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  • बिना दवा यौन शक्ति कैसे बढ़ाएं? आयुर्वेद के ये प्राकृतिक नुस्खे आ सकते हैं काम..

    बिना दवा यौन शक्ति कैसे बढ़ाएं? आयुर्वेद के ये प्राकृतिक नुस्खे आ सकते हैं काम..

    बिना दवा यौन शक्ति कैसे बढ़ाएं? आयुर्वेद के ये प्राकृतिक नुस्खे आ सकते हैं काम..

    आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान और नींद की कमी का असर कई लोगों की शारीरिक ऊर्जा और यौन स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। ऐसे में बहुत से लोग प्राकृतिक और पारंपरिक उपायों की ओर रुख करते हैं। आयुर्वेद में कई ऐसे खाद्य पदार्थों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें शरीर की ताकत, ऊर्जा और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

    आइए जानते हैं कुछ ऐसे पारंपरिक घरेलू उपायों के बारे में, जिन्हें संतुलित आहार के साथ अपनाया जा सकता है।

    1. उड़द, गेहूं और सूखे मेवों का पौष्टिक लड्डू

    पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उड़द की दाल, गेहूं का आटा, पिप्पली, सूखे मेवे और सीमित मात्रा में मिठास मिलाकर तैयार किए गए पौष्टिक लड्डू शरीर को ऊर्जा देने में सहायक माने जाते हैं।

    इनमें मौजूद प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट्स और पोषक तत्व शरीर की कमजोरी दूर करने, मांसपेशियों को मजबूती देने और स्टैमिना बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। रात में गुनगुने दूध के साथ सीमित मात्रा में इनका सेवन पारंपरिक रूप से लाभकारी माना जाता है।

    2. प्याज का नियमित सेवन

    प्याज केवल स्वाद बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ ही नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। पारंपरिक मान्यता है कि नियमित रूप से सलाद या भोजन के साथ प्याज खाने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और प्रजनन स्वास्थ्य को भी लाभ मिल सकता है।

    3. पेठा (सफेद कद्दू)

    पेठा या सफेद कद्दू पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका मुरब्बा या इसके बीजों का सेवन शरीर को ताकत देने और कमजोरी दूर करने के लिए उपयोगी माना गया है। इसके बीजों में जिंक, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं, जो पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकते हैं।

    4. सिंघाड़ा

    सिंघाड़ा विटामिन, मिनरल्स और प्राकृतिक ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसका आटा दूध में मिलाकर सेवन करना पारंपरिक रूप से शरीर को ताकत देने वाला माना जाता है। नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन शारीरिक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

    सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें

    यौन स्वास्थ्य केवल किसी एक खाद्य पदार्थ से बेहतर नहीं होता। इसके लिए संतुलित जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी है।

    • रोजाना 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
    • नियमित व्यायाम और योग करें।
    • तनाव कम करने के लिए ध्यान (Meditation) अपनाएं।
    • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
    • प्रोटीन, फल, सब्जियां, सूखे मेवे और साबुत अनाज को आहार में शामिल करें।
    • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

    कब डॉक्टर से सलाह लें?

    यदि लंबे समय से यौन कमजोरी, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, शीघ्रपतन या प्रजनन संबंधी कोई समस्या बनी हुई है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। कई बार ऐसी समस्याएं हार्मोनल बदलाव, मधुमेह, हृदय रोग, तनाव या अन्य स्वास्थ्य कारणों से भी जुड़ी हो सकती हैं।

    निष्कर्ष

    पारंपरिक घरेलू उपाय शरीर को पोषण और ऊर्जा देने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ जीवनशैली और विशेषज्ञ की सलाह के साथ अपनाए गए प्राकृतिक उपाय लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

    अस्वीकरण: यह जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या सप्लीमेंट/घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

  • रूह कंपा देने वाला मामला! कलयुगी पिता की दरिंदगी से तंग बेटी ने खुद को किया आग के हवाले, मोबाइल चैट ने उगले कई राज..

    रूह कंपा देने वाला मामला! कलयुगी पिता की दरिंदगी से तंग बेटी ने खुद को किया आग के हवाले, मोबाइल चैट ने उगले कई राज..

    रूह कंपा देने वाला मामला! कलयुगी पिता की दरिंदगी से तंग बेटी ने खुद को किया आग के हवाले, मोबाइल चैट ने उगले कई राज..

    ब्रह्मपुर : ओडिशा के गंजाम जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पिता-बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है, बल्कि कलयुग के इस दौर में इंसानियत को भी पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। यह सनसनीखेज घटना ब्रह्मापुर (बेरहमपुर) इलाके की बताई जा रही है, जहां एक युवती ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्मदाह करने की कोशिश की। जब पुलिस ने युवती को जलते हुए बचाया और इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह पूछी, तो वहां मौजूद खाकी वर्दी वालों के पैरों तले भी जमीन खिसक गई। पीड़िता का आरोप है कि उसका सगा पिता ही सालों से उसके जिस्म को नोच रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

    आत्मदाह की कोशिश के बाद खुली खौफनाक दास्तान
    न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित युवती अपने ही पिता और उसके कुछ अन्य सहयोगियों की घिनौनी हरकतों से इस कदर टूट चुकी थी कि उसने अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया। उसने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। इस आत्मघाती कदम की वजह से युवती गंभीर रूप से झुलस गई और बदहवास हालत में उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जैसे ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) को इस बात की भनक लगी, उन्होंने मामले की संजीदगी को देखते हुए तुरंत केस दर्ज करने के आदेश दिए। अस्पताल में दर्ज हुए पीड़िता के बयानों और प्राथमिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने कलयुगी पिता को तुरंत हिरासत में ले लिया।

    मोबाइल चैट ने खोली बाप की गंदी करतूतों की पोल
    पुलिस को इस मामले की तफ्तीश के दौरान पिता और बेटी के मोबाइल के बीच हुई बातचीत के कुछ बेहद संदिग्ध और आपत्तिजनक चैट्स बरामद हुए हैं। इन चैट्स से साफ जाहिर हो रहा है कि पीड़िता के साथ किस हद तक मानसिक और शारीरिक अत्याचार किया जा रहा था। पुलिस इन चैट्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही है ताकि पीड़िता के बयानों को पूरी तरह से वेरीफाई किया जा सके और कोर्ट में आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

    भाग न सके बेटी, इसलिए छीन लिए सारे एजुकेशनल सर्टिफिकेट्स
    पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने लिखित बयान में जो खुलासे किए हैं, वे किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। युवती ने बताया कि उसका पिता लंबे समय से उसके साथ हैवानियत कर रहा था। हद तो तब पार हो गई जब वह खुद दरिंदगी करने के साथ-साथ अपनी ही बेटी पर दूसरे बाहरी लोगों के साथ भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। जब बेटी ने इस घिनौने फैसले का पुरजोर विरोध किया और घर से भागने की कोशिश की, तो आरोपी पिता ने उसके सारे एजुकेशनल सर्टिफिकेट्स (शैक्षणिक दस्तावेज) जबरन छीन कर अपने पास छिपा दिए ताकि वह कहीं नौकरी न कर सके, भाग न सके और इस गंदे धंधे में दलदल की तरह धंसती चली जाए।

    पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुख्य आरोपी पिता को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इसके साथ ही इस घिनौने अपराध में शामिल अन्य बाहरी लोगों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में जिन भी अन्य आरोपियों की संलिप्तता के सबूत मिलेंगे, उन्हें भी जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और कानून के दायरे में कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।

  • मार्शल आर्ट्स सिखाने की आड़ में शर्मनाक करतूत! कोलकाता में नाबालिग छात्रों से यौन उत्पीड़न के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार..

    मार्शल आर्ट्स सिखाने की आड़ में शर्मनाक करतूत! कोलकाता में नाबालिग छात्रों से यौन उत्पीड़न के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार..

    मार्शल आर्ट्स सिखाने की आड़ में शर्मनाक करतूत! कोलकाता में नाबालिग छात्रों से यौन उत्पीड़न के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार..

    कोलकाता । कोलकाता पुलिस ने ट्रेनिंग क्लास के दौरान नाबालिग छात्राओं के यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक मार्शल आर्ट्स टीचर को गिरफ्तार किया। एक सीनियर अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार टीचर का नाम प्रोसेनजीत दास है। उसे शनिवार को उसके एक स्टूडेंट की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया। उस पर बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम’

    2012 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार वह दक्षिण कोलकाता के सर्वे पार्क इलाके में एक एनजीओ हॉस्टल में ट्रेजरर के तौर पर काम करता था। नाबालिग लड़कियां एनजीओ हॉस्टल में रहती थीं और वहीं पढ़ती थीं।


    एनजीओ उन्हें खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करता था। इसीलिए ट्रेजरर के तौर पर काम करने के साथ-साथ प्रोसेनजीत बच्चों को कराटे और कुंग-फू भी सिखाता था।


    आरोप है कि वह मार्शल आर्ट्स सिखाने के बहाने नाबालिग लड़कियों को गलत तरीके से छूता था। हालांकि कई लड़कियों को यह असहज लगता था, लेकिन उनमें टीचर के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं थी।
    यह भी आरोप है कि आरोपी उनमें से कुछ लड़कियों को अलग से सिखाने के बहाने हॉस्टल के अंदर किसी सुनसान जगह पर बुलाता था और उनका यौन शोषण करता था।


    दक्षिण कोलकाता के रवींद्र सरोवर इलाके की एक नाबालिग लड़की, जिसके माता-पिता अलग हो गए थे, सर्वे पार्क के हॉस्टल में रह रही थी। बाकी लड़कियों की तरह उसने भी प्रोसेनजीत से मार्शल आर्ट्स सीखना शुरू किया।


    नाबालिग ने आरोप लगाया कि टीचर हॉस्टल में कई महीनों से उसका यौन शोषण कर रहा था। उसने आरोपी से बचने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। टीचर लड़की को डराता-धमकाता था और अलग क्लास लेने के बहाने उसे सुनसान जगह पर ले जाता था। वहां उसका लगातार यौन शोषण किया जाता था।


    पुलिस ने आगे बताया कि कई महीनों तक यौन शोषण सहने के बाद उसे पैनिक अटैक आने लगे। हॉस्टल के एक दूसरे टीचर ने इस बात पर ध्यान दिया। उसने सहानुभूतिपूर्वक लड़की से इसका कारण पूछा। तब वह टूट गई और उसने टीचर को सब कुछ बता दिया।


    अधिकारियों से बात करने के बाद टीचर ने सीधे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से शिकायत की। शिकायत मिलने पर कमेटी के सदस्यों ने हॉस्टल का दौरा किया और जांच की। नाबालिग से बात करने के बाद कमेटी ने उसे एक होम में रखने की व्यवस्था की। शुरुआत में, नाबालिग की ओर से रबींद्र सरोवर पुलिस स्टेशन में मार्शल आर्ट्स टीचर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।


    चूंकि घटना सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन इलाके में हुई थी, इसलिए रबींद्र सरोवर पुलिस स्टेशन ने जीरो एफआईआर दर्ज की और शिकायत को सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन भेज दिया।


    जांच के बाद पुलिस ने शनिवार को मार्शल आर्ट्स टीचर प्रोसेनजीत दास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि वे उससे पूछताछ कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने अतीत में कितने नाबालिगों का यौन शोषण किया है।

  • होटल के बंद कमरों में चल रहा था बड़ा खेल! आधी रात पुलिस पहुंची तो मच गई अफरा-तफरी..

    होटल के बंद कमरों में चल रहा था बड़ा खेल! आधी रात पुलिस पहुंची तो मच गई अफरा-तफरी..

    होटल के बंद कमरों में चल रहा था बड़ा खेल! आधी रात पुलिस पहुंची तो मच गई अफरा-तफरी..

    उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में सिगरा थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में रविवार शाम को पुलिस ने छापेमारी कर देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए 5 युवतियों, 2 ग्राहकों तथा होटल के 2 संचालकों सहित कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी….

    Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में सिगरा थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में रविवार शाम को पुलिस ने छापेमारी कर देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए 5 युवतियों, 2 ग्राहकों तथा होटल के 2 संचालकों सहित कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

    पुलिस ने बताया कि अनैतिक देह व्यापार की सूचना पर सिगरा थाना पुलिस ने मलदहिया स्थित एक होटल में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल निवासी 4 युवतियों समेत कुल 5 युवतियों, 2 ग्राहकों तथा होटल के 2 संचालकों को गिरफ्तार किया गया। मौके से अनैतिक गतिविधियों में प्रयुक्त होने वाली कुछ सामग्री भी बरामद की गई है।

      पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार अधिकांश युवतियां पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। इस प्रकार के मामलों में पूर्व में भी पश्चिम बंगाल की युवतियों की संलिप्तता सामने आ चुकी है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर इस कथित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जाएगी। मामले में संबंधित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।

    • श्री गरुड़ महापुराण – सम्पूर्ण हिन्दी व्याख्या.भाग 5.1 (अध्याय–2)

      श्री गरुड़ महापुराण – सम्पूर्ण हिन्दी व्याख्या.भाग 5.1 (अध्याय–2)

      अध्याय 5 : मृत्यु का रहस्य

      मृत्यु क्यों होती है? – क्या हर मृत्यु पहले से निश्चित होती है? प्रारब्ध, काल और ईश्वर की व्यवस्था का रहस्य

      श्री गरुड़ महापुराण – सम्पूर्ण हिन्दी व्याख्या.भाग 5.1 (अध्याय–2)

      ॥ ॐ नमो नारायणाय ॥

      पिछले अध्याय में हमने जाना कि मृत्यु आत्मा का अंत नहीं, बल्कि शरीर का अंत है। अब एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है—यदि आत्मा अमर है, तो मृत्यु होती ही क्यों है? क्या हर व्यक्ति की मृत्यु पहले से तय होती है, या मनुष्य अपने कर्मों से उसे बदल सकता है?

      गरुड़ पुराण में भगवान श्रीहरि विष्णु गरुड़ जी के इसी प्रश्न का उत्तर अत्यंत गहराई से देते हैं।


      मृत्यु क्यों होती है?

      भगवान विष्णु कहते हैं—

      “हे गरुड़! इस संसार में जो कुछ भी उत्पन्न हुआ है, उसका एक निश्चित काल है। जब उसका कार्य पूर्ण हो जाता है, तब उसका परिवर्तन होता है। यही प्रकृति का सनातन नियम है।”

      मनुष्य का शरीर भी प्रकृति का ही एक अंग है। यह पंचमहाभूतों से बना है और एक निश्चित समय तक ही कार्य करता है। जब शरीर अपने कर्मों का माध्यम नहीं रह जाता, तब आत्मा उसे छोड़कर आगे बढ़ जाती है।

      अतः मृत्यु कोई दंड नहीं, बल्कि ईश्वर द्वारा बनाई गई सृष्टि-व्यवस्था का आवश्यक नियम है।


      क्या हर मृत्यु पहले से निश्चित होती है?

      गरुड़ पुराण के अनुसार प्रत्येक जीव की आयु उसके प्रारब्ध कर्मों से जुड़ी होती है।

      जब आत्मा नया शरीर धारण करती है, तब उसके पूर्वजन्मों के संचित कर्मों में से एक भाग प्रारब्ध बनकर इस जन्म में फल देने आता है। उसी के अनुसार जन्म, परिवार, शरीर, कुछ प्रमुख सुख-दुःख और जीवन की अवधि निर्धारित होती है।

      इसका अर्थ यह नहीं कि मनुष्य असहाय है। वर्तमान में किए जा रहे क्रियमाण कर्म उसके भविष्य और अगले जन्मों का निर्माण करते हैं।

      इस प्रकार ईश्वर न्याय करते हैं, लेकिन मनुष्य को कर्म करने की स्वतंत्रता भी देते हैं।


      काल (समय) की भूमिका

      गरुड़ पुराण में काल को भगवान की महान शक्ति बताया गया है।

      काल न किसी का मित्र है, न शत्रु। वह राजा और भिखारी, विद्वान और अज्ञानी—सभी के साथ समान व्यवहार करता है।

      कोई भी व्यक्ति काल को रोक नहीं सकता। इसलिए ऋषियों ने समय का सदुपयोग करने पर विशेष बल दिया है।

      जो व्यक्ति समय को व्यर्थ गंवाता है, वह वास्तव में अपने जीवन को ही खोता है।


      क्या मृत्यु टाली जा सकती है?

      यह प्रश्न सदियों से मनुष्य के मन में उठता रहा है।

      गरुड़ पुराण का संदेश है कि सामान्य नियम के अनुसार निर्धारित आयु का अंत मृत्यु में होता है। साथ ही, शास्त्र यह भी बताते हैं कि सात्विक जीवन, संयम, धर्माचरण और ईश्वर-भक्ति मनुष्य के जीवन को अर्थपूर्ण बनाते हैं और उसे आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाते हैं।

      गरुड़ पुराण का मुख्य उद्देश्य मृत्यु की तिथि बताना नहीं, बल्कि यह सिखाना है कि मृत्यु निश्चित है, इसलिए जीवन को व्यर्थ न गँवाएँ।


      ईश्वर मृत्यु क्यों देते हैं?

      भगवान विष्णु कहते हैं—

      यदि मृत्यु न होती, तो सृष्टि का संतुलन कभी बना नहीं रह सकता था।

      नई पीढ़ियाँ जन्म नहीं ले पातीं, कर्मों का चक्र रुक जाता और आत्मा अपनी आध्यात्मिक यात्रा में आगे नहीं बढ़ पाती।

      इसलिए मृत्यु विनाश नहीं, बल्कि एक परिवर्तन है—जैसे एक विद्यार्थी एक कक्षा पूरी करके अगली कक्षा में प्रवेश करता है।


      मृत्यु और कर्म का संबंध

      गरुड़ पुराण स्पष्ट करता है कि मृत्यु के बाद आत्मा अपने साथ केवल तीन चीजें लेकर जाती है—

      • अपने कर्म
      • अपने संस्कार
      • अपनी वासनाएँ

      धन, परिवार, पद, सम्मान और शरीर यहीं रह जाते हैं।

      इसी कारण भगवान विष्णु गरुड़ जी से कहते हैं—

      “जो मनुष्य जीवन भर धर्म, सत्य और सेवा का पालन करता है, वही मृत्यु के समय निडर रह सकता है।”


      शास्त्रीय प्रमाण

      “जातस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च।
      तस्मादपरिहार्येऽर्थे न त्वं शोचितुमर्हसि॥”
      (भगवद्गीता 2.27)

      भावार्थ:
      जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है; और जिसकी मृत्यु हुई है, उसका पुनर्जन्म भी निश्चित है। इसलिए इस अपरिहार्य सत्य पर अत्यधिक शोक नहीं करना चाहिए।


      इस प्रसंग से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

      • मृत्यु ईश्वर की न्यायपूर्ण व्यवस्था का एक भाग है।
      • शरीर नश्वर है, आत्मा शाश्वत है।
      • वर्तमान के श्रेष्ठ कर्म भविष्य का निर्माण करते हैं।
      • समय सबसे मूल्यवान संपत्ति है, इसका सदुपयोग करना चाहिए।
      • मृत्यु से डरने के बजाय ऐसा जीवन जीना चाहिए कि अंत समय में मन शांत और भगवान के स्मरण में स्थित हो।

      अगले अध्याय में

      गरुड़ पुराण – अध्याय 5.1 (भाग–3)

      “मृत्यु के समय शरीर में क्या परिवर्तन होते हैं? पाँच प्राण, इन्द्रियों का लय और अंतिम क्षण का शास्त्रीय वर्णन।”

      हरे कृष्ण हरे कृष्ण
      कृष्ण कृष्ण हरे हरे
      हरे राम हरे राम
      राम राम हरे हरे

    • मायके जाने को लेकर हुआ विवाद, फिर उठाया खौफनाक कदम! हरिद्वार में महिला ने बेटी के साथ गंगनहर में लगाई छलांग, मचा हड़कंप

      मायके जाने को लेकर हुआ विवाद, फिर उठाया खौफनाक कदम! हरिद्वार में महिला ने बेटी के साथ गंगनहर में लगाई छलांग, मचा हड़कंप

      मायके जाने को लेकर हुआ विवाद, फिर उठाया खौफनाक कदम! हरिद्वार में महिला ने बेटी के साथ गंगनहर में लगाई छलांग, मचा हड़कंप

      हरिद्वार। गंगनहर में मासूम बच्ची के साथ महिला के छलांग लगाने की घटना के पीछे पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद वजह बनकर सामने आ रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पति अपनी बीमार मां से मिलने देहरादून जाना चाहता था, जबकि पत्नी उसे पहले मायके छोड़ने की बात कह रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच रास्ते में कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला दर्दनाक घटना में बदल गया।

      पुलिस के अनुसार, कोटा मुरादनगर थाना कलियर निवासी अर्जुन (35) अपनी पत्नी सविता (30), एक वर्षीय बेटी नोनी और चार वर्षीय बेटे नक्श के साथ बाइक से ससुराल रायपुर दरेड़ा जा रहा था। दौलतपुर के पास रास्ते में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने पर सविता ने बाइक रोकने को कहा।

      जैसे ही बाइक रुकी, सविता ने अपनी एक वर्षीय बेटी को गोद में उठाया और अचानक गंगनहर की ओर दौड़कर उसमें छलांग लगा दी। घटना देखकर पति और बेटा चीखने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

      सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और महिला व बच्ची की तलाश के लिए गंगनहर में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। क्षेत्राधिकारी संजय चौहान ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाश में जुटी है। साथ ही परिजनों से पूछताछ कर घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

      अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसकी मां देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती हैं और वह उनसे मिलने जाना चाहता था। वहीं पत्नी मायके जाने की बात पर अड़ी हुई थी। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार, दोनों की शादी वर्ष 2021 में हुई थी और अर्जुन एल्यूमीनियम स्ट्रक्चर बनाने का काम करता है।

      फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है और एसडीआरएफ की टीम गंगनहर में महिला और बच्ची की तलाश में जुटी हुई है।

    • मासूम की जिंदगी से खिलवाड़! 14 वर्षीय बच्ची का जबरन बाल विवाह कराने का आरोप, विरोध करने पर पिता पर हमला, कई नामजद..

      मासूम की जिंदगी से खिलवाड़! 14 वर्षीय बच्ची का जबरन बाल विवाह कराने का आरोप, विरोध करने पर पिता पर हमला, कई नामजद..

      मासूम की जिंदगी से खिलवाड़! 14 वर्षीय बच्ची का जबरन बाल विवाह कराने का आरोप, विरोध करने पर पिता पर हमला, कई नामजद..

       बाल विवाह जैसे गंभीर अपराध पर सख्ती के सरकारी दावों के बीच मुरादाबाद जिले के थाना कांठ क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि महज 14 वर्ष की नाबालिग किशोरी का जबरन विवाह कराने की कोशिश की गई। जब पिता ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने न केवल उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दे डाली। मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना कांठ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

      पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़िता के पिता जिला बिजनौर के थाना स्योहारा क्षेत्र के गांव रसूलपुर देहात के निवासी हैं। उनका आरोप है कि थाना कांठ क्षेत्र के गांव महदूद कलमी निवासी रोहतास, उसकी पत्नी अंजू, मुनेश, उसकी पत्नी काजल तथा जिला अमरोहा के बम्बूगढ़ निवासी राजकुमार ने मिलकर उनकी 14 वर्षीय बेटी का बाल विवाह कराने की साजिश रची। पीड़ित पिता का कहना है कि जब उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी मिली और उन्होंने अपनी बेटी की शादी का विरोध किया, तब सभी आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की। आरोप है कि उन्हें गालियां दी गईं, मारपीट की गई और विरोध जारी रखने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद पीड़ित सीधे थाना कांठ पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत पुलिस को दी।

      शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी नामजद आरोपियों के साथ-साथ कथित दूल्हे राजकुमार के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

      सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता के पिता ने पुलिस को यह भी बताया कि उनकी 14 वर्षीय बेटी पिछले कुछ महीनों से आरोपियों के साथ रह रही थी। यह तथ्य जांच का महत्वपूर्ण आधार बन गया है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि किशोरी किन परिस्थितियों में आरोपियों के साथ रह रही थी, क्या उसे बहला-फुसलाकर अपने पास रखा गया था या उस पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया था।

      बाल विवाह भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध है। नाबालिग लड़की की शादी कराने, उसमें सहयोग करने या उसे प्रोत्साहित करने वाले सभी लोग कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी केवल मुकदमा दर्ज करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और उसके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक होता है।

      फिलहाल थाना कांठ पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। कांठ पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए, तो सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    • भारतीय मूल की Google अधिकारी शीतल रेजियन की हत्या, गोलीबारी की घटना ने सबको चौंकाया..

      भारतीय मूल की Google अधिकारी शीतल रेजियन की हत्या, गोलीबारी की घटना ने सबको चौंकाया..

      भारतीय मूल की Google अधिकारी शीतल रेजियन की हत्या, गोलीबारी की घटना ने सबको चौंकाया..

      अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में Google Executive और भारतीय मूल की वरिष्ठ प्रौद्योगिकी अधिकारी शीतल रेजियन की उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। 57 वर्षीय शीतल रेजियन गूगल में वरिष्ठ इंजीनियरिंग नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। पुलिस के अनुसार, हत्या का आरोप उनके पति किर्क बी. रेजियन पर लगाया गया है। शुरुआती जांच में मामले को घरेलू हिंसा से जुड़ा बताया गया है। Google Executive की इस दर्दनाक मौत ने भारतीय समुदाय के साथ-साथ तकनीकी जगत को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

      गोलीबारी की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

      स्मिर्ना पुलिस विभाग को मंगलवार रात लगभग आठ बजे अटलांटा के निकट कॉब काउंटी स्थित एक घर में गोलीबारी की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन चिकित्सा दल घटनास्थल पर पहुंचे। घर के भीतर शीतल रेजियन गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। उनके शरीर पर कई गोलियों के निशान थे। अधिकारियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी और पूरे परिसर की घेराबंदी कर जांच आरंभ की।

      Google Executive: हमले में बेटा भी घायल, अस्पताल में उपचार जारी

      घटना के दौरान दंपति का 23 वर्षीय बेटा जेसन रेजियन भी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस को वह घर के बाहर घायल अवस्था में मिला, जिसके बाद उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है। अधिकारियों ने फिलहाल उसके स्वास्थ्य को देखते हुए अधिक जानकारी साझा नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गोलीबारी के दौरान घटनाक्रम किस प्रकार घटित हुआ और जेसन किस परिस्थिति में घायल हुआ।

      तकनीकी क्षेत्र में शीतल रेजियन का रहा उल्लेखनीय योगदान

      शीतल रेजियन तकनीकी जगत का एक सम्मानित नाम थीं। वह गूगल में वरिष्ठ इंजीनियरिंग नेतृत्व की भूमिका निभा रही थीं और उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव था। इससे पहले उन्होंने होमडिपो डॉट कॉम में मोबाइल तकनीक और डिजिटल परिवर्तन से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नेतृत्व किया था। डिजिटल होम डेकोर और फर्निशिंग कारोबार के विस्तार में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। उनके सहयोगी उन्हें दूरदर्शी नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देने वाली अधिकारी के रूप में याद करते हैं।

      Google Executive: भारत से अमेरिका तक प्रेरणादायक रही जीवन यात्रा

      शीतल रेजियन का पालन-पोषण भारत, इंग्लैंड और घाना जैसे देशों में हुआ था। बाद में उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया और जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में लगातार सफलता हासिल करते हुए कई प्रतिष्ठित कंपनियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। परिवार के साथ अटलांटा में उनका जीवन सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन घरेलू विवाद ने इस परिवार को ऐसी त्रासदी में बदल दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

      घरेलू हिंसा के पहलू से मामले की हो रही गहन जांच

      पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा प्रतीत होता है। हालांकि गोलीबारी के पीछे वास्तविक कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और अन्य संभावित गवाहों से पूछताछ कर रही हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटना के कारणों के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।

      Google Executive: आरोपी पति गिरफ्तार, बिना जमानत हिरासत में

      स्मिर्ना पुलिस ने शीतल रेजियन के पति किर्क बी. रेजियन को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। उसे कॉब काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर में बिना जमानत के रखा गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस घटना से आम जनता को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। मामले की जांच जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जा रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा की गंभीरता और उसके सामाजिक प्रभावों पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है।

    • रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

      रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

      रिश्तों की सबसे दर्दनाक कहानी! बेवफाई के बाद पिता ने बच्चों और खुद के साथ कर दी खौफनाक घटना..

      रिश्तों में बेवफाई और टूटते परिवारों का अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी एक रूह कंपा देने वाली वारदात तमिलनाडु के तूतुकुड़ी से सामने आई. यहां सावेरियारपुरम इलाके में एक सिरफिरे और डिप्रेशन के शिकार पिता ने ममता के बाद पिता के साये की उम्मीद लगाए बैठे दो मासूम बच्चों को ऐसी तड़पती हुई मौत दी जिसे सुनकर पूरा इलाका सन्न है. जिस पिता का फर्ज बच्चों की हिफाजत करना था, उसी ने रात के अंधेरे में मौत का ऐसा क्रूर खेल खेला जिसने हंसते-खेलते परिवार को एक झटके में श्मशान बना दिया. पत्नी के किसी और के साथ चले जाने की कड़वाहट ने एक इंसान को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपने ही जिगर के टुकड़ों को करंट की कुर्सी पर सुला दिया और खुद भी मौत को गले लगा लिया.

      खाना खिलाकर सुलाया, फिर बेटों को बनाया मौत का शिकार
      यह दिल दहला देने वाली घटना शुक्रवार रात की है. मृतक की पहचान 40 वर्षीय मैरी माइकल के रूप में हुई है जो पेशे से एक ट्रक ड्राइवर था. उसके साथ ही उसकी 14 वर्षीय बेटी मैरी निरोशा (9वीं क्लास की छात्रा) और 12 वर्षीय बेटा मैरी केनिस्टन (7वीं क्लास का छात्र) भी इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए. पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि शुक्रवार की शाम माइकल हमेशा की तरह अपने बच्चों के लिए खाना लेकर घर आया था. उसने बड़े प्यार से दोनों बच्चों को खाना खिलाया और फिर उन्हें सोने के लिए कह दिया. जैसे ही मासूम बच्चे गहरी नींद में सो गए, डिप्रेशन में डूबे माइकल ने बिजली के जिंदा नंगे तारों को दोनों बच्चों के शरीर से कसकर बांध दिया और उसका कनेक्शन सीधे बिजली के बोर्ड से कर दिया. करंट लगते ही दोनों मासूमों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. इसके बाद माइकल ने उसी तार को अपने शरीर पर लपेटकर खुद को भी मौत के घाट उतार लिया.

      बंद कमरे के भीतर का खौफनाक मंजर
      इस पूरे घटनाक्रम के दौरान माइकल के 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता एंथनी मुथु घर के बाहर सो रहे थे जिन्हें भनक तक नहीं लगी कि अंदर क्या कयामत बीत चुकी है. शनिवार की दोपहर तक जब कमरे का दरवाजा अंदर से नहीं खुला तो बुजुर्ग पिता को अनहोनी की आशंका हुई. उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को इकट्ठा किया और पुदुकोट्टई पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. एक ही बेड पर पिता और उसके दोनों मासूम बच्चों की लाशें पड़ी हुई थीं और उनके शरीरों पर बिजली के तार लिपटे हुए थे. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर तूतुकुड़ी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है, लेकिन इस दर्दनाक अंत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.

    • कमज़ोर और डैमेज बालों को बनाएं सिल्की-शाइनी, एलोवेरा के ये आसान हेयर मास्क करेंगे कमाल..

      कमज़ोर और डैमेज बालों को बनाएं सिल्की-शाइनी, एलोवेरा के ये आसान हेयर मास्क करेंगे कमाल..

      कमज़ोर और डैमेज बालों को बनाएं सिल्की-शाइनी, एलोवेरा के ये आसान हेयर मास्क करेंगे कमाल..

      गर्मियों में तेज धूप, पसीना और प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा बालों पर पड़ता है। इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में एलोवेरा एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट बालों को गहराई से पोषण देने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं एलोवेरा से बने कुछ आसान और असरदार हेयर मास्क के बारे में।

      एलोवेरा, शहद और नारियल तेल हेयर मास्क

      यह हेयर मास्क स्कैल्प को पोषण देने, डैंड्रफ कम करने और बालों की ग्रोथ बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसके लिए 2 चम्मच एलोवेरा जेल, 2 चम्मच शहद, 2 चम्मच नारियल तेल और 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे बालों पर 30 मिनट तक लगाकर रखें और फिर धो लें।

      एलोवेरा और दही का हेयर मास्क

      दही और एलोवेरा का मिश्रण बालों को नमी देने और रूखेपन को कम करने में मदद करता है। 3-4 चम्मच एलोवेरा जेल में 2 बड़े चम्मच दही मिलाकर स्कैल्प और बालों पर लगाएं। 30 से 40 मिनट बाद माइल्ड शैंपू से बाल धो लें।

      एलोवेरा और प्याज का रस

      बाल झड़ने की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह मास्क फायदेमंद माना जाता है। 4 चम्मच प्याज के रस में 2 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं और हल्की मसाज करें। लगभग एक घंटे बाद शैंपू से बाल धो लें।

      एलोवेरा और मेथी का हेयर पैक

      रातभर भिगोई हुई मेथी को पीसकर उसमें 2-3 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं। इस मिश्रण को बालों पर लगाकर एक घंटे बाद धो लें। यह बालों को मजबूत और घना बनाने में मदद कर सकता है।

      एलोवेरा, केले और तेलों का पोषण

      केले और एलोवेरा का हेयर मास्क बालों को मुलायम बनाने में मदद करता है। वहीं एलोवेरा, अरंडी का तेल और ऑलिव ऑयल का मिश्रण बालों को हाइड्रेट कर उन्हें सिल्की और चमकदार बना सकता है।

      रूसी और खुजली के लिए एलोवेरा-विनेगर मास्क

      एलोवेरा जेल, एप्पल साइडर विनेगर और शहद का मिश्रण स्कैल्प की खुजली, रूसी और पपड़ी की समस्या को कम करने में सहायक हो सकता है। इसे 20 मिनट तक लगाकर रखने के बाद बाल धो लें।