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  • बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बिहार के वैशाली जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. घटना जिले के राघोपुर की है. यहां एक मामा ने अपने भांजे की बेहरमी से हत्या कर शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.इतना ही नहीं,  मृतक का एक हाथ काटकर घटनास्थल से 100 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया. वैशाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है.

    48 घंटों के अंदर मामले का किया खुलासा

    मामले का खुलासा करते हुए वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि 30 जून को राघोपुर थाना क्षेत्र के पास एक युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ था, जिसका बाया हाथ कटा हुआ था. शव की शिनाख्त करना सबसे बड़ी चुनौती थी. ऐसे में वारदात के पीछे छुपे आरोपी और कारण का पता लगाना बेहद मुश्किल था, लेकिन वैशाली एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन कर 48 घंटों के अंदर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी मामाओं को गिरफ्तार कर लिया.

    टैटू से हुई मृतक की पहचान

    एसपी ने आगे बताया कि कल 2 जून शाम को एक अज्ञात कॉल आई, जिसके जरिए मृतक युवक की शरीर पर बने टैटू के आधार पर उसकी पहचान की गई. जो समस्तीपुर के नीतीश कुमार के रूप में हुई. इसके बाद उसके घर में घटना की सूचना दी. साथ ही पिता के पहुंचने के बाद मामले की एफआई आर दर्ज करते हुए 6 लोगों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया है.

    हत्या के मामले मामा की हुई गिरफ्तारी

    इसके बाद एसपी ने मामले पर विशेष टीम का गठन किया, जिसने अलग अलग स्थानों पर छापेमारी की. साथ ही 2 जून को पटना के चौक थाना इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया. आरोपी की पहचान लाल बाबू राय के रूप में हुई है. जो मृतक का मामा लगता था और नीतिश उनके घर में रहकर पढ़ाई करता था.

    भांजी से प्रेम संबंध से गुस्से में था मामा

    पुलिस ने आगे की जानकारी देते हुए बताया कि मामा लाल बाबू राय के यहां रहने के दौरान नीतिश का उनकी बेटी से प्रेम संबंध बन गया थे. वह उससे लगातार बातचीत करता था. उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें उसने अपने मोबाइल में रखी हुई थी. जिसे वह सोशल मीडिया पर प्रकाशित करता था.

    किडनैपिंग के बाद मर्डर और फिर बायां हाथ काटा

    इसकी भनक लड़की के दूसरे मामा मनोज राय और नीतीश के मामा लाल बाबू राय को लगी, तो दोनों ने मिलकर नीतीश को रास्ते से हटाने की साजिश रची. साजिश के तहत 26-27 जून की शाम को नीतीश का अपहरण  किया गया और 29 जून की रात उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. साक्ष्य छिपाने के लिए उसका बायां हाथ काटकर 100 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया और शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया.

    आरोपी मामा गिरफ्तार

    इन सबूतों को आधार बनाकर जब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उन्होंने पूछताछ में बताया कि नीतिश चेन्नई में दो साल से काम करता था. उसका प्रेम संबंध पहले से किसी के साथ चल रहा था. लेकिन दूसरी तरफ वह लड़कियों की आपत्तिजनक फोटोज और वीडियो को इस्टाग्राम पर फेक प्रोफाइल बनाकर वायरल करता था जिसके कारण उन्होंने उनकी भांजी के साथ भी ऐसा किया जिसका बदला लेने के लिए दोनों ने उसे खौफनाक मौत दी. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में संदेह के आधार पर 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • मोबाइल में मिला ऐसा राज, पत्नी के कथित अफेयर के शक के बीच युवक की मौत से मचा हड़कंप..

    मोबाइल में मिला ऐसा राज, पत्नी के कथित अफेयर के शक के बीच युवक की मौत से मचा हड़कंप..

    मोबाइल में मिला ऐसा राज, पत्नी के कथित अफेयर के शक के बीच युवक की मौत से मचा हड़कंप..

     पूर्वी दिल्ली के जगतपुरी इलाके से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. महज 20 साल की एक महिला पर अपने ही शौहर की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति को बीवी के कथित अवैध संबंध का शक था, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर लड़ाई होती थी. 

    घटना वाली रात भी इसी बात पर झगड़ा बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली और आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया.

    क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 में मुस्तकीम ने लोनी की रहने वाली अपने मामा की बेटी अलीशा से शादी की थी. आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही अलीशा घर में झगड़े करने लगी थी. वह अपने पति को पसंद नहीं करती थी. मुस्तकीम ने अपनी पत्नी को WhatsApp पर किसी दूसरे आदमी से चैट करते हुए पकड़ लिया. दो महीने पहले, वह झगड़े के बाद घर छोड़कर चली गई थी. 29 जून को, मुस्तकीम किसी तरह अपनी पत्नी को घर वापस ले आया.

    मोबाइल फ़ोन चेक करने को लेकर झगड़ा

    आरोप है कि बुधवार रात करीब 8 बजे अलीशा किसी से फ़ोन पर बात कर रही थी. इस पर उसके पति ने नाराज़गी जताई. दोनों के बीच बहस हो गई. पति उसका मोबाइल फ़ोन चेक करने लगा, जिससे हाथापाई हो गई. परिवार ने किसी तरह मामला शांत किया. रात करीब 1 बजे, कपल अपने कमरे में सो रहा था. मृतक की मां सुबह 3:40 बजे उठीं और उन्होंने देखा कि अलीशा अपने कमरे के बाहर परेशान हालत में खड़ी थी.

    आरोपी पत्नी गुरुद्वारे में छिप गई

    पुलिस के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद मुस्तकीम की मां कमरे में आई. उसे देखकर अलीशा घबरा गई और तुरंत घर से भाग गई. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह इलाके के एक गुरुद्वारे में छिप गई. मुस्तकीम की मां की शिकायत के बाद, पुलिस ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया. जांच शुरू हुई.

    पुलिस ने क्राइम सीन का मुआयना किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और फोरेंसिक टीम की मदद से जरूरी सबूत इकट्ठा किए. हालांकि, पुलिस ने सुराग का पीछा किया और संदिग्ध को एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया दुपट्टा भी बरामद कर लिया. दिल्ली पुलिस का कहना है कि तेजी से जांच और फोरेंसिक सबूतों की वजह से हत्या की गुत्थी कुछ ही घंटों में सुलझ गई.

  • सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दूसरे दिन शुक्रवार को परीक्षा की दूसरी पाली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक युवक दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंच गया। परीक्षा के दौरान जब उसके प्रवेश पत्र और अन्य अभिलेखों का मिलान किया गया तो इस जालसाजी का भांडाफोड़ हुआ। पकड़ा गया युवक सहायक अध्यापक बताया जा रहा है। हालांकि वह किस जिले में तैनात है इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई है और उससे पूछताछ कर रही है। 

    उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जिले के 18 स्कूल परीक्षा केंद्र बनाए गये हैं। डुमरियाडीह स्थित राजेंद्र नाथ लाहिड़ी इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसी केंद्र पर परीक्षा की दूसरी पाली में हनुमान प्रसाद पुत्र राम नारायण नाम के परीक्षार्थी को परीक्षा देनी थी लेकिन उसके स्थान पर कबीर पुत्र रामनारायण परीक्षा देने पहुंच गया। 

    प्रवेश से पहले केंद्र के बाहर सघन चेकिंग अभियान के दावे को तथा बताते हुए कबीर चकमा देकर परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि उसने करीब 1 घंटे तक परीक्षा भी दी। इस दौरान जब परीक्षक ने जांच के दौरान उसके अभिलेख का मिलान किया तो हनुमान पुत्र रामनरायण के स्थान पर कबीर पुत्र राम नरायण परीक्षा देता पकड़ा गया। जलसाजी की सूचना पर केंद्र में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी जानकारी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने केंद्र पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पकड़े गए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। परीक्षा देने देते पकड़ा गया आरोपी सहायक अध्यापक बताया जा रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कबीर चौधरी बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2006 बैच के सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।हालांकि वह किस जिले में तैनात है पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर सकी है। परीक्षा के नोडल अधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। 

    डीआईओएस बोले- मुझे नहीं मिली रिपोर्ट

    परीक्षा में पकड़े गए सहायक अध्यापक की जानकारी करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र ने कहा कि वह कहां का रहने वाला है और किस जिले में तैनात है इसकी कोई जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है। उन्हें अब तक कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। जब रिपोर्ट मिलेगी तो इस संबंध में जानकारी दे पाएंगे।

    दो पालियों में 15142 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

    शुक्रवार को जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में 15,142 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 890 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली में 7,530 तथा द्वितीय पाली में 7,612 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा के दूसरे दिन कुल 16,032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। डुमरियाडीह के मामले को छोड़कर अन्य सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही।

    डीआईजी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण

    देवी पाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने शुक्रवार को परीक्षा केंग्रों का निरीक्षण कर टीईटी परीक्षा का जायजा लिया। उन्होने बहराइच जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक, बहराइच एवं राजकीय पॉलिटेक्निक मोहम्मदपुर का  निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

  • जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    खेतों में घूम रहे ग्रामीणों ने आम के पेड़ पर लटके शव देखे और पुलिस को इत्तला किया. युवती की मांग में सिंदूर भरे होने की आशंका है जबकि आम के पेड़ के नीचे से कई साक्ष्य बरामद हुए हैं

    उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने दो परिवारों में कोहराम मचा दिया है. यहां के सबुआ गांव के पास गुढ़ा मोड पर स्थित एक मशहूर आम के पेड़ पर एक युवक और युवती के शव लटके मिले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की पहचान सबुआ गांव निवासी 24 वर्षीय उपेंद्र विश्वकर्मा और युवती की पहचान चरखारी की 22 वर्षीय आरती कुशवाहा के तौर पर की गई है. यह प्रेमी जोड़ा एक ही रस्सी से पेड़ पर लटके मिला है. युवती की मांग में सिंदूर होने की बात सामने आ रही है जबकि पेड़ के पास चिप्स, कोल्ड ड्रिंक के पैकेज और मोबाइल फोन पड़े मिले हैं. इस हादसे की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस ने दोनों के शवों को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. दूसरी तरफ गांव में दोनों को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगी.

    इसी आम के पेड़ के नीचे बिताते थे अपना वक्त

    बताया जा रहा है कि दोनों का आपस में पिछले 3 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों इसी आम के पेड़ के नीचे मुलाकात करते थे. घंटों बातचीत करते थे और इसी पेड़ के नीचे दोनों ने जीने-मरने की कसमें खा ली थी. जहां सबुआ निवासी उपेंद्र विश्वकर्मा आरा मशीन में काम करता था तो चरखारी की आरती कुशवाहा 8 किमी. दूर से मिलने आती थी. दोनों अपने रिश्ते को विवाह का नाम देना चाहते थे लेकिन समाज में बदनामी और जात-पात के डर से परिजन राजी नहीं हुए. 

    दोस्त और घर वालों को नहीं थी खबर

    पुलिस की जांच-पड़ताल से सामने आया कि दोस्तों को युवक की प्रेम कहानी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. जबकि युवती के परिजनों ने बताया कि वो शाम 7 बजे से ही घर से गायब थी. युवक भी रात 8 बजे घर पर बाइक पार्क करने के बाद अचानक कहीं चला गया. दोनों के परिजन खोजबीन करते रहे लेकिन कुछ अता-पता नहीं चला. युवती के परिजनों का कहना है कि वो अपनी बेटी के प्रेम संबंधों के बारे में कुछ नहीं जानते थे. यदि बेटी को शादी करनी ही थी तो कहीं दूर जाकर घर बसा सकती थी. दोस्तों का कहना है कि युवक ने उसे अपनी प्रेम कहानी की भनक तक नहीं लगने दी, वरना समस्या का कुछ हल निकालते और जान बचा लेते.

    ग्रामीणों ने दी पेड़ से लटके होने की सूचना

    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के पेड़ से लटके होने की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी. कुछ ही देर के अंदर खेत में गांव वालों की भीड़ इकट्ठी हो गई. मृतका के मांग में सिंदूर भरे होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस कर्मियों की टीम ने युवत औक युवती के शव को पेड़ से उतारा. फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए. बताया जा रहा है कि युवती के पिता का कुछ समय पहले ही निधन हुआ था.  हालांकि दोनों परिवारों ने प्रेम प्रसंग की सूचना ना होने की बात कही है लेकिन सूत्रों के हवाले से पता चला है कि जाति-बिरादरी का अंतर होने के कारण दोनों का परिवार रिश्ते के लिए राज़ी नहीं हुआ.

  • कैंडी का लालच, मासूमों पर अत्याचार और खौफनाक अंत… कौन था बेबी किलर दरबारा सिंह?

    कैंडी का लालच, मासूमों पर अत्याचार और खौफनाक अंत… कौन था बेबी किलर दरबारा सिंह?

    कैंडी का लालच, मासूमों पर अत्याचार और खौफनाक अंत… कौन था बेबी किलर दरबारा सिंह?

     पंजाब के अपराध इतिहास में कुछ ऐसे नाम दर्ज हैं, जिनका जिक्र आज भी लोगों को सिहरने पर मजबूर कर देता है. ऐसा ही एक नाम है बेबी किलर के नाम से कुख्यात दरबारा सिंह का. वह मासूम बच्चों को कैंडी और टॉफी का लालच देकर अपने साथ ले जाता थी.

    साथ ले जाने के बाद वह दरिंदा बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न करता और सबूत मिटाने के लिए उनकी बेरहमी से हत्या कर देता. पुलिस जांच में सामने आए खुलासों ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था. आखिर कौन था दरबारा सिंह और कैसे वह पंजाब के सबसे कुख्यात सीरियल किलर्स में शामिल हो गया. चलिए विस्तार से जानें पूरी कहानी.

    कौन था दरबारा सिंह उर्फ बेबी किलर?

    कहानी 1952 में शुरू होती है, जब इस बेरहम दरबारा सिंह का जन्म पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर के पास ब्यास नदी में हुआ था. पढ़ाई पूरी करने के बाद, दरबारा सिंह 1975 में इंडियन एयर फ़ोर्स में शामिल हो गए और पठानकोट के एयर फ़ोर्स स्टेशन में उनकी पोस्टिंग हुई. कुछ साल बाद, दरबारा पर एक मेजर के परिवार पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का आरोप लगा, हालांकि बाद में उन्हें इस केस में बरी कर दिया गया.

    1996 में किया पहला जुर्म

    दरबारा सिंह का नाम पहली बार 1996 में सामने आया था. यह केस कपूरथला में एक लड़की के रेप और मर्डर से जुड़ा था. 1997 में, कोर्ट ने दरबारा को तीन और रेप के लिए 30 साल जेल की सज़ा सुनाई. वह कई साल जेल में रहे, लेकिन 2003 में उनके अच्छे कामों को पहचान मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. हालांकि दरबारा सिंह जेल में अच्छे काम कर रहे थे, लेकिन उनके मन में बदला लेने की इच्छा थी. बदला ही उनके जेल जाने का कारण था. असल में, जैसे ही वह जेल में गए, उनके मन में यह ख्याल बार-बार आने लगा कि उन्हें उस माइग्रेंट लेबर की वजह से जेल हुई है.

    कैंडी का लालच दे बनाता था बच्चों को शिकार

    25 अक्टूबर 2004 को साइकिल चलाने वाला आदमी दरबारा सिंह कैंडी से भरा बैग लेकर सड़कों पर घूम रहा था. उसने सड़क पर एक 6 साल की बच्ची को खेलते हुए देखा. दरबारा उस मासूम बच्ची को ले गया. शाम को बच्ची के परिवार ने पुलिस में उसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. शुरुआत में यह एक सामान्य गुमशुदगी का मामला लगा, लेकिन आने वाले महीनों में इसी तरह कई बच्चे गायब होने लगे. पुलिस को संदेह हुआ कि इन घटनाओं के पीछे कोई एक ही व्यक्ति है.

    अप्रैल 2005 तक, लापता बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही थी. जांच के बाद, पुलिस को दरबारा के खिलाफ ठोस सबूत मिले और उसने उसे गिरफ्तार कर लिया. इस समय तक, बेबी किलर नाम लोगों के लिए डर का कारण बन गया था. वह अपने शिकार को पीट-पीटकर मार डालता था और फिर उनका गला काट देता था.

    17 बच्चों का उत्पीड़न कर मौत के घाट उतारा

    जैसे-जैसे इस केस की परतें खुलती गईं, पुलिस हैरान रह गई. उनके पैरों तले जमीन खिसक गई जब दरबारा सिंह ने 17 मासूम बच्चों के साथ गलत काम करने की बात कबूल की. दरबारा ने बताया कि लड़कियों को टॉर्चर करने के बाद, वह उनकी लाशों को खडूर साहिब में राया नाम की जगह पर दफना देता था.

    इन 17 मासूम बच्चों में से 15 लड़कियां और 2 लड़के थे. उसने यह भी बताया कि वह बच्चों को मारने से पहले उनका यौन उत्पीड़न करता था. बाद में, जब बच्चे बहुत अधमरे हो जाते, तो वह उन्हें मार देता था.

    पत्नी ने ‘बेबी किलर’ की बॉडी लेने से मना कर दिया

    कुख्यात दरबारा सिंह को 7 जनवरी, 2008 को मौत की सज़ा सुनाई गई थी. हालांकि, 2009 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सज़ा पलट दी, और वह पटियाला सेंट्रल जेल में उम्रकैद काटता रहा. इसके बाद, यह बेरहम आदमी जेल में बीमार पड़ गया और 2018 में उसे एक सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

    गौरतलब है कि दरबारा सिंह की एक पत्नी और एक बेटी भी थी, जिन्होंने उसकी मौत के बाद उसकी बॉडी लेने से मना कर दिया था. उसकी बॉडी लगभग चार दिनों तक राजिंदरा हॉस्पिटल में बिना छुए पड़ी रही, जिससे जेल अधिकारियों को उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा.

  • पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    बुलंदशहर के गुलावठी में CRPF जवान, यूपी पुलिस सिपाही और जवान की पत्नी के बीच विवाद सामने आया. जवान का आरोप है कि पत्नी जेवर और नकदी लेकर सिपाही के साथ चली गई.

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां के गुलावठी थाना क्षेत्र के एक CRPF जवान, यूपी पुलिस और जवान के रिश्ते को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है. जवान ने आरोप लगाया  है कि उसकी पत्नी घर से जेवर और नकदी लेकर, यूपी पुलिस के सिपाही के साथ फरार हो गई. 

    CRPF जवान की पत्नी हुई फरार 

    CRPF जवान देव का कहना है कि ‘उनकी पत्नी रमा उर्फ जान्हवी की मुलाकात गौतमबुद्धनगर के दादरी इलाके में हुई थी. दोनों के बीच पहले रिश्ते बने और फिर परिवार के सहमति के साथ कोर्ट मैरिज कर ली गई. शादी के कुछ दिनों तक सब ठीक रहा, लेकिन जब वह 10 जून अपनी ड्यूटी पर वापस लौटे, तब उन्हें पता लगा कि 16 जून को उनकी पत्नी अचानक घर से गायब हो गई.’

    जवान ने लगाए कई गंभीर आरोप 

    पीड़ित पति ने दावा किया कि पत्नी घर से जाते समय अपने जेवर और दो लाख की नकदी लेकर फरार हो गई है. जिसका CCTV फुटेज भी उनके पास मौजूद होने की बात भी सामने आई. CRPF जवान ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि वह काले रंग की स्विफ्ट कार लेकर आया था और पत्नी को अपने साथ लेकर चला गया और वह मिल नहीं रही है. जवान ने आशंका जताते हुए कहा कि उसने पत्नी गलत परिस्थिति में फंस गई है. इसलिए उन्होंने गुलावठी थाने में  शिकायत भी दर्ज कराई है. हालांकि, शुरुआत में पुलिस की तरफ से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है. 

    सिपाई सनी यादव ने खारिज किए आरोप 

    वहीं दूसरी तरफ यूपी पुलिस के सिपाई सनी यादव जवान के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि महिला या CRPF जवान से उनका कोई संबंध नहीं है. उन्हें केवल फंसाया जा रहा है. सिपाही ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ रहते हैं और वह इसका सबूत भी दे सकते हैं. 

    मामले में आया नया मोड़ 

    मामले में मोड़ तब आया जब CRPF जवान की पत्नी रमा उर्फ जाह्नवी खुद सामने आ गई. उन्होंने एक वीडियो संदेष जारी कर अपने पति पर झूठ बोलकर शादी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए. महिला ने ये भी कहा कि शादी के बाद उन्हें पति के व्यवहार और निजी कारणों के वजह से तनाव बढ़ा. फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान और गहराई से जांच कर रही है

  • प्रेमी संग रहने की जिद, तीन बच्चों को लेकर 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला; गोंडा स्टेशन पर हड़कंप..

    प्रेमी संग रहने की जिद, तीन बच्चों को लेकर 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला; गोंडा स्टेशन पर हड़कंप..

    प्रेमी संग रहने की जिद, तीन बच्चों को लेकर 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला; गोंडा स्टेशन पर हड़कंप..

    9 घंटे बाद एसडीआरएफ ने सुरक्षित उतारा

     शुक्रवार सुबह गोंडा रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ स्टेशन परिसर में लगे करीब 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गई। महिला प्रेमी के साथ रहने की मांग पर अड़ी रही और करीब नौ घंटे तक टावर पर बैठी रही। कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे सुरक्षित नीचे उतार लिया।

    घटना सुबह करीब 7:30 बजे स्टेशन के एक्सेलेटर के सामने लगे टावर की है। गीता देवी अपने तीन बच्चों को लेकर टावर पर चढ़ गई और प्रेमी राम अकबाल सिंह को बुलाने तथा उसके साथ रहने की मांग करने लगी।

    सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने कई घंटे तक महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। स्थिति गंभीर होने पर एसडीआरएफ के चार जवान सुरक्षा उपकरणों के साथ टावर पर चढ़े। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद महिला और उसके तीनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही और पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए लोगों का हुजूम लगा रहा।

    नीचे आने के बाद महिला ने आरोप लगाया कि वह पहले भी अपनी मांग को लेकर टावर पर चढ़ चुकी थी। उस समय पुलिस ने उसे आश्वासन दिया था कि राम अकबाल सिंह को बुलाकर उसकी बात कराई जाएगी, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। इसी वजह से वह दोबारा टावर पर चढ़ी।

    बयान देने के दौरान महिला ने पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर भी अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी। आरपीएफ के सहायक कमांडेंट महेंद्र प्रसाद ने बताया कि महिला शुक्रवार सुबह अपने तीन बच्चों के साथ टावर पर चढ़ गई थी। करीब नौ घंटे के प्रयास के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। उन्होंने बताया कि महिला एक व्यक्ति के साथ रहने की मांग कर रही थी और इसी कारण उसने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • महिला सांसद के आवास पर छापे के बाद बड़ा खुलासा, नकदी और सोने के अंतर्वस्त्र बने चर्चा का विषय..

    महिला सांसद के आवास पर छापे के बाद बड़ा खुलासा, नकदी और सोने के अंतर्वस्त्र बने चर्चा का विषय..

    महिला सांसद के आवास पर छापे के बाद बड़ा खुलासा, नकदी और सोने के अंतर्वस्त्र बने चर्चा का विषय..

    इराक में इन दिनों भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चल रहा है। कई नेताओं के यहां से अकूत संपत्ति मिल रही है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा महिला सांसद हिंद अल-अब्बासी की हो रही है। उनके यहां से 490 करोड़ कैश, 27 किलो सोना और तो और सोने की बनी ब्रा-पेंटी मिली है।

    इस जानकारी के बाहर आने के बाद यह खबर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि अभी इस खबर की इराक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर सोने के लिंगरी सेट की तस्वीरें वायरल जरूर हो रही है।

    छापों में करोड़ों की नकदी और सोना मिलने का दावा
    रिपोर्ट्स के अनुसार महिला सांसद हिंद अल-अब्बासी के आवास से करीब 57 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 490 करोड़ रुपये) नकद और 27 किलोग्राम सोना बरामद हुआ है। सोशल मीडिया पर नकदी के ढेर और सोने की ईंटों की तस्वीरें और सोने की ब्रा-पेंटी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

    अन्य सांसदों पर भी हुई कार्रवाई
    भ्रष्टाचार विरोधी अभियान केवल एक सांसद तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक सांसद आलिया नासिफ के घर से भी करीब 20 अरब इराकी दीनार (लगभग 15.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर) और सोना बरामद किया गया। आलिया नासिफ और उनके बेटे को गिरफ्तार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्ट्स में गोल्ड अंडरगारमेंट्स का दावा इन्हीं से जोड़कर किया गया है।

    सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
    इराक के प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही है। सरकार का कहना है कि ष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए यह अभियान जारी रहेगा। काउंटर टेररिज्म यूनिट्स ने ग्रीन जोन समेत कई संवेदनशील इलाकों में भी छापेमारी की है।

  • ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    बिहार के वैशाली में 30 जून को एक जला हुआ शव मिला था. पुलिस का कहना है कि बेटी और सगे भांजे के अफेयर से नाराज मामा ने भांजे की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और पहचान मिटाने के लिए उसे जला दिया गया. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

    मामला वैशाली जिले के राघोपुर के जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र का है. 30 जून को पुलिस को एक युवक का जला हुआ शव मिला था. शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया था. जांच के आधार पर मृतक की पहचान की गई. 22 साल का युवक समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी का रहने वाला था.

    पुलिस का कहना है कि युवक की मां की मौत तब हो गई थी, जब वह करीब चार साल का था. इसके बाद वह अपने ननिहाल में ही पला-बढ़ा. इसी दौरान उसकी ममेरी बहन के साथ प्रेम संबंध बन गए. जांच में सामने आया कि दोनों एक-दूसरे के काफी करीब थे. इसी रिश्ते को लेकर परिवार में लंबे समय से नाराजगी थी.

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    वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे करीब तीन साल पहले अपनी बेटी और भांजे के रिश्ते की जानकारी मिली थी. उसने कई बार भांजे को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों संपर्क में बने रहे. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने यह भी दावा किया कि घर से निकालने के बाद भी युवक चेन्नई से उसकी बेटी के संपर्क में था, कॉल करता था. अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देता था.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी मामा ने पहले भांजे को चेन्नई से समस्तीपुर बुलवाया. इसके बाद उसे पटना सिटी स्थित अपने घर बुलाया गया, जहां दो दिनों तक उसे समझाने की बात कही गई. पुलिस का कहना है कि 28 जून को आरोपी और उसके साथियों ने युवक को गंगा किनारे सुनसान इलाके में ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद कथित तौर पर शव के टुकड़े किए गए और जला दिया गया.

    SP बोले- एक आरोपी को अरेस्ट कर लिया है, अन्य की तलाश जारी

    वैशाली पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी मामा को पटना सिटी से गिरफ्तार कर लिया है. एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका कबूल कर ली है. पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में अन्य लोगों की भी भूमिका सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है.

    आरोपी ने पुलिस के सामने क्या कहा?

    मामा ने हत्या के बाद शव 3 टुकड़ों में काटा था. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे अपनी बेटी और भांजे के रिश्ते की जानकारी करीब तीन साल पहले हुई. शुरुआत में उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन बाद में उसे दोनों के बीच नजदीकियों का एहसास हुआ. उसने कई बार युवक को समझाया, लेकिन वह नहीं माना. आरोपी ने कहा कि वो मेरा भांजा था, बेटी से रिश्ता बनाने लगा था. वीडियो भेजा तो बर्दाश्त नहीं कर पाया, इसलिए उसकी हत्या की साजिश रच दी.

  • लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद दिल दहला देने वाली क्रूरता, आरोपी की करतूत ने सबको चौंकाया..

    लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद दिल दहला देने वाली क्रूरता, आरोपी की करतूत ने सबको चौंकाया..

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    Most Dangerous Murder Case: मुंबई में हुए एक दिल दहला देने वाले कांड ने हर किसी को दहला कर रख दिया था. इस हत्याकांड को मुंबई ( Mumbai Crime News) के सबसे खौफनाक हत्याकांड में से एक माना जाता है. यह श्रद्धा वालकर हत्याकांड से भी ज्यादा भयानक था. मुंबई के मिरा रोड के पास एक 36 साल की महिला अपने 56 साल के लिव इन पार्टनर  (Live In Partner Murder) मनोज साने के साथ रहती थी. एक रोज उसने महिला की हत्या कर दी थी.

    मुंबई का सबसे खौफनाक हत्याकांड 

    जब ये खबर देश के सामने आई तो हर किसी का दिल हैवानियत देख दहल उठा. युवती की हत्या करने के बाद उसने शरीर के टूकड़े कर दिए और फिर धीरे-धीरे उन्हें डिस्पोज करने लगा. हैरान करने वाली बात तो ये थी कि उसने लाश को ठिकाने के लिए दरींदगी की सारी सीमा पार कर दी थी. वह शव के टूकड़े कर पहले कुकर में उबालता था और फिर उसे ठिकाने लगाता था. सुत्रों के मुताबिक, उसने कुछ टूकड़ों को पीसकर टॉइलट में भी (Woman cut into pieces) फल्श कर दिए थे. शख्स यही नहीं रुकी उसने महिला की लाश के टुकड़े कुत्ते को भी खिलाए. जब पड़ोसियों के घर से बदबू आने लगी तब हत्या का खुलासा हुआ था. इस मामले ने हर किसी को सन्न कर दिया था. 

    महिला के टुकड़े कर कुत्ते को खिलाए 

    पुलिस ने आरोपी मनोज साने (56) को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस के इस खबर की जानकारी पड़ोसियों ने दी थी. उन्होंने फोन कर बताया था कि फ्लैट नंबर 704 से दुर्गंध आ रही है. जिसके बाद पुलिस मनोज के घर पहुंची और वहां का नजारा देख हैरान रह गई. पुलिस को शुरूआत में फ्लैट से एक महिला के पैर बरामद हुए थे. आरोपी ने बताया था कि उसने शव के टूकड़े कर ठिकाने लगा दिए हैं. 

    ये हत्याकांड मुंबई के सबसे भयानक हत्याकांड में से एक माना जाता है. इसने पूरे भारत को हिलाकर रख दिया था. दरअशल, सरस्वती वैद्य 36 साल की युवती 56 साल के मनोज सहनी के साथ लिव-इन में रहती थी.