Category: Uttar Pradesh

  • बिजनौर: शराब के ठेके पर विवाद के बाद सड़क किनारे खड़े लोगों पर चढ़ा ट्रैक्टर, तीन की मौत; गांव में तनाव.

    बिजनौर: शराब के ठेके पर विवाद के बाद सड़क किनारे खड़े लोगों पर चढ़ा ट्रैक्टर, तीन की मौत; गांव में तनाव.

    बिजनौर: शराब के ठेके पर विवाद के बाद सड़क किनारे खड़े लोगों पर चढ़ा ट्रैक्टर, तीन की मौत; गांव में तनाव.

    बिजनौर, उत्तर प्रदेश: जिले में शराब को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में गंभीर वारदात में बदल गया। आरोप है कि बहस के बाद एक युवक ने तेज रफ्तार ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़े लोगों पर चढ़ा दिया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला और आरोपी चालक भी घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

    शराब के ठेके पर हुई थी बहस

    बताया जा रहा है कि दत्तीयाना गांव निवासी वीरेंद्र और जमालुद्दीनपुर निवासी सतवीर के बीच शराब के ठेके पर किसी बात को लेकर बहस हुई थी। शुरुआती विवाद के बाद मामला शांत हो गया और कुछ लोग सड़क किनारे खड़े होकर आपस में बातचीत करने लगे।

    पुलिस के अनुसार, इसी दौरान वीरेंद्र कथित तौर पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंचा और सड़क किनारे मौजूद लोगों को टक्कर मार दी।

    दो लोगों की मौके पर मौत

    ट्रैक्टर की चपेट में आने से उदयवीर और बाबूराम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं महेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए बिजनौर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

    हादसे में एक महिला भी घायल हुई है, जिसका इलाज चांदपुर में चल रहा है। वहीं ट्रैक्टर पलटने के कारण आरोपी वीरेंद्र भी घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    टक्कर से बिजली का खंभा भी टूटा

    ट्रैक्टर की टक्कर इतनी जोरदार थी कि सड़क किनारे लगा बिजली का खंभा भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव के साथ जांच शुरू की।

    तीन मौतों के बाद ग्रामीणों में आक्रोश

    एक साथ तीन लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

    पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति संभाली और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामला दो अलग-अलग गांवों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया है।

    पुलिस अब शराब के ठेके पर हुए शुरुआती विवाद से लेकर ट्रैक्टर की टक्कर तक पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। घटना में शामिल लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • शादी के वादे से शुरू हुई कहानी का खौफनाक अंत, 8 दिन बाद यमुना किनारे बोरे में मिला 26 वर्षीय युवती का शव.

    शादी के वादे से शुरू हुई कहानी का खौफनाक अंत, 8 दिन बाद यमुना किनारे बोरे में मिला 26 वर्षीय युवती का शव.

    शादी के वादे से शुरू हुई कहानी का खौफनाक अंत, 8 दिन बाद यमुना किनारे बोरे में मिला 26 वर्षीय युवती का शव.

    आगरा, उत्तर प्रदेश: 26 वर्षीय विशाखा के लापता होने के आठ दिन बाद उसका शव इटावा में यमुना किनारे एक बोरे से बरामद होने के बाद मामला गंभीर हो गया है। पुलिस ने इस मामले में फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विशाखा और शिवजीत के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध थे और दोनों के बीच शादी को लेकर विवाद चल रहा था।

    29 सितंबर को घर से निकली थी विशाखा

    विशाखा आगरा के एमएम गेट क्षेत्र के नूरी दरवाजा इलाके में रहती थी और BTC की पढ़ाई कर रही थी। वह आगे सुपर TET की तैयारी भी कर रही थी।

    29 सितंबर को वह घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल समेत अन्य जानकारियों की जांच की।

    जांच में लेखपाल का नाम सामने आया

    पुलिस की जांच के दौरान फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिवजीत ने विशाखा के साथ लंबे समय से संबंध होने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, उसने विशाखा से शादी करने का वादा किया था, लेकिन इसी साल मई में उसने दूसरी जगह शादी कर ली। इसके बाद दोनों के बीच शादी को लेकर विवाद होने लगा।

    30 सितंबर को क्या हुआ?

    पुलिस के मुताबिक, शिवजीत ने पूछताछ में दावा किया कि 30 सितंबर को विशाखा उसके कमरे पर आई थी। दोनों के बीच शादी को लेकर बहस हुई। आरोपी के कथित बयान के अनुसार, इसी दौरान विशाखा ने पंखे से लटककर जान दे दी।

    हालांकि, पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर युवती की मौत कमरे में हुई थी तो उसका शव इटावा स्थित यमुना किनारे कैसे पहुंचा।

    आरोपी ने शव को बोरे में रखने की बात कही

    पुलिस के मुताबिक, शिवजीत ने दावा किया कि विशाखा की मौत के बाद वह घबरा गया था। इसके बाद उसने शव को कार में रखा और आगरा से बाह की ओर चला गया। बाद में इटावा क्षेत्र में पहुंचकर शव को बोरे में डालकर यमुना में फेंकने की बात आरोपी ने कही है।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह आरोपी का कथित बयान है। विशाखा की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    आठ दिन बाद यमुना किनारे मिला शव

    इटावा के बढ़पुरा थाना क्षेत्र में मिहौली गांव के पास मंगलवार शाम ग्रामीणों ने यमुना किनारे एक बोरा पड़ा देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बोरे से महिला का शव बरामद किया।

    पहचान की प्रक्रिया के बाद शव की पहचान आगरा से लापता विशाखा के रूप में हुई। इसके बाद आगरा पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई।

    परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

    विशाखा के पिता विजय ओझा ने पुलिस के सामने आरोपी के बयान से अलग आशंका जताई है। परिवार का आरोप है कि विशाखा की हत्या की गई और इसके बाद शव को यमुना में फेंका गया।

    परिवार ने दोनों परिवारों के बीच वर्ष 2017 से कथित रंजिश होने की बात भी पुलिस को बताई है और इसी विवाद को घटना से जोड़कर जांच की मांग की है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    फिलहाल पुलिस ने लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब घटनास्थल, कार, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से युवती की मौत की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    फिलहाल इस मामले में आरोपी की ओर से आत्महत्या का दावा और परिवार की ओर से हत्या की आशंका सामने आई है। मौत की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम का पता पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।

  • बरेली: महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ; परिवार में खुशी का माहौल.

    बरेली: महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ; परिवार में खुशी का माहौल.

    बरेली: महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ; परिवार में खुशी का माहौल.

    बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक खुशखबरी सामने आई है। सीबीगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। नवजातों में दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक मां और चारों बच्चे फिलहाल स्वस्थ हैं और सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

    प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल पहुंची महिला

    सीबीगंज क्षेत्र के सनईया रानी गांव निवासी शबनम को सोमवार तड़के करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद परिजन उन्हें मिनी बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला को अस्पताल में भर्ती कर लिया और चिकित्सकीय निगरानी में प्रसव कराया।

    प्रसव के दौरान शबनम ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। इनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं। एक साथ चार बच्चों के जन्म की जानकारी मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों ने खुशी में मिठाइयां भी बांटीं।

    एक साथ चार बच्चों का जन्म कितना दुर्लभ?

    चिकित्सकों के मुताबिक एक साथ चार बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव की तुलना में काफी कम देखने को मिलता है। चिकित्सा विज्ञान में एक साथ चार बच्चों के जन्म को चतुष प्रसव (Quadruplets) कहा जाता है।

    ऐसे मामलों में मां और नवजातों की विशेष निगरानी जरूरी होती है, क्योंकि एक साथ कई बच्चों के जन्म के बाद उन्हें अतिरिक्त चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता पड़ सकती है।

    डॉक्टरों की निगरानी में मां और चारों बच्चे

    प्रसव के बाद डॉक्टर मां और चारों नवजातों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं। फिलहाल चिकित्सकों ने सभी की हालत ठीक बताई है और चारों बच्चों को निगरानी में रखा गया है।

    चार बच्चों के जन्म से परिवार में खुशी

    एक साथ दो बेटों और दो बेटियों के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों के लिए यह पल बेहद खास है। चार बच्चों के एक साथ घर में आने से परिवार के लोग काफी उत्साहित हैं।

  • ‘गुड़ का खान’ कहलाता भारत​​​​​ का ये जिला, हर घर में चलता है गुड़ का कारोबार; विदेशों तक पहुंचती है मिठास..

    ‘गुड़ का खान’ कहलाता भारत​​​​​ का ये जिला, हर घर में चलता है गुड़ का कारोबार; विदेशों तक पहुंचती है मिठास..

    ‘गुड़ का खान’ कहलाता भारत​​​​​ का ये जिला, हर घर में चलता है गुड़ का कारोबार; विदेशों तक पहुंचती है मिठास..

    भारत का हर शहर अपनी किसी न किसी खास पहचान के लिए जाना जाता है। यहां बनने वाला देशी गुड़ देश के कई राज्यों और विदेशों तक पहुंचता है। यही वजह है कि इस जिले को ‘गुड़ की खान’ के नाम से भी जाना जाता है। जिले की पहचान गुड़ के बड़े उत्पादन और कारोबार से जुड़ी हुई है। यहां की गुड़ मंडी को एशिया की बड़ी गुड़ मंडियों में गिना जाता है। खास बात यह है कि इस जिले का गुड़ एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना में भी शामिल है।

    कौन सा जिला है?
    यूपी के मुजफ्फरनगर जिले को गुड़ उत्पादन के लिए खास तौर पर जाना जाता है। यहां पर नुनाखेड़ा गांव में 50 से ज्यादा गुड़ के कोल्हू संचालित होने की बात कही जाती है। यहां लगभग हर परिवार किसी न किसी रूप में गुड़ के कारोबार से जुड़ा हुआ है। गांव में प्रवेश करते ही जगह-जगह कोल्हू और गुड़ तैयार करने की प्रक्रिया दिखाई देती है। कई इकाइयों में लंबे समय तक काम चलता है और कारीगर शिफ्ट में गुड़ तैयार करते हैं।

    गन्ने से तैयार होता है देसी गुड़
    पश्चिमी यूपी गन्ने की खेती के लिए देश के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। खेतों से गन्ना आने के बाद उसे कोल्हू में पेरकर रस निकाला जाता है। इसके बाद रस को गर्म कर साफ किया जाता है और धीरे-धीरे उसे गाढ़ा करके गुड़ का रूप दिया जाता है । मुजफ्फरनगर में अलग-अलग स्वाद और आकार के गुड़ की कई किस्में तैयार की जाती हैं। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाला गुड़ व्यापारियों के जरिए देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचता है।

    देश के कई राज्यों में जाती है मुजफ्फरनगर की मिठास
    मुजफ्फरनगर का गुड़ राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, बिहार और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भेजा जाता है। इसकी मांग देश के बाहर भी है और गुणवत्ता व स्वाद के कारण इसका निर्यात भी किया जाता है। जिले में गुड़ के कारोबार का पुराना इतिहास है। यहां गुड़ की थोक मंडी की स्थापना 1954 में की गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे मुजफ्फरनगर देश के बड़े गुड़ व्यापार केंद्रों में अपनी पहचान बनाता गया।

    सिर्फ कारोबार नहीं, पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा
    मुजफ्फरनगर और आसपास के गांवों में गुड़ बनाना केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि कई परिवारों के लिए पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा भी है। गन्ने के सीजन में कोल्हुओं पर काम तेज हो जाता है और गांवों में गुड़ बनाने की भट्टियों की गर्माहट के साथ इसकी खास खुशबू भी चारों तरफ महसूस होती है। यही वजह है कि मुजफ्फरनगर को गुड़ के कारोबार से जोड़कर देखा जाता है। गन्ने से शुरू होकर कोल्हू और मंडी के रास्ते देश-विदेश तक पहुंचने वाली यही मिठास मुजफ्फरनगर की खास पहचान बन चुकी है।

  • ‘बॉयफ्रेंड से बात मत करो..’,​​​​​ मां की डांट से भड़की लड़की, 100 फीट ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गई..

    ‘बॉयफ्रेंड से बात मत करो..’,​​​​​ मां की डांट से भड़की लड़की, 100 फीट ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गई..

    ‘बॉयफ्रेंड से बात मत करो..’,​​​​​ मां की डांट से भड़की लड़की, 100 फीट ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गई..

    उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लड़की को उसकी मां ने बॉयफ्रेंड से बात करने के लिए डांट दिया तो वह 100 फीट ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गई. लड़की 3 घंटे तक पानी टंकी पर बैठी रही. इसके बाद उसने वहां से छलांग लगा दी. लेकिन मौके पर मौजूद दारोगा ने लड़की को बचा लिया.

    लड़की पानी की टंकी पर चढ़ गई- मां से नाराज लड़की पानी की टंकी पर चढ़ गई. ये देखकर लोगों की भीड़ जुट गई. किसी ने पुलिस को फोन किया और मौके पर पुलिस भी आ गई. पुलिस ने भी लड़की को काफी देर तक समझने का प्रयास किया. लेकिन वह नीचे आने को तैयार नहीं हुई.

    20 मिनट तक हवा में लटकी रही लड़की- पुलिस की टीम में महिला दरोगा जागृति खरवार ने रिस्क लेकर पानी टंकी पर पहुंची और उसे पीछे से पकड़ लिया. पकड़े जाने के बाद लड़की टंकी से छलांग लगा दी. लेकिन महिला दरोगा ने उसका हाथ और कपड़ा मजबूती से पकड़ लिया था. करीब 20 मिनट तक वह हवा में लटकी रही और पीछे से आकर अन्य पुलिसकर्मियों ने लड़की को सुरक्षित ऊपर खींच लिया.

    बॉयफ्रेंड से बात करने से रोका तो उठाया कदम- यह घटना दोपहर 1:00 बजे गोरखपुर महादेव झारखंडी कॉलोनी की है. लड़की की मां ने बॉयफ्रेंड से बात करने से मना कर दिया था. इसी बात से नाराज लड़की ने यह कदम उठाया था.

    9वीं क्लास की छात्रा 15 साल की है. वो आवास विकास कॉलोनी शिवपुर की रहने वाली है. वह रोजाना अपने मोबाइल से बॉयफ्रेंड से बात किया करती थी. रविवार को मां ने लड़के से बातचीत करके मना कर दिया तो लड़की को यह बात नागवार गुजरी और उसने यह कदम उठा लिया.

    महिला दारोगा ने बचाई जान- एम्स थाना अंतर्गत तैनात महिला दरोगा जागृति खरवार लड़की को बातचीत करते हुए टंकी पर पहुंची. किसी तरह उसे विश्वास में लिया. मौका मिलते ही उसने लड़की को पकड़ लिया. पकड़े जाने के बाद लड़की ने नीचे की ओर छलांग लगा दी. महिला दरोगा ने उसका हाथ और मजबूती से पकड़ लिया. जिससे लड़की नीचे नहीं गिरी और 20 मिनट तक हवा में लटका रही. इसके बाद दूसरे पुलिसकर्मी सीढ़ियों से ऊपर पहुंचे और उसे ऊपर खींच लिया. इसके बाद पुलिस कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से लड़की को नीचे उतारा.

  • ‘लस्सी का शहर’ कहलाता है​​​​​ यूपी का ये जिला, एक बार चख लिया स्वाद तो जिंदगी भर नहीं भूलेंगे!

    ‘लस्सी का शहर’ कहलाता है​​​​​ यूपी का ये जिला, एक बार चख लिया स्वाद तो जिंदगी भर नहीं भूलेंगे!

    ‘लस्सी का शहर’ कहलाता है​​​​​ यूपी का ये जिला, एक बार चख लिया स्वाद तो जिंदगी भर नहीं भूलेंगे!

    क्या आप जानते हैं कि यूपी के किस जिले को ‘लस्सी का शहर’ कहा जाता है, ऐसा कहा जाता है कि यहां कि लस्सी का स्वाद इतना खास होता है कि इसे एक बार चखने वाला लंबे समय तक इसका स्वाद नहीं भूलता।

    City of Lassi in UP: उत्तर प्रदेश अपनी संस्कृति, खानपान और पारंपरिक स्वाद के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों की अपनी खास पहचान है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूपी के किस जिले को ‘लस्सी का शहर’ कहा जाता है? जवाब है वाराणसी, जहां की गाढ़ी, मलाईदार और कुल्हड़ में परोसी जाने वाली पारंपरिक लस्सी देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है। कहा जाता है कि बनारस की गलियों में मिलने वाली लस्सी का स्वाद इतना खास होता है कि इसे एक बार चखने वाला लंबे समय तक इसका स्वाद नहीं भूलता।

    कुल्हड़ में मिलने वाली मलाईदार लस्सी है खास
    वाराणसी की पारंपरिक लस्सी अपनी गाढ़ी बनावट और ऊपर जमी मलाई के लिए जानी जाती है। यहां कई दुकानों पर लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा जाता है, जो इसके स्वाद और अनुभव को और खास बना देता है। शहर में दशकों पुरानी कई दुकानें आज भी पारंपरिक तरीके से लस्सी तैयार करती हैं। यहां केसर, आम और सूखे मेवों समेत अलग-अलग फ्लेवर की लस्सी भी लोगों को खूब पसंद आती है।

    गर्मियों में प्राकृतिक कूलिंग ड्रिंक
    लस्सी मुख्य रूप से दही से बनाई जाती है। ठंडी और ताजगी देने वाली यह ड्रिंक गर्मियों में काफी लोकप्रिय रहती है। दही आधारित होने के कारण इसे शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला पारंपरिक पेय माना जाता है। गर्मियों में लोग इसे खाने के साथ या दिन के बीच में ताजगी के लिए पीना पसंद करते हैं। खासतौर पर उत्तर भारत के कई इलाकों में लस्सी गर्मी के मौसम का पसंदीदा पेय है।

    पाचन के लिए भी मानी जाती है फायदेमंद
    दही में मौजूद प्रोबायोटिक तत्व पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माने जाते हैं। लस्सी का सेवन पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसके फायदे व्यक्ति की सेहत और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर भी निर्भर करते हैं।

    पोषक तत्वों से भरपूर है लस्सी
    दही से बनने वाली लस्सी में कैल्शियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व शरीर के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। हालांकि, बाजार में मिलने वाली मीठी लस्सी में चीनी की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है।

    दशकों पुरानी दुकानों में आज भी बरकरार है स्वाद
    वाराणसी की पहचान सिर्फ घाटों, मंदिरों और बनारसी संस्कृति तक सीमित नहीं है। यहां का पारंपरिक खानपान भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। लस्सी की कई पुरानी दुकानें आज भी अपने पारंपरिक स्वाद के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। अगर आप कभी काशी घूमने जाएं, तो यहां की गलियों में मिलने वाली गाढ़ी और मलाईदार कुल्हड़ वाली लस्सी का स्वाद जरूर चख सकते हैं। संभव है कि बनारस की यह मिठास आपको लंबे समय तक याद रहे।

  • प्रेमी जोड़ों के लिए 15 रुपये की चाय, प्यार में धोखा खाए लोगों को सिर्फ 10 रुपये में कप; अनोखे चाय स्टॉल की चर्चा..

    प्रेमी जोड़ों के लिए 15 रुपये की चाय, प्यार में धोखा खाए लोगों को सिर्फ 10 रुपये में कप; अनोखे चाय स्टॉल की चर्चा..

    प्रेमी जोड़ों के लिए 15 रुपये की चाय, प्यार में धोखा खाए लोगों को सिर्फ 10 रुपये में कप; अनोखे चाय स्टॉल की चर्चा..

    उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कुछ समय पहले एक अनोखा चाय का स्टॉल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। यहां चाय की कीमत ग्राहक की ‘लव स्टोरी’ के हिसाब से तय होती थी। प्रेमी जोड़ों के लिए अलग रेट था, जबकि प्यार में धोखा खा चुके लोगों को चाय पर खास छूट दी जाती थी।

    शाहजहांपुर के एक कस्बे में पढ़ाई करने वाले एक युवक ने अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए चाय का स्टॉल शुरू किया था। उसने अपने छोटे से कारोबार को अलग पहचान देने के लिए दुकान का नाम ही ‘बेवफा चायवाला’ रख दिया।

    स्टॉल की सबसे खास बात इसकी चाय की कीमत थी। अगर कोई प्रेमी जोड़ा चाय पीने पहुंचता था तो उसे दूध से बनी स्पेशल चाय 15 रुपये में दी जाती थी। वहीं, जो ग्राहक खुद को प्यार में धोखा खाया हुआ बताता था, उसे 10 रुपये में मसालेदार चाय मिलती थी।

    इस अनोखे ऑफर की वजह से देखते ही देखते स्टॉल पर युवाओं की भीड़ बढ़ने लगी। कई लोग मजाक-मजाक में खुद को ‘बेवफा’ बताकर सस्ती चाय का आनंद लेने लगे। खास तौर पर युवा वर्ग इस अनोखे अंदाज को काफी पसंद कर रहा था।

    स्टॉल चलाने वाले युवक का कहना था कि उसने पढ़ाई के साथ अपना छोटा कारोबार शुरू करने का फैसला किया, ताकि अपनी जरूरतों और फीस का खर्च खुद उठा सके। उसका मानना था कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए नौकरी के साथ-साथ छोटे कारोबार के विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए।

    कुछ ही समय में स्टॉल का नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि आसपास के लोग युवक को उसके असली नाम से ज्यादा ‘बेवफा चायवाला’ के नाम से पहचानने लगे। चाय पीने आने वाले ग्राहकों को दुकान का नाम और उसका अनोखा रेट दोनों पसंद आ रहे थे।

    इस तरह एक छोटे से चाय के स्टॉल ने अपने अलग अंदाज की वजह से पूरे इलाके में पहचान बना ली थी। प्रेमी जोड़ों से लेकर मजाकिया अंदाज में खुद को ‘दिलजला’ बताने वाले युवाओं तक, हर किसी के लिए यहां चाय पीना एक अलग अनुभव बन गया था।

  • ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    कभी-कभी किसी घटना का संयोग इतना अजीब होता है कि लोगों को यकीन करना मुश्किल हो जाता है। उत्तर प्रदेश के एक गांव से सामने आया ऐसा ही मामला इन दिनों चर्चा में है। एक युवक ने गांव के एक कार्यक्रम में नागिन की धुन पर जमकर डांस किया। अगले ही दिन उसके साथ कुछ ऐसा हुआ कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

    दरअसल, गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान युवक ने नागिन की धुन पर खूब डांस किया था। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने उसका वीडियो बना लिया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो में युवक नागिन की तरह हरकतें करते हुए डांस करता नजर आ रहा था।

    लेकिन अगले दिन सुबह करीब 10 बजे युवक अपने घर में बिस्तर पर आराम कर रहा था। इसी दौरान अचानक एक जहरीला सांप उसके पास पहुंच गया और उसने युवक को डस लिया। सांप के काटने के बाद युवक की हालत बिगड़ने लगी।

    परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया। हालत गंभीर होने के कारण युवक को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    गांव में फैल गई तरह-तरह की बातें

    नागिन के गाने पर डांस करने और अगले दिन सांप के काटने की घटना का संयोग सामने आने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे नाग के बदले से जोड़कर देखने लगे, तो कुछ लोगों ने इसे धार्मिक मान्यताओं से जोड़ दिया।

    हालांकि ऐसी बातों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। सांप के काटने की घटना को महज संयोग माना जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना और उचित चिकित्सकीय उपचार कराना बेहद जरूरी है।

    फिलहाल युवक का इलाज चल रहा है। वहीं नागिन डांस का वीडियो और उसके अगले दिन हुई सांप के काटने की घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा बनी हुई है। संयोग ऐसा है कि जिसने भी पूरी कहानी सुनी, वह एक पल के लिए जरूर हैरान रह गया।

  • प्रेमी की आंखों में डूबी थी पत्नी, तभी मायके में आ धमका पति, फिर जो हुआ वो रोंगटे खड़े कर देगा!..

    प्रेमी की आंखों में डूबी थी पत्नी, तभी मायके में आ धमका पति, फिर जो हुआ वो रोंगटे खड़े कर देगा!..

    प्रेमी की आंखों में डूबी थी पत्नी, तभी मायके में आ धमका पति, फिर जो हुआ वो रोंगटे खड़े कर देगा!..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। पति से विवाद के बाद मायके में रह रही एक महिला अपने परिचित युवक से मिलने पहुंची थी। इसी दौरान उसका पति वहां पहुंच गया और दोनों को साथ देखकर विवाद खड़ा हो गया।

    बताया गया था कि महिला की शादी कुछ समय पहले हुई थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। इसी वजह से महिला करीब तीन महीने से अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान उसकी एक युवक से बातचीत होने लगी थी।

    घटना वाले दिन महिला युवक से मिलने एक सुनसान स्थान के पास पहुंची थी। दोनों बातचीत कर रहे थे, तभी महिला का पति अपने एक रिश्तेदार के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि दोनों को साथ देखकर पति ने अपना आपा खो दिया।

    आरोप लगाया गया था कि पति और उसके साथ आए व्यक्ति ने महिला और युवक को पकड़ लिया और पास के एक पेड़ से बांध दिया। इसके बाद दोनों के साथ मारपीट की गई। घटना में महिला और युवक को चोटें आई थीं।

    चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद कुछ लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को बंधन से मुक्त कराया। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से निकल गए थे।

    महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति और उसके साथ आए रिश्तेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की और मारपीट के कारणों की पड़ताल शुरू की।

    घटना सामने आने के बाद इलाके में काफी चर्चा हुई थी। पति-पत्नी के विवाद और महिला के दूसरे युवक से संपर्क को लेकर मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

  • सुहागरात के बाद नई नवेली दुल्हन हुई गायब..?

    सुहागरात के बाद नई नवेली दुल्हन हुई गायब..?

    सुहागरात के बाद नई नवेली दुल्हन हुई गायब..?

    उत्तर प्रदेश के हाथरस में शादी के बाद एक ऐसा मामला सामने आया , जिसने दूल्हे और उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। जिस घर में एक दिन पहले नई दुल्हन के आने से खुशियां थीं, वहां अगली सुबह अचानक हड़कंप मच गया था। रात को दुल्हन के साथ सोने वाला दूल्हा जब सुबह उठा तो वह कमरे से गायब थी।

    मामला हाथरस के सादाबाद कस्बे का बताया गया था। परिवार के मुताबिक, कुछ समय पहले झारखंड की एक युवती से युवक की शादी हुई थी। शादी पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी और दुल्हन को घर लाने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था।

    शादी की पहली रात भी सब कुछ सामान्य था। परिवार को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह उन्हें ऐसा झटका लगने वाला था।

    सुबह कमरे में नहीं मिली दुल्हन

    दूल्हे के मुताबिक, रात में दुल्हन ने उसे सो जाने के लिए कहा था। इसके बाद दोनों कमरे में चले गए थे। सुबह जब उसकी आंख खुली तो दुल्हन वहां मौजूद नहीं थी।

    परिजनों ने घर के दूसरे हिस्सों में तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। जब घर में रखे सामान की जांच की गई तो परिवार को पता चला कि कुछ नकदी और कीमती जेवर भी गायब थे।

    परिवार का दावा था कि करीब दो लाख रुपये की नकदी और कुछ आभूषण लेकर दुल्हन घर से चली गई थी। अचानक दुल्हन के गायब होने और सामान के भी नहीं मिलने से परिवार के होश उड़ गए थे।

    पहले से बनाई गई थी योजना?

    घटना के बाद आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों को आशंका थी कि दुल्हन ने यह कदम पहले से बनाई गई किसी योजना के तहत उठाया था। परिवार भी इसी दिशा में जानकारी जुटाने में लगा था।

    हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई थी। परिवार ने शुरुआती दौर में सामाजिक बदनामी और लोकलाज के चलते पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से परहेज किया था।

    बाद में परिजन दुल्हन की तलाश में जुट गए थे और मामले की जानकारी पुलिस को देने की तैयारी कर रहे थे। परिवार यह समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर शादी के महज एक दिन बाद दुल्हन अचानक कहां चली गई और घर से नकदी व जेवर कैसे गायब हो गए।

    एक दिन पहले जिस घर में शादी की खुशियां थीं, वहां अगले ही दिन हर कोई इस सवाल का जवाब तलाश रहा था कि आखिर नई नवेली दुल्हन ने ऐसा कदम क्यों उठाया।