाकालेश्वर मंदिर परिसर तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य स्थानीय परिवहन साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    नाग पंचमी जैसे बड़े धार्मिक अवसरों पर यातायात और वाहनों की आवाजाही में बदलाव हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

    हवाई जहाज से कैसे पहुंचें?

    दूर के शहरों से आने वाले श्रद्धालु इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट तक हवाई यात्रा कर सकते हैं। वहां से सड़क मार्ग के जरिए उज्जैन पहुंचा जा सकता है। इंदौर से उज्जैन की यात्रा के लिए टैक्सी और अन्य सड़क परिवहन विकल्प उपलब्ध रहते हैं।

    त्योहार के दौरान भीड़ को देखते हुए यात्रा का समय पहले से तय करना और ठहरने की व्यवस्था समय रहते करना उपयोगी हो सकता है।

    क्या ऑनलाइन बुकिंग से मिल सकते हैं दर्शन?

    नाग पंचमी पर विशेष दर्शन की व्यवस्था और ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ी सुविधाएं वर्ष के अनुसार बदल सकती हैं। कुछ अवसरों पर विशेष दर्शन के लिए निर्धारित शुल्क और समय-स्लॉट की व्यवस्था की जा सकती है।

    श्रद्धालुओं को बुकिंग करने से पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ताजा सूचना देखनी चाहिए। टिकट का शुल्क, स्लॉट, प्रवेश द्वार और बुकिंग की उपलब्धता की पुष्टि किए बिना किसी पुराने विवरण के आधार पर भुगतान नहीं करना चाहिए।

    डिस्क्लेमर: मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं पारंपरिक आस्था पर आधारित हैं। दर्शन की तारीख, समय, ऑनलाइन बुकिंग और शुल्क की जानकारी के लिए मंदिर प्रशासन की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें।

  • एक साल से सरकारी रिकॉर्ड में ‘मुर्दा’ था शख्स, कलेक्टर के पास पहुंचकर बोला- साहब, मैं जिंदा हूं..

    एक साल से सरकारी रिकॉर्ड में ‘मुर्दा’ था शख्स, कलेक्टर के पास पहुंचकर बोला- साहब, मैं जिंदा हूं..

    एक साल से सरकारी रिकॉर्ड में ‘मुर्दा’ था शख्स, कलेक्टर के पास पहुंचकर बोला- साहब, मैं जिंदा हूं..

    मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक अनोखा मामले सामने आया है. मर चुका युवक एक अचानक जिंदा हो गया और कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंच गया. युवक ने कलेक्टर से गुहार लगाई कि साहब, मैं जिंदा हूं. दरअसल ये शख्स जिंदा हैं, लेकिन कागजों में इनको मृत घोषित कर दिया गया है. जिसकी वजह से इनको तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. इतना ही नहीं, जमीन जायदाद का काम भी अटका हुआ है.

    पिता की जगह बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र-
    शिवपुरी जिले की रन्नौद नगर परिषद की एक लापरवाही ने जिंदा इंसान को कागजों में मृत घोषित कर दिया. मामला सेसई निवासी गिटला आदिवासी का है. पिता के निधन के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने गए तो अधिकारियों ने पिता की जगह बेटे गिटला का ही मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया.

    ‘साहब, मैं जिंदा हूं…’
    गिटला ने शिवपुरी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपा. उसने बताया कि मेरे पिताजी का निधन 2022 में हो गया था. नामांतरण करवाने गया तो पता चला कि नगर परिषद रन्नौद ने गलती से मेरा मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया है. ये प्रमाण पत्र 1 साल पहले बना था. गिटला का कहना है कि नगर परिषद में कई बार शिकायत की, सुनवाई नहीं हुई. अब जमीन-जायदाद के काम अटक गए हैं. बैंक, राशन, सरकारी योजनाएं सब बंद. जिंदा होते हुए भी सिस्टम ने उसे मृत मान लिया. बड़ा सवाल यह है कि रन्नौद नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की गलती का खामियाजा पीड़ित युवक भुगत रहा है.

    उचित कार्रवाई होगी- एडीएम
    हालांकि प्रशासन भी इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिला रहा है. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इस पूरे मामले को लेकर एडीएम दिनेश चंद शुक्ला का कहना है कि यह पूरा मामला मीडिया के द्वारा उनके संज्ञान में लाया गया है इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.

  • बड़वानी में सिविल सर्जन पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप, ऑफिस के बाद मिलने का दबाव बनाने की शिकायत; पुलिस जांच में जुटी.

    बड़वानी में सिविल सर्जन पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप, ऑफिस के बाद मिलने का दबाव बनाने की शिकायत; पुलिस जांच में जुटी.

    बड़वानी में सिविल सर्जन पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप, ऑफिस के बाद मिलने का दबाव बनाने की शिकायत; पुलिस जांच में जुटी.

    बड़वानी, मध्य प्रदेश: जिला चिकित्सालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना पर छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और पद का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि छुट्टी और कार्यालय से जुड़े मामलों में उन्हें परेशान किया गया और अपनी बात रखने के लिए कार्यालय समय के बाद मिलने का दबाव बनाया गया। शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, संबंधित अधिकारी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए महिला की उपस्थिति पर सवाल उठाए हैं।

    पिता की बीमारी के कारण मांगी थी छुट्टी

    महिला कर्मचारी के अनुसार, उनके 71 वर्षीय पिता को 16 अप्रैल को स्ट्रोक आया था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें करीब सात दिनों तक वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इसके बाद 6 मई को ट्रेकोस्टॉमी के साथ उन्हें अस्पताल से घर भेजा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि 31 मई तक उनके पिता को घर पर चौबीस घंटे नर्सिंग देखभाल की जरूरत थी।

    महिला ने बताया कि वह अपने पिता की देखभाल करने वाली इकलौती अविवाहित बेटी हैं। इसी वजह से उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट के साथ छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। उनका आरोप है कि 17 से 31 मई तक का अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया और इस दौरान उनका 75 दिनों का वेतन भी रोक दिया गया।

    कार्यालय समय के बाद मिलने का दबाव बनाने का आरोप

    शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि छुट्टी से जुड़ी समस्या पर मौखिक रूप से बात करने की कोशिश करने पर उन्हें कार्यालय समय के बाद मिलने के लिए कहा गया। उन्होंने संबंधित अधिकारी पर अनुचित व्यवहार करने, मानसिक दबाव बनाने और कार्यालय में भय का माहौल पैदा करने के आरोप भी लगाए हैं।

    महिला ने अपनी शिकायत में पूर्व सिविल सर्जन की ओर से 19 सितंबर 2024 को जारी एक पत्र का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मानवीय आधार पर उन्हें सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यालय आने की अनुमति दी गई थी। आरोप है कि बाद में इस व्यवस्था का पालन नहीं किया गया।

    हाजिरी और आवेदन को लेकर भी विवाद

    महिला कर्मचारी ने अपनी शिकायत में उपस्थिति दर्ज करने को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि 6 और 7 अगस्त को छुट्टी के आवेदनों के सामने हाजिरी रजिस्टर में सवालिया निशान लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 और 21 अगस्त को ड्यूटी पर मौजूद रहने के बावजूद उनकी अनुपस्थिति दर्ज की गई।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, 1 सितंबर को उन्हें उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से रोका गया और आवक शाखा ने उनका आवेदन लेने से भी इनकार कर दिया। महिला का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन भेजे थे और 3 सितंबर को महिला थाना पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

    सिविल सर्जन ने आरोपों को बताया निराधार

    दूसरी ओर, डॉ. मनोज खन्ना ने महिला कर्मचारी की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचतीं और बिना सूचना दिए छुट्टी पर चली जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि महिला अप्रैल में करीब डेढ़ महीने तक लगातार अनुपस्थित रही थीं।

    डॉ. खन्ना के अनुसार, कर्मचारी सुबह लगभग 11:30 बजे कार्यालय आती हैं और दोपहर 2 बजे से पहले चली जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारी की अनुपस्थिति से जुड़ा मामला भोपाल भेजा गया है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

    महिला की शिकायत पर बड़वानी महिला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75 और 78 के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और शिकायत में दर्ज आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • ग्वालियर में लाड़ली बहना: योजना का झांसा देकर 80 वर्षीय महिला से ठगी, दिनभर ऑटो में घुमाया; जेवर और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हुई युवती.

    ग्वालियर में लाड़ली बहना: योजना का झांसा देकर 80 वर्षीय महिला से ठगी, दिनभर ऑटो में घुमाया; जेवर और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हुई युवती.

    ग्वालियर में लाड़ली बहना: योजना का झांसा देकर 80 वर्षीय महिला से ठगी, दिनभर ऑटो में घुमाया; जेवर और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हुई युवती.

    ग्वालियर, मध्य प्रदेश: लाड़ली बहना योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर एक युवती ने 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला से सोने-चांदी के जेवर, नकदी और जरूरी दस्तावेज ठग लिए। आरोपी ने पहले महिला का भरोसा जीता और फिर फॉर्म भरवाने के बहाने उन्हें ऑटो में बैठाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में घुमाती रही। बाद में जेवर कटने का डर दिखाकर महिला से उनके गहने उतरवाए और सामान से भरा थैला लेकर फरार हो गई। शिकायत मिलने के बाद झांसी रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दुकान पर पहुंची युवती ने योजना का लाभ दिलाने का दिया भरोसा

    जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के गली नंबर-1 इलाके में रहने वाली 80 वर्षीय विद्या बाई कुशवाह अपने घर पर ही कॉस्मेटिक की छोटी दुकान चलाती हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वह दुकान पर अकेली बैठी थीं। इसी दौरान गुलाबी रंग का सलवार-सूट पहने करीब 25 से 26 साल की एक युवती वहां पहुंची और नेल पॉलिश खरीदी।

    सामान खरीदने के बाद युवती ने बुजुर्ग महिला से बातचीत शुरू कर दी। बातचीत के दौरान उसने पूछा कि क्या उन्हें लाड़ली बहना योजना के तहत पैसे मिलते हैं। महिला ने जब बताया कि उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलता, तो युवती ने मदद करने की पेशकश की।

    आरोप है कि युवती ने महिला से कहा कि वह उनका फॉर्म भरवा सकती है, लेकिन इसके लिए किसी बड़े कार्यालय में जाना होगा। उसकी बातों पर भरोसा करके बुजुर्ग महिला उसके साथ ऑटो में बैठ गईं।

    फॉर्म भरवाने के बहाने शहर में घुमाती रही युवती

    आरोपी युवती सबसे पहले बुजुर्ग महिला को बहोड़ापुर चौराहे पर लेकर पहुंची। वहां कोई सरकारी कार्यालय नहीं मिला तो महिला ने घर वापस चलने की बात कही। इसके बाद युवती उन्हें पुरानी छावनी इलाके में ले गई।

    महिला के विरोध करने पर ऑटो को फिर बाड़ा क्षेत्र की ओर ले जाया गया। इस तरह युवती उन्हें अलग-अलग जगहों पर घुमाती रही। बाद में वह महिला को सागर होटल वाली गली में लेकर पहुंची, जहां कथित तौर पर उसने ठगी की योजना को अंजाम दिया।

    युवती ने पूरे समय महिला को अपनी बातों में उलझाए रखा, जिससे उन्हें उसके इरादों पर शक नहीं हुआ। सरकारी योजना का लाभ दिलाने की उम्मीद में बुजुर्ग महिला उसके साथ जाती रहीं।

    जेवर कटने का डर दिखाकर थैले में रखवाए गहने

    जब दोनों महाराज बाड़ा इलाके के आसपास पहुंचीं, तो युवती ने बुजुर्ग महिला से कहा कि वहां काफी भीड़ रहती है और उनके जेवर चोरी हो सकते हैं। उसने सलाह दी कि महिला अपने सभी गहने और कीमती सामान उतारकर एक थैले में रख लें, ताकि वे सुरक्षित रहें।

    युवती की बातों में आकर विद्या बाई ने अपने सोने के टॉप्स, सोने के मोतियों वाला मंगलसूत्र, पेंडल और चांदी की अंगूठी उतारकर थैले में रख दिए। इसके साथ ही उन्होंने 200 रुपये नकद, घर की चाबियों के दो गुच्छे, पैन कार्ड, वोटर आईडी और अन्य जरूरी सामान भी उसमें रख दिया।

    सामान थैले में रखने के बाद युवती महिला को बातचीत में उलझाए रही। इसी दौरान वह मौका देखकर थैला लेकर फरार हो गई। जब काफी देर तक युवती वापस नहीं आई, तो बुजुर्ग महिला को ठगी का एहसास हुआ और वह घबरा गईं।

    बताया गया है कि एक ई-रिक्शा चालक की मदद से वह किसी तरह घर पहुंचीं और परिजनों को पूरी घटना बताई।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश

    घटना की शिकायत मिलने के बाद झांसी रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। फुटेज में एक स्थान पर गुलाबी सलवार-सूट पहने संदिग्ध युवती बुजुर्ग महिला के साथ दिखाई दी है।

    एएसपी जयराज कुवेर के अनुसार, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध युवती की पहचान करने में जुटी है। पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने और मामले का खुलासा करने के लिए जांच तेज कर दी है।

    यह घटना बुजुर्गों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले लोगों से सतर्क रहने की जरूरत भी बताती है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने जेवर, नकदी, पहचान पत्र या अन्य कीमती सामान उसके हवाले नहीं करना चाहिए। किसी भी सरकारी योजना के लिए जानकारी संबंधित सरकारी कार्यालय या आधिकारिक माध्यम से ही प्राप्त करनी चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में पुलिस की जांच जारी है और संदिग्ध युवती के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • भोपाल में सगाई से ‘नाराज’ PG डॉक्टर ने महिला डॉक्टर और उसके भाई पर चलाई गोलियां, बाद में खुदकुशी की कोशिश:

    भोपाल में सगाई से ‘नाराज’ PG डॉक्टर ने महिला डॉक्टर और उसके भाई पर चलाई गोलियां, बाद में खुदकुशी की कोशिश:

    भोपाल में सगाई से ‘नाराज’ PG डॉक्टर ने महिला डॉक्टर और उसके भाई पर चलाई गोलियां, बाद में खुदकुशी की कोशिश:

    भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गांधीनगर इलाके में देर रात फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई। यहां एक पीजी डॉक्टर ने अपनी पुरानी महिला मित्र और उसके भाई पर कथित तौर पर पिस्तौल से तीन गोलियां चला दीं। फायरिंग में दोनों घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी डॉक्टर ने भी कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश की। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    रात करीब 11:30 बजे घर पहुंचा था आरोपी

    पुलिस के मुताबिक, घटना देर रात करीब 11:30 बजे की है। आरोपी डॉक्टर नवीन रोहिला अपनी पुरानी दोस्त डॉक्टर श्वेता ठाकुर के घर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और इसके बाद आरोपी ने पिस्तौल से फायरिंग कर दी।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक के बाद एक तीन गोलियां चलाईं। इस दौरान महिला डॉक्टर और उनके भाई अभिषेक ठाकुर घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    कई साल पुरानी थी दोनों की दोस्ती

    जांच में सामने आया है कि आरोपी और घायल महिला डॉक्टर एक-दूसरे को कई वर्षों से जानते थे। दोनों ने एक साथ कॉलेज में पढ़ाई की थी। उनके बीच करीबी संबंध होने की जानकारी भी पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आई है।

    बाद में महिला डॉक्टर की सगाई हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि इसके बाद आरोपी कथित तौर पर परेशान था। हालांकि, सगाई और फायरिंग के बीच सीधा संबंध क्या है और वारदात की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

    फायरिंग के बाद आरोपी ने की खुदकुशी की कोशिश

    महिला डॉक्टर और उनके भाई पर फायरिंग करने के बाद आरोपी डॉक्टर ने कथित तौर पर खुदकुशी करने का प्रयास किया। जानकारी के मुताबिक, उसने रस्सी की मदद से आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन इसमें सफल नहीं हुआ।

    इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    पुलिस ने दर्ज की FIR

    घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और घटना से जुड़े अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा आरोपी और महिला डॉक्टर के बीच पिछले कुछ समय में हुई बातचीत तथा घटना से पहले के घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारी ने क्या बताया?

    अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, गांधीनगर इलाके में एक डॉक्टर ने अपनी पुरानी दोस्त और उसके भाई पर पिस्तौल से फायर किया। दोनों घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी और महिला डॉक्टर पुराने परिचित थे और दोनों ने एक साथ कॉलेज में पढ़ाई की थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    असली वजह जांच के बाद होगी साफ

    शुरुआती जानकारी में महिला डॉक्टर की सगाई के बाद आरोपी के परेशान होने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस ने अभी इसे फायरिंग की अंतिम वजह नहीं माना है। जांच एजेंसियां दोनों के पुराने संबंधों, घटना से पहले हुए विवाद और अन्य परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही हैं।

    फिलहाल इस घटना में महिला डॉक्टर और उनके भाई घायल हैं, जबकि आरोपी डॉक्टर भी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही वारदात की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • राजगढ़: 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या का आरोप, जंगल में मिला सिर कटा शव; संदिग्ध युवक की सड़क हादसे में मौत’

    राजगढ़: 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या का आरोप, जंगल में मिला सिर कटा शव; संदिग्ध युवक की सड़क हादसे में मौत’

    राजगढ़: 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या का आरोप, जंगल में मिला सिर कटा शव; संदिग्ध युवक की सड़क हादसे में मौत’

    राजगढ़, मध्य प्रदेश: राजगढ़ जिले में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लड़की 30 सितंबर से लापता थी। पुलिस की जांच के बाद उसका शव ब्यावरा क्षेत्र के जंगल से बरामद किया गया। शव से कुछ दूरी पर उसका सिर भी मिला।

    मामले में पुलिस ने एक युवक को संदिग्ध आरोपी के तौर पर चिन्हित किया था, लेकिन लड़की की मौत के कुछ समय बाद ही उक्त युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस अब हत्या की वजह और घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

    सीसीटीवी से सामने आया सुराग

    पुलिस के मुताबिक, नाबालिग के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए आसपास के CCTV कैमरों की जांच की गई।

    जांच के दौरान वह एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर एक गांव की ओर जाती हुई दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने युवक की पहचान और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की।

    पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच पहले से परिचय था और वे एक-दूसरे के संपर्क में थे।

    जंगल में मिला शव

    जांच के दौरान पुलिस को ब्यावरा क्षेत्र के जंगल में नाबालिग का शव मिला। पुलिस के अनुसार, शव का सिर धड़ से करीब 50 फीट की दूरी पर पड़ा था।

    प्रारंभिक जांच में हत्या के लिए धारदार औजार के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच के लिए सुरक्षित किया है।

    संदिग्ध युवक की भी हादसे में मौत

    पुलिस के अनुसार, जिस युवक पर हत्या का संदेह था, वह जंगल से मोटरसाइकिल से निकल रहा था। इसी दौरान उसकी एक ट्रक से टक्कर हो गई और उसकी मौत हो गई।

    पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों और हत्या के घटनाक्रम के बीच संबंध की भी जांच कर रही है। युवक की मौत के कारण पुलिस को मामले के कई सवालों के जवाब उसके बयानों से नहीं मिल पाएंगे।

    हत्या की वजह अभी साफ नहीं

    पुलिस जांच में दोनों के बीच संबंध होने की बात सामने आई है, लेकिन हत्या की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या वारदात के पीछे कोई अन्य कारण था, इसकी जांच की जा रही है।

    पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, CCTV रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल और अन्य जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच से भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

  • छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर: अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच 65 वर्षीय शख्स के शरीर में हुई हलचल, परिजनों ने जिंदा होने का किया दावा.

    छतरपुर, मध्य प्रदेश: बड़ामलहरा कस्बे में एक बुजुर्ग के कथित तौर पर मृत घोषित किए जाने के बाद फिर से जीवित होने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। करीब 65 वर्षीय शेख सलीम को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों की ओर से उनकी हालत बेहद गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें घर लाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।

    हालांकि, रात करीब 1:30 बजे परिजनों ने उनके शरीर में हलचल महसूस होने और हिचकी आने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने आंखें खोलीं और उठकर बैठ गए। परिवार का कहना है कि बाद में सलीम खड़े भी हुए।

    दोपहर में अस्पताल ले गए थे परिजन

    सलीम के पौत्र के मुताबिक, बुधवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोशी की हालत में चले गए। परिजन उन्हें दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे।

    परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने इलाज के बाद उनकी हालत गंभीर बताते हुए ग्वालियर रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद परिवार शाम करीब 6:30 बजे उन्हें लेकर बड़ामलहरा के लिए रवाना हुआ।

    घर पहुंचते ही शुरू हो गई अंतिम संस्कार की तैयारी

    परिजन सलीम को घर लेकर पहुंचे और उन्हें एक कमरे में लिटा दिया। परिवार के मुताबिक, घर में दुआ-पाठ शुरू कर दिया गया और रिश्तेदारों को भी सूचना दे दी गई। कुछ रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे और परिवार में शोक का माहौल था।

    रात में अचानक शरीर में हलचल का दावा

    परिजनों के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे अचानक सलीम को हिचकी आई। इसके बाद उनके शरीर में हलचल महसूस हुई। परिवार का दावा है कि कुछ देर बाद उन्होंने आंखें खोलीं और उठकर बैठ गए। बाद में वह खड़े भी हुए।

    इस घटना के बाद घर में मौजूद परिजन हैरान रह गए। खबर फैलने पर आसपास के लोग भी सलीम को देखने के लिए पहुंचने लगे।

    धार्मिक आस्था से जोड़ रहा परिवार

    परिजनों का कहना है कि सलीम अब ठीक हैं और इबादत कर रहे हैं। परिवार ने इस घटना को अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए इसे ईश्वर की कृपा बताया है।

    तीन बार मृत बताए जाने का परिजनों का दावा

    परिवार का दावा है कि सलीम को अलग-अलग मौकों पर डॉक्टरों ने तीन बार मृत बताया था। हालांकि, इस दावे की चिकित्सकीय पुष्टि अस्पताल के रिकॉर्ड और संबंधित डॉक्टरों की जानकारी के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल में उस समय सलीम की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति क्या थी और उन्हें किस आधार पर मृत माना गया था। पूरे मामले में मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

    नोट: इस घटना से जुड़े “मृत घोषित” किए जाने और बाद में होश में आने के दावे फिलहाल परिजनों के बयान पर आधारित हैं। इसकी चिकित्सकीय पुष्टि संबंधित अस्पताल के रिकॉर्ड और डॉक्टरों की जांच से ही हो सकेगी।

  • राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़: 17 वर्षीय किशोरी की हत्या से सनसनी, संदिग्ध युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत; जंगल से मिला शव.

    राजगढ़, मध्य प्रदेश: जिले में नाबालिग किशोरी की गुमशुदगी के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब पुलिस को मलावर क्षेत्र के जंगल से उसका शव बरामद हुआ। पुलिस जांच के अनुसार, मामले में संदिग्ध 21 वर्षीय युवक की भी उसी दिन सड़क हादसे में मौत हो गई थी। कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच के बाद पुलिस जंगल तक पहुंची, जहां किशोरी का शव मिला।

    30 सितंबर को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत

    मामला 30 सितंबर 2026 का है। किशोरी के परिजनों ने राजगढ़ कोतवाली थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने गांव के ही एक 21 वर्षीय युवक पर किशोरी को अपने साथ ले जाने का संदेह जताया था।

    पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि इसी दौरान मलावर थाना क्षेत्र के पगारी बंग्ला के पास एक सड़क हादसे में उक्त युवक की मौत हो गई। बताया गया कि उसकी बाइक ट्रक से टकरा गई थी।

    मोबाइल लोकेशन से जंगल तक पहुंची पुलिस

    शुरुआत में युवक की मौत को सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन किशोरी की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की। जांच में उसकी आखिरी लोकेशन मलावर के जंगल की ओर मिली।

    इसके बाद पुलिस टीम ने जंगल में तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान झाड़ियों के बीच किशोरी का करीब सात दिन पुराना शव बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से कुछ अन्य सामान भी जब्त किया है, जिनमें आरी और रस्सी शामिल होने की बात सामने आई है। इन बरामद वस्तुओं की जांच की जा रही है।

    रिश्तेदार से पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी

    जांच के दौरान पुलिस ने युवक के एक करीबी रिश्तेदार से भी पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, रिश्तेदार ने बताया कि घटना वाले दिन युवक किशोरी को करेड़ी की ओर से मलावर के जंगल ले गया था।

    पूछताछ में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि कुछ समय बाद युवक अकेला लौटा और काफी घबराया हुआ था। पुलिस के मुताबिक, उसने रिश्तेदार से किशोरी की हत्या करने की बात कही थी। इसके बाद युवक सड़क की ओर चला गया, जहां ट्रक की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

    फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

    पुलिस ने किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से मिले सामान और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

    पुलिस अब गुमशुदगी, जंगल से शव बरामद होने और युवक की सड़क हादसे में हुई मौत के बीच संबंधों की जांच कर रही है। हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल में जुटी है।