
देहरादून, उत्तराखंड: देहरादून की विष्णुलोक कॉलोनी में हुए तिहरे हत्याकांड ने इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 300 रुपये की मजदूरी को लेकर हुए विवाद के बाद प्लंबर राजकुमार ने बुजुर्ग दंपती और उनके पड़ोस में काम करने वाली घरेलू सहायिका पर हमला कर दिया। घटना में तीनों की मौत हो गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी करीब दो साल से रमेश कपूर के घर प्लंबिंग का काम करता था और परिवार का उस पर भरोसा था। पुलिस अब आरोपी के बयान के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का मिलान कर रही है।
600 रुपये मांगने पर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, राजकुमार ने अपने काम के बदले 600 रुपये मजदूरी मांगी थी, जबकि बुजुर्ग दंपती कथित तौर पर 300 रुपये देने की बात कह रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ।
आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार ने पेचकस से रमेश कपूर और उनकी पत्नी रजनी कपूर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर पड़ोस में काम कर रही घरेलू सहायिका तिलया देवी उर्फ शीला वहां पहुंची। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब राजकुमार के पुराने रिकॉर्ड और उसके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। वह मूल रूप से बिजनौर का रहने वाला बताया गया है और करीब पांच साल से देहरादून के इंद्रेश नगर क्षेत्र में रह रहा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वह लंबे समय तक एक ही जगह नहीं रहता था और कुछ महीनों के अंतराल पर अपना कमरा बदल लेता था। करीब दो महीने पहले भी किराया न देने को लेकर उसे एक मकान से निकाले जाने की बात सामने आई है।
पुलिस उसके पुराने ठिकानों, कामकाज, संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
दीपावली पर बेटों के आने की थी तैयारी
रमेश कपूर और रजनी कपूर के दोनों बेटे देहरादून से बाहर रहते हैं। बड़ा बेटा पुणे में नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा दिल्ली में रहता है। परिवार के अनुसार, दोनों बेटे दीपावली के मौके पर माता-पिता से मिलने आने वाले थे।
घर में त्योहार को लेकर तैयारियां चल रही थीं और मरम्मत का काम भी कराया जा रहा था। इसी बीच हुई इस वारदात ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने बढ़ाई सक्रियता
हत्याकांड के बाद अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने सक्रियता बढ़ाई है। पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों में रहने वाले एक हजार से अधिक बुजुर्गों से संपर्क कर उनकी समस्याएं जानीं और आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के लिए जरूरी नंबर उपलब्ध कराए।
फास्ट ट्रैक पर मुकदमा चलाने की तैयारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। आरोपी के बयानों, घटनास्थल के साक्ष्यों और अन्य लोगों से मिली जानकारी का मिलान किया जा रहा है।
पुलिस जल्द से जल्द जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। मामले को फास्ट ट्रैक पर चलाने की पैरवी किए जाने की भी बात कही गई है।

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