
झांसी के चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पट्टी कुम्हर्रा स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर पर झाड़फूंक कराने पहुंचे 70 वर्षीय सीताराम को 14 बार काला सांप काट चुका है. सीताराम का कहना है कि जब वह 28 साल के युवा थे, तब सांप ने उन्हें पहली बार कटा था और तब से लेकर आज तक हर तीन साल के अंतराल में सांप उन्हें 14 बार काट चुका है.
पुनर्जन्म की दुश्मनी हर बार सांप के काटने के बाद सीताराम की जान जोखिम में पड़ जाती है, लेकिन वह हर बार बच जाते हैं. इस घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा हो रही है. कोई इसे नाग-नागिन का बदला कहता है तो कोई पुनर्जन्म की दुश्मनी. लेकिन असलियत क्या है, यह कोई भी नहीं जानता. फिलहाल, सीताराम की यह कहानी गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है.
सीताराम की स्थिति देखकर यह कहा जा सकता है कि वह इस समस्या से काफी परेशान हैं और बार-बार सांप के काटने से सीताराम काफी सदमे में रहने लगे हैं. वह अब खेड़ापति हनुमान मंदिर पर झाड़फूंक कराने पहुंचे हैं ताकि उन्हें इस समस्या से निजात मिल सके. सीताराम की स्थिति देखकर यह कहा जा सकता है कि वह इस समस्या से काफी परेशान हैं.
सीताराम ने बेटने ने क्या बताया? सीताराम का बेटे ने बताया कि पुराने जमाने की कुछ जो बुराइयां है इसलिए सांप पिताजी को काटता रहता है. पिताजी ने पिछली बार बताया था कि हम ठाकुर हैं वह गुर्जर था. हमने बंदूक से मार दिया था, वह सांप बन गया और हम इंसान बन गए, तो वह बार-बार काटता रहता है, सपने में वह बताता है कि हम दो दिन बाद काट लेंगे फिर वह सांप काट लेता है, काटते हुए कोई भी देख नहीं पता है और नहीं किसी को पता चलता है, सिर्फ उन्हीं को नजर आता है अभी तक 14 बार सांप काट चुका है इसलिए मंदिर पर झाड़ फूंक करवाने आए हैं उन्होंने ही झाड़फूंक करके पिताजी को ठीक किया है.

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