
जिंदगी और मौत की जंग से जुड़ी कभी-कभी ऐसी कहानियां सामने आ जाती हैं, जो इंसान की हिम्मत और उम्मीद पर भरोसा पक्का कर देती हैं. एक ऐसा ही मामला इन दिनों लोगों की आंखों से आंसू छलका रहा है. दरअसल, चीन (China) के सिचुआन प्रांत के नीजियांग में रहने वाले झांग लियॉन्ग की 2 साल की बेटी झांग शिनलेई (Zhang Xinlei) गंभीर थैलेसीमिया (thalassaemia) बीमारी से जूझ रही थी. इलाज के लिए हर महीने खून (blood) चढ़ाना पड़ता था, लेकिन फैक्ट्री में मामूली मजदूरी करने वाले पिता के पास जब सारे पैसे खत्म हो गए, तो उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया. पढ़ें पूरी खबर.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के मुताबिक, जून 2017 में जब मेडिकल बिल 1,40,000 युआन से ऊपर चले गए, तो मजबूर पिता ने अपनी जमीन पर एक कब्र खोदी. वो रोजाना अपनी बेटी को वहां ले जाते और उसके साथ लेटकर खेलते थे, ताकि अगर कल को मौत आ भी जाए, तो मासूम डर न महसूस करे. इस दर्दनाक तस्वीर के सामने आते ही कुछ लोगों ने पिता के दर्द को समझा, तो कई लोगों ने इसे गलत भी बताया, लेकिन इंटरनेट पर वायरल हुई इस लाचारी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

सोशल मीडिया पर खबर फैलते ही क्राउडफंडिंग के जरिए मदद का सैलाब आ गया. इसके साथ ही स्थानीय सरकार ने भी मेडिकल खर्च उठाया. इसी बीच अगस्त 2017 में शिनलेई की छोटी बहन का जन्म हुआ. वैज्ञानिकों ने छोटी बहन के कॉर्ड ब्लड से स्टेम सेल का ट्रांसप्लांट किया. 8 घंटे तक चले इस मुश्किल ऑपरेशन के बाद शिनलेई की सेहत में ऐसा सुधार हुआ कि, उसे अब बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. आज शिनलेई प्राइमरी स्कूल में पढ़ती है, पेंटिंग करती है और डांस भी सीखती है. जिस जगह कभी पिता ने बेबसी में उसकी कब्र खोदी थी, आज वहां उसके माता-पिता ने सूरजमुखी का एक खूबसूरत बगीचा बना दिया है, जिसे वो मैजिक गार्डेन कहते हैं.

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