बिलासपुर में मां नयना देवी का दरबार ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड के फूलों से सजा, नवरात्रों में 22 घंटे होंगे दर्शन.

बिलासपुर में मां नयना देवी का दरबार ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड के फूलों से सजा, नवरात्रों में 22 घंटे होंगे दर्शन.
बिलासपुर में मां नयना देवी का दरबार ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड के फूलों से सजा, नवरात्रों में 22 घंटे होंगे दर्शन.

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश: शारदीय नवरात्रों को लेकर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। माता के दरबार को भव्य रूप देने के लिए देशी-विदेशी फूलों से सजाया जा रहा है। इस बार सजावट में ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड से मंगवाए गए फूल भी शामिल हैं। नवरात्रों के दौरान श्रद्धालु 22 घंटे तक माता के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर को रोजाना रात 12 बजे से सुबह 2 बजे तक सफाई और शृंगार के लिए बंद रखा जाएगा।

विदेशी फूलों और आकर्षक रोशनी से सजेगा मंदिर

नवरात्रों में मां नयना देवी के दरबार को खास रूप देने के लिए सजावट का काम तेजी से किया गया है। मंदिर की सजावट की जिम्मेदारी करनाल की एक समाजसेवी संस्था ने संभाली है। संस्था के 20 से अधिक कारीगर रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक रोशनी और सजावटी लड़ियों से मंदिर परिसर को सजाने में जुटे हैं।

सजावट का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए माता का दरबार आकर्षण का केंद्र रहेगा। मंदिर न्यास और जिला प्रशासन ने भी नवरात्र मेले को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं।

22 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के कपाट

नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के कपाट प्रतिदिन 22 घंटे खुले रखने की व्यवस्था की गई है। मंदिर रात 12 बजे से सुबह 2 बजे तक बंद रहेगा। इस दौरान परिसर की सफाई और माता का शृंगार किया जाएगा।

दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित कतारों में आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे। नवरात्रों में हिमाचल प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।

सुरक्षा के लिए 250 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात

श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा की जिम्मेदारी के लिए करीब 250 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं।

प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी। इसके लिए मंदिर परिसर को नौ सेक्टरों में बांटा गया है। नवरात्र मेले के संचालन और व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए छह मेला मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं।

कड़ाह-प्रसाद और नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध

नवरात्र मेले के दौरान मंदिर में कड़ाह, प्रसाद और नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित नियमों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

मेला अधिकारी एवं श्री नयना देवी जी के एसडीएम धर्मपाल के अनुसार, नवरात्र मेले के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर न्यास की ओर से रात के समय भजन संध्याओं का आयोजन भी किया जाएगा।

इस बार फूलों से सजे भव्य दरबार, लंबी दर्शन अवधि और सुरक्षा इंतजामों के बीच श्रद्धालुओं को माता के दर्शन कराने की तैयारी है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। दर्शन के समय, प्रतिबंधों और मेले की व्यवस्थाओं में बदलाव संभव है। श्रद्धालु यात्रा से पहले मंदिर प्रशासन की ओर से जारी नवीनतम निर्देशों की पुष्टि कर लें।

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