बरसात में ही क्यों बढ़ जाता है निमोनिया का रिस्क? शुरुआती लक्षण को ना करें नजरअंदाज..?

बरसात में ही क्यों बढ़ जाता है निमोनिया का रिस्क? शुरुआती लक्षण को ना करें नजरअंदाज..?
बरसात में ही क्यों बढ़ जाता है निमोनिया का रिस्क? शुरुआती लक्षण को ना करें नजरअंदाज..?

बारिश के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और फेफड़ों से जुड़ी समस्या का रिस्क काफी बढ़ जाता है. इस मौसम में सबसे ज्यादा असर बच्चे, कमजोर इम्यूनिटी और बुजुर्गों पर पड़ता है. दरअसल बरसात के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव, नमी और घरों में सीलन की वजह से इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है.

SWORD स्टडी के अनुसार मानसून के दौरान रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के मामले लगभग 13 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. इंडियन जर्नल ऑफ चेस्ट डिजीज एंड अलाइड साइंस 2014 में पब्लिश स्टडी के अनुसार बरसात के दिनों में गीले रहने की वजह से निमोनिया का रिस्क बढ़ सकता है.

क्या है निमोनिया?

निमोनिया फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी है. निमोनिया होने पर फेफड़ों में सूजन और पानी भरने की समस्या हो सकती है. निमोनिया होने पर सांस लेने में दिक्कत आती है. क्योंकि शरीर में ऑक्सीजन सही पहुंच नहीं पाता है. लंबे समय तक सर्दी, खांसी, फ्लू की समस्या निमोनिया में बदल सकता है.

बरसात के मौसम में क्यों बढ़ जाता है निमोनिया का रिस्क

बारिश के दिनों में नमी की वजह से वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं. बरसात के मौसम में घर में सीलन और गंदगी भी बढ़ जाती है. बारिश में बार-बार गीले होने की वजह से भी निमोनिया का रिस्क बढ़ जाता है.

इन लोगों में निमोनिया होने का रिस्क अधिक

कुछ लोगों में निमोनिया का रिस्क अन्य लोगों की तुलना में अधिक होता है. 
अस्थमा मरीज में निमोनिया का रिस्क सबसे अधिक है
डायबिटीज मरीज में भी निमोनिया का जोखिम अन्य लोगों से अधिक है. 
हार्ट पेशेंट में भी निमोनिया होने का रिस्क होता है 
5 साल के छोटे बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में भी निमोनिया का रिस्क अधिक होता है.

निमोनिया के शुरुआती लक्षण

निमोनिया होने पर सर्दी-खांसी जैसे नॉर्मल लक्षण नजर आते हैं.
निमोनिया होने पर तेज बुखार आता है. 
लगातारी खांसी आना भी निमोनिया का लक्षण हो सकता है. 
बलगम आना भी निमोनिया का संकेत हो सकता है. 
सांस फूलने की समस्या भी निमोनिया का लक्षण हो सकता है. 
सीने में दर्द होना निमोनिया का संकेत हो सकता है. 
थकान, कमजोरी और ठंड लगने की समस्या भी निमोनिया का लक्षण हो सकता है.

सर्दी खांसी और निमोनिया में फर्क

सर्दी-खांसी में हल्का बुखार होता है वहीं निमोनिया में तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द और कमजोरी होती है. कई दिनों तक सांस फूलने की समस्या निमोनिया का लक्षण हो सकता है.

बच्चों में निमोनिया के लक्षण

बच्चों में निमोनिया के लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बच्चें अक्सर अपनी समस्या को सही से बता नहीं पाते हैं ऐसे में आप उनके इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें. 
बहुत तेज सांस चलना 
बच्चे का सुस्त पड़ जाना 
पसलियों का अंदर धंसना 
होंठ का नीला पड़ना 
खाना ना खाना 
लगातार तेज बुखार 
बार-बार उल्टी होना 
हिहाइड्रेशन होना

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