Category: Uttar Pradesh

  • प्रेमी जोड़ों के लिए 15 रुपये की चाय, प्यार में धोखा खाए लोगों को सिर्फ 10 रुपये में कप; अनोखे चाय स्टॉल की चर्चा..

    प्रेमी जोड़ों के लिए 15 रुपये की चाय, प्यार में धोखा खाए लोगों को सिर्फ 10 रुपये में कप; अनोखे चाय स्टॉल की चर्चा..

    उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कुछ समय पहले एक अनोखा चाय का स्टॉल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। यहां चाय की कीमत ग्राहक की ‘लव स्टोरी’ के हिसाब से तय होती थी। प्रेमी जोड़ों के लिए अलग रेट था, जबकि प्यार में धोखा खा चुके लोगों को चाय पर खास छूट दी जाती थी।

    शाहजहांपुर के एक कस्बे में पढ़ाई करने वाले एक युवक ने अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए चाय का स्टॉल शुरू किया था। उसने अपने छोटे से कारोबार को अलग पहचान देने के लिए दुकान का नाम ही ‘बेवफा चायवाला’ रख दिया।

    स्टॉल की सबसे खास बात इसकी चाय की कीमत थी। अगर कोई प्रेमी जोड़ा चाय पीने पहुंचता था तो उसे दूध से बनी स्पेशल चाय 15 रुपये में दी जाती थी। वहीं, जो ग्राहक खुद को प्यार में धोखा खाया हुआ बताता था, उसे 10 रुपये में मसालेदार चाय मिलती थी।

    इस अनोखे ऑफर की वजह से देखते ही देखते स्टॉल पर युवाओं की भीड़ बढ़ने लगी। कई लोग मजाक-मजाक में खुद को ‘बेवफा’ बताकर सस्ती चाय का आनंद लेने लगे। खास तौर पर युवा वर्ग इस अनोखे अंदाज को काफी पसंद कर रहा था।

    स्टॉल चलाने वाले युवक का कहना था कि उसने पढ़ाई के साथ अपना छोटा कारोबार शुरू करने का फैसला किया, ताकि अपनी जरूरतों और फीस का खर्च खुद उठा सके। उसका मानना था कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए नौकरी के साथ-साथ छोटे कारोबार के विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए।

    कुछ ही समय में स्टॉल का नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि आसपास के लोग युवक को उसके असली नाम से ज्यादा ‘बेवफा चायवाला’ के नाम से पहचानने लगे। चाय पीने आने वाले ग्राहकों को दुकान का नाम और उसका अनोखा रेट दोनों पसंद आ रहे थे।

    इस तरह एक छोटे से चाय के स्टॉल ने अपने अलग अंदाज की वजह से पूरे इलाके में पहचान बना ली थी। प्रेमी जोड़ों से लेकर मजाकिया अंदाज में खुद को ‘दिलजला’ बताने वाले युवाओं तक, हर किसी के लिए यहां चाय पीना एक अलग अनुभव बन गया था।

  • सड़क पर प्रेमी-प्रेमिका के बीच हुआ विवाद, शादीशुदा रिश्ते का खुलासा होते ही मचा हंगामा..

    सड़क पर प्रेमी-प्रेमिका के बीच हुआ विवाद, शादीशुदा रिश्ते का खुलासा होते ही मचा हंगामा..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेमी-प्रेमिका के बीच हुए विवाद ने सड़क पर जमकर हंगामा खड़ा कर दिया था। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट और चीख-पुकार तक पहुंच गया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और किसी ने पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया।

    बताया गया था कि रात के समय एक युवक और महिला स्कूटर से इलाके में पहुंचे थे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और युवक ने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला लगातार मदद के लिए शोर मचाती रही।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों के बीच काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा। महिला ने युवक पर उसके साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया, जबकि युवक भी महिला पर कई तरह के आरोप लगाता रहा। विवाद के दौरान युवक ने दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात भी सार्वजनिक रूप से कही।

    मामला इतना बढ़ गया कि महिला पास की एक छत पर पहुंच गई और वहां से कूदने की धमकी देने लगी। यह देखकर आसपास मौजूद लोगों ने उसे समझाया और किसी तरह नीचे उतारा। इसके बाद भी दोनों के बीच विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ।

    बाद में सामने आया कि युवक और महिला दोनों पहले से शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवारों से अलग रह रहे थे। युवक ने दावा किया था कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बीच प्रेम संबंध चल रहा था।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। हालांकि, उस समय किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला इलाके में काफी चर्चा में रहा।

  • तीन बच्चों की मां नाबालिग के साथ हुई फरार, परिवार की तलाश के बाद सामने आई हैरान करने वाली कहानी..

    तीन बच्चों की मां नाबालिग के साथ हुई फरार, परिवार की तलाश के बाद सामने आई हैरान करने वाली कहानी..

    उत्तर प्रदेश से कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने इलाके में लोगों को हैरान कर दिया था। तीन बच्चों की मां एक 14 वर्षीय नाबालिग के साथ घर से चली गई थी। नाबालिग के अचानक गायब होने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।

    मामला हाथरस के चंदपा क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा था। बताया गया कि महिला का अपने मायके पक्ष के रिश्तेदारों के घर आना-जाना था। इसी दौरान उसकी मुलाकात परिवार के एक नाबालिग सदस्य से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई।

    परिजनों के मुताबिक, एक दिन नाबालिग अचानक घर से गायब हो गया। जब काफी देर तक उसका पता नहीं चला तो परिवार ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश शुरू की। बाद में जानकारी मिली कि महिला भी अपने घर से गायब है।

    परिवार को शक हुआ कि महिला ही नाबालिग को अपने साथ लेकर गई है। इसके बाद नाबालिग के पिता ने पुलिस से शिकायत कर बेटे को तलाशने और सुरक्षित बरामद करने की गुहार लगाई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी थी। नाबालिग की तलाश के लिए संभावित ठिकानों और परिचितों से पूछताछ की गई। घटना सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया था।

    इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चिंता परिवार को नाबालिग की सुरक्षा को लेकर थी। पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य नाबालिग का पता लगाना और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना था।

  • पांचवीं शादी के बाद पति को घर से निकाला, महिला पर देवर के साथ रहने का आरोप; पति ने लगाए गंभीर आरोप..

    पांचवीं शादी के बाद पति को घर से निकाला, महिला पर देवर के साथ रहने का आरोप; पति ने लगाए गंभीर आरोप..

    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से शादी और पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया था कि वह पहले भी कई शादियां कर चुकी है और शादी के बाद अब उसके छोटे भाई के साथ रह रही है। पीड़ित पति ने पुलिस और अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।

    मामला फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र का बताया गया था। पीड़ित के मुताबिक, उसकी शादी पिछले साल बांदा जिले की रहने वाली एक महिला से हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद ही पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा था।

    पति ने लगाया पांचवीं शादी का आरोप

    पति का दावा था कि उसकी पत्नी इससे पहले चार शादियां कर चुकी थी। इनमें से कुछ शादियां फतेहपुर में ही हुई थीं। उसने आरोप लगाया था कि वह खुद महिला का पांचवां पति था।

    शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा था। पति का आरोप था कि पत्नी ने घर में रखी नकदी, जेवर और अन्य सामान अपने मायके भिजवा दिया था।

    पति और सास-ससुर को घर से निकालने का आरोप

    पीड़ित का आरोप था कि बाद में पत्नी ने उसे और उसके माता-पिता को घर में प्रवेश करने से रोक दिया था। उसने यह भी दावा किया था कि कई बार बाहरी लोगों को बुलाकर उसके साथ मारपीट कराई गई।

    मामला तब और गंभीर हो गया जब पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी अब उसके छोटे भाई के साथ रह रही है। इस वजह से परिवार में विवाद और बढ़ गया था।

    पति ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

    पीड़ित का कहना था कि वह अब भी अपनी पत्नी को अपनाने के लिए तैयार है, लेकिन वह चाहता है कि पत्नी उसके भाई से किसी भी तरह का संबंध न रखे। उसने पत्नी पर शादी के जरिए लोगों को धोखा देने और सामान हड़पने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।

    पति ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। उसका दावा था कि पहले भी उसके साथ मारपीट कराई जा चुकी है और उसे अपनी जान का डर है।

    मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी। हालांकि, महिला पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकती थी।

  • तीन साल तक शादी का वादा, फिर प्रेमी ने बात करना बंद किया; प्रेमिका पहुंच गई घर और बोली- अब शादी करके ही जाऊंगी..

    तीन साल तक शादी का वादा, फिर प्रेमी ने बात करना बंद किया; प्रेमिका पहुंच गई घर और बोली- अब शादी करके ही जाऊंगी..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला काफी चर्चा में रहा था। एक युवती अचानक अपने प्रेमी के घर पहुंच गई और शादी की मांग को लेकर वहीं बैठ गई। युवती का कहना था कि युवक लंबे समय से उससे शादी करने का वादा कर रहा था, लेकिन अब शादी की बात आते ही उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।

    बताया गया था कि मामला चौरीचौरा क्षेत्र का था। युवती के मुताबिक, उसकी युवक से करीब तीन साल से जान-पहचान थी। इस दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। युवती का आरोप था कि युवक कई बार उससे शादी करने की बात कह चुका था और इसी भरोसे पर वह उसके साथ रिश्ते में रही।

    कुछ समय बाद जब युवती ने युवक से शादी करने की बात कही तो कथित तौर पर वह टालमटोल करने लगा। धीरे-धीरे बातचीत कम हो गई और फिर युवक ने उससे संपर्क करना भी बंद कर दिया। इससे नाराज युवती सीधे उसके घर पहुंच गई।

    घर पहुंचकर युवती ने साफ कहा कि वह शादी के बिना वापस नहीं जाएगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। कुछ ही देर में यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

    युवती ने युवक पर शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि उसने युवक की बातों पर विश्वास किया था, लेकिन बाद में वह शादी से पीछे हटने लगा।

    मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस युवक को थाने लेकर गई, जबकि युवती ने भी पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी बात रखी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही थी। दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही थी और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होनी थी।

    युवती के अचानक प्रेमी के घर पहुंचकर शादी की मांग करने की वजह से यह मामला आसपास के इलाके में काफी चर्चा में रहा था। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर थी।

  • जहरीले कीड़े के काटने से युवक की मौत, फिर 5 दिन तक चलता रहा झाड़-फूंक का खेल; अंधविश्वास ने किया हैरान..

    जहरीले कीड़े के काटने से युवक की मौत, फिर 5 दिन तक चलता रहा झाड़-फूंक का खेल; अंधविश्वास ने किया हैरान..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। जहरीले कीड़े के काटने से एक युवक की मौत हो गई थी, लेकिन परिवार और कुछ ग्रामीणों ने उसकी मौत को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उसे दोबारा जिंदा करने के नाम पर कई दिनों तक झाड़-फूंक और कर्मकांड चलता रहा।

    मामला अमांपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया गया था। घटना की शुरुआत तब हुई जब 26 वर्षीय युवक को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

    अस्पताल से लौटने के बाद भी परिजन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थे कि युवक की मौत हो चुकी है। उन्हें उम्मीद थी कि किसी तरह उसे दोबारा जिंदा किया जा सकता है। इसी विश्वास के चलते झाड़-फूंक करने वालों की मदद ली गई।

    बताया गया कि इसके बाद दूसरे स्थान से एक महिला को बुलाया गया, जिसने मृत युवक को जीवित करने के नाम पर कथित तौर पर कई तरह के कर्मकांड शुरू किए। शव को पानी से भरे गड्ढे में रखे जाने और आसपास ढोल-थाली बजाने जैसी गतिविधियां भी की गईं।

    यह पूरा सिलसिला करीब पांच दिनों तक चलता रहा। इस दौरान आसपास के लोग भी वहां जमा होते रहे और युवक के जीवित होने की उम्मीद में कथित कर्मकांड को देखते रहे।

    मामला सामने आने के बाद इलाके में अंधविश्वास को लेकर बहस शुरू हो गई। सबसे बड़ा सवाल यही था कि जब अस्पताल में डॉक्टर युवक को मृत घोषित कर चुके थे, तब भी परिवार ने चिकित्सकीय सलाह के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा क्यों किया।

    घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में समय पर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार कितना जरूरी है। अंधविश्वास के चलते किसी मृत व्यक्ति को वापस जीवित करने की कोशिश न सिर्फ निरर्थक होती है, बल्कि ऐसी परिस्थितियों में परिवार को मानसिक और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

  • बिना खून लिए मरीज को थमा दी जांच रिपोर्ट, मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

    बिना खून लिए मरीज को थमा दी जांच रिपोर्ट, मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। एक महिला ब्लड टेस्ट कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी, लेकिन आरोप था कि उसका खून का सैंपल लिए बिना ही उसे जांच रिपोर्ट दे दी गई। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था।

    बताया गया था कि महिला मुंगराबादशाहपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लड टेस्ट कराने पहुंची थी। वहां जांच के लिए प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उसे रिपोर्ट सौंप दी गई। जब महिला ने सवाल किया कि बिना खून का नमूना लिए रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई, तो वहां मौजूद कर्मचारियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था।

    पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें महिला स्वास्थ्यकर्मियों से इसी मामले को लेकर सवाल करती दिखाई दे रही थी। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

    मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बाद विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। अधिकारियों की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई थी। इसके बाद संबंधित डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से वहां से हटा दिया गया था।

    मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई थी। अधिकारियों ने कहा था कि जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं, महिला का कहना था कि वह सामान्य प्रक्रिया के तहत ब्लड टेस्ट कराने पहुंची थी, लेकिन सैंपल लिए बिना ही उसे रिपोर्ट दे दी गई। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच आगे बढ़ाई गई थी।

  • सुहागरात पर दुल्हन ने पति को दी ऐसी धमकी, दूल्हे के उड़ गए होश; तीन रातों तक चलता रहा खौफ..

    सुहागरात पर दुल्हन ने पति को दी ऐसी धमकी, दूल्हे के उड़ गए होश; तीन रातों तक चलता रहा खौफ..

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से शादी के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। दोनों परिवारों की सहमति से हुई शादी के बाद दूल्हे ने सोचा था कि नई जिंदगी की शुरुआत खुशियों के साथ होगी, लेकिन शादी की पहली ही रात हालात पूरी तरह बदल गए थे।

    बताया गया था कि शादी धूमधाम से हुई थी। बारात, मेहमान और रस्मों के बाद दुल्हन को विदा कराकर घर लाया गया था। परिवार में नई बहू के आने की खुशी थी, लेकिन सुहागरात पर पति के सामने ऐसी स्थिति आ गई, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी।

    चाकू दिखाकर पति को दी धमकी

    पति का आरोप था कि सुहागरात के दौरान दुल्हन ने चाकू दिखाकर उसे धमकाया था। उसने कथित तौर पर पति को अपने करीब आने से मना किया और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।

    दूल्हे के मुताबिक, यह स्थिति सिर्फ पहली रात तक सीमित नहीं रही थी। लगातार तीन रातों तक उसे इसी तरह डर और तनाव का सामना करना पड़ा था। इस वजह से वह इतना परेशान हो गया था कि शादी के बाद तय हनीमून की योजना भी रद्द करनी पड़ी थी।

    दुल्हन ने बताया किसी और से प्रेम संबंध

    कुछ दिनों बाद दुल्हन ने कथित तौर पर अपने परिवार और ससुराल वालों के सामने बताया था कि उसका पहले से किसी युवक के साथ प्रेम संबंध था। उसने पति के परिवार से उसे उसके प्रेमी के पास भेजने की मांग की थी।

    इस बात को लेकर दोनों परिवारों में विवाद बढ़ गया था। मामला पंचायत तक पहुंचा और परिवार के लोगों ने आपसी बातचीत से विवाद सुलझाने की कोशिश की थी।

    रात में घर से निकल गई दुल्हन

    विवाद के बीच मामला थाने तक भी पहुंच गया था। परिवार के मुताबिक, इसी दौरान दुल्हन रात में घर से निकल गई थी। आरोप था कि वह घर की दीवार से बाहर निकली और अपने कथित प्रेमी के साथ चली गई।

    इसके बाद पति और उसके परिवार ने पुलिस से संपर्क किया था। परिवार का कहना था कि शादी के बाद जो रिश्ता नई जिंदगी की शुरुआत माना जा रहा था, वह कुछ ही दिनों में विवाद और तनाव में बदल गया था।

    फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती थी। शादी से पहले दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और रिश्तों से जुड़ी जानकारी स्पष्ट होना कितना जरूरी है, यह घटना इसी ओर इशारा करती है।

  • शादी से एक दिन पहले हल्दी में जमकर नाची दुल्हन, अचानक बिगड़ी तबीयत… डोली से पहले उठी अर्थी, मातम में बदली खुशियां..

    शादी से एक दिन पहले हल्दी में जमकर नाची दुल्हन, अचानक बिगड़ी तबीयत… डोली से पहले उठी अर्थी, मातम में बदली खुशियां..

    शादी की खुशियां मातम में बदलीं, हल्दी की रस्म में डांस करते-करते दुल्हन की मौत

    शादी वाले घर में चारों तरफ खुशियों का माहौल था। रिश्तेदार और मेहमान जुट चुके थे। घर में शादी की रस्में चल रही थीं और कुछ ही समय बाद बारात आने वाली थी। लेकिन अचानक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।

    हल्दी की रस्म के दौरान होने वाली दुल्हन अपनी बहनों और रिश्तेदारों के साथ खुशी-खुशी डांस कर रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे घबराहट महसूस हुई और वह वॉशरूम चली गई। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई।

    परिवार के लोगों ने दरवाजा खोलकर देखा तो वह जमीन पर बेसुध पड़ी थी। आनन-फानन में स्थानीय डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टर ने शुरुआती तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक बताई।

    बताया गया कि युवती पहले से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज भी चल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही उसकी शादी होगी और बेटी को दुल्हन के रूप में विदा किया जाएगा, लेकिन एक पल में सारी खुशियां मातम में बदल गईं।

    शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे और हल्दी-मेहंदी की रस्में भी खुशी के साथ संपन्न हो रही थीं। दुल्हन ने शादी से पहले खूब फोटो खिंचवाए थे। तस्वीरों में उसके चेहरे पर शादी की खुशी साफ नजर आ रही थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यही तस्वीरें परिवार के लिए उसकी आखिरी याद बन जाएंगी।

    हादसे के बाद शादी वाले घर में चीख-पुकार मच गई। जिन घरातियों और रिश्तेदारों के बीच कुछ देर पहले हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब हर तरफ सन्नाटा पसरा था। जिस घर से बेटी की डोली उठनी थी, वहां उसकी अर्थी उठ गई।

    परिवार ने इस दुखद घटना के बाद पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। अचानक हुई इस मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध है।

    हार्ट अटैक क्यों आता है?

    हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। आमतौर पर हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में प्लाक जमा होने से रास्ता संकरा हो जाता है। कई मामलों में प्लाक टूटने के बाद रक्त का थक्का बन सकता है, जिससे धमनी में रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है और हार्ट अटैक की स्थिति पैदा हो सकती है।

    हालांकि किसी भी अचानक हुई मौत की सही वजह डॉक्टर की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होती है।

  • एक ही नाम और पहचान से 6 जिलों में नौकरी का दावा, स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड ने खोला चौंकाने वाला राज..

    एक ही नाम और पहचान से 6 जिलों में नौकरी का दावा, स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड ने खोला चौंकाने वाला राज..

    उत्तर प्रदेश के कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। विभागीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान एक ही नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि वाले छह कर्मचारियों का अलग-अलग जिलों में तैनात होने का मामला सामने आया। इसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

    बताया गया था कि मामला एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर हुई नियुक्तियों से जुड़ा था। वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। इसी सूची में एक व्यक्ति का नाम भी शामिल था, जिसे एक जिले में तैनाती मिली थी।

    बाद में जब कर्मचारियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज किया गया तो रिकॉर्ड में एक जैसी जानकारियां देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। अलग-अलग जिलों में तैनात छह कर्मचारियों के नाम एक जैसे बताए गए थे। उनके पिता के नाम और जन्मतिथि भी समान थी। इनमें से कुछ कर्मचारियों का स्थायी पता भी एक जैसा दर्ज होने की बात सामने आई थी।

    रिकॉर्ड में इन कर्मचारियों की तैनाती फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर, बदायूं, रामपुर और शामली समेत अलग-अलग जिलों में बताई गई थी। ऐसे में सवाल उठने लगा कि क्या ये वास्तव में अलग-अलग व्यक्ति हैं या एक ही पहचान का इस्तेमाल करके कई जगह नौकरी हासिल की गई।

    मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब वेतन से जुड़े आंकड़ों की पड़ताल की गई। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित पद पर तैनात कर्मचारी को हर महीने करीब 69 हजार रुपये वेतन मिलता था। इसी आधार पर अलग-अलग जिलों में सरकारी खजाने से बड़ी रकम के भुगतान का अनुमान सामने आया।

    हालांकि, यह रकम वास्तव में फर्जीवाड़े के जरिए निकाली गई या रिकॉर्ड में किसी तकनीकी अथवा दस्तावेजी गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होना था। केवल एक जैसे नाम और विवरण सामने आने से किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना भी उचित नहीं था।

    मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित की थी। अधिकारियों ने रिकॉर्ड की जांच कर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पता लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही थी।

    अब जांच में यह स्पष्ट होना था कि छह जिलों में एक जैसी पहचान वाले कर्मचारियों का रिकॉर्ड कैसे तैयार हुआ और वर्षों तक विभागीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी। मामला सामने आने के बाद सरकारी नियुक्तियों और रिकॉर्ड सत्यापन की व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।