Category: Uttar Pradesh

  • घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    उत्तर प्रदेश से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए अपने ही घर में लाखों रुपये के गहने और नकदी चोरी कराने की साजिश रच डाली. इतना ही नहीं, घटना को असली चोरी दिखाने के लिए उसने बेहोश होने का नाटक भी किया. लेकिन पुलिस की बारीकी से की गई जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई. पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर चोरी का सामान भी बरामद कर लिया है.

    पति ने दर्ज कराई थी चोरी की शिकायत
    यह मामला गोंडा जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के विशुनापुर बाजार का है. पीड़ित लवकुश ने पुलिस को सूचना दी कि रात में अज्ञात चोर उनके घर में घुस आए. चोर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.

    पूछताछ में पत्नी पर हुआ शक
    जांच के दौरान पुलिस ने घर के सभी लोगों से अलग-अलग पूछताछ की. इसी दौरान लवकुश की पत्नी पूनम कसौधन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. महिला पुलिसकर्मियों ने जब पूनम से अलग से पूछताछ की तो वह ज्यादा देर तक अपनी कहानी पर कायम नहीं रह सकी और पूरी साजिश कबूल कर ली.

    मौसेरे भाई से था प्रेम संबंध
    पुलिस जांच में पता चला कि पूनम का अपनी मौसी के बेटे विकास कसौधन से प्रेम संबंध था. दोनों साथ भागकर नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे. इसके लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी. इसी वजह से दोनों ने अपने ही घर में चोरी की योजना बनाई. योजना के मुताबिक, रात में पूनम ने विकास को घर बुलाया. दोनों ने मिलकर संदूक और बक्सों में रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और मोबाइल निकाल लिए. इसके बाद कमरे का सामान बिखेर दिया ताकि मामला असली चोरी जैसा लगे. चोरी का पूरा सामान विकास अपने साथ लेकर चला गया.

    बेहोशी का ड्रामा भी नहीं आया काम
    चोरी के बाद पूनम ने खुद को पीड़ित दिखाने के लिए बेहोश होने का नाटक किया. वह घर के बेड के नीचे जाकर लेट गई. अगली सुबह उसने परिवार वालों को बताया कि कुछ अज्ञात बदमाश घर में घुसे, उसके साथ मारपीट की और चोरी करके फरार हो गए. हालांकि पुलिस को उसकी कहानी पर शुरू से ही शक था. पूछताछ और घटनास्थल की जांच में कई ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले का खुलासा कर दिया.

    50 हजार नकद और गहने बरामद
    सीओ सिटी योगेश्वर सिंह ने बताया कि चोरी का पूरा सामान विकास कसौधन के घर से बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस ने पूनम कसौधन और विकास कसौधन को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय भेजा जा रहा है.

  • चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी जिले में एक अविश्वसनीय रूप से क्रूर घटना सामने आई है। एक पति ने अपनी पत्नी की नाक सिर्फ इसलिए काट दी क्योंकि वह अपने पैतृक स्थान जाने की जिद पर अड़ी थी। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। पत्नी के रिश्तेदार आए और बदले में पति की बहन की नाक भी (खेलते समय) काट दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर काफी हंगामा मच गया।

    पीड़िता की पत्नी प्रीति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उसने अपने पति श्रवण से कहा कि वह अपने पैतृक नगर जाएगी क्योंकि रविवार को उसकी चचेरी बहन की शादी है। हालांकि, पति ने मना कर दिया। जब प्रीति ने पैतृक नगर जाने की जिद की, तो क्रोधित श्रवण ने अपनी पत्नी पर हमला कर दिया और ब्लेड से उसकी नाक काट दी।

    दांतों से हमला… लड़की से बदला!

    प्रीति की नाक उसके पति के हमले में कटकर खून से लथपथ हो गई, जिसकी जानकारी उसके परिजनों को मिली। क्रोधित होकर प्रीति के परिवारवाले और रिश्तेदार बड़ी संख्या में श्रवण के घर पहुंचे। वहां उन्होंने श्रवण को सबक सिखाने के लिए उसकी बहन मोनी पर दांतों से बेरहमी से हमला किया। बाद में मोनी की नाक भी बेरहमी से काट दी गई। इस हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। गंभीर रूप से घायल पत्नी प्रीति और उसके पति की बहन मोनी दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल पुलिस इस नाक काटने के मामले में जांच तेज कर चुकी है।

  • 6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है. दरअसल, जिले में एक युवती ने अपने कथित लिव-इन पार्टनर पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए बीच सड़क पर उसकी पिटाई कर दी. जानकारी के अनुसार, युवती लखनऊ से अपने प्रेमी की तलाश में सीतापुर पहुंची थी. उसका आरोप है कि युवक उससे संपर्क नहीं कर रहा था और उसके फोन कॉल भी नहीं उठा रहा था.

    बताया जा रहा है कि दोनों पिछले करीब एक साल से लखनऊ में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. कुछ दिन पहले युवक अपने गांव चला गया, जिसके बाद युवती को उस पर शक हुआ. इसके बाद वह उसकी तलाश में सीतापुर पहुंच गई. फिर उसके बाद यह घटना घटी.

    गांव पहुंचने पर युवती को पता चला कि युवक पहले से शादीशुदा है. इस जानकारी के बाद वह नाराज हो गई. आरोप है कि उसने युवक को सड़क पर रोक लिया और उसके साथ मारपीट की. मारपीट के दौरान युवती उससे कह रही थी कि “4 शादी पहले की, पांचवी घर पर है और छठी मैं.” घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस बीच युवक दुबका हुआ नजर आ रहा है. वह कुछ नहीं कह पा रहा है.

    फिलहाल, इस मामले में सामने आई जानकारी दोनों पक्षों के आरोपों पर आधारित है. पुलिस की ओर से इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. तब तक देखना होगा कि आगे क्या होता है.

  • रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

     कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर 12 जून को बोरी में मिले महिला के शव की गुत्थी आखिरकार 21 दिन बाद सुलझ गई. फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र के इस्कुरी गांव के पास सर्विस लेन किनारे मिले शव की पहचान प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव की 20 वर्षीय रंजना तिवारी के रूप में हुई. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड को अंजाम किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पति ने दिया था. पुलिस पूछताछ में उसके पति ने हत्या की जो वजह बताई उसे सुनकर लोग हैरान रह गए.

    बता दें कि, रंजना की शादी 27 फरवरी 2025 को प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के कोटवारन का पुरवा निवासी कुनाल तिवारी से हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद पति-पत्नी के बीच उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने खौफनाक मोड़ लिया और 11 जून की रात पति ने पहले रंजना का गला दबाया, फिर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी.

    सास-ससुर भी निकले बेरहम

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए परिवार ने भी साथ दिया. जांच में पता चला कि सास और ससुर शव को बोरी में भरकर बाइक से खागा क्षेत्र तक लेकर आए और इस्कुरी गांव के पास सर्विस रोड किनारे फेंक दिया. अगले दिन राहगीरों ने बोरी में शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया. शुरुआती जांच में उम्र को लेकर पति की नाराजगी हत्या की मुख्य वजह मानी जा रही है. 

    रंजना के कपड़ों और गहनों से हुई पहचान

    पुलिस लगातार महिला की पहचान के प्रयास में जुटी थी और आसपास के जिलों में फोटो व विवरण भेजे गए थे. जांच के दौरान पता चला कि प्रयागराज के बारा थाने में 13 जून को महिला के पिता शिवशंकर पांडेय ने दहेज प्रताड़ना और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद खागा पुलिस ने शव के कपड़े और जेवर लेकर बारा थाने में परिजन को दिखाया. यहां मैरून रंग का कढ़ाईदार सलवार-सूट, अंगूठी, बिछिया, पायल, कान के टॉप्स और फोटो देखकर परिजन ने रंजना की पहचान की. पहचान होते ही परिजन रो पड़े और पुलिस ने संयुक्त जांच में पूरे मामले का खुलासा किया.

    पति गिरफ्तार, पांच अन्य की तलाश

    प्रयागराज के बारा थाना पुलिस ने दहेज मांग, दहेज प्रताड़ना, बंधक बनाने सहित विभिन्न धाराओं में पति कुनाल तिवारी, सास किरन तिवारी, ससुर सुरेंद्र तिवारी, देवर आयुष, मामा ऋषभ और मामा कन्हई मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मुख्य आरोपी पति कुनाल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच प्रयागराज के स्थानीय सीओ को सौंपी जाएगी.

  • पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    कभी पर्स से कुछ हजार रुपये कम मिलते, कभी बैग से नोट गायब हो जाते. घर में किसी बाहरी शख्स का आना-जाना नहीं था, इसलिए चोरी का शक भी किसी पर नहीं गया. उल्टा, पैसों को लेकर पति-पत्नी के बीच ही बहस होने लगी. लेकिन जब अलमारी से एक साथ लाखों रुपये और जेवर गायब हुए, तब कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि शक सीधे उस महिला पर गया, जो पिछले छह महीने से उसी घर में खाना बना रही थी.

    यह मामला उत्तर प्रदेश के झांसी का है. यहां जिला कारागार के जेलर के सरकारी आवास में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस का कहना है कि चोरी किसी बाहर से आए चोर ने नहीं, बल्कि घर की नौकरानी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी.

    दरअसल, झांसी जिला कारागार में तैनात जेलर अंजनी कुमार गुप्ता अपनी पत्नी उमा गुप्ता के साथ सरकारी आवास में रहते हैं. पिछले करीब छह महीने से मिथलेश नाम की महिला उनके घर में खाना बनाने और साफ-सफाई का काम कर रही थी. उमा गुप्ता ने पुलिस को बताया कि करीब तीन महीनों से घर से नकदी धीरे-धीरे गायब हो रही थी.

    कभी उनके पति के पर्स से पैसे कम मिलते, तो कभी उनके बैग से. शुरुआत में किसी को चोरी का अंदेशा नहीं हुआ. दोनों को लगता था कि शायद दूसरे ने पैसे निकाल लिए होंगे. इसी बात पर कई बार आपस में कहासुनी भी हुई.

    मुंबई से लौटीं तो अलमारी खाली मिली

    26 जून को उमा गुप्ता अपनी बहन के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने मुंबई गई थीं. 1 जुलाई को जब वह वापस लौटीं और अलमारी खोली, तो उसमें रखे करीब 6 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के कीमती जेवर गायब थे.

    अब सवाल था कि घर में आया कौन था? परिवार के मुताबिक, उनकी गैरमौजूदगी में घर पर सिर्फ नौकरानी आती थी. यहीं से शक की सुई मिथलेश की ओर घूम गई. शिकायत मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस जांच में जुट गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और मिले साक्ष्यों के आधार पर नौकरानी मिथलेश और उसके बॉयफ्रेंड अमित को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर चोरी की प्लानिंग की थी और चोरी का माल ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे थे.

    पुलिस का कहना है कि मिथलेश ने पहले इस परिवार का भरोसा जीता. फिर वह धीरे-धीरे घर से थोड़ी-थोड़ी नकदी निकालती रही, ताकि किसी को शक न हो. जब कई महीनों तक चोरी पकड़ में नहीं आई, तो उसने अलमारी में रखी बड़ी रकम और जेवर भी निकाल लिए. जांच के मुताबिक, चोरी का सामान उसने अपने बॉयफ्रेंड अमित को दे दिया, ताकि उसे कहीं और छिपाया जा सके. फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की बाकी रकम और जेवर कहां हैं और क्या इस वारदात में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था.

  • संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर के खलीलाबाद में पड़ोसियों के साथ हुए विवाद ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रेलवे स्टेशन पुरवा मोहल्ले में शुक्रवार देर रात एक भोजनालय में कथित तौर पर बेटे और उसकी मां के साथ मारपीट की गई। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे 58 वर्षीय पिता को भी हमलावरों ने निशाना बनाया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिवार ने इस घटना के पीछे व्यावसायिक रंजिश का आरोप लगाया है।

    भोजनालय में बेटे और मां के साथ मारपीट का आरोप

    जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्टेशन पुरवा निवासी शिवम जायसवाल का मोहल्ले में जायसवाल भोजनालय है। शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे शिवम अपनी मां के साथ भोजनालय में मौजूद थे। इसी दौरान उनके पड़ोसी महेंद्र जायसवाल, अमरनाथ जायसवाल, रिंकू जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल कथित तौर पर वहां पहुंच गए।

    आरोप है कि चारों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और शिवम व उनकी मां के साथ मारपीट करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर शिवम के पिता चिरंजीव लाल जायसवाल मौके पर पहुंचे और परिवार को बचाने के लिए बीच-बचाव करने लगे।

    बीच-बचाव करने पहुंचे पिता की मौत

    परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, विवाद के दौरान हमलावरों ने चिरंजीव लाल को भी पकड़ लिया। उन्हें जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    कारोबार में रंजिश होने का दावा

    मृतक के बेटे शिवम जायसवाल ने आरोप लगाया कि पड़ोसी उनके भोजनालय के कारोबार और बिक्री को लेकर उनसे जलन रखते थे। उनका दावा है कि इसी व्यावसायिक रंजिश के चलते विवाद हुआ और उनके पिता की जान चली गई।

    हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में संबंधित लोगों की भूमिका और घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।

    पुलिस जांच से स्पष्ट होगी पूरी घटना

    इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू की है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना और व्यावसायिक रंजिश से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध मानने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों का इंतजार करना आवश्यक है।

  • हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इन नोटों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये बताई जा रही है। ये वही नोट हैं, जिन्हें नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद सामान्य चलन से बाहर कर दिया गया था। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, जबकि पुलिस बरामद नोटों के स्रोत और उन्हें रखने के उद्देश्य की जांच कर रही है।

    1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट मिलने से उठे सवाल

    नोटबंदी के कई साल बाद इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये नोट कहां से जुटाए गए और इन्हें इतनी बड़ी संख्या में किस मकसद से रखा गया था।

    उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बरामद खेप में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें अपने कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल शुरू की है।

    एक आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

    इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पुराने नोट उसके पास कैसे पहुंचे और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

    हालांकि, उपलब्ध विवरण में गिरफ्तार आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी की जगह और नोटों के संभावित इस्तेमाल के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल किसी बड़े गिरोह या संगठित साजिश की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

    नोटबंदी के बाद पुराने नोटों की क्या स्थिति है?

    केंद्र सरकार ने नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपये के तत्कालीन नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इन पुराने नोटों का सामान्य लेनदेन में इस्तेमाल अब मान्य नहीं है। ऐसे नोटों के संबंध में कानूनी स्थिति परिस्थितियों और लागू प्रावधानों पर निर्भर कर सकती है।

    इसी वजह से इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों का मिलना जांच का विषय बन गया है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि नोट किसके हैं, उन्हें कहां रखा गया था और मामले में कोई कानूनी उल्लंघन हुआ है या नहीं।

    जांच के बाद सामने आएगी पूरी कहानी

    फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य पुराने नोटों के स्रोत और उन्हें रखने के पीछे की वजह का पता लगाना है। आगे की कार्रवाई पूछताछ, बरामदगी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हो सकती है।

    इस मामले में नोटों के नेटवर्क, किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या उनके इस्तेमाल की योजना को लेकर अभी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब मिल सकेंगे।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपी की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं हो सकी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

  • लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक 27 वर्षीय कैफे संचालक की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतक के परिवार ने इस घटना को हादसा मानने से इनकार करते हुए उसकी लिव-इन पार्टनर और उससे जुड़ी एक अन्य महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि उनके बेटे को पहले बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया और फिर इमारत से नीचे फेंक दिया गया। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मौत के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत, फिर मौत की खबर

    यह घटना हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की बताई गई है। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे कैफे संचालक शिवा शर्मा की मां को एक युवती का फोन आया। फोन पर बताया गया कि शिवा का एक्सीडेंट हो गया है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है।

    परिजन घबराकर लोहिया अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां शिवा का पता नहीं चला। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि घायल युवक को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाया गया है। परिवार के मुताबिक, वहां पहुंचने पर एंबुलेंस के पास एक ड्राइवर मौजूद था, जो परिजनों को देखकर कथित तौर पर वहां से चला गया।

    बताया गया कि घायल युवक को लेकर एंबुलेंस चालक काफी देर तक अलग-अलग अस्पतालों के बीच चक्कर लगाता रहा। आखिरकार डॉक्टरों ने शिवा को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने घटना को लेकर सवाल उठाए और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मां का आरोप, बेटे को प्रताड़ित करने के बाद नीचे फेंका गया

    मृतक की मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। उन्होंने दावा किया कि उसके चेहरे, जबड़े, पसलियों और पैरों पर चोटें थीं। परिवार की ओर से शरीर पर सिगरेट से दागने और खरोंच के निशान होने की बात भी कही गई है।

    परिजनों का आरोप है कि शिवा की लिव-इन पार्टनर से जुड़े विवाद के चलते उसे पिछले कई महीनों से परेशान किया जा रहा था। परिवार ने मारपीट करने, झूठे मुकदमे में फंसाने और बदनाम करने की धमकियां मिलने का भी दावा किया है।

    मां के मुताबिक, घटना से करीब एक सप्ताह पहले भी एक महिला उनके बेटे की दुकान पर आई थी और कथित तौर पर धमकी दी थी। परिवार ने यह आशंका भी जताई कि घर और दुकान पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से पहले क्या हुआ था और चोटें किन परिस्थितियों में आईं।

    चौथी मंजिल से गिरने की सूचना, पुलिस ने दर्ज किया केस

    पुलिस के अनुसार, युवक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरा था और बाद में उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि शिवा खुद नीचे गिरा, उसे धक्का दिया गया या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी। जांच में तकनीकी साक्ष्यों और फॉरेंसिक पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के साथ-साथ घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।

    हादसा या साजिश, जांच के बाद ही सामने आएगा सच

    कैफे संचालक की मौत के मामले में फिलहाल कई सवाल बने हुए हैं। परिवार इसे हत्या की आशंका से जोड़ रहा है, जबकि घटना की परिस्थितियों और मौत के कारणों का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

    अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्ष यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि युवक की मौत कैसे हुई। जब तक जांच में ठोस तथ्य सामने नहीं आते, तब तक किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

  • बुलंदशहर में प्रेमी ने साढ़ू के साथ मिलकर की महिला की हत्या, तीन बच्चों को छोड़कर उसके साथ रहने गई थी पिंकी.

    बुलंदशहर में प्रेमी ने साढ़ू के साथ मिलकर की महिला की हत्या, तीन बच्चों को छोड़कर उसके साथ रहने गई थी पिंकी.

    बुलंदशहर में प्रेमी ने साढ़ू के साथ मिलकर की महिला की हत्या, तीन बच्चों को छोड़कर उसके साथ रहने गई थी पिंकी.

    खुर्जा, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश: पति और तीन बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ रहने गई 30 वर्षीय पिंकी की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, महिला की हत्या उसके प्रेमी रिंकू ने अपने साढ़ू राजेश के साथ मिलकर की। जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर अलीगढ़ जिले में एक नलकूप के पास गड्ढे से महिला का शव बरामद किया। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    25 सितंबर को अचानक लापता हो गई थी पिंकी

    पिंकी बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के शहबाजपुर भाल गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी वर्ष 2013 में रामकुमार से हुई थी। दंपती के तीन बच्चे हैं—आठ वर्षीय बेटी माधुरी, पांच वर्षीय बेटा वंश और तीन वर्षीय बेटा चिंटू।

    पुलिस के अनुसार, करीब एक साल पहले पिंकी का गांव के ही रिंकू के साथ प्रेम संबंध शुरू हुआ था। बताया गया कि बाद में पिंकी अपने पति और बच्चों से अलग होकर प्रेमी के साथ रहने लगी थी।

    25 सितंबर को पिंकी अचानक लापता हो गई। इसके बाद उसके परिवार में चिंता बढ़ गई। 28 सितंबर को पिंकी के भाई अशोक ने पुलिस से शिकायत कर बहन के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई।

    मोबाइल कॉल की जांच से सामने आया नाम

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पिंकी के एक मोबाइल नंबर पर लगातार बातचीत किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर अलीगढ़ जिले के अकराबाद थाना क्षेत्र के रामपुर लधउवा गांव निवासी राजेश से पूछताछ की।

    पुलिस का कहना है कि पूछताछ में राजेश ने रिंकू के साथ मिलकर पिंकी की हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

    अलीगढ़ में नलकूप के पास गड्ढे से मिला शव

    पुलिस के मुताबिक, राजेश को पहले गिरफ्तार किया गया था, जबकि रिंकू को शुक्रवार रात मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में पकड़ा गया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई।

    आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलीगढ़ जिले के रामपुर लधउवा गांव में एक नलकूप के पास गड्ढे से पिंकी का शव बरामद किया। पुलिस के अनुसार, महिला की गला दबाकर हत्या की गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, ताकि मौत से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सके।

    तीन बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार चिंतित

    पिंकी की मौत की खबर सामने आने के बाद उसके परिवार और गांव में शोक का माहौल है। उसके तीनों बच्चे अभी छोटी उम्र के हैं। घटना के बाद परिवार के सामने बच्चों की देखभाल और भविष्य को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है।

    पुलिस अब हत्या के पीछे की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस की शुरुआती जांच के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा।

  • मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ के 3.63 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 9 साल से फरार महिला हरिद्वार से गिरफ्तार.

    मेरठ, उत्तर प्रदेश: पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ शाखा से जुड़े 3.63 करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई करते हुए लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रही एक महिला को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान कविता के रूप में बताई गई है। वह वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी और उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया।

    हरिद्वार से पकड़ी गई आरोपी महिला

    मिली जानकारी के अनुसार, CBI को बैंक ऋण धोखाधड़ी के इस मामले में कविता की तलाश थी। वह लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया से अनुपस्थित थी। लगातार अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।

    जांच एजेंसी ने तकनीकी सुरागों और लगातार किए गए प्रयासों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। आखिरकार शुक्रवार को टीम ने उसे उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, महिला हरिद्वार में किस स्थान पर रह रही थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पंजाब एंड सिंध बैंक से जुड़ा है मामला

    यह मामला पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ स्थित शाखा से जुड़े कथित 3.63 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले का है। इस प्रकरण में कविता को आरोपी बनाया गया है।

    हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कथित धोखाधड़ी किस तरीके से की गई थी, ऋण किसके नाम पर लिया गया था या इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका होने का आरोप है। इन पहलुओं की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही हो सकती है।

    वर्ष 2017 से अदालत में नहीं हुई थी पेश

    जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। हालांकि, अदालत में पेश नहीं होने के पीछे क्या कारण थे, इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    CBI ने तकनीकी जानकारी और लगातार प्रयासों के आधार पर उसका पता लगाया। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया संचालित होगी।

    गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?

    इस गिरफ्तारी से लंबे समय से लंबित मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता खुल सकता है। अब अदालत के आदेशों और मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    फिलहाल, अदालत ने आरोपी के संबंध में क्या आदेश दिया और मामले में अन्य आरोपियों की स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कथित ऋण धोखाधड़ी के आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। गिरफ्तारी या आरोपी बनाए जाने का अर्थ अपराध सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।