बिहार के मुजफ्फरपुर में हीन भावना के चलते एक लड़की ने आत्महत्या कर ली. चेहरे का स्किन टोन डार्क होने की वजह से लड़की काफी परेशान थी, उसकी शादी नहीं हो पा रही थी. पिछले कुछ सालों से उसे काफी रिजेक्शन झेलने पड़ रहे थे. इस वजह से वह डिप्रेशन में थी.अपने काले रंग से वह इतनी ज्यादा परेशान हो गई कि उसने जान दे दी.
काले रंग की वजह से लगाई फांसी
लड़की की उम्र 22 साल थी. अंशु कुमारी ने मंगलवार रात अपने घर में फांसी लगा ली. सुबह परिजनों से जैसे ही उसे फंदे से लटकते देखा तो उनके बीच चीख पुकार मच गई. उन्होंने घटना की सूचना तुरंत गायघाट थाना पुलिस को दी. पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर तमाम साक्ष्य इकट्ठे किए गए. उसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
शादी न होने से परेशान थी अंशु
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंशु का रंग काला था. पिछले कई सालों से लगातार कोशिश के बावजूद उसकी शादी नहीं हो पा रही थी. इस वजह से वह डिप्रेशन में थी. इसी वजह से उसने जान दे दी.
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में संपत्ति विवाद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि अपने हिस्से की मांग करने पहुंची एक महिला के साथ मारपीट की गई, उसके बाल काटे गए और उसे अपमानित किया गया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
Madhya Pradesh Crime News: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के झारड़ा थाना क्षेत्र स्थित अरनिया वेणा गांव में संपत्ति विवाद को लेकर एक महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. आरोप है कि महिला जब अपने पति के परिवार से पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने पहुंची तो विवाद हिंसक हो गया.
पीड़िता के अनुसार, वह 30 जून को घर में मौजूद थी. इसी दौरान कुछ लोग कथित तौर पर घर में घुस आए और उसके साथ मारपीट की. महिला का आरोप है कि उसे घर से बाहर घसीटा गया और विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया.
बाल काटने और अपमानित करने का आरोप
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके बाल काट दिए गए, कपड़े फाड़ दिए गए और उसे जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया. घटना के दौरान किसी ने वीडियो भी बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी.महिला का कहना है कि बीच-बचाव करने पहुंचे उसके पति के साथ भी मारपीट की गई. दोनों को चोटें आईं, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंची टीम ने स्थिति को संभाला.
11 लोगों पर मामला दर्ज
झारड़ा थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. आरोपों में मारपीट, धमकी, अपमानजनक व्यवहार और अन्य संबंधित धाराएं शामिल हैं.ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है.पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है. मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सहारनपुर के कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र स्थित एसबीआई कॉलोनी में बंद कमरे से एक लैब टेक्नीशियन और एक युवती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस के अनुसार, देर रात सूचना मिली थी कि एसबीआई कॉलोनी स्थित एक मकान का कमरा अंदर से बंद है और काफी देर तक आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। मौके पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने खिड़की से अंदर देखा तो संदिग्ध स्थिति दिखाई दी। इसके बाद स्थानीय लोगों की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर एक युवक और एक युवती मृत अवस्था में मिले। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह और पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मृतकों की पहचान 40 वर्षीय सैम कमनिश, निवासी केरल, और 23 वर्षीय आस्था, निवासी रसूलपुर पापड़ेकी, के रूप में की है। सैम कमनिश दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था।
घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि युवक ने पहले अपनी कलाई की नस काटी और बाद में कमरे की खिड़की से आंशिक रूप से लटककर जान दे दी। वहीं युवती की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि युवती के शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि इन सभी पहलुओं की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
क्षेत्राधिकारी द्वितीय मनोज कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में 23 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है. परिजनों का आरोप है कि उसे जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाकर धारदार हथियार से हमला किया गया. पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.
Ghaziabad Birthday Party Murder: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र स्थित न्यू शांति नगर में बुधवार देर रात एक युवक की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक की पहचान 23 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है. आरोप है कि उसे जन्मदिन की पार्टी में बुलाया गया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया.
घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने घर के अंदर से लेकर बाहर तक खून के निशान देखे. परिजनों का आरोप है कि हत्या करने के बाद आरोपियों ने शव को घर के बाहर छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए.
परिजनों ने सुनियोजित हत्या का लगाया आरोप
मृतक के परिवार का कहना है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई साजिश थी. उनका आरोप है कि कुछ महीने पहले मोहित का कुछ युवकों से विवाद हुआ था. हालांकि बाद में समझौता हो गया था, लेकिन आरोपी लगातार उसके संपर्क में बने रहे.परिजनों का यह भी दावा है कि आरोपी मोहित को हरिद्वार और खाटू श्याम की यात्रा पर भी अपने साथ ले गए थे. उनके मुताबिक, उसी दौरान हत्या की योजना बनाई गई थी, लेकिन मौका नहीं मिल सका.
जन्मदिन के बहाने बुलाने का आरोप
परिवार के अनुसार, बुधवार रात आरोपियों ने जन्मदिन मनाने के बहाने मोहित को बुलाया और देर रात उस पर जानलेवा हमला कर दिया. परिजनों का कहना है कि इस वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं.घटना की सूचना मिलने पर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है.
सीसीटीवी फुटेज तलाश रही पुलिस
अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल हत्या के कारण और घटनाक्रम की सभी संभावित कड़ियों की पड़ताल जारी है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मूल रूप से आगरा का रहने वाला इरशाद ऑनलाइन जूते का कारोबार करने का दावा करता है. उसने हरदोई की युवती अनुक्रति पांडे को विशाल नाम बताकर अपने जाल में फंसाया और शादी कर ली.
सच्चाई पता चलने पर उसने पीड़िता को पहले लखनऊ और फिर कानपुर के पनकी स्थित फ्लैट में बंधक बना लिया. पीड़िता का आरोप है कि इरशाद उसके बच्चे का मुस्लिम नाम रखकर उसे पूजा-पाठ से रोकता था और जबरन मीट खिलाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था. विरोध करने पर वह जान से मारने की धमकी देता था.
एक ही फ्लैट में दो पत्नियां
प्रताड़ना के बीच इरशाद एक और हिंदू लड़की से शादी करके फ्लैट पर ले आया. वह पड़ोसियों को उसे अपनी बहन बताता था, लेकिन रात में पहली पत्नी को बंद कर दूसरी के साथ रहता था. परेशान होकर पहली पीड़िता ने पड़ोसियों की मदद से बजरंग दल का नंबर लिया और आपबीती सुनाई. बजरंग दल के महानगर प्रभारी नरेंद्र तोमर ने पनकी पुलिस से संपर्क किया. जब पुलिस ने फ्लैट पर छापा मारा, तो दोनों हिंदू लड़कियां अलग-अलग कमरों में कैद मिलीं.
आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पनकी के एसीपी अमित चौरसिया ने बताया कि महिला की शिकायत पर पुलिस ने फ्लैट में छापा मारकर आरोपी को हिरासत में ले लिया है. पहली पीड़ित महिला ने पुलिस से गुहार लगाई है कि वह अब अपने घर जाना चाहती है क्योंकि आरोपी ने उसे धोखे में रखकर बहुत प्रताड़ित किया है. पुलिस आरोपी इरशाद से पूछताछ कर रही है और दूसरी महिला से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है.
बिहार से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए. प्रेम संबंध का राज जाने लेने के शक में एक बेरहम युवक ने 5 वर्षीय मासूम की हत्या कर दी. जानिए पूरी घटना.
बिहार के औरंगाबाद जिले में एक ऐसी घटना हुई, जिसे जिसने भी सुना वो दंग रह गया. जानकारी के मुताबिक एक युवक को 5 साल के बच्चे पर शक था, कि उसने उसके इश्क का राज जान लिया. इस वजह से आरोपी युवक ने बच्चे की हत्या की और उसे गांव के बाहर झाड़ियों में फेंक दिया. पुलिस ने ऐसा क्या बताया, जिससे आसपास के इलाकों में फैली सनसनी.
पुलिस ने क्या बताया?
यह पूरा मामला औरंगाबाद के टंडवा जिले का है. इस घटना की जानकारी देते हुए औरंगाबाद के एसडीपीओ-1 सुशील कुमार ने बताया कि 30 जून की सुबह करीब 9 बजे टंडवा थाने में प्रमोद सिंह नाम के युवक ने अपने पांच साल के बेटे सिद्धार्थ कुमार के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में उन्होंने पुलिस को बताया कि बच्चा सोमवार रात से घर नहीं लौटा था. सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने एसडीपीओ सदर-1 के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. इसके बाद एसआईटी ने तेजी से जांच शुरू की. वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों की मदद से टीम को कई अहम सुराग भी मिले.
पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा
पुलिस को जांच के दौरान मोहरी ईटवां गांव से धनसेवक कुमार नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से त पूछताछ में आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की. फिर उसने बच्चे की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली. पुलिस ने बच्चे का शव गांव के बाहर झाड़ियों से बरामद किया.
क्यों की हत्या?
इस केस में सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर आरोपी ने मासूम की हत्या क्यों की. एसडीपीओ ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की आशंका सामने आई है. जांच के दौरान पता चला कि मासूम को आरोपी के प्रेम संबंधों की जानकारी हो गई थी. पुलिस का मानना है कि इसी राज़ के सामने आने के डर से आरोपी ने बच्चे की हत्या की. हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी संभावित पहलुओं की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है.
पुलिस की पूछताछ से पता चला कि सौतन आए दिन पति को मारपीट के लिए उकसाती थी. दोनों महिलाओं में तनाव रहता था जिसके खिलाफ पहली पत्नी ने 6 महीने पहले ही हत्या की साजिश रच डाली थी. सौतन की हत्या करके महिला खून से लथपथ साड़ी बदलने खेतों की तरफ भी गई थी और हत्या के सबूत घर पर ही छिपा दिए थे.
खाट के पाए से दी ‘तालिबानी’ सजा, फिर गन्ना काटने वाली आरी से रेत डाली सौतन की गर्दन; हत्या के बाद सबूत मिटाने खेत में… पुलिस के सामने खुली पोल!
छत्तीसगढ़ के बालोद में एक महिला की अपनी सौतन से बदला लेने की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है. मामला नेवारीकला गांव का बताया जा रहा है जहां पहली पत्नी ने दूसरे कमरे में सोई अपनी सौतन को पहले खाट के पाए से दर्दनाक प्रताड़नाए दीं, फिर गन्ना काटने वाली आरी से उसका गला रेत दिया. महिला पिछले 6 महीने से अपने सौतन से बदला लेने का प्लान बना रही थी. जब साजिश कामयाब रही तो हत्या के सबूत मिटाने के लिए भागकर खेत में गई और खून से लथपथ कपड़े बदलकर वापस घर आ गई. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर सारे सबूतों को जब्त कर लिया है.
पांच साल पहले पति ने की थी दूसरी शादी
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नेवारीकला निवासी 40 वर्षीय चिम्मनलाल साहू ने प्रेम संबंधों के चलते 47 साल की दयाबाई सोनकर से 2019 में शादी कर ली. पांच साल पहले पति अपनी प्रेमिका को घर ले आया जिससे दूसरी पत्नी नाराज रहने लगी. मन ही मन उसके दिल में बदले की भावना पनपने लगी. पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि सौतन दया बाई आए दिन पति को पहली पत्नी के खिलाफ उकसाती थी. आए दिन की प्रताड़ना से तंग आकर पहली पत्नी अमृत बाई ने दिसंबर 2025 में दयाबाई को खत्म करने का प्लान बना लिया था.
शराब के नशे में सोया पति, सौतन को उतारा मौत के घाट
पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि 29 जून को पति चिम्मनलाल शराब के नशे में धुत घर आया था. देर रात, जब सौतन को दूसरे कमरे में अकेले पाया तो अमृत बाई चापराई का टूटा हुआ पाया लेकर चुपचाप कमरे में घुंसी और बेरहमी से कई बार जानलेवा बार करके अधमरा कर दिया. सौतन को बदहवास हालत मे छोड़कर अमृत बाई दोबारा कमरे के बाहर गई और गन्ना काटने वाली आरी लाकर सौतन के गले को 4 बार रेता डाला, जिससे सौतन दया बाई की मौत हो गई.
खेत में छिपाए हत्या के सबूत
सौतन की हत्या के बाद अमृत बाई ने सबसे पहले बिस्तर के नीचे सबूत छिपाए और खून से लथपथ साड़ी को बदलने के लिए खेत की ओर भागी. रात को जब पति की नींद खुली को पत्नी अमृत बाई को पास न पाकर दूसरे कमरे में पहुंचा जहां पहले ही दया बाई अपनी चारपाई पर लहूलुहान पड़ी थी. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में शोर-शराबा हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी. इधर अमृत बाई खेत में मोबाइल बंद करके वापस लौट आई.
पूछताछ में कबूला जुर्म
इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. मामले की जांच-पड़ताल की. परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ की. साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम ने भी चारपाई के नीचे से अमृत बाई द्वारा छिपाए गए सबूत बरामद किए. दूसरी तरफ अमृतबाई बालोद थाने पहुंती और अपना जुर्म कबूल कर आत्मसमर्पण कर दिया. पूछताछ से सामने आया कि दया बाई के पहले से दो विवाहित बेटे हैं और उनके भी बच्चे हैं. इसके बावजूद 5 साल पहले पति से दूसरी शादी कर ली और घर ले आए. दोनों महिलाओं के बीच आए दिन झगड़ा और तनाव बना रहता था. पति चिम्मनलाल ने पुलिस में पहली पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज करके अमृत बाई को रिमांड पर भेज दिया है.
गोरखपुर में पिता की डांट से नाराज 9वीं का छात्र स्कूल ड्रेस में साइकिल से वाराणसी भाग गया. सोशल मीडिया पर फोटो शेयर होने और पुलिस में शिकायत के बाद, वह अगले दिन खुद घर लौट आया. शुरुआत में उसने किडनैपिंग की झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन पुलिस पूछताछ में सच उगल दिया.
यूपी के गोरखपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पिता की डांट से नाराज एक 9वीं कक्षा का छात्र घर से भाग गया. उसकी ‘गुमशुदगी’ ने पुलिस और परिवार दोनों को खूब छकाया. बाद में जब वो वापस लौटा तो किडनैप होने की फर्जी कहानी भी सुनाई.
दरअसल, पिता की डांट से नाराज होकर नाबालिग बेटा ऐसा कदम उठाएगा कोई सोच भी नहीं सकता. बता दें कि रमेश यादव गोरक्षनाथ थाने में तहरीर लेकर पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि उनका बेटा सुबह घर से स्कूल के लिए निकला और लापता हो गया. तहरीर दर्ज हुई लेकिन दूसरे दिन बुधवार को छात्र सुबह-सुबह खुद ही घर आ गया. परिजन खुशी से लिपटकर रोने लगे. उसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी कि बच्चा घर लौट आया है.
परिजन के पूछने पर छात्र ने एक झूठी कहानी बनाई और बताया कि अपहरण कर कुछ लोग उसे वाराणसी लेकर चले गए थे. लेकिन जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि पिता की डांट से नाराज होकर वह खुद ट्रेन से वाराणसी चला गया था. बाद में काशी विश्वनाथ के दर्शन कर लौट आया. इस दौरान उसकी साइकिल गायब हो गई.
जानकारी के मुताबिक, रमेश यादव जिला महाराजगंज के नौतनवा थाना क्षेत्र के मुंडेहरा के रहने वाले हैं. वो अपने बेटे को पढ़ाने के लिए परिवार के साथ गोरखपुर में एक कमरा किराए पर लेकर रहते हैं. उन्होंने अपने बेटे का नौवीं कक्षा में गोरक्षनाथ थाना क्षेत्र के एक स्कूल में दाखिला कराया था. वह रोजाना साइकिल से स्कूल आता जाता है.
बीते दिनों रमेश ने किसी बात को लेकर बेटे को फटकार लगाई थी. इस फटकार से नाराज होकर बेटा ड्रेस पहनकर साइकिल से स्कूल तो निकला लेकिन वापस नहीं लौटा. जब देर शाम हो गई और बेटा घर नहीं पहुंचा तो काफी इंतजार और खोजबीन के बाद रिश्तेदारों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और बच्चों को ढूंढने के लिए फोटो शेयर की. पुलिस को सूचना दी.
मामले में गोरक्षनाथ थाने के प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि नौवीं का छात्र लापता हो गया था. पुलिस भी छानबीन में जुटी थी. लेकिन दूसरे दिन वह खुद ही घर लौट आया. उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि पिता से नाराज होकर वह वाराणसी गया था.
आगरा में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि पांच सितारा होटल में ट्रेनिंग के दौरान संपर्क में आया एक शेफ युवती पर दोस्ती का दबाव बना रहा था और लगातार उसे परेशान कर रहा था। इस मानसिक तनाव के चलते युवती अवसाद में चली गई थी। इलाज के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई और मंगलवार सुबह एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
होटल ट्रेनिंग के दौरान हुई थी मुलाकात
मामला एकता थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 24 वर्षीय युवती ने साल 2020 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स पूरा किया था। इसके बाद उसने ताजगंज क्षेत्र स्थित एक पांच सितारा होटल में ट्रेनिंग की। इसी दौरान उसकी मुलाकात शेफ की ट्रेनिंग कर रहे एक युवक से हुई। युवती के भाई के अनुसार, बाद में बहन की नौकरी गुरुग्राम के एक होटल में लग गई, लेकिन आरोपी युवक ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और उस पर दोस्ती के लिए दबाव बनाने लगा।
मानसिक तनाव में नौकरी छोड़कर लौटी घर
परिजनों का कहना है कि युवक की हरकतों से परेशान होकर युवती मानसिक तनाव में रहने लगी। उसकी तबीयत बिगड़ने पर इलाज शुरू कराया गया। तनाव बढ़ने के बाद युवती नौकरी छोड़कर आगरा अपने घर लौट आई थी, लेकिन आरोपी ने उसे मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए परेशान करना जारी रखा।
दवाओं की अधिक मात्रा खाने से बिगड़ी हालत
भाई के मुताबिक, करीब 12 दिन पहले युवती ने मानसिक तनाव में आकर अपनी दवाओं की अधिक मात्रा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले निजी अस्पताल ले गए, जहां से बाद में एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
मोबाइल चैट और वीडियो के आधार पर जांच
परिजनों ने युवती का मोबाइल देखने के बाद आरोप लगाया कि आरोपी शेफ ने इंस्टाग्राम और वाट्सएप पर खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़े वीडियो भेजे थे, जिससे युवती और अधिक अवसाद में चली गई। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और मोबाइल व चैट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भारत के जेलों की सिक्युरिटी बेहद टाइट होती है. कैदियों पर चौबीस घंटे नजर रखी जाती है. लेकिन फ़िनलैंड में एक ऐसी जेल है, जहां कैदी सजा काटते हैं या मजा लेते हैं, समझ नहीं आता. इस जेल में ना तो कोई गार्ड है और ना ही अपराधियों को जेल में बंद रखा जाता है.
दुनिया भर में जेलें सजा देने और अपराधियों को सुधारने का माध्यम मानी जाती हैं. लेकिन फिनलैंड ने जेल व्यवस्था को पूरी तरह नया रूप दे दिया है. यहां एक जेल ऐसी है जिसे देखकर लगता है कि कैदी सजा काटने नहीं बल्कि छुट्टियां मनाने आए हैं. फिनलैंड की कई जेलें ‘ओपन प्रिजन’ मॉडल पर चलती हैं. इन जेलों में ना तो ऊंची दीवारें हैं, ना बारबेड वायर और ना ही सख्त गार्ड. यहां कैदियों को हथकड़ियां नहीं पहनाई जातीं. उन्हें दिन के समय बाहर घूमने, काम करने और यहां तक कि कार चलाने की छूट होती है. सिर्फ रात में उन्हें जेल लौटना होता है.
कई कैदी लोकल टाउन में नौकरी करते हैं, दुकानों पर काम करते हैं या पढ़ाई जारी रखते हैं. वे परिवार से मिल सकते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं. जेल प्रशासन कैदियों पर पूरा भरोसा करता है. अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसे वापस क्लोज्ड जेल में भेज दिया जाता है.
क्यों अपनाया यह मॉडल? फिनलैंड का मानना है कि कैदियों को समाज से अलग करने की बजाय उन्हें समाज में वापस लाना चाहिए. सख्त जेलें अपराधी को और ज्यादा क्रूर बना सकती हैं. इसलिए यहां पुनर्वास (rehabilitation) पर जोर दिया जाता है. इस सिस्टम का नतीजा भी शानदार है. फिनलैंड में जेल से रिहा होने के बाद दोबारा अपराध करने की दर दुनिया में सबसे कम है– महज 20-30% जबकि कई देशों में यह 50-70% तक पहुंच जाती है.
एक दिन कैदी का सुबह कैदी उठते हैं, नाश्ता करते हैं और फिर काम पर निकल जाते हैं. कुछ फैक्ट्री में काम करते हैं, कुछ ऑफिस में. शाम को शॉपिंग, जिम या परिवार के साथ समय बिताने के बाद रात को जेल लौट आते हैं. कुछ कैदियों को सप्ताहांत पर घर जाने की भी अनुमति मिलती है. भारत में जेलें भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा वाली होती हैं. कैदियों को 24 घंटे नजर में रखा जाता है. ओपन जेल भारत में भी हैं लेकिन फिनलैंड जितनी आजादी नहीं मिलती. फिनलैंड का मॉडल दिखाता है कि विश्वास और सुधार से अपराध कम किया जा सकता है.