शादी का रिश्ता कराने: के बहाने 53 वर्षीय व्यक्ति से 5.65 लाख की ठगी, फर्जी नर्स बनकर WhatsApp पर करती थी बात; 4 महिलाएं और एक युवक गिरफ्तार.

शादी का रिश्ता कराने: के बहाने 53 वर्षीय व्यक्ति से 5.65 लाख की ठगी, फर्जी नर्स बनकर WhatsApp पर करती थी बात; 4 महिलाएं और एक युवक गिरफ्तार.
शादी का रिश्ता कराने: के बहाने 53 वर्षीय व्यक्ति से 5.65 लाख की ठगी, फर्जी नर्स बनकर WhatsApp पर करती थी बात; 4 महिलाएं और एक युवक गिरफ्तार.

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शादी कराने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 5.65 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर शादी के विज्ञापन के जरिए लोगों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद WhatsApp पर बातचीत कर शादी का भरोसा दिलाया जाता और इलाज या दूसरी परेशानियों का हवाला देकर पैसे मांगे जाते थे। इस मामले में पुलिस ने चार महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित 53 वर्षीय रेशम लाल साहू नवागढ़ क्षेत्र के निवासी हैं और अपने लिए शादी का रिश्ता तलाश रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर शादी से जुड़ा एक विज्ञापन आया। विज्ञापन के माध्यम से संपर्क करने पर उन्हें महासमुंद की पदमा नाम की युवती के बारे में बताया गया। युवती ने कथित तौर पर खुद को सरकारी अस्पताल में नर्स बताया और शादी का रिश्ता तय कराने का भरोसा दिया।

पहले दिलाया शादी का भरोसा, फिर शुरू हुई पैसों की मांग

शिकायत के अनुसार, एक मध्यस्थ ने युवती का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के बदले पैसे लिए। नंबर मिलने के बाद रेशम लाल और युवती के बीच WhatsApp पर बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे युवती ने कथित तौर पर अलग-अलग कारण बताकर उनसे रुपये मांगने शुरू कर दिए।

कभी मां के इलाज, कभी खुद की बीमारी और कभी दुर्घटना का हवाला देकर पैसे मांगे गए। शादी की उम्मीद में पीड़ित उसकी बातों पर भरोसा करते रहे और रकम भेजते गए।

बताया गया है कि पीड़ित ने अपनी जमीन की बिक्री से बचे पैसे के साथ-साथ दूसरे लोगों से उधार लेकर भी रकम जुटाई। इस तरह उन्होंने कुल 5,65,355 रुपये भेज दिए।

मिलने की बात पर टालती रही युवती

जब पीड़ित ने युवती से आमने-सामने मिलने की बात कही, तो वह कथित तौर पर अलग-अलग बहाने बनाने लगी। संदेह होने पर रेशम लाल महासमुंद के सरकारी अस्पताल पहुंचे और वहां पदमा नाम की नर्स के बारे में जानकारी ली। लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में इस नाम की कोई युवती नहीं मिली।

इसके बाद पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। मामले में साइबर थाना में अपराध क्रमांक 10/26 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया नाम बदलकर ठगी करने का मामला

पुलिस ने साइबर पोर्टल और बैंक से जुड़ी जानकारी के आधार पर संदिग्ध खातों, मोबाइल नंबरों तथा लेनदेन की जांच की। जांच के दौरान आरोपियों के राजनांदगांव से जुड़े होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि पदमा नाम से पीड़ित से बातचीत करने वाली महिला की असली पहचान भूमिका रंगारी है। पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि वह पहले वर्ष 2025 में एक मैरिज ब्यूरो में काम करती थी। नौकरी छोड़ने के बाद उसने कथित रूप से अपनी अलग फर्जी संस्था शुरू की और मोबाइल पर शादी के विज्ञापन चलाकर लोगों को रिश्ते का भरोसा देकर पैसे वसूलने लगी।

बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, भूमिका ने पूछताछ में रोहित कुमार गुप्ता, नसीम बानो, तय्यबा बानो और शायना बानो के सहयोग की बात बताई। आरोप है कि ये लोग कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और ठगी से मिली रकम का कुछ हिस्सा उनके खातों में ट्रांसफर किया जाता था।

पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। पुलिस का यह भी कहना है कि भूमिका रंगारी के खिलाफ साइबर पोर्टल पर शादी के नाम पर रिश्ता कराने और पैसे लेने से जुड़ी अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं। इन शिकायतों की जांच और सत्यापन किया जाना बाकी है।

शादी के ऑनलाइन विज्ञापनों से रहें सावधान

इस मामले के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल पर दिखाई देने वाले शादी या खरीदारी से जुड़े विज्ञापनों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति को रिश्ता तय करने, रजिस्ट्रेशन, इलाज या अन्य बहानों से पैसे भेजने से पहले उसकी पहचान और दावों की पुष्टि जरूर करें।

यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो जल्द से जल्द साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। बैंक लेनदेन से जुड़े संदेश, भुगतान की रसीदें और बातचीत के रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना जांच में मददगार हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी और रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

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