Category: Uttar Pradesh

  • मेरठ: 8 दिन के बेटे के साथ मां की दर्दनाक मौत, गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक ने बाइक को कुचला; पति बचा, ग्रामीणों ने लगाया जाम.

    मेरठ: 8 दिन के बेटे के साथ मां की दर्दनाक मौत, गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक ने बाइक को कुचला; पति बचा, ग्रामीणों ने लगाया जाम.

    मेरठ: 8 दिन के बेटे के साथ मां की दर्दनाक मौत, गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक ने बाइक को कुचला; पति बचा, ग्रामीणों ने लगाया जाम.

    मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के लावड़ कस्बे में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां और उसके महज आठ दिन के नवजात बेटे की मौत हो गई। परिवार बच्चे को पीलिया की दवा दिलाकर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडरों से लदे ट्रक की चपेट में आने से यह हादसा हो गया। दुर्घटना में महिला का पति बाल-बाल बच गया। मां और नवजात की मौत से इलाके में शोक फैल गया, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध जताया।

    दवा दिलाकर लौट रहा था परिवार

    यह हादसा दौराला-मसूरी मार्ग पर लावड़ की सब्जी मंडी के पास काली माता मंदिर के सामने हुआ। जानकारी के अनुसार, महल गांव निवासी संजय सैनी अपनी पत्नी प्रिया और आठ दिन के बेटे को पीलिया की दवा दिलाने के लिए लावड़ आए थे।

    दवा दिलाने के बाद तीनों बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर लगने के बाद बाइक सवार सड़क पर गिर गए। बताया गया कि ट्रक का पहिया प्रिया और नवजात बच्चे के ऊपर से गुजर गया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

    इस हादसे में संजय की जान बच गई, लेकिन पत्नी और नवजात बेटे को खोने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    मां-बेटे की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम

    हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जुट गई। मां और बच्चे की मौत से नाराज लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मामले में कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।

    शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान भी विरोध की स्थिति बनी रही। सड़क जाम होने के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ।

    ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी उठाई।

    एंबुलेंस के शीशे तोड़े जाने की सूचना

    हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों का आक्रोश बढ़ गया। इस दौरान एंबुलेंस में तोड़फोड़ किए जाने और उसके शीशे तोड़े जाने की सूचना भी सामने आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

    ट्रक चालक हिरासत में, पुलिस कर रही जांच

    दुर्घटना के बाद ट्रक चालक के मौके से भागने की कोशिश करने की बात सामने आई, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। मां और नवजात के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

    पुलिस हादसे के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। दुर्घटना की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद स्पष्ट होंगी। ग्रामीणों की मांग है कि पीड़ित परिवार को उचित सहायता दी जाए और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। हादसे से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी की पुष्टि पुलिस जांच तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।

  • शिवा शर्मा मौत केस में श्रद्धा दुबे और बहन की तलाश तेज, नेपाल भागने की आशंका; कथित मददगारों और प्रभावशाली लोगों के संपर्कों की जांच.

    शिवा शर्मा मौत केस में श्रद्धा दुबे और बहन की तलाश तेज, नेपाल भागने की आशंका; कथित मददगारों और प्रभावशाली लोगों के संपर्कों की जांच.

    शिवा शर्मा मौत केस में श्रद्धा दुबे और बहन की तलाश तेज, नेपाल भागने की आशंका; कथित मददगारों और प्रभावशाली लोगों के संपर्कों की जांच.

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मामले में आरोपित मॉडल श्रद्धा दुबे और उसकी बहन की तलाश की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि दोनों घटना के बाद नेपाल की ओर गई हो सकती हैं। जांच के दौरान कुछ ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर दोनों बहनों को फरार होने में मदद पहुंचाने का संदेह है। हालांकि, उनके ठिकाने और कथित मददगारों की भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

    चौक में परिचितों से मिलने के बाद नेपाल जाने की आशंका

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना के बाद श्रद्धा और उसकी बहन लखनऊ के चौक इलाके में कुछ परिचितों से मिली थीं। इसके बाद उनके सीतापुर और बहराइच के रास्ते नेपाल जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इन सूचनाओं के आधार पर दोनों की तलाश कर रही है।

    जांच एजेंसियों की नजर आमिर और दानिश नाम के दो लोगों पर भी है। पुलिस टीमों ने उनके घरों पर दबिश दी, लेकिन दोनों वहां नहीं मिले। इसके बाद उनके परिजनों से पूछताछ कर उनके बारे में जानकारी जुटाई गई।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों बहनें वास्तव में नेपाल पहुंची हैं या नहीं। पुलिस अलग-अलग सूचनाओं की जांच कर उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    बिल्डरों और प्रभावशाली लोगों से संपर्कों की भी पड़ताल

    शिवा शर्मा की मौत की जांच के साथ श्रद्धा दुबे और उसकी बहन के संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि कुछ बिल्डरों और अन्य प्रभावशाली लोगों ने उन्हें मदद पहुंचाई हो सकती है। इसी सिलसिले में कॉल रिकॉर्ड, परिचितों और अन्य संपर्कों से जुड़ी जानकारियां खंगाली जा रही हैं।

    इवेंट कंपनियों और फैशन शो से जुड़े कुछ लोगों के संपर्कों की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद दोनों बहनों ने किन लोगों से संपर्क किया और क्या किसी ने उन्हें ठिकाना बदलने या पुलिस से बचने में मदद की।

    हालांकि, किसी व्यक्ति का आरोपितों से संपर्क होना अपने आप में अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

    चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी शिवा शर्मा की मौत

    शिवा शर्मा लखनऊ के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में रहते थे। शुक्रवार रात वह अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। बाद में उनका शव परिसर में मिला। शिवा चिकन कारोबार और कैफे संचालन से जुड़े हुए थे तथा श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन संबंध में रह रहे थे।

    शिवा की मौत के बाद परिवार ने घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनकी मां रंजना ने श्रद्धा, उसकी बहन और कुछ अन्य लोगों पर आरोप लगाए हैं। परिवार को संदेह है कि यह सामान्य हादसा नहीं था और शिवा के साथ कथित तौर पर हुई हिंसा का उनकी मौत से संबंध हो सकता है।

    पुलिस इन आरोपों और मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि शिवा की मौत दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी की आपराधिक भूमिका थी। इसका पता जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही चल सकेगा।

    फ्लैट से मिली दवाओं और अन्य वस्तुओं की फोरेंसिक जांच

    जांच के दौरान श्रद्धा के फ्लैट से मिली कुछ दवाओं और अन्य वस्तुओं को परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट से इन वस्तुओं की प्रकृति और मामले से उनके संभावित संबंध के बारे में जानकारी मिल सकती है।

    इसके अलावा, पुलिस श्रद्धा और उसकी बहन के पुराने संपर्कों तथा पहले दर्ज कराए गए मामलों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ना और शिवा की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना है।

    पुलिस के सामने अब क्या हैं प्रमुख चुनौतियां?

    इस मामले में पुलिस के सामने फिलहाल तीन प्रमुख काम हैं—श्रद्धा दुबे और उसकी बहन का पता लगाना, उन लोगों की भूमिका की जांच करना जिन पर कथित तौर पर मदद करने का संदेह है, और शिवा शर्मा की मौत से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण करना।

    कॉल रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में अहम हो सकते हैं। पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

    महत्वपूर्ण सूचना: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और जांच से जुड़े दावों पर आधारित है। श्रद्धा दुबे, उनकी बहन या अन्य व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी की भूमिका या दोष का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

  • घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    उत्तर प्रदेश से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए अपने ही घर में लाखों रुपये के गहने और नकदी चोरी कराने की साजिश रच डाली. इतना ही नहीं, घटना को असली चोरी दिखाने के लिए उसने बेहोश होने का नाटक भी किया. लेकिन पुलिस की बारीकी से की गई जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई. पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर चोरी का सामान भी बरामद कर लिया है.

    पति ने दर्ज कराई थी चोरी की शिकायत
    यह मामला गोंडा जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के विशुनापुर बाजार का है. पीड़ित लवकुश ने पुलिस को सूचना दी कि रात में अज्ञात चोर उनके घर में घुस आए. चोर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.

    पूछताछ में पत्नी पर हुआ शक
    जांच के दौरान पुलिस ने घर के सभी लोगों से अलग-अलग पूछताछ की. इसी दौरान लवकुश की पत्नी पूनम कसौधन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. महिला पुलिसकर्मियों ने जब पूनम से अलग से पूछताछ की तो वह ज्यादा देर तक अपनी कहानी पर कायम नहीं रह सकी और पूरी साजिश कबूल कर ली.

    मौसेरे भाई से था प्रेम संबंध
    पुलिस जांच में पता चला कि पूनम का अपनी मौसी के बेटे विकास कसौधन से प्रेम संबंध था. दोनों साथ भागकर नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे. इसके लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी. इसी वजह से दोनों ने अपने ही घर में चोरी की योजना बनाई. योजना के मुताबिक, रात में पूनम ने विकास को घर बुलाया. दोनों ने मिलकर संदूक और बक्सों में रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और मोबाइल निकाल लिए. इसके बाद कमरे का सामान बिखेर दिया ताकि मामला असली चोरी जैसा लगे. चोरी का पूरा सामान विकास अपने साथ लेकर चला गया.

    बेहोशी का ड्रामा भी नहीं आया काम
    चोरी के बाद पूनम ने खुद को पीड़ित दिखाने के लिए बेहोश होने का नाटक किया. वह घर के बेड के नीचे जाकर लेट गई. अगली सुबह उसने परिवार वालों को बताया कि कुछ अज्ञात बदमाश घर में घुसे, उसके साथ मारपीट की और चोरी करके फरार हो गए. हालांकि पुलिस को उसकी कहानी पर शुरू से ही शक था. पूछताछ और घटनास्थल की जांच में कई ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले का खुलासा कर दिया.

    50 हजार नकद और गहने बरामद
    सीओ सिटी योगेश्वर सिंह ने बताया कि चोरी का पूरा सामान विकास कसौधन के घर से बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस ने पूनम कसौधन और विकास कसौधन को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय भेजा जा रहा है.

  • चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी जिले में एक अविश्वसनीय रूप से क्रूर घटना सामने आई है। एक पति ने अपनी पत्नी की नाक सिर्फ इसलिए काट दी क्योंकि वह अपने पैतृक स्थान जाने की जिद पर अड़ी थी। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। पत्नी के रिश्तेदार आए और बदले में पति की बहन की नाक भी (खेलते समय) काट दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर काफी हंगामा मच गया।

    पीड़िता की पत्नी प्रीति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उसने अपने पति श्रवण से कहा कि वह अपने पैतृक नगर जाएगी क्योंकि रविवार को उसकी चचेरी बहन की शादी है। हालांकि, पति ने मना कर दिया। जब प्रीति ने पैतृक नगर जाने की जिद की, तो क्रोधित श्रवण ने अपनी पत्नी पर हमला कर दिया और ब्लेड से उसकी नाक काट दी।

    दांतों से हमला… लड़की से बदला!

    प्रीति की नाक उसके पति के हमले में कटकर खून से लथपथ हो गई, जिसकी जानकारी उसके परिजनों को मिली। क्रोधित होकर प्रीति के परिवारवाले और रिश्तेदार बड़ी संख्या में श्रवण के घर पहुंचे। वहां उन्होंने श्रवण को सबक सिखाने के लिए उसकी बहन मोनी पर दांतों से बेरहमी से हमला किया। बाद में मोनी की नाक भी बेरहमी से काट दी गई। इस हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। गंभीर रूप से घायल पत्नी प्रीति और उसके पति की बहन मोनी दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल पुलिस इस नाक काटने के मामले में जांच तेज कर चुकी है।

  • 6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है. दरअसल, जिले में एक युवती ने अपने कथित लिव-इन पार्टनर पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए बीच सड़क पर उसकी पिटाई कर दी. जानकारी के अनुसार, युवती लखनऊ से अपने प्रेमी की तलाश में सीतापुर पहुंची थी. उसका आरोप है कि युवक उससे संपर्क नहीं कर रहा था और उसके फोन कॉल भी नहीं उठा रहा था.

    बताया जा रहा है कि दोनों पिछले करीब एक साल से लखनऊ में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. कुछ दिन पहले युवक अपने गांव चला गया, जिसके बाद युवती को उस पर शक हुआ. इसके बाद वह उसकी तलाश में सीतापुर पहुंच गई. फिर उसके बाद यह घटना घटी.

    गांव पहुंचने पर युवती को पता चला कि युवक पहले से शादीशुदा है. इस जानकारी के बाद वह नाराज हो गई. आरोप है कि उसने युवक को सड़क पर रोक लिया और उसके साथ मारपीट की. मारपीट के दौरान युवती उससे कह रही थी कि “4 शादी पहले की, पांचवी घर पर है और छठी मैं.” घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस बीच युवक दुबका हुआ नजर आ रहा है. वह कुछ नहीं कह पा रहा है.

    फिलहाल, इस मामले में सामने आई जानकारी दोनों पक्षों के आरोपों पर आधारित है. पुलिस की ओर से इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. तब तक देखना होगा कि आगे क्या होता है.

  • रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

     कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर 12 जून को बोरी में मिले महिला के शव की गुत्थी आखिरकार 21 दिन बाद सुलझ गई. फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र के इस्कुरी गांव के पास सर्विस लेन किनारे मिले शव की पहचान प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव की 20 वर्षीय रंजना तिवारी के रूप में हुई. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड को अंजाम किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पति ने दिया था. पुलिस पूछताछ में उसके पति ने हत्या की जो वजह बताई उसे सुनकर लोग हैरान रह गए.

    बता दें कि, रंजना की शादी 27 फरवरी 2025 को प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के कोटवारन का पुरवा निवासी कुनाल तिवारी से हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद पति-पत्नी के बीच उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने खौफनाक मोड़ लिया और 11 जून की रात पति ने पहले रंजना का गला दबाया, फिर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी.

    सास-ससुर भी निकले बेरहम

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए परिवार ने भी साथ दिया. जांच में पता चला कि सास और ससुर शव को बोरी में भरकर बाइक से खागा क्षेत्र तक लेकर आए और इस्कुरी गांव के पास सर्विस रोड किनारे फेंक दिया. अगले दिन राहगीरों ने बोरी में शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया. शुरुआती जांच में उम्र को लेकर पति की नाराजगी हत्या की मुख्य वजह मानी जा रही है. 

    रंजना के कपड़ों और गहनों से हुई पहचान

    पुलिस लगातार महिला की पहचान के प्रयास में जुटी थी और आसपास के जिलों में फोटो व विवरण भेजे गए थे. जांच के दौरान पता चला कि प्रयागराज के बारा थाने में 13 जून को महिला के पिता शिवशंकर पांडेय ने दहेज प्रताड़ना और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद खागा पुलिस ने शव के कपड़े और जेवर लेकर बारा थाने में परिजन को दिखाया. यहां मैरून रंग का कढ़ाईदार सलवार-सूट, अंगूठी, बिछिया, पायल, कान के टॉप्स और फोटो देखकर परिजन ने रंजना की पहचान की. पहचान होते ही परिजन रो पड़े और पुलिस ने संयुक्त जांच में पूरे मामले का खुलासा किया.

    पति गिरफ्तार, पांच अन्य की तलाश

    प्रयागराज के बारा थाना पुलिस ने दहेज मांग, दहेज प्रताड़ना, बंधक बनाने सहित विभिन्न धाराओं में पति कुनाल तिवारी, सास किरन तिवारी, ससुर सुरेंद्र तिवारी, देवर आयुष, मामा ऋषभ और मामा कन्हई मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मुख्य आरोपी पति कुनाल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच प्रयागराज के स्थानीय सीओ को सौंपी जाएगी.

  • पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    कभी पर्स से कुछ हजार रुपये कम मिलते, कभी बैग से नोट गायब हो जाते. घर में किसी बाहरी शख्स का आना-जाना नहीं था, इसलिए चोरी का शक भी किसी पर नहीं गया. उल्टा, पैसों को लेकर पति-पत्नी के बीच ही बहस होने लगी. लेकिन जब अलमारी से एक साथ लाखों रुपये और जेवर गायब हुए, तब कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि शक सीधे उस महिला पर गया, जो पिछले छह महीने से उसी घर में खाना बना रही थी.

    यह मामला उत्तर प्रदेश के झांसी का है. यहां जिला कारागार के जेलर के सरकारी आवास में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस का कहना है कि चोरी किसी बाहर से आए चोर ने नहीं, बल्कि घर की नौकरानी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी.

    दरअसल, झांसी जिला कारागार में तैनात जेलर अंजनी कुमार गुप्ता अपनी पत्नी उमा गुप्ता के साथ सरकारी आवास में रहते हैं. पिछले करीब छह महीने से मिथलेश नाम की महिला उनके घर में खाना बनाने और साफ-सफाई का काम कर रही थी. उमा गुप्ता ने पुलिस को बताया कि करीब तीन महीनों से घर से नकदी धीरे-धीरे गायब हो रही थी.

    कभी उनके पति के पर्स से पैसे कम मिलते, तो कभी उनके बैग से. शुरुआत में किसी को चोरी का अंदेशा नहीं हुआ. दोनों को लगता था कि शायद दूसरे ने पैसे निकाल लिए होंगे. इसी बात पर कई बार आपस में कहासुनी भी हुई.

    मुंबई से लौटीं तो अलमारी खाली मिली

    26 जून को उमा गुप्ता अपनी बहन के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने मुंबई गई थीं. 1 जुलाई को जब वह वापस लौटीं और अलमारी खोली, तो उसमें रखे करीब 6 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के कीमती जेवर गायब थे.

    अब सवाल था कि घर में आया कौन था? परिवार के मुताबिक, उनकी गैरमौजूदगी में घर पर सिर्फ नौकरानी आती थी. यहीं से शक की सुई मिथलेश की ओर घूम गई. शिकायत मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस जांच में जुट गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और मिले साक्ष्यों के आधार पर नौकरानी मिथलेश और उसके बॉयफ्रेंड अमित को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर चोरी की प्लानिंग की थी और चोरी का माल ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे थे.

    पुलिस का कहना है कि मिथलेश ने पहले इस परिवार का भरोसा जीता. फिर वह धीरे-धीरे घर से थोड़ी-थोड़ी नकदी निकालती रही, ताकि किसी को शक न हो. जब कई महीनों तक चोरी पकड़ में नहीं आई, तो उसने अलमारी में रखी बड़ी रकम और जेवर भी निकाल लिए. जांच के मुताबिक, चोरी का सामान उसने अपने बॉयफ्रेंड अमित को दे दिया, ताकि उसे कहीं और छिपाया जा सके. फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की बाकी रकम और जेवर कहां हैं और क्या इस वारदात में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था.

  • संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर के खलीलाबाद में पड़ोसियों के साथ हुए विवाद ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रेलवे स्टेशन पुरवा मोहल्ले में शुक्रवार देर रात एक भोजनालय में कथित तौर पर बेटे और उसकी मां के साथ मारपीट की गई। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे 58 वर्षीय पिता को भी हमलावरों ने निशाना बनाया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिवार ने इस घटना के पीछे व्यावसायिक रंजिश का आरोप लगाया है।

    भोजनालय में बेटे और मां के साथ मारपीट का आरोप

    जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्टेशन पुरवा निवासी शिवम जायसवाल का मोहल्ले में जायसवाल भोजनालय है। शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे शिवम अपनी मां के साथ भोजनालय में मौजूद थे। इसी दौरान उनके पड़ोसी महेंद्र जायसवाल, अमरनाथ जायसवाल, रिंकू जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल कथित तौर पर वहां पहुंच गए।

    आरोप है कि चारों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और शिवम व उनकी मां के साथ मारपीट करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर शिवम के पिता चिरंजीव लाल जायसवाल मौके पर पहुंचे और परिवार को बचाने के लिए बीच-बचाव करने लगे।

    बीच-बचाव करने पहुंचे पिता की मौत

    परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, विवाद के दौरान हमलावरों ने चिरंजीव लाल को भी पकड़ लिया। उन्हें जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    कारोबार में रंजिश होने का दावा

    मृतक के बेटे शिवम जायसवाल ने आरोप लगाया कि पड़ोसी उनके भोजनालय के कारोबार और बिक्री को लेकर उनसे जलन रखते थे। उनका दावा है कि इसी व्यावसायिक रंजिश के चलते विवाद हुआ और उनके पिता की जान चली गई।

    हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में संबंधित लोगों की भूमिका और घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।

    पुलिस जांच से स्पष्ट होगी पूरी घटना

    इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू की है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना और व्यावसायिक रंजिश से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध मानने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों का इंतजार करना आवश्यक है।

  • हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इन नोटों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये बताई जा रही है। ये वही नोट हैं, जिन्हें नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद सामान्य चलन से बाहर कर दिया गया था। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, जबकि पुलिस बरामद नोटों के स्रोत और उन्हें रखने के उद्देश्य की जांच कर रही है।

    1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट मिलने से उठे सवाल

    नोटबंदी के कई साल बाद इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये नोट कहां से जुटाए गए और इन्हें इतनी बड़ी संख्या में किस मकसद से रखा गया था।

    उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बरामद खेप में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें अपने कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल शुरू की है।

    एक आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

    इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पुराने नोट उसके पास कैसे पहुंचे और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

    हालांकि, उपलब्ध विवरण में गिरफ्तार आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी की जगह और नोटों के संभावित इस्तेमाल के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल किसी बड़े गिरोह या संगठित साजिश की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

    नोटबंदी के बाद पुराने नोटों की क्या स्थिति है?

    केंद्र सरकार ने नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपये के तत्कालीन नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इन पुराने नोटों का सामान्य लेनदेन में इस्तेमाल अब मान्य नहीं है। ऐसे नोटों के संबंध में कानूनी स्थिति परिस्थितियों और लागू प्रावधानों पर निर्भर कर सकती है।

    इसी वजह से इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों का मिलना जांच का विषय बन गया है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि नोट किसके हैं, उन्हें कहां रखा गया था और मामले में कोई कानूनी उल्लंघन हुआ है या नहीं।

    जांच के बाद सामने आएगी पूरी कहानी

    फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य पुराने नोटों के स्रोत और उन्हें रखने के पीछे की वजह का पता लगाना है। आगे की कार्रवाई पूछताछ, बरामदगी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हो सकती है।

    इस मामले में नोटों के नेटवर्क, किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या उनके इस्तेमाल की योजना को लेकर अभी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब मिल सकेंगे।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपी की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं हो सकी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

  • लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ में कैफे मालिक: की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरकर गई जान; मां ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक 27 वर्षीय कैफे संचालक की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतक के परिवार ने इस घटना को हादसा मानने से इनकार करते हुए उसकी लिव-इन पार्टनर और उससे जुड़ी एक अन्य महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि उनके बेटे को पहले बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया और फिर इमारत से नीचे फेंक दिया गया। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मौत के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत, फिर मौत की खबर

    यह घटना हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की बताई गई है। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे कैफे संचालक शिवा शर्मा की मां को एक युवती का फोन आया। फोन पर बताया गया कि शिवा का एक्सीडेंट हो गया है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है।

    परिजन घबराकर लोहिया अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां शिवा का पता नहीं चला। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि घायल युवक को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाया गया है। परिवार के मुताबिक, वहां पहुंचने पर एंबुलेंस के पास एक ड्राइवर मौजूद था, जो परिजनों को देखकर कथित तौर पर वहां से चला गया।

    बताया गया कि घायल युवक को लेकर एंबुलेंस चालक काफी देर तक अलग-अलग अस्पतालों के बीच चक्कर लगाता रहा। आखिरकार डॉक्टरों ने शिवा को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने घटना को लेकर सवाल उठाए और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मां का आरोप, बेटे को प्रताड़ित करने के बाद नीचे फेंका गया

    मृतक की मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। उन्होंने दावा किया कि उसके चेहरे, जबड़े, पसलियों और पैरों पर चोटें थीं। परिवार की ओर से शरीर पर सिगरेट से दागने और खरोंच के निशान होने की बात भी कही गई है।

    परिजनों का आरोप है कि शिवा की लिव-इन पार्टनर से जुड़े विवाद के चलते उसे पिछले कई महीनों से परेशान किया जा रहा था। परिवार ने मारपीट करने, झूठे मुकदमे में फंसाने और बदनाम करने की धमकियां मिलने का भी दावा किया है।

    मां के मुताबिक, घटना से करीब एक सप्ताह पहले भी एक महिला उनके बेटे की दुकान पर आई थी और कथित तौर पर धमकी दी थी। परिवार ने यह आशंका भी जताई कि घर और दुकान पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से पहले क्या हुआ था और चोटें किन परिस्थितियों में आईं।

    चौथी मंजिल से गिरने की सूचना, पुलिस ने दर्ज किया केस

    पुलिस के अनुसार, युवक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरा था और बाद में उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि शिवा खुद नीचे गिरा, उसे धक्का दिया गया या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी। जांच में तकनीकी साक्ष्यों और फॉरेंसिक पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के साथ-साथ घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।

    हादसा या साजिश, जांच के बाद ही सामने आएगा सच

    कैफे संचालक की मौत के मामले में फिलहाल कई सवाल बने हुए हैं। परिवार इसे हत्या की आशंका से जोड़ रहा है, जबकि घटना की परिस्थितियों और मौत के कारणों का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

    अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्ष यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि युवक की मौत कैसे हुई। जब तक जांच में ठोस तथ्य सामने नहीं आते, तब तक किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।