5 साल पहले का वो दर्द बना तबाही की वजह! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला मानस, दिव्या और बहन की मौत का खौफनाक सच..

5 साल पहले का वो दर्द बना तबाही की वजह! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला मानस, दिव्या और बहन की मौत का खौफनाक सच..
5 साल पहले का वो दर्द बना तबाही की वजह! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला मानस, दिव्या और बहन की मौत का खौफनाक सच

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर व सुसाइड केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से कई रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं. इस तिहरे हत्याकांड और आत्महत्या के पीछे 5 साल पुराना एक गहरा मानसिक तनाव और मनमुटाव सामने आया है. दरअसल, एसबीआई में कार्यरत मानस बाजपेयी ने अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी. फिर खुद को गोली मार ली थी. जिसके बाद राजधानी में हड़कंप मच गया है. तीनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, तीनों की मौत सिर में गोली लगने (Gunshot Injury) से हुई है. मानस ने अपनी पत्नी दिव्या के माथे के पास गोली मारी थी, जो उसके सिर के अंदर ही फंसी मिली. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिव्या के सिर में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है. दिव्या के चेहरे और सिर पर चोट के 6 निशान भी मिले हैं. बहन तूलिका के सिर में भी गोली फंसी थी. जबकि, मानस के सिर से गोली आरपार हो गई थी. तीनों का विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है.

गर्भपात बना रिश्तों में दरार की वजह पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मानस और दिव्या के हंसते-खेलते परिवार में 5 साल पहले एक दुखद मोड़ आया था. उस वक्त घर में किलकारी गूंजने वाली थी, लेकिन अचानक दिव्या का गर्भपात हो गया. इस घटना ने दोनों को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया. इसके बाद से दोनों गुमसुम रहने लगे और उनके रिश्तों में तनाव व कड़वाहट बढ़ती चली गई. यही आपसी तनाव धीरे-धीरे इस कदर बढ़ा कि मानस ने पूरे परिवार को खत्म करने का आत्मघाती कदम उठा लिया. गन पॉइंट पर लिया ऑटो चालक, चौराहे पर छोड़ भागा पुलिस की जांच में सामने आया है कि पत्नी और बहन की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाला मानस बाजपेयी परिचित ऑटो चालक को लेकर आईसीआईसीआई बैंक के बाहर पहुंचा था. वारदात के बाद उसने चालक को गन पॉइंट पर लिया और घर के पास छोड़ने के लिए कहा. पुलिस की छानबीन में पता चला है कि ऑटो चालक मुकेश कुमार सरोज 15 सालों से हुसड़िया चौराहे पर ही रहकर ऑटो चला रहा है. उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.

अक्सर मुकेश की ऑटो बुक करता था मानस पुलिस की छानबीन में पता चला है कि मानस ने मिठाई वाला चौराहे के पास स्थित बैंक के बाहर दिव्या के साथ मारपीट शुरू की तो उसने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस पर मानस ने असलहा तान दिया. मदद के लिए बढ़े बैंककर्मियों को भी असलहा दिखाकर धमकाया और फिर दिव्या को गोली मार दी. यह देख मुकेश भागने लगा तो मानस ने उसे रोका और गन पॉइंट पर लेकर ऑटो चलाने के लिए कहा. मुकेश ने मानस को हुसड़िया चौराहे पर घर के पास उतार दिया और भाग निकला. मुकेश ने पुलिस को बताया कि मानस अक्सर उससे ऑटो बुक करवाता था.

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