
औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र के गंगा बिगहा गांव में पारिवारिक विवाद ने दो साल के मासूम की जान ले ली। घर के बाहर खेल रहे प्रिंस कुमार उर्फ भोला कुमार के अचानक गायब होने के बाद परिवार में अफरातफरी मच गई। स्वजन ने काफी तलाश की, लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। इसके बाद थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई और पुलिस ने जांच शुरू की।
खोजबीन के दौरान नहर में मिला मासूम का शव
एक अक्टूबर की शाम बच्चे के लापता होने के बाद पुलिस और स्वजन उसकी तलाश में जुटे रहे। शुक्रवार सुबह घर के पास स्थित नहर से प्रिंस का शव बरामद किया गया।
पानी का बहाव रोकने के बाद पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। मासूम का शव मिलते ही गांव में मातम पसर गया और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
जांच आगे बढ़ी तो चाची पर आया शक
मामले की जांच के दौरान पुलिस को बच्चे की चाची नीतू कुमारी की भूमिका पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
थानाध्यक्ष विकास कुमार के अनुसार, पूछताछ में नीतू ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और पुलिस को वारदात से जुड़ी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गोतनी के बीच चल रहे विवाद में प्रतिशोध का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नीतू ने बताया कि उसका अपनी गोतनी से पारिवारिक विवाद चल रहा था। आरोप है कि जेठ-जेठानी द्वारा उसके पति को भड़काए जाने को लेकर दोनों के बीच काफी समय से तनाव था। पुलिस का कहना है कि इसी पारिवारिक विवाद और कथित प्रतिशोध में प्रिंस को निशाना बनाया गया।
घर के बाहर खेल रहा था मासूम
पुलिस के अनुसार, घटना के समय प्रिंस घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान उसकी चाची ने उसे अपने साथ लिया और बाद में वह लापता हो गया।
बच्चे के घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था, लेकिन जांच के बाद मामला हत्या में बदल गया।
पुलिस को अब तक किसी और की भूमिका नहीं मिली
थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपित चाची को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में घटना में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है।

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