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  • हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

    हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

    हर चुस्की में खतरा! बाराबंकी में नकली चायपत्ती फैक्ट्री का खुलासा, मिलावट का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान..

    बाराबंकी जिले में एसटीएफ ने एक ऐसे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सबसे जरूरी चीज, चाय को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। थाना बड्डूपुर क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में चल रही नकली और मिलावटी चायपत्ती बनाने की फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।

    छापेमारी में क्या-क्या मिला?

    एसटीएफ की टीम ने मौके से लगभग 763.75 किलोग्राम मिलावटी चायपत्ती बरामद की है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री और रसायन भी मिले हैं। बरामद सामान में फर्जी ब्रांड की मिलावटी चायपत्ती के सैकड़ों पैकेट, लगभग 3.9 किलोग्राम रंगीन रसायन, पैकिंग मशीन और भारी मात्रा में खाली रैपर और बोरे शामिल हैं। इन सभी चीजों का इस्तेमाल नकली चाय को असली ब्रांड की तरह पैक कर बाजार में बेचने के लिए किया जा रहा था।

    कैसे चलता था मिलावट का यह धंधा?

    जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह द्वारा चलाया जा रहा था। गिरोह के सदस्य असम से सस्ती और घटिया क्वालिटी की चायपत्ती मंगाते थे। इसके बाद उसमें रंग और रसायन मिलाकर उसे मजबूत स्वाद और आकर्षक रंग दिया जाता था। फिर इस मिलावटी चाय को अलग-अलग नामी ब्रांड के पैकेट में पैक कर लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहांपुर और बहराइच जैसे जिलों में सप्लाई किया जाता था।

    गिरफ्तार आरोपी ने खोले कई राज

    गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शकील ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। उसके मुताबिक, इस धंधे में कई लोग शामिल हैं जो अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। उसने यह भी बताया कि कम लागत में तैयार होने वाली यह नकली चाय बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेची जाती थी, जिससे गिरोह को मोटा मुनाफा होता था।

    एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

    एसटीएफ की यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने शाहपुर गांव में छापा मारा और मौके से एक आरोपी को दबोच लिया। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    इस मामले में थाना बड्डूपुर में बीएनएस की धारा 318(2), 318(4), 274 और 275 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क और फंडिंग चैन की जांच कर रही है। फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे सप्लाई चेन पर है और जांच आगे बढ़ रही है।

  • यमराज भी नहीं छूते इन 3 तरह के लोगों को, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य..

    यमराज भी नहीं छूते इन 3 तरह के लोगों को, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य..

    यमराज भी नहीं छूते इन 3 तरह के लोगों को, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य..

    मौत एक ऐसा सच है जिससे कोई भी बच नहीं सकता. गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद की स्थितियों के बारे में बहुत विस्तार से बताया गया है. आमतौर पर माना जाता है कि जब किसी इंसान का अंत समय आता है, तो यमराज के दूत यानी यमदूत उसे लेने आते हैं.

    गरुड़ पुराण के अनुसार यमदूतों का रूप बहुत भयानक होता है और वे पापियों को बेरहमी से घसीटते हुए ले जाते हैं. लेकिन इसी पुराण में एक बेहद गुप्त और खास नियम का भी जिक्र मिलता है.

    शास्त्रों के अनुसार 3 तरह के लोग ऐसे होते हैं जिनके पास आने की हिम्मत यमराज के दूत भी नहीं कर पाते. यमदूत इन खास लोगों को कभी हाथ तक नहीं लगाते, बल्कि इनके प्राण लेने के लिए खुद भगवान के दिव्य पार्षद आते हैं. आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार कौन से हैं वे खुशकिस्मत लोग.

    प्रभु भक्ति में लीन रहने वाले सच्चे भक्त

    इस सूची में पहला नाम उन लोगों का आता है जो अपना पूरा जीवन ईश्वर की भक्ति और सिमरन में बिता देते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति हर समय भगवान का नाम लेता है, उसका अंत समय बहुत शांति से कटता है.

    ऐसे लोगों के मन में मृत्यु का कोई डर नहीं होता. जब उनकी सांसें खत्म होने वाली होती हैं, तो यमराज के भयानक दूत उनके आसपास भी नहीं फटकते. प्रभु का नाम जपने वाले इन लोगों के प्राण हरने के लिए सीधे वैकुंठ धाम से विष्णुदूत आते हैं. वे बहुत सुंदर और शांत रूप में प्रकट होते हैं. वे इन भक्तों की आत्मा को बहुत आदर के साथ अपने दिव्य विमान में बैठाकर ले जाते हैं.

    निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने वाले

    दूसरा नियम उन लोगों के लिए है जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि भूखों को खाना खिलाना, बीमारों की सेवा करना और बेसहारा लोगों को आश्रय देना सबसे बड़ा धर्म है.

    जो इंसान बिना किसी लालच के समाज की भलाई करता है, उसके खाते में अपार पुण्य जमा हो जाते हैं. ऐसे दयालु लोगों के पास जाने से यमदूत खुद कतराते हैं.

    यमराज के दूतों को केवल उन लोगों को ले जाने का अधिकार है जिन्होंने जीवन भर दूसरों को सताया हो. दूसरों के आंसू पोंछने वाले परोपकारी लोगों का स्वागत करने के लिए स्वर्ग के देवता खुद आते हैं.

    सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले इंसान

    तीसरी स्थिति उन लोगों की है जो जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आ जाएं, कभी झूठ और बेईमानी का रास्ता नहीं चुनते. गरुड़ पुराण के अनुसार सत्य बोलना और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाना भी एक बहुत बड़ी तपस्या है.

    जो लोग माता पिता की सेवा करते हैं, किसी का दिल नहीं दुखाते और धर्म के नियमों का पालन करते हैं, उन्हें यमराज का भय नहीं सताता. यमदूत ऐसे ईमानदार और साफ दिल वाले लोगों को दूर से ही प्रणाम करते हैं.

    इनके प्राण निकलते समय इन्हें बिल्कुल भी दर्द नहीं होता. इनकी आत्मा को सीधे मोक्ष या उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है.

    अच्छे कर्मों का मिलता है ये दिव्य फल

    इस तरह गरुड़ पुराण की यह बातें हमें जीवन को सही दिशा में जीने का संदेश देती हैं. मृत्यु से डरने की बजाय हमें अपने आज के कर्मों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए. जो इंसान लालच, नफरत और धोखेबाजी से दूर रहता है, उसका अंत समय अपने आप सुधर जाता है.

    यमदूतों का खौफ सिर्फ उन्हीं के लिए है जो बुरे कामों में डूबे रहते हैं. अगर हमारा मन साफ है और हम भगवान पर भरोसा रखते हैं, तो यमराज के दूत हमारे लिए कोई मायने नहीं रखते. अच्छे कर्म करने वालों को अंत में यमदूतों की यातनाएं नहीं बल्कि ईश्वर की शरण मिलती है.

  • गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

    गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

    गोरखपुर को झकझोर देने वाली वारदात, CCTV फुटेज ने खोल दी कल्पेश-नीलम की पोल…

    Gorakhpur: गोरखपुर के सहजनवा थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय मासूम के अपहरण और हत्या के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मासूम का अपहरण फिरौती वसूलने की नीयत से कर ले गए थे, लेकिन पुलिस की तेजी से शुरू हुई जांच और तलाश अभियान के कारण पकड़े जाने के डर से उन्होंने बच्चे की हत्या कर दी।

    बच्चे की तलाश जारी

    पुलिस के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को मासूम के दादा ने सहजनवा थाने में अपने पांच वर्षीय पौत्र के घर से लापता होने की सूचना दी थी। शिकायत के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें बालक को स्थानीय निवासी कल्पेश राय के साथ जाते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध की तलाश तेज कर दी।

    आरोपी गिरफ्तार

    लगातार की गई खोजबीन के दौरान 3 जुलाई को लापता बालक का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रविवार को आरोपी कल्पेश राय और उसकी पत्नी नीलम प्रभा राय को गिरफ्तार कर लिया।

    परिवार की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय

    पुलिस पूछताछ में आरोपी कल्पेश राय ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर फिरौती के उद्देश्य से बच्चे का अपहरण किया था। हालांकि, जब परिवार की सूचना पर पुलिस सक्रिय हो गई और गिरफ्तारी की आशंका बढ़ी तो दोनों ने मिलकर मासूम की हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस जांच में पूरा मामला उजागर हो गया।

    पहलुओं की गहन जांच जारी

    सहजनवा पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में दर्ज मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    इस कार्रवाई को थाना प्रभारी बलराम पाण्डेय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें उपनिरीक्षक जितेन्द्र यादव, उपनिरीक्षक मृत्युंजय कुमार तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • शादी के मंच पर दूल्हे की धौंस पड़ी भारी, दुल्हन ने वरमाला फेंकी, बिना दुल्हन लौट गई बारात..

    शादी के मंच पर दूल्हे की धौंस पड़ी भारी, दुल्हन ने वरमाला फेंकी, बिना दुल्हन लौट गई बारात..

    शादी के मंच पर दूल्हे की धौंस पड़ी भारी, दुल्हन ने वरमाला फेंकी, बिना दुल्हन लौट गई बारात..

    (image: Pinterest)

    Hathras: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सहपाऊ थाना क्षेत्र के मढ़का गांव में आयोजित एक शादी समारोह में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब वरमाला की रस्म के दौरान दूल्हे की हरकत से दुल्हन नाराज हो गई। बताया जा रहा है कि दूल्हा नशे की हालत में था और स्टेज पर पहुंचते ही उसने दुल्हन के साथ अनुचित व्यवहार किया। दुल्हन ने वहीं शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    दुल्हन ने लगाया बदसलूकी और धमकी का आरोप

    दुल्हन का आरोप है कि दूल्हे ने शराब के नशे में उसका हाथ जोर से पकड़ा और दबाया। विरोध करने पर उसने कथित तौर पर धमकी भी दी। इस व्यवहार से आहत होकर दुल्हन ने फैसला किया कि वह ऐसे व्यक्ति से शादी नहीं करेगी। परिवार और रिश्तेदारों ने काफी देर तक उसे मनाने की कोशिश की, लेकिन उसने अपना फैसला नहीं बदला।

    पंचायत से भी नहीं निकला समाधान

    घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत और पंचायत के माध्यम से समझौता कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, काफी देर तक चली बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। आखिरकार दूल्हा पक्ष बिना शादी किए ही वापस लौट गया और विवाह रद्द हो गया।

    दुल्हन के पिता ने लगाए गंभीर आरोप

    दुल्हन के पिता संजय का आरोप है कि दूल्हे के साथ आए कई बाराती भी नशे की हालत में थे। उनका कहना है कि जब उनकी बेटी ने शादी से इनकार किया तो दूल्हा पक्ष अपने साथ लाए कपड़े, गहने और अन्य सामान वापस लेकर चला गया। परिवार का कहना है कि बेटी ने जो फैसला लिया, उसमें उन्होंने उसका पूरा साथ दिया।

    छोटी बहन की शादी हुई संपन्न

    इस विवाह समारोह में संजय की दो बेटियों की शादी एक ही दिन होनी थी। बड़ी बेटी की शादी तो टूट गई, लेकिन छोटी बेटी का विवाह तय कार्यक्रम के अनुसार उसी मंडप में संपन्न हुआ। छोटी बेटी की बारात चंदपा थाना क्षेत्र के नया नगला (रुहेरी) गांव से आई थी। सभी वैवाहिक रस्में शांतिपूर्वक पूरी होने के बाद उसे विदा कर दिया गया।

    पुलिस पहुंची, लेकिन शिकायत नहीं दी गई

    घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, दुल्हन के शादी से इनकार करने के बाद बारात वापस लौट गई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। यदि भविष्य में कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • जवानी में ही धुंधली पड़ सकती है नजर, Diabetes और High BP वालों के लिए जरूरी चेतावनी..

    जवानी में ही धुंधली पड़ सकती है नजर, Diabetes और High BP वालों के लिए जरूरी चेतावनी..

    जवानी में ही धुंधली पड़ सकती है नजर, Diabetes और High BP वालों के लिए जरूरी चेतावनी..

    मोतियाबिंद एक आम समस्या है जिसमें लोगों की नजर धीरे-धीरे और बिना किसी दर्द के कम होने लगती है। अक्सर इसे बुढ़ापे से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी पुरानी बीमारियां मोतियाबिंद को बढा देती है और कुछ लोगों को उम्र से पहले ही दिखना बंद हो जाता है। आज समझते हैं इसके बारे में विस्तार से।

    HT लाइफ़स्टाइल से बात करते हुए मोतियाबिंद, कॉर्निया और रिफ्रैक्टिव सर्जन  ने बताया कि  “मोतियाबिंद तब होता है जब आंख का नैचुरल लेंस धीरे-धीरे अपनी स्पष्टता खोने लगता है और धुंधला हो जाता है, जिससे रोशनी अंदर नहीं जा पाती। लक्षणों के धीरे-धीरे बढ़ने के कारण कई लोगों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि उनकी नज़र कैसे लगातार खराब होती जा रही है।” मोतियाबिंद के आम लक्षणों में शामिल है: धुंधली नज़र, रात में गाड़ी चलाते समय चकाचौंध महसूस होना, रंग फीके दिखना, पढ़ने में कठिनाई और चश्मे के नंबर में बार-बार बदलाव।


    डायबिटीज इस तरह आंखों पर करती है अटैक

    डॉक्टर कहते हैं- डायबिटीज़ के मरीज़ों में कम उम्र में ही मोतियाबिंद होने की संभावना ज़्यादा होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लंबे समय तक ब्लड शुगर का लेवल बढ़ा रहने से आंख के लेंस में धीरे-धीरे बदलाव आते हैं, जिससे समय के साथ उसमें धुंधलापन आ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि यह व्यक्ति की सेहत पर बुरा असर डालता है। हालाँकि, यह एक ऐसी स्थिति भी है जो आंखों की सेहत को प्रभावित कर सकती है और आंखों की रोशनी जा सकती है।

    डॉक्टर का कहना है कि- “लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से शरीर की सभी रक्त वाहिकाओं (blood vessels) को नुकसान पहुंच सकता है, जिनमें आंखों तक रक्त पहुंचाने वाली वाहिकाएं भी शामिल हैं। अध्ययनों से पता चला है कि उम्र के साथ होने वाले मोतियाबिंद का संबंध हाइपरटेंशन से है, खासकर तब जब शरीर में अन्य बीमारियाँ भी मौजूद हों। मरीजों को एक ही समय में आंखों से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे डायबिटिक रेटिनोपैथी या ग्लूकोमा, इसलिए आंखों की नियमित जांच बहुत ज़रूरी है।


    मोतियाबिंद से आंखों का बचाव कैसे करें

    आई सर्जन के अनुसार, अच्छी बात यह है कि मोतियाबिंद का इलाज संभव है। आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी से कई लोगों की आंखों की रोशनी वापस आ गई है और हालांकि उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल में रखकर आंखों की सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है। नियमित और पूरी तरह से आंखों की जांच करवाने से, खासकर 40 साल की उम्र के बाद, मोतियाबिंद और आंखों की अन्य बीमारियों का शुरुआती दौर में ही पता लगाया जा सकता है, इससे पहले कि वे आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डालें।

  • PoJK में बगावत की हुंकार, ‘हम तुम्हारी मौत हैं’ के नारों ने बढ़ाई इस्लामाबाद की बेचैनी

    PoJK में बगावत की हुंकार, ‘हम तुम्हारी मौत हैं’ के नारों ने बढ़ाई इस्लामाबाद की बेचैनी

    PoJK में बगावत की हुंकार, ‘हम तुम्हारी मौत हैं’ के नारों ने बढ़ाई इस्लामाबाद की बेचैनी

    पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के अलग-अलग शहरों में रविवार (5 जुलाई, 2026) को प्रदर्शन शुरू होने के 27वें दिन पाकिस्तान की हुकूमत और फौज के खिलाफ लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर इकट्ठा हो गए और जुल्म जबर के खिलाफ आजादी के नारे लगा रहे हैं, हिंदुस्तान के साथ वापस आने का इशारा कर रहे हैं और हिंदुस्तान से खाना मांग रहे हैं. पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ प्रदर्शन में बच्चे, बुजुर्ग, युवा, महिलाएं सब सड़कों पर हैं और पीओके में पाकिस्तान के जुल्म की दास्तान सुना रहे हैं.

    ‘है हक हमारा आजादी, हम लेके रहेंगे आजादी, मौला देंगे आजादी, मेरे मौला देंगे आजादी, हम लेके रहेंगे आजादी, हम लेके रहेंगे आजादी, है हक हमारा आजादी, तू क्यों ना देगा आजादी, तू क्यों ना देगा आजादी, है हक हमारा आजादी, है हक हमारा आजादी’ ये वो नारे हैं, जो रविवार (5 जुलाई, 2026) को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली इलाके में लगाए गए, जिसकी वीडियो और तस्वीरें एबीपी न्यूज के पास मिली हैं.

    पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ बगावत में महिलाएं-बच्चे शामिल

    पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह में क्या महिलाएं, क्या बच्चे सभी आज सड़कों पर हैं. ‘सहूलत्कारों देख लो हम तुम्हारी मौत हैं, हुक्मरानों देख लो हम तुम्हारी मौत हैं.. ‘ के साथ रविवार को पीओके का रावलकोट और हथियाबाला गूंज उठा, जहां रावलकोट के पानीवाला इलाके में हजारों महिलाओं ने इन नारों के साथ पाकिस्तानी हुकूमत को चुनौती दी, तो हथिया बाला में टिम्बर का डंडा लिए हजारों युवाओं ने पाकिस्तान को अपना रूख बताया.

    “गलियों से बाजारों से, इंकलाब आएगा, बच्चा तेरी मेहनत से, इंकलाब आएगा, नौजवानों तेरी मेहनत से, इंकलाब आएगा, बुजुर्गों तेरी मेहनत से, इंकलाब आएगा, आएगा भाई आएगा, इंकलाब आएगा, खून रंग लाएगा… इंकलाब आएगा” ये नारे पीओके के बच्चों ने रविवार को स्कूल की छुट्टी के दिन रैली निकालकर लगाए और पाकिस्तान को बताया की पीओके का भविष्य पाकिस्तान के बिल्कुल खिलाफ है. पालंद्री से लेकर ददियाल, मीरपुर, कोटली, बाग हर तरफ बस पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ लोग सड़कों पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे को ललकार रहे हैं और अपनी आजादी मांग रहे हैं.

    पाकिस्तानी हुकूमत ने पिछले महीने 5 जून को प्रदर्शन शुरू होने के 5 दिन पहले पूरे पीओके में इंटरनेट बंद किया था और उसी दिन पीओके में गोलीबारी की शुरुआत की थी, जिसमें अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है. इसी की वजह से रविवार (5 जुलाई, 2026) को पाकिस्तान के जुल्म शुरू होने के एक महीने पूरे होने पर पूरे पीओके में प्रदर्शन किया जा रहा है.

    पीओके में रविवार (5 जुलाई) को एक बार पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शन को कुचलने के लिए निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर ददियाल और मुजफ्फराबाद के नीलाम पुल पर गोलियां चलाई, जिसमें 8 प्रदर्शनकारी घायल हैं. साथ ही, कल शनिवार (4 जुलाई, 2026) को भी रावलकोट के ईदगाह मैदान पर सुबह-सुबह फजर की नमाज के समय पाकिस्तानी सेना के रेंजर्स ने रावलाकोट के ईदगाह मैदान पर फायरिंग की थी, जहां पर पिछले 27 दिन से 80 हजार प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं.

    पाकिस्तानी फौज के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं पीओके

    मुजफ्फराबाद के नीलम पुल से आई तस्वीरों में साफ-साफ दिख रहा है कि जहां एक तरफ अजान चल रही है और दूसरी तरफ पाकिस्तानी रेंजर्स लोगों पर गोली चला रहे हैं. इसी तरह ददियाल में भी AK-47 से फायरिंग की तस्वीर दिख रही है. गोलीबारी के बावजूद, पीओके के लोग पाकिस्तानी फौज और पीओके की पुलिस के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं. कई तस्वीरें और वीडियो ऐसी भी एबीपी न्यूज के पास आईं हैं, जहां पर लोग रेंजर्स और पुलिस के सामने इंकलाब के नारे लागा रहे हैं और बाइक पर मार्च कर रहे हैं.

  • खामेनेई के अंतिम संस्कार में उग्र माहौल, अमेरिका विरोधी नारों के साथ ट्रंप पर भी भड़का गुस्सा..

    खामेनेई के अंतिम संस्कार में उग्र माहौल, अमेरिका विरोधी नारों के साथ ट्रंप पर भी भड़का गुस्सा..

    खामेनेई के अंतिम संस्कार में इकट्ठा हुए इस्लामिक रिपब्लिक के समर्थकों ने ट्रंप विरोधी नारे लगाए हैं. समर्थकों ने ट्रंप को मार देने की बात कही है. उन्होंने नारा लगाते हुए कहा कि ट्रंप को मार डालो.

    ईरान में लगे ट्रंप विरोधी नारे, खामेनेई के अंतिम संस्कार में लोगों का हुजूम देखने को मिला है.

    ईरान में जहां एक तरफ साप्ताहिक मातम का आलम बना हुआ है. वहां के बलिदानी पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. तो वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति की तरफ से लगातार जंग भड़काने वाली बयानबाजी की जा रही है. उनकी बयानबाजी पर ईरान ने पलटवार जरूर किया है. ईरान ने सभी को एक साथ मारने वाले बयान पर कहा है कि लोगों को मारा जा सकता है, उनके आदर्शों को नहीं. चार महीने पहले इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में अयातुल्लाह खामेनेई समेत कई परिवार के लोगों की मौत हो गई थी.

    अब इसी बीच खामेनेई के अंतिम संस्कार में इकट्ठा हुए इस्लामिक रिपब्लिक के समर्थकों ने ट्रंप विरोधी नारे लगाए हैं. समर्थकों ने ट्रंप को मार देने की बात कही है. उन्होंने नारा लगाते हुए कहा कि ट्रंप को मार डालो.

    Iranintltv के मुताबिक, अंतिम संस्कार के दौरान ईरान के समर्थक मारे गए अपने नेता का बदला लेने की मांग करते हुए दिखे. उनके हाथ में बैनर था. बैनर पर लिखा था कि ट्रंप को मार डालो. बिबी को मार डालो. इस दौरान समर्थकों ने नारे भी लगाए.

    इधर, सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के भाई हादी खामेनेई ने एक वीडियो जारी कर रहा है कि पूर्व नेता की हत्या के जिम्मेदार लोगों को उचित सजा मिलनी चाहिए. यह मामला अमेरिका के साथ बातचीत से जुड़ा नहीं है.

    ईरान के आर्मी चीफ ने क्या कहा है?

    ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा है कि उन्होंने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से कहा था कि पूर्व सुप्रीम लीडर की हत्या के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.

    इनके अलावा शिया धर्मगुरु ने कहा कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को दैवीय सजा और दंड से बच नहीं पाएंगे. नासेर मकारम शिराजी ने कहा है कि ईरानियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि युद्ध खत्म हो गया.

  • पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

    पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

    पूजा में लीन थे BJP नेता, तभी बेटे ने कुल्हाड़ी से किया हमला; मौके पर ही मौत..

    उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक कलयुगी बेटे ने मामूली बात पर अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक प्रमोद पासी उर्फ रेवती (55 वर्ष) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता थे। आरोपी बेटे ने इस खौफनाक वारदात को उस समय अंजाम दिया जब उसके पिता गांव के एक मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

    मंदिर में पूजा कर रहे थे बीजेपी नेता, पीछे से किया ताबड़तोड़ वार

    यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को 55 वर्षीय भाजपा नेता प्रमोद पासी हमेशा की तरह गांव के मंदिर में शनि देव और बरम बाबा की पूजा-अर्चना करने गए थे। वह पूजा में लीन थे, तभी उनका सगा बेटा सोने लाल हाथ में कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंच गया। इससे पहले कि प्रमोद पासी कुछ समझ पाते, सोने लाल ने पीछे से उनके सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। हमला इतना जोरदार था कि प्रमोद पासी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

    शराब की लत और बहू का पक्ष लेना बनी हत्या की वजह

    परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी सोने लाल बेहद हिंसक और शराब पीने का लती है। वह अक्सर शराब के नशे में घर में कलह करता था और अपनी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट किया करता था। भाजपा नेता प्रमोद पासी हमेशा अपनी बहू का पक्ष लेते थे और बेटे की इन हरकतों का विरोध करते थे। पिता का बहू का साथ देना सोने लाल को बिल्कुल पसंद नहीं था, जिसे लेकर वह अपने पिता से रंजिश रखने लगा था।

    जायदाद के हिस्से को लेकर भी पिता-पुत्र में था विवाद

    घरेलू विवाद के अलावा इस हत्या के पीछे जमीन-जायदाद का एंगल भी सामने आया है। परिजनों ने बताया कि सोने लाल पिछले काफी समय से अपने पिता प्रमोद पासी पर जायदाद का हिस्सा उसके नाम करने का दबाव बना रहा था। वह अपनी मनमर्जी से जमीन बेचना चाहता था, लेकिन प्रमोद पासी उसकी शराब की लत और गलत आदतों को देखते हुए हिस्सा देने से साफ मना कर देते थे। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने ही पिता की जान लेने की खौफनाक साजिश रच डाली।

    औरास पुलिस ने आरोपी बेटे को किया गिरफ्तार, जांच जारी

    मंदिर परिसर में बीजेपी नेता की हत्या की खबर मिलते ही औरास थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारे बेटे सोने लाल को आलाकत्ल (कुल्हाड़ी) के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

  • रात में कितनी बार पेशाब आना नॉर्मल है और कब है चिंता की बात? जानिए एक्सपर्ट की राय

    रात में कितनी बार पेशाब आना नॉर्मल है और कब है चिंता की बात? जानिए एक्सपर्ट की राय

    रात में कितनी बार पेशाब आना नॉर्मल है और कब है चिंता की बात? जानिए एक्सपर्ट की राय

    लंबे दिन के बाद या बहुत ज़्यादा तरल पदार्थ पीने के बाद, रात में कभी-कभी पेशाब करने के लिए उठना सामान्य है। हालांकि, जब रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है और इससे नींद पर असर पड़ने लगता है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है बहुत से लोग मानते हैं कि रात में बार-बार पेशाब आना उम्र बढ़ने का ही नतीजा है। लेकिन डॉक्टर कहते हैं कि यह किस तरह हो रहा है, यह मायने रखता है।। अच्छी बात यह है कि रात में बार-बार पेशाब आने की कई वजहों का इलाज संभव है।


    ये है चेतावनी संकेत

    डॉक्टर कहते हैं-  बहुत से लोग, खासकर 40 साल की उम्र के बाद, रात में कई बार पेशाब करने के लिए उठने को सामान्य मान लेते हैं, लेकिन इसे हमेशा उम्र बढ़ने का असर मानकर नज़रअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति कभी-कभार एक बार उठता है, तो यह चिंता की बात नहीं हो सकती। लेकिन जब ऐसा हर रात दो तीन या चार बार होने लगे और इससे नींद की क्वालिटी, थकान या दिन के कामकाज पर असर पड़ने लगे, तो हमें गहराई से जांच करने की ज़रूरत है।  सबसे बड़े चेतावनी संकेतों में से एक है किसी व्यक्ति की सामान्य नींद के पैटर्न में अचानक बदलाव आना। अगर कोई व्यक्ति जो पहले रात भर सोता था, अब पेशाब करने के लिए बार-बार उठने लगे, तो इस पर ध्यान देना ज़रूरी है।


    रात में बार-बार पेशाब आना क्यों मायने रखता है?

    नॉकटूरिया (यानी रात में पेशाब आना) नींद में खलल डाल सकता है। लंबे समय तक नींद में खलल पड़ने से ऊर्जा के स्तर, मूड और रोज़मर्रा के कामकाज पर असर पड़ सकता है। हालाँकि यह लक्षण हमेशा गंभीर नहीं होता, लेकिन कभी-कभी यह किसी ऐसी छिपी हुई समस्या का संकेत हो सकता है जिसकी जल्द जाँच होनी चाहिए।


    ऐसे लक्षण जिन्हें कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए

    अध्ययनों से पता चलता है कि 50 साल और उससे ज़्यादा उम्र के आधे से ज़्यादा भारतीय रात में कम से कम एक बार पेशाब करने के लिए उठते हैं। इसकी वजह का पता लगाने से जीवनशैली में सही बदलाव या स्वास्थ्य उपचार चुनने में मदद मिलती है, जिससे नींद और सेहत बेहतर होती है। अगर कोई व्यक्ति जो पहले रात भर आराम से सोता था, अचानक कई बार पेशाब करने के लिए उठने लगे, तो इस पर ध्यान देना चाहिए। बहुत ज़्यादा प्यास लगना, पेशाब में खून आना, पेशाब पर कंट्रोल कम होना, पेशाब का बहाव रुक-रुक कर होना, बिना किसी वजह के वज़न कम होना या पेल्विक एरिया में बेचैनी जैसे लक्षणों को नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए।


    ये है खतरे का संकेत

    शरीर आमतौर पर शुरुआत में ही हल्के चेतावनी वाले संकेत देता है। अगर रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या बनी रहती है, और साथ में जलन, पेशाब का कमज़ोर बहाव, तुरंत पेशाब जाने की ज़रूरत, पैरों में सूजन या नींद में खलल जैसी दिक्कतें हों, तो खुद इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सही जांच करवानी चाहिए। पेशाब में खून आना, बिना वजह वज़न कम होना, तेज़ जलन या पेल्विक एरिया में लगातार दर्द को कभी भी नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। गंभीर बीमारियों का पता लगाने के लिए इन लक्षणों की तुरंत जांच की ज़रूरत हो सकती है।


    इस समस्या से बचने के आसान तरीके

    -सोने से एक-दो घंटे पहले तरल पदार्थों का सेवन कम करें।
    -देर दोपहर के बाद चाय और कॉफी न पिएं।
    -सोने से पहले टॉयलेट जाएं। 
    -सोने का एक नियमित रूटीन बनाएं। 
    -शाम के खाने में नमक कम लें। 
    -सूजन होने पर रात में पैर ऊपर उठाकर रखें।

    ये उपाय रात में पेशाब बनने की मात्रा को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    मेडिकल इलाज

    अगर लक्षण ठीक नहीं होते हैं, तो मेडिकल मदद की ज़रूरत पड़ सकती है। डॉक्टर ये सलाह दे सकते हैं जैसे जरूरत पड़ने पर इन्फेक्शन का इलाज। ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना, ब्लैडर ट्रेनिंग के तरीके, ज़रूरत पड़ने पर दवाएं। इलाज का तरीका समस्या की असल वजह पर निर्भर करता है। अगर पेशाब करते समय परेशानी या दर्द होता है, आपको डायबिटीज़ या कोई और पुरानी बीमारी है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। जल्दी मेडिकल सलाह लेने से कारण का पता लगाने और जटिलताओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

  • 2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

    2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

    2 महीने की शादी, फिर डॉक्टर की मौत; आखिरी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू

    बरेली में एक डॉक्टर, जिसने दो महीने पहले लव मैरिज की थी, की शनिवार सुबह 4 बजे हॉस्पिटल में मौत हो गई. उसके भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे जहर देकर मार डाला और फिर सिविल लाइंस में मेयर के कैंप ऑफिस के सामने फेंक दिया.

    यूपी के बरेली में एक डॉक्टर, जिसने दो महीने पहले लव मैरिज की थी, की शनिवार सुबह 4 बजे हॉस्पिटल में मौत हो गई. उसके भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे जहर देकर मार डाला और फिर सिविल लाइंस में मेयर के कैंप ऑफिस के सामने फेंक दिया.

    शुक्रवार रात करीब 8 बजे राहगीरों ने भाई को हॉस्पिटल पहुंचाया. परिवार वालों के मुताबिक, डॉक्टर ने मौत से पहले बताया था कि उसकी पत्नी और बहनोई ने उसे बुरी तरह पीटा था. उसकी पत्नी डेढ़ महीने से अपने बहनोई और बहन के घर पर रह रही थी. 

    डॉक्टर ने 15 अप्रैल को लव मैरिज की 

    सुभाष नगर थाना इलाके में बालाजी धाम मंदिर के पास रहने वाले डॉ. कुलदीप गोस्वामी (40) अपना क्लिनिक चलाते थे. तीन साल पहले उनका अपनी पत्नी से तलाक हो गया था. पहली पत्नी दया से उनका एक बेटा उत्कर्ष (13) है. वह मदर्स पब्लिक स्कूल में सातवीं क्लास में पढ़ता है. कुलदीप ने 15 अप्रैल को गुंजन (38) से लव मैरिज की थी.

    कुलदीप के भाई विनायक ने बताया कि शादी के बाद से ही गुंजन उस पर लगातार अपने माता-पिता से अलग रहने का दबाव बना रही थी. वह अपने सास, ससुर, देवरानी और देवर से झगड़ा और मारपीट करती थी. उसके भाई की पत्नी गुंजन शादी के 15 दिन बाद ही ससुराल चली गई. वह अपने साथ लाखों रुपये के गहने ले गई. वह कैंट थाना इलाके के सदर बाजार में अपनी बहन और जीजा के साथ रह रही थी.

    कुलदीप अपनी पत्नी को मनाने गया 

    परिवार वालों ने बताया कि शुक्रवार (3 जुलाई) को डॉ. कुलदीप अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए उसके घर गया था. वहां उसकी पत्नी ने अपनी बहन और जीजा के साथ मिलकर कुलदीप को जहर दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. उसकी मौत के बाद आरोपियों ने उसकी लाश सड़क किनारे फेंक दी.

    शनिवार को मृतक के भाई ने कैंटोनमेंट थाने में अपनी पत्नी, बहन और जीजा पर हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है. बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.

    मरने से पहले कुलदीप ने बनाई थी एक वीडियो

    कुलदीप का एक वीडियो सामने आया है. इसमें उसने कहा मैं बहुत परेशान था, इसलिए मैंने यह वीडियो बनाया. मैंने दो महीने पहले गुंजन से शादी की थी. शादी के बाद मुझे लगा कि मैं एक सोची-समझी साजिश में फंस गया हूं. शादी के बाद मेरे घर से कैश, सोना, चांदी और दूसरा सामान गायब होने लगा. 

    एक बार मैंने गुंजन को अपनी बहन रीना को 70,000 रुपये देते हुए पकड़ लिया. पूछने पर उसने कहा कि वह उधार दे रही है और बाद में लौटा देगी. धीरे-धीरे मुझे यकीन हो गया कि घर में चोरी के लिए गुंजन ही जिम्मेदार है. जब मैंने उसके परिवार से शिकायत की, तो वे मारपीट पर उतर आए.

    गुंजन के भाई की कुलदीप की भाभी पर थी बुरी नजर

    गुंजन के भाई अमित की हमारी छोटी भाभी पर बुरी नजर थी. 30 तारीख को उसने उसके साथ छेड़छाड़ की. सुभाष नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मुझे कानून पर बहुत भरोसा था, लेकिन अब मैं पूरी तरह टूट चुका हूं.

    मैं गुंजन, रीना, सतीश और अमित के खिलाफ जांच चाहता हूं. उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. मैं सीएम योगी, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और SSP से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करता हूं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो. जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और के साथ न हो. उत्कर्ष, मेरे बेटे, मैं तुमसे प्यार करता हूं. अपने दादा-दादी का ख्याल रखना और अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ना. मैं अपने दोस्तों से भी रिक्वेस्ट करता हूं कि वे मेरे बेटे का साथ दें.