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  • र्जी पहचान के आरोप में फंसे मोहम्मद यूनुस को अदालत से नहीं मिली राहत, जमानत अर्जी खारिज..

    र्जी पहचान के आरोप में फंसे मोहम्मद यूनुस को अदालत से नहीं मिली राहत, जमानत अर्जी खारिज..

    र्जी पहचान के आरोप में फंसे मोहम्मद यूनुस को अदालत से नहीं मिली राहत, जमानत अर्जी खारिज..

    नैनीताल : जनपद में नाम और धर्म छिपाकर युवती को धोखे में रखने, शारीरिक संबंध बनाने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने, उत्पीड़न करने तथा 17 लाख रुपये हड़पने के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपित मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी उर्फ बॉबी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।

    अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) सुधीर कुमार तोमर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 में आरोपित ने स्वयं को केवल ‘एमडी’ बताकर उससे संपर्क किया और लंबे समय तक अपना वास्तविक नाम तथा धर्म छिपाए रखा।

    शिकायत के अनुसार इस दौरान आरोपित ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए तथा बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालते हुए धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने, विशेष प्रकार का भोजन करने, मेकअप छोड़ने और ढीले वस्त्र पहनने के लिए कहा। विरोध करने पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करने के भी आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का यह भी आरोप है कि वर्ष 2022 में विवाह का दबाव बनाने पर आरोपित ने अपना वास्तविक नाम यूनुस बताया, जिसके बाद उसे धोखे का पता चला।

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपित ने विभिन्न बहानों से उससे लगभग 17 लाख रुपये भी हड़प लिए। मामले में उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल की जांच के बाद मल्लीताल थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 115 एवं 319, उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 एवं 5 तथा आयुध अधिनियम की धारा 4ध्25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को बताया कि भीमताल में आरोपित के कमरे की तलाशी के दौरान आठ चाकू, एक हथकड़ी, लैपटॉप, मोबाइल फोन, विजिटिंग कार्ड और अन्य सामग्री भी बरामद हुई थी।

    अभियोजन ने इन तथ्यों के आधार पर जमानत का विरोध किया। वहीं बचाव पक्ष ने न्यायालय में तर्क दिया कि आरोपित को झूठा फंसाया गया है, उसने कभी अपना नाम या धर्म नहीं छिपाया और उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। साथ ही उसके फरार होने की संभावना से भी इनकार किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा केस डायरी, आरोप पत्र और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामले का विचारण अभी प्रारंभिक अवस्था में है।

    न्यायालय ने पर्याप्त आधार न पाते हुए आरोपित मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी उर्फ बॉबी की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में अब नियमित सुनवाई के दौरान आरोप तय होने और साक्ष्य दर्ज किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

  • दो शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की स्कूटी समेत तीन वाहन पुलिस ने किए बरामद..

    दो शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की स्कूटी समेत तीन वाहन पुलिस ने किए बरामद..

    दो शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की स्कूटी समेत तीन वाहन पुलिस ने किए बरामद..

    नॉर्थ-ईस्ट जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर ऑटो-लिफ्टरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल तीन चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से मोटर वाहन चोरी के कई मामलों का भी खुलासा हुआ है।

    पुलिस के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को एएटीएस टीम को सूचना मिली कि दो युवक चोरी की स्कूटी पर मौजपुर स्थित शास्त्री मार्ग गली से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर दीपक पांडेय के नेतृत्व में टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को रोक लिया। जांच के दौरान जिस स्कूटी पर दोनों सवार थे, वह सीमापुरी थाना क्षेत्र से चोरी की निकली।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान उर्फ कोमा 18, निवासी पुराना मुस्तफाबाद, और जीशान उर्फ जिशु 18, निवासी नूर-ए-इलाही, दिल्ली, के रूप में हुई है।

    पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने वाहन चोरी की कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने भजनपुरा और दयालपुर थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए दो अन्य दोपहिया वाहन भी बरामद कर लिए। इसके साथ ही कुल तीन चोरी के वाहन बरामद हुए हैं।

    पुलिस ने इस संबंध में जाफराबाद थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के अन्य मामलों में शामिल होने की भी जांच की जा रही है। फिलहाल, दोनों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।

    पुलिस का कहना है कि बरामद वाहनों के आधार पर मोटर वाहन चोरी के कई मामलों का खुलासा हुआ है और मामले की आगे की जांच जारी है।

  • महिलाओं के दो गुटों में भिड़ंत, घंटेभर तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे से मचा बवाल

    महिलाओं के दो गुटों में भिड़ंत, घंटेभर तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे से मचा बवाल

    महिलाओं के दो गुटों में भिड़ंत, घंटेभर तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे से मचा बवाल

    आखिरकार जो अंदेशा था, वही हुआ। निघासन विकासखंड में वित्तीय अनियमितताओं में दोषी महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी कराने और पदाधिकारियों का चुनाव कराने की मांग को लेकर विकास खंड कार्यालय पहुंची महिलाओं का आरोपी महिलाओं के गुट से आमना-सामना हो गया। आरोप है कि आरोपी सीएलएफ बेलरायां की पदाधिकारियों ने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। ज्ञापन की प्रति भी फाड़कर फेंक दी। महिलाएं करीब एक घंटे तक जमकर बवाल करती रहीं।

    महिलाओं का रौद्र रूप देखकर कर्मचारी ऑफिस छोड़कर भाग गए। एक घंटे जमकर महिलाओं ने बवाल काटा। बवाल के बाद पहुंची पुलिस ने किसी तरह से महिलाओं को शांत कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शनकारी महिलाएं पहले एसडीएम राजीव निगम को ज्ञापन सौंप चुकी थीं और इसके बाद बीडीओ को ज्ञापन देने ब्लॉक कार्यालय पहुंचीं। इसी दौरान पहले से मौजूद आरोपी पक्ष की बेलरायां सीएलएफ की पदाधिकारियों की महिलाओं ने उनसे बहस शुरू कर दी। दूसरे पक्ष की महिलाएं कुछ समझ पाती। इससे पहले ही बेलरायां सीएलएफ की पदाधिकारियों और उनके समर्थकों ने विरोध करने वाली महिलाओं पर हमला कर सुमन यादव नाम की महिला के हाथ से ज्ञापन छीनकर फाड़ दिया। इससे अन्य महिलाएं भी भड़क गईं और बवाल उग्र हो गया।

    दोनों पक्षों की महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, जिससे पूरे विकास खंड परिसर में अफरातफरी मच गई। महिलाओं के आक्रोश को देखकर ब्लॉक कार्यालय के कर्मचारी अपने-अपने कार्यालय छोड़कर बाहर निकल गए। पीड़ित सुमन यादव ने बताया कि सीएलएफ की पदाधिकारी सुकेता तिवारी और लक्ष्मी श्रीवास्तव ने उनके साथ मारपीट की। ज्ञापन फाड़ दिया। उनके पति को भी दौड़ाकर अभद्रता की। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घटना के दौरान ब्लॉक परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। ब्लॉक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं प्रदर्शनकारी महिलाओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, गिरफ्तारी और सभी क्लस्टरों में निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग दोहराई है।
     
    जांच टीम अधूरे बयान लेकर लौटी
    इसी बीच जिले से वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए पहुंची टीम भी विवाद के कारण अपना काम पूरा नहीं कर सकी। हंगामे के चलते कई महिलाओं के बयान अधूरे रह गए। बाद में बीडीओ ने जांच आगे जारी रखने की बात कही और बिना पूर्व सूचना के पहुंचने पर जांच टीम को भी फटकार लगाई। बताते हैं कि जांच करने के लिए जिला मिशन प्रबंधक सुरजन सिंह के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम पहुंची थी, टीम और औपचारिकता पूरी कर वापस लौट गई।  

    बीएमएम आशीष दीक्षित का स्थानांतरण
    बीडीओ जयेश कुमार सिंह ने बताया कि लगातार बन रहे विवाद और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए बीएमएम आशीष दीक्षित का स्थानांतरण उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र कुमार मिश्रा ने विकासखंड कुंभी कर दिया है। उनके स्थान पर अभी किसी बीएमएम की तैनाती नहीं की गई है।

    समय रहते जांच और कार्रवाई होती तो टल सकता था बवाल
    निघासन में शुक्रवार को जो भी कुछ हुआ। उसके पीछे उपायुक्त स्वरोजगार जितेंद्र कुमार मिश्रा की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। माना जाता है कि यदि डीसी जांच, कार्रवाई और चुनाव को लेकर टालमटोल न करते और समय से कार्रवाई कर देते तो शायद यह घटना न होती। पीड़ित पक्ष की महिलाओं ने डीसी एनआरएलम को इसके लिए दोषी ठहराया है और उनका स्थानांतरण कर पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि वह करीब तीन महीने से डीसी कार्यालय के चक्कर काट रहीं और कार्रवाई की मांग कर रहीं थी, लेकिन वह कार्रवाई का भरोसा देते हुए सिर्फ टहलाते रहे। आरोपी पक्ष भी लगातार डीसी कार्यालय पर जाता रहा। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच चल रही तल्खी से विवाद के आसार बन गए थे, लेकिन वित्तीय अनियमितताओं में फंसी महिलाओं को संरक्षण देते हुए उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। जब मामला मीडिया में सुर्खियां में आया। तब भी उनकी लापरवाही जारी रही। महिलाओं ने कहा कि यदि डीसी समय से जांच कराकर वित्तीय अनियिमताओं को कर नियम विरुद्ध तरीके से लाखों रुपये की हेराफेरी करने के मामले में दोषियों पर कार्रवाई करते और चुनाव कराते तो यह बवाल नहीं होता।

    ब्लॉक स्तरीय जांच को भी दबा गए उपायुक्त 
    घोटाले की खबरें जब अमृत विचार में प्रमुखता से छपी तो हरकत में आए डीसी जितेंद्र कुमार मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। जांच टीम में शामिल सहायक विकास अधिकारी निघासन राकेश कुमार, फूलबेहड़ के अनुराग पांडेय और धौरहरा के अनुज अवस्थी ने जांच कर 3 जून 2026 को रिपोर्ट डीसी एनआरएलएम को सौंप दी थी, जांच रिपोर्ट में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताएं मिली थीं। जांच टीम ने प्रथम आरोप सही पाए थे। साथ ही सीएलएफ के पदाधिकारियों को वर्ष 2016 से अपने पदों पर यथावत पाया था, जबकि हर दो साल पर चुनाव होना था। टीम ने पदाधिकारियों के बदलाव पर जोर दिया था, लेकिन डीसी एनआरएलएम पूरी रिपोर्ट को दबाए रहे और जांच जारी होने की बात कहकर कार्रवाई से बचते रहे।

  • 17 साल के किशोर का अपहरण कर की गई हत्या, मामूली टक्कर के बाद सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात..

    17 साल के किशोर का अपहरण कर की गई हत्या, मामूली टक्कर के बाद सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात..

    17 साल के किशोर का अपहरण कर की गई हत्या, मामूली टक्कर के बाद सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात..

    गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी बॉर्डर इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला ‘रोड रेज’ का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सड़क पर हुई एक मामूली बाइक-कार की टक्कर के बाद हर्जाने को लेकर हुए विवाद में दो दबंगों ने मिलकर एक 17 वर्षीय किशोर पर कथित तौर पर इतना बर्बर हमला किया कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हालांकि, मुस्तैद पुलिस ने इस खौफनाक वारदात के दोनों मुख्य आरोपियों को धर-दबोचा है। मृतक किशोर की पहचान मुस्तफाबाद कॉलोनी के रहने वाले मोहम्मद जैद के रूप में हुई है।

    दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल से लौट रहा था जैद, गैस प्लांट के पास हुई टक्कर

    यह पूरी वारदात 29 जून की बताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 17 वर्षीय मोहम्मद जैद बेहटा हाजीपुर नहर रोड के पास स्थित एक स्विमिंग पूल में दोस्तों के साथ तैराकी का लुत्फ उठाने गया था। वहां से वह अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस घर लौट रहा था। जैद और उसके दोस्त जैसे ही इंद्रप्रस्थ गैस प्लांट क्रॉसिंग के पास पहुंचे, तभी उनकी मोटरसाइकिल की टक्कर सामने से आ रही एक कार से हो गई। इस मामूली दुर्घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते खूनी खेल में बदल गई।

    कार में डालकर किया अपहरण, प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में ले जाकर ढहाया कहर

    पुलिस के अनुसार, कार सवार राहुल मावी उर्फ पहलवान और अनुज कसाना नाम के दो युवकों पर खून इस कदर सवार हो गया कि उन्होंने सरेराह कानून की धज्जियां उड़ा दीं। दोनों आरोपियों ने जैद को जबरन घसीटते हुए अपनी कार में बैठाया और उसका अपहरण कर पास ही स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में ले गए। वहां कार को पहुंचे नुकसान के मुआवजे (हर्जाने) को लेकर दोनों आरोपी जैद पर पैसों का दबाव बनाने लगे। जब जैद ने इसका विरोध किया, तो राहुल और अनुज ने कमरे के भीतर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। बेदम पिटाई से जैद गंभीर रूप से घायल हो गया और बेहोश होकर गिर पड़ा। बाद में जैद के दोस्त उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

    भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से दबोचे गए हत्यारे

    मासूम जैद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई शाकिर की तहरीर पर लोनी बॉर्डर थाने में संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त (अंकुर विहार) अमरदीप कुमार मौर्य ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, सर्विलांस इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। पुख्ता सुराग मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी राहुल मावी उर्फ पहलवान को दबोच लिया। राहुल ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी उगल दी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी अनुज कसाना को भी लोनी बॉर्डर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    वारदात में इस्तेमाल कार बरामद, कड़े सबूतों के बाद मुकदमे में बढ़ीं गंभीर धाराएं

    एसीपी अमरदीप कुमार मौर्य के मुताबिक, पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी बरामद कर लिया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे कार के मुआवजे की बात पर भड़क गए थे और दफ्तर के अंदर ले जाकर उन्होंने जैद के साथ मारपीट की थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले पुख्ता तकनीकी सबूतों के आधार पर मुकदमे में हत्या और अपहरण जैसी कई और गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं। दोनों आरोपियों को आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जा चुका है और पुलिस इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।

  • साली के लिए पत्नी को तेजाब पिलाने का आरोप, पति और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज..

    साली के लिए पत्नी को तेजाब पिलाने का आरोप, पति और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज..

    साली के लिए पत्नी को तेजाब पिलाने का आरोप, पति और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज..

    मेरठ में दहेज की मांग पूरी न होने पर महिला को टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब पिलाने का आरोप है. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने पति समेत छह लोगों पर मामला दर्ज किया.

    Muskan Murder Case: उत्तर प्रेदश के मेरठ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पति ने दहेज के लालच में अपनी पत्नी की हत्या कर दी. उसने पत्नी को जबरदस्ती तेजाब पिलाया, जिससे महिला की मौत हो गई. युवक पत्नी पर 16 साल की साली से निकाह करने का दबाव बना रहा थआ. महिला को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई. परिवार वालों मे ससुराल पक्ष को हत्या का जिम्मेदार बताया है. 

    साली से निकाह करना चाहता था जीजा 

    जानकारी के मुताबिक, परीक्षितगढ़ के अमरसिंह निवासी रहीमुद्दीन ने साल 2025 में अपनी बेटी के शादी  लोहियानगर के फतेहउल्लापुर निवासी नासिर से की थी. परिवार ने आरोप लगाए कि नासिर मुस्कान को दहेज के लिए काफी प्रताड़ित करता था और पिछले दो महीने से अपनी 16 साल की साली से निकाह करने दबाव बना रहा था. पत्नी ने ये बाद नहीं स्वीकार की, जिसके कारण पति उसे रोज प्रताड़ित करता था. 

    जबरदस्ती पिलाया तेजाब 

    बुधवार को आरोपी और मुस्कान के बीच इसी बात को लेकर काफी विवाद चल रहा था. आरोप है कि नासिर ने पत्नी के मुंह में तेजाब डाल दिया. तेजाब पीने के कारण मुस्कान की हालत काफी ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. पुलिस को जब घटना की जानकारी हुई, तो वह तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. मुस्कान के पिता ने नासिर और उसके परिजनों पर जबरदस्ती तेजाब पिलाने का मुकदमा भी दर्ज कराया है. ब पिलाने का मुकदमा दर्ज कराया था.

    मारपीट का लगाया गंभीर आरोप 

    मुस्कान की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी है. फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है. मुस्कान के परिवार का आरोप है कि ससुराल वाले लंबे समय से दहेज के लिए उसे परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे. परिजनों का कहना है कि पिछले दो महीनों से उस पर अपनी नाबालिग छोटी बहन की शादी अपने पति से कराने का दबाव भी बनाया जा रहा था.

    न्याय के मांग कर रहा परिवार 

    परिवार के मुताबिक, मुस्कान ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसे तेजाब पिलाकर मार दिया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि इस मामले में आरोपी के परिवार के अन्य लोग भी उसका साथ दे रहे थे. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

  • रामकुंवर हत्याकांड: तीन दशक बाद भी नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखते हुए सरेंडर का आदेश दिया

    रामकुंवर हत्याकांड: तीन दशक बाद भी नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखते हुए सरेंडर का आदेश दिया

    रामकुंवर हत्याकांड: तीन दशक बाद भी नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखते हुए सरेंडर का आदेश दिया
    फोटो AI

    मुरादाबाद। करीब 35 वर्ष पुराने चर्चित रामकुंवर हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। अदालत ने दोषियों की अपील खारिज करते हुए उन्हें 15 दिनों के भीतर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाएंगे।

    न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य और अन्य सबूत दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हैं। अदालत ने बलिस्टर, महेश और नरेश की अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।

    1987 में हुई थी सनसनीखेज हत्या

    मामला 27 सितंबर 1987 का है। थाना कुंदरकी क्षेत्र के बसेड़ा गांव में मंदिर से अखंड रामायण पाठ सुनकर लौट रहे रामकुंवर की पुरानी रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव को रस्सी से बांधकर जंगल तक घसीटा और पहचान छिपाने के उद्देश्य से धड़ से सिर अलग कर दिया। घटना के दौरान हुई फायरिंग में वीरम नाम की युवती भी छर्रे लगने से घायल हो गई थी। पुलिस ने 4 अक्टूबर 1987 को गन्ने के खेत से रामकुंवर का धड़ बरामद किया था, लेकिन सिर कभी बरामद नहीं हो सका।

    पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

    जांच में सामने आया कि घटना से करीब ढाई साल पहले महेश ने अपनी बहन सुमन को भगाने का आरोप लगाते हुए रामकुंवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार इसी पुरानी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई और वारदात को अंजाम दिया गया।

    निचली अदालत ने 1989 में सुनाई थी उम्रकैद

    अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 2 मई 1989 को महेश, नरेश और विरपाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत तथा बलिस्टर को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उन्हें धारा 201 और धारा 324/34 के तहत भी दोषी ठहराया गया था।

    हाईकोर्ट ने खारिज किए सभी तर्क

    दोषियों ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि प्राथमिकी दर्ज करने में देरी हुई, गवाह मृतक के परिजन थे और उनके बयानों में विरोधाभास है। हालांकि अदालत ने इन सभी तर्कों को खारिज कर दिया। खंडपीठ ने कहा कि घटना के लगभग साढ़े चार घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी, इसलिए इसमें किसी प्रकार की मनगढ़ंत कहानी या अनावश्यक देरी का सवाल नहीं उठता। अदालत ने यह भी माना कि प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सीय साक्ष्यों से पूरी तरह मेल खाते हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर किसी गवाह की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता कि वह मृतक का रिश्तेदार है।

    पीड़ित पक्ष ने फैसले का किया स्वागत

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने संतोष जताते हुए कहा कि भले ही न्याय मिलने में लंबा समय लगा, लेकिन इस निर्णय ने न्यायपालिका में उनका विश्वास और मजबूत किया है।

  • मेडिकल कॉलेज में घुसकर महिला डॉक्टर को गोली मारने की धमकी, नेता के खिलाफ मामला दर्ज..

    मेडिकल कॉलेज में घुसकर महिला डॉक्टर को गोली मारने की धमकी, नेता के खिलाफ मामला दर्ज..

    मेडिकल कॉलेज में घुसकर महिला डॉक्टर को गोली मारने की धमकी, नेता के खिलाफ मामला दर्ज..

    मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में एक महिला डॉक्टर से कथित छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. आरोप भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी और उसके साथी पर लगे हैं. महिला डॉक्टर का आरोप है कि इलाज के दौरान आरोपी ने उनके साथ अभद्रता की, विरोध करने पर छेड़छाड़ की और अस्पताल से बाहर निकलने पर गोली मारने की धमकी दी. घटना के बाद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

    देर रात इमरजेंसी में हुआ विवाद

    जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 2 बजे एक महिला मरीज को इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लाया गया था. अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही इलाज को लेकर बार-बार फोन किए जा रहे थे. जब उपचार शुरू हुआ, तब मरीज के साथ आए दो लोगों ने कथित रूप से मेडिकल स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया.

    महिला डॉक्टर ने लगाए गंभीर आरोप

    महिला डॉक्टर की शिकायत के मुताबिक, जब उन्होंने आरोपियों के व्यवहार पर आपत्ति जताई तो उनमें से एक व्यक्ति अनिल श्रीवास्तव उर्फ अनिल पिपरा ने उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की. डॉक्टर का आरोप है कि बाद में आरोपी ने अस्पताल परिसर से बाहर निकलने पर उन्हें गोली मारने की धमकी भी दी. नर्सिंग स्टाफ के कुछ सदस्यों ने भी आरोपियों द्वारा अभद्रता और धमकी देने की बात कही.

    BJP युवा मोर्चा पदाधिकारी पर केस दर्ज

    पुलिस ने महिला डॉक्टर की शिकायत के आधार पर भाजपा युवा मोर्चा के स्टेट एग्जीक्यूटिव मेंबर अनिल श्रीवास्तव और उसके एक साथी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

    डॉक्टरों ने किया विरोध प्रदर्शन

    घटना से नाराज डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना देकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. विरोध के कारण कुछ समय के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं और कई मरीजों तथा उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

    पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल

    प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और अस्पताल प्रशासन को दे दी थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई. उनका कहना है कि आरोपी अस्पताल परिसर छोड़कर चले गए और पुलिस उन्हें मौके पर नहीं पकड़ सकी. इस मुद्दे को लेकर भी डॉक्टरों में नाराजगी देखी गई.

    महिला डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंता

    इस घटना के बाद सरकारी अस्पतालों में कार्यरत महिला डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. डॉक्टरों का कहना है कि यदि अस्पताल जैसे कार्यस्थल पर भी वे सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, तो इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ना स्वाभाविक है. कई डॉक्टरों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है.

    JUDA ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    मध्य प्रदेश जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी नहीं होती है तो प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर आंदोलन करेंगे और काम का बहिष्कार कर सकते हैं. संगठन का कहना है कि डॉक्टरों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.

  • बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बिहार के वैशाली जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. घटना जिले के राघोपुर की है. यहां एक मामा ने अपने भांजे की बेहरमी से हत्या कर शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.इतना ही नहीं,  मृतक का एक हाथ काटकर घटनास्थल से 100 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया. वैशाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है.

    48 घंटों के अंदर मामले का किया खुलासा

    मामले का खुलासा करते हुए वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि 30 जून को राघोपुर थाना क्षेत्र के पास एक युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ था, जिसका बाया हाथ कटा हुआ था. शव की शिनाख्त करना सबसे बड़ी चुनौती थी. ऐसे में वारदात के पीछे छुपे आरोपी और कारण का पता लगाना बेहद मुश्किल था, लेकिन वैशाली एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन कर 48 घंटों के अंदर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी मामाओं को गिरफ्तार कर लिया.

    टैटू से हुई मृतक की पहचान

    एसपी ने आगे बताया कि कल 2 जून शाम को एक अज्ञात कॉल आई, जिसके जरिए मृतक युवक की शरीर पर बने टैटू के आधार पर उसकी पहचान की गई. जो समस्तीपुर के नीतीश कुमार के रूप में हुई. इसके बाद उसके घर में घटना की सूचना दी. साथ ही पिता के पहुंचने के बाद मामले की एफआई आर दर्ज करते हुए 6 लोगों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया है.

    हत्या के मामले मामा की हुई गिरफ्तारी

    इसके बाद एसपी ने मामले पर विशेष टीम का गठन किया, जिसने अलग अलग स्थानों पर छापेमारी की. साथ ही 2 जून को पटना के चौक थाना इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया. आरोपी की पहचान लाल बाबू राय के रूप में हुई है. जो मृतक का मामा लगता था और नीतिश उनके घर में रहकर पढ़ाई करता था.

    भांजी से प्रेम संबंध से गुस्से में था मामा

    पुलिस ने आगे की जानकारी देते हुए बताया कि मामा लाल बाबू राय के यहां रहने के दौरान नीतिश का उनकी बेटी से प्रेम संबंध बन गया थे. वह उससे लगातार बातचीत करता था. उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें उसने अपने मोबाइल में रखी हुई थी. जिसे वह सोशल मीडिया पर प्रकाशित करता था.

    किडनैपिंग के बाद मर्डर और फिर बायां हाथ काटा

    इसकी भनक लड़की के दूसरे मामा मनोज राय और नीतीश के मामा लाल बाबू राय को लगी, तो दोनों ने मिलकर नीतीश को रास्ते से हटाने की साजिश रची. साजिश के तहत 26-27 जून की शाम को नीतीश का अपहरण  किया गया और 29 जून की रात उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. साक्ष्य छिपाने के लिए उसका बायां हाथ काटकर 100 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया और शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया.

    आरोपी मामा गिरफ्तार

    इन सबूतों को आधार बनाकर जब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उन्होंने पूछताछ में बताया कि नीतिश चेन्नई में दो साल से काम करता था. उसका प्रेम संबंध पहले से किसी के साथ चल रहा था. लेकिन दूसरी तरफ वह लड़कियों की आपत्तिजनक फोटोज और वीडियो को इस्टाग्राम पर फेक प्रोफाइल बनाकर वायरल करता था जिसके कारण उन्होंने उनकी भांजी के साथ भी ऐसा किया जिसका बदला लेने के लिए दोनों ने उसे खौफनाक मौत दी. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में संदेह के आधार पर 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • मोबाइल में मिला ऐसा राज, पत्नी के कथित अफेयर के शक के बीच युवक की मौत से मचा हड़कंप..

    मोबाइल में मिला ऐसा राज, पत्नी के कथित अफेयर के शक के बीच युवक की मौत से मचा हड़कंप..

    मोबाइल में मिला ऐसा राज, पत्नी के कथित अफेयर के शक के बीच युवक की मौत से मचा हड़कंप..

     पूर्वी दिल्ली के जगतपुरी इलाके से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. महज 20 साल की एक महिला पर अपने ही शौहर की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति को बीवी के कथित अवैध संबंध का शक था, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर लड़ाई होती थी. 

    घटना वाली रात भी इसी बात पर झगड़ा बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली और आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया.

    क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 में मुस्तकीम ने लोनी की रहने वाली अपने मामा की बेटी अलीशा से शादी की थी. आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही अलीशा घर में झगड़े करने लगी थी. वह अपने पति को पसंद नहीं करती थी. मुस्तकीम ने अपनी पत्नी को WhatsApp पर किसी दूसरे आदमी से चैट करते हुए पकड़ लिया. दो महीने पहले, वह झगड़े के बाद घर छोड़कर चली गई थी. 29 जून को, मुस्तकीम किसी तरह अपनी पत्नी को घर वापस ले आया.

    मोबाइल फ़ोन चेक करने को लेकर झगड़ा

    आरोप है कि बुधवार रात करीब 8 बजे अलीशा किसी से फ़ोन पर बात कर रही थी. इस पर उसके पति ने नाराज़गी जताई. दोनों के बीच बहस हो गई. पति उसका मोबाइल फ़ोन चेक करने लगा, जिससे हाथापाई हो गई. परिवार ने किसी तरह मामला शांत किया. रात करीब 1 बजे, कपल अपने कमरे में सो रहा था. मृतक की मां सुबह 3:40 बजे उठीं और उन्होंने देखा कि अलीशा अपने कमरे के बाहर परेशान हालत में खड़ी थी.

    आरोपी पत्नी गुरुद्वारे में छिप गई

    पुलिस के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद मुस्तकीम की मां कमरे में आई. उसे देखकर अलीशा घबरा गई और तुरंत घर से भाग गई. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह इलाके के एक गुरुद्वारे में छिप गई. मुस्तकीम की मां की शिकायत के बाद, पुलिस ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया. जांच शुरू हुई.

    पुलिस ने क्राइम सीन का मुआयना किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और फोरेंसिक टीम की मदद से जरूरी सबूत इकट्ठा किए. हालांकि, पुलिस ने सुराग का पीछा किया और संदिग्ध को एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया दुपट्टा भी बरामद कर लिया. दिल्ली पुलिस का कहना है कि तेजी से जांच और फोरेंसिक सबूतों की वजह से हत्या की गुत्थी कुछ ही घंटों में सुलझ गई.

  • सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दूसरे दिन शुक्रवार को परीक्षा की दूसरी पाली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक युवक दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंच गया। परीक्षा के दौरान जब उसके प्रवेश पत्र और अन्य अभिलेखों का मिलान किया गया तो इस जालसाजी का भांडाफोड़ हुआ। पकड़ा गया युवक सहायक अध्यापक बताया जा रहा है। हालांकि वह किस जिले में तैनात है इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई है और उससे पूछताछ कर रही है। 

    उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जिले के 18 स्कूल परीक्षा केंद्र बनाए गये हैं। डुमरियाडीह स्थित राजेंद्र नाथ लाहिड़ी इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसी केंद्र पर परीक्षा की दूसरी पाली में हनुमान प्रसाद पुत्र राम नारायण नाम के परीक्षार्थी को परीक्षा देनी थी लेकिन उसके स्थान पर कबीर पुत्र रामनारायण परीक्षा देने पहुंच गया। 

    प्रवेश से पहले केंद्र के बाहर सघन चेकिंग अभियान के दावे को तथा बताते हुए कबीर चकमा देकर परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि उसने करीब 1 घंटे तक परीक्षा भी दी। इस दौरान जब परीक्षक ने जांच के दौरान उसके अभिलेख का मिलान किया तो हनुमान पुत्र रामनरायण के स्थान पर कबीर पुत्र राम नरायण परीक्षा देता पकड़ा गया। जलसाजी की सूचना पर केंद्र में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी जानकारी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने केंद्र पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पकड़े गए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। परीक्षा देने देते पकड़ा गया आरोपी सहायक अध्यापक बताया जा रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कबीर चौधरी बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2006 बैच के सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।हालांकि वह किस जिले में तैनात है पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर सकी है। परीक्षा के नोडल अधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। 

    डीआईओएस बोले- मुझे नहीं मिली रिपोर्ट

    परीक्षा में पकड़े गए सहायक अध्यापक की जानकारी करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र ने कहा कि वह कहां का रहने वाला है और किस जिले में तैनात है इसकी कोई जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है। उन्हें अब तक कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। जब रिपोर्ट मिलेगी तो इस संबंध में जानकारी दे पाएंगे।

    दो पालियों में 15142 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

    शुक्रवार को जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में 15,142 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 890 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली में 7,530 तथा द्वितीय पाली में 7,612 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा के दूसरे दिन कुल 16,032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। डुमरियाडीह के मामले को छोड़कर अन्य सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही।

    डीआईजी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण

    देवी पाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने शुक्रवार को परीक्षा केंग्रों का निरीक्षण कर टीईटी परीक्षा का जायजा लिया। उन्होने बहराइच जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक, बहराइच एवं राजकीय पॉलिटेक्निक मोहम्मदपुर का  निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।