हरियाणा में सामने आए एक दोहरे हत्याकांड ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। इस मामले में एक युवती पर अपने ही भाई और मां की हत्या करने का आरोप है। जांच के दौरान पारिवारिक रिश्तों और निजी संबंधों को लेकर कई गंभीर दावे सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
परिजनों के अनुसार, युवती के निजी संबंधों को लेकर पहले भी घर में विवाद हो चुका था। आरोप है कि उसके भाई को कुछ ऐसी बातों की जानकारी मिली थी, जिसके बाद परिवार में लगातार तनाव बढ़ने लगा। समय के साथ विवाद और गहराता गया और रिश्तों में दूरियां आ गईं।
मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने के बाद युवती घर से नकदी और आभूषण लेकर निकल गई। पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, वह कुछ समय के लिए एक ब्यूटी पार्लर भी गई और बाद में वापस घर लौटी। शुरुआती पूछताछ में उसने अलग-अलग बातें बताईं, जिसके बाद पुलिस ने उससे गहन पूछताछ शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को युवती की सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी और एक अलग नाम से अकाउंट चलाती थी। पुलिस उसके मोबाइल, सोशल मीडिया रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सबूतों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह और परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
एकतरफा प्यार जब जुनून में बदल जाए, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है, इसकी एक दर्दनाक मिसाल उस समय सामने आई जब शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
बताया जाता है कि एक युवक लंबे समय से एक युवती से एकतरफा प्रेम करता था। युवती ने उसका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और परिवार ने उसकी शादी किसी अन्य युवक से तय कर दी। यह बात आरोपी को इतनी नागवार गुजरी कि उसने बदला लेने की ठान ली।
शादी से ठीक दो दिन पहले वह अपने कुछ साथियों के साथ युवती के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां पहुंचते ही उसने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में शादी के सपने संजो रही युवती और उसके पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। खुशियों से सजा घर देखते ही देखते चीख-पुकार से भर गया।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामला अदालत पहुंचा। कुछ समय बाद आरोपी ने जमानत के लिए ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना के समय उसकी उम्र कम थी और मामले में गवाहों के बयानों को लेकर भी सवाल उठाए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी पर केवल युवती की ही नहीं, बल्कि उसके पिता की हत्या और परिवार के दूसरे सदस्य को घायल करने का भी आरोप है। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद गंभीर है और फिलहाल राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।
इसके बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि एकतरफा प्रेम के नाम पर हिंसा और कानून अपने हाथ में लेने जैसी घटनाओं को न्याय व्यवस्था गंभीरता से देखती है।
यह घटना याद दिलाती है कि प्रेम कभी भी किसी की इच्छा के विरुद्ध नहीं हो सकता। अस्वीकार किए जाने पर हिंसा का रास्ता चुनना न केवल कई जिंदगियां उजाड़ देता है, बल्कि आरोपी का भविष्य भी हमेशा के लिए अंधकार में धकेल देता है।
Patna High Court: पटना हाईकोर्ट के एक फैसले, जिसमें कहा गया था कि ‘किसी महिला की ब्रेस्ट दबाना और उसकी सलवार का नाड़ा खींचना दुष्कर्म के प्रयास की श्रेणी में नहीं आएगा।‘ अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर सख्ती दिखाई है। यौन अपराधों से जुड़े ऐसे मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता पर जोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट के प्रासंगिक फैसलों और तय दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए।
ऐसे मामलों में कोर्ट ने राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी की तैयार हैंडबुक और समिति की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट की वेबसाइटों पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्यों को भी निर्देश दिया कि पुलिस एफआईआर दर्ज करने और चार्जशीट दाखिल करने के दौरान इन दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे।
क्या है पूरा मामला? दरअसल, यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 17 मार्च 2025 के एक विवादित आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट में स्वत: संज्ञान (Suo Motu) के रूप में पहुंचा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि किसी लड़की के पजामे का नाड़ा खींचना और उसके स्तनों को पकड़ने मात्र से हर मामले में रेप की कोशिश नहीं मानी जा सकती। इस टिप्पणी के बाद देशभर में विवाद हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की। इसी सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने 9 जुलाई को आए पटना हाईकोर्ट के एक फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि महिला की सलवार उतारने और उसकी छाती दबाने की घटना उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रेप की कोशिश साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्यायाधीशों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे मामलों में पहले से मौजूद फैसलों और दिशा-निर्देशों का अध्ययन करें। उन्होंने टिप्पणी की, “जजों को भी रिसर्च करनी चाहिए।”
फैसला वर्ष 2008 की एक घटना जुड़ा है पटना हाईकोर्ट का यह फैसला वर्ष 2008 की एक घटना से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, पीड़िता अपने पिता के साथ एक फोटोग्राफी स्टूडियो गई थी, जहां आरोपी ने फोटो दिखाने के बहाने उसे कमरे में रोक लिया, दरवाजा बंद कर जबरदस्ती करने की कोशिश की और उसकी सलवार उतारने और छाती दबाने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता मौके पर पहुंचे जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। मामला कोर्ट तक पहुंचा जहां ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को रेप की कोशिश और गलत तरीके से बंधक बनाने का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। हालांकि, अपील पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट के जस्टिस पूर्णेंदु सिंह ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई मेडिकल या अन्य ठोस साक्ष्य नहीं था जिससे रेप की कोशिश का आरोप संदेह से परे साबित हो सके। अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य महिला की मर्यादा भंग करने वाला था। यह आईपीसी की धारा 354 के तहत दंडनीय है, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे रेप की कोशिश का अपराध नहीं माना जा सकता। इसी टिप्पणी के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने अब न्यायिक सं
Sunita Siya Case: नवी मुंबई से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी. आरोप है कि हत्या के बाद दोनों ने शव के तीन टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग जगह फेंक दिया. करीब 11 महीने तक यह मामला छिपा रहा, लेकिन पुलिस की जांच में दोनों की एक गलती सामने आ गई और पूरा राज खुल गया.
पति को रास्ते से हटाने की बनाई साजिश
पुलिस के मुताबिक, महिला का नाम सुनीता है. वह अपने पति बलिराम सूर्यनाथ कुशवाह और दो बच्चों के साथ ऐरोली के यादव नगर में रहती थी. इसी दौरान उसकी पहचान घणसोली में रहने वाले ऑटो चालक राहुल दशरथ प्रजापति से हुई.
धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. जब बलिराम को इस रिश्ते की जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया. इसके बाद सुनीता और राहुल ने मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
बच्चों को भेजा रिश्तेदार के घर, फिर की हत्या
पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले सुनीता ने अपने दोनों बच्चों को दो दिन के लिए उनकी मौसी के घर भेज दिया. 9 अगस्त 2025 की रात जब बलिराम सो रहे थे, तभी सुनीता और राहुल ने कथित तौर पर उनका गला घोंट दिया. इसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी.
शव के तीन टुकड़े कर जंगल में फेंका
हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने की कोशिश की. आरोप है कि उन्होंने घर के अंदर ही शव के तीन टुकड़े किए. फिर उन्हें अलग-अलग बोरियों और चादर में लपेटकर राहुल के ऑटो में रखा और रात के समय गवली देव इलाके की झाड़ियों में फेंक दिया.
भाई को हुआ शक, दर्ज कराई गुमशुदगी
घटना के बाद सुनीता ने यादव नगर वाला घर किराए पर दे दिया और अपने बच्चों के साथ राहुल के घर रहने लगी. करीब आठ महीने बाद जब बलिराम का भाई गांव से मिलने आया तो उसने उनके बारे में पूछा.
सुनीता ने कहा कि बलिराम घर छोड़कर चले गए हैं. इस बात पर भाई को शक हुआ और उसने अप्रैल 2026 में रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.
कॉल डिटेल से खुल गई पूरी कहानी
गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. बचने के लिए सुनीता और राहुल ने अपने पुराने मोबाइल और सिम कार्ड बदल दिए थे. लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि राहुल अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल करने के बाद भी लगातार सिर्फ सुनीता से ही संपर्क में था. इसी सुराग के आधार पर पुलिस की जांच आगे बढ़ी और पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया.
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक अधेड़ महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। यह मामला रघुनाथनगर थाना क्षेत्र का है।
रास्ता रोककर दरिंदों ने किया गैंगरेप
जानकारी के अनुसार, पीड़िता खेत की जुताई कराने के बाद शनिवार को ट्रैक्टर मालिक को भुगतान करने गई थी। पैसे देने के बाद वह शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच घर लौट रही थी। तभी तीन नशेड़ी दरिंदों ने महिला का रास्ता रोक लिया और उसे खेत की ओर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती करने लगे। इस दौरान दो आरोपियों ने महिला से दुष्कर्म किया, जबकि एक और आरोपी इस घटना में शामिल रहा।
इस वारदात के दौरान महिला के साथ अमानवीय कृत्य भी किया गया। जब महिला चीखने-चिल्लाने लगी तो उसकी आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। वहीं घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। मामले की सूचना मिलते ही की टीम मौके पर पहुंची।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। वहीं पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस मेडिकल परीक्षण सहित अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। रघुनाथनगर थाना पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को एक नदी से उस नवविवाहिता का शव बरामद किया, जिसकी शादी 16 दिन पहले हुई थी। पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है…
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को एक नदी से उस नवविवाहिता का शव बरामद किया, जिसकी शादी 16 दिन पहले हुई थी। पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दहेज हत्या का आरोप बिशारतगंज थाना प्रभारी (एसएचओ) प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मृतका की पहचान श्रीदेवी (21) के रूप में हुई है, जो रघुवीरपुरा गांव की रहने वाली थी। उन्होंने बताया कि श्रीदेवी के पिता नेत्रपाल ने अपने दामाद और उसके घर वालों पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है।
मौत पर परिजनों ने जताया संदेह चतुर्वेदी के मुताबिक, तहरीर में नेत्रपाल ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था और श्रीदेवी की मौत सामान्य नहीं है। नेत्रपाल ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार चतुर्वेदी के अनुसार, मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल परिजन की तहरीर, घटनास्थल से मिले तथ्यों और जांच में सामने आने वाले सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।
26 जून को हुई थी शादी परिजन के मुताबिक, श्रीदेवी की शादी 26 जून को बदायूं जिले के एक युवक के साथ हुई थी और कुछ दिन बाद ही वह मायके लौट आई थी। उन्होंने दावा किया कि श्रीदेवी ससुराल में खुश नहीं थी और उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते वह दोबारा वहां जाने से मना कर रही थी।
9 जुलाई से थी लापता परिजन के अनुसार, नौ जुलाई को श्रीदेवी अचानक घर से बिना कुछ बताए निकल गई और काफी देर तक जब वह वापस नहीं आई, तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। उन्होंने कहा कि इस बीच कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने श्रीदेवी को नदी की तरफ जाते देखा था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से नदी और आसपास के इलाके में लगातार तलाश की, जिसके बाद रविवार को श्रीदेवी का शव बरामद हुआ।
कब्ज (Constipation) एक सामान्य पाचन समस्या है, जिसमें मल त्याग करने में कठिनाई होती है या पेट पूरी तरह साफ नहीं हो पाता। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो पेट फूलना, गैस, भारीपन और असहजता जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अधिकतर मामलों में कब्ज का कारण कम पानी पीना, फाइबर की कमी, शारीरिक गतिविधि कम होना या अनियमित खानपान होता है।
यदि कब्ज लगातार कई दिनों तक बनी रहे, मल में खून आए, अचानक वजन कम होने लगे या तेज पेट दर्द हो, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।
कब्ज के सामान्य कारण
पर्याप्त पानी न पीना
फाइबर युक्त भोजन की कमी
लंबे समय तक बैठे रहना
व्यायाम न करना
भोजन का अनियमित समय
बार-बार मल त्याग की इच्छा को रोकना
कुछ दवाओं का प्रभाव
कब्ज से राहत के लिए घरेलू और पारंपरिक उपाय
1. गिलोय और गुड़
आयुर्वेद में गिलोय को पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है। कुछ लोग बराबर मात्रा में गिलोय चूर्ण और गुड़ मिलाकर सीमित मात्रा में सेवन करते हैं। हालांकि मधुमेह के मरीज गुड़ का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
2. त्रिफला, अजवाइन और सेंधा नमक
त्रिफला का उपयोग आयुर्वेद में पाचन सुधारने के लिए लंबे समय से किया जाता रहा है। कुछ पारंपरिक नुस्खों में त्रिफला, अजवाइन और सेंधा नमक का मिश्रण गुनगुने पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है। इसका सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करें।
3. हरड़ (हरितकी)
हरड़ आयुर्वेद की प्रसिद्ध औषधियों में से एक है। इसे पाचन सुधारने और कब्ज से राहत दिलाने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है।
4. पका हुआ अमरूद
अमरूद में भरपूर फाइबर होता है, जो मल को मुलायम बनाने और आंतों की सामान्य कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
5. पपीता
पपीता में फाइबर और पपेन एंजाइम पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है। नियमित मात्रा में पका हुआ पपीता खाना लाभदायक हो सकता है।
6. भीगी हुई किशमिश
रातभर पानी में भिगोई हुई किशमिश सुबह खाने से फाइबर और प्राकृतिक शर्करा मिलती है, जो कुछ लोगों में मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकती है।
7. पालक
पालक फाइबर, आयरन और कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसे सब्जी, सूप या जूस के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।
कब्ज से बचने के आसान उपाय
रोजाना 2–3 लीटर पानी पिएं (जरूरत अनुसार)।
भोजन में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।
सुबह शौच जाने की नियमित आदत बनाएं।
जंक फूड और अत्यधिक तले-भुने भोजन से बचें।
तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि कब्ज दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे, मल में खून आए, तेज पेट दर्द हो, बार-बार उल्टी हो या बिना कारण वजन कम होने लगे, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। ऐसे लक्षण किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकते हैं।
निष्कर्ष
कब्ज से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली। कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय हल्के मामलों में राहत दे सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक रहने वाली या गंभीर कब्ज का इलाज डॉक्टर की सलाह से ही कराना चाहिए।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। यदि कब्ज बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो योग्य डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
Mangal 108 Names:
मंगल देव युद्ध के देवता और मंगल ग्रह के स्वामी हैं. मंगल ग्रह उग्र ग्रहों में से एक है जो शक्ति, शाहस शारीरिक ऊर्जा और आत्मविश्वास का कारक है. लेकिन कमजोर मंगल के कारक व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. जैसे शारीरिक पीड़ा, मन में भय बना रहना, बात-बात पर क्रोध आना और आत्मविश्वास में कमी आना. अगर मंगल ग्रह को मजबूत करना है तो मंगलवार के दिन मंगल देव के 108 नाम का जाप कर सकते हैं. इससे मंगल ग्रह की स्थिति कुंडली में संतुलित रहेगी.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी भूमि के पुत्र होने के कारण मंगल देव को ‘भौम’ भी कहा जाता है. पंचाग के सप्तवारों में से मंगलवार के शासक मंगल देव हैं यानी इस दिन की शुरुआत मंगल ग्रह से होती है. ऐले में मंगलवार के दिन मंगल देव की उपासाना कर उनकी विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है. मंगलवार को पूजा करते हुए मंगल देव के 108 नामों का जाप किया जा सकता है ताकि शारीरिक उर्जा बढ़ सके और कुंडली में कमजोर मंगल मजबूत हो सके. मंगल के 108 नामों के संग्रह को मंगल की अष्टोत्तर शतनामावली कहा जाता है.
मंगल देव के 108 नाम
1.’ॐ महीसुताय नमः।’
2. ‘ॐ महाभागाय नमः।’
3. ‘ॐ मङ्गलाय नमः।’
4. ‘ॐ मङ्गलप्रदाय नमः।’
5. ‘ॐ महावीराय नमः।’
6. ‘ॐ महाशूराय नमः।’
7. ‘ॐ महाबलपराक्रमाय नमः।’
8. ‘ॐ महारौद्राय नमः।’
9. ‘ॐ महाभद्राय नमः।’
10. ‘ॐ माननीयाय नमः।’
11. ‘ॐ दयाकराय नमः।’
12. ‘ॐ मानदाय नमः।’
13. ‘ॐ अपर्वणाय नमः।’
14. ‘ॐ क्रूराय नमः।’
15. ‘ॐ तापत्रयविवर्जिताय नमः।’
16. ‘ॐ सुप्रतीपाय नमः।’
17. ‘ॐ सुताम्राक्षाय नमः।’
18. ‘ॐ सुब्रह्मण्याय नमः।’
19. ‘ॐ सुखप्रदाय नमः।’
20. ‘ॐ वक्रस्तम्भादिगमनाय नमः।’
21. ‘ॐ वरेण्याय नमः।’
22. ‘ॐ वरदाय नमः।’
23. ‘ॐ सुखिने नमः।’
24. ‘ॐ वीरभद्राय नमः।’
25. ‘ॐ विरूपाक्षाय नमः।’
26. ‘ॐ विदूरस्थाय नमः।’
27. ‘ॐ विभावसवे नमः।’
28. ‘ॐ नक्षत्रचक्रसञ्चारिणे नमः।’
29. ‘ॐ क्षत्रपाय नमः।’
30. ‘ॐ क्षात्रवर्जिताय नमः।’
31. ‘ॐ क्षयवृद्धिविनिर्मुक्ताय नमः।’
32. ‘ॐ क्षमायुक्ताय नमः।’
33. ‘ॐ विचक्षणाय नमः।’
34. ‘ॐ अक्षीणफलदाय नमः।’
35. ‘ॐ चतुर्वर्गफलप्रदाय नमः।’
36. ‘ॐ वीतरागाय नमः।’
37. ‘ॐ वीतभयाय नमः।’
38. ‘ॐ विज्वराय नमः।’
39. ‘ॐ विश्वकारणाय नमः।’
40. ‘ॐ नक्षत्रराशिसञ्चाराय नमः।’
41. ‘ॐ नानाभयनिकृन्तनाय नमः।’
42. ‘ॐ वन्दारुजनमन्दाराय नमः।’
43. ‘ॐ वक्रकुञ्चितमूर्धजाय नमः।’
44. ‘ॐ कमनीयाय नमः।’
45. ‘ॐ दयासाराय नमः।’
46. ‘ॐ कनत्कनकभूषणाय नमः।’
47. ‘ॐ भयघ्नाय नमः।’
48. ‘ॐ भव्यफलदाय नमः।’
49. ‘ॐ भक्ताभयवरप्रदाय नमः।’
50. ‘ॐ शत्रुहन्त्रे नमः।’
51. ‘ॐ शमोपेताय नमः।’
52. ‘ॐ शरणागतपोषनाय नमः।’
53. ‘ॐ साहसिने नमः।’
54. ‘ॐ सद्गुणाध्यक्षाय नमः।’
55. ‘ॐ साधवे नमः।’
56. ‘ॐ समरदुर्जयाय नमः।’
57. ‘ॐ दुष्टदूराय नमः।’
58. ‘ॐ शिष्टपूज्याय नमः।’
59. ‘ॐ सर्वकष्टनिवारकाय नमः।’
60. ‘ॐ दुश्चेष्टवारकाय नमः।’
61. ‘ॐ दुःखभञ्जनाय नमः।’
62. ‘ॐ दुर्धराय नमः।’
63. ‘ॐ हरये नमः।’
64. ‘ॐ दुःस्वप्नहन्त्रे नमः।’
65. ‘ॐ दुर्धर्षाय नमः।’
66. ‘ॐ दुष्टगर्वविमोचनाय नमः।’
67. ‘ॐ भरद्वाजकुलोद्भूताय नमः।’
68. ‘ॐ भूसुताय नमः।’
69. ‘ॐ भव्यभूषणाय नमः।’
70. ‘ॐ रक्ताम्बराय नमः।’
71. ‘ॐ रक्तवपुषे नमः।’
72. ‘ॐ भक्तपालनतत्पराय नमः।’
73. ‘ॐ चतुर्भुजाय नमः।’
74. ‘ॐ गदाधारिणे नमः।’
75. ‘ॐ मेषवाहाय नमः।’
76. ‘ॐ मिताशनाय नमः।’
77. ‘ॐ शक्तिशूलधराय नमः।’
78. ‘ॐ शाक्ताय नमः।’
79. ‘ॐ शस्त्रविद्याविशारदाय नमः।’
80. ‘ॐ तार्किकाय नमः।’
81. ‘ॐ तामसाधाराय नमः।’
82. ‘ॐ तपस्विने नमः।’
83. ‘ॐ ताम्रलोचनाय नमः।’
84. ‘ॐ तप्तकाञ्चनसङ्काशाय नमः।’
85. ‘ॐ रक्तकिञ्जल्कसन्निभाय नमः।’
86. ‘ॐ गोत्राधिदेवाय नमः।’
87. ‘ॐ गोमध्यचराय नमः।’
88. ‘ॐ गुणविभूषणाय नमः।’
89. ‘ॐ असृजे नमः।’
90. ‘ॐ अङ्गारकाय नमः।’
91. ‘ॐ अवन्तीदेशाधीशाय नमः।’
92. ‘ॐ जनार्दनाय नमः।’
93. ‘ॐ सूर्ययाम्यप्रदेशस्थाय नमः।’
94. ‘ॐ घुने नमः।’
95. ‘ॐ यौवनाय नमः।’
96. ‘ॐ याम्यहरिन्मुखाय नमः।’
97. ‘ॐ याम्यदिङ्मुखय नमः।’
98. ‘ॐ त्रिकोणमण्डलगताय नमः।’
99. ‘ॐ त्रिदशाधिपसन्नुताय नमः।’
100. ‘ॐ शुचये नमः।’
101. ‘ॐ शुचिकराय नमः।’
102. ‘ॐ शूराय नमः।’
103. ‘ॐ शुचिवश्याय नमः।’
104. ‘ॐ शुभावहाय नमः।’
105. ‘ॐ मेषवृश्चिकराशीशाय नमः।’
106. ‘ॐ मेधाविने नमः।’
107. ‘ॐ मितभाषणाय नमः।’
108. ‘ॐ सुखप्रदाय नमः।’
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)
मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी बस स्टैंड क्षेत्र में चलती बस के अंदर दो युवतियों के साथ कथित छेड़छाड़ और अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। घटना 9 जुलाई की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक बस में चढ़कर दो युवतियों की सीट के पास पहुंचा और कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा।
बस में चढ़ने-उतरने वाले यात्रियों ने युवक को पीछे जाने के लिए कहा, जिसके बाद वह कुछ देर के लिए पीछे चला गया। हालांकि, थोड़ी देर बाद वह फिर युवतियों के पास लौट आया और उनके सामने अशोभनीय हरकत करने लगा। युवक की हरकत से नाराज दोनों युवतियों ने उसका विरोध किया और उसे पकड़कर थप्पड़ मार दिए। इसके बाद आरोपी बस से उतरकर मौके से भाग गया।
घटना के तुरंत बाद किसी तरह की पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। बाद में मामला सामने आने पर देवरी पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की पहचान नीतीश गौड़ के रूप में करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
एसडीओपी अरुण उइके ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की। फिलहाल आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस ने बताया कि अब तक पीड़ित युवतियों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार की महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली. हैरानी की बात यह है कि आरोपी पहले भी अपनी पत्नी की हत्या के मामले में जेल की सजा काट चुका था और कुछ समय पहले ही रिहा होकर गांव लौटा था. घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
विवाद के बाद जेठ ने की भाभी की हत्यामामला लालगंज थाना क्षेत्र के तेंदुहनी बेलहा गांव का है. यहां रहने वाली 26 वर्षीय संगीता, पत्नी ननकू, रविवार शाम अपने घर पर मौजूद थीं. बताया जा रहा है कि इसी दौरान उनके जेठ छोटेलाल उर्फ कलट्टर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया. परिजनों के अनुसार, कहासुनी धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि छोटेलाल ने अपना आपा खो दिया. आरोप है कि उसने संगीता की जमकर पिटाई कर दी. मारपीट के दौरान गंभीर चोट लगने से संगीता की मौके पर ही मौत हो गई.
बगीचे में जाकर लगा ली फांसी
संगीता की हत्या के बाद आरोपी छोटेलाल घर से निकल गया. बताया जा रहा है कि वह पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए गांव के बाहर स्थित एक बगीचे में पहुंचा, जहां उसने पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
पत्नी की हत्या के मामले में काट चुका था सजा
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी छोटेलाल पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था. मृतका के भाई संदीप के मुताबिक, छोटेलाल अपनी पत्नी की दहेज हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. करीब 10 साल की सजा पूरी करने के बाद वह लगभग 15 से 16 महीने पहले ही जेल से बाहर आया था. इसके बाद वह गांव में रह रहा था. किसी ने भी अंदाजा नहीं लगाया था कि वह दोबारा इतनी खौफनाक वारदात को अंजाम दे देगा.
दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया
संगीता की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह अपने पीछे पांच साल के बेटे लाडो और महज पांच महीने की बेटी पारो को छोड़ गई हैं. मां की मौत के बाद दोनों मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार में मातम पसरा हुआ है. घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में भी इस घटना को लेकर लोग स्तब्ध हैं.
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
लालगंज थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बड़े भाई ने छोटे भाई की पत्नी की पीट-पीटकर हत्या की और बाद में खुद आत्महत्या कर ली. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इसके अलावा घटना के पीछे की वजह और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.