उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया था। ननिहाल में रह रही एक युवती ने जब परिजनों को अपने गर्भवती होने की जानकारी दी तो घर में हड़कंप मच गया। जांच-पड़ताल के दौरान युवती के रिश्ते के मामा के साथ उसके संबंध होने की बात सामने आई।
बताया गया था कि युवती के माता-पिता का काफी समय पहले निधन हो चुका था और वह लंबे समय से अपने ननिहाल में रह रही थी। इसी दौरान उसकी नजदीकियां रिश्ते के मामा से बढ़ गईं। दोनों के बीच संबंध इस कदर आगे बढ़े कि युवती गर्भवती हो गई।
जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो मामला थाने तक पहुंच गया। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। घटना सामने आने के बाद गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
बताया गया कि पुलिस कार्रवाई के बीच युवक ने युवती से शादी करने की सहमति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों की रजामंदी से गांव के मंदिर में विवाह कराने का फैसला लिया गया।
मंदिर में ग्रामीणों और परिवार के कुछ लोगों की मौजूदगी में शादी की रस्में पूरी की गईं। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर साथ रहने का संकल्प लिया। इस दौरान गांव के कुछ जिम्मेदार लोग भी मौजूद रहे।
रिश्तों की मर्यादा से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद इलाके में काफी चर्चा हुई थी। पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामला आगे किस तरह बढ़ा, इसे लेकर भी लोगों के बीच काफी समय तक बातचीत होती रही।
जनपद मथुरा के वृंदावन कोतवाली क्षेत्र स्थित अटल्ला चुंगी स्थित प्रेम कुटी आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर घार निवासी संत राघवदास उर्फ राजकुमार (57) की चाकू से गोदकर हुई नृशंस हत्या और पोस्टमार्टम के बाद शव गुरुवार देर शाम गांव पहुंचा।
शव देखकर छोटे भाई अमित कुमार, कल्याण सिंह, भानु प्रताप, बहनें ज्योति, लक्ष्मी, पूजा, खुशबू और वृद्ध मां राजकुमारी सभी रोने विलखने लगे।
स्वजन के अनुसार संत राघवदास पिछले नौ वर्षों से प्रेम कुटी आश्रम में पूजा-पाठ कर रहे थे, उनका परिवार गांव में रहता है। आरोप लगाया कि आश्रम पर कब्जा करने की नियत से लवेदी क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर निवासी एक साधु और तीन अन्य लोगों ने 17 अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे आश्रम में घुसकर संत राघवदास से मारपीट की थी। यह जानकारी राघवदास ने फोन पर भाई भानु प्रताप को दी थी।
स्वजन ने बताया कि 18 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे आरोपितों ने दोबारा आकर राघवदास पर हमला कर दिया और शरीर में नौ से दस जगह चाकू से वार कर हत्या कर दी। सूचना मिलने पर गांव से 20 से 25 लोग वृंदावन पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव उनके घर के लिए भेज दिया था। घटना के बाद सभी हत्यारोपित फरार हो गए।
भाई भानू प्रताप की तहरीर पर कोतवाली वृंदावन में तीन नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर का साधु है। अन्य आरोपित वृंदावन के बताए जा रहे हैं। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूरे गांव में शोक की लहर है।
नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अक्सर फर्जी कॉल और ऑफर का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे पैसे ऐंठे जा रहे थे। प्रतिष्ठित जॉब पोर्टलों के नाम का इस्तेमाल कर एक गिरोह लंबे समय से लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।
मामले का खुलासा साइबर क्राइम पुलिस की जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद किए गए।
नामी जॉब पोर्टलों के नाम पर करते थे संपर्क
जांच में पता चला कि आरोपी नौकरी की तलाश करने वाले लोगों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन करके बताया जाता था कि उनके लिए नौकरी का ऑफर आया है। बातचीत के दौरान आरोपियों की तरफ से खुद को नौकरी दिलाने वाली कंपनी या एजेंसी से जुड़ा बताया जाता था।
इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, सिक्योरिटी मनी और ऑफर लेटर जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। बेरोजगार युवक नौकरी की उम्मीद में आरोपियों के बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर देते थे।
पैसे मिलते ही ठग अपना मोबाइल बंद कर देते या पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे। इस तरह नौकरी की उम्मीद लेकर फोन उठाने वाले लोगों को कुछ ही देर में हजारों रुपये का चूना लग जाता था।
एक पीड़ित से 22 हजार रुपये से ज्यादा की ठगी
पुलिस की पूछताछ में एक मामले का भी पता चला, जिसमें आंध्र प्रदेश के एक युवक से नौकरी दिलाने के नाम पर 22,480 रुपये वसूले गए थे। साइबर अपराध से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में रहने वाले नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बना रहा था।
महिलाओं की भी थी भूमिका
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। वे कॉल सेंटर की तरह लोगों से बातचीत करती थीं और नौकरी के नाम पर उन्हें भरोसे में लेने की कोशिश करती थीं।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी के जरिए कितनी रकम जुटाई।
नौकरी के नाम पर आने वाली कॉल से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर नौकरी के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें। रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगने वालों की अच्छी तरह जांच करें।
अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को ट्रेस करने और कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात अचानक बड़े विवाद में बदल गई थी। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने एक रेस्टोरेंट पहुंचा था। दोनों बातचीत कर ही रहे थे कि युवती के परिजन और उसका भाई वहां पहुंच गए। इसके बाद रेस्टोरेंट में हंगामा शुरू हो गया।
बताया गया था कि मामला चांदपुर के एक बाजार स्थित रेस्टोरेंट का था। युवक और युवती एक टेबल पर बैठे थे, तभी युवती के परिजन वहां पहुंच गए। आरोप है कि परिजनों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में रेस्टोरेंट का माहौल पूरी तरह बदल गया और वहां चीख-पुकार मच गई।
घटना के दौरान रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान युवती के परिजनों और रेस्टोरेंट पक्ष के लोगों के बीच भी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।
बताया गया था कि झगड़े के दौरान लाठी-डंडे और लोहे की सरिया तक इस्तेमाल किए गए। मारपीट में युवती पक्ष के तीन और रेस्टोरेंट पक्ष के दो लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी नाराजगी देखने को मिली थी। कई व्यापारी रेस्टोरेंट संचालक के समर्थन में थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी थी। उस समय किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। पुलिस का कहना था कि तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ।
राजधानी लखनऊ को गुरुवार को सहमा देने वाले डबल मर्डर और सुसाइड केस के बाद आरोप पर सफाई का दौर जारी है। ICICI बैंक में अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्या के बाद पति स्टेट बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और पत्नी को चीटर बताया था। दिव्या की हत्या और मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस के सामने आने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर कुछ लोगों के प्रज्ञा मिश्रा को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठने के बाद उन्होंने सबका जवाब दिया।
मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखकर मानस पर गंभीर आरोप लगाए और उसे ‘साइको हत्यारा बताया। पुलिस इस मामले में हत्या और आत्महत्या की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है तो दिव्या की बहन के आरोपों ने पति-पत्नी के रिश्ते, कथित घरेलू हिंसा और घटना से पहले के हालात को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
शादी की पहली रात ही मानस ने रखी शर्त
प्रज्ञा के मुताबिक, मानस का व्यवहार शादी के शुरुआती दिनों से ही सामान्य नहीं था। दिव्या की बहन प्रज्ञा ने मानस वाजपेई को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। प्रज्ञा के मुताबिक, सुहागरात में मानस ने घर के खर्चों की लिस्ट बनाकर आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। शादी की पहली रात ही मानस ने घर के खर्चों की एक सूची तैयार की थी और दिव्या के सामने आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। दिव्या ने शुरुआत में यह व्यवस्था स्वीकार कर ली, लेकिन बाद में जब उसने अपने हिस्से का खर्च देना बंद किया तो मानस को लगा कि उसके साथ धोखा हो रहा है और पत्नी को चिटिंग करने वाली बताया।
छोटी-छोटी बातों पर मारपीट का आरोप
प्रज्ञा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में मानस पर घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि मानस छोटी-छोटी बातों को लेकर दिव्या के साथ मारपीट करता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए लिखा कि अगर Blinkit से मंगाया गया कोई टमाटर खराब निकल आता था, तो मानस इसके लिए भी दिव्या को जिम्मेदार ठहराकर उसके साथ मारपीट करता था।
बहन तुलिका पर अपनी बीमार मां के साथ भी मारपीट
प्रज्ञा ने मानस और उसकी बहन तुलिका पर अपनी बीमार मां के साथ भी मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रज्ञा ने यह भी दावा किया कि मानस और उसकी बहन ने मिलकर उनकी बीमार मां के साथ भी मारपीट की थी और इतनी पिटाई की कि उनकी मौत हो गई थी।
मानस अक्सर करता था दिव्या का पीछा
प्रज्ञा ने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि मानस अक्सर दिव्या का पीछा करता था। लगातार तनाव की वजह से कुछ समय पहले दिव्या का एक्सीडेंट भी हुआ था, जिसमें उसके हाथ और पैर टूट गए थे। दिव्या को करीब डेढ़ से दो महीने तक इलाज कराना पड़ा। हाल ही में उसने दोबारा चलना शुरू किया था और घटना वाले दिन भी वह दर्द में थी। इसके बावजूद, प्रज्ञा के अनुसार, दिव्या अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी।
रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी दिव्या
प्रज्ञा ने दावा किया कि दिव्या ने अब तक मानस के नाम का टैटू नहीं हटवाया था और वह हरतालिका तीज का व्रत रखने की तैयारी भी कर रही थी। इतनी प्रताड़ना के बावजूद दिव्या तीज का व्रत रखने वाली थी। प्रज्ञा ने कहा कि दिव्या भीतर ही भीतर चाहती थी कि सब कुछ ठीक हो जाए और उसका पति सुधर जाए। इन दावों के जरिए उन्होंने यह सवाल उठाया कि अगर दिव्या अपने पति से पूरी तरह अलग होना चाहती थी, तो वह अब भी रिश्ते को बचाने की कोशिश क्यों कर रही थी। प्रज्ञा ने दावा किया कि दिव्या की फैमिली कोर्ट (Family Court) में काउंसलर के साथ भी झड़प हुई थी।
मानस के मोबाइल पर स्टेटस
मानस बाजपेई ने गुरुवार को मोबाइल पर स्टेटस लगाया था कि ‘टूडे आइ किल माइ वाइफ, एज शी चीटेड मी, नाव हाइ हेव किल माइ सेल्फ एंड माइ सिस्टर…. हर सिस्टर प्रज्ञा एंड भरत नोज एवरीथिंक ( हमने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है, वह मुझे धोखा दे रही थी, अब मैं खुद व अपनी बहन को मारने जा रहा हूं, प्रजा व भरत को पूरी जानकारी है।) दिव्या की बहन प्रज्ञा है और उसके जीजा भरत हैं। इसे पोस्ट ने सनसनी मचा दी। उसने यह भी लिखा था कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत यादव सब कुछ जानते हैं।
उत्तर प्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया , जिसने उस समय पूरे इलाके में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। बताया गया था कि एक महिला अपने ही पति के मकान में रहने आए किराएदार युवक के संपर्क में आ गई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया था। इसके बाद महिला अपने पति और छोटे बच्चे को छोड़कर किराएदार युवक के साथ घर से चली गई थी।
यह पूरा मामला जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र का बताया गया था। पीड़ित पति के अनुसार, उसने अप्रैल 2025 में एक युवक को अपने मकान में किराए पर कमरा दिया था। वह युवक अपनी पत्नी के साथ वहां रहने आया था। इसी दौरान उसकी पत्नी और मकान मालिक के बीच बातचीत शुरू हुई थी, जो आगे चलकर बढ़ती चली गई थी।
कुछ समय बाद दोनों के बीच संबंध इतने गहरे हो गए थे कि उन्होंने घर छोड़कर साथ जाने का फैसला कर लिया था। पति का आरोप था कि सितंबर 2024 में उसकी पत्नी अपने छोटे बच्चे को लेकर किराएदार युवक के साथ घर से फरार हो गई थी।
मंदिर में शादी का वीडियो भेजा गया था
पत्नी और बच्चे के अचानक गायब होने के बाद पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी लिखवाई थी। इसी बीच उसे जानकारी मिली थी कि महिला ने अपने प्रेमी के साथ मंदिर में शादी कर ली थी।
आरोप यह भी था कि शादी के बाद दोनों ने इसका वीडियो भी पति को भेज दिया था। वीडियो देखने के बाद पति के सामने पत्नी और बच्चे को लेकर स्थिति और भी गंभीर हो गई थी।
बच्चे को लेकर विवाद चलता रहा था
पीड़ित पति का कहना था कि वह अपने बच्चे को वापस पाना चाहता था। उसका दावा था कि बच्चे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बना हुआ था। इस मामले में पुलिस और न्यायालय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।
पति के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश भी की गई थी, लेकिन उसने सुलह करने से इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने बच्चे से मिलना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
मारपीट और धमकी के आरोप भी लगे थे
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया था कि न्यायालय से लौटने के बाद उसके साथ मारपीट की गई थी और जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इन आरोपों को लेकर उसने अधिकारियों से शिकायत कर सुरक्षा की मांग की थी।
उसका कहना था कि घटना को कई महीने बीत चुके थे, लेकिन वह अब तक अपने बच्चे से नहीं मिल पाया था। उसने प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई करने और अपने बच्चे से मिलने का अधिकार दिलाने की मांग की थी।
फिलहाल यह मामला उस समय पुलिस और प्रशासन के स्तर पर जांच और कार्रवाई के दायरे में चल रहा था। पति द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाई थी।
उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने आसपास के लोगों को हैरान कर दिया। पत्नी को उसके परिचित युवक के साथ देखने के बाद पति ने विवाद या मारपीट करने के बजाय दोनों को साथ रहने की मंजूरी दे दी। बाद में उसने परिवार और परिचितों की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी।
बताया गया था कि दंपती की शादी करीब 25 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद चल रहा था। इसी वजह से पत्नी अलग जगह पर रहने लगी थी।
इसी दौरान महिला की जान-पहचान एक दूसरे व्यक्ति से बढ़ गई। दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला आगे बढ़ा और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां हो गईं। आसपास के लोगों को भी उनके संबंधों की जानकारी होने लगी थी।
घटना वाले दिन पति अचानक उस स्थान पर पहुंच गया, जहां उसकी पत्नी उस व्यक्ति के साथ मौजूद थी। पत्नी को उसके साथ देखकर पति ने हंगामा करने के बजाय एक अलग ही फैसला लिया। उसने परिवार के कुछ लोगों और परिचितों को वहां बुलाया और दोनों के रिश्ते को स्वीकार करने की बात कही।
इसके बाद सबकी मौजूदगी में महिला ने उस व्यक्ति को वरमाला पहनाई। बाद में मंदिर में दोनों का विवाह भी कराया गया। इस दौरान आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां मौजूद रहे और पूरा घटनाक्रम देखते रहे।
बताया गया कि पति-पत्नी के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था और दोनों अलग रहने के साथ वैवाहिक रिश्ते को खत्म करने की कानूनी प्रक्रिया में भी थे। ऐसे में पति के इस फैसले ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।
शादी के बाद महिला ने अपने पुराने परिचित के साथ रहने की बात कही। वहीं, पति के इस कदम की इलाके में काफी चर्चा हुई। लोगों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पत्नी को दूसरे व्यक्ति के साथ देखने के बाद पति ने विरोध करने के बजाय खुद दोनों के विवाह की पहल कर दी थी।
उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने पूरे गांव में चर्चा छेड़ दी थी। चार बच्चों की मां और चार बच्चों के पिता ने अपने पुराने रिश्तों से अलग होने के बाद एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और शादी कर ली। दोनों के इस फैसले के बाद गांव में मामला काफी गरमा गया था।
बताया गया था कि दोनों पहले से शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवारों से अलग रह रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। कुछ समय बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और गांव से बाहर चले गए। बाद में मंदिर में शादी की रस्में निभाते हुए एक-दूसरे को पति-पत्नी स्वीकार करने का वीडियो भी सामने आया था।
महिला के चार बच्चे बताए गए थे, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां थीं। वहीं, युवक के भी अपनी पिछली शादी से चार बच्चे थे। जानकारी सामने आने के बाद दोनों परिवारों में तनाव का माहौल बन गया था और गांव में इस रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी थीं।
मामला बढ़ने के बाद गांव में महापंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों के फैसले को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई। कुछ ग्रामीणों ने इस रिश्ते को परिवार और सामाजिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं बताया। बच्चों पर इसके प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई।
पंचायत में यह फैसला लिया गया कि दोनों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि, दोनों ने अपने फैसले को लेकर पीछे हटने से इनकार किया था और साथ रहने की बात कही थी।
इस घटना के बाद गांव में लंबे समय तक यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। एक तरफ दोनों के साथ रहने के फैसले को लेकर सवाल उठे, तो दूसरी तरफ उनके पहले परिवारों और बच्चों की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों के बीच चिंता देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में खेल-खेल में एक स्कूली छात्र के साथ ऐसा हादसा हो गया, जिसने परिवार के लोगों की सांसें रोक दीं। गिल्ली-डंडा खेलते समय दीवार से गिरा छात्र नीचे जमीन में गड़ी लाठी के ऊपर जा गिरा। लाठी उसके पेट को चीरते हुए शरीर के अंदर तक घुस गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां से इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया।
दीवार से गिरते ही लाठी पर जा गिरा छात्र
बताया गया कि छात्र अपने दोस्तों के साथ गिल्ली-डंडा खेल रहा था। इसी दौरान वह गिल्ली पकड़ने के लिए दीवार पर चढ़ा। संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे जा गिरा।
नीचे मैदान में एक लाठी गड़ी हुई थी। छात्र उसी के ऊपर जा गिरा और लाठी उसके पेट में घुस गई। हादसा इतना गंभीर था कि लाठी का एक बड़ा हिस्सा शरीर के अंदर चला गया था।
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजन छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगे के इलाज के लिए कानपुर ले जाने की सलाह दी गई।
मां ने डॉक्टर से कहा- किसी भी तरह बेटे को बचा लीजिए
कानपुर पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने छात्र की हालत देखी और तुरंत ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। परिवार के लिए वह बेहद मुश्किल समय था। छात्र की मां ने डॉक्टरों से किसी भी कीमत पर बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई।
डॉक्टरों की टीम ने जोखिम को देखते हुए ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार मौजूद रही, क्योंकि लाठी को सीधे बाहर निकालना बेहद खतरनाक हो सकता था।
पांच घंटे तक चला ऑपरेशन
रात करीब 11 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन सुबह लगभग 4 बजे तक चला। डॉक्टरों ने लाठी को निकालने के लिए बेहद सावधानी से काम किया।
लाठी का एक हिस्सा शरीर के बाहर भी था। उसे ऑपरेशन थिएटर तक ले जाना संभव नहीं था, इसलिए पहले बाहर निकले हिस्से को काटा गया। इसके बाद शरीर के अंदर मौजूद हिस्से को धीरे-धीरे छोटे टुकड़ों में काटकर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई।
लाठी निकालने के साथ ही जहां-जहां अंदरूनी चोट लगी थी, वहां उपचार किया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद ऑपरेशन सफल रहा।
सात दिन अस्पताल में रहा छात्र
ऑपरेशन के बाद छात्र को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। करीब सात दिन अस्पताल में रहने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और उसे घर भेज दिया गया।
बाद की जांच में डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को ठीक बताया। बच्चे की जान बचने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। मां ने इलाज करने वाली पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं हैं।
खेल के दौरान हुआ यह हादसा एक बार फिर बताता है कि बच्चों के खेलने की जगह पर आसपास मौजूद नुकीली या गड़ी हुई वस्तुएं कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। समय पर इलाज और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों की वजह से छात्र की जान बच सकी।
लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में एक अहम साक्ष्य सामने आया है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज में आरोपी पति को बैंक के बाहर अपनी पत्नी के साथ विवाद और मारपीट करते हुए देखा गया है। इसके बाद गोली चलने और आरोपी के मौके से फरार होने की बात सामने आई है।
पुलिस अब CCTV फुटेज, मोबाइल फोन से मिले डेटा और दूसरे साक्ष्यों की मदद से घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
बैंक के बाहर पत्नी को बुलाकर किया विवाद
घटना के दिन महिला रोज की तरह अपने कार्यालय पहुंची थी। कुछ समय बाद उसका पति कार से बैंक के बाहर पहुंचा और फोन कर उसे बाहर बुलाया।
दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला विवाद में बदल गया। CCTV फुटेज में दोनों के बीच हाथापाई होती दिखाई देने की बात सामने आई है। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी को गोली मार दी और वहां से फरार हो गया।
गोली चलने के बाद बैंक के बाहर अफरातफरी मच गई। सुरक्षाकर्मी और वहां मौजूद अन्य लोग इधर-उधर भागते दिखाई दिए। घटना के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
पत्नी की हत्या के बाद घर पहुंचा
पत्नी को गोली मारने के बाद आरोपी अपने घर की तरफ चला गया। बताया गया कि बैंक से उसका घर करीब दो किलोमीटर की दूरी पर था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घर पहुंचने के समय आरोपी काफी परेशान और पसीने से तर नजर आ रहा था। घर में दाखिल होने के बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया था। इसके बाद अंदर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चलने की बात सामने आई।
कुछ देर बाद घर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
बहन को भी गोली मारने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घर के अंदर अपनी बहन को भी गोली मार दी थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया गया कि बहन मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि आरोपी अपनी बहन के भविष्य को लेकर चिंतित था।
हालांकि, बहन की हत्या के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी, इसका स्पष्ट पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
इसके बाद खुद को भी मारी गोली
बहन की हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर खुद को भी गोली मार ली। गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसके बाद उसे तोड़कर लोग अंदर दाखिल हुए।
अंदर भाई-बहन खून से लथपथ हालत में मिले। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर को जांच के दायरे में लिया गया।
WhatsApp स्टेटस से सामने आई कथित मंशा
पुलिस जांच में आरोपी के WhatsApp स्टेटस की बात भी सामने आई है। बताया गया कि पत्नी की हत्या के बाद उसने एक स्टेटस लगाया था, जिसमें पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया गया था और खुद तथा अपनी बहन को मारने की बात लिखी गई थी।
स्टेटस में पत्नी की बहन और उसके पति का भी जिक्र किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने यह स्टेटस कब लगाया और घटना से इसका क्या संबंध था।
पत्नी ने पहले ही मांगा था तलाक
बताया गया कि पति-पत्नी की शादी वर्ष 2018 में हुई थी और दोनों की कोई संतान नहीं थी। करीब एक साल पहले पत्नी ने पति से तलाक के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद से वह अपने मायके में रह रही थी।
पुलिस अब वैवाहिक विवाद की पृष्ठभूमि, दोनों के बीच हुई बातचीत, मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी हैं। CCTV फुटेज से घटना के शुरुआती हिस्से की तस्वीर जरूर साफ हुई है, लेकिन हत्याओं के पीछे की पूरी वजह और आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।