सहजन की पत्तियां सेहत: के लिए कितनी फायदेमंद? जानिए इसके पोषक तत्व, सेवन का तरीका और सावधानियां

सहजन की पत्तियां सेहत: के लिए कितनी फायदेमंद? जानिए इसके पोषक तत्व, सेवन का तरीका और सावधानियां
सहजन की पत्तियां सेहत: के लिए कितनी फायदेमंद? जानिए इसके पोषक तत्व, सेवन का तरीका और सावधानियां

नई दिल्ली: सहजन यानी मोरिंगा को भारतीय खानपान में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसकी फलियों के साथ-साथ पत्तियों का भी सेवन किया जाता है। सहजन की पत्तियों में कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन ए और कई एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसी वजह से इसे पोषक आहार का हिस्सा माना जाता है।

हालांकि, सहजन की पत्तियों को किसी बीमारी का इलाज समझना सही नहीं है। इनके कई स्वास्थ्य लाभों को लेकर आयुर्वेदिक मान्यताएं हैं और कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में भी संभावित फायदे सामने आए हैं, लेकिन हर दावे के लिए मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

सहजन की पत्तियों में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?

सहजन की पत्तियों में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनमें कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक शामिल हैं। संतुलित डाइट में इन्हें शामिल करने से भोजन की पोषण गुणवत्ता बढ़ सकती है।

सहजन की पत्तियों को सब्जी, सूप या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। इन्हें सुखाकर पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।

आयुर्वेद में सहजन की तासीर कैसी मानी जाती है?

आयुर्वेदिक परंपरा में सहजन को लघु, रूक्ष और तीक्ष्ण गुणों वाला तथा गर्म तासीर का माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार यह वात और कफ को संतुलित करने में मदद कर सकता है, जबकि अधिक सेवन से कुछ लोगों में पित्त से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है।

अगर किसी व्यक्ति को पहले से शरीर में ज्यादा गर्मी, जलन या ऐसी ही समस्या रहती है, तो उसे इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

पाचन के लिए सहजन की पत्तियां

आयुर्वेद में सहजन की पत्तियों को पाचन और भूख से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी माना गया है। इनमें मौजूद फाइबर भी पाचन तंत्र के लिए उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, पेट के कीड़ों या किसी पाचन संबंधी बीमारी का इलाज केवल सहजन के सेवन से किया जा सकता है, ऐसा मानना सही नहीं है। ऐसी समस्या होने पर उचित जांच और चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ में संभावित फायदा

सहजन की पत्तियां कम कैलोरी वाले पोषक खाद्य पदार्थों में शामिल की जा सकती हैं। इनमें मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।

कुछ शुरुआती शोध मोरिंगा के सेवन और ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल या शरीर के मेटाबॉलिज्म से जुड़े संभावित प्रभावों की ओर इशारा करते हैं, लेकिन इसे वजन घटाने या कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा नहीं माना जा सकता।

जोड़ों के लिए भी किया जाता है इस्तेमाल

आयुर्वेदिक परंपरा में सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल जोड़ों से जुड़ी परेशानी और सूजन में भी किया जाता रहा है। पत्तियों का लेप बाहरी रूप से लगाने की परंपरा भी कुछ जगहों पर मिलती है।

लेकिन गठिया या लंबे समय से होने वाले जोड़ों के दर्द में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से कारण की जांच कराना जरूरी है।

सहजन पाउडर का सेवन कैसे करें?

अगर आप सहजन के पत्तों का पाउडर इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और डाइट पर निर्भर कर सकती है। किसी एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार इसे कम मात्रा से शुरू किया जा सकता है।

इसे गुनगुने पानी में मिलाकर लिया जाता है। इसके अलावा कुछ लोग इसे छाछ या भोजन में मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं।

एक साथ ज्यादा मात्रा में सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे कुछ लोगों को पेट संबंधी परेशानी या जलन हो सकती है।

किन लोगों को सहजन के सेवन में सावधानी रखनी चाहिए?

सहजन की पत्तियों को सामान्य भोजन की मात्रा में लेना ज्यादातर लोगों के लिए अलग बात है, लेकिन पाउडर, अर्क या सप्लीमेंट की अधिक मात्रा लेने से पहले सावधानी जरूरी है।

खास तौर पर:

  • गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बिना सहजन के सप्लीमेंट या अर्क का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी अधिक मात्रा में सेवन से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
  • बच्चों को पाउडर या सप्लीमेंट देने से पहले डॉक्टर से पूछना बेहतर है।
  • जो लोग नियमित रूप से दवाएं लेते हैं, उन्हें सहजन के सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
  • अत्यधिक सेवन से कुछ लोगों में पेट की परेशानी, जलन या अन्य असहजता हो सकती है।

सहजन को डाइट में कैसे शामिल करें?

सहजन की पत्तियों को रोजाना किसी बीमारी के इलाज के उद्देश्य से लेने के बजाय संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। इन्हें सब्जी, दाल या सूप में शामिल करना एक आसान तरीका है।

याद रखें कि किसी एक खाद्य पदार्थ को सुपरफूड मानकर अत्यधिक मात्रा में खाना जरूरी नहीं है। शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व संतुलित और विविध आहार से मिलते हैं।

डिस्क्लेमर: सहजन की पत्तियों और पाउडर से जुड़े कई स्वास्थ्य लाभ आयुर्वेदिक मान्यताओं और शुरुआती या सीमित वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। इन्हें किसी बीमारी के इलाज या डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का विकल्प न मानें। गर्भावस्था, स्तनपान, बच्चों, किसी गंभीर बीमारी या नियमित दवाओं के सेवन की स्थिति में सहजन का पाउडर, अर्क या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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