
जनपद मथुरा के वृंदावन कोतवाली क्षेत्र स्थित अटल्ला चुंगी स्थित प्रेम कुटी आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर घार निवासी संत राघवदास उर्फ राजकुमार (57) की चाकू से गोदकर हुई नृशंस हत्या और पोस्टमार्टम के बाद शव गुरुवार देर शाम गांव पहुंचा।
शव देखकर छोटे भाई अमित कुमार, कल्याण सिंह, भानु प्रताप, बहनें ज्योति, लक्ष्मी, पूजा, खुशबू और वृद्ध मां राजकुमारी सभी रोने विलखने लगे।
स्वजन के अनुसार संत राघवदास पिछले नौ वर्षों से प्रेम कुटी आश्रम में पूजा-पाठ कर रहे थे, उनका परिवार गांव में रहता है। आरोप लगाया कि आश्रम पर कब्जा करने की नियत से लवेदी क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर निवासी एक साधु और तीन अन्य लोगों ने 17 अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे आश्रम में घुसकर संत राघवदास से मारपीट की थी। यह जानकारी राघवदास ने फोन पर भाई भानु प्रताप को दी थी।
स्वजन ने बताया कि 18 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे आरोपितों ने दोबारा आकर राघवदास पर हमला कर दिया और शरीर में नौ से दस जगह चाकू से वार कर हत्या कर दी। सूचना मिलने पर गांव से 20 से 25 लोग वृंदावन पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव उनके घर के लिए भेज दिया था। घटना के बाद सभी हत्यारोपित फरार हो गए।
भाई भानू प्रताप की तहरीर पर कोतवाली वृंदावन में तीन नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर का साधु है। अन्य आरोपित वृंदावन के बताए जा रहे हैं। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूरे गांव में शोक की लहर है।

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