Blog

  • क्या घी सच में मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है या फिर यह आयुर्वेद का एक छुपा हुआ अमृत है..

    क्या घी सच में मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है या फिर यह आयुर्वेद का एक छुपा हुआ अमृत है..

    क्या घी सच में मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है या फिर यह आयुर्वेद का एक छुपा हुआ अमृत है..

    आजकल बहुत से लोग घी से डरते हैं

    अक्सर कहा जाता है कि घी खाने से मोटापा बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है और हार्ट की नसें ब्लॉक हो सकती हैं

    लेकिन आयुर्वेद में घी को अमृत तुल्य माना गया है सदियों से इसका उपयोग केवल भोजन के रूप में नहीं बल्कि स्वास्थ्य संरक्षण और कई पारंपरिक घरेलू प्रयोगों में भी किया जाता रहा है

    सवाल यह है कि क्या घी वास्तव में इतना नुकसानदायक है जितना आजकल माना जाता है या फिर हम इसके असली गुणों को भूल चुके हैं

    कब्ज और पेट साफ न होने की समस्या

    यदि सुबह पेट ठीक से साफ नहीं होता गैस रहती है या कब्ज की समस्या रहती है तो आयुर्वेद में घी को पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माना गया है

    कुछ लोग रात को सोने से पहले या सुबह खाली पेट एक चम्मच देसी घी गुनगुने पानी या दूध के साथ लेते हैं

    कई लोगों को इससे मल त्याग में आसानी और पेट हल्का महसूस होने का अनुभव होता है

    गले की खराश और सूखी खांसी

    घी का उपयोग पारंपरिक रूप से गले की देखभाल में भी किया जाता रहा है

    कुछ लोग घी में हल्दी और काली मिर्च मिलाकर लेते हैं जबकि कुछ घी शहद और अदरक के रस का मिश्रण उपयोग करते हैं

    आयुर्वेद में घी और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से बचने की सलाह दी गई है

    एसिडिटी और सीने की जलन

    बार बार एसिडिटी खट्टी डकारें या सीने में जलन की समस्या होने पर कुछ लोग सीमित मात्रा में घी का सेवन करते हैं

    आयुर्वेद में घी को पित्त शांत करने वाला माना गया है

    जोड़ों की अकड़न और दर्द

    उम्र बढ़ने के साथ कई लोगों को घुटनों कलाई या अन्य जोड़ों में जकड़न महसूस होने लगती है

    आयुर्वेद के अनुसार घी वात दोष को संतुलित करने में सहायक माना जाता है

    कुछ लोग सीमित मात्रा में घी का सेवन करने के साथ बाहरी मालिश भी करते हैं

    महिलाओं के लिए विशेष महत्व

    आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से घी को स्त्री स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना गया है

    कई पारंपरिक परिवारों में महिलाओं को भोजन के साथ सीमित मात्रा में घी लेने की सलाह दी जाती रही है

    आंखों के नीचे डार्क सर्कल और रूखापन

    कुछ लोग रात में शुद्ध देसी घी से आंखों के नीचे हल्की मालिश करते हैं

    हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग अलग हो सकता है

    नाक की खुश्की और बंद नाक

    आयुर्वेद में नस्य की परंपरा का वर्णन मिलता है

    कुछ लोग नाक के सूखेपन या मौसमी परेशानी में सीमित मात्रा में घी का उपयोग करते हैं

    नाक में किसी भी प्रकार का पदार्थ डालने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर होता है

    अच्छी नींद के लिए

    कई परिवारों में आज भी सोने से पहले पैरों के तलवों पर घी की हल्की मालिश की जाती है

    आयुर्वेद के अनुसार इससे शरीर को आराम और शांति महसूस कराने में सहायता मिल सकती है

    कुछ जरूरी सावधानियां

    घी हमेशा सीमित मात्रा में लें

    शुद्ध और विश्वसनीय स्रोत का घी ही चुनें

    यदि आपको लिवर रोग गंभीर हृदय रोग पीलिया या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही सेवन करें

    किसी भी घरेलू नुस्खे को इलाज का विकल्प न समझें

    आयुर्वेद घी को इतना महत्व क्यों देता है

    आयुर्वेद में घृत को केवल भोजन नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण अनुपान और रसायन माना गया है

    चरक संहिता अष्टांग हृदयम और अन्य आयुर्वेदिक ग्रंथों में घृत के अनेक उपयोगों का उल्लेख मिलता है

    यदि आप आयुर्वेद को उसके मूल ग्रंथों के संदर्भों सहित गहराई से समझना चाहते हैं तो हमारे पास सौ से अधिक दुर्लभ आयुर्वेदिक पुस्तकों और तीन सौ से अधिक सनातन ग्रंथों का डिजिटल संग्रह उपलब्ध है

    यदि आप इसकी जानकारी चाहते हैं तो कमेंट में केवल BOOK लिखें मैं उपलब्धता के अनुसार जानकारी साझा करने का प्रयास करूंगा

    अब आपकी बारी

    क्या आप रोज घी खाते हैं

    आपके घर में गाय का घी उपयोग होता है या भैंस का

    क्या आपने कभी घी का कोई घरेलू प्रयोग किया है

    आपके अनुसार घी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक

    अपना अनुभव कमेंट में जरूर साझा करें आपका अनुभव दूसरे लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकता है

    स्वास्थ्य संबंधी सूचना

    यह जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है घी के संभावित लाभों से जुड़े कई दावे पारंपरिक आयुर्वेदिक मान्यताओं पर आधारित हैं और हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं होते किसी भी स्वास्थ्य समस्या दवा या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक या आयुर्वेदाचार्य से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें

  • चित्रकूट में NEET अभ्यर्थी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, युवक के सामने वारदात; तीन आरोपियों पर केस दर्ज..

    चित्रकूट में NEET अभ्यर्थी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, युवक के सामने वारदात; तीन आरोपियों पर केस दर्ज..

    चित्रकूट में NEET अभ्यर्थी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, युवक के सामने वारदात; तीन आरोपियों पर केस दर्ज..

    चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में 20 वर्षीय NEET अभ्यर्थी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, युवती अपने परिचित युवक के साथ देवांगना घाटी घूमने गई थी, जहां तीन युवकों ने दोनों को रोक लिया। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    वनकर्मी बताकर रोका, युवक से मारपीट का आरोप

    पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, घटना बुधवार दोपहर की है। युवती अपने परिचित युवक के साथ देवांगना घाटी में मौजूद थी। आरोप है कि तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर दोनों को धमकाने लगे। इसके बाद कथित तौर पर युवक के साथ मारपीट की गई और उसे काबू में कर लिया गया।

    पीड़िता ने सामूहिक दुष्कर्म का लगाया आरोप

    शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने युवती को जबरन झाड़ियों की ओर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। युवक ने किसी तरह खुद को छुड़ाने के बाद पुलिस को सूचना दी।

    कोटा में कर रही थी NEET की तैयारी

    पुलिस के मुताबिक, पीड़िता मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली है और कोटा में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसकी युवक से सोशल मीडिया के माध्यम से पहचान हुई थी। छुट्टियों में घर आने के दौरान वह उससे मिलने चित्रकूट पहुंची थी।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, फुटेज में कुछ संदिग्ध बाइक से जाते दिखाई दिए हैं। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    मामले की जांच जारी

    पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में खाकी पर गंभीर आरोप: जन्मदिन का बहाना बनाकर नाबालिग से दुष्कर्म का केस, दो SAF जवानों पर FIR

    भोपाल में खाकी पर गंभीर आरोप: जन्मदिन का बहाना बनाकर नाबालिग से दुष्कर्म का केस, दो SAF जवानों पर FIR

    भोपाल में खाकी पर गंभीर आरोप: जन्मदिन का बहाना बनाकर नाबालिग से दुष्कर्म का केस, दो SAF जवानों पर FIR

    भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से खाकी को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में विशेष सशस्त्र बल (SAF) के दो जवानों पर 17 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और उसे बंधक बनाने का आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जन्मदिन की पार्टी का झांसा देकर बुलाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 22 जुलाई को धार जिले में तैनात SAF जवान संतोष सेन ने उसे जन्मदिन की पार्टी का बहाना बनाकर अपने घर बुलाया। कथित तौर पर कहा गया था कि वहां कई लोग मौजूद होंगे, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद उसे कमरे में रोक लिया गया।

    बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप

    शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने नाबालिग को कथित तौर पर बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि इस दौरान ग्वालियर में तैनात दूसरे SAF जवान जितेंद्र राजपूत ने भी आरोपी का साथ दिया और कमरे के बाहर पहरा देता रहा।

    पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

    घटना के बाद पीड़िता ने भोपाल के जहांगीराबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    जांच जारी, आरोपों की पुष्टि होना बाकी

    यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ दर्ज शिकायत के आधार पर विवेचना जारी है।

  • गर्भवती महिला ने जेठ पर दुष्कर्म और परिवार पर प्रताड़ना के लगाए आरोप, ..

    गर्भवती महिला ने जेठ पर दुष्कर्म और परिवार पर प्रताड़ना के लगाए आरोप, ..

    गर्भवती महिला ने जेठ पर दुष्कर्म और परिवार पर प्रताड़ना के लगाए आरोप, ..

    राजस्थान के अलवर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आठ महीने की गर्भवती महिला ने अपने जेठ पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। महिला का यह भी आरोप है कि घटना की जानकारी देने पर पति और अन्य ससुराल वालों ने उसका साथ देने के बजाय उसके साथ मारपीट की। मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    महिला ने लगाए गंभीर आरोप

    शिकायत के अनुसार, पीड़िता की शादी वर्ष 2018 में हुई थी। महिला का आरोप है कि एक दिन जब उसका पति घर पर नहीं था, तब उसके जेठ ने कथित तौर पर उसके साथ जबरदस्ती की।

    शिकायत के बाद मारपीट का आरोप

    महिला का कहना है कि घटना की जानकारी उसने अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों को दी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने उसका समर्थन करने के बजाय उसे चुप रहने का दबाव बनाया। शिकायत में मारपीट और प्रताड़ना के आरोप भी शामिल हैं।

    अस्पताल में कराया गया भर्ती

    मायके पक्ष के अनुसार, लगातार प्रताड़ना के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    जांच जारी

    अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

  • किडनी और लिवर को लंबे समय तक रखना है फिट? 30 की उम्र के बाद जरूर अपनाएं ये 5 देसी चीजें.

    किडनी और लिवर को लंबे समय तक रखना है फिट? 30 की उम्र के बाद जरूर अपनाएं ये 5 देसी चीजें.

    किडनी और लिवर को लंबे समय तक रखना है फिट? 30 की उम्र के बाद जरूर अपनाएं ये 5 देसी चीजें.

    हमारे शरीर में दो ऐसे अंग हैं जो दिन रात बिना रुके काम करते हैं किडनी और लिवर

    किडनी का काम शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है जबकि लिवर भोजन को प्रोसेस करने पोषक तत्वों को संग्रहित करने और शरीर की अनेक महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है

    समस्या यह है कि इन अंगों में होने वाला नुकसान अक्सर शुरुआती चरणों में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देता जब तक जांच रिपोर्ट में बदलाव दिखाई देते हैं तब तक स्थिति काफी आगे बढ़ चुकी हो सकती है

    अच्छी बात यह है कि स्वस्थ जीवनशैली और कुछ पारंपरिक खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके इन अंगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है

    जौ का पानी

    जौ को आयुर्वेद में महत्वपूर्ण माना गया है

    इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को सहारा दे सकता है कई लोग जौ का पानी नियमित रूप से पीना पसंद करते हैं क्योंकि यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है

    सुबह और शाम हल्का जौ का पानी पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है

    खीरा और नींबू

    खीरे में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे शरीर को पर्याप्त जल मिलता है

    नींबू में विटामिन सी और अन्य लाभकारी तत्व पाए जाते हैं पर्याप्त पानी और संतुलित आहार किडनी तथा संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं

    दोपहर में एक खीरा और सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा होता है

    आंवला

    आंवला आयुर्वेद का एक प्रसिद्ध रसायन माना जाता है

    यह एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है आयुर्वेदिक ग्रंथों में आंवला को दीर्घायु पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है

    सुबह एक से दो ताजे आंवले या सीमित मात्रा में आंवला रस का सेवन किया जा सकता है

    हल्दी और काली मिर्च

    हल्दी भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है

    हल्दी में पाए जाने वाले तत्वों पर आधुनिक विज्ञान लगातार शोध कर रहा है पारंपरिक रूप से इसे सूजन कम करने और स्वास्थ्य को सहयोग देने वाला माना जाता है

    काली मिर्च के साथ लेने पर इसके कुछ सक्रिय तत्वों का अवशोषण बेहतर हो सकता है

    रात में हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च वाला दूध या गुनगुना पानी लिया जा सकता है

    सहजन यानी मोरिंगा

    यदि किसी एक देसी पौधे को सुपरफूड कहा जाए तो सहजन उसका मजबूत दावेदार माना जाता है

    इसकी पत्तियां फलियां और पाउडर पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं आयुर्वेद में भी सहजन का विशेष महत्व बताया गया है

    सहजन की सब्जी दाल में इसकी पत्तियां या सीमित मात्रा में मोरिंगा पाउडर को आहार में शामिल किया जा सकता है

    लेकिन केवल ये पांच चीजें ही पर्याप्त नहीं हैं

    यदि आप वास्तव में किडनी और लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं तो कुछ आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है

    इन गलतियों से बचें

    अत्यधिक नमक का सेवन

    बिना डॉक्टर की सलाह के बार बार दर्द निवारक दवाओं का सेवन

    जरूरत से ज्यादा चाय और मीठे पेय पदार्थ पीना

    अक्सर लोग अच्छे खाद्य पदार्थ तो खाते हैं लेकिन इन आदतों को नहीं बदलते जिससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता

    आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की नहीं बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा की भी बात करता है

    स्वास्थ्य संबंधी सूचना

    यह जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है यदि आपको किडनी लिवर डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो किसी भी घरेलू उपाय या आहार में बदलाव करने से पहले योग्य चिकित्सक से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर पूर्व दिशा में रखें ये 5 चीजें क्या सच में इससे बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा..

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर पूर्व दिशा में रखें ये 5 चीजें क्या सच में इससे बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा..

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर पूर्व दिशा में रखें ये 5 चीजें क्या सच में इससे बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा..

    वास्तु शास्त्र में उत्तर पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है और इसे सबसे शुभ दिशाओं में से एक माना जाता है

    पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस दिशा को स्वच्छ शांत और हल्का रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है

    आइए जानते हैं ऐसी पांच चीजों के बारे में जिन्हें वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है

    जल से भरा कलश

    वास्तु में ईशान कोण को जल तत्व से जुड़ी दिशा माना गया है

    इस दिशा में स्वच्छ जल से भरा कलश या छोटा जल फव्वारा रखा जा सकता है

    मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है

    पूजा स्थान

    यदि संभव हो तो घर का पूजा स्थान उत्तर पूर्व दिशा में बनाया जा सकता है

    कई वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार इस दिशा में पूजा करने से मन को शांति और एकाग्रता मिलती है

    तुलसी का पौधा

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है

    तुलसी की नियमित देखभाल करना भी आवश्यक माना गया है

    कुबेर यंत्र

    कुछ वास्तु मान्यताओं में उत्तर पूर्व दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करना शुभ माना जाता है

    ऐसा विश्वास है कि यह समृद्धि और शुभता का प्रतीक होता है

    क्रिस्टल बॉल या क्रिस्टल पिरामिड

    वास्तु के अनुसार क्रिस्टल बॉल या क्रिस्टल पिरामिड को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है

    इसे उत्तर पूर्व दिशा में रखने से घर का वातावरण संतुलित रहने की मान्यता है

    उत्तर पूर्व दिशा में क्या नहीं रखना चाहिए

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिशा को हमेशा साफ और खुला रखना चाहिए

    इस स्थान पर कूड़ादान झाड़ू भारी फर्नीचर या कबाड़ रखने से बचने की सलाह दी जाती है

    मान्यता है कि इस दिशा को व्यवस्थित रखने से घर का वातावरण अधिक सकारात्मक महसूस हो सकता है

    महत्वपूर्ण सूचना

    यह जानकारी वास्तु शास्त्र में वर्णित पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है इनके प्रभावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं इसलिए इन्हें आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के रूप में ही देखा जाना चाहिए

  • मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    मौके की तलाश में बैठा था दरिंदा बाप, घर पर नहीं थी मां, 12 साल की बेटी को अकेले पाकर किया दुष्कर्म..

    छत्तीसगढ़ के बालोद में एक पिता ने अपनी ही मासूम बेटी को अपनी हवस का शिकार बना लिया. पीड़िता ने अपनी मां को इस बारे में बताया, जिसके बाद मां ने शिकायत दर्ज कर ली और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

    Balod Rape Case: आज के समय में लड़कियां बहुत कम जगहों पर सुरक्षित महसूस करती हैं. सबसे ज्यादा वे घर में ही सुरक्षित महसूस करती हैं. वहां पर भी सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है, जब वे अपने माता पिता और भाई बहन के साथ होते हैं. हालांकि अगर किसी के अपने लोग ही आपके लिए खतरा बन जाएं, तो वो कहां जाए. एक हृदयविदारक मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से आया है. यहां  रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. 

    क्या है पूरा मामला?

    यहां एक 37 साल के व्यक्ति ने अपनी ही 12 साल की बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया. जब आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया, उस समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी. जब पत्नी घर पहुंची, तो बेटी ने अपनी मां को पूरी घटना बताई. इसके बाद उसकी मां ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत पाकर मामला दर्ज कर लिया. पुलिस आरोपी पिता के पास गई और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. 

    कहां का है मामला?

    जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गुंडरदेही इलाके का है. पीड़िता अपनी मां के साथ गुंडरदेही थाने पहुंची थी. उसने पुलिस के सामने आपबीती सुनाई. इसके बाद मां की शिकायत के बाद केस दर्ज कर लिया. शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. 

    एडिशनल एसपी ने दी जानकारी

    इस मामले की जानकारी देते हुए बालोद एडिशनल एसपी मोनिका ठाकुर ने कहा कि थाना गुंडरदेही में प्रार्थिया ने आपबीती सुनाते हुए केस दर्ज कर लिया है. शिकायत में बताया गया है कि आरोपी पिता ने अपनी 12 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जेल भेज दिया गया है

  • छोटा कद, संतान न होने के ताने… झांसी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज प्रताड़ना का आरोप..

    छोटा कद, संतान न होने के ताने… झांसी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज प्रताड़ना का आरोप..

    छोटा कद, संतान न होने के ताने… झांसी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज प्रताड़ना का आरोप..

    झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक 24 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और लगातार अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    नवाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली रूबी उर्फ ऋतु साहू की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक उसकी शादी फरवरी 2024 में मुकेश साहू से हुई थी। मायकेवालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे छोटे कद और संतान न होने को लेकर लगातार ताने दिए जाते थे।

    छोटे कद और संतान न होने पर करते थे अपमान

    परिजनों ने बताया कि ऋतु बीए पास थी और कंप्यूटर कोर्स करने के बाद नौकरी भी करती थी। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था, इसलिए भाइयों ने उसकी शादी पूरे रीति-रिवाज से कराई थी। उनका कहना है कि शादी से पहले ही लड़की के कद की जानकारी ससुराल पक्ष को दे दी गई थी, लेकिन विवाह के बाद उसे करीब साढ़े चार फुट लंबाई का ताना दिया जाता था। साथ ही संतान न होने पर उसे अपमानित किया जाता और सामाजिक कार्यक्रमों में जाने से भी रोका जाता था।

    नौकरी को लेकर भी लगाया धोखा देने का आरोप

    मायके पक्ष का आरोप है कि शादी से पहले दूल्हे को आढ़तिया (व्यापारी) बताया गया था, जबकि बाद में पता चला कि वह निजी लोडिंग वाहन चलाता है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग और मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था। ऋतु ने एक बार अपनी नानी से इस बारे में जिक्र भी किया था, लेकिन परिवार को परेशान न करने के लिए वह ज्यादा कुछ नहीं बताती थी।

    जहर खाने का आरोप, 28 घंटे तक अस्पतालों में घुमाने की बात

    परिजनों का दावा है कि प्रताड़ना से परेशान होकर ऋतु ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। आरोप है कि इसके बाद भी ससुराल वाले उसे समय पर उचित इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले गए और करीब 28 घंटे तक अलग-अलग अस्पतालों में घुमाते रहे। परिवार का कहना है कि उन्हें भी शुरुआत में सिर्फ इतना बताया गया कि ऋतु की तबीयत खराब है, जबकि उसकी मौत होने के बाद पूरी जानकारी दी गई।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मायके पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • राजस्थान में रिश्तों का उलझा मामला: नाबालिग के गंभीर आरोप, पत्नी ने पति का किया बचाव, पुलिस जांच जारी..

    राजस्थान में रिश्तों का उलझा मामला: नाबालिग के गंभीर आरोप, पत्नी ने पति का किया बचाव, पुलिस जांच जारी..

    राजस्थान में रिश्तों का उलझा मामला: नाबालिग के गंभीर आरोप, पत्नी ने पति का किया बचाव, पुलिस जांच जारी..

    राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक नाबालिग द्वारा अपने जीजा पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और पैसों की मांग की। वहीं आरोपी की पत्नी, जो पीड़िता की बड़ी बहन है, ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पारिवारिक विवाद का मामला बताया है।

    नाबालिग ने लगाए गंभीर आरोप

    पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता का आरोप है कि जब वह स्कूल में पढ़ती थी और ट्यूशन जाती थी, तब आरोपी ने कथित तौर पर उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने घटना का निजी वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी और लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा।

    पत्नी ने बताया पारिवारिक साजिश

    मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी की पत्नी ने सार्वजनिक रूप से अपने पति का बचाव किया। उनका कहना है कि उन्होंने आरोपी से प्रेम विवाह किया था, जिसका परिवार विरोध कर रहा था। पत्नी का आरोप है कि इसी वजह से परिवार ने झूठे आरोप लगाकर उनके पति को फंसाने की कोशिश की है।

    पुलिस कर रही तकनीकी जांच

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शिकायत में जिन वीडियो, मोबाइल चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है, उनकी भी जांच की जा रही है। साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं।

    जांच पूरी होने का इंतजार

    फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • क्या शिवलिंग पर जल चढ़ाने की कोई निश्चित दिशा होती है जानिए धार्मिक मान्यताएं और पूजन के नियम..

    क्या शिवलिंग पर जल चढ़ाने की कोई निश्चित दिशा होती है जानिए धार्मिक मान्यताएं और पूजन के नियम..

    क्या शिवलिंग पर जल चढ़ाने की कोई निश्चित दिशा होती है जानिए धार्मिक मान्यताएं और पूजन के नियम..

    भगवान शिव की पूजा में शिवलिंग पर जल अर्पित करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन, सोमवार और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर लाखों श्रद्धालु श्रद्धा भाव से जलाभिषेक करते हैं। इसके साथ ही पूजन से जुड़े कुछ पारंपरिक नियम भी बताए गए हैं।

    जल किस दिशा से चढ़ाना चाहिए

    कुछ धार्मिक परंपराओं के अनुसार शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल चढ़ाना शुभ माना जाता है। वहीं कुछ अन्य परंपराओं में मंदिर की संरचना और जल निकासी के अनुसार अलग व्यवस्था भी देखने को मिलती है।

    इसी कारण सभी मंदिरों में एक ही नियम लागू नहीं होता। यदि किसी मंदिर में पुजारी द्वारा विशेष व्यवस्था बताई जाए तो उसी का पालन करना उचित माना जाता है।

    जल अर्पित करते समय किन बातों का ध्यान रखें

    स्वच्छ मन और श्रद्धा के साथ जल अर्पित करें।

    जल धीरे धीरे शिवलिंग पर चढ़ाएं।

    जल के साथ बेलपत्र, धतूरा, आक और सफेद पुष्प भी श्रद्धानुसार अर्पित किए जा सकते हैं।

    पूजा के दौरान भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।

    शिवलिंग की परिक्रमा क्यों पूरी नहीं की जाती

    अधिकांश शिव मंदिरों में श्रद्धालु शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं करते बल्कि जल निकासी स्थान तक पहुंचकर वापस लौट आते हैं।

    धार्मिक मान्यता है कि शिवलिंग से अभिषेक का जल जिस मार्ग से बाहर निकलता है उसे लांघना उचित नहीं माना जाता। इसी कारण अधूरी या अर्ध परिक्रमा करने की परंपरा प्रचलित है।

    क्या दिशा ही सबसे महत्वपूर्ण है

    शास्त्रों में पूजन विधि का महत्व अवश्य बताया गया है लेकिन भगवान शिव को भाव और श्रद्धा का देवता भी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति को भगवान शिव स्वीकार करते हैं।

    महत्वपूर्ण सूचना

    यह जानकारी विभिन्न धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अलग अलग संप्रदायों, मंदिरों और क्षेत्रों में पूजा की विधि में अंतर हो सकता है। अपने मंदिर के पुजारी या धार्मिक गुरु द्वारा बताए गए नियमों का पालन करना उचित माना जाता है।