
Bihar Crime: पटना में साइबर अपराधियों के एक ऐसे काले कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। टेलीग्राम ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो की खरीद-बिक्री करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए साइबर थाना पुलिस ने एक कपड़ा दुकानदार को धर दबोचा है। आरोपित की पहचान पालीगंज थाना क्षेत्र के धरहरा निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो महज 20 से 30 रुपये के लालच में इस घिनौने दलदल में उतर गया था।
साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष संगीता कुमारी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दिल्ली स्थित नेशनल साइबर क्राइम यूनिट (CCUS) से पटना सीसीयूएस को एक संदिग्ध युवक के बारे में गुप्त सूचना और उसका लिंक प्राप्त हुआ था। तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल जांच के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और पालीगंज के धरहरा इलाके में छापेमारी कर अशोक कुमार को रंगेहाथों दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल वीडियो डाउनलोड, अपलोड और शेयर करने के लिए किया जाता था।
पुलिसिया पूछताछ में आरोपी अशोक ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह शुरुआत में खुद पैसे देकर एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा था, जिसके बाद उसे दूसरे सिंडिकेट ग्रुप्स में जोड़ दिया गया। इसी नेटवर्क के माध्यम से वह आपत्तिजनक वीडियो खरीदने और बेचने के काले कारोबार में लिप्त हो गया।
आरोपी सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड या शेयर करने के एवज में 20 से 30 रुपये वसूलता था।पूछताछ में आरोपी ने अब तक 1200 से अधिक ऐसे आपत्तिजनक वीडियो की खरीद-बिक्री करने की बात कबूल की है।वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए हमेशा नए ग्राहकों और खरीदारों की तलाश में रहता था और सैकड़ों वीडियो बेचकर काफी मुनाफा कमा चुका है।
साइबर पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन और डिजिटल वॉलेट की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस अवैध धंधे से अब तक कुल कितनी दौलत कमाई है और वह कब से इस रैकेट से जुड़ा था। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट के पीछे कौन-से बड़े चेहरे और मास्टरमाइंड छिपे हैं, जिन्हें जल्द ही शिकंजे में लिया जाएगा।

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