खाने को तरसेंगे हिमालयन वयाग्रा, जानें क्‍या है कारण..

खाने को तरसेंगे हिमालयन वयाग्रा, जानें क्‍या है कारण..
खाने को तरसेंगे हिमालयन वयाग्रा, जानें क्‍या है कारण

नेपाल के प्रतिबंध से हजारों लोग प्रभावित

काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुगु जिले में मुगाम कर्माराम ग्रामीण नगर पालिका और छायानाथ रारा नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोग नेपाली सरकार के इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। ये लोग खतरनाक हिमालयी इलाकों में जाकर यार्सागुम्बा को इकठ्ठा कर व्यापारियों को बेचते हैं।

क्या है हिमालयन वयाग्रा

यार्सागुम्बा एक कीड़ा है जो हिमालय की ऊंची जगहों में उगने वाले खास किस्म के पेड़ों पर ही पाया जाता है। यह कीड़ा भूरे रंग का होता है जिसकी लंबाई 2 इंच के आसपास होती है। इन कीड़ों को नेपाल में यार्सागुम्बा नाम से जाना जाता है।

मर्दाना कमजोरी की अचकू दवा

हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में पाई जाने वाली यार्सागुम्बा को हिमालयन वयाग्रा के नाम से जाना जाता है। इसका इस्तेमाल मर्दाना कमजोरी को दूर करने के लिए औषधि के रूप में किया जाता है। हर साल गर्मियों में नेपाली लोग हिमालय में 10000 फुट की ऊंचाई पर जाकर इस दवा की खोज करते हैं।

महंगी बिकती है हिमालयन वयाग्रा

हिमालयन वयाग्रा बहुत ही महंगे दाम में बिकती है। इसकी कीमत प्रति ग्राम 100 यूएस डॉलर से भी ज्यादा होती है। इसकी मांग विदेशों में खासकर अमेरिका और यूरोप में ज्यादा है। यार्सागुम्बा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। हालांकि, हर्ट के मरीजों के लिए यह जानलेवा हो सकती है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *