Category: Uttar Pradesh

  • पत्नी के मायके जाने से बौखलाया दामाद, उपलों के ढेर में जला दी सास; राख में मिलीं चूड़ियां और हड्डियां

    पत्नी के मायके जाने से बौखलाया दामाद, उपलों के ढेर में जला दी सास; राख में मिलीं चूड़ियां और हड्डियां

    पीलीभीत में पत्नी के बार-बार मायके जाने से नाराज दामाद महेंद्रपाल ने अपनी सास मोहनदेई की हत्या कर दी। उसने शव को उपलों के ढेर में जला दिया, जिसकी राख से चूड़ियां और हड्डियां मिली हैं।

    पत्नी के मायके जाने से बौखलाया दामाद, उपलों के ढेर में जला दी सास; राख में मिलीं चूड़ियां और हड्डियां
    1. बेटी को मायके बुलाकर सुख-दुख साझा करती थीं, नाराज था दामाद

     पत्नी बीना के बार-बार मायके जाने से बौखलाए महेंद्रपाल ने बुजुर्ग सास मोहनदेई की हत्या कर दी। निर्दयी दामाद उनकी लालसा को समझ नहीं सका, जो बिटिया से अपना सुख-दुख साझा कर लेती थीं। घर का सूनापन छांटने के लिए उन्हें कुछ समय अपने पास बुला लेती थीं। बुढ़ापे में उनका सहारा बनने के बजाय दामाद लड़ाई करने लगा था।

    इस बीच मौका मिलते ही उनकी हत्या कर शव उपलों के बीच जला दिया। शुक्रवार को राख के ढेर से उनकी चूड़ियां व हड्डियां मिलने के बाद आरोपित महेंद्र के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपित से पूछताछ शुरू कर दी है।

    जिठनिया गांव निवासी 65 वर्षीय मोहनदेई कब्रिस्तान के पास मकान में अकेली रहती थीं। उनके बेटे सुरेश कुमार गांव के अंदर दूसरे मकान में रहते हैं। मां मोहनदेई अक्सर विवाहित बेटी बीना को अपने पास बुला लेती थीं। उनके बार-बार मायके जाने पर पति महेंद्रपाल आपत्ति जताता था।

    यह कहासुनी धीरे-धीरे पारिवारिक कलह में बदल गई थी। महेंद्र ने सास मोहनदेई के पास जाकर भी नाराजगी जताई थी, मगर उन्होंने बीना का पक्ष लेते हुए कहा कि बेवजह कलह न करें। सुरेश कुमार के अनुसार, इसी बात पर बहनोई महेंद्रपाल कई बार मोहनदेई से लड़ाई-झगड़ा करके गया था।

    वह नहीं चाहता था कि बीना मायके आएं। 31 जुलाई की रात को महेंद्रपाल अपने गांव हरहरपुर से मोहनदेई के पास पहुंचा। रात में वहां रुका, सुबह बिना सूचना चला गया। दोपहर तक मां मोहनदेई पर ध्यान नहीं गया। शाम तक वह घर में नहीं दिखीं तो तलाश शुरू की।

    उस समय महेंद्रपाल पर शक नहीं था। सोचा कि कहीं रिश्तेदारी में चली गई होंगी। सुरेश बोले, शुक्रवार सुबह मां के मकान में जले उपलों का ढेर देखकर शक हुआ। वहां से राख हटाई तो उसमें हड्डियां व मां की चूड़ियां मिलीं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि 31 जुलाई की रात को महेंद्रपाल ने उनकी हत्या कर शव उपलों के ढेर के बीच रखकर आग लगा दी। उस दिन के बाद उसने किसी तरह संपर्क भी नहीं किया।

    सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि सुरेश की शिकायत पर गांव पहुंची टीम ने राख से मिले अवशेष बरामद किए हैं। उनका डीएनए परीक्षण कराया जाएगा, इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अवशेष मोहनदेई के हैं या नहीं। आरंभिक रूप से सुरेश की तहरीर के आधार पर महेंद्रपाल के विरुद्ध हत्या, साक्ष्य मिटाने की धारा में प्राथमिकी पंजीकृत करा दी गई है। वह फरार है। घटनाक्रम से आहत बीना भी मायके पहुंचीं।

  • मृतक की पत्नी थी जिंदा, फिर भी भाई ने हथिया ली नौकरी…

    मृतक की पत्नी थी जिंदा, फिर भी भाई ने हथिया ली नौकरी…

    मृतक की पत्नी थी जिंदा, फिर भी भाई ने हथिया ली नौकरी…

    अलीगढ़। मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल करने के लिए तथ्यों को छिपाने का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक कर्मचारी की पत्नी के जीवित होने के बावजूद उसके छोटे भाई ने खुद को आश्रित बताकर नौकरी प्राप्त कर ली। मामले में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने नियुक्ति को निरस्त करने और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

    जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह के अनुसार, अकराबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत अकबरपुर निवासी पंचायत कर्मचारी वीरपाल सिंह का 29 अगस्त 2022 को निधन हो गया था। इसके बाद उनके छोटे भाई केतपाल सिंह ने खुद को मृतक का आश्रित बताते हुए पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मचारी के पद पर मृतक आश्रित कोटे से नियुक्ति हासिल कर ली।

    जांच में सामने आया कि नियुक्ति के दौरान केतपाल सिंह ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया था। वह पहले से ही प्राथमिक विद्यालय दिहौली में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत था। वहीं, मृतक कर्मचारी की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि वह जीवित हैं और नियमानुसार मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति पाने की पहली पात्र वही थीं।

    शिकायत के बाद कराई गई जांच में मृतक की पत्नी के जीवित होने की पुष्टि हुई। जांच अधिकारियों ने पाया कि केतपाल सिंह ने गलत जानकारी और भ्रामक तथ्यों के आधार पर नौकरी प्राप्त की थी।

    मामले में जिला विकास अधिकारी ने केतपाल सिंह की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  • कक्षा नौ की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले जीजा को 20 वर्ष की सजा, साले को उम्रकैद

    कक्षा नौ की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले जीजा को 20 वर्ष की सजा, साले को उम्रकैद

    कक्षा नौ की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले जीजा को 20 वर्ष की सजा, साले को उम्रकैद

    Hamirpur : चार वर्ष पहले कक्षा नौ की छात्रा को दिल्ली ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले पर जीजा, साले को सजा सुनाई गई है। गुरुवार को पॉक्सो कोर्ट के जज अनिल कुमार खरवार ने जीजा राजकुमार को 20 वर्ष और उसके साले अंकित कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों को 29,500 का अर्थदंड भी लगाया गया है। बताया कि आरोपित अंकित स्कूल छोड़ने के बहाने छात्रा को सुमेरपुर से दिल्ली ले गया था, वहां से अपनी बड़ी बहन के घर ले आया। घर में अकेले पाकर जीजा राजकुमार ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद आरोपी अंकित उसे अपने गांव महुआ ले गया।

    पीड़िता को नौ महीने तक बंधक बनाकर रखा गया। इस बीच शादी करने का झांसा देता रहा, और गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात करवाया। छात्रा के पिता को फोन पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेजता रहा। किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। बताया कि पीड़िता के बयान के अनुसार अंकित ने बेल्टों से उसे कई बार मारा भी, और अंत में मारकर घर से भगा दिया।

    जिसके बाद पीड़िता के पिता ने सुमेरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। बताया कि मामले की निरंतर सुनवाई चल रही थी। दोष सिद्ध होने पर सजा सुनाई गई है। आरोपी अंकित को 19,500 का अर्थदंड और उसके जीजा राजकुमार को 20 वर्ष कठोर कारावास के साथ 10,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है।

  • लखनऊ में BCA छात्रा की घर में हत्या, क्लासमेट गिरफ्तार; पुलिस प्रेम संबंध और विवाद के एंगल से कर रही जांच..

    लखनऊ में BCA छात्रा की घर में हत्या, क्लासमेट गिरफ्तार; पुलिस प्रेम संबंध और विवाद के एंगल से कर रही जांच..

    लखनऊ में BCA छात्रा की घर में हत्या, क्लासमेट गिरफ्तार; पुलिस प्रेम संबंध और विवाद के एंगल से कर रही जांच..

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक 17 वर्षीय बीसीए छात्रा की उसके ही घर में धारदार हथियार से हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में छात्रा के क्लासमेट को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में दोनों के बीच पहले से जान-पहचान और कथित प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

    घर में अकेली थी छात्रा

    पुलिस के अनुसार घटना पारा थाना क्षेत्र के नरपतखेड़ा इलाके की है। छात्रा उस समय घर में अकेली थी। दोपहर में उसकी बड़ी बहन कॉलेज से वापस लौटी तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला। जब वह पहली मंजिल पर पहुंची तो कमरे में बहन खून से लथपथ पड़ी थी। वहीं उसका क्लासमेट भी घायल अवस्था में मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई।

    BCA की प्रथम वर्ष की छात्रा थी

    मृतका स्मृति पांडेय (17) एक निजी कॉलेज में बीसीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। बताया गया कि उसके माता-पिता किसी काम से अमेठी गए हुए थे, जबकि बड़ा भाई प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। घटना के समय घर में केवल छात्रा मौजूद थी।

    आरोपी चाकू लेकर पहुंचा था

    पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्र पहले से धारदार चाकू लेकर छात्रा के घर पहुंचा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि बहस के दौरान छीना-झपटी हुई, जिसके बाद गुस्से में उसने छात्रा पर हमला कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।

    प्रेम संबंध और शक बना विवाद की वजह

    जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और साथ में पढ़ाई कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को छात्रा के किसी अन्य युवक से बातचीत करने का संदेह था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    पड़ोसियों ने सुनी थीं चीखने की आवाजें

    स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि दोपहर के समय घर से तेज आवाजें और चीख-पुकार सुनाई दी थी। उन्होंने इसे घरेलू मामला समझकर हस्तक्षेप नहीं किया। बाद में छात्रा की हत्या की जानकारी मिलने पर इलाके में सनसनी फैल गई।

    आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी

    घटना के बाद घायल आरोपी को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।

  • 9 महीने पहले हुई थी लव मैरिज, अब पत्नी की मौत और ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहा पति; दहेज के आरोपों से उलझा मामला,,

    9 महीने पहले हुई थी लव मैरिज, अब पत्नी की मौत और ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहा पति; दहेज के आरोपों से उलझा मामला,,

    9 महीने पहले हुई थी लव मैरिज, अब पत्नी की मौत और ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहा पति; दहेज के आरोपों से उलझा मामला,,

    झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बबीना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। करीब नौ महीने पहले प्रेम विवाह करने वाले दंपति के जीवन का दुखद अंत हो गया। पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि पति गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मृतका के परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया और अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार, सागर और राधा की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। दोनों ने परिवार की शुरुआती असहमति के बावजूद नवंबर 2025 में विवाह कर लिया। शादी के बाद दोनों मध्य प्रदेश के अशोकनगर में रहने लगे थे।

    पति अस्पताल में भर्ती, पत्नी की हुई मौत

    बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले दंपति बबीना स्थित घर पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद पति की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसी बीच घर में पत्नी मृत मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और जांच शुरू कर दी।

    अंतिम संस्कार को लेकर हुआ विवाद

    मामला उस समय और पेचीदा हो गया जब मृतका के परिजनों को सूचना मिली कि उसके ससुराल पक्ष द्वारा अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। परिजनों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक शव की सुरक्षा सुनिश्चित की।

    परिजनों ने लगाए दहेज उत्पीड़न के आरोप

    मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर पति सहित ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    कई पहलुओं से जांच कर रही पुलिस

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, दोनों परिवारों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

  • लखनऊ में बारिश बनी काल: फूस की झोपड़ी ढही, चौकीदार की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी की दर्दनाक मौत

    लखनऊ में बारिश बनी काल: फूस की झोपड़ी ढही, चौकीदार की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी की दर्दनाक मौत

    लखनऊ में बारिश बनी काल: फूस की झोपड़ी ढही, चौकीदार की 11वीं में पढ़ने वाली बेटी की दर्दनाक मौत

    लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश एक परिवार पर कहर बनकर टूटी। तेज बारिश के बीच फूस की झोपड़ी ढहने से स्थानीय थाने के चौकीदार का पूरा परिवार मलबे में दब गया। इस दर्दनाक हादसे में 11वीं कक्षा की छात्रा रिंकी की मौत हो गई, जबकि उसकी मां घायल हो गईं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

    बारिश के बीच भरभराकर गिरी झोपड़ी- मोहनलालगंज के गदियाना गांव निवासी गोकुल प्रसाद, जो स्थानीय थाने में चौकीदार के पद पर कार्यरत हैं, बुधवार रात अपनी पत्नी बिन्दादेई और बेटी रिंकी के साथ फूस की झोपड़ी में सो रहे थे। लगातार हो रही बारिश के चलते अचानक झोपड़ी भरभराकर गिर गई और पूरा परिवार मलबे में दब गया।

    ग्रामीणों ने बचाव अभियान चलाया- हादसे के बाद बिन्दादेई किसी तरह मलबे से बाहर निकल आईं, लेकिन गोकुल प्रसाद और उनकी बेटी रिंकी अंदर ही फंस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला।

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई छात्रा की सांसें- ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल रिंकी को तुरंत इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। रिंकी कक्षा 11 की छात्रा थी और उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    गांव में पसरा मातम, पुलिस जांच में जुटी- घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने मामले की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

  • आखिरी सांस तक बेटे का इंतजार करती रही बुजुर्ग मां, मौत के बाद भी नहीं पहुंचा बेटा; समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार..

    आखिरी सांस तक बेटे का इंतजार करती रही बुजुर्ग मां, मौत के बाद भी नहीं पहुंचा बेटा; समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार..

    आखिरी सांस तक बेटे का इंतजार करती रही बुजुर्ग मां, मौत के बाद भी नहीं पहुंचा बेटा; समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार..

    बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसी मार्मिक घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और पारिवारिक रिश्तों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 70 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला अपने बेटे का इंतजार करते-करते दुनिया से विदा हो गईं। दुखद बात यह रही कि उनकी मौत के बाद भी बेटा अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंचा। आखिरकार एक सामाजिक संस्था ने बेटे का फर्ज निभाते हुए पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कराया।

    बेसहारा हालत में मिली थीं बुजुर्ग महिला

    जानकारी के अनुसार, हर्रैया नगर पंचायत स्थित आसरा आवास में रहने वाली बुजुर्ग महिला और एक वृद्ध पुरुष कई दिनों से बिना भोजन और इलाज के असहाय अवस्था में पड़े थे। पड़ोसियों की सूचना मिलने पर सामाजिक संस्था ‘सेवा समर्पण भाव परिवार’ की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की मदद से दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

    अस्पताल में बेटे को पुकारती रहीं

    अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग महिला की हालत लगातार गंभीर बनी रही। संस्था के कार्यकर्ता उनकी देखभाल करते रहे, लेकिन उनकी जुबान पर बार-बार सिर्फ अपने बेटे का नाम था। हर बार दरवाजे की आहट सुनकर उन्हें उम्मीद होती कि बेटा उन्हें लेने आएगा, लेकिन उनका यह इंतजार कभी पूरा नहीं हो सका। 29 जुलाई को उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली।

    पांच दिन तक नहीं पहुंचा कोई परिजन

    महिला की मौत के बाद प्रशासन और समाजसेवी संस्था ने परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए कोई सामने नहीं आया। शव करीब पांच दिनों तक मर्चरी में रखा रहा, फिर भी बेटा या परिवार का कोई सदस्य अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा।

    समाजसेवियों ने निभाया बेटे का फर्ज

    जब कोई अपना नहीं आया, तब ‘सेवा समर्पण भाव परिवार’ संस्था ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली। संस्था के प्रमुख दिलीप पाण्डेय ने बस्ती के पौराणिक मुड़घाट पर वैदिक रीति-रिवाज से बुजुर्ग महिला को मुखाग्नि दी। इस दौरान संस्था के सदस्य और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। यह भावुक दृश्य देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं।

    समाज के सामने छोड़ गई कई सवाल

    यह घटना सिर्फ एक बुजुर्ग महिला की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस मां ने अपने बेटे के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर दी, उसे अंतिम समय में अपनों का साथ नहीं मिला। वहीं, एक सामाजिक संस्था ने यह संदेश दिया कि सच्चे रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि संवेदनाओं और इंसानियत से भी बनते हैं।

  • फेसबुक पर दोस्ती, निवेश का झांसा और 1.24 करोड़ की ठगी; कानपुर में बुजुर्ग रिटायर्ड इंजीनियर साइबर फ्रॉड का शिकार..

    फेसबुक पर दोस्ती, निवेश का झांसा और 1.24 करोड़ की ठगी; कानपुर में बुजुर्ग रिटायर्ड इंजीनियर साइबर फ्रॉड का शिकार..

    फेसबुक पर दोस्ती, निवेश का झांसा और 1.24 करोड़ की ठगी; कानपुर में बुजुर्ग रिटायर्ड इंजीनियर साइबर फ्रॉड का शिकार..

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक 72 वर्षीय रिटायर्ड मर्चेंट नेवी इंजीनियर को फेसबुक के जरिए जाल में फंसाकर ठगों ने करीब 1.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर दी। आरोपियों ने निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर बुजुर्ग से कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए।

    पीड़ित ने मामले की शिकायत कानपुर के कोहना थाना पुलिस से की है। पुलिस ने साइबर ठगी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    फेसबुक पर हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल

    पीड़ित बुजुर्ग तिलक नगर इलाके में अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि फरवरी 2026 में फेसबुक के माध्यम से कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने निवेश के जरिए कम समय में अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया।

    इसके बाद उन्हें ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए पैसे लगाने के लिए कहा गया। ठगों ने ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को लगा कि उनका पैसा सुरक्षित है और जल्द ही बड़ा मुनाफा मिलेगा।

    19 ट्रांजैक्शन में ट्रांसफर कराए 1.24 करोड़ रुपये

    पुलिस शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने 15 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 1,24,10,805 रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    शुरुआत में फर्जी वेबसाइट पर निवेश की रकम और कथित मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उनसे अतिरिक्त पैसे जमा करने की मांग की गई। इसी दौरान उन्हें शक हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

    पुलिस ने 22 लाख रुपये फ्रीज कराए

    मामले की जानकारी मिलने के बाद कानपुर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने ठगी से जुड़े बैंक खातों की जांच करते हुए करीब 22 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। अब पुलिस बाकी रकम की बरामदगी और आरोपियों की पहचान में जुटी है।

    हजारों खातों में भेजी गई ठगी की रकम

    जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम को कई बैंक खातों के जरिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक बड़ा साइबर ठगी नेटवर्क काम कर रहा है।

    फिलहाल पुलिस बैंक खातों, ऑनलाइन लेन-देन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है, ताकि इस पूरे गिरोह तक पहुंचा जा सके।

  • गैंगरेप केस में होटल मालिक की मुश्किलें बढ़ीं, बिना ID नाबालिग को कमरा देना पड़ा भारी..

    गैंगरेप केस में होटल मालिक की मुश्किलें बढ़ीं, बिना ID नाबालिग को कमरा देना पड़ा भारी..

    गैंगरेप केस में होटल मालिक की मुश्किलें बढ़ीं, बिना ID नाबालिग को कमरा देना पड़ा भारी..

    लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने जांच के दौरान एक और गिरफ्तारी की है। इस बार पुलिस ने उस होटल के मालिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर बिना वैध पहचान पत्र के आरोपियों को कमरा उपलब्ध कराने का आरोप है।

    पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 24 जुलाई को हुई, जब एक शिकायतकर्ता ने अपनी 16 वर्षीय नाबालिग ननद के लापता होने की सूचना दी थी। जांच में आरोप सामने आया कि कुछ लोगों ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ रखा और बाद में उसे पीजीआई क्षेत्र स्थित एक होटल में ले जाया गया। शिकायत के आधार पर मोहनलालगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

    पुलिस ने बताया कि इस मामले में नामजद पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसके बाद विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई।

    जांच में पुलिस के सामने यह बात आई कि होटल संचालक दीपक गुप्ता ने कथित तौर पर बिना वैध पहचान पत्र के कमरा उपलब्ध कराया था। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी होटल मालिक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

    पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि संबंधित लोग उसके होटल में ठहरे थे। हालांकि, मामले में उसकी भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

    एसीपी मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए कहा कि बिना वैध पहचान पत्र किसी भी व्यक्ति को कमरा उपलब्ध न कराया जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • लव मैरिज से नाराज पिता बना बेटी का कातिल! घर से आई चीखें, पुलिस पहुंची तो हो चुकी थी हत्या..

    लव मैरिज से नाराज पिता बना बेटी का कातिल! घर से आई चीखें, पुलिस पहुंची तो हो चुकी थी हत्या..

    लव मैरिज से नाराज पिता बना बेटी का कातिल! घर से आई चीखें, पुलिस पहुंची तो हो चुकी थी हत्या..

    आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में कथित ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह करने वाली 22 वर्षीय युवती की उसके ही पिता द्वारा हत्या किए जाने का आरोप है। पड़ोसियों ने घर के अंदर से चीखें सुनकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवती की मौत हो चुकी थी।

    यह घटना आगरा के जैतपुर कस्बे की है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मामला ऑनर किलिंग का प्रतीत हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता विमल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मामले में नामजद मां और भाई फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    पुलिस जांच के अनुसार, मृतका अंकिता ने 23 फरवरी 2026 को परिवार की इच्छा के विरुद्ध भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक जवान से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद से परिवार में लगातार विवाद चल रहा था। आरोप है कि पिता बेटी पर पति को छोड़कर घर लौटने का दबाव बना रहे थे और दोबारा उसकी शादी कराना चाहते थे, लेकिन अंकिता ने इससे साफ इनकार कर दिया था।

    बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन घर के अंदर से युवती की चीखें सुनकर पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, युवती की जान जा चुकी थी।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।