पेट साफ न होने और भारीपन से परेशान हैं? अपनाएं आयुर्वेदिक डॉक्टर के बताए ये 7 असरदार उपाय

पेट साफ न होने और भारीपन से परेशान हैं? अपनाएं आयुर्वेदिक डॉक्टर के बताए ये 7 असरदार उपाय
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खराब डाइट, बिगड़ता लाइफस्टाइल, तनाव, बॉडी एक्टिविटी की कमी, फाइबर का कम सेवन और पानी कम पीने की आदत ऐसी खराब आदतें हैं जो कब्ज और पेट से जुड़ी बीमारियों की अहम वजह हैं। महीने या हफ्तों में कभी-कभी कब्ज होना परेशानी की बात नहीं है लेकिन ये समस्या लगातार और रेगुलर बनी रहे तो सेहत को बिगाड़ सकती है। लम्बे समय तक रहने वाला कब्ज पेट से लेकर आंतों तक को सड़ा सकता है।  कब्ज में मल कठोर या सूखा हो जाता है और उसे डिस्चार्ज करने के लिए जोर लगाना पड़ता है जिससे पाइल्स का खतरा बढ़ सकता है।

आयुर्वेदाचार्य दीपक कुमार ने बताया आजकल लोगों की दिनचर्या और खान-पान काफी बिगड़ गया है। देर रात तक जागना, पर्याप्त नींद न लेना, पोषक तत्वों और फाइबर की कमी वाला भोजन करना, तला-भुना खाना, मैदा और बाजार का खाना अधिक खाना कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं की वजह बन सकता है। समय पर न उठना और दिनचर्या में अनियमितता जैसी आदतें भी कब्ज और पेट से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकती हैं। आयुर्वेदाचार्य ने कब्ज से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए 7 नेचुरल उपाय बताएं हैं जिन्हें अपनाकर कब्ज की बीमारी का समाधान किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन से 7 असरदार तरीके हैं जो कब्ज को दूर कर सकते हैं।

सोने से पहले गुनगुना पानी पिएं

आयुर्वेदाचार्य दीपक कुमार ने बताया सोने से करीब 30-60 मिनट पहले एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार इससे आंतों को गर्माहट मिलती है और रात में पाचन क्रिया को सपोर्ट मिलता है। इसे कब्ज में मददगार बताया गया है। हालांकि, रात में बहुत अधिक पानी पीना कुछ लोगों में बार-बार पेशाब आने या नींद प्रभावित होने का कारण बन सकता है।

रात में दूध या पानी के साथ घी का करें सेवन

रात में सोने से करीब एक घंटा पहले आधे से एक चम्मच घी का सेवन करें। इसे गर्म दूध या गर्म पानी के साथ लेने से सुबह उठते ही आपका पेट साफ होगा। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार घी आंतों के सूखेपन को कम करके मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करेगा। इसे आयुर्वेद में ‘स्नेहपान’ से जोड़ा गया।

त्रिफला का करें सेवन

तीसरी सलाह त्रिफला के सेवन की है। त्रिफला हरड़, बहेड़ा और आंवला से तैयार किया जाने वाला पारंपरिक आयुर्वेदिक मिश्रण है। इसका सेवन करने से कब्ज से राहत मिलेगी।  रात में आधे से एक चम्मच त्रिफला गर्म पानी या दूध के साथ लेने से सुबह उठते ही आपका पेट साफ होगा और आपको घंटों टॉयलेट में नहीं बैठना पड़ेगा। आयुर्वेदाचार्य ने इसे रेगुलेटिव हर्ब बताया है। रात में लेने पर यह मल त्याग में मदद कर सकता है। याद रखें कि इसका सीमित ही सेवन करें। ज्यादा सेवन करने से दस्त, पेट में ऐंठन या दूसरी पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। एक्सपर्ट ने बताया जिन लोगों को त्रिफला लेने के बाद पेट में ज्यादा एसिडिटी या ढीलापन महसूस होता है, उन्हें इस हर्ब का सेवन करने से बचना चाहिए।

मुनक्का खाएं

डॉक्टर ने बताया कब्ज से निजात पाने के लिए आप मुनक्का का सेवन भी कर सकते हैं।  रात में 4-5 मुनक्के को पानी में भिगो दें  और सुबह उन्हें चबा-चबाकर खा लें। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार मुनक्के में मौजूद फाइबर मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकता है। मुनक्का खाने के बाद भिगोया हुआ पानी पी लें कब्ज से राहत मिलेगी। मुनक्के आयरन का अच्छा स्रोत है ये बॉडी में खून की कमी को पूरा करता है और बॉडी को हेल्दी रखता है।

हरड़ का करें इस्तेमाल

आयुर्वेदाचार्य ने कब्ज का इलाज करने के लिए छोटी हरड़ का सेवन करने की सलाह दी है।  इसे कब्ज की महारानी कहा है। हरड़ को भिगोकर सुबह खाने या उसका चूर्ण बनाकर गर्म पानी या फिर दूध के साथ लेने से पेट और आंतों की गंदगी साफ होती है। आयुर्वेद में हरड़ को कोलन की गति को संतुलित करने वाला माना जाता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के मुताबिक इसका सेवन करने से पेट से अतिरिक्त गैस निकलती है और कब्ज में राहत मिलती है।

सोने से पहले पेट की मालिश करें

छठी सलाह रात में करीब 10 मिनट पेट की मालिश करें। पेट की मालिश क्लॉकवाइज दिशा में करने से आराम की नींद आती है और पेट की सफाई होने में भी मदद मिलती है।पेट की मालिश करने के लिए आप गाय के घी या सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।  आयुर्वेदाचार्य के अनुसार पेट की मालिश से आंतों की गतिविधि को सक्रिय करने और मल को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

नाभि में तेल या घी लगाएं

नाभि में दो बूंद सरसों का तेल या गाय का घी लगाने से आपके पाचन को सपोर्ट मिलेगी । इसे शरीर और स्किन की ड्राईनेस को कम करने में मददगार बताया गया।

रात में देर से खाना न खाएं

डॉक्टर से कब्ज से बचाव के लिए सातवी और आखिरी सलाह दी है कि रात में बहुत देर से भोजन न करें। आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया रात 8-9 बजे तक भोजन पूरा कर लें और फिर वॉक करके सो जाएं। आप रात में 10-11 बजे खाना खाने से परहेज करें। रात में बहुत भारी और देर से भोजन करने से पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए नियमित भोजन का समय रखना उपयोगी हो सकता है।

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