रेलवे प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों को डिब्बों में क्यों लगा होता है ताला? दरवाजे ही नहीं खिड़कियां भी होती हैं लॉक..

रेलवे प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों को डिब्बों में क्यों लगा होता है ताला? दरवाजे ही नहीं खिड़कियां भी होती हैं लॉक..

जब आप रेलवे प्लेटफार्म पर जल्दी पहुंच जाते हैं, तो देखा होगा कि प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेनों के खिड़की दरवाजे लॉक रहते हैं? क्या आपने सोचा आखिर ऐसा क्यों? दरअसल, इंडियन रेलवे ने ट्रेनों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ये बड़ा कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड की ओर से सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया गया है कि यार्ड या प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों के कोचों के दरवाजे और खिड़ियां लॉक की जाएं। साथ ही रखरखाव या स्टेबलिंग के दौरान कोचों की नियमित जांच भी सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा से जुड़ी कुछ घटनाओं के सामने आने के बाद रेलवे ने इस तरह का फैसला लिया। यहां जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

2025 में ही जारी किए गए थे निर्देश

रेलवे बोर्ड ने 10 जुलाई 2025 को जारी एक आदेश में सभी जोनल रेलवे को कोचों की सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने कहा है कि पहले भी कोचों को यार्ड और प्लेटफॉर्म पर खड़ा करने के दौरान ताला लगाने और रेलवे सुरक्षा बल (RPF), मैकेनिकल और ऑपरेटिंग स्टाफ द्वारा संयुक्त जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ मामलों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने की शिकायतें मिली हैं।

टर्मिनल पहुंचे ही लॉक हो जाते हैं खिड़की और दरवाजे

रेलवे के दिशा-निर्देशानुसार, ट्रेन के टर्मिनल स्टेशन पहुंचते ही कोचों के दरवाजे और खिड़कियों को लॉक करने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यार्ड में खड़े सभी कोचों पर सही तरीके से ताला लगाया जाएगा, ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की आवाजाही रोकी जा सके।

रेलवे बोर्ड ने यह भी कहा है कि मेंटेनेंस या सर्विसिंग पूरी होने के बाद यार्ड में खड़ी रेक को नियमित रूप से लॉक किया जाए। इस प्रक्रिया को RPF और मैकेनिकल स्टाफ संयुक्त रूप से प्रमाणित करेंगे। जहां मैकेनिकल स्टाफ उपलब्ध नहीं होगा, वहां यह जिम्मेदारी ऑपरेटिंग स्टाफ निभाएगा।

इसके अलावा यार्ड में तैनात सुपरवाइजर और इंस्पेक्टर नियमित जांच करेंगे। अधिकारियों को भी समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो सके। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे से इन निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

क्या होगा फायदा?

यार्ड में खड़ी ट्रेनों में अनधिकृत प्रवेश रोका जा सकेगा।
यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े जोखिम कम होंगे।
कोचों में चोरी, तोड़फोड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगेगी।
RPF और रेलवे कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी.

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