दूध ही नहीं, सहजन की पत्तियां भी हैं कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत; जानिए सेवन का सही तरीका..

दूध ही नहीं, सहजन की पत्तियां भी हैं कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत; जानिए सेवन का सही तरीका..
दूध ही नहीं, सहजन की पत्तियां भी हैं कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत; जानिए सेवन का सही तरीका..

जब भी शरीर में कैल्शियम की कमी या हड्डियों की मजबूती की बात आती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहला नाम दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स का आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुदरत ने हमें एक ऐसी हरी पत्ती दी है जिसमें दूध से भी ज्यादा कैल्शियम मौजूद होता है। हम बात कर रहे हैं ‘सहजन’ की, जिसे अंग्रेजी में मोरिंगा (Moringa) कहा जाता है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक मेडिकल साइंस तक में सहजन को एक ‘सुपर फूड’ माना गया है, जो न सिर्फ हड्डियों को फौलाद बनाने में मदद करता है बल्कि इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मोरिंगा को कुपोषण के खिलाफ एक शक्तिशाली हथियार के रूप में मान्यता दी है।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और योग गुरु बाबा रामदेव ने हड्डियों को मजबूत करने के लिए, नसों की कमजोरी को दूर करने के लिए मोरिंगा के पत्तों का सेवन करने की सलाह दी है। ये पत्ते बॉडी में विटामिन बी 12 की कमी को पूरा करते हैं। अगर आप दूध नहीं पीते, लैक्टोज इनटॉलरेंस से परेशान हैं या प्लांट-बेस्ड डाइट फॉलो करते हैं, तो कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए मोरिंगा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। मोरिंगा की पत्तियां कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन K और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं।

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किन लोगों के लिए फायदेमंद है मोरिंगा?

  • बढ़ते बच्चों और किशोरों के लिए ये पत्ते फायदेमंद है।
  • बुजुर्गों के लिए, जिन्हें ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा रहता है वो इन पत्तों का सेवन करें।
  • शाकाहारी या डेयरी-फ्री डाइट लेने वाले लोगों के लिए ये पत्ते बेहद उपयोगी हैं।
  • मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए के लिए इन पत्तों का सेवन असरदार साबित होता है।

रोजाना डाइट में ऐसे करें शामिल

  1. आटे में मिलाएं:
    आधा से एक चम्मच मोरिंगा पाउडर गेहूं के आटे में मिलाकर रोटी या पराठा बना सकते हैं।
  2. दाल और सब्जी में डालें:
    दाल, सांभर, सब्जी, खिचड़ी या चावल में थोड़ा-सा मोरिंगा पाउडर मिलाने से कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व बढ़ जाते हैं।
  3. स्मूदी या ड्रिंक बनाएं:
    आप मोरिंगा का सेवन केला, बादाम का दूध, पालक, सेब या आम की स्मूदी में पाउडर के रूप में मिलाकर पी सकते हैं। इसे गुनगुने पानी, हर्बल टी या नारियल पानी में भी मिलाया जा सकता है।
  4. ताजी पत्तियों की सब्जी बनाएं:
    मोरिंगा की ताजी पत्तियों की हल्की आंच पर सब्जी बनाएं या इन्हें दाल, कढ़ी, रसम, ऑमलेट और सूप में डालें। ज्यादा देर तक पकाने से पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
  5. नाश्ते में करें इस्तेमाल:
    डोसा, चीला, उपमा, पोहा या वेज सैंडविच में मोरिंगा पाउडर मिलाकर दिन की शुरुआत करें।
  6. चटनी या पेस्ट बनाएं:
    मोरिंगा की पत्तियों से नारियल, लहसुन और मसालों के साथ स्वादिष्ट चटनी बनाई जा सकती है, जिसे रोटी, डोसा या इडली के साथ खाया जा सकता है।  

कितनी मात्रा लेना सही है?

एक्सपर्ट के मुताबिक मोरिंगा का सेवन वयस्कों के लिए रोजाना आधा से एक चम्मच करना पर्याप्त है। अगर ताजी पत्तियां खा रहे हैं, तो सप्ताह में कुछ बार एक छोटी कटोरी का सेवन पर्याप्त है। शुरुआत कम मात्रा से करें और शरीर की प्रतिक्रिया के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाएं।

बेहतर अवशोषण के लिए क्या करें?

मोरिंगा के साथ विटामिन D, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स जैसे नट्स और बीज लेने से कैल्शियम का अवशोषण बेहतर हो सकता है। वहीं अत्यधिक नमक और कैफीन का सेवन कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डाल सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह के बिना मोरिंगा या इसके सप्लीमेंट्स का सेवन न करें।
  • लो ब्लड प्रेशर, थायरॉयड या नियमित दवाएं लेने वाले लोग पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  • अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
  • आपको बता दें कि मोरिंगा पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसे संतुलित आहार का विकल्प नहीं बनाएं बल्कि उसका हिस्सा बनाकर ही सेवन करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जागरूकता, शैक्षणिक उद्देश्य और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। सहजन की पत्तियों या इसके पाउडर को अपनी दैनिक डाइट में शामिल करने या इसका सप्लीमेंट लेने से पहले हमेशा किसी प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट, डाइटीशियन या अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श ज़रूर लें। विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं और किसी गंभीर बीमारी की दवा ले रहे लोग चिकित्सीय सलाह के बिना इसका सेवन न करें।

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