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  • WhatsApp Username Feature: क्या आपकी प्राइवेसी पर मंडरा रहा है खतरा? समझिए पूरा मामला..

    WhatsApp Username Feature: क्या आपकी प्राइवेसी पर मंडरा रहा है खतरा? समझिए पूरा मामला..

    WhatsApp Username Feature: क्या आपकी प्राइवेसी पर मंडरा रहा है खतरा? समझिए पूरा मामला..

    WhatsApp की सर्विस एक बार फिर से विवादों में घिरती हुई नजर आ रही है.  वॉट्सऐप का यूजरनेम फीचर को भारत समेत दुनिया के कई देशों में जारी होने जा रहा है, उससे पहले ही भारत सरकार ने मेटा को एक नोटिस जारी किया और 3 दिनों के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं.

    भारत सरकार ने बुधवार को वॉट्सऐप के विवादित यूजरनेम फीचर को लेकर Meta को नोटिस जारी किया है. साथ ही कंपनी को निर्देश दिए हैं कि जब तक इस मामले पर चर्चा और परामर्श की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तब तक मेटा को वॉट्सऐप का यूजरनेम फीचर रोलआउट किया था.

    भारत सरकार ने आशंका जताई है कि वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. सरकार ने इस फीचर से पहचान की चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी बढ़ने की आशंका जताई है. Meta को निर्देश दिया है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार के साथ परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में रोलआउट न किया जाए.

    केंद्र सरकार ने मेटा को बताया है कि वॉट्सऐप सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडियरी (SSMI) है और इसलिए उस पर आईटी एक्ट और आईटी नियमों के तहत निर्धारित सभी आवश्यक सावधानी लागू होती हैं.

    WhatsApp ने क्या कहा?

    WhatsApp के प्रवक्ता ने बताया है कि यूजरनेम फीचर अभी लाइव नहीं किया गया है. इस साल के अंत तक इसको जारी किया जाएगा. कंपनी के मुताबिक, फर्जी पहचान रोकने के लिए सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, सेलिब्रिटीज और Meta के वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े यूजरनेम पहले से रिजर्व रखे हैं. इनके जैसे दिखने वाले कई अन्य नाम भी रिजर्व किए गए हैं.

    भारत में वॉट्सऐप यूजरनेम के संभावित नुकसान क्या हैं?

    फर्जी पहचान का खतरा

    साइबर ठग वॉट्सऐप पर यूजरनेस का गलत इस्तेमाल करके किसी कंपनी, बैंक, सरकारी अधिकारी या किसी फेमस सेलिब्रिटी से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को धोखा दे सकते हैं. हालांकि कंपनी ने कहा है कि सेलिब्रिटी और जाने-माने नाम को रिजर्व रखा है.

    साइबर फ्रॉड में होगा इजाफा

    स्कैमर्स फोन नंबर छिपाकर लोगों से कॉन्टैक्ट करेंगे. इससे इनवेस्टमेंट स्कैम, फिशिंग, नौकरी स्कैम जैसे फ्रॉड में इजाफा होगा.

    असली का पता लगाना होगा मुश्किल

    वॉट्सऐप पर अभी मोबाइल नंबर दिखाई देता है, जिससे उसकी पहचान हो जाती है. अब यूजरनेम होने की वजह पहचानना मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में अनजान लोगों पर भरोसना करना और भी मुश्किल हो जाएगा.

    सरकारी जांच में चुनौती

    वॉट्सऐप की मदद से होने पर ठगी में पहले नंबर आ जाता था, जिसकी वजह मोबाइल नंबर से पहचान करना आसान हो जाता था. अब यूजरनेम आधारित बातचीच से जांच एजेंसियों के लिए ट्रेस करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

    ब्रांड और बिजनेस की नकल

    कस्टमर को बड़े ब्रांड के मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल करके ठगा जा सकता है. इसकी वजह न सिर्फ ब्रांड को बल्कि कस्टमर को भी भारी नुकसान हो सकता है.

  • सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    बिहार में सिगरेट पीने के विवाद में मर्डर हो गया। सहरसा जिले के सलखुआ में हुए इस कांड के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। अपराधियों ने मामूली विवाद में हत्या जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस को भी खुली चुनौती दी है। जानकारी के मुताबिक, सलखुआ थाना क्षेत्र के उटेशरा गांव में धूम्रपान को लेकर हुए विवाद में 55 वर्षीय शत्रुघ्न यादव की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। बाबा चिमनी समीप बासा पर रह रहे उटेशरा गांव निवासी स्वर्गीय जगदीश यादव के पुत्र साथ मंगलवार की देर आधा दर्जन युवकों ने मारपीट की है। मारपीट की घटना में शत्रुध्न यादव बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें परिजनों ने आनन फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा में भर्ती कराया। जहां इलाज के क्रम में हीं उनकी मौत हो गई।

    शत्रुघ्न की मौत के बाद उनके परिजनों ने बताया कि पूर्व में भी सचिन यादव सहित आधा दर्जन बदमाशों ने उनके पुत्र के साथ मारपीट की थी। उस वक्त पंचायत स्तर पर मामले को निपटा दिया गया था। मंगलवार की रात एक बार फिर उटेशरा गांव निवासी घनश्याम यादव के पुत्र सचिन यादव सहित गांव के ही आधा दर्जन युवकों ने धूम्रपान को लेकर कहासुनी करते हुए उनके साथ मारपीट की थी। परिजनों के अनुसार सभी आरोपियों ने बेरहमी से लाठी-डंडे से पीट-पीट कर शत्रुघ्न यादव को बुरी तरह जख्मी कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    इधर इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर सलखुआ थाना पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि देर रात मारपीट में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान सहरसा अस्पताल में मौत हुई है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

    एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में धूम्रपान को लेकर विवाद होना बताया जा रहा है। पूर्व में भी विवाद हो चुका है। जिसे पंचायत स्तर पर सुलझा दिया गया था। सभी आरोपियों ने रात में एक बार फिर बासा पर जाकर मारपीट की थी। बताया जा रहा है कि पुलिस इस घटना में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • बहन की पसंद की शादी से खफा भाई, जीजा की हत्या के आरोप में 5 के खिलाफ मामला दर्ज..

    बहन की पसंद की शादी से खफा भाई, जीजा की हत्या के आरोप में 5 के खिलाफ मामला दर्ज..

    बहन की पसंद की शादी से खफा भाई, जीजा की हत्या के आरोप में 5 के खिलाफ मामला दर्ज..

    प्रतापगढ़ जिले में 32 वर्षीय एक युवक की उसके घर के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके बाद पुलिस ने युवक की पत्नी के भाई और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी…

    यूपी केप्रतापगढ़ जिले में 32 वर्षीय एक युवक की उसके घर के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके बाद पुलिस ने युवक की पत्नी के भाई और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

    अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सोमवार रात जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा गांव में हुई। सदर क्षेत्र की पुलिस क्षेत्राधिकारी करिश्मा गुप्ता ने बताया कि मृतक की पहचान राजू सिंह (32) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सिंह ने करीब एक साल पहले पटेल बिरादरी की एक युवती से प्रेम विवाह किया था, जिसके बाद से उसका युवती के परिवार से विवाद था। गुप्ता ने कहा, ”युवक की उसके घर के पास सोमवार रात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।”

    अधिकारी ने बताया कि युवक परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने राजू सिंह की पत्नी के भाई पिंटू वर्मा, पिंटू के दोस्त तेज बहादुर वर्मा और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

  • पहाड़ों से मिलने वाली इस दुर्लभ चीज़ को लेकर कई दावे, जानिए क्या है इसकी सच्चाई..

    पहाड़ों से मिलने वाली इस दुर्लभ चीज़ को लेकर कई दावे, जानिए क्या है इसकी सच्चाई..

    क्या आपने कभी पहाड़ों का पसीना देखा है? सोशल मीडिया पर एक ट्रेवल इन्फ्लुएंसर ने लोगों को ऐसी पहाड़ी दिखाई, जिससे काला द्रव्य निकल रहा था. शख्स ने इसे पहाड़ों का पसीना बताया. असल में पहाड़ों से निकलने वाला ये लिक्विड शिलाजीत है जिसे कमजोरी दूर करने की दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.

    पहाड़ों से मिलने वाली इस दुर्लभ चीज़ को लेकर कई दावे, जानिए क्या है इसकी सच्चाई..

    सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखा वीडियो वायरल हो रहा है. ट्रेवल इन्फ्लुएंसर ने हिमालय की ऊंची चोटियों पर घूमते हुए एक पहाड़ की दरार से निकलते काले चिपचिपे लिक्विड को दिखाया और उसे ‘पहाड़ों का पसीना’ नाम दे दिया. वीडियो वायरल होते ही लोग हैरान रह गए. पहाड़ों के बीच से निकल रहा ये काला लिक्विड क्या सच में पहाड़ों का पसीना है?

    दरअसल यह कोई आम पानी या रस नहीं, बल्कि आयुर्वेद की सबसे कीमती दवा शिलाजीत है. शिलाजीत हिमालय, अलकनंदा और अन्य ऊंचे पहाड़ों की चट्टानों से रिसता हुआ प्राकृतिक पदार्थ है. हजारों साल पुरानी जड़ी-बूटियों, खनिजों और कार्बनिक पदार्थों का यह संग्रह माना जाता है. गर्मियों में जब पहाड़ पिघलते हैं तो यह काला, चिपचिपा और चमकदार लिक्विड बाहर निकलता है. लोग इसे ‘पहाड़ों का पसीना’ या ‘पहाड़ों का अंजन’ भी कहते हैं.

    मर्दानगी और ताकत का रामबाण
    आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत में 85 से ज्यादा खनिज, फुल्विक एसिड और ह्यूमिक एसिड होते हैं. यह पुरुषों की मर्दानगी बढ़ाने, स्टैमिना बढ़ाने और कमजोरी दूर करने में बेहद असरदार है. नियमित इस्तेमाल से थकान नहीं होती, मसल्स मजबूत होते हैं और वायरल ताकत में इजाफा होता है. कई बॉडी बिल्डर और एथलीट इसे नेचुरल सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल करते हैं. महिलाओं के लिए भी यह फायदेमंद है. यह हड्डियों को मजबूत करता है, एनीमिया दूर करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है. बुढ़ापे में याददाश्त तेज करने और जोड़ों के दर्द में राहत देने का काम भी करता है. आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि शुद्ध शिलाजीत शरीर के हर कोशिका तक पहुंचकर ऊर्जा प्रदान करता है.

    20 हजार रुपये किलो तक की डिमांड
    शुद्ध शिलाजीत की कीमत आसमान छू रही है. बाजार में असली शिलाजीत 15 से 20 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. कुछ हाई क्वालिटी वाले प्रोडक्ट तो 25-30 हजार तक भी जाते हैं. सोशल मीडिया पर लोग इसे चाटकर खाते हुए वीडियो बना रहे हैं. एक चुटकी रोजाना गर्म पानी या दूध के साथ लेने की सलाह दी जाती है.

    एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हमेशा लैब टेस्टेड और शुद्ध शिलाजीत ही खरीदें. कई ब्रांड अब सर्टिफाइड शिलाजीत कैप्सूल और रेजिन फॉर्म में बेच रहे हैं. आधुनिक रिसर्च भी शिलाजीत के फायदों को साबित कर रही है. फुल्विक एसिड एंटी-एजिंग, एंटी-ऑक्सीडेंट और डिटॉक्स गुणों के लिए जाना जाता है. यह टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने में मदद करता है, जिससे मर्दानगी और एनर्जी बढ़ती है. कई स्टडीज में पाया गया कि नियमित सेवन से क्रॉनिक थकान सिंड्रोम में राहत मिलती है.

    कैसे होता है जमा?
    पहाड़ी इलाकों के स्थानीय लोग गर्मियों में ऊंची चट्टानों पर जाते हैं और चट्टानों से रिसते शिलाजीत को इकट्ठा करते हैं. इसे साफ करके रेजिन फॉर्म में तैयार किया जाता है. यह प्रक्रिया काफी मेहनत वाली होती है, इसलिए इसकी कीमत ज्यादा है.

  • आधी रात फोन पर बात कर रही बहू को सास ने टोका, गोरखपुर में हुआ खूनी विवाद..

    आधी रात फोन पर बात कर रही बहू को सास ने टोका, गोरखपुर में हुआ खूनी विवाद..

    आधी रात फोन पर बात कर रही बहू को सास ने टोका, गोरखपुर में हुआ खूनी विवाद..

    बहू आधी रात को युवक से कर रही थी बात, सास ने जैसे ही रोका… गोरखपुर में हो गया लहूलुहान मंजर

    गोरखपुर के एम्स थानाक्षेत्र में 25 वर्षीय एक महिला ने एक युवक से फोन पर बातचीत को लेकर हुए झगड़े के बाद अपनी सास का गला कथित तौर पर चाकू से रेत दिया। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि महिला को गंभीर हालत में एम्स में…

    Gorakhpur News: गोरखपुर के एम्स थानाक्षेत्र में 25 वर्षीय एक महिला ने एक युवक से फोन पर बातचीत को लेकर हुए झगड़े के बाद अपनी सास का गला कथित तौर पर चाकू से रेत दिया। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि महिला को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह घटना मलमालिया जगदीशपुर गांव में घटी।

    बात करने से रोका तो भड़की बहू, सास के गले पर चाकू से किया वार
    पुलिस सूत्रों के अनुसार जयहिंद नाम के व्यक्ति की पत्नी वंदना सोमवार रात मोबाइल फोन पर एक युवक से बात कर रही थी तभी उसकी सास आशा देवी (55) ने इस पर आपत्ति जताई और उसे बातचीत बंद करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि इससे नाराज वंदना ने अपनी सास पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसके गले में गहरा घाव हो गया।

    अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग सास, आरोपी बहू को पुलिस ने किया गिरफ्तार
    सूत्रों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल आशा देवी को इलाज के लिए एम्स ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जाती है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।

  • कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

    कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

    कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास आरोपी पर साजिश रचने का आरोप, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे..

    शहर के चर्चित अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में पुलिस ने करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में डॉक्टर दंपती समेत 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। पुलिस ने मामले में संगठित अपराध की धारा भी बढ़ाई है। जांच में लखनऊ के रहने वाले 12वीं पास रोहित उर्फ राहुल तिवारी को पूरे रैकेट का सरगना बताया गया है।

    दस्तावेज, चैट और कॉल डिटेल बने अहम सबूत

    पुलिस की चार्जशीट में छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेज, आरोपियों की आपसी चैट, कॉल डिटेल रिपोर्ट, होटल में ठहरने की फुटेज और डोनर-रिसीवर समेत 36 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इन्हीं सबूतों के आधार पर रैकेट की कड़ियां जोड़ी गई हैं।

    आहूजा अस्पताल में छापे के बाद खुला था मामला

    मसवानपुर चौराहा स्थित आहूजा अस्पताल में 29 मार्च को पुलिस ने छापा मारकर इस रैकेट का खुलासा किया था। आरोप है कि बेगूसराय के आयुष की किडनी मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर को ट्रांसप्लांट की गई थी। 31 मार्च को दरोगा मुकेश कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

    डॉक्टर दंपती समेत कई नाम चार्जशीट में

    मामले में आहूजा अस्पताल के संचालक डॉ. सुरजीत आहूजा और उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस के मुताबिक, अस्पताल संचालकों और अन्य आरोपियों को रैकेट के सदस्य के तौर पर पेश किया गया है।

    डीसीपी वेस्ट के अनुसार, किडनी कांड में कुल 19 आरोपियों के नाम सामने आए हैं। फिलहाल जेल भेजे गए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इनमें डॉ. सुरजीत आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार तोमर, परवेज सैफी, मुदस्सर अली, साहिल, परवेज सेती, रोहित और नवीन पांडेय समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    नया नंबर लेकर करता था डील

    पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहित उर्फ राहुल तिवारी बेहद सतर्क तरीके से रैकेट संचालित करता था। वह हर ट्रांसप्लांट से पहले नया मोबाइल नंबर लेता और ऑपरेशन पूरा होते ही उसे बंद कर देता था। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए कई डॉक्टर और सहयोगी इसी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे।

    आयुष बना केस की सबसे अहम कड़ी

    इस पूरे केस में आयुष को मुख्य गवाह बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, आयुष को आहूजा अस्पताल से बरामद किया गया था और उसकी किडनी ट्रांसप्लांट होने की मेडिकल रिपोर्ट भी मौजूद है। जांच एजेंसी का मानना है कि आयुष की गवाही अदालत में केस को मजबूत करेगी।

    50 हजार रुपये ने खोल दिया पूरा रैकेट

    किडनी ट्रांसप्लांट के बदले आयुष को 10 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। आरोप है कि उसे 9.50 लाख रुपये दिए गए, लेकिन बाकी 50 हजार रुपये नहीं मिले। भुगतान को लेकर विवाद बढ़ा तो आयुष ने पुलिस से शिकायत कर दी। इसी शिकायत ने पूरे अवैध किडनी रैकेट का पर्दाफाश कर दिया।

    विदेशी महिला के ऑपरेशन की भी जांच

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दिसंबर 2025 में साउथ अफ्रीका की अरेबिका नाम की महिला का भी आहूजा अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। बाद में उसे कार से दिल्ली भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है।

    अब अदालत में होगी अगली लड़ाई

    करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालत में आगे बढ़ेगा। पुलिस का दावा है कि दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस रैकेट से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।

  • तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

    तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

    तस्वीरें वायरल करने के आरोप में डंपर चालक की हत्या, जानिए क्या था पूरा मामला..

    उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई थाना क्षेत्र में डंपर चालक चंद्रपाल उर्फ चंचल की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि मृतक के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे और उसने उसकी पत्नी की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल कर दी थीं, जिससे समाज में बदनामी हो रही थी। इसी वजह से उसने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

    गश्त के दौरान पुलिस से हुई मुठभेड़

    पुलिस के मुताबिक, बुधवार को पटवाई थाना पुलिस जोलपुर रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान निर्माणाधीन सोना पुल के पास एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर आरोपी बाइक छोड़कर कच्चे रास्ते से भागने लगा। पीछा किए जाने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

    पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी योगेश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    तमंचा और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, नाल में फंसा एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस तथा हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा रही है।

    पूछताछ में किया बड़ा दावा

    पुलिस पूछताछ में आरोपी योगेश ने दावा किया कि उसकी पत्नी के मृतक चंद्रपाल उर्फ चंचल से अवैध संबंध थे। उसका आरोप है कि चंचल ने उसकी पत्नी के साथ कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें खींचकर वायरल कर दी थीं, जिससे रिश्तेदारों और समाज में उसकी बदनामी हो रही थी।

    साथियों के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि बदनामी से परेशान होकर उसने अपने सहयोगियों विनोद, महेश और भाई मुनेश के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। सोमवार रात शाहबाद रोड स्थित मोगा ढाबे के सामने टायर पंचर बनवाने के दौरान चंद्रपाल उर्फ चंचल के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।

    पहले दर्ज हो चुका है हत्या का मुकदमा

    घटना के बाद मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने योगेश, विनोद और मुनेश समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस का बयान

    थाना प्रभारी धनंजय कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी योगेश को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है। आवश्यक चिकित्सीय उपचार के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • परिवार के सामने हुई खौफनाक वारदात, आजमगढ़ की घटना ने दहला दिया दिल..

    परिवार के सामने हुई खौफनाक वारदात, आजमगढ़ की घटना ने दहला दिया दिल..

    परिवार के सामने हुई खौफनाक वारदात, आजमगढ़ की घटना ने दहला दिया दिल..

    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां नयापुरा कस्बे में एक कलयुगी छोटे भाई ने मामूली विवाद के बाद अपने सगे बड़े भाई की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सक्रिय हुई जहानागंज थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के महज पांच घंटे के भीतर आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।

    घर खर्च को लेकर मां से हो रही थी कहासुनी

    पुलिस पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। आरोपी ने बताया कि उसका बड़ा भाई दिलशेर अहमद पिछले दो साल से दुबई में रह रहा था और करीब 15 दिन पहले ही वह अपने घर लौटा था। घटना वाले दिन घर खर्च के लेन-देन को लेकर दिलशेर अहमद और उसकी मां के बीच कहासुनी हो रही थी। बात इतनी बढ़ गई कि भाई ने मां को धमकाना शुरू कर दिया। मां के साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार को देखकर छोटा भाई मोहम्मद अनस उर्फ राजू (24 वर्ष) गुस्से से आगबबूला हो गया और उसने खौफनाक कदम उठा लिया।

    पेट और पीठ पर किए चाकू से ताबड़तोड़ वार

    थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा के अनुसार, यह पूरी घटना 30 जून की शाम की है। मृतक दिलशेर अहमद की पत्नी सुमैया अख्तरी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पति दिलशेर और देवर अनस उर्फ राजू के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अनस ने गुस्से में आकर पास में रखा एक धारदार चाकू उठा लिया। इसके बाद उसने दिलशेर के पेट और पीठ पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए।

    बीच-बचाव करने आई भाभी पर भी किया हमले का प्रयास

    जब अनस अपने बड़े भाई पर जानलेवा हमला कर रहा था, तो दिलशेर की पत्नी सुमैया अख्तरी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। आरोप है कि सिर पर खून सवार होने के कारण अनस ने अपनी भाभी सुमैया पर भी चाकू से हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, सुमैया ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और शोर मचाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल हो चुके दिलशेर अहमद ने अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    पुलिस ने 5 घंटे में की घेराबंदी, पुलिया के पास से दबोचा

    घटना की सूचना मिलते ही जहानागंज थाना पुलिस में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाने लगी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। देर रात पुलिस को एक मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी भागने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए करहा मार्ग स्थित पुनर्जी पुलिया के पास घेराबंदी की और वारदात के महज 5 घंटे के भीतर आरोपी मोहम्मद अनस उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया।

    हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी ने कबूला जुर्म

    पुलिस ने आरोपी अनस की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त खून से सना चाकू भी बरामद कर लिया है। जहानागंज पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि मां को धमकाए जाने के कारण वह अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाया और उसने पास में रखा चाकू उठाकर भाई पर वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अब आरोपी को जेल भेजने की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।

  • इतिहास की इस 89 साल पुरानी तस्वीर में दिखी चौंकाने वाली चीज, इंटरनेट पर छिड़ी बहस..

    इतिहास की इस 89 साल पुरानी तस्वीर में दिखी चौंकाने वाली चीज, इंटरनेट पर छिड़ी बहस..

    दुनिया में ऐसे कई लोग समाने आते हैं, जो दावा करते हैं कि वो टाइम ट्रैवलर हैं. इसके साथ ही कई सबूत भी पेश किये जाते हैं, जो इस दावे को पुख्ता करते हैं. अब 1937 में खींची गई एक तस्वीर ऐसा ही दावा कर रही है.

    इतिहास की इस 89 साल पुरानी तस्वीर में दिखी चौंकाने वाली चीज, इंटरनेट पर छिड़ी बहस..

    इन दिनों दुनिया में टाइम ट्रैवल के कॉन्सेप्ट पर खूब चर्चा हो रही है. जहां एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय ऐसी कोई तकनीक बनी ही नहीं है, जिससे भविष्य या भूतकाल की यात्रा की जा सकती है. हालांकि, आने वाले समय में ऐसी मशीन बनाए जाने से वो इंकार नहीं करते हैं.

    इसके उलट दुनिया में ऐसे कई लोग सामने आते हैं, जो दावा करते हैं कि वो टाइम ट्रैवलर हैं. इसके साथ ही कई सबूत भी पेश किए जाते हैं, जो इस दावे को पुख्ता करते हैं. अब सोशल मीडिया पर 1937 में खींची गई एक तस्वीर ऐसा ही दावा कर रही है.

    क्या है इस फुटेज में?
    1937 की यह पुरानी न्यूजरील फुटेज शुरू में बिल्कुल नॉर्मल लगती है. इसमें कई महिलाएं सीढ़ियों से नीचे उतर रही हैं. लेकिन करीब से देखने पर एक महिला सबका ध्यान खींचती है. बाकी महिलाएं सफेद स्कार्फ पहने हैं जबकि यह महिला ब्लैक हेड रैप और शॉर्ट स्लीव ड्रेस पहने है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वह कान पर कुछ रखकर बात कर रही है. मानो कोई 21वीं सदी का मोबाइल फोन हो. वह बीच-बीच में रुक-रुककर सुनती भी दिख रही है. यह देखकर लोग हैरान रह गए.

    लोगों की प्रतिक्रिया
    सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद बहस छिड़ गई है. कुछ लोग कहते हैं कि यह टाइम ट्रैवलर है जो भविष्य से आई है. वहीं कुछ इसे कोइन्सिडेंस या ऑप्टिकल इल्यूजन मानते हैं. वहीं कई यूजर्स मजाक में लिख रहे हैं – “1937 में भी जियो का नेटवर्क था क्या?” कंस्पिरेसी थ्योरी प्रेमी इसे असली सबूत मान रहे हैं कि टाइम ट्रैवल संभव है.

    वैज्ञानिक नजरिया
    वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोई पुराना सुनने वाला उपकरण (hearing aid) या फोटो का एंगल हो सकता है. 1930 के दशक में भी कुछ आधुनिक दिखने वाले गैजेट्स थे. लेकिन छवि की स्पष्टता और महिला का व्यवहार इसे रहस्यमयी बनाता है. हालांकि, आपको बता दें कि टाइम ट्रैवल के दावे के और भी सबूत सामने आ चुके हैं. इससे पहले भी कई पुरानी तस्वीरों और वीडियो में आधुनिक चीजें दिखने के दावे हुए हैं. जैसे पुरानी फिल्म में सनग्लासेस वाला आदमी या 1920 की तस्वीर में हाथघड़ी. ये सभी बहस का विषय बने रहते हैं.

  • प्रेमिका की शादी के बाद भी पोस्ट कर रहा था तस्वीरें, समझौते के दौरान बवाल; 6 घायल…

    प्रेमिका की शादी के बाद भी पोस्ट कर रहा था तस्वीरें, समझौते के दौरान बवाल; 6 घायल…

    प्रेमिका की शादी के बाद भी पोस्ट कर रहा था तस्वीरें, समझौते के दौरान बवाल; 6 घायल…

    बिहार के औरंगाबाद जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ गोह थाना क्षेत्र के दरधा गांव में एक पुरानी रंजिश और सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हुआ। बातचीत और समझौते के लिए बैठी पंचायत के दौरान दोनों पक्षों में बात इतनी बिगड़ गई कि लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया गया। इस हिंसक झड़प में एक पक्ष से तीन महिलाओं और तीन पुरुषों समेत कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    2 साल पुराने प्रेम प्रसंग से जुड़ा है पूरा मामला

    मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद दरधा गांव के रहने वाले बसीर शाह और गांव के ही रिजवान की बेटी के बीच के दो साल पुराने प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। बताया जाता है कि दोनों के बीच लंबे समय तक अफेयर था। हालांकि, बाद में परिवार की सहमति से लड़की की शादी किसी दूसरे लड़के से कर दी गई और वह अपने ससुराल चली गई। लड़की की शादी होने के बाद भी प्रेमी बसीर शाह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। वह लगातार लड़की की पुरानी तस्वीरों को अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट पर स्टेटस के रूप में लगा रहा था।

    समझौते की मेज पर गाली-गलौज और फिर खूनी संघर्ष

    शादीशुदा बेटी की तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट होने से लड़की पक्ष के लोग बेहद नाराज थे। इस बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार बातचीत और समझौता कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन बसीर शाह मानने को तैयार नहीं था। बुधवार को एक बार फिर इसी विवाद को हमेशा के लिए सुलझाने के उद्देश्य से गांव के लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच पंचायत बुलाई गई थी। लेकिन समझौते के दौरान ही दोनों तरफ से बहस शुरू हो गई। तू-तू-मैं-मैं से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर लाठी-डंडों के खूनी खेल में बदल गया।

    महिलाओं समेत 6 लोग घायल

    इस मारपीट की घटना का एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर रहे हैं। इस हिंसक वारदात में हकीम शाह, बसीर साह, मोकिम साह, शयरुन खातून, रवीना खातून और हुस्ना खातून गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गोह में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

    मामले की जांच में जुटी पुलिस

    इस खूनी झड़प के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। गोह थाना के थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि पीड़ितों की तरफ से पुलिस को लिखित आवेदन प्राप्त हो चुका है। पुलिस ने वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही हमले में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।