खुदाई में मिली 200 साल पुरानी शराब फैक्ट्री, पहाड़ों की गहराई में होता था धंधा..

खुदाई में मिली 200 साल पुरानी शराब फैक्ट्री, पहाड़ों की गहराई में होता था धंधा..
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स्कॉटलैंड की दुर्गम पहाड़ियों और गहरे नालों के बीच पुरातत्वविदों ने एक ऐसा राज खोज निकाला है, जो पिछले 200 सालों से दुनिया की नजरों से ओझल था. पर्थशायर के ‘बेन लॉयर्स नेशनल नेचर रिजर्व’ में खुदाई के दौरान एक अवैध व्हिस्की डिस्टिलरी (शराब बनाने का कारखाना) के अवशेष मिले हैं. यह खोज उस दौर की याद दिलाती है, जब टैक्स से बचने के लिए लोग गुपचुप तरीके से पहाड़ों के बीच व्हिस्की तैयार किया करते थे. इस सीक्रेट जगह से तांबे के स्टिल का एक हिस्सा, पत्थर की संरचनाएं और लकड़ी के खंभे बरामद हुए हैं. जानकारों का मानना है कि यह एक बोथी (Bothy) यानी एक छोटा सा झोंपड़ा था, जिसे विशेष रूप से शराब बनाने के उपकरणों को छिपाने के लिए बनाया गया था.

बता दें कि 1788 के एक्साइज एक्ट के बाद जब छोटे घरेलू उपकरणों पर प्रतिबंध लगा दिया गया, तब 18वीं और 19वीं शताब्दी के दौरान स्कॉटलैंड में अवैध व्हिस्की का व्यापार चरम पर था. नेशनल ट्रस्ट फॉर स्कॉटलैंड (NTS) के पुरातत्वविदों के अनुसार, इस कारखाने को बहुत ही चालाकी से ‘लॉयर्स बर्न’ नामक झरने के पास एक संकरे नाले में बनाया गया था. जगह का चुनाव इस तरह किया गया था कि झरने का मोड़ इसे ऊपर और नीचे दोनों तरफ से पूरी तरह ढंक लेता था. खुदाई में पत्थर के फर्श के नीचे एक नाली, एक चूल्हा और छत को सहारा देने वाला लकड़ी का खंभा मिला है. सबसे रोमांचक खोज तांबे के मिश्र धातु का वह टुकड़ा है, जो शराब बनाने वाली मशीन के दो हिस्सों को जोड़ने के काम आता था.

जल्दबाजी में छूटा सबूत: तस्करों और अधिकारियों के बीच चूहे-बिल्ली का खेल
पुरातत्व प्रमुख डेरेक अलेक्जेंडर का कहना है कि यह खोज शराब तस्करों और आबकारी अधिकारियों के बीच चलने वाले दिमागी युद्ध की गवाह है. अगर अधिकारियों ने इस ठिकाने पर छापा मारा होता, तो वे पूरे उपकरण को नष्ट कर देते. लेकिन वहां तांबे का हिस्सा मिलना यह संकेत देता है कि तस्करों को अधिकारियों के आने की भनक लग गई थी और वे जल्दबाजी में अपना सामान समेटकर भाग निकले. अफरा-तफरी में वे मशीन का यह छोटा सा हिस्सा वहीं भूल गए, जो आज 200 साल बाद इतिहास की गवाही दे रहा है. उस दौर में पहाड़ियों में अवैध व्हिस्की बनाना केवल एक व्यापार नहीं, बल्कि सरकारी कानूनों के खिलाफ ‘सामुदायिक प्रतिरोध’ का एक तरीका माना जाता था. तस्कर बहुत कम सामान के साथ यात्रा करते थे ताकि पकड़े जाने पर कोई सबूत न मिले, इसलिए ऐसे अवशेषों का मिलना बेहद दुर्लभ है.

स्कॉटलैंड के अन्य हिस्सों में भी दबे मिले हैं ऐसे ही राज
यह पहली बार नहीं है जब स्कॉटलैंड की धरती ने अपने नशीले इतिहास को उगला हो. इससे पहले 2008 में ग्लेन एफ्रिक में वानिकी कर्मचारियों को एक छोटी इमारत की नींव मिली थी, जिसे बाद में राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया. वहीं 2019 में लोच लोमोंड नेशनल पार्क में भी दो पुराने फार्मस्टेड की पहचान अवैध डिस्टिलरी के रूप में की गई थी. बेन लॉयर्स रिजर्व में अब तक पांच ऐसे ठिकाने मिल चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी साइट से व्हिस्की स्टिल का कोई वास्तविक हिस्सा बरामद हुआ है. ऐसे में ये खोजें साबित करती हैं कि स्कॉटलैंड की पहाड़ियों में सदियों पहले तस्करी का एक समानांतर साम्राज्य फलता-फूलता था.

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